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श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कान्हा की नगरी मथुरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और विधिवत पूजन-अर्चन कर श्रद्धा निवेदित की। ब्रज की पावन धरा से प्रदेशवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रज भूमि का कण-कण ऊर्जा और भक्ति से भरा है। प्रभु श्रीकृष्ण के चरणों में शीश नवाकर मन को असीम शांति की अनुभूति होती है। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान का आशीर्वाद प्रदेश के प्रत्येक नागरिक पर बना रहे। उत्तर प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।

कांग्रेस का बड़ा प्लान: 2028 चुनाव में नए चेहरों को मिलेगा मौका, नेता के बयान से बढ़ी हलचल

सरगुजा छत्तीसगढ़ की राजनीति में कभी “जय-वीरू” के नाम से चर्चित भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव की जोड़ी अब पुराने अंदाज में शायद नजर न आए। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने इशारों-इशारों में कहा है कि राजनीति की नई फिल्म में नए किरदार भी सामने आ सकते हैं। दरअसल 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की जोड़ी को कांग्रेस की जीत का बड़ा कारण माना गया था। उस समय दोनों नेताओं को “जय-वीरू” की जोड़ी कहा जाता था। अब सिंहदेव ने इस पर बयान देते हुए कहा कि एक फिल्म हिट होने के बाद उसी तरह की फिल्म बार-बार नहीं बनती। जैसे शोले एक सुपरहिट फिल्म थी, लेकिन उसकी कई सीक्वल नहीं बनीं। आगे नई फिल्म बनेगी, जिसमें पुराने कलाकार भी हो सकते हैं और नए चेहरे भी नजर आ सकते हैं। सिंहदेव ने यह भी कहा कि उस समय सिर्फ दो नाम ज्यादा चर्चा में थे क्योंकि भूपेश बघेल पीसीसी अध्यक्ष थे और वे नेता प्रतिपक्ष थे, लेकिन असल में पूरी टीम ने मिलकर काम किया था। सिंहदेव के इस बयान को कांग्रेस के भीतर बदलते सियासी समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह किसी मतभेद की वजह से नहीं बल्कि समय और परिस्थितियों के बदलने की वजह से है। अब 2028 के चुनावी मैदान में कांग्रेस की “नई फिल्म” में मुख्य किरदार कौन निभाएगा, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।

बच्चों के लिए कितनी नींद है जरूरी? उम्र के अनुसार जानें सही स्लीप टाइम

कई पेरेंट्स अक्सर इस बात से परेशान रहते हैं कि उनके पर्याप्त सोते नहीं है। वहीं, कुछ इस बात से परेशान रहते हैं कि उनके बच्चे ज्यादा सोते हैं। यह तो हम सभी जानते हैं कि हेल्दी रहने के लिए अच्छी नींद जरूरी है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चों के लिए पर्याप्त नींद क्या होती है। इसका जवाब आपकी सोच से परे है। आज इस आर्टिकल में हम इसी के बारे में जानेंगे कि किस उम्र के बच्चे को कितनी देर सोना जरूरी है। क्या आपका बच्चा पूरी नींद ले रहा है? नींद सिर्फ थकान मिटाने के लिए नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन (NSF) के अनुसार, बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से अलग-अलग घंटों की नींद चाहिए होती है। हालांकि, अमेरिका में हुए एक नए सर्व में यह पता चलता है कि लगभग 44% बच्चे (खासकर छोटे बच्चे) अपनी उम्र के हिसाब से पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं। नींद सिर्फ एक बच्चे की नहीं, पूरे परिवार की समस्या है बचपन की नींद यह तय करती है कि बड़े होने पर इंसान का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य कैसा रहेगा। जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी की डॉ. लौरा स्टर्नी भी यह मानती हैं कि अगर बच्चा ठीक से नहीं सोता, तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। सर्वे में शामिल 80% माता-पिता ने माना कि बच्चे की नींद खराब होने से उनकी खुद की नींद और रूटीन भी बिगड़ जाता है। वहीं, 86% का मानना है कि अच्छी नींद से बच्चे का मूड और व्यवहार दोनों बेहतर होते हैं। बच्चों में क्यों हो रही नींद की समस्या?     टेंशन ज्यादा, नींद कम: 74% माता-पिता रोजाना औसतन दो घंटे सिर्फ इस बात की चिंता में बिता देते हैं कि उनका बच्चा ठीक से सो रहा है या नहीं।     नींद का गलत अनुमान: अक्सर माता-पिता को लगता है कि उनके बच्चे को कम नींद की जरूरत है। खासकर 0 से 3 महीने के बच्चों के मामले में 78% माता-पिता यह गलती करते हैं और बच्चों को जरूरत से एक घंटा कम सुलाते हैं।     बातचीत की कमी: माता-पिता बच्चों की नींद को लेकर चिंतित तो हैं, लेकिन वे बच्चों से 'अच्छी नींद क्यों जरूरी है' इस बारे में कभी बात नहीं करते। बच्चों में अच्छी नींद की आदत कैसे डालें?     सिर्फ लाइट बंद करने का समय फिक्स न करें, बल्कि सोने से पहले का एक रूटीन बनाएं। जैसे- कमरे की रोशनी कम करना, पर्दे गिराना या कहानी सुनाना। इससे बच्चे के दिमाग को सिग्नल मिलता है कि अब सोने का समय हो गया है।     सोने से पहले टीवी, मोबाइल या वीडियो गेम्स पूरी तरह बंद कर दें। इसकी जगह शांत संगीत सुनें या किताबें पढ़ें।     सुबह उठते ही बच्चे को नेचुरल लाइट (धूप) दिखाएं। इससे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक (सर्कैडियन रिदम) सेट होती है।     बच्चों को दिन में अच्छी तरह खेलने-कूदने दें, लेकिन सोने से ठीक पहले हेवी एक्सरसाइज या उछल-कूद से बचाएं।  

