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सीएम मोहन यादव ने बहनों को दिया तोहफा, खातों में आए 1500 रुपये

 भोपाल मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के लिए 12 अप्रैल का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी कर दी। इस बार बहनों के खातों में 1500 रुपये की सम्मान राशि अंतरित की गई है। मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं क‍िस्‍त जारी हो गई है। सीएम मोहन यादव ने स‍िहोर के आष्‍टा नगर से स‍िंंगल क्‍ल‍िक के माध्‍यम से 1.25 करोड़ मह‍िलाओं के खाते में 1875 करोड़ रुपये की राश‍ि ट्रांसफर की है। आंकड़ों में योजना की सफलता साल 2023 में शुरू हुई यह योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे बड़ा आधार बन गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि:     कुल लाभार्थी: लगभग 1.25 करोड़ महिलाएं।     ताजा किस्त: 35वीं किस्त के रूप में 1875 करोड़ रुपये जारी किए गए।     अब तक की कुल राशि: 34 किस्तों के माध्यम से अब तक 54,000 करोड़ रुपये बहनों के खातों में भेजे जा चुके हैं।  बढ़ी हुई राशि: पिछले नवंबर से योजना की राशि 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई है। आखा तीज पर कन्यादान योजना का बड़ा तोहफा लाडली बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी आखा तीज के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत नव-विवाहित जोड़ों को 55,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, कार्यक्रम के दौरान डॉ. यादव ने नन्ही बालिकाओं को लाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र भी वितरित किए, जो राज्य सरकार की महिला एवं बाल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भुगतान का स्टेटस और ई-केवाईसी (eKYC) गाइड जिन महिलाओं के खाते में राशि आनी है, वे घर बैठे अपना स्टेटस चेक कर सकती हैं। वहीं, जिन लाभार्थियों की किस्त रुकी है, उन्हें अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। यदि आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो तुरंत समग्र पोर्टल पर जाकर आधार और समग्र आईडी के माध्यम से इस प्रक्रिया को पूरा करें। इसके बिना आगामी किस्तों का लाभ मिलने में समस्या हो सकती है। स्टेटस कैसे चेक करें?     आधिकारिक पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प का चयन करें।     अपनी समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।     मोबाइल पर आए OTP को भरें और अपना स्टेटस देखें।  

लाड़ली बहनों को मिलेगा 1500 रुपये का तोहफा, सीएम मोहन आज ट्रांसफर करेंगे 35वीं किस्त

