samacharsecretary.com

सस्ती दवाओं का विस्तार: पैक्स के जरिए हर पंचायत तक पहुंचेंगे जन औषधि केंद्र – मंत्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग शनिवार को भोपाल स्थित मैनिट (मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में जन औषधि दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के महत्व के लिये स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, देशभर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयास तथा प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना जैसी पहल ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दी है। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के माध्यम से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सरकार द्वारा खरीदी गई जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध हैं। इन दवाइयों की कीमतें खुले बाजार में मिलने वाली ब्रांडेड दवाइयों की तुलना में लगभग 50 से 80 प्रतिशत तक कम होती हैं, जिससे आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। मंत्री  सारंग ने बताया कि विगत 11 वर्षों में जन औषधि परियोजना के माध्यम से देश की जनता के लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। यह योजना न केवल लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध करा रही है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा निर्धारित विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। जन औषधि परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराकर उनके जीवन को आसान बना रही है। हर पंचायत में पैक्स के माध्यम से जन औषधि केंद्रों का विस्तार मंत्री  सारंग ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाते हुए जनहित की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में सहकारी समितियों के माध्यम से भी जन औषधि केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। आने वाले समय में प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति) के माध्यम से जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की सुविधा सहज रूप से उपलब्ध हो सके। कार्यक्रम में वरिष्ठ संयुक्त संचालक एनएचएम डॉ. प्रभाकर तिवारी, अध्यक्ष फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (मध्यप्रदेश) डॉ. संजय जैन, जोनल मैनेजर पीएमबीआई (जनऔषधि विभाग)  विवेक शर्मा उपस्थित रहे।  

लक्ष्य सेन का कमाल, इतिहास रचा और ऑल इंग्लैंड ओपन में फाइनल में पहुंचे

बर्मिंघम भारतीय बैडमिंटन के उभरते हुए सितारे लक्ष्य सेन ने बर्मिंघम में चल रहे प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। एक बेहद रोमांचक और शारीरिक रूप से थका देने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में 24 वर्षीय सेन ने कनाडा के उभरते खिलाड़ी विक्टर लाई को तीन सेटों के कड़े संघर्ष में 21-16, 18-21, 21-15 से शिकस्त दी। यह लक्ष्य सेन के करियर का दूसरा ऑल इंग्लैंड फाइनल है, इससे पहले वे 2022 में भी इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचे थे। बर्मिंघम के कोर्ट पर यह मुकाबला केवल खेल कौशल का नहीं, बल्कि सहनशक्ति और मानसिक मजबूती की परीक्षा भी था। तीसरे और निर्णायक सेट में लक्ष्य सेन पैर में ऐंठन (cramps) और मांसपेशियों में खिंचाव के कारण काफी दर्द में नजर आए। उन्हें कोर्ट पर लंगड़ाते हुए और अपने पैर को घसीटते हुए देखा गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मैच के दौरान एक समय पर उन्होंने 354 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से एक अविश्वसनीय विनर मारकर अपनी आक्रामकता का परिचय दिया। दूसरी ओर, उनके प्रतिद्वंद्वी विक्टर लाई भी चोटिल थे और उनकी उंगली से खून निकल रहा था, जिसके लिए उन्हें खेल के बीच में मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। फाइनल तक का लक्ष्य सेन का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में ही दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन शी यूकी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी ली शिफेंग को सीधे सेटों में मात देकर अपना आत्मविश्वास बढ़ाया। अब लक्ष्य सेन के पास प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) के बाद इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाला तीसरा भारतीय पुरुष खिलाड़ी बनने का सुनहरा मौका है। खिताबी मुकाबले में अब लक्ष्य सेन का सामना चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा, जिन्होंने दूसरे सेमीफाइनल में बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी कुलवुत वितिदसर्न को शिकस्त दी है। लक्ष्य ने अपनी फिटनेस और कोर्ट पर मूवमेंट पर संतोष व्यक्त किया है और वे फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं। पूरे भारत की नजरें अब इस महामुकाबले पर टिकी हैं कि क्या लक्ष्य 25 साल का सूखा खत्म कर भारत के लिए यह ट्रॉफी घर ला पाएंगे।  