बस्तर का युवा अब विश्व के पटल पर आगे बढ़ रहा है – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे से ग्राम गुदमा के युवा अंकित सकनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 816वीं रैंक प्राप्त कर पूरे बस्तर संभाग सहित प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने अंकित सकनी और उनके पिता  चंद्रैया सकनी से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।       इस दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने अंकित से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे दूरस्थ और आदिवासी अंचल के छोटे से गांव गुदमा से निकलकर यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना अत्यंत प्रेरणादायी उपलब्धि है। यह उपलब्धि न केवल अंकित के परिवार बल्कि पूरे बस्तर और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।         उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने अंकित से बातचीत के दौरान कहा कि आपने पूरे देश की उम्मीद को जगा दिया है, लोग मुझसे पुछते थे जब नक्सलवाद खत्म होगा तो क्या होगा?… आपकी सफलता इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि जब नक्सलवाद खत्म होगा तो   बस्तर में शांति और विकास का वातावरण बनेगा तो यहां के युवा अपनी प्रतिभा के बल पर देश ही नहीं बल्कि विश्व के पटल पर आगे बढ़कर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।   उन्होंने आगे कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अंकित जैसे युवा देश की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और समाज तथा राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे। अंकित की उपलब्धि बस्तर के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी दृढ़ संकल्प और मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।           इस अवसर पर अंकित के पिता  चंद्रैया सकनी के द्वारा बीजापुर में उनसे हुई आत्मीय भेंट की याद भी साझा की। उनके पिता ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि बेटे की इस सफलता से परिवार और गांव का नाम रोशन हुआ है। वहीं अंकित सकनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को देते हुए कहा कि उनका सपना देश की सेवा करना है। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने इसे बस्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताते हुए अंकित को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

CM भगवंत मान की अगुवाई में ऐतिहासिक निर्णय, आनंदपुर साहिब को मिलेगा विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय

चंडीगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने आज श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कॉलेजों में 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन की भर्ती को भी हरी झंडी दे दी गई। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार कैबिनेट ने विश्वविद्यालय की स्थापना और ‘श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय’ के लिए ड्राफ्ट बिल को भी मंजूरी दे दी है। साथ ही विश्वविद्यालय की स्थापना समय पर सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक फैसले लेने हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 को मंजूरी मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब उद्योग क्रांति’ के तहत औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति में सेक्टर आधारित नीतियां, विस्तृत योजनाएं और दिशानिर्देश शामिल हैं। इस नीति का उद्देश्य राज्य में वित्तीय रियायतें, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उभरते उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक और संरचित व्यवस्था स्थापित करना है। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और पंजाब को उच्च आर्थिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान खिलाड़ियों के लिए आरक्षण को अधिक व्यवस्थित बनाने वाली नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत खेल उपलब्धियों के प्रमाण पत्रों को अंक देने के लिए स्पष्ट और सरल मानदंड तय किए गए हैं। नई नीति के अनुसार 75 प्रतिशत महत्व खेल उपलब्धियों को और 25 प्रतिशत महत्व प्रवेश परीक्षा के प्रदर्शन को दिया जाएगा। पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी कैबिनेट ने ‘पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत फार्मासिस्ट पद के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी को अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता के रूप में शामिल किया गया है। इससे डिप्लोमा धारकों को फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार के लिए एक्स ग्रेशिया ग्रांट को मंजूरी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार, नंबर 25140/जी एस पी के परिवार को विशेष मामले के रूप में 1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेशिया सहायता देने को मंजूरी दी। उन्होंने हाल ही में गुरदासपुर में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई थी।देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए उनके महान योगदान को मान्यता देते हुए मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया। ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करने के लिए सहमति मंत्रिमंडल ने विधान सभा के वर्तमान सत्र में ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करने के लिए सहमति प्रदान कर दी है। इस कदम का उद्देश्य ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को अधिनियम में बदलना है। सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की 1,158 असामियों को भरने की सहमति एक अन्य बड़े निर्णय में मंत्रिमंडल ने पूरे राज्य के सरकारी कॉलेजों में 1,158 असामियों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है, जिसमें 1,091 सहायक प्रोफेसर और 67 लाइब्रेरियन शामिल हैं। यह भर्ती पंजाब लोक सेवा आयोग (पी.पी.एस.सी.) के माध्यम से यू.जी.सी. नियम-2018 के अनुसार सख्ती से की जाएगी। सरकार पी.पी.एस.सी. के पास लंबित सहायक प्रोफेसर की 612 असामियों की पूर्व मांग को वापस लेगी और सभी असामियों के लिए नई संयुक्त मांग जमा करवाएगी। सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करने के लिए, जिनमें वे उम्मीदवार भी शामिल हैं जिन्होंने 19 अक्टूबर, 2021 के विज्ञापन के तहत आवेदन दिया था, उन्हें ऊपरी आयु सीमा में एक बार की छूट दी जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को मौजूदा सरकारी नीति के अनुसार अतिरिक्त आयु छूट मिलेगी। एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्ट और बहु-उद्देशीय ढांचे को मंजूरी भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने विश्व स्तरीय एम.आई.सी.ई. (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज एंड एक्जीबिशन्स) प्रोजेक्ट और व्यावसायिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक तथा सरकारी आयोजनों के लिए बहु-उद्देशीय ढांचे को मंजूरी दे दी। राज्य में एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्टों के खर्चों में स्पष्टता की कमी के कारण निवेशकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसे हल करने के लिए, सरकार ने 4 जून, 2025 की अधिसूचना में संशोधन करके एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्टों को एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल किया है और व्यावसायिक खर्चों के 50 प्रतिशत पर लागू खर्च निर्धारित किए हैं। मेडिसिटी पॉलिसी-2014 में संशोधन को मंजूरी मंत्रिमंडल ने मेडिसिटी नीति-2014 में संशोधनों को मंजूरी दे दी है ताकि कुछ स्थानों को मौजूदा नीति के माध्यम से और अन्यों को ई-नीलामी के माध्यम से निपटाया जा सके। जिन स्थानों की ई-नीलामी होनी है, उसके लिए आवास एवं शहरी विकास मंत्री को अधिकृत किया गया है। ई-नीलामी स्थानों की कीमत ई-नीलामी प्लॉटों के लिए कीमत निर्धारण नीति के अनुसार निर्धारित की जाएगी, जबकि नीति के तहत आवंटित साइटें विज्ञापन के समय प्रचलित दरों पर पेश की जाएंगी। हालांकि ई-नीलामी में भागीदारी के लिए योग्यता शर्तों में ढील दी गई है, लेकिन भूमि का उपयोग अस्पताल के उद्देश्यों के लिए सीमित रहेगा। गमाडा द्वारा स्कूलों के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को मंजूरी मंत्रिमंडल ने गमाडा द्वारा के-12/सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की स्थापना के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को भी मंजूरी दे दी। यह नीति ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत साइटों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (इंडिया) की सिफारिशों पर तैयार की गई है। यह तकनीकी योग्यता मापदंड पेश करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल वास्तविक और सक्षम शैक्षिक संस्थान ही ग्रेटर मोहाली क्षेत्र में स्कूल विकास के लिए भूमि प्राप्त कर सकें, जिसमें एसएएस नगर (मोहाली), न्यू चंडीगढ़ और एरोसिटी शामिल हैं। ग्लाडा की संपत्तियों की कीमतों को तर्कसंगत बनाने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने स्वतंत्र मूल्यांककों द्वारा पेश की गई मूल्यांकन रिपोर्टों और … Read more