आष्टा मध्यप्रदेश की बहनों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 12 अप्रैल को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी करेंगे। इस बार प्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खाते में सीधे 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा। इसमें 115 करोड़ रुपए के लोकार्पण के काम शामिल हैं। इसमें सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण (आष्टा), पार्वती नदी पर घाट निर्माण, जावर में नेवज नदी का पुनरुद्धार, मेहतवाड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिद्दीगंज में उपतहसील भवन, आष्टा में राजस्व कार्यालय और आष्टा-शुजालपुर रोड पर पुल का लोकार्पण किया जाएगा।  वहीं, मुख्यमंत्री 69 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। इसमें स्कूल भवन निर्माण, पुलिस आवास निर्माण, इछावर में छात्रावास निर्माण, सड़कें और सामुदायिक भवन, अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल परियोजना शामिल हैं। आष्टा शहर में भी विकास कार्य किए जाएंगे, जिनमें आरसीसी नाला निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण, सब्जी मंडी का विकास और पांडू शिला क्षेत्र का सुंदरीकरण शामिल है।  बता दें कि लाड़ली बहना योजना में पहले महिलाओं को 1250 रुपए की राशि दी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 1500 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इस योजना से प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाएं लाभ ले रही हैं। यह योजना महिलाओं के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। हर महीने मिलने वाली राशि से महिलाएं घर खर्च के साथ-साथ छोटी बचत और रोजगार के अवसर भी तलाश पा रही हैं। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास से भी जोड़ा जाएगा।  आष्टा में सुंदरीकरण भी आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण होगा। सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू होगा। वार्ड 14 में सब्जी मंडी विकास और वार्ड 3 में पांडू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य भी शुरू होगा। 1.25 करोड़ महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपए इस किस्त में प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की बढ़ोतरी के बाद यह राशि 1250 से बढ़कर 1500 रुपए हो गई थी। प्रदेश में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में बताया कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक महिलाओं के खातों में 52 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ट्रांसफर हो चुकी है। केवल 34वीं किस्त में करीब 1836 करोड़ रुपए दिए गए थे। 60 साल से ऊपर की महिलाओं को हटाया जाएगा इस बार एक अहम बदलाव भी होगा। अप्रैल में होने वाले नए सत्यापन के बाद जिन महिलाओं की उम्र 60 साल से अधिक हो चुकी होगी, उन्हें लाड़ली बहना योजना की सूची से हटाया जा सकता है। ऐसी महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन योजना (सरकारी योजना) में शामिल किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव पात्रता नियमों के अनुरूप है। आधार लिंक और ई-केवाईसी जरूरी 35वीं किस्त का लाभ पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं। बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य है। साथ ही डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सक्रिय होनी चाहिए और ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। जिन महिलाओं ने ये काम अभी तक नहीं किए हैं, वे जल्द से जल्द अपनी नजदीकी बैंक शाखा या सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर इसे पूरा करें। ऐसे चेक करें भुगतान की स्थिति किस्त आई या नहीं, यह जानना अब बेहद आसान है। लाभार्थी महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं। वहां "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" का विकल्प चुनें। अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालें। ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के बाद भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। महिलाएं मजबूर नहीं, मजबूत बनी हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस योजना से प्रदेश की बहनें अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खोज रही हैं। सरकार आने वाले समय में इन महिलाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी। यह खबर क्यों जरूरी है लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं की आर्थिक जीवन रेखा बन चुकी है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 15(3) राज्य को महिलाओं के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान करने का अधिकार देता है। यह योजना उसी भावना का व्यावहारिक रूप है। हर महीने 1500 रुपए मिलने से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलती है। 60 साल के बाद वृद्धावस्था पेंशन में स्थानांतरण की जानकारी भी जरूरी है ताकि कोई महिला लाभ से वंचित न रहे।

लाड़ली बहना योजना के तहत सीएम सीहोर में 12 अप्रैल को 35वीं किस्त जारी करेंगे, 184 करोड़ के विकास कार्यों का ऐलान

सीहोर  मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के खाते में जल्द ही पैसे आने वाले हैं। मुख्यमंत्री 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में योजना की 35वीं किश्त जारी करेंगे। 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में सीएम विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे और वहीं से महिलाओं के खाते में पैसे भी डालेंगे। लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाएं 12 अप्रैल की शाम तक अपना खाता चेक कर सकती हैं। मुख्यमंत्री यादव 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के साथ ही सीहोर की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। नवंबर में बढ़ाई गई थी योजना की राशि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से मार्च 2026 तक योजना के तहत 34 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा में 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।

लाडली बहना की 35वीं किस्त जल्द, eKYC अपडेट किया है? अप्रैल में 1500 रुपये मिलने की उम्मीद

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाओं को जल्द ही अप्रैल महीने की सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त के रूप में जल्द ही 1500 रुपये खाते में आने वाले हैं। इस योजना के तहत अब तक 34 किस्तें जारी हो चुकी हैं। इन 34 किस्तों में पात्र महिलाओं के खाते में 54000 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा ट्रांसफर किया जा चुका है। पिछले महीने ग्वालियर जिले के भितरवार से मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को जारी की थी। इस महीने भी 10 से 15 अप्रैल के बीच 1500 रुपये की सम्मान राशि जारी हो सकती है। हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक अपडेट नहीं आया है। इस साल के बजट में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। इस योजना के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 23,883 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। समग्र पोर्टल पर करें लाडली बहना योजना का eKYC लाडली बहना योजना से बहुत सी लाभार्थियों के नाम हटा दिए गए हैं। पात्रता की वेरिफिकेशन के लिए सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। अगर आपने अभी तक ईकेवाईसी नहीं कराया है तो समग्र पोर्टल पर जाकर इस काम को तुरंत ही करा लें। लाडली बहना योजना का पैसा बस कुछ ही दिनों में जारी कर दिया जाएगा। अगर आपका ईकेवाईसी नहीं हुआ होगा तो 1500 रुपये की सम्मान राशि का पैसा अटक सकता है।  कब आ सकती है 35वीं किस्त? हालांकि फिलहाल लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकारी संकेतों और पिछले पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि यह राशि 10 से 15 अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. इससे पहले योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को भेजी गई थी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी कर सकते हैं।  1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर किए जाने हैं. प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं. वित्त विभाग ने किस्त जारी करने से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है और किसी जिले से कार्यक्रम आयोजित कर राशि ट्रांसफर की जा सकती है।  60 साल की उम्र पूरी करने वाली महिलाओं को लेकर बदलाव अप्रैल माह में होने वाले नए सत्यापन के बाद जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी होगी, उनके नाम लाड़ली बहना योजना की सूची से हटाए जा सकते हैं. ऐसी महिलाओं को फिर वृद्धावस्था पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव पात्रता नियमों के अनुरूप किया जा रहा है।  आधार लिंक और ई‑केवाईसी जरूरी योजना की 35वीं किस्त का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों के बैंक खाते का आधार से लिंक होना और डीबीटी सक्रिय होना अनिवार्य है. साथ ही ई‑केवाईसी प्रक्रिया पूरी होना भी जरूरी है. इन्हीं आधारों पर पात्र महिलाओं को राशि भेजी जाती है।  अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में बताया था कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक महिलाओं के खातों में 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है. केवल 34वीं किस्त में ही 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं को करीब 1836 करोड़ रुपये दिए गए थे. नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की बढ़ोतरी के बाद महिलाओं को अब हर महीने 1500 रुपये मिल रहे हैं।  ‘मजबूर नहीं, मजबूत बनी हैं बहनें' : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से प्रदेश की महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं. वे न केवल घरेलू जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि अपने लिए रोजगार और स्व‑रोजगार के नए रास्ते भी खोज रही हैं. सरकार आने वाले समय में लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी।  ऐसे चेक करें भुगतान की स्थिति लाभार्थी महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” विकल्प के माध्यम से अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालकर भुगतान की स्थिति देख सकती हैं. ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद पूरी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। 

लाडली बहना योजना: कब आएंगे 1500 रुपये? 35वीं किस्त का इंतजार कर रही लाडली बहनों के लिए बड़ी खबर