राहत की खबर: दुबई एयरपोर्ट से कुछ उड़ानें फिर शुरू, यात्रियों को मिली आंशिक राहत

दुबई एमिरेट्स एयरलाइंस के बाद दुबई एयरपोर्ट ने आंशिक तौर पर हवाई सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई। एमिरेट्स के ऑपरेशन फिर से शुरू करने के बयान के बाद, दुबई एयरपोर्ट ने ये घोषणा की। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हमने शनिवार, 7 मार्च से आंशिक ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिया है, जिसमें कुछ फ्लाइट्स डीएक्सबी (मुख्य एयरपोर्ट) और डीडब्ल्यूसी (साउथ-वेस्ट में अल मकतूम एयरपोर्ट, इसे दुबई वर्ल्ड सेंट्रल भी कहा जाता है) से ऑपरेट हो रही हैं।" इसके साथ ही एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरलाइन से संपर्क कर, अपनी फ्लाइट की पूरी जानकारी लेकर ही हवाईअड्डे पहुंचे, ऐसा इसलिए भी क्योंकि अंत समय में शेड्यूल में बदलाव संभव है। इससे पहले अमीरात एयरलाइन ने परिचालन शुरू करने की बात कही थी। बताया कि एमिरेट्स उड़ान सेवा शनिवार से शुरू कर रही है। एमिरेट्स ने बयान जारी कर कहा कि दुबई आने-जाने वाली फ्लाइट्स को कुछ समय के लिए रोकने की घोषणा के बाद अपना ऑपरेशन फिर से शुरू करेगी। हालांकि, इससे पहले कंपनी ने सभी फ्लाइट्स निलंबित करने की सूचना दी थी, एक बयान जारी कर कहा कि उनके लिए यात्री और क्रू की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शनिवार को दुबई में दो धमाके और बहरीन की राजधानी मनामा में एक धमाका सुना गया, जिसके साथ ही इलाकों में सायरन बजने लगे थे। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सबसे पास की सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की जाती है। दुबई के अधिकारियों ने दावा किया कि इंटरसेप्शन के बाद मलबा गिरने से एक “छोटी घटना” हुई थी, जिसे तुरंत काबू में कर लिया गया। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का शनिवार को एक इंटरव्यू प्रसारित किया गया। स्टेट टीवी पर प्रसारित साक्षात्कार में ईरानी राष्ट्रपति कहते सुने गए कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए।

3 हजार करोड़ की लागत के बनेगा मार्ग इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में विकास के नए युग का होगा सूत्रपात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड के किसानों के हित में जमीनी स्तर पर मार्ग निर्माण को स्वीकृति और उचित मुआवजे की व्यवस्था किए जाने पर इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के निवासियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पगड़ी और बड़ी माला पहनाकर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे सभी लोगों को होली और रंगपचमी की बधाई दी। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसी सिलावट उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 हजार करोड़ रुपए की लागत से इंदौर और उज्जैन के बीच बनने वाली सड़क से इंदौर और उज्जैन का सफर सवा घंटे की जगह आधे घंटे का रह जायेगा। दोनों शहरों के बीच तेज कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। स्थानीय स्तर पर उद्योग, लॉजिस्टिक पार्क, किसानों को मण्डियों तक पहुंच और व्यापारियों तथा उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग, देश के व्यापार व्यवसाय के लिए भी महत्वपूर्ण है। देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रो के बीच इस मार्ग से यात्रा सुगम और कम समय में होगी। परिणामस्वरूप आवागमन बढ़ेगा और देश में इंदौर-उज्जैन क्षेत्र का महत्व और अधिक बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारम्परिक और ऐतिहासिक रूप से इंदौर और उज्जैन के बीच इस मार्ग का ही उचित उपयोग होता था। इस मार्ग से इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांव लाभान्वित होंगे। सिंहस्थ के लिए भी यह मार्ग सुविधाजनक और उपयोगी होगा। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में विकास की दृष्टि से नए युग का सूत्रपात हो रहा है। राज्य सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि है। किसानों के सुझावों के अनुसार इस मार्ग का निर्माण कराना और उसके लिए उचित मुआवजे की व्यवस्था करना इस बात का परिचायक है कि सरकार जो कहती है वह करके दिखाती है। यह परियोजना किसान और सरकार के बीच विश्वास की मिसाल बनेगी। जल संसाधन मंत्री  तुलसी सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्नदाता किसान की पीड़ा और कष्ट को समझते हैं। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग को इस रूप में स्वीकृति मिलना उनकी संवेदनशीलता का ही परीणाम है। किसानों को इस परियोजना में अब 816 करोड़ रुपए से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की जाएगी। मंत्री  सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस पहल के लिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।  

