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अमेरिका की 30 दिन की मोहलत पर भारत का दोटूक रुख, रूस से तेल खरीद पर नहीं झुकेगा

नई दिल्ली भारत को रूस से तेल आयात करने की छूट देने वाले अमेरिकी दावे पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है। शनिवार को भारत सरकार ने साफ कहा है कि रूसी तेल खरीदने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है। भारत ने कहा कि वह रूस से तेल का आयात जारी रखेगा। ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली हमलों ने दुनिया के एनर्जी सेक्टर को उलट-पुलट कर रख दिया है। इससे दुनियाभर में तेल की कीमतों में तेजी आई है। ईरान के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों को न निकलने देने की धमकी के बाद कच्चे तेल पर असर पड़ा है। भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली ऐसी खरीद के लिए शॉर्ट-टर्म छूट पर निर्भर नहीं है। बयान में कहा गया, "भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी भी किसी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं रहा है।" बयान में आगे कहा गया, ''भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल इंपोर्ट कर रहा है, और रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर है।" वॉशिंगटन ने फरवरी में एक अंतरिम ट्रेड डील के तहत भारतीय एक्सपोर्ट पर 25 फीसदी ड्यूटी वापस ले ली थी, जिसे उसने रूसी तेल खरीदना बंद करने के नई दिल्ली के 'कमिटमेंट' के तौर पर बताया था। बयान में कहा गया है कि भारत के पास शॉर्ट टर्म रुकावटों से निपटने के लिए 250 मिलियन बैरल से ज्यादा क्रूड और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का अच्छा स्टॉक है। हालांकि, भारत ने शनिवार को खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले घरेलू लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ा दी। इसके साथ ही, कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में भी इजाफा हुआ है। दुनिया भर में, शुक्रवार को क्रूड 8.5 फीसदी बढ़ गया और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि सिर्फ ईरान का बिना शर्त सरेंडर ही मिडिल ईस्ट युद्ध को खत्म करेगा, इस हफ्ते यह लगभग 30 परसेंट बढ़ गया। वहीं, रूस ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत को किए जाने वाले कच्चे तेल निर्यात के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करेगा और इसे 'बहुत से बुरा चाहने वालों' से छिपाकर रखेगा। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय 'क्रेमलिन' के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद की जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट देने की बात कही गई है। पेसकोव ने भारत को दिए गए तेल के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''नहीं, हम साफ वजहों से मात्रा का कोई आंकड़ा नहीं देने जा रहे हैं। यह पहली बात है। बुरा चाहने वाले बहुत लोग हैं।''  

शासकीय भूमि से अवैध कब्जे, मदरसे, फैक्ट्री और मांस की दुकानें हटाने के निर्देश

भोपाल  सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा के वार्ड क्रमांक 69, 70 और 71 का दौरा कर शासकीय भूमि से अवैध कब्जे, मदरसे, फैक्ट्री और मांस की दुकानें हटाने के निर्देश दिए। क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा अवैध अतिक्रमण को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर मंत्री  सारंग स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री  सारंग ने शासकीय भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर निगम, राजस्व, पुलिस सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अवैध अतिक्रमण पर बने स्थानों को पेयजल, विद्युत सहित किसी भी प्रकार के शासकीय कनेक्शन नहीं दिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि ऐसे स्थानों को पहले से कनेक्शन दिए गए हैं तो उन्हें तत्काल हटाया जाए तथा यह जांच की जाए कि किन अधिकारियों की अनुमति से यह कनेक्शन दिए गए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री  सारंग ने गुप्ता कॉलोनी, सुभाष कॉलोनी और शहंशाह गार्डन, अशोका गार्डन क्षेत्र में पहुंचकर शासकीय भूमि की स्थिति का निरीक्षण किया और स्थानीय रहवासियों से भी चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना। कई स्थानों पर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किए गए हैं और कुछ जगहों पर बिना अनुमति के गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस पर मंत्री  सारंग ने मौके पर मौजूद नगर निगम, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि शासकीय भूमि जनता की संपत्ति है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय भूमि पर अवैध रूप से संचालित हो रहे मदरसे, फैक्ट्री और मांस की दुकानों की विस्तृत जांच कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन कर शासकीय भूमि पर कब्जा किया है तो उसे तत्काल हटाया जाए और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में शासकीय भूमि का सर्वे कर विस्तृत सूची तैयार की जाए और जहां-जहां अतिक्रमण पाया जाए वहां चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाकर उसे हटाया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा न कर सके। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि नगर निगम, राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय नागरिकों ने मंत्री  सारंग को कई स्थानों पर हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण की जानकारी दी। मंत्री  सारंग ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और शासकीय भूमि को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, अतिक्रमण या शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।  

सुरक्षाकर्मियों को आधुनिक उपकरणों से आग बुझाने का दिया प्रशिक्षण

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार सुबह पुलिस मुख्यालय के भूतल पर सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर प्रभावी नियंत्रण करने का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान अग्नि नियंत्रण से संबंधित मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई, जिसमें आधुनिक उपकरणों के माध्यम से आग बुझाने की विधियों का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान तरल पदार्थों में लगी आग को अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग से किस प्रकार सुरक्षित और प्रभावी तरीके से बुझाया जा सकता है, इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने धुएं और लपटों से सुरक्षित रहते हुए आग पर काबू पाने की तकनीकों का अभ्यास किया। इस अवसर पर मानसेवी डीएसपी  मोहनलाल मेहरा, पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा इंचार्ज निरीक्षक  मुकेश सैनी, पुलिस फायर स्टेशन मंत्रालय, भोपाल के एसआई  बी.एस. हुड्डा एवं उनकी टीम उपस्थित रही। इन उपकरणों का दिया प्रशिक्षण मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को आग बुझाने में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न आधुनिक उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में कलेक्टिंग ब्रिज, डिवाइडिंग ब्रिज, फायरमैन हेलमेट, फोम नोजल, अग्निशमन सिलेंडर, कॉर्टेज, टॉर्च, रिवॉल्विंग नोजल, यूनिवर्सल ब्रांच, न्यू लाइट (ब्रांच), ऑर्डिनरी ब्रांच, एडॉप्टर, जाली, फायरमैन एक्स, लॉक कटर, प्रॉक्सीमेटी सूट, एल्यूमिनियम सूट, कैमिकल सूट, ब्रीदिंग ऑपरेटर सेट, लाइफ जैकेट, हौज पाइप, फायर ब्लैंकेट एवं अग्निशमन यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी गई। 5 तरह की होती है आग – बुझाने में बरतें सावधानी प्रशिक्षण के दौरान एसआई  बी.एस. हुड्डा ने बताया कि आग मुख्यतः पांच प्रकार की होती है और प्रत्येक को बुझाने की प्रक्रिया अलग होती है। लकड़ी और कोयले में लगी आग को क्लास ‘ए’, तरल पदार्थों में लगी आग को क्लास ‘बी’, गैसों में लगी आग को क्लास ‘सी’, धातुओं में लगी आग को क्लास ‘डी’ तथा विद्युत से संबंधित आग को क्लास ‘ई’ श्रेणी में रखा जाता है। इन सभी प्रकार की आग को परिस्थितियों के अनुसार पानी या रासायनिक माध्यमों से बुझाया जाता है। अग्नि दुर्घटना होने पर यह करें      फायर ब्रिगेड, पुलिस कंट्रोल रूम, पुलिस थाना, विद्युत विभाग एवं चिकित्सालय को तत्काल सूचना दें।              फायर फाइटिंग दल फायर एक्सटिंग्यूशर, पानी या रेत की सहायता से प्रारंभिक अवस्था में आग बुझाने का प्रयास करें।              भवन के विद्युत प्रवाह को मेन स्विच से तुरंत बंद करें।                  फायर अलार्म दल अलार्म बजाकर सभी को अग्नि दुर्घटना की चेतावनी दें।                इवेक्युएशन टीम लोगों को निर्धारित सुरक्षित मार्गों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाए।                     भगदड़ से बचें।                  लिफ्ट का प्रयोग न करें।                      संपत्ति बचाव दल महत्वपूर्ण एवं मूल्यवान सामग्री को सुरक्षित स्थान पर ले जाए।                  अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, केरोसिन और प्लास्टिक को आग के स्थान से दूर करें। इन नंबरों पर करें सूचित आग की सूचना देने के लिए भोपाल में एमपीईबी के हेल्पलाइन नंबर 0755-2678251, 0755-2678369 पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 0755-2555922, पुलिस फायर स्टेशन का हेल्पलाइन नंबर 0755-2441008 और नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 0755-2542222 पर कॉल कर किया जा सकता है।  

