samacharsecretary.com

पंजाब में नई एक्साइज पॉलिसी के बाद महंगी हो गई शराब

चंडीगढ़.

चंडीगढ़ प्रशासन ने साल 2026-27 के लिए अपनी नई एक्साइज पॉलिसी का ऐलान कर दिया है। प्रशासन ने डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शराब की बिक्री फिर से शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय बीयर और भारतीय वाइन की डिस्टिलरी कीमत में 2% तक की मामुली बढ़ोतरी की है। शराब ले जाने वाली गाड़ियों पर 24 घंटे नजर रखने के लिए जी.पी.एस. ट्रैकिंग जरूरी कर दी गई है।

शहर में कुल 97 रिटेल शराब के ठेके होंगे, जिनके लिए लाइसेंसिंग यूनिट्स की कुल रिजर्व कीमत 454.35 करोड़ रुपये तय की गई है। खपतकारों और सरकारी रेवेन्यू को ध्यान में रखते हुए शराब के रिटेल कोटे देसी शराब, भारतीय विदेशी शराब (आई.एम.एफ.एल.) और आई.एफ.एल. में कोई बदलाव नहीं किया गया है ताकि पिछले साल 2025-26 के मुकाबले रेवेन्यू बैलेंस बना रहे।

शराब की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और काऊ सेस
महंगाई और कच्चे माल की कीमतें बढ़ने के कारण देसी शराब, भारतीय विदेशी शराब, भारतीय बीयर और भारतीय वाइन की डिस्टिलरी कीमत (EDP) में 2% की बढ़ोतरी की गई है पर विदेशी दमदार की वाइन, बीयर और शराब पर यह वृद्धि लागू नहीं होगी। बीयर की कम से कम रिटेल कीमत ई.बी.पी. के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में संशोधन करके तय किया जाएगा। काऊ सेस पुरानी दरों पर ही जारी रहेगा। 750 ml देसी शराब और 650 ml बीयर की बोतलों पर 50 पैसे और 750/700 ml व्हिस्की पर 1 रुपये का सेस लगेगा। डिपार्टमेंटल स्टोर में एंट्री: L-10B लाइसेंस फिर से बहाल कर दिया गया है, जिससे अब बड़े स्टोरों डिपार्टमेंटल स्टोरों से भी शराब खरीदी जा सकेगी। इस कदम का मुख्य मकसद महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य खपतकारों को शॉपिंग में ज्यादा सुविधा देना है।

कारोबारियों के लिए नियमों में ढील और सुविधाए 
गोदाम – बॉन्डेड वेयरहाउस: एल-1 एफ और एल-1 डी.एफ. लाइसेंस लेने के लिए अब सरकार-मंजूरशुदा बॉन्डेड गोदाम का चंडीगढ़ में होना जरूरी नहीं। यह भारत में कहीं भी हो सकता है। एक साल के अनुभव की शर्त भी खत्म कर दी गई है। बॉटलिंग प्लांटों के काम के दिन 5 से बढ़ाकर 6 (सोमवार से शनिवार) कर दिए गए हैं और सरकारी छुट्टियों वाले दिन ओवरटाइम की भी इजाजत दी गई है। बार मालिक अब अपने सबसे पास के दो रिटेल आउटलेट से शराब खरीद सकेंगे। अगर दोनों ठेके एक मालिक के हों तो तीसरे पास के ठेके से खरीद की जा सकती है। अगर कोई ठेका सरकारी या प्रशासनिक इमारत में खेला जाता है तो लाइसेंस होल्डर को किराया सीधे संबंधित विभागों को देना होगा। 

टैक्स चोरी और नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस
कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने लाइसेंस फीस और सिक्योरिटी रकम के नियम सख्त कर दिए हैं। अब रिटेल ठेकेदार को बोली की रकम का 17% सिक्योरिटी के तौर पर जमा करना होगा। पहले लाइसेंस फीस दो किश्तों में दी जाती थी, लेकिन अब इसे अगले महीने की 15 तारीख तक ब्याज के साथ एक बार में देना होगा। अगर कोई ठेकेदार यह रकम नहीं देता है, तो लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ठेकों के गोदानों में CCTV लगाने और विभाग को सीधी लाईव फीड देनी जरूरी होगी। शराब का विज्ञापन करने वालों पर भी शिकंजा कंसा गया है और नियम तोड़ने पर सीधा जुर्माना लगेगा। कानूनी विवादों से बचने के लिए नई  पॉलिसी में "परिवार" की परिभाषा भी साफ की गई है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here