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लाडली बहना योजना: कब आएंगे 1500 रुपये? 35वीं किस्त का इंतजार कर रही लाडली बहनों के लिए बड़ी खबर

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत आधार बन चुकी है. इस योजना के तहत राज्य की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने घरेलू और व्यक्तिगत खर्च आसानी से संभाल पा रही हैं. अब लाभार्थी महिलाओं को योजना की 35वीं किस्त का इंतजार है, जिसे लेकर सरकार स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं।  कब आ सकती है 35वीं किस्त? हालांकि फिलहाल लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकारी संकेतों और पिछले पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि यह राशि 10 से 15 अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. इससे पहले योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को भेजी गई थी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी कर सकते हैं।  1.25 लाख बहनों के खातों में आएंगे 1500 रुपए बता दें कि हर महीने सीएम मोहन यादव अपने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में लाडली बहना योजना की किस्त देने के साथ ही लाडलियों के साथ राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम का ऐलान कुछ दिन पहले ही कर देते हैं। लेकिन इस बार अभी तक सीएम मोहन यादव ने यह ऐलान नहीं किया है कि वह किस अप्रैल में Ladli Behna Yojana कि किस्त किस तारीख को खातों में ट्रांसफर करेंगे। न ही फिलहाल यह तय किया गया है कि लाडली बहनों के साथ संवाद का यह कार्यक्रम इस बार कौन सा गांव, तहसील, शहर बनेगा। जहां से सीएम मोहन यादव 1.25 लाख बहनों के खातों में 1500 रुपए की राशि भेजेंगे। हर महीने 10-15 के बीच आने लगी है लाडली बहना योजना की किस्त बता दें कि शुरुआती चरण में जहां लाडली बहना योजना की किस्त 5-7 तारीख के बीच आती थी, बाद में इसे बदलकर 5-10 तारीख कर दिया गया था। वहीं अब तीसरी बार जब लाडली बहना योजना की किस्त का समय बदला गया है, तो इसे बदलकर 10-15 के बीच कर दिया गया है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कल यानी शुक्रवार 10 अप्रैल से 15 अप्रैल बुधवार के बीच कभी भी Ladli Behna Yojana की किस्त जमा की जा सकती है। ई-केवाईसी नहीं तो खाते में नहीं आएंगे पैसे बता दें कि लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने E-KYC को अनिवार्य किया है। अगर आप योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो आपको E-KYC करवाना होगा। अगर आपने अभी तक यह जरूरी काम नहीं करवाया है, तो ध्यान दें लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त का लाभ आपको नहीं मिलेगा। यानी अप्रैल माह की 35वीं किस्त के 1500 रुपए आपके खाते में नहीं आएंगे। कैसे कराएं E-KYC     E-KYC के लिए आप समग्र पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट samagra.gov.in पर जाएं     वेबसाइट पर e-KYC के ऑप्शन पर क्लिक करें     अब यहां अपनी समग्र ID और कैप्चा दर्ज करें     जैसे ही आप ID और कैप्चा दर्ज करती हैं आपके सामने पूरी जानकारी आ जाएगी     समग्र ID से जुड़ा मोबाइल नंबर आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा     अब मोबाइल नंबर पर otp आएगा, इसे दर्ज करें और वेरिफिकेशन कर लें     इसके बाद आधार कार्ड की मदद से E-KYC प्रोसेस को पूरा करें अगर आपके पास नहीं है कहीं जाने का समय तो E-KYC के लिए यहां करें क्लिक- E-KYC महीना शुरू होते ही शुरू हो जाता है 1500 रुपए आने का इंतजार लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की पात्र भोपाल निवासी जमुना देवी का कहना है कि महीना शुरू होते ही उन्हें इंतजार होता है कि इस बार देखो सीएम कब हमें पैसे भेजेंगे। उनका कहना है कि सीएम जैसे ही पैसे भेजते हैं तो मन खुश हो जाता है, क्योंकि इस पैसे से मैं बच्चों की जरूरतें पूरी करती हूं। पोता-पोती हो जाते हैं खुश लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ लेने वाली 56 वर्षीय हेमलता का कहना है कि जब उनके खाते में लाडली बहना योजना की किस्त आती है, तो वो खुद ही नहीं उनके पोता-पोती भी खुश हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि दादी अब हमें 10-10 रुपए पॉकेटमनी के देगी। वह बताती हैं कि बेटे की कमाई ज्यादा नहीं है, घर में 6 सदस्य हैं, ऐसे में इस राशि से मेरी दवाएं आ जाती हैं। सहारा तो तिनके का भी बहुत होता है।

MP की लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात: 34वीं किस्त के 1500 रुपये ट्रांसफर

भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 13 मार्च का दिन खास रहा। उनके लाड़ले भाई प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके खातों में योजना की 34वीं किश्त के रूप में 1500 रुपये ट्रांसफर किए। सीएम डॉ. यादव ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में 1.25 महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस मौके पर उन्होंने 121 करोड़ रुपये की लागत के 54 विकासकार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत बड़ी से बड़ी कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन बेटियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है। आज नवरात्रि से पहले बहनों को 1500 रुपए की सौगात मिली है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है। इससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। खुला सौगातों का पिटारा     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार में 122 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 40 करोड़ लागत के भव्य सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण और नए पुल का भूमिपूजन भी शामिल है।     डबरा के जौरासी गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक के लिए दूसरे चरण में 12.5 हजार करोड़ के भूमि पूजन किया जाएगा।     कुलैथ, डबरा और मुरार में 50-50 सीट के बालक बालिका छात्रावास का पूजन हो रहा है। आईएसबीटी के पास 7 करोड़ की लागत से श्रमिक विश्रामगृह का निर्माण किया जा रहा है।     उन्होंने कहा 2024 से अब तक ग्वालियर में 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है।     यहां 12.5 हजार करोड़ के निवेश से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लोगों की जिंदगी बदलेगी। सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है।     मुरैना में हाइड्रोजन निर्माण के लिए नया कारखाना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी के कूनो नेशनल पार्क में चीता अपना कुनबा बढ़ा रहा है।     माधव नेशनल पार्क अब टाइगर, घड़ियाल और कछुआ के लिए पहचान बना रहा है। किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार ने किसानों को 40 रुपये बोनस देखकर गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है।     प्रदेश में पशुपालन एवं दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ये घोषणाएं सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार पीएचसी को सिविल अस्पताल बनाएंगे। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। भितरवार में मां शबरी माता का भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजन होंगे। लिखी जा रही विकास की नई इबारत     कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।     प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।     लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है।     भारत अब अमृतकल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।     बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई है।     प्रदेश की लाड़ली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 तक दिए जाएंगे।     इस दौरान जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा है, वह किया है।     प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है।  

लाडली बहनों को फिर सौगात: जल्द खातों में ट्रांसफर होंगे 1500 रुपए

ग्वालियर  मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना की पात्र महिलाओं के लिए बड़ी खबर है। लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त जल्द ही जारी होने वाली है। इस बार प्रदेश की करीब 1.28 करोड़ महिलाओं के खातों में सीधे 1500-1500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री Mohan Yadav सिंगल क्लिक के माध्यम से यह राशि पात्र महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करेंगे। 1.28 करोड़ को मिलेगा योजना का लाभ वर्तमान में 1.28 करोड़़ लाडली बहनें इस योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ ले रही हैं। इन महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1500-1500 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है। इस सरकारी आंकड़े के मुताबिक मार्च महीने में आने वाली लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त के कुल 1920 रुपए मोहन सरकार पात्र महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करेगी। यह पैसा सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से महिलाओं के बैंक में पहुंचाया जाएगा। प्रदेश की बीजेपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बता दें कि लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) प्रदेश की बीजेपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। जो प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी गेम चेंजर योजना साबित हुई है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करना है। शुरुआत में इस योजना की पात्र महिलाओं को 1000 रुपए की राशि दी जाती थी। जिसे बढ़ाकर पहले 1250 रुपए किया गया और अब यह राशि 1500 तक बढ़ाई जा चुकी है। सरकार का दावा, महिलाएं हुईं आत्मनिर्भर, मिला सम्मान मध्य प्रदेश की मोहन सरकार का दावा है कि इस योजना का शुरू होने से प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को बड़ा सहारा मिला है। वे न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनी हैं, परिवार में उनके आर्थिक योगदान से उनका सम्मान बढ़ा है और वे अब निर्णायक भूमिका में आ गई हैं। घर खर्च के साथ ही वे बच्चों की पढ़ाई और अपनी छोटी-मोटी जरूरतें खुद पूरी कर रही हैं।

