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71वें जन्मदिन पर अनुपम खेर का जश्न, फिल्मों में चार दशक का शानदार सफर

मुंबई, बॉलीवुड के जाने-माने चरित्र अभिनेता और फिल्मकार अनुपम खेर आज 71 वर्ष के हो गए। अनुपम खेर का जन्म 07 मार्च 1955 को शिमला में हुआ था। उनके पिता पुष्कर नाथ एक कश्मीरी पंडित थे और हिमाचल प्रदेश के वन विभाग में क्लर्क थे। अनुपम ने अपनी स्कूली शिक्षा शिमला के डीएवी स्कूल से की।बाद में, उन्होंने शिमला के संजौली स्थित सरकारी कॉलेज में अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय में भारतीय रंगमंच का अध्ययन करने के लिए पढ़ाई छोड़ दी। अनुपम खेर ने 1978 में नई दिल्ली में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से स्नातक किया। इसके बाद वह रंगमंच से जुड़ गए। 80 के दशक में अभिनेता बनने का सपना लिए हुए उन्होंने मुंबई में कदम रखा।अनुपम खेर महज 37 रुपये लेकर घर से निकले थे और वो सपनों के शहर मुंबई आए थे। शुरुआती दिनों में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इतना ही नहीं उन्हे कई रातें प्लेटफार्म पर गुजारनी पड़ी थी। तीन साल तक उनके पास कोई काम नहीं था। बतौर अभिनेता उन्हें वर्ष 1982 में प्रदर्शित फिल्म 'आगमन' में काम करने का मौका मिला, लेकिन फिल्म के असफल हो जाने के बाद वह फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब नहीं हो सके। वर्ष 1984 में अनुपम खेर को महेश भट्ट की फिल्म 'सारांश' में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उन्होंने एक वृद्ध पिता की भूमिका निभाई जिसके पुत्र की असमय मृत्यु हो जाती है। अपने इस किरदार को अनुपम ने संजीदगी के साथ निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। साथ ही सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए। वर्ष 1986 में उन्हें सुभाष घई की फिल्म 'कर्मा' में बतौर खलनायक काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उनके सामने अभिनय सम्राट दिलीप कुमार थे, लेकिन अनुपम खेर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे।  

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री साय

रायपुर लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री  साय छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज प्रदेश की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शासन का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की प्रत्येक महिला को लखपति बनाना और भविष्य में लखपति ग्राम का निर्माण करना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के लोगों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत  लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है तथा इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू कर उन्हें देश-प्रदेश के व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों का निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी इस वर्ष के बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी लखपति दीदियों से पूरे प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रेरणा मिल रही है और अब हमारा लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना से प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में माताओं-बहनों की बड़ी भूमिका होगी। आज महिलाएं गांवों में सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराने से लेकर ड्रोन उड़ाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। एक नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को लखपति बनाना संभव नहीं है, लेकिन आज प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।  कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की लखपति दीदी  राजकुमारी कश्यप ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके क्षेत्र में बाइक से आना-जाना भी कठिन था, लेकिन आज वह लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और मुर्गीपालन से उन्हें सालाना 6–7 लाख रुपये की आय हो रही है। बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन से काम शुरू किया और बाद में उन्हें सरकार की पहल से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग मिली। आज वह अपने क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं। जशपुर जिले की लखपति दीदी  अनिता साहू ने बताया कि वह ईंट निर्माण का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समूह की साप्ताहिक बैठक में 10 रुपये जमा करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन आज वह लखपति बन चुकी हैं। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव  निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  सुनील सोनी, सचिव  भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त  महादेव कावड़े, कलेक्टर  गौरव सिंह, मिशन संचालक  अश्वनी देवांगन  सहित बड़ी संख्या में लखपति दीदियां और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।

CM हाउस में BJP विधायक की खिंचाई? आंदोलन की चेतावनी के बाद मचा सियासी घमासान

भोपाल/उज्जैन मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब अनिल जैन कालूखेड़ा द्वारा उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का विरोध करने का मामला पार्टी नेतृत्व तक पहुंच गया। उज्जैन उत्तर से बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने पहले सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ जनता के साथ आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, लेकिन अब उन्होंने अपने रुख में बड़ा बदलाव कर लिया है। जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों के समर्थन में विधायक ने विरोध जताते हुए आंदोलन की बात कही थी। मामला जब प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा तो उन्हें तुरंत सीएम हाउस भोपाल तलब किया गया। बताया जा रहा है कि बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विधायक को कड़ी फटकार लगाई। पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया कि सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को देखते हुए विकास कार्यों में किसी भी तरह का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के सुर बदलते नजर आए। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी वापस लेते हुए कहा कि अब वे सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं करेंगे और सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों में पूरा सहयोग करेंगे। गौरतलब है कि  Kumbh Mela को देखते हुए उज्जैन में बड़े स्तर पर सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास कार्य चल रहे हैं, जिन्हें लेकर सरकार किसी भी तरह की बाधा नहीं चाहती।

पुलिस व्यवस्था, कानूनी प्रक्रियाओं और बाल संरक्षण संबंधी जानकारी से बढ़ी जागरूकता

भोपाल महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को पुलिस व्यवस्था, कानूनी प्रक्रियाओं तथा बाल संरक्षण संबंधी विषयों की जानकारी प्रदान करने और उनके भीतर सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से थाना गोविंदपुरा में एक्सपोज़र विजिट का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम निवसीड–बचपन संस्था एवं महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें अन्ना नगर सेक्टर एवं बाणगंगा परियोजना क्षेत्र की लगभग 70 महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी  अवधेश सिंह तोमर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पुलिस थाने की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों, बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस से सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में समझाया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस थाने में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इसके पश्चात हेड कॉन्स्टेबल  मुकेश यादव तथा ऊर्जा डेस्क की प्रभारी मती रश्मि पटेल द्वारा प्रतिभागियों को पुलिस थाने के विभिन्न कक्षों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान शिकायत कक्ष, रिकॉर्ड रूम, पूछताछ कक्ष, ऊर्जा डेस्क सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों के लिए थाने में विशेष डेस्क और सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जहाँ उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना और उनका समाधान किया जाता है। एक्सपोज़र विजिट के दौरान प्रतिभागियों ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न भी पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सहज एवं स्पष्ट रूप से उत्तर दिया गया। इस संवाद से महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को पुलिस व्यवस्था और कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम में निवसीड–बचपन संस्था से सु निहारिका पंसोरिया तथा महिला बाल विकास विभाग से सु चंद्रावती अमरुते भी उपस्थित रहीं। इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को कानून और सुरक्षा तंत्र के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे किसी भी समस्या या आपात स्थिति में निडर होकर पुलिस से सहायता प्राप्त कर सकें। ऐसे प्रयासों से समाज और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है तथा महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है।  

उद्योग से बनेगा ‘रंगला पंजाब’: नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च, CM मान ने कहा—उद्यमी भी हैं अन्नदाता