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत आधार बन चुकी है. इस योजना के तहत राज्य की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने घरेलू और व्यक्तिगत खर्च आसानी से संभाल पा रही हैं. अब लाभार्थी महिलाओं को योजना की 35वीं किस्त का इंतजार है, जिसे लेकर सरकार स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं।  कब आ सकती है 35वीं किस्त? हालांकि फिलहाल लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकारी संकेतों और पिछले पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि यह राशि 10 से 15 अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. इससे पहले योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को भेजी गई थी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी कर सकते हैं।  1.25 लाख बहनों के खातों में आएंगे 1500 रुपए बता दें कि हर महीने सीएम मोहन यादव अपने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में लाडली बहना योजना की किस्त देने के साथ ही लाडलियों के साथ राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम का ऐलान कुछ दिन पहले ही कर देते हैं। लेकिन इस बार अभी तक सीएम मोहन यादव ने यह ऐलान नहीं किया है कि वह किस अप्रैल में Ladli Behna Yojana कि किस्त किस तारीख को खातों में ट्रांसफर करेंगे। न ही फिलहाल यह तय किया गया है कि लाडली बहनों के साथ संवाद का यह कार्यक्रम इस बार कौन सा गांव, तहसील, शहर बनेगा। जहां से सीएम मोहन यादव 1.25 लाख बहनों के खातों में 1500 रुपए की राशि भेजेंगे। हर महीने 10-15 के बीच आने लगी है लाडली बहना योजना की किस्त बता दें कि शुरुआती चरण में जहां लाडली बहना योजना की किस्त 5-7 तारीख के बीच आती थी, बाद में इसे बदलकर 5-10 तारीख कर दिया गया था। वहीं अब तीसरी बार जब लाडली बहना योजना की किस्त का समय बदला गया है, तो इसे बदलकर 10-15 के बीच कर दिया गया है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कल यानी शुक्रवार 10 अप्रैल से 15 अप्रैल बुधवार के बीच कभी भी Ladli Behna Yojana की किस्त जमा की जा सकती है। ई-केवाईसी नहीं तो खाते में नहीं आएंगे पैसे बता दें कि लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने E-KYC को अनिवार्य किया है। अगर आप योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो आपको E-KYC करवाना होगा। अगर आपने अभी तक यह जरूरी काम नहीं करवाया है, तो ध्यान दें लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त का लाभ आपको नहीं मिलेगा। यानी अप्रैल माह की 35वीं किस्त के 1500 रुपए आपके खाते में नहीं आएंगे। कैसे कराएं E-KYC     E-KYC के लिए आप समग्र पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट samagra.gov.in पर जाएं     वेबसाइट पर e-KYC के ऑप्शन पर क्लिक करें     अब यहां अपनी समग्र ID और कैप्चा दर्ज करें     जैसे ही आप ID और कैप्चा दर्ज करती हैं आपके सामने पूरी जानकारी आ जाएगी     समग्र ID से जुड़ा मोबाइल नंबर आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा     अब मोबाइल नंबर पर otp आएगा, इसे दर्ज करें और वेरिफिकेशन कर लें     इसके बाद आधार कार्ड की मदद से E-KYC प्रोसेस को पूरा करें अगर आपके पास नहीं है कहीं जाने का समय तो E-KYC के लिए यहां करें क्लिक- E-KYC महीना शुरू होते ही शुरू हो जाता है 1500 रुपए आने का इंतजार लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की पात्र भोपाल निवासी जमुना देवी का कहना है कि महीना शुरू होते ही उन्हें इंतजार होता है कि इस बार देखो सीएम कब हमें पैसे भेजेंगे। उनका कहना है कि सीएम जैसे ही पैसे भेजते हैं तो मन खुश हो जाता है, क्योंकि इस पैसे से मैं बच्चों की जरूरतें पूरी करती हूं। पोता-पोती हो जाते हैं खुश लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ लेने वाली 56 वर्षीय हेमलता का कहना है कि जब उनके खाते में लाडली बहना योजना की किस्त आती है, तो वो खुद ही नहीं उनके पोता-पोती भी खुश हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि दादी अब हमें 10-10 रुपए पॉकेटमनी के देगी। वह बताती हैं कि बेटे की कमाई ज्यादा नहीं है, घर में 6 सदस्य हैं, ऐसे में इस राशि से मेरी दवाएं आ जाती हैं। सहारा तो तिनके का भी बहुत होता है।

MP की लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात: 34वीं किस्त के 1500 रुपये ट्रांसफर

भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 13 मार्च का दिन खास रहा। उनके लाड़ले भाई प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके खातों में योजना की 34वीं किश्त के रूप में 1500 रुपये ट्रांसफर किए। सीएम डॉ. यादव ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में 1.25 महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस मौके पर उन्होंने 121 करोड़ रुपये की लागत के 54 विकासकार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत बड़ी से बड़ी कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन बेटियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है। आज नवरात्रि से पहले बहनों को 1500 रुपए की सौगात मिली है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है। इससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। खुला सौगातों का पिटारा     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार में 122 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 40 करोड़ लागत के भव्य सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण और नए पुल का भूमिपूजन भी शामिल है।     डबरा के जौरासी गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक के लिए दूसरे चरण में 12.5 हजार करोड़ के भूमि पूजन किया जाएगा।     कुलैथ, डबरा और मुरार में 50-50 सीट के बालक बालिका छात्रावास का पूजन हो रहा है। आईएसबीटी के पास 7 करोड़ की लागत से श्रमिक विश्रामगृह का निर्माण किया जा रहा है।     उन्होंने कहा 2024 से अब तक ग्वालियर में 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है।     यहां 12.5 हजार करोड़ के निवेश से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लोगों की जिंदगी बदलेगी। सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है।     मुरैना में हाइड्रोजन निर्माण के लिए नया कारखाना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी के कूनो नेशनल पार्क में चीता अपना कुनबा बढ़ा रहा है।     माधव नेशनल पार्क अब टाइगर, घड़ियाल और कछुआ के लिए पहचान बना रहा है। किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार ने किसानों को 40 रुपये बोनस देखकर गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है।     प्रदेश में पशुपालन एवं दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ये घोषणाएं सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार पीएचसी को सिविल अस्पताल बनाएंगे। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। भितरवार में मां शबरी माता का भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजन होंगे। लिखी जा रही विकास की नई इबारत     कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।     प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।     लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है।     भारत अब अमृतकल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।     बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई है।     प्रदेश की लाड़ली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 तक दिए जाएंगे।     इस दौरान जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा है, वह किया है।     प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है।  

