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Horoscope Today 08 March 2026: सभी 12 राशियों का हाल, करियर-पैसा-सेहत में कैसा रहेगा आपका दिन

मेष राशि- आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। कामकाज में कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी से स्थितियां संभल सकती हैं। ऑफिस में किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। सेहत के मामले में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम भी करें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन कई मामलों में लाभदायक रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और वरिष्ठों से सराहना मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी करीबी व्यक्ति से सलाह लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। कामकाज में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा जिससे काम आसान हो सकता है। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर हल्की सतर्कता बरतें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलित रह सकता है। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। किसी पुराने प्रयास का परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग आपके लिए मददगार साबित होगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। सिंह राशि- सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कामकाज में भागदौड़ बढ़ सकती है और कुछ नए कार्य भी सामने आ सकते हैं। ऑफिस में अपनी बात सोच-समझकर रखें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा। परिवार का सहयोग आपको मानसिक सुकून देगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन योजनाओं पर काम करने का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आपकी मेहनत का असर भी देखने को मिल सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। किसी मित्र से मुलाकात खुशी दे सकती है। सेहत सामान्य रहेगी लेकिन थकान हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन सहयोग और समझदारी का रहेगा। कामकाज में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी से कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रह सकता है। सेहत ठीक रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन सोच-समझकर फैसले लेने का हो सकता है। कामकाज में स्थिरता बनी रह सकती है। पैसों से जुड़े मामलों में थोड़ा संयम रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ बातचीत से कई उलझनें दूर हो सकती हैं। रिश्तों में मधुरता बनाए रखें। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। कामकाज में मन लगेगा और कुछ अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगति की ओर इशारा कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल हो सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का विचार बन सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। परिवार का सहयोग आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन शांत और सामान्य रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखें। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।

चीनी सेना में हलचल! शी जिनपिंग का सफाई अभियान, कई बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

बीजिंग चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को 2026 में गंभीर अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। यह मुख्य रूप से फरवरी 26, 2026 को हुए एक बड़े पर्ज (शुद्धिकरण) से जुड़ा है, जिसमें 10 पीएलए अधिकारियों को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के डिप्टी के रूप में उनके पदों से हटा दिया गया। एक रिपोर्ट ऐसा दावा करती है। इसमें आगे कहा गया है कि 26 फरवरी को हुए इस सफाई अभियान (पर्ज) के नतीजे में पांच पुराने शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया गया, जो कभी पीएलए सेना, नौसेना, वायु सेना और एक अन्य यूनिट का नेतृत्व करते थे। इसके अलावा, चीन के फुजियान प्रांत में तैनात 73वें ग्रुप आर्मी से जुड़े दो ऑपरेशनल यूनिट चीनी कमांडर (ताइवान मामले को देख रहे थे) और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी)-स्तर के संगठनों में काम कर रहे तीन जनरलों को उनके पदों से हटा दिया गया। एक जानी-मानी अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘द डिप्लोमैट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया, “26 फरवरी को, जरूरी सालाना टू सेशंस मीटिंग से पहले, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 10 अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पदों से हटा दिया। चीनी राजनीतिक नियमों के तहत, यह घटनाक्रम आमतौर पर इसमें शामिल लोगों के लिए गंभीर परेशानी का संकेत देता है।” रिपोर्ट में कहा गया, “हालांकि एनपीसी ने उन्हें हटाने की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन इन अधिकारियों के बैकग्राउंड के विश्लेषण से पता चलता है कि उन्हें पद से हटाए गए पूर्व जनरलों से कनेक्शन की वजह से हटाया गया था। दूसरे शब्दों में, पूर्व अधिकारियों ने पीएलए के अंदर एक डोमिनो इफेक्ट शुरू कर दिया, जिससे एक्टिव और रिटायर्ड दोनों तरह के अधिकारियों को हटाया जा रहा है।” रिपोर्ट के मुताबिक, जांच का तेजी से बढ़ना पीएलए की ऑपरेशनल तैयारी को कमजोर कर सकता है और ऑफिसर कोर के अंदर चिंता बढ़ा सकता है; आने वाले महीनों में 26 फरवरी के मामलों के सिलसिले में और अधिकारियों के फंसने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है, “रिटायर्ड एडमिरल शेन जिनलोंग, जिन्होंने 2017 से 2021 तक पीएलए नेवी (पीएलएएन) के कमांडर के तौर पर काम किया था, उन्हें एडमिरल किन शेंगजियांग के साथ एनपीसी पद से हटा दिया गया था। शेन एक करियर नेवल ऑफिसर थे जिन्होंने एक स्क्वाड लीडर के तौर पर शुरुआत की थी और रैंक में ऊपर उठने के साथ-साथ उन्होंने काफी ऑपरेशनल अनुभव हासिल किया था।” इसमें कहा गया, “इसके उलट, किन ने अपने करियर का ज्यादातर समय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) में काम करते हुए बिताया और बाद में 2017 में उन्हें पीएलएएन पॉलिटिकल महासचिव पद से हटाया गया। शेन और किन के लीडरशिप में, चीनी नेवी ने बेड़े का आकार बढ़ाने और दक्षता दोनों में बड़ा विस्तार किया। हालांकि, उनके करियर के दौरान झांग यौक्सिया सीएमसी के उपाध्यक्ष बने, और जनवरी के आखिर में झांग को अचानक हटा दिया गया। इन व्यावसायिक रिश्तों और निजी संबंधों ने शायद शेन और किन को हटाने में मदद की।” रिपोर्ट में बताया गया कि पहले के पर्ज, खासकर 2025 और जनवरी 2026 में हुए पर्ज, पीएलए के अंदर एक लहर जैसा असर डाल रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों के बीच बढ़ती असुरक्षा यह इशारा करती है कि और भी सैन्य नेतृत्व, चाहे वे एक्टिव हों या रिटायर्ड, “इस पर्ज में घसीटे जाएंगे।” इसमें कहा गया, “यह बढ़ता हुआ बवंडर फ्रंटलाइन यूनिट्स, जैसे कि ताइवान के दूसरी तरफ 73वीं ग्रुप आर्मी में, मनोबल और नेतृत्व कौशल पर बुरा असर डालेगा।” फरवरी 26, 2026 को, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने 10 पीएलए अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पद से हटा दिया। यह कदम पीएलए में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी जांचों का हिस्सा है, जो 2022 से शुरू हुई हैं। इनमें से कई अधिकारी रिटायर्ड थे, लेकिन उनके हटाए जाने से यह संकेत मिलता है कि जांचें सेवाओं और यूनिट्स तक फैल रही हैं। यह घटना जनवरी 2026 में दो शीर्ष जनरलों—झांग यौक्सिया और लियू झेनली—के जांच के बाद हुई, जो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के सदस्य थे।