लाड़ली बहना योजना ने बदली मंजू यादव की जिंदगी, सिलाई सेंटर खोलकर बनीं आत्मनिर्भर

भोपाल  कभी सीमित आय और जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देखने वाली नर्मदापुरम की मती मंजू यादव आज आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से मिली आर्थिक सहायता ने न केवल उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया। नर्मदापुरम जिले के वार्ड क्रमांक 31 दीवान चौक ग्वालटोली निवासी 30 वर्षीय मती मंजू यादव को जून 2023 से योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस राशि का उन्होंने सोच-समझकर उपयोग किया और अपने घर से सिलाई का छोटा-सा काम शुरू किया। मेहनत और लगन से शुरू किया गया यह प्रयास धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय में बदलने लगा। फरवरी 2026 तक उन्हें योजना की 33वीं किश्त सहित कुल 43 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस आर्थिक सहयोग और सिलाई कार्य से हुए मुनाफे का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने काम का विस्तार किया और एक सिलाई सेंटर शुरू कर दिया, जिसमें अब पांच सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं। आज मंजू यादव न केवल स्वयं नियमित आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की नई राह खुली है। मती मंजू यादव भावुक होकर कहती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में नया विश्वास जगाया है। इस योजना ने उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया और आज वे गर्व के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं।  