लाडली बहनों को फिर सौगात: जल्द खातों में ट्रांसफर होंगे 1500 रुपए

ग्वालियर  मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना की पात्र महिलाओं के लिए बड़ी खबर है। लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त जल्द ही जारी होने वाली है। इस बार प्रदेश की करीब 1.28 करोड़ महिलाओं के खातों में सीधे 1500-1500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री Mohan Yadav सिंगल क्लिक के माध्यम से यह राशि पात्र महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करेंगे। 1.28 करोड़ को मिलेगा योजना का लाभ वर्तमान में 1.28 करोड़़ लाडली बहनें इस योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ ले रही हैं। इन महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1500-1500 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है। इस सरकारी आंकड़े के मुताबिक मार्च महीने में आने वाली लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त के कुल 1920 रुपए मोहन सरकार पात्र महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करेगी। यह पैसा सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से महिलाओं के बैंक में पहुंचाया जाएगा। प्रदेश की बीजेपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बता दें कि लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) प्रदेश की बीजेपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। जो प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी गेम चेंजर योजना साबित हुई है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करना है। शुरुआत में इस योजना की पात्र महिलाओं को 1000 रुपए की राशि दी जाती थी। जिसे बढ़ाकर पहले 1250 रुपए किया गया और अब यह राशि 1500 तक बढ़ाई जा चुकी है। सरकार का दावा, महिलाएं हुईं आत्मनिर्भर, मिला सम्मान मध्य प्रदेश की मोहन सरकार का दावा है कि इस योजना का शुरू होने से प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को बड़ा सहारा मिला है। वे न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनी हैं, परिवार में उनके आर्थिक योगदान से उनका सम्मान बढ़ा है और वे अब निर्णायक भूमिका में आ गई हैं। घर खर्च के साथ ही वे बच्चों की पढ़ाई और अपनी छोटी-मोटी जरूरतें खुद पूरी कर रही हैं।

लाड़ली बहना योजना ने बदली मंजू यादव की जिंदगी, सिलाई सेंटर खोलकर बनीं आत्मनिर्भर

भोपाल  कभी सीमित आय और जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देखने वाली नर्मदापुरम की मती मंजू यादव आज आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से मिली आर्थिक सहायता ने न केवल उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया। नर्मदापुरम जिले के वार्ड क्रमांक 31 दीवान चौक ग्वालटोली निवासी 30 वर्षीय मती मंजू यादव को जून 2023 से योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस राशि का उन्होंने सोच-समझकर उपयोग किया और अपने घर से सिलाई का छोटा-सा काम शुरू किया। मेहनत और लगन से शुरू किया गया यह प्रयास धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय में बदलने लगा। फरवरी 2026 तक उन्हें योजना की 33वीं किश्त सहित कुल 43 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस आर्थिक सहयोग और सिलाई कार्य से हुए मुनाफे का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने काम का विस्तार किया और एक सिलाई सेंटर शुरू कर दिया, जिसमें अब पांच सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं। आज मंजू यादव न केवल स्वयं नियमित आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की नई राह खुली है। मती मंजू यादव भावुक होकर कहती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में नया विश्वास जगाया है। इस योजना ने उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया और आज वे गर्व के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं।  