पॉप स्टार ब्रिटनी स्पीयर्स पुलिस हिरासत में, रात जेल में गुजरी—अब कोर्ट में होगी पेशी

कैलिफोर्निया मशहूर पॉप स्टार ब्रिटनी स्पीयर्स को कैलिफोर्निया में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ब्रिटनी स्पीयर्स पर शराब और ड्रग्स के नशे में गाड़ी चलाने का संदेह था। हालांकि, बाद में ब्रिटनी स्पीयर्स को छोड़ दिया गया, पर मामला अभी शांत नहीं हुआ है। ब्रिटनी स्पीयर्स को अब कोर्ट में पेश किया जाएगा। ब्रिटनी को 4 मार्च को कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने स्थानीय समयानुसार लगभग रात साढ़े 9 बजे हिरासत में लिया। पूरा मामला क्या है, यहां जानिए: ब्रिटनी स्पीयर्स पर नशे में गाड़ी चलाने के आरोप, 4 मार्च की घटना यह घटना 4 मार्च की रात की है। तब ब्रिटनी स्पीयर्स कैलिफोर्निया के वेंचुरा काउंटी में कार चला रही थीं। कैलिफोर्निया हाइवे पेट्रोल (CHP) ने बताया कि स्पीयर्स के खिलाफ पुलिस को सूचना दी गई थी कि वह अपनी BMW कार को हाईवे पर तेज रफ्तार से लापरवाही से चला रही थीं। पुलिस ने रोका तो उन्हें ब्रिटनी पर नशे की हालत में गाड़ी चलाने का संदेह हुआ। इसके बाद ब्रिटनी स्पीयर्स के कई फील्ड सोब्रिटी टेस्ट लिए गए और गिरफ्तार कर लिया गया। 5 मार्च की सुबह जेल से रिहा, अब 4 मई को कोर्ट में पेशी ब्रिटनी स्पीयर्स को गुरुवार, 5 मार्च की तड़के सुबह जेल से रिहा कर दिया गया। अब उन्हें 4 मई को वेंचुरा काउंटी सुपीरियर कोर्ट में पेश होना है। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच अभी जारी है और केमिकल टेस्ट के रिजल्ट आने बाकी हैं। मालूम हो कि जब ब्रिटनी स्पीयर्स को पुलिस ने रोका, तब वह अपनी काली बीएमडब्ल्यू 430i को अकेले ही चला रही थीं। कौन हैं ब्रिटनी स्पीयर्स? मालूम हो कि ब्रिटनी स्पीयर्स अमेरिका की पॉपुलर सिंगर और पॉप स्टार हैं। उन्होंने अपने करियर में कई हिट गाने दिए हैं, जिनमें Baby One More Time, Toxic, Everytime, Gimme More, Womanizer और Stronger जैसे नाम शामिल हैं। उन्हें 'प्रिंसेस ऑफ पॉप' भी कहा जाता है। ब्रिटनी स्पीयर्स ने साल 2024 में ऐलान किया था कि वह म्यूजिक इंडस्ट्री में कभी वापसी नहीं करेंगी। उनका आखिरी गाना साल 2022 में आया था, जो उन्होंने एल्टन जॉन के साथ गाया था। ब्रिटनी स्पीयर्स पिछले कई साल से काफी मुश्किलें झेल रही हैं और विवादों में भी रही हैं:     ब्रिटनी स्पीयर्स की मुश्किलें 2007 से शुरू हुईं, जब उन्होंने अपने बाल मुंडवा लिए और एक पपाराजी पर छाते से हमला कर दिया था।     साल 2008 में ब्रिटनी स्पीयर्स को लगातार दो बार मेंटल हेल्थ की जांच के लिए भर्ती कराया गया। इस कारण ब्रिटनी के पिता जेमी स्पीयर्स ने उनकी इमरजेंसी टेम्परेरी कंजरवेटरशिप के लिए याचिका दायर की। उसी साल अक्टूबर में इस कंजरवेटरशिप को परमानेंट कर दिया गया था।     ब्रिटनी स्पीयर्स करीब 13 साल तक पिता के संरक्षण (कंजरवेटरशिप) में रही थीं, जिस लेकर उन्होंने लॉस एंजेलिस की कोर्ट में केस दायर किया था और कहा कि उनका संरक्षण खत्म किया जाए। तब ब्रिटनी ने पिता पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। ब्रिटनी ने कहा था कि संरक्षण में उन्हें 13 साल तक जबरदस्ती ड्रग्स दिए गए। ब्रिटनी ने बताया था कि उनकी बॉडी में एक IUD डिवाइस लगाई गई ताकि वह प्रेगनेंट न हो सकें और बच्चा न कर सकें।     ब्रिटनी ने यह भी आरोप लगाया था कि संरक्षण में पिता उनकी सारी संपत्ति और पैसे कंट्रोल कर रहे थे। यहां तक कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़े तमाम फैसले भी पिता ही ले रहे थे। हालांकि, साल 2022 में ब्रिटनी स्पीयर्स को पिता के संरक्षण से मुक्ति मिल गई थी।