लाड़ली बहना योजना पर ताजातरीन खबर: लाखों बहनों के नाम कटे, मंत्री ने बताया कारण

भोपाल  मध्य प्रदेश की चर्चित योजना लाड़ली बहना योजना एक बार फिर सियासी तूफान के बीच आ गई है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार को घेरते हुए बड़ा सवाल उठाया कि योजना से लगातार बहनों के नाम काटे जा रहे हैं और नए पंजीयन पूरी तरह बंद पड़े हैं। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में लिखित जवाब देते हुए चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। मंत्री के मुताबिक, पहले योजना में 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 बहनें पंजीकृत थीं, जो अब घटकर 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 रह गई हैं। यानी अब तक 5 लाख 77 हजार 474 बहनों के नाम काटे जा चुके हैं। 60 साल की उम्र होते ही लाडली बहना योजना से कट जाता है महिलाओं का नाम मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना का लाभ 60 साल की उम्र तक की महिलाओं को दिया जाता है. अब बड़ी विडंबना यह है कि जैसे ही इस योजना की पात्र महिलाएं 60 साल की होती हैं. सिस्टम अपने आप लाभार्थी का नाम हटा देता है. इसके बाद यह महिला वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले सकती हैं, लेकिन मौजूदा समय में लाडली बहनों को ₹1500 की राशि दी जा रही है और पेंशन के तहत मात्र ₹600 मिलते हैं. ऐसे में बुजुर्ग महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती इतने कम पैसे में अपना गुजारा करने की होती है. देखा जाए तो 60 वर्ष की उम्र होते ही सीधे ₹900 प्रति माह की राशि में कटौती हो जाती है. लाडली बहन योजना का लाभ नहीं ले पा रही बहनों के बीच जब न्यूज 18 की टीम पहुंची, तो उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि कई महीने से उनका नाम कटा हुआ है लाडली बहन योजना के पैसे नहीं मिल रहे हैं. वृद्धावस्था पेंशन भी नहीं मिल रही है और कई महिलाओं के घर में दिव्यांग बच्चे हैं उनके पास भी कोई सहायता राशि नहीं आ रही है. कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने साधा निशाना महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के सवालों के लिखित जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 अगस्त 2023 के बाद कोई नया पंजीयन नहीं किया गया है और वर्तमान में नए पंजीयन शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है. राशि बढ़ाने को लेकर भी कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है. कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने बहनों से जो वादा किया था वो नहीं निभा रही है. न तो 3 हजार दे रहे हैं और न नए नाम जोड़ रहे हैं. भाजपा प्रवक्ता ईशान जैन ने कही ये बात लाडली बहन योजना को लेकर जारी सियासत और महिलाओं के सवाल पर भाजपा प्रवक्ता ईशान जैन ने कहा कि योजना की शर्तों के अनुसार सभी बहनों को लाभ दिया जा रहा है. हमारी सरकार सबका ध्यान रखती है. आंकड़ों के अनुसार योजना की शुरुआत में पंजीकृत महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 थी, जो अब घटकर 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 रह गई है. सरकार का कहना है कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर कई महिलाओं के नाम सूची से हटे हैं, जिसके कारण संख्या में कमी आई है. विधानसभा में लाडली बहना योजना की लाभार्थियों की आयु वर्ग अनुसार स्थिति भी सामने आई है. 55 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 7.89 लाख, 35 से 55 वर्ष में 71.63 लाख, 23 से 35 वर्ष में 45.26 लाख महिलाएं लाभ ले रही हैं. इधर, 25,395 महिलाओं का भुगतान समग्र आईडी डिलीट होने के कारण फिलहाल बंद है. सरकार का कहना है कि समग्र आईडी पुनः सक्रिय होने पर भुगतान फिर से शुरू किया जाएगा. विधानसभा में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान भी देखने को मिला. कांग्रेस ने नए पंजीयन शुरू करने और पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने की मांग की. विपक्ष का आरोप है कि जब नए पंजीयन नहीं हो रहे, तो कुछ जिलों में लाभार्थियों की संख्या बढ़ने के दावे कैसे किए जा रहे हैं. लाडली बहना योजना राज्य सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है. ऐसे में लाभार्थियों की घटती संख्या और भुगतान अटकने का मुद्दा सियासी बहस का केंद्र बन चुका है. नाम कटने की बड़ी वजहें क्या हैं? मंत्री ने साफ कहा कि बहनों के नाम कटने के प्रमुख कारण ये हैं: 60 साल की उम्र पूरी होना (इसके बाद योजना की पात्रता खत्म) लाभार्थी की मृत्यु ,अन्य अपात्रता सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 60 साल की उम्र पार करने के कारण 1.51 लाख से ज्यादा महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं। विपक्ष का बड़ा आरोप कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि नाम कटने का सिलसिला लगातार जारी है, जबकि नए पंजीयन बंद हैं। उन्होंने कहा कि 60 साल पूरे होते ही लाड़ली बहना की राशि बंद हो जाती है और दूसरी पेंशन योजनाओं में सिर्फ 600 रुपये महीना मिलता है। बजट में योजना की राशि 3000 रुपये करने का वादा भी अधूरा रह गया है। सवालों के घेरे में सरकार लाखों बहनों के नाम कटने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि: क्या भविष्य में नए पंजीयन शुरू होंगे? जिन बहनों के नाम कटे, उनके लिए कोई वैकल्पिक राहत योजना आएगी? 3000 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला थी या कभी लागू होगी? इस मुद्दे ने विधानसभा से लेकर सड़कों तक सियासी गर्मी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में लाड़ली बहना योजना पर सरकार को और जवाब देने पड़ सकते हैं।

25 हजार लाड़ली बहनों की किस्त रुकी, 6 लाख महिलाएं 27 महीनों में योजना से बाहर, कारण जानिए