बढ़ती दौलत की रफ्तार: भारत में 308 अरबपति, वैश्विक रैंकिंग में तीसरा स्थान

नई दिल्ली भारत में अरबपतियों की संख्या बढ़कर 308 हो गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 24 ज्यादा है। यह जानकारी हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट की 'हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026' में सामने आई है। इस बढ़ोतरी के साथ भारत अरबपतियों की संख्या के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस लिस्ट में अमेरिका और चीन क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह बढ़कर 112.6 लाख करोड़ रुपए हो गई है। इनमें से 199 अरबपतियों की संपत्ति में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि 109 अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट आई या उनकी संपत्ति स्थिर रही। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अरबपतियों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 7 प्रतिशत है। हुरुन रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अरबपतियों की संख्या अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर कई नए क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि देश में आर्थिक विकास कई अलग-अलग सेक्टरों में हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थकेयर सेक्टर से सबसे ज्यादा 53 नए अरबपति सामने आए। इसके बाद इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सेक्टर से 36 और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर से 31 नए अरबपति जुड़े। हालांकि नए अरबपतियों की संख्या कम होने के बावजूद ऊर्जा सेक्टर के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है। इस सेक्टर के सिर्फ 8 अरबपतियों के पास कुल 18.3 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो भारत के कुल अरबपतियों की संपत्ति का लगभग 16 प्रतिशत है। भारत में मुंबई अब भी अरबपतियों का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहां 95 अरबपति रहते हैं। हालांकि एशिया में अरबपतियों की राजधानी का दर्जा अब चीन के शेन्जेन को मिल गया है, जहां 133 अरबपति हैं। मुंबई में इस साल 15 नए अरबपति जुड़े, जो न्यूयॉर्क (14) और लंदन (9) से भी ज्यादा हैं। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क अरबपतियों के शहरों की सूची में पहले स्थान पर है, जहां 146 अरबपति रहते हैं। इसके बाद शंघाई (120), बीजिंग (107) और लंदन (102) का स्थान है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय अरबपतियों की औसत उम्र 67 वर्ष है, जो वैश्विक औसत 65 वर्ष से थोड़ी ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 23 महिला अरबपतियों के पास कुल मिलाकर 9.8 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है।

स्वदेश का धागा – ग्रामीण भारत की करघे से बुनी कहानी

भोपाल  हाउस ऑफ़ तसल्ली स्टार्टअप- राफ्टएंडरसन प्रायवेट लिमिटेड के प्रयास और “विमेन वीव” के सहयोग से मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के मेहंदीवाड़ा (वारा सिवनी) गांव की बुनकर मती नसीबा खान अपने करघे से परंपरा और स्वावलंबन की अनूठी मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उनके हाथों से हाथ-कांते ऑर्गेनिक कपास पर बुना गया स्टोल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि सादगी, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना का प्रतीक है। इसमें बुना गया चरखे का मोटिफ महात्मा गांधी के स्वदेशी और महिला स्वावलंबन के विचारों को समर्पित है। करीब 2 दिनों के अथक श्रम से तैयार यह डिजाइन करघे की लय और ग्रामीण भारत की रचनात्मकता को दर्शाता है। यह पहल न केवल पारंपरिक हथकरघा कला को जीवित रखने का प्रयास है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। स्पर्श में कोमल और आकर्षण में कालातीत यह स्टोल ग्रामीण भारत की उस सृजनशील शक्ति का प्रतीक है, जो परंपरा और आधुनिकता को एक साथ बुनती है। सृजन को सु अनुराधा शंकर से.नि. आईपीएस जो कि गांधी पीस फाउंडेशन से संबद्ध हैं के द्वारा वेटिकन सिटी के धर्मगुरू पोप तथा अन्य को रोम के एक कार्यक्रम में 26 अक्टूबर 2025 को भेंट किया गया। इस कल्पना को साकार करने में नर्मदापुरम की महिला उद्यमी रत्नम  और राकेश ने अपना योगदान दिया है।  

Iran Tension: ट्रंप बोले– अमेरिका करेगा हथियारों का उत्पादन 4 गुना, सेना को मिलेगी नई ताकत