ऑस्कर 2026 की प्रेजेंटर्स लिस्ट में प्रियंका चोपड़ा शामिल, पोस्ट शेयर कर दी जानकारी, जाकिर खान ने किया रिएक्ट

 कैलिफ़ोर्निया बॉलीवुड की 'देसी गर्ल' प्रियंका चोपड़ा जोनस हॉलीवुड में काफी समय से काम कर रही हैं। वहीं, 98वें अकादमी अवॉर्ड्स में वह पुरस्कार प्रदान करने वालीं प्रेजेंटेटर की लिस्ट में शामिल हो गई हैं। इस बात की पुष्टि एक्ट्रेस ने खुद सोशल मीडिया के जरिए की। प्रियंका चोपड़ा ने शुक्रवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया। इसमें उनके नाम के साथ अन्य प्रेजेंटेटर के भी नाम शामिल हैं। प्रियंका ने इंस्टाग्राम पर लिखा, '2026 अकादमी अवॉर्ड्स।' एक्ट्रेस के साथ इस लिस्ट में रॉबर्ट डाउनी जूनियर, ऐनी हैथवे, विल अर्नेट, ग्वेनेथ पाल्ट्रो और पॉल मेस्कल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। ये सितारे समारोह में मंच पर आएंगे और तमाम कैटेगरी के विनर्स को सम्मानित करेंगे। 98वें अकादमी अवॉर्ड्स का आयोजन ओवेशन हॉलीवुड के डॉल्बी थिएटर में होगा। यह 16 मार्च को भारतीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे शुरू होगा। जिसमें कौन बाजी मारेगा, ये आने वाला समय बताएगा। प्रियंका चोपड़ा को जाकिर खान ने बधाई दी पोस्ट शेयर करने के बाद प्रियंका के इंडस्ट्री के दोस्तों और साथी कलाकारों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कमेंट सेक्शन में प्यार और शुभकामनाओं की बौछार कर दी। कई लोगों ने हार्ट और फायर के इमोजी कमेंट किए। मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन जाकिर खान ने कमेंट सेक्शन पर लिखा, 'बधाई हो। आप सच में हीरो हैं।' ऑस्कर अवॉर्ड्स कौन देता है? ऑस्कर अवॉर्ड्स, फिल्म जगत में कलात्मक और तकनीकी के लिए दिए जाने वाला दुनिया का सबसे सम्मानित पुरस्कार है। इसे एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की तरफ से दिया जाता है। यह लॉस एंजिल्स में स्थित एक पेशेवर मानद संगठन है, जो सिनेमाई उपलब्धियों में उत्कृष्टता को मान्यता देता है। यह सम्मान फिल्म इंडस्ट्री में डायरेक्टर्स, एक्टर्स और राइटर्स को हर साल दिया जाता है। पहली बार 1929 में शुरू हुआ ये अवॉर्ड, इंडस्ट्री के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित आयोजनों में शुमार हैं। प्रियंका चोपड़ा की आने वाली फिल्म प्रियंका जल्द ही एसएस राजामौली की फिल्म 'वाराणसी' में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी नजर आएंगे। फिल्म के जरिए प्रियंका 7 साल बाद घर वापसी कर रही हैं और वे महेश बाबू के साथ स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी। साथ ही, यह एसएस राजामौली का प्रोजेक्ट है, जो कभी भी अपनी कहानी कहने के अंदाज से दर्शकों को निराश नहीं करते हैं। ये सब देखते हुए फैंस के बीच उत्साह चरम पर है।

अहमदाबाद मैच से पहले सैंटनर की चेतावनी: ‘कमिंस जैसा कारनामा दोहराना चाहता हूं, 140 करोड़ दिल टूटें तो भी ठीक’