लाड़ली बहना योजना पर ताजातरीन खबर: लाखों बहनों के नाम कटे, मंत्री ने बताया कारण

भोपाल  मध्य प्रदेश की चर्चित योजना लाड़ली बहना योजना एक बार फिर सियासी तूफान के बीच आ गई है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार को घेरते हुए बड़ा सवाल उठाया कि योजना से लगातार बहनों के नाम काटे जा रहे हैं और नए पंजीयन पूरी तरह बंद पड़े हैं। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में लिखित जवाब देते हुए चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। मंत्री के मुताबिक, पहले योजना में 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 बहनें पंजीकृत थीं, जो अब घटकर 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 रह गई हैं। यानी अब तक 5 लाख 77 हजार 474 बहनों के नाम काटे जा चुके हैं। 60 साल की उम्र होते ही लाडली बहना योजना से कट जाता है महिलाओं का नाम मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना का लाभ 60 साल की उम्र तक की महिलाओं को दिया जाता है. अब बड़ी विडंबना यह है कि जैसे ही इस योजना की पात्र महिलाएं 60 साल की होती हैं. सिस्टम अपने आप लाभार्थी का नाम हटा देता है. इसके बाद यह महिला वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले सकती हैं, लेकिन मौजूदा समय में लाडली बहनों को ₹1500 की राशि दी जा रही है और पेंशन के तहत मात्र ₹600 मिलते हैं. ऐसे में बुजुर्ग महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती इतने कम पैसे में अपना गुजारा करने की होती है. देखा जाए तो 60 वर्ष की उम्र होते ही सीधे ₹900 प्रति माह की राशि में कटौती हो जाती है. लाडली बहन योजना का लाभ नहीं ले पा रही बहनों के बीच जब न्यूज 18 की टीम पहुंची, तो उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि कई महीने से उनका नाम कटा हुआ है लाडली बहन योजना के पैसे नहीं मिल रहे हैं. वृद्धावस्था पेंशन भी नहीं मिल रही है और कई महिलाओं के घर में दिव्यांग बच्चे हैं उनके पास भी कोई सहायता राशि नहीं आ रही है. कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने साधा निशाना महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के सवालों के लिखित जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 अगस्त 2023 के बाद कोई नया पंजीयन नहीं किया गया है और वर्तमान में नए पंजीयन शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है. राशि बढ़ाने को लेकर भी कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है. कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने बहनों से जो वादा किया था वो नहीं निभा रही है. न तो 3 हजार दे रहे हैं और न नए नाम जोड़ रहे हैं. भाजपा प्रवक्ता ईशान जैन ने कही ये बात लाडली बहन योजना को लेकर जारी सियासत और महिलाओं के सवाल पर भाजपा प्रवक्ता ईशान जैन ने कहा कि योजना की शर्तों के अनुसार सभी बहनों को लाभ दिया जा रहा है. हमारी सरकार सबका ध्यान रखती है. आंकड़ों के अनुसार योजना की शुरुआत में पंजीकृत महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 थी, जो अब घटकर 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 रह गई है. सरकार का कहना है कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर कई महिलाओं के नाम सूची से हटे हैं, जिसके कारण संख्या में कमी आई है. विधानसभा में लाडली बहना योजना की लाभार्थियों की आयु वर्ग अनुसार स्थिति भी सामने आई है. 55 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 7.89 लाख, 35 से 55 वर्ष में 71.63 लाख, 23 से 35 वर्ष में 45.26 लाख महिलाएं लाभ ले रही हैं. इधर, 25,395 महिलाओं का भुगतान समग्र आईडी डिलीट होने के कारण फिलहाल बंद है. सरकार का कहना है कि समग्र आईडी पुनः सक्रिय होने पर भुगतान फिर से शुरू किया जाएगा. विधानसभा में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान भी देखने को मिला. कांग्रेस ने नए पंजीयन शुरू करने और पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने की मांग की. विपक्ष का आरोप है कि जब नए पंजीयन नहीं हो रहे, तो कुछ जिलों में लाभार्थियों की संख्या बढ़ने के दावे कैसे किए जा रहे हैं. लाडली बहना योजना राज्य सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है. ऐसे में लाभार्थियों की घटती संख्या और भुगतान अटकने का मुद्दा सियासी बहस का केंद्र बन चुका है. नाम कटने की बड़ी वजहें क्या हैं? मंत्री ने साफ कहा कि बहनों के नाम कटने के प्रमुख कारण ये हैं: 60 साल की उम्र पूरी होना (इसके बाद योजना की पात्रता खत्म) लाभार्थी की मृत्यु ,अन्य अपात्रता सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 60 साल की उम्र पार करने के कारण 1.51 लाख से ज्यादा महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं। विपक्ष का बड़ा आरोप कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि नाम कटने का सिलसिला लगातार जारी है, जबकि नए पंजीयन बंद हैं। उन्होंने कहा कि 60 साल पूरे होते ही लाड़ली बहना की राशि बंद हो जाती है और दूसरी पेंशन योजनाओं में सिर्फ 600 रुपये महीना मिलता है। बजट में योजना की राशि 3000 रुपये करने का वादा भी अधूरा रह गया है। सवालों के घेरे में सरकार लाखों बहनों के नाम कटने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि: क्या भविष्य में नए पंजीयन शुरू होंगे? जिन बहनों के नाम कटे, उनके लिए कोई वैकल्पिक राहत योजना आएगी? 3000 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला थी या कभी लागू होगी? इस मुद्दे ने विधानसभा से लेकर सड़कों तक सियासी गर्मी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में लाड़ली बहना योजना पर सरकार को और जवाब देने पड़ सकते हैं।