वॉशिंगटन ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की तानातनी जारी है। दोनों तरफ से लगातार आठ दिनों से हमले हो रहे हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका अपने हथियारों का उत्पादन चार गुना करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ' पर पोस्ट कर लिखा, "हमने अभी-अभी अमेरिका की सबसे बड़ी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ एक बहुत अच्छी मीटिंग खत्म की है, जहां हमने प्रोडक्शन और प्रोडक्शन शेड्यूल पर चर्चा की। वे “एक्सक्विजिट क्लास (उत्तम श्रेणी के हथियार)” हथियारों का प्रोडक्शन चार गुना करने पर सहमत हुए हैं। हम जितनी जल्दी हो सके, क्वांटिटी के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंचना चाहते हैं।" ट्रंप ने आगे लिखा, "मीटिंग से तीन महीने पहले एक्सपेंशन शुरू हो गया था और इनमें से कई हथियारों के प्लांट और प्रोडक्शन पहले से ही चल रहे हैं। हमारे पास मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड म्यूनिशन्स की लगभग अनलिमिटेड सप्लाई है, जिसका इस्तेमाल हम, उदाहरण के लिए, ईरान में कर रहे हैं, और हाल ही में वेनेजुएला में किया है। फिर भी, हमने इन स्तरों पर आर्डरों को भी बढ़ाया है।" उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों ने रिप्रेजेंट किया, उनमें बीएई सिस्टम्स, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस, एल3हैरिस मिसाइल सॉल्यूशंस, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और रेथियॉन के सीईओ शामिल थे। देश भर के राज्य इन नए प्लांट्स के लिए बिड लगा रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दावा किया कि अमेरिका की यह इच्छा है कि वो तेहरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करे, लेकिन सपना उसके मरते दम तक पूरा नहीं होगा। ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि अमेरिका का बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा सपना है जिसे उन्हें अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए। दरअसल, ट्रंप ने ईरान को शुक्रवार को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि आत्मसमर्पण के बाद ही कोई समझौता हो पाएगा। इसके साथ ही पेजेशकियान ने खाड़ी देशों पर हमले को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने बताया कि देश के अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने का प्रयास करेगा। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के आठवें दिन पेजेशकियान का यह बयान सामने आया। 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत से अब तक ईरान इजरायल समेत मध्य पूर्व के 10 से ज्यादा देशों को निशाना बना चुका है।

Keshav Prasad Maurya का हेलीकॉप्टर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सुरक्षित, धुएँ से मचा हड़कंप

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर में धूआं भर गया। वे लखनऊ से कौशांबी जा रहे थे। वहां बाबू सिंह डिग्री कॉलेज मैदान, सयारा में दो दिवसीय सरस महोत्सव का उद्घाटन करना था। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है। हेलीकॉप्टर लखनऊ के ला मार्टिनियर ग्राउंड (ला मार्ट्स) से उड़ान भरा। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद तकनीकी खराबी आ गई। सबसे पहले हेलीकॉप्टर का डिस्प्ले बंद हो गया। फिर अचानक केबिन में धुआं उठने लगा। धुआं इतनी तेजी से फैला कि पूरा केबिन धुंए से भर गया। स्थिति बहुत गंभीर हो गई थी। पायलट ने तुरंत समझदारी दिखाई और हेलीकॉप्टर को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट (चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) पर इमरजेंसी लैंडिंग करा दी।   कितने लोग थे सवार ला मार्टिनियर ग्राउंड से अमौसी एयरपोर्ट की हवाई दूरी सिर्फ 11-12 किलोमीटर है। इसलिए हेलीकॉप्टर ज्यादा दूर नहीं जा पाया था। इमरजेंसी लैंडिंग सफल रही। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उनके साथ मौजूद सभी सुरक्षाकर्मी और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी को कोई चोट नहीं आई।   उपमुख्यमंत्री के कार्यालय ने इस घटना की पुष्टि की है। अब वे कौशांबी अपने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से जा रहे हैं। हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी कोई समस्या न आए। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। सबकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं आई। अब दूसरे हेलिकाप्टर से कौशाम्बी जायेंगे जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अब कौशाम्बी जाने के लिए अपने पहले हेलिकॉप्टर की बजाय दूसरे हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करेंगे। केशव मौर्य अब दूसरे हेलीकॉप्टर से कौशांबी के लिए रवाना हो गए हैं। उनके यात्रा कार्यक्रम में यह बदलाव किया गया है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली की पीएम मोदी ने की तारीफ, बोले— दलों से ऊपर उठकर कर रहे काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली और व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा स्पीकर भी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ओम बिरला को संविधान के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि उनमें संसदीय परंपराओं व प्रणालियों के प्रति स्पष्ट रूप से निष्ठा दिखाई देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकसभा स्पीकर के रूप में ओम बिरला किसी एक पक्ष के सदस्य नहीं रहते, बल्कि वे पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों से ऊपर उठकर सदन का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वे सदन में ओम बिरला को देखते हैं तो उन्हें यह एहसास होता है कि यह शायद शिक्षा की नगरी से आने का प्रभाव है कि वे इतनी संतुलित और संयमित भूमिका निभाते हैं। लोकसभा स्पीकर के तौर पर ओम बिरला सदन के एक ऐसे मुखिया की तरह काम करते हैं जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। सदन में मौजूद सभी सांसदों को वे अच्छे से संभालते हैं और उनकी भावनाओं तथा आग्रहों का पूरा सम्मान करते हैं। मोदी ने कहा कि बिरला का स्वभाव ऐसा है कि वे सांसदों का सबसे अधिक सम्मान करने वाले स्पीकरों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सदन में कुछ ऐसे सदस्य भी आ जाते हैं जो बड़े घरानों से आते हैं और अहंकारी या उत्पाती व्यवहार कर बैठते हैं, लेकिन तब भी ओम बिरला एक जिम्मेदार मुखिया की तरह पूरे सदन को संयम के साथ संभाल लेते हैं। वे किसी को भी अपमानित नहीं करते और सभी की तीखी व कड़वी बातें भी धैर्यपूर्वक सुनते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि ओम बिरला की एक खास बात यह भी है कि वे हर समय मुस्कुराते रहते हैं। उनके चेहरे पर हमेशा एक मीठी मुस्कान रहती है, जो उनके व्यक्तित्व को और भी सहज बनाती है। शायद यही कारण है कि सदन में वे सभी सांसदों के बीच बेहद प्रिय हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा स्पीकर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और ओम बिरला इस जिम्मेदारी को पूरी गरिमा, संयम और संतुलन के साथ निभा रहे हैं।