ईरान को मदद के आरोपों पर घिरा श्रीलंका? अमेरिकी दबाव की खबरों पर मंत्री का जवाब

कोलंबो श्रीलंका ईरान के नाविकों के साथ अंतराष्ट्रीय कानून के तहत व्यवहार करेगा। अमेरिकी हमले के शिकार हुए ईरानी जहाज पर सवार यह नाविक फिलहाल श्रीलंका में रुके हुए हैं। श्रीलंका के एक मंत्री शनिवार को यह जानकारी दी। ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका, श्रीलंका पर दबाव डाल रहा है कि इन ईरानी नाविकों को उनके देश वापस न लौटने दे। हालांकि जब श्रीलंकाई मंत्री से अमेरिकी दबाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया। बता दें कि ईरानी जहाज आइरिस डेना को अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबो दिया था। इस हमले में कुछ नाविक मारे गए थे और कुछ घायल भी हुए थे। दूसरे युद्धपोत को भी सुरक्षा विदेश मंत्री विजिथा हिराथ ने नई दिल्ली में एक सम्मेलन को बताया कि श्रीलंका ईरानी फ्रिगेट आइरिस डेना के 32 नाविकों का कोलंबो की अंतरराष्ट्रीय संधि के तहत ख्याल रख रहा है। उन्होंने कहाकि हमने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार सभी कदम उठाए हैं। श्रीलंका ने एक दूसरे ईरानी युद्धपोत, आइरिस बुशेहर, को भी सुरक्षित आश्रय प्रदान किया। डेना पर हमले के एक दिन बाद इसके 219 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इंजन समस्याओं से जुड़ी रिपोर्ट के बाद जहाज को श्रीलंका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित त्रिनकोमाली ले जाया गया। इस बीच, भारत ने शनिवार को कहा कि उसने तीसरे ईरानी युद्धपोत, आइरिस लावान, को भी अपने किसी बंदरगाह पर मानवीय आधार पर ठहरने की अनुमति दी थी, क्योंकि उसने भी परिचालन समस्याओं की सूचना दी थी। तीन जहाज भारत द्वारा मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने से पहले आयोजित की गई एक बहु-राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू का हिस्सा थे। भारतीय प्रधानमंत्री एस जयशंकर ने कहाकि मुझे लगता है कि यह मानवीय काम था और हम इसके तहत ही काम कर रहे थे।  

फरवरी की सम्मान राशि आई खातों में, लाखों महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान

रांची हेमंत सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत रांची जिले की लाखों महिलाओं को फरवरी महीने की सम्मान राशि उनके बैंक खातों में भेज दी गई है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। रांची जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत फरवरी माह की राशि का भुगतान कर दिया गया है। जिले की कुल 3 लाख 87 हजार 174 महिलाओं के बैंक खातों में आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए प्रति लाभुक 2500 रुपये की राशि भेजी गई है। प्रशासन के अनुसार, लाभुक महिलाओं के खातों में कुल 96 करोड़ 79 लाख 35 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इससे पहले जनवरी महीने की सम्मान राशि भी लाभुकों को दी जा चुकी है। फरवरी महीने में जिले के कई प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इनमें प्रमुख रूप से अनगड़ा (16,607), अरगोड़ा शहरी क्षेत्र (12,956), बड़गाईं शहरी क्षेत्र (9,495), बेड़ो (20,496), बुंडू (8,438), बुंडू नगर पंचायत (3,487), बुढ़मू (17,737), चान्हो (19,673), हेहल शहरी क्षेत्र (15,191), ईटकी (10,301), कांके (31,443), कांके शहरी क्षेत्र (1,309), खलारी (9,529), लापुंग (11,301), मांडर (22,984), नगड़ी (17,747), नगड़ी शहरी क्षेत्र (8,058), नामकुम (17,777), नामकुम शहरी क्षेत्र (9,389), ओरमांझी (18,092), राहे (9,519), रातू (18,476), सिल्ली (21,045), सोनाहातू (13,018), तमाड़ (18,420) और सदर शहरी क्षेत्र (24,686) की लाभुक महिलाएं शामिल हैं। समय पर भुगतान के निर्देश उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी तरह की त्रुटि या देरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी लाभुक को राशि मिलने में कोई समस्या आती है, तो उसका जल्द समाधान किया जाएगा। यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है और जिला प्रशासन इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।  

नारी सशक्तिकरण की दिशा में नई पहल-वर्किंग वुमेन हॉस्टल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ महिलाओं के सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य परिवेश को सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025 के अंतर्गत रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति कर्मचारी प्रति माह 5 हजार रुपए. की सहायता पांच वर्षों तक प्रदान की जा रही है, वहीं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पहले पांच वर्षों में नियुक्त प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए 13 हजार रुपए की सहायता का प्रावधान किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर सृजित करना और उन्हें सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। औद्योगिक विकास के साथ महिला सुविधाओं पर विशेष ध्यान प्रदेश में औद्योगिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें आईटी पार्क, प्लग एण्ड प्ले पार्क, प्लेटेड इंडस्ट्रीज तथा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार करते हुए प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा रहा है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ महिला कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके। औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित होंगे आधुनिक वर्किंग वुमेन हॉस्टल कार्यशील महिलाओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। भारत सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस 2024-25 के अंतर्गत एमपीआईडीसी क्षेत्र में चार वर्किंग वुमेन हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 26 आवासीय ब्लॉक्स का निर्माण किया जाएगा और प्रत्येक ब्लॉक में 222 बेड्स की व्यवस्था की जाएगी। हजारों महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित आवास इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 5700 से अधिक कार्यशील महिलाओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध होगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को रहने और आवागमन से जुड़ी कठिनाइयों से राहत मिलेगी तथा वे अधिक आत्मविश्वास और सुविधा के साथ अपने कार्यक्षेत्र में योगदान दे सकेंगी। औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल वर्किंग वुमेन हॉस्टल का विकास विक्रम उद्योगपुरी (उज्जैन), पीथमपुर सेक्टर-1 एवं 2 (धार), मालनपुर-घिरींगी (भिंड) और मंडीदीप (रायसेन) में किया जा रहा है। लगभग 6.66 हेक्टेयर भूमि पर इन परियोजनाओं का निर्माण करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह सुविधाएं औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल आवासीय वातावरण प्रदान करेंगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित हो रहे वर्किंग वुमेन हॉस्टल महिलाओं को सुरक्षित आवास, बेहतर जीवन सुविधा और कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा प्रदान करेंगे। इससे महिलाओं की कार्य भागीदारी बढ़ेगी, उनके आत्मनिर्भर बनने की प्रक्रिया को बल मिलेगा और औद्योगिक विकास में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण होगी।  