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच को लेकर कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर ने एक बड़ा बयान दिया है। आमतौर पर अपनी अच्छी इमेज के लिए मशहूर न्यूजीलैंड टीम इस बार अपनी छवि बदलकर खिताब जीतने के लिए बेताब नजर आ रही है। उनके कप्तान ने बड़ी बयानबाजी की है। फाइनल मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मिचेल सैंटनर से करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "ट्रॉफी उठाने के लिए मुझे एक बार कुछ दिल तोड़ने में कोई आपत्ति नहीं होगी।" सैंटनर का यह बयान साफ करता है कि कीवी टीम इस बार केवल फाइनल तक पहुंचने से संतुष्ट नहीं है, बल्कि वह विश्व विजेता बनकर ही घर लौटना चाहती है। पैट कमिंस की तरह लाखों दर्शकों को करना है खामोश पिछले 11 वर्षों में यह न्यूजीलैंड का पांचवां आईसीसी फाइनल है, लेकिन अब तक वे एक भी व्हाइट बॉल की ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं रहे हैं। उन्होंने पैट कमिंस के 2023 विश्व कप के उस ऐतिहासिक प्रदर्शन का भी संदर्भ दिया, जहां उन्होंने भारतीय प्रशंसकों से खचाखच भरे स्टेडियम को खामोश कर दिया था। सैंटनर ने कहा कि उनका लक्ष्य भी अहमदाबाद के 1 लाख दर्शकों को शांत करना और भारत पर घरेलू मैदान का दबाव बनाना होगा। कप्तान के अनुसार, टीम का उत्साह चरम पर है और वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली जीत से काफी आत्मविश्वास लेकर मैदान में उतरेंगे। न्यूजीलैंड को ‘अंडरडॉग’ कहलाने में परेशानी नहीं भारतीय टीम की मजबूती पर बात करते हुए सैंटनर ने स्वीकार किया कि भारत के पास जसप्रीत बुमराह जैसा विश्व स्तरीय गेंदबाज है जो किसी भी मैच का पासा पलट सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की गहराई वाली बल्लेबाजी को रोकने के लिए पावरप्ले में विकेट लेना बहुत जरूरी है, वर्ना वे 250 जैसे विशाल स्कोर तक पहुंच सकते हैं। न्यूजीलैंड की टीम ने भारत के खिलाफ हालिया द्विपक्षीय सीरीज में मिली 4-1 की हार से काफी कुछ सीखा है और वे उन गलतियों को इस बड़े फाइनल में नहीं दोहराना चाहते। सैंटनर का मानना है कि भले ही भारत इस मैच में प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा, लेकिन न्यूजीलैंड को 'अंडरडॉग' कहलाने में कोई परेशानी नहीं है। छोटे-छोटे से पलों से डिसाइड होगा मैच बता दें कि यह फाइनल मुकाबला रविवार को भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा। मैदान की पिच के सपाट और हाई-स्कोरिंग होने की उम्मीद है। सैंटनर के अनुसार, मैच का फैसला खेल के छोटे-छोटे पलों से होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या न्यूजीलैंड पहली बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाता है या करोड़ों भारतीयों की दुआएं टीम इंडिया को फिर से चैंपियन बनाती हैं।

विश्वास से मजबूत हुआ उत्तर प्रदेश, सीएम योगी बोले- यही हमारी असली ताकत

आगरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज, सरकार और संस्थाएं एक साथ एक दिशा में सोचना शुरू करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास में बदलता है। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रयास करना होता है। यूपी आज विश्वास का प्रतीक बना है। सीएम याेगी शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है। स्वास्थ्य सुविधा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए। सीएम ने आशा जताई कि यथार्थ ग्रुप अवश्य परिणाम देगा और लोगों को स्वस्थ जीवन देकर पुण्य अर्जित करेगा। सरकार भी इस क्षेत्र में हर सहयोग देने को तैयार है। उन्‍होंने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा देनी चाहिए। 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया में नई पहचान मिली है। हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहां विरासत व विकास के अद्भुत समन्वय का स्वरूप है तो समग्र विकास की सभी अवधारणाओं को भी साकार रूप से उद्घाटित होते हुए देख रहे हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और टेक्नोलॉजी के साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत में यात्रा करने का आनंद प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिणाम कई गुना आता है। इस क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है कि सरकार भी प्रयास करे और निजी क्षेत्र भी आगे आए। निजी क्षेत्र की तरफ से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी कोई निवेश करता है तो सरकार सहयोग कर रही है। सीएम योगी ने यथार्थ ग्रुप का आह्वान किया कि किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आगे आएं। उन्‍होंने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल किया है। यह सबसे अच्छा समय है, जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित करके नौजवानों के लिए यूपी को मेडिकल की उच्चतम शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। सरकार हर सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यथार्थ ग्रुप का आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा के अंदर हॉस्पिटल की स्थापना की है। अष्टसिद्धि होती है तो नवनिधि भी प्राप्त होती है, यह हॉस्पिटल उसका प्रतीक बनेगा। पहले देश में एक एम्स था, अटल जी ने इसकी संख्या छह और पीएम मोदी ने 23 तक पहुंचा दी। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी की लंबी श्रृंखला खड़ी हुई। जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 के पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ हावी थे। पहले सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी तो उन्होंने माफिया पैदा किए, जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज दिया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली व गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास व वेलफेयर स्कीम लागू की हैं। छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कोई व्यक्ति बीमार होता था तो पूरे परिवार में कोहराम मच जाता था, सामान गिरवी रखने पर मजबूर हो जाता था। आज मोदी जी ने स्वास्थ्य बीमा के रूप में आयुष्मान भारत का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या बहुत जल्द 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर और रसोइयों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। उन्‍होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत अनेक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही दुनिया की नई तकनीकें लाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाएं बाहर से न आएं, बल्कि इनका प्रोडक्शन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित कर रहे हैं। मेडिकल उपकरणों की भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। प्रदेश में आज टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नया करने का प्रयास हुआ है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास हुआ तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई। 40 वर्ष में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया गया।

नीतीश कुमार पर राबड़ी देवी का बड़ा बयान: BJP भगा रही, बिहार नहीं छोड़ेंगे सीएम

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर पूर्व सीएम राबड़ी देवी की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीतीश को बिहार से भगा रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ पटना पहुंचीं राबड़ी ने कहा कि उनकी (नीतीश कुमार) की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। उन्हें नहीं जाना चाहिए, बिहार नहीं छोड़ना चाहिए। राबड़ी देवी अपने पति आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के साथ शनिवार दोपहर को दिल्ली से पटना पहुंचीं। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह बयान दिया। इस दौरान लालू ने मीडिया के सवालों से दूरी बनाए रखी। नीतीश की नई राजनीतिक पारी पर बिहार के मुख्य विपक्षी दल आरजेडी के मुखिया लालू की प्रतिक्रिया का लोगों को अभी तक इंतजार है। तेजस्वी ने भी बताया था भाजपा की साजिश हालांकि, आरजेडी की ओर से तेजस्वी यादव सत्ता पक्ष के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले को उन्होंने भी भाजपा की साजिश बताया था। दो दिन पहले गुरुवार को मीडिया से बातचीत में तेजस्वी ने कहा था कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव का जनादेश नीतीश कुमार को मिला था। किसी दूसरे नेता के साथ नई सरकार बनाना पूरी तरह से जनता की भावनाओं और जनादेश के खिलाफ होगा। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि आरजेडी ने पहले से ही अनुमान लगा लिया था कि भाजपा अपने चुनावी फायदे के लिए नीतीश को सिर्फ मुखौटे की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने सहयोगी दलों को खत्म करने की भाजपा की आदत है। महाराष्ट्र में शिवसेना, तमिलनाडु में एआईएडीएमके को भी भाजपा ने खत्म कर दिया। नीतीश बोले- अपनी इच्छा से जा रहा राज्यसभा दूसरी ओर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि वह अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं। गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि शुरुआत से उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधान मंडल के दोनों सदन और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बने। वह विधायक, एमएलसी और लोकसभा सांसद रह चुके हैं, अब राज्यसभा सांसद बनने जा रहे हैं। इसके बाद शुक्रवार को पटना के एक, अणे मार्ग स्थित सीएम आवास में हुई जेडीयू विधान मंडल दल की बैठक में भी नीतीश ने यही बात दोहराई। नीतीश के राज्यसभा सांसद बनने के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलेगा। अगला सीएम भाजपा का बनाए जाने की पूरी संभावना है। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।  

भोपाल में आयोजित हुआ डॉ. अजय खरे का 12वां स्मृति व्याख्यान

जन स्वास्थ्य को केवल इलाज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता से जोड़कर देखने की जरूरत: सुनील कौल भोपाल 7 मार्च 2026 को भोपाल में 12वां डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, टी.टी. नगर, भोपाल में जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश और मध्यप्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस वर्ष के स्मृति व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. सुनील कौल थे, जिन्होंने “स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारक: स्वास्थ्य और चिकित्सा पर पुनर्विचार” विषय पर व्याख्यान दिया। यह व्याख्यान जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अजय खरे की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जो जन-स्वास्थ्य और विज्ञान आंदोलन से गहराई से जुड़े रहे थे। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य सम्मान 2025 भी प्रदान किए गए जिसकी घोषणा डॉक्टर अनंत भान द्वारा की गई। जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिवंगत डॉ. सी. एम. गुलाठी को मरणोपरांत विशेष जन स्वास्थ्य सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने दवाओं और दवा नीतियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया था। इसके साथ ही डॉ. सी. सत्यामाला, वरिष्ठ जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, तथा विवेक पवार, जन स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यकर्ता, को स्वास्थ्य और उससे जुड़े सामाजिक कारकों पर उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अपने व्याख्यान में डॉ. सुनील कौल ने कहा कि जन स्वास्थ्य को केवल इलाज के दायरे में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और व्यापक सामाजिक संदर्भों के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि पानी पर टैक्स लगाने की सोच विकसित होती है तो वह दिन दूर नहीं जब हवा पर भी टैक्स लगाया जाने लगे। उन्होंने कहा कि जब राजनीति खराब होती है तो उसका सीधा असर जन स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने डॉ. अनुराग भार्गव द्वारा टीबी (तपेदिक) पर किए गए महत्वपूर्ण शोध का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने टीबी और भूख के बीच के संबंध को वैज्ञानिक रूप से स्थापित किया। आज पूरी दुनिया यह मानती है कि दवा के साथ-साथ पर्याप्त और पोषक भोजन भी टीबी के इलाज में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद आज भी देश में लगभग 4 लाख लोग हर साल टीबी से मर रहे हैं। पहले जहां टीबी से मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी का लक्ष्य था, आज हम केवल लगभग 25 प्रतिशत कमी ही हासिल कर पा रहे हैं, जबकि टीबी की दवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य में लोगों को बचाने के लिए केवल स्वास्थ्य बजट ही नहीं, बल्कि पोषण, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समानता जैसे अन्य कारक भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पैसों का खेल बढ़ता जा रहा है, जिसका उदाहरण नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं में दिखाई देता है। “हम जिस रास्ते पर जा रहे हैं, वह भटकाव का रास्ता है,” उन्होंने कहा। मध्यप्रदेश में कुपोषण की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आंगनवाड़ी मॉडल पर्याप्त है या उसमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने पहले 1000 दिनों (गर्भधारण से दो वर्ष तक) के पोषण और देखभाल के मॉडल पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई। उन्होंने यह भी कहा कि देश के बजट का बड़ा हिस्सा गृह मंत्रालय और सेना पर खर्च होता है, जबकि सामाजिक क्षेत्र और जन स्वास्थ्य पर पर्याप्त निवेश नहीं किया जाता। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को उन्होंने एक गंभीर जन स्वास्थ्य संकट बताया। उनके अनुसार सरकारी आंकड़ों के हिसाब से देश में हर साल लगभग 35 हजार महिलाएं दहेज या घरेलू हिंसा के कारण जलकर मर जाती हैं, जबकि गैर सरकारी संस्थाओ के अनुसार करीब 75 हजार महिलाएं दहेज या घरलू हिंसा के कारण जलने से अपनी जान गंवाती हैं। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु को रोकने के प्रयासों के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ हिंसा को भी जन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने असम में किए गए एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 58 प्रतिशत पुरुषों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ किसी न किसी प्रकार की हिंसा की है। इसलिए हिंसा को केवल महिला का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और जन स्वास्थ्य का मुद्दा मानना होगा। उन्होंने कहा कि घृणा, जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा भी जन स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं। 2020 में अमेरिका की एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था ने भी घृणा को जन स्वास्थ्य का मुद्दा माना है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था का मूल विचार सभी के लिए समान उपचार का था, लेकिन आज स्थिति यह हो गई है कि “अगर आपके पास पैसा नहीं है तो इलाज भी नहीं मिलेगा।” इससे अमीर और गरीब दोनों ही असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में जाति और वर्ग आधारित भेदभाव से ऊपर उठना होगा और लोगों की स्वायत्तता और सम्मान को मजबूत करना होगा। जलवायु परिवर्तन को भी उन्होंने एक बड़ा जन स्वास्थ्य संकट बताते हुए कहा कि हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और कई अध्ययन बताते हैं कि आने वाले वर्षों में इनमें भारी कमी आ सकती है। उन्होंने कहा, “हम बेहतर की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन हमें सबसे खराब स्थिति के लिए भी तैयारी करनी चाहिए।” उन्होंने विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य मॉडल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समुदाय आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आशा कार्यकर्ताओं को दवाएं देने और प्राथमिक उपचार की अधिक ट्रेनिंग दी जा सकती है, ताकि संकट की स्थिति में समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं टिकाऊ बन सकें। उन्होंने कहा कि सामाजिक निर्धारक (Social Determinants) स्वास्थ्य के सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं और जन स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए इन्हें केंद्र में रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मानव शरीर स्वयं में पूर्ण नहीं होता, इसलिए समाज, पर्यावरण और जीवन परिस्थितियां मिलकर स्वास्थ्य की स्थिति को तय करती हैं। मध्यप्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि और सीएमएचओ, इंदौर डॉ. माधव हसानी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अजय खरे द्वारा जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो दीप जलाया गया था, उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने डॉ. खरे के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने संगठन … Read more

OTT पर आई ‘राहु केतु’: वरुण शर्मा और पुलकित सम्राट की मजेदार फिल्म अब ऑनलाइन, ऐसे देखें

मुंबई 'फुकरे' फेम जोड़ी पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की कॉमेडी फिल्‍म 'राहु केतु' OTT पर रिलीज हो गई है। हालांकि, इसमें एक पेंच है। अभी इसे रेंट यानी किराए पर देखने का विकल्‍प दिया गया है। इसी साल 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज इस फिल्‍म की तारीफ तो बहुत हुई, लेकिन बॉक्‍स ऑफिस पर मामला सुस्‍त रहा था। राइटर-डायरेक्‍टर विपुल विग की यह फिल्‍म पौराण‍िक कथाओं को कॉमेडी से जोड़कर एक मजेदार कहानी के साथ परोसती है। फिल्‍म में शालिनी पांडे और चंकी पांडे भी हैं। 'राहु केतु' एक कॉमेडी-एडवेंचर फिल्‍म है। इसे शनिवार, 7 मार्च को Amazon Prime Video पर रेंट के साथ रिलीज किया गया है। ओटीटी प्‍लेटफॉर्म के सब्‍सक्राइबर्स इससे 119 रुपये के किराए पर देख सकते हैं। इसके लिए एक बार पेमेंट करने के बाद इसे 30 दिनों के भीतर आप कभी भी देख सकते हैं। हालांकि, एक बार फिल्‍म शुरू करने के बाद इसे 48 घंटों के अंदर खत्‍म करना होगा। 'राहु केतु' की कहानी यह फिल्‍म दो अनाड़ी और हमेशा बदकिस्मत रहे दोस्‍तों, राहु (वरुण शर्मा) और केतु (पुलकित सम्राट) की है। ये दोनों बेतुकी कॉमेडी करते हैं, जिन्हें लोग हमेशा मनहूस होने की वजह से नापसंद करते हैं। इस बीच राहु को एक स्ट्रीट-स्मार्ट और चालाक लड़की, मीनू टैक्सी (शालिनी पांडे) से प्यार हो जाता है। मीनू के पास जल्दी पैसे कमाने की एक योजना है। इसमें कई लोगों को फंसाने का काम शामिल है। इस प्‍लान में शहर के SHO दीपक शर्मा (अमित सियाल) और उनका असिस्टेंट बंसी (सुमित गुलाटी) भी फंसता है। पागलपन भरी कहानी में प्‍लानिंग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एक जादुई किताब भी है, जिसका नाम 'अतरंगी कहानियां' है। इस किताब को चूरू लाल शर्मा (मनु ऋषि चड्ढा) ने लिखा है। इस अफरा-तफरी में राहु और केतु की जोड़ी को एक खतरनाक ड्रग माफिया का सामना करना पड़ता है। फिल्म में पीयूष मिश्रा भी फूफाजी के रोल में हैं, जो चूरू लाल शर्मा की मदद करते हैं। फिल्‍म की कहानी वैदिक ज्योतिष से आकाशीय छाया ग्रहों 'राहु' और 'केतु' को केंद्र में रखकर लिखी गई है। विपुल विंग ने उन्हें मॉडर्न, काम के कॉमेडी किरदारों में बदला है। यह फिल्‍म किस्मत की खोज की उथल-पुथल है, जहां किरदार लेखक की कलम (या मीन राशि के कंट्रोल) के मोहरे हैं।