लाड़ली बहना योजना ने बदली मंजू यादव की जिंदगी, सिलाई सेंटर खोलकर बनीं आत्मनिर्भर

भोपाल  कभी सीमित आय और जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देखने वाली नर्मदापुरम की मती मंजू यादव आज आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से मिली आर्थिक सहायता ने न केवल उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया। नर्मदापुरम जिले के वार्ड क्रमांक 31 दीवान चौक ग्वालटोली निवासी 30 वर्षीय मती मंजू यादव को जून 2023 से योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस राशि का उन्होंने सोच-समझकर उपयोग किया और अपने घर से सिलाई का छोटा-सा काम शुरू किया। मेहनत और लगन से शुरू किया गया यह प्रयास धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय में बदलने लगा। फरवरी 2026 तक उन्हें योजना की 33वीं किश्त सहित कुल 43 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस आर्थिक सहयोग और सिलाई कार्य से हुए मुनाफे का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने काम का विस्तार किया और एक सिलाई सेंटर शुरू कर दिया, जिसमें अब पांच सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं। आज मंजू यादव न केवल स्वयं नियमित आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की नई राह खुली है। मती मंजू यादव भावुक होकर कहती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में नया विश्वास जगाया है। इस योजना ने उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया और आज वे गर्व के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं।  

अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष, दवाइयों और ORS की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