लुधियाना (पंजाब)  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को लुधियाना में पंजाब की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने उद्योगपतियों के साथ बैठक कर सरकार की योजनाओं और उद्योगों को दिए जाने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी। सीएम मान ने कहा कि पंजाब को रंगला बनाने के लिए इंडस्ट्री का विकास जरूरी है और पंजाब को नंबर वन बनाए बिना देश विश्व गुरु नहीं बन सकता। सीएम बोले कि इस नीति के जरिए इंडस्ट्री को सरकार ने रनवे मुहैया करा दिया है अब उड़ान भरने की बारी उद्योग जगत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उद्योगपतियों से हिस्सा मांगने या “लाल थैली” लेने वाली नहीं है। सरकार की एक ही इच्छा है कि उद्योगों का कारोबार बढ़े और पंजाब के युवाओं को रोजगार मिले।  मान ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग और कारोबार की वजह से हजारों परिवारों के चूल्हे जलते हैं और इस लिहाज से उद्यमी भी अन्नदाता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज सरकार उद्योगों को यह पॉलिसी दे रही है और जल्द ही महिलाओं के लिए भी बड़ा तोहफा दिया जाएगा। सीएम मान ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को अपना साझेदार मानती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई उद्योगपति तीन यूनिट लगाने की अनुमति मांगता है तो सरकार पांच यूनिट लगाने की अनुमति देने को भी तैयार है, बशर्ते कि वह पंजाब के युवाओं को रोजगार दे। उन्होंने बताया कि यह पॉलिसी उद्यमियों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है और इसमें करीब 78 प्रतिशत सुझावों को शामिल किया गया है। इससे पहले उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर इंडस्ट्रियल पॉलिसी में से एक है। उन्होंने बताया कि इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में तैयार किया गया है।   अरोड़ा ने कहा कि पॉलिसी को तैयार करने के लिए 24 कमेटियां बनाई गई थीं, जिनमें विभागीय अधिकारियों, पंजाब डेवलपमेंट कमिशन और उद्योग प्रतिनिधियों की राय ली गई। पॉलिसी तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि कुल सुझावों में से 77 प्रतिशत को स्वीकार किया गया, जबकि एक प्रतिशत सुझाव केंद्र सरकार से संबंधित थे और शेष पर भी चर्चा की गई।   निवेश और रोजगार पर मिलेंगे विशेष प्रोत्साहन     नई पॉलिसी के तहत रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं।     25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों वाली इकाइयों को थ्रेसहोल्ड कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।     पंजाब में पहली बार कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।     जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।     उद्योगों के मॉर्डनाइजेशन और विस्तार पर भी सब्सिडी दी जाएगी।     इंसेंटिव पैकेज के लिए 15 साल का समय दिया जाएगा।     रोजगार देने पर प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा     आईटी सेक्टर के लिए यह इंसेंटिव 5000 रुपये प्रति कर्मचारी प्रति माह होगा।     नई पॉलिसी के तहत महिलाओं को रात में भी काम करने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि इसके लिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना उद्योगों की जिम्मेदारी होगी।     सरकार ने सीमावर्ती जिलों में उद्योग लगाने को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव देने की घोषणा की है। सभी विभागों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया सीएम मान ने कहा कि उद्योगों से जुड़े विभागों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर व्यवस्था को सरल बनाया गया है। बिजली, उद्योग और स्थानीय निकाय विभागों को आपस में जोड़ा गया है, जिससे उद्योगों के काम तेजी से होंगे। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास का कोई विजन नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल मोटरसाइकिल टैक्स फ्री करने जैसे वादे करना कोई विजन नहीं है।

संघर्ष से सफलता तक: ट्रक ड्राइवर की बेटी ने UPSC में हासिल की बड़ी रैंक

हरिद्वार  फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं। पिता चलाते हैं ट्रक, इकलौती बेटी ने UPSC में लहराया परचम; हासिल की इतनी रैंक यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम 2025 में उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की फैरुज फातिमा ने भी परचम लहराया है। फातिमा ने एग्जाम में ऑल इंडिया 708वीं रैंक हासिल की है। 27 वर्षीय फातिमा ने तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की है। परिवार में खुशी की लहर है और बधाईयों का ताता लगा हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में गर्व और खुशी का माहौल है। रुड़की के पिरान कलियर की रहने वाली फातिमा के पिता इकबाल अहदम (52) पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं जबकि मां हाउस वाइफ हैं। फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं। फातिमा ने ये साबित कर दिया है कि हालात कैसे भी हों मेहनत करने वालों से सफलता कोई नहीं छिन सकता। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। माता-पिता की मेहनत ने ही फातिमा को हौसला दिया। 8 साल से तैयारी कर रही थीं फातिमा सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने फातिमा को पढ़ाई में हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बेटी ने भी माता-पिता की ख्वाहिशों को ध्यान रखा और सफलता की सीढ़ी चढ़ती गईं। वे करीब 8 साल से तैयारी कर रही थीं और पिछले दो एग्जाम में असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी। इन उम्मीदवारों ने भी हासिल की सफलता टिहरी की मीनल नेगी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 66वीं रैंक हासिल की है। मीनल के पिता स्कूल टीचर हैं और उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में एग्जाम पास किया है। वहीं चंपावत के बाराकोट ब्लॉक के छुलापे गांव के अनुज पंत ने 69वीं रैंक हासिल की है। पिथौरागढ़ के राई क्षेत्र के आदित्य पाठक ने 189वीं रैंक हासिल की। बनाल पट्टी के गुलाडी गांव के होनहार युवा आशुतोष नौटियाल ने 398वीं रैंक हासिल की है हालांकि उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस में हुआ है। वहीं उत्तरकाशी के पुरोला स्थित सुनाली गांव के ऋषभ नौटियाल ने 552वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन इंडियन सिविल सर्विस के लिए हुआ है।