किसान कल्याण के संकल्प को मजबूत करता निर्णय या समृद्ध किसान, सशक्त मध्यप्रदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि किसान कल्याण उसकी नीतियों और निर्णयों का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीदी पर प्रति क्विंटल 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय किसानों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय के बाद किसानों को गेहूं का मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा, जो उनकी मेहनत के उचित सम्मान और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकार की यह जिम्मेदारी होती है कि वह किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उपाय भी सुनिश्चित करे। गेहूं खरीदी पर बोनस की घोषणा इसी सोच का परिणाम है, जो यह दर्शाती है कि राज्य सरकार किसानों की आवश्यकताओं और चुनौतियों को गंभीरता से समझती है। प्रदेश सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च करने का निर्णय भी लिया है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस व्यवस्था का लाभ उठा सकें। यह निर्णय प्रशासनिक संवेदनशीलता और किसान-हितैषी दृष्टिकोण का परिचायक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी उसी दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए किसानों को बेहतर मूल्य, सुविधाएं और अवसर प्रदान करने का प्रयास कर रही है। स्पष्ट है कि यदि किसान सशक्त होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे। किसानों के परिश्रम को सम्मान और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निर्णय न केवल सराहनीय हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र को स्थायी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होंगे। जयपाल सिंह चावड़ा लेखक (मध्यप्रदेश भाजपा किसान मोर्चे के अध्यक्ष है)

नागपुर का स्वाद देश में छाया: ‘गांधे ब्रदर्स’ ने जीता मास्टरशेफ इंडिया 9 का खिताब

हैदराबाद, भारत के सबसे प्रतिष्ठित कुकिंग रियलिटी शो ‘मास्टरशेफ इंडिया’ सीजन 9 का समापन शुक्रवार, 6 मार्च को एक भव्य ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ। महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले दो भाइयों, अजिंक्य और विक्रम गांधे ने अपनी बेहतरीन पाक कला और रचनात्मकता से जजों का दिल जीतते हुए इस सीजन का खिताब अपने नाम किया। दिग्गज शेफ संजीव कपूर, विकास खन्ना, रणवीर बराड़ और कुणाल कपूर की मौजूदगी में गांधे ब्रदर्स को प्रतिष्ठित ‘गोल्डन एप्रन’ और मास्टरशेफ ट्रॉफी से नवाजा गया। इस जीत के साथ ही यह जोड़ी अब कुकिंग की दुनिया में नेशनल सेंसेशन बन गई है। गांधे ब्रदर्स की यह जीत उनके बरसों के कड़े संघर्ष और खाने के प्रति अटूट जुनून का परिणाम है। 31 वर्षीय विक्रम और 29 वर्षीय अजिंक्य ने बहुत कम उम्र में ही रसोई की बारीकियां सीख ली थीं। विक्रम ने जहाँ महज 19 साल की उम्र में अपनी कैंटीन शुरू की थी, वहीं अजिंक्य ने गोवा में अपना कैफे चलाकर अनुभव हासिल किया। कोविड महामारी के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद दोनों भाइयों ने हार नहीं मानी और अपनी पारंपरिक महाराष्ट्रियन कुकिंग शैली को आधुनिक ट्विस्ट देकर मास्टरशेफ के किचन में 50 अन्य जोड़ियों को पीछे छोड़ दिया। खिताब के साथ ही अजिंक्य और विक्रम गांधे को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की ओर से 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और ‘गोल्डन शेफ कोट’ प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के इस कड़े मुकाबले में ओडिशा की बहनें अंजू प्रधान और मंजू ओझा प्रथम रनर-अप रहीं, जबकि हैदराबाद की मां-बेटी की जोड़ी चंदना और साई श्री राचकोंडा ने तीसरा स्थान हासिल किया। पूरे सीजन में गांधे ब्रदर्स ने अपने घरेलू स्वादों और एयरोमॉडलिंग जैसे अनूठे शौक से मिलने वाले फोकस का बेहतरीन इस्तेमाल किया, जिसने उन्हें भारत का अगला मास्टरशेफ बनाने में मदद की।  