रायपुर अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष, दवाइयों और ORS की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश राज्य में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सजग रखने की दिशा में आवश्यक तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार जिला अस्पतालों सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्मी से होने वाली बीमारियों के प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। जारी निर्देशों के अनुसार जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष सक्रिय रखे जाएंगे। इन केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आईवी फ्लूड, आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों तथा शीतलन संबंधी व्यवस्थाएँ उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि गर्मी से प्रभावित मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। समुचित सुविधाओं से युक्त ऊष्मा आघात कक्ष रायपुर और दुर्ग जिला अस्पताल मे बनाये जा चुके हैं साथ hi अन्य सभी जिलों मे भी इस प्रकार के कक्ष बनाएं जाने निर्देश दिए गए हैं.  एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्यकम की राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ स्मृति देवांगन ने बताया की अत्यधिक तापमान के संपर्क में आने से शरीर में हीट स्ट्रेस की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे हीट रैश, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर अवस्था में शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाने पर हीट स्ट्रोक की स्थिति बन जाती है, जो चिकित्सकीय आपातकाल मानी जाती है।  हीट वेव से बचाव के लिए आवश्यक है की गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, हल्के व ढीले सूती कपड़े पहनें तथा दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखना, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों का सेवन करना शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक होता है।  बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले श्रमिकों को गर्मी से अधिक जोखिम माना गया है। ऐसे में इन वर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, बेहोशी, भ्रम, अत्यधिक कमजोरी या पसीना आना बंद होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए समय पर सावधानी और जागरूकता को सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार संबंधी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आम नागरिकों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है.

गैस सिलेंडर महंगा होने पर ममता बनर्जी का हमला, कोलकाता में विरोध मार्च की घोषणा

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध जताया और कोलकाता में रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। सीएम ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की है कि वे रसोई के बर्तन और घरेलू सामान लेकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। उन्होंने कहा कि बढ़ती गैस कीमतों का सबसे अधिक असर आम परिवारों, खासकर महिलाओं पर पड़ रहा है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माताओं और बहनों को सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराना चाहिए। कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में धरने पर बैठीं सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम जनता के लिए बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार मध्य रात्रि से घरेलू उपयोग वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। तीन दिन पहले ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 49 रुपए का इजाफा किया गया था। उन्होंने कहा कि बड़े सिलेंडर की कीमत करीब 2,100 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि छोटे सिलेंडर की कीमत लगभग 1,000 रुपए हो गई है। मुख्यमंत्री ने गैस बुकिंग से जुड़े नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब एलपीजी सिलेंडर 21 दिन पहले बुक करना होगा। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अगर किसी घर में गैस खत्म हो जाए तो क्या वह परिवार 21 दिन तक बिना खाना बनाए रह सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां बनाते समय सरकार को यह भी सोचना चाहिए कि आम लोग क्या खाएंगे और उनकी रोजमर्रा की जरूरतें कैसे पूरी होंगी। धरने के मंच से सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि रविवार को निकाले जाने वाले जुलूस में लोग बर्तन, कटोरी, चम्मच और रसोई के अन्य सामान लेकर आएं, ताकि यह दिखाया जा सके कि गैस के बिना घरों में खाना बनाना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर संभव हो तो गैस स्टोव भी साथ लेकर आएं और टोकरी में कच्चा अनाज लेकर विरोध जताएं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो महिलाएं काली साड़ी पहनकर भी इस विरोध में शामिल हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने इसे मानवता की रक्षा का आंदोलन बताते हुए महिलाओं से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। इस बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के खतरे के बीच, केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है। सरकार ने भारतीय रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अतिरिक्त खरीदी गई एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध कराई जाए। केंद्र सरकार के फैसले के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद पहले 879 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर अब 939 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें शनिवार से लागू हो गई हैं। वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भी प्रति सिलेंडर 50 रुपए का इजाफा किया गया है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1,990 रुपए तक पहुंच गई है। गैस की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर रेस्तरां और होटल उद्योग पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे बाहर खाना खाने का खर्च बढ़ सकता है। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार की नई योजना ‘बांग्लार युवा साथी’ को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपए का भत्ता दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस योजना की राशि 1 अप्रैल से देने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसे पहले ही लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाला अनुदान फरवरी से ही दिया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा, “हम जो कहते हैं, वो करते हैं।”