डिजिटल पंजीयन में मध्यप्रदेश ने रचा इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश का पहला पूर्ण पेपरलैस ई-रजिस्ट्रेशन सिस्टम संपदा 2.0 और सायबर पंजीयन कार्यालय से कहीं से भी होगा दस्तावेजों का फेसलैस पंजीयन हर साल 11 हजार करोड़ से अधिक राजस्व भोपाल मध्यप्रदेश में पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने संपदा 2.0 प्रणाली से दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस ई-पंजीयन शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करेगी। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग राज्य के प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाले विभागों में शामिल है। प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 16 लाख दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है, जिससे 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। विभाग की वेब आधारित संपदा प्रणाली के माध्यम से ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की सुविधा प्रदान कर पूरी प्रक्रिया को एंड-टू-एंड इलेक्ट्रॉनिक बनाया गया है। पेपरलैस और डिजिटल पंजीयन में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य संपदा 2.0 के माध्यम से दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस और डिजिटल पंजीयन संभव हुआ है और यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी ई-स्टाम्प तैयार कर सकता है। साथ ही संपत्ति की पहचान भू-अभिलेख और नगरीय प्रशासन के डेटाबेस से की जाती है तथा संपत्ति की जियो-टैगिंग भी की जाती है, जिससे संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी। कृषि भूमि के पूर्ण अंतरण के बाद सायबर तहसील के माध्यम से स्वतः नामांतरण की सुविधा भी शुरू की गई है, वहीं कलेक्टर ऑफ स्टाम्प न्यायालय की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। ई-गवर्नेंस को और मजबूत बनाने के लिए भोपाल स्थित महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय में सायबर पंजीयन कार्यालय स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से लगभग 75 प्रकार के दस्तावेजों का फेसलेस पंजीयन किया जा सकेगा। सायबर सब-रजिस्ट्रार राज्य के किसी भी जिले के दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीयन कर सकेंगे।        फेसलेस पंजीयन प्रक्रिया में पक्षकारों के लिए आधार आधारित वीडियो KYC करना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों के डिजिटल निष्पादन के बाद उन्हें ऑनलाइन सायबर उप-पंजीयक के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इससे नागरिकों को उप पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहेगी। नई व्यवस्था के तहत लीज, मॉर्टगेज, डी-मॉर्टगेज, संपत्ति में पत्नी या बेटी का नाम जोड़ने और मुख्तियारनामा जैसे दस्तावेज अब कहीं से भी ऑनलाइन तैयार कर पंजीकृत किए जा सकते हैं। डिजिटल तकनीक के उपयोग से मध्यप्रदेश ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है और आने वाले समय में यह व्यवस्था नागरिक सेवाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाएगी।

चित्रकूट में छात्राओं से मालिश कराते दिखीं हेडमास्टर

भोपाल/चित्रकूट. शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका (हेडमास्टर) बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे अपनी मालिश करवाती नजर आईं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अभिभावकों में भारी आक्रोश है और विभाग ने अब मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और निलंबन के संकेत दिए हैं। मैडम की सेवा में जुटीं मासूम छात्राएं मामला चित्रकूट के कर्वी स्थित नया बाजार प्राथमिक विद्यालय (भाग-1) का है। वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधु कुमारी राय आराम से लेटी हुई हैं और मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त हैं। वहीं, स्कूल की छोटी-छोटी छात्राएं उनके हाथ और पैरों की मालिश कर रही हैं। यह सब उस समय हो रहा था जब स्कूल में शिक्षण कार्य (पढ़ाई) का समय था। स्कूल के पास ही BEO का ऑफिस हैरानी की बात यह है कि जिस स्कूल से यह शर्मनाक मामला सामने आया है, उसके पास ही खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) का कार्यालय स्थित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था। अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि आखिर अधिकारियों को अपने कार्यालय के पास चल रही इन गतिविधियों की भनक क्यों नहीं लगी? अभिभावकों का फूटा गुस्सा घटना के बाद अभिभावकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि वे अपने बच्चों को स्कूल इसलिए भेजते हैं ताकि उनका भविष्य संवर सके, न कि शिक्षकों की निजी सेवा करने के लिए। इस तरह की घटनाओं से बच्चों के मानसिक विकास पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और शिक्षा के प्रति उनका नजरिया बदल जाता है। वायरल वीडियो, एक्शन में विभाग मामला सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) वीरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का आचरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर दोषी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों के बाद हुआ खुलासा स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय के बारे में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि यहाँ पढ़ाई के बजाय बच्चों से दूसरे काम कराए जाते हैं। कुछ जागरूक लोगों ने जब चोरी-छिपे वीडियो बनाया, तब जाकर इस सनसनीखेज सच्चाई का पर्दाफाश हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद अब न केवल प्रधानाध्यापिका बल्कि स्कूल के अन्य स्टाफ और निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा के मंदिर में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हो सकें और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनी रहे।