क्रिकेट फैंस के लिए दिल्ली से साबरमती तक रेलवे चलाएगा स्पेशल ट्रेन

चंडीगढ़. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को होने वाले हाई-वोल्टेज टी-20 फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में क्रिकेट का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। प्रशंसकों के इसी जबरदस्त उत्साह और अहमदाबाद जाने वाली उड़ानों के आसमान छूते किरायों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा राहतकारी फैसला लिया है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली और एनसीआर के प्रशंसकों के लिए 'साबरमती टी-20 स्पेशल' ट्रेन चलाने की घोषणा की है। महंगी फ्लाइट और वेटिंग टिकटों से मिलेगी निजात फाइनल मैच के कारण दिल्ली से अहमदाबाद जाने वाली नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और हवाई टिकटों की कीमतों में तीन से चार गुना बढ़ोतरी देखी जा रही थी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली से साबरमती के बीच विशेष ट्रेन (संख्या 04062) के संचालन का निर्णय लिया है। इस बड़े खेल आयोजन के मद्देनजर नियमित ट्रेनों और फ्लाइट्स पर भारी दबाव था। यह स्पेशल ट्रेन उन प्रशंसकों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित होगी जो स्टेडियम में बैठकर फाइनल का आनंद लेना चाहते हैं।- हिमांशु शेखर उपाध्याय, CPRO, उत्तर रेलवे ट्रेन का शेड्यूल और स्टॉपेज क्रिकेट प्रशंसकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि यात्री मैच शुरू होने से पहले आराम से साबरमती पहुंच सकें।  प्रस्थान (नई दिल्ली): शनिवार रात 11:45 बजे।  आगमन (साबरमती): रविवार दोपहर 2:30 बजे।  प्रमुख स्टॉपेज: दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी और जयपुर। 19 कोचों वाली 'क्रिकेट स्पेशल' की खासियत रेलवे ने इस विशेष ट्रेन में कुल 19 कोच लगाए हैं। यात्रियों की आरामदायक यात्रा के लिए इसमें सेकेंड एसी (2AC) और थर्ड एसी (3AC) श्रेणी के डिब्बे शामिल किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीटों की संख्या पर्याप्त रखी गई है ताकि अधिक से अधिक क्रिकेट प्रेमी इस सुविधा का लाभ उठाकर रविवार शाम को होने वाले महामुकाबले का गवाह बन सकें। यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से अपनी टिकट बुक करा लें। यह ट्रेन न केवल दिल्ली बल्कि गुरुग्राम और जयपुर के प्रशंसकों के लिए भी अहमदाबाद पहुंचने का सबसे सुलभ जरिया बनेगी। इस पहल से उन हजारों युवाओं और प्रशंसकों के चेहरे खिल गए हैं जो बजट के कारण अपनी यात्रा को लेकर असमंजस में थे। अब 'साबरमती स्पेशल' के जरिए दिल्ली का जोश सीधे अहमदाबाद के मैदान पर नजर आएगा।

लखनऊ की बायोटेक्नोलॉजिस्ट तुबा ने पर्यावरण के अनुकूल प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद तैयार कर पेश की मिसाल

लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में शुरू किया गया ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस योजना के तहत युवाओं को बिना बैंक गारंटी और ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा मिल रही है। इससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने वाले बन रहे हैं। लखनऊ की रहने वाली बायोटेक्नोलॉजिस्ट तूबा की सफलता की कहानी इसी पहल का उदाहरण है। उन्होंने ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ ब्रांड के माध्यम से न केवल पर्यावरण के अनुकूल प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद तैयार किए, बल्कि कई युवाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है। ‘मुख्यमंत्री युवा योजना’ के तहत मिला ऋण बना सहारा तूबा ने बताया कि उन्होंने प्राकृतिक पर्सनल केयर ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ ब्रांड की शुरुआत कर पर्यावरण के अनुकूल रोजमर्रा में उपयोग होने वाले उत्पाद बनाने का लक्ष्य बनाया। अपने उत्पादों में एक ऐसा ब्रांड बनाने की यात्रा शुरू की जो पर्यावरण के अनुकूल हो। शुरुआती दिनों में इनको कच्चा माल तैयार करने और मशीनरी इत्यादