पटना
बिहार में फर्जी आधार के जरिए विदेशी पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क का मास्टरमाइंड अरेस्ट हुआ है। फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने और बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट निर्गत कराने के मास्टरमाइंड मो. एजाज कमर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एजाज मूल रूप से आरा का रहने वाला है, लेकिन दशकों पूर्व इसका परिवार पंजाब के चंडीगढ़ में पलटाना इलाके में शिफ्ट हो चुका है। एजाज एमटेक है। इसकी पत्नी लंदन में जॉब करती है। परिवार में कई लोग अमेरिका में रह रहे हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस ने एजाज को पटना से गिरफ्तार किया है। रविवार को उसे न्यायालय में पेशकर जेल भेजा गया। मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है।
सिटी एसपी मो. मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि सरकारी स्तर पर बैंकों में संचालित आधार सेंटर के लिए मशीन व मैन पॉवर उपलब्ध कराने के लिए एजाज वेंडरशिप लिए हुए है। 11 राज्यों में इसका आधार सेंटर चल रहा है। बिहार में 13 जिलों में कई बैंकों में आधार सेंटर चलवा रहा है। यह इन सेंटरों में दी गई यूआईडीएआई मशीन और कर्मियों का लॉगिन पासवर्ड फर्जी आधार सेंटर पर भेजता था। इसके लिए हर माह प्रति मशीन के हिसाब से 30 हजार रुपये लेता था।
मुजफ्फरपुर में बीते दो साल से इसकी मशीन का इस्तेमाल कन्हाई कम्युनिकेशन सेंटर और आरडीएस कॉलेज के निकट ओम कम्यूनिकेशन सेंटर में हो रहा था। कन्हाई कम्यूनिकेशन सेंटर में इसकी मशीन से बांग्लादेशी बेलाल होसेन का आधार मो. आफताब के नाम से बनाया गया। फिर इसी आधार के जरिए बांग्लादेशी के छद्म नाम पर पासपोर्ट निर्गत कराया गया।
मुजफ्फरपुर के अलावा पटना, हाजीपुर, खगड़िया समेत कई जिलों में एजाज ने अपने ऑपरेटर के जरिए मशीन व लॉगिन-पासवर्ड मुहैया कराया है, जिसके इस्तेमाल से हजारों फर्जी आधार बनाए गए हैं। 30 सितंबर को नगर थाने की पुलिस को मोतीझील में अवैध रूप से दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी आधार बनाने की सूचना मिली। इसी फर्जी आधार सेंटर से बांग्लादेशी नागरिक का छद्म नाम से आवेदन कर पासपोर्ट निर्गत कराया गया था।