25 हजार लाड़ली बहनों की किस्त रुकी, 6 लाख महिलाएं 27 महीनों में योजना से बाहर, कारण जानिए

भोपाल   मध्य प्रदेश की चर्चित लाड़ली बहना योजना में लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। सितंबर 2023 में प्रदेश में 1.31 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ी थीं, जो जनवरी 2026 तक घटकर करीब 1.24 करोड़ रह गई हैं। यानी बीते 27 महीनों में 6.28 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं। सरकार के मुताबिक योजना से बाहर हुई अधिकतर महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं, जिसके बाद उन्हें इस योजना का लाभ मिलना बंद हो जाता है। इसी बीच एक और बड़ी वजह सामने आई है। प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया गया है क्योंकि उनकी समग्र आईडी डिलीट हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही समग्र आईडी रिकवर होगी, इन महिलाओं की रुकी हुई किस्त फिर से जारी कर दी जाएगी। विधानसभा में इस मुद्दे पर सियासी बहस भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि जब नए रजिस्ट्रेशन बंद थे, तो आंकड़ों में बढ़ोतरी कैसे हुई? इस पर मंत्री ने लिखित जवाब देने से इनकार कर दिया।  27 महीने कम गईं 6 लाख से अधिक महिलाएं जब लाड़ली बहना योजना की शुरूआत हुई तो 1.31 करोड़ से अधिक महिलाएं रजिस्टर्ड थीं। जिनकी संख्या पिछले 27 महीने में घटकर केवल 1.25 से अधिक रह गई हैं। यानी करीब 6 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो गईं। सरकार के द्वारा जानकारी दी गई कि इसमें अधिकतम वह महिलाएं हैं। जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है। 25 हजार से अधिक महिलाएं का भुगतान बंद प्रदेश में 25 हजार से अधिक लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया है क्योंकि इनकी समग्र आईडी डिलीट हो गई है। जैसे ही दोबारा समग्र आईडी रिकवर हो जाएंगी। भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल पेश किया कि जब नए रजिस्ट्रेशन नहीं हुए तो संख्या में बढ़ोत्तरी कैसे हो गई। इसका मंत्री ने लिखित में देने से मना कर दिया। क्या तकनीकी गड़बड़ी और उम्र सीमा की वजह से हजारों जरूरतमंद महिलाएं योजना से बाहर हो रही हैं? और क्या सरकार इस डेटा गड़बड़ी पर ठोस कदम उठाएगी?