ईरान का बदला रुख: राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले– पड़ोसी देशों पर हमले नहीं होंगे, मांगी माफी

तेहरान पेजेशकियन ने कहा कि सैन्य बलों को एक आदेश दिया गया है। अब से, पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न करें जब तक कि उन पर पहले हमला न हो। जो लोग इस मौके का फायदा उठाकर ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें साम्राज्यवाद की कठपुतली नहीं बनना चाहिए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा है कि अब ईरान उन देशों पर हमला नहीं करेगा। पेजेशकियान ने ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में कहा, "मुझे लगता है कि उन पड़ोसी देशों से माफी मांगना जरूरी है जिन पर हमला हुआ है।" उन्होंने कहा, "हमारा पड़ोसी देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। हम शांति और सुकून कायम करने के लिए इलाके में सहयोग की अपील करते हैं।" पेजेशकियन ने कहा, "सैन्य बलों को एक आदेश दिया गया है। अब से, पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न करें जब तक कि उन पर पहले हमला न हो।" उन्होंने कहा, "जो लोग इस मौके का फायदा उठाकर ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें साम्राज्यवाद की कठपुतली नहीं बनना चाहिए।" उन्होंने कहा कि इजरायल या अमेरिका का समर्थन करना इज्जत और आजादी का रास्ता नहीं है। सऊदी अरब ने दी थी ईरान को चेतावनी इससे पहले, सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने देश के सैन्य ठिकानों और तेल केंद्रों पर हुए सिलसिलेवार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद ईरान को 'गलतफहमी और गलत आकलन' से बचने की कड़ी चेतावनी दी थी। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौजूदगी वाले एक एयर बेस और एक प्रमुख तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किये गये हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजधानी रियाद के दक्षिण-पूर्व स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गयी एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। सऊदी प्रेस एजेंसी ने मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से पुष्टि की है कि इसी एयर बेस पर एक और मिसाइल हमला हुआ, जिसे भी विफल कर दिया गया। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के पास स्थित शयबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए कई ड्रोन हमलों और रियाद के पूर्व में एक अन्य ड्रोन हमले को भी सेना ने नाकाम कर दिया है।  

कल आएगा पंजाब बजट: महिलाओं को ₹1000 महीना, 22,000 नौकरियां और टैक्स में राहत की उम्मीद

चंडीगढ़  पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार कल अपने 5 साल के कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेगी। वित्तमंत्री हरपाल चीमा 2.50 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश करेंगे। पंजाब में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।  वित्तमंत्री हरपाल चीमा के जरिए सरकार चुनाव से पहले महिलाओं से 2022 में किया चुनावी वादा 2026 में पूरा करेगी। जिसमें हर महिला को 1,000 रुपए प्रति महीने देने के लिए बजट रखा जाएगा। 8 मार्च को संडे है। लेकिन उसी दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। इसी वजह से AAP सरकार खास तौर पर महिलाओं को फोकस करते हुए छुट्‌टी के दिन बजट पेश कर रही है। पंजाब में करीब 2.13 करोड़ वोटर हैं, जिनमें से 1.01 करोड़ महिला वोटर हैं, ऐसे में AAP सरकार इन्हें टारगेट करेगी। वहीं बजट में पंजाबियों को खुश करने में AAP सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। इसके संकेत सरकार ने बजट से पहले ही बिजली सस्ती करके दे दिया है। युवाओं को खुश करने के लिए नई 22 हजार सरकारी नौकरियों का ऐलान होना तय है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर 2022 में सरकार बनाई थी, ऐसे में इनका बजट भी बढ़ेगा। पिछले साल AAP सरकार ने 2.36 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। महिलाओं को कैसे मिलेंगे 1000 रुपए  AAP सरकार प्रदेश की 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं को 1 हजार रुपए महीने की स्कीम के लिए बजट का प्रावधान करेगी। अभी इस स्कीम का कोई नाम नहीं रखा गया है। 18 मार्च से रुपए देने की शुरुआत की जाएगी। सरकार ने औपचारिक तौर पर शर्तें नहीं बताईं हैं। लेकिन सरकारी सोर्सेज से जो खबरें बाहर आई हैं, उसके मुताबिक लाभार्थी महिला के पास पंजाब का आधार कार्ड और वोटर कार्ड होना अनिवार्य है। सरकार नौकरीपेशा, कारोबारी, पेंशनधारक के साथ टैक्सपेयर महिलाओं को फिलहाल स्कीम का लाभ नहीं देगी। पंजाब में महिला वोटरों की गिनती करीब 1 करोड़ है। लेकिन अगर शर्तें सच हुईं तो फिर 40 लाख महिलाएं ही इसके दायरे में आएंगी। हालांकि सरकारी स्तर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। लाभार्थी महिलाओं के रजिस्ट्रेशन कैसे होंगे, इसको लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। विरोधी सवाल उठा रहे थे कि 4 साल से यानी सरकार बनते ही रुपए क्यों नहीं दिए तो इस पर AAP का जवाब है कि जनता ने उन्हें 5 साल का टाइम दिया था। इसलिए इसी टर्म में वह इस गारंटी को पूरा कर रहे हैं। कोई नया टैक्स नहीं लगेगा  सरकार का बजट पूरी तरह से चुनावी मूड पर होगा। ऐसे में नए टैक्स के बारे में AAP सरकार सोच भी नहीं रही। 2 हफ्ते पहले गुजरात दौरे पर गए CM भगवंत मान साफ कहा कि पंजाब सरकार इस बार कोई भी नया टैक्स नहीं लाएगी और न ही टैक्स की दरें बढ़ाएगी। आम लोग पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हैं, इसलिए यह बजट आम आदमी के हित में होगा और विकास कार्यों को गति देगा। AAP सरकार ने पिछले 4 सालों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया। लेकिन पहले से चल रहे पेट्रोल-डीजल वैट, शराब एक्साइज ड्यूटी, स्टांप ड्यूटी, GST, मोटर व्हीकल टैक्स और प्रोफेशनल टैक्स की वसूली जरूर बढ़ाई है। युवाओं के लिए 22 हजार सरकारी नौकरियां  बजट में सरकार युवाओं के लिए 22 हजार सरकारी नौकरियों की घोषणा कर सकती है। 3 दिन पहले ही सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा था कि सरकार 17 हजार पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसमें दिव्यांग कोटे के पद भी शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब पुलिस में 3,298 कॉन्स्टेबल के पदों पर भर्ती शुरू हो चुकी है। पंजाब सरकार पिछले 4 सालों में 63 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों का दावा कर रही है। इसके अलावा इन नियुक्तियों को भ्रष्टाचार और सिफारिश मुक्त भी बता रही है। पुलिस के लिए बजट  बजट में पंजाब पुलिस पर भी सरकार का पूरा फोकस रहेगा। एक तो बार्डर पार से हथियारों और हेरोइन की तस्करी बढ़ रही है। इससे निपटने के लिए सरकार द्वारा नए एंटी ड्रोन सिस्टम खरीदे जाने हैं। करीब ड्रोन सिस्टम आने हैं। इसके लिए बजट रखा जाएगा। दूसरा बार्डर एरिया के लिए स्पेशल व्हीकल व उपकरण खरीदे जाएंगे। गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई चल रही है। नई टेक्नोलॉजी के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। मोहाली में नया साइबर क्राइम सेंटर बनना है। इसके लिए उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके अलावा जेलों, सरकारी मकानों, पुलिस वालों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप के लिए बजट तय किया जाएगा।