भोपाल   मध्य प्रदेश की चर्चित लाड़ली बहना योजना में लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। सितंबर 2023 में प्रदेश में 1.31 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ी थीं, जो जनवरी 2026 तक घटकर करीब 1.24 करोड़ रह गई हैं। यानी बीते 27 महीनों में 6.28 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं। सरकार के मुताबिक योजना से बाहर हुई अधिकतर महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं, जिसके बाद उन्हें इस योजना का लाभ मिलना बंद हो जाता है। इसी बीच एक और बड़ी वजह सामने आई है। प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया गया है क्योंकि उनकी समग्र आईडी डिलीट हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही समग्र आईडी रिकवर होगी, इन महिलाओं की रुकी हुई किस्त फिर से जारी कर दी जाएगी। विधानसभा में इस मुद्दे पर सियासी बहस भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि जब नए रजिस्ट्रेशन बंद थे, तो आंकड़ों में बढ़ोतरी कैसे हुई? इस पर मंत्री ने लिखित जवाब देने से इनकार कर दिया।  27 महीने कम गईं 6 लाख से अधिक महिलाएं जब लाड़ली बहना योजना की शुरूआत हुई तो 1.31 करोड़ से अधिक महिलाएं रजिस्टर्ड थीं। जिनकी संख्या पिछले 27 महीने में घटकर केवल 1.25 से अधिक रह गई हैं। यानी करीब 6 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो गईं। सरकार के द्वारा जानकारी दी गई कि इसमें अधिकतम वह महिलाएं हैं। जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है। 25 हजार से अधिक महिलाएं का भुगतान बंद प्रदेश में 25 हजार से अधिक लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया है क्योंकि इनकी समग्र आईडी डिलीट हो गई है। जैसे ही दोबारा समग्र आईडी रिकवर हो जाएंगी। भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल पेश किया कि जब नए रजिस्ट्रेशन नहीं हुए तो संख्या में बढ़ोत्तरी कैसे हो गई। इसका मंत्री ने लिखित में देने से मना कर दिया। क्या तकनीकी गड़बड़ी और उम्र सीमा की वजह से हजारों जरूरतमंद महिलाएं योजना से बाहर हो रही हैं? और क्या सरकार इस डेटा गड़बड़ी पर ठोस कदम उठाएगी?

सरकारी योजना के तहत महिलाओं को मिलेगा 1500 रुपये, 14 फरवरी से शुरू; स्टेटस चेक करने का तरीका

भोपाल   मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त का इंतज़ार  महिलाएं बेसब्री से कर रही हैं. स्कीम की 32वीं किस्त 16 जनवरी को जारी की गई थी. नियमों के मुताबिक हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच किस्तें जारी की जाती हैं, इसलिए लोग फरवरी 2026 की किस्त जारी होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. जिन महिलाओं को इस बार पैसे नहीं मिलेंगे वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकती हैं. लाडली बहना योजना अपडेट मध्य प्रदेश सरकार की लाडली बहना योजना राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक अहम पहल बन गई है. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 14 फरवरी को खंडवा जिले में होने वाले कार्यक्रम से 33वीं किस्त महिलाओं के खाते में ट्रांसफर करेंगे। इस बार कार्यक्रम खंडवा जिले के पंधाना में आयोजित होगा। लाडली बहना योजना के अलावा पंधाना विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का उदघाटन भी मुख्यमंत्री करने वाले हैं। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 32वीं किस्त 16 जनवरी को नर्मदापुरम से जारी की गई थी। पिछली बार पात्र महिलाओं के खाते में 1856 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस बार महिलाओं को यही सौगात मिलने वाली है। इस बीच लाडली बहना योजना से करीब 1 लाख से ज्यादा नाम कम हो चुके हैं। क्यों कम हुए लाडली बहना योजना से नाम लाडली बहना योजना जब शुरू हुई थी, तब इसमें 1.32 करोड़ नाम जुड़े थे। लेकिन बाद में इसे 1.29 करोड़ और फिर 1.26 करोड़ कर दिया गया। पिछले महीने इस योजना से एक लाख नाम और कम हो गए। जानकारी के मुताबिक जो महिलाएं पात्रता की शर्त पूरी नहीं कर रही थीं, उनके नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा जिनकी उम्र 60 साल हो चुकी है, उनके नाम भी योजना से हटा दिए गए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक इस योजना का लाभ 60 की उम्र तक ही मिल सकता है। कैसे चेक करें स्टेटस अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि आपका नाम लिस्ट में है भी या नहीं, तो आप ऑनलाइन पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाकर पता कर सकते हैं। यहां आपके पास दो विकल्प होंगे। आप चाहें तो अंतिम सूची में जाकर अपना नाम चेक कर सकती हैं। या फिर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' में जाकर भी स्टेटस चेक कर सकती हैं। इस पर क्लिक करने के बाद बस आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी ही भरना है। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफाई करना है, आपका स्टेटस खुल जाएगा। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, 14 फरवरी को सीएम मोहन यादव खंडवा आ रहे हैं। वे पंधाना में लाडली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे।  14फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना का दौरा प्रस्तावित है। यह से लाडली बहना योजना की राशि का विवरण किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ मोहन पंधाना विधानसभा में अभी जितने में कार्य पूरे हो चुके है उन निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सीएम के दौरे को लेकर विधायक की अध्यक्षता में विभागों की बैठक भी ली गई है। सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में इस योजना का शुभारंभ किया था। जिसके तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिलती है। फरवरी में इस योजना की 33वीं किस्त जारी की जाएगी।  क्या बजट में लाडली बहना को लेकर होगा ऐलान लाडली बहना योजना में नए रजिस्ट्रेशन लंबे समय से शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की महिलाएं 18 फरवरी को आने वाले बजट से उम्मीदें लगाए बैठी हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से उन्हें बड़ी सौगात मिल सकती है। इसके अलावा इस साल लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की भी बात है, उसे लेकर बजट में घोषणा हो सकती है।  