हरियाणा के जींद में दर्दनाक हादसा: रंग-गुलाल फैक्ट्री में आग से 5 महिला मजदूरों की मौत

चंडीगढ़ हरियाणा के जींद के सफीदों में शनिवार दोपहर होली के रंग और गुलाल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में अब तक पांच महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें गंभीर हालत में कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर किया गया है। ऐसे में मरने वालों की तादाद बढ़ भी सकती है। अभी तक शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि हादसे की जांच अभी चल रही है। जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला सफीदों की भाट कॉलोनी में होली के रंग और गुलाल बनाने की फैक्ट्री है। यहां रोजाना की तरह लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। चारों ओर धुएं और आग की लपटें उठने के कारण मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोगों ने धुआं उठता देख बचाव कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के मेन गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। इस वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और आग में फंस गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद कुछ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गई। दो महिला मजदूरों की झुलसने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों को सफीदों और नागरिक अस्पताल जींद लाया गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। इनकी गई जान जिन पांच महिलाओं की मौत हुई है, उनमें सफीदों के वार्ड नंबर 13 की रहने वाली पूजा, आदर्श कालोनी सफीदों की उषा, सिंघपुरा वासी पिंकी और सफीदों वासी गुडडी शामिल हैं। फिलहाल एक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। 20 से ज्यादा मजदूर सफीदों, पानीपत और जींद के अस्पतालों में भर्ती हैं, जिन में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने सफीदों में सड़क जाम करने की धमकी दी थी। इसके बाद डीसी और एसपी ने मृतक के परिजनों को उचित कार्रवाई व मुआवजे का आश्वासन देकर शांत किया। हरियाणा के जींद के सफीदों में शनिवार दोपहर होली के रंग और गुलाल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में अब तक पांच महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें गंभीर हालत में कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर किया गया है। ऐसे में मरने वालों की तादाद बढ़ भी सकती है। अभी तक शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि हादसे की जांच अभी चल रही है। जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला सफीदों की भाट कॉलोनी में होली के रंग और गुलाल बनाने की फैक्ट्री है। यहां रोजाना की तरह लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। चारों ओर धुएं और आग की लपटें उठने के कारण मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोगों ने धुआं उठता देख बचाव कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के मेन गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। इस वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और आग में फंस गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद कुछ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गई। दो महिला मजदूरों की झुलसने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों को सफीदों और नागरिक अस्पताल जींद लाया गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। इनकी गई जान जिन पांच महिलाओं की मौत हुई है, उनमें सफीदों के वार्ड नंबर 13 की रहने वाली पूजा, आदर्श कालोनी सफीदों की उषा, सिंघपुरा वासी पिंकी और सफीदों वासी गुडडी शामिल हैं। फिलहाल एक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। 20 से ज्यादा मजदूर सफीदों, पानीपत और जींद के अस्पतालों में भर्ती हैं, जिन में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने सफीदों में सड़क जाम करने की धमकी दी थी। इसके बाद डीसी और एसपी ने मृतक के परिजनों को उचित कार्रवाई व मुआवजे का आश्वासन देकर शांत किया।