33वीं किस्त जल्द आने वाली, CM सागर से लाडली बहनों को मिलेगी राहत और लाभ

भोपाल   मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त का इंतज़ार कर रही महिलाओं की इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली है। सीएम मोहन यादव 14 फरवरी को प्रदेश की करोड़ों लाडली बहनों को बड़ी सौगात देंगे। सीएम मोहन खंडवा जिले के पंधाना से सिंगल क्लिक के माध्यम से बहनों के खाते में राशि डालेंगे। इसके अलावा करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। जिसमें भूमिपूजन भी शामिल है। सीएम के खंडवा दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, 14 फरवरी को सीएम मोहन यादव खंडवा आ रहे हैं। वे पंधाना में लाडली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे।  14फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना का दौरा प्रस्तावित है। यह से लाडली बहना योजना की राशि का विवरण किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ मोहन पंधाना विधानसभा में अभी जितने में कार्य पूरे हो चुके है उन निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सीएम के दौरे को लेकर विधायक की अध्यक्षता में विभागों की बैठक भी ली गई है। सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में इस योजना का शुभारंभ किया था। जिसके तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिलती है। फरवरी में इस योजना की 33वीं किस्त जारी की जाएगी। क्यों कम हुए लाडली बहना योजना से नाम लाडली बहना योजना जब शुरू हुई थी, तब इसमें 1.32 करोड़ नाम जुड़े थे। लेकिन बाद में इसे 1.29 करोड़ और फिर 1.26 करोड़ कर दिया गया। पिछले महीने इस योजना से एक लाख नाम और कम हो गए। जानकारी के मुताबिक जो महिलाएं पात्रता की शर्त पूरी नहीं कर रही थीं, उनके नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा जिनकी उम्र 60 साल हो चुकी है, उनके नाम भी योजना से हटा दिए गए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक इस योजना का लाभ 60 की उम्र तक ही मिल सकता है। कैसे चेक करें स्टेटस अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि आपका नाम लिस्ट में है भी या नहीं, तो आप ऑनलाइन पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाकर पता कर सकते हैं। यहां आपके पास दो विकल्प होंगे। आप चाहें तो अंतिम सूची में जाकर अपना नाम चेक कर सकती हैं। या फिर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' में जाकर भी स्टेटस चेक कर सकती हैं। इस पर क्लिक करने के बाद बस आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी ही भरना है। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफाई करना है, आपका स्टेटस खुल जाएगा। क्या बजट में लाडली बहना को लेकर होगा ऐलान लाडली बहना योजना में नए रजिस्ट्रेशन लंबे समय से शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की महिलाएं 18 फरवरी को आने वाले बजट से उम्मीदें लगाए बैठी हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से उन्हें बड़ी सौगात मिल सकती है। इसके अलावा इस साल लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की भी बात है, उसे लेकर बजट में घोषणा हो सकती है।  

कब आएगी 33वीं किस्त? लाडली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं की बढ़ी उम्मीदें

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना को लेकर लाखों महिलाओं के लिए अहम अपडेट सामने आया है। योजना की 32वीं किस्त 16 जनवरी 2026 को जारी की जा चुकी है और अब लाभार्थी महिलाएं 33वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, लाडली बहना योजना की किस्त हर महीने 1 से 10 तारीख के बीच जारी की जाती है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी 2026 की 33वीं किस्त 10 से 15 फरवरी के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। ऐसे करें अपना नाम लाभार्थी सूची में चेक महिलाएं यह आसानी से जांच सकती हैं कि उनका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं सबसे पहले cmladlibahna.mp.gov.in वेबसाइट पर जाएं .. मोबाइल नंबर डालकर OTP से लॉगिन करें.. होमपेज पर फाइनल लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करें..जिला, लोकल बॉडी, ग्राम पंचायत या वार्ड चुनें स्क्रीन पर पूरी लिस्ट दिखाई दे जाएगी.. इन महिलाओं को नहीं मिलेगा 1500 रुपये का लाभ लाडली बहना योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो तय पात्रता शर्तों को पूरा करती है.. महिला मध्य प्रदेश की निवासी हो विवाहित, तलाकशुदा या विधवा हो परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख से अधिक न हो जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष पूरी हो चुकी है, वे योजना के दायरे से बाहर होंगी यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती है, तो 33वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। राशि बढ़ाकर 3000 रुपये करने का ऐलान मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि भविष्य में लाडली बहना योजना की राशि ₹1500 से बढ़ाकर ₹3000 की जाएगी। हालांकि, यह बढ़ोतरी कब लागू होगी, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।  फिलहाल लाभार्थी महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पात्रता और नाम सूची में जरूर चेक कर लें, ताकि किस्त मिलने में कोई दिक्कत न हो।

विधानसभा में बड़ा फैसला: लाड़ली बहनों को अब हर माह मिलेंगे 5000 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए राहत और उम्मीद की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि सरकार भविष्य में योजना की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 5000 रुपये तक ले जाने को तैयार है। यह बात उन्होंने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कही। आइए जानते हैं कि सीएम मोहन यादव ने और क्या कुछ कहा है। विपक्ष पर पलटवार, योजना जारी रहने का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष बार-बार तीन हजार रुपये की मांग उठा रहा है और योजना बंद होने की आशंका जता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि सरकार ने शुरुआत से ही राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया है। उन्होंने याद दिलाया कि जून 2023 में लागू हुई योजना को लेकर चुनाव के समय भी शंकाएं जताई गई थीं, लेकिन सरकार ने लगातार भुगतान जारी रखा।   2028 तक 5000 रुपये का लक्ष्य सीएम ने बताया कि पहले बहनों को 1000 रुपये दिए गए, फिर 1250 और अब 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा इसे यहीं रोकने का नहीं है 2028 तक 5000 रुपये प्रतिमाह देने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर विपक्ष से रचनात्मक सुझाव भी मांगे, ताकि कामकाजी महिलाओं की आय 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंचाने के प्रयास किए जा सकें।    मुख्यमंत्री ने अपने विचारों का वीडियो X पर साझा करते हुए लिखा कि लाड़ली बहनों को सहायता राशि लगातार मिल रही है और आगे भी इसमें बढ़ोतरी जारी रहेगी। उसमें उन्होंने लिखा है, कि विपक्ष कहता है कि लाड़ली बहना योजना बंद हो जाएगी, लेकिन हमारी बहनों को लगातार रुपए दिए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को सबसे पहले 1000 रुपए दिए, फिर 1250 रुपए, इसके बाद बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिए हैं। अब और आगे बढ़ाते रहेंगे।   अगली किस्त का इंतजार जानकारी के मुताबिक, दिसंबर में योजना की 31वीं किस्त 9 तारीख को जारी की गई थी। ऐसे में अब 32वीं किस्त को लेकर महिलाओं में उत्सुकता बनी हुई है। अनुमान है कि यह नए साल में 10 जनवरी तक आ सकती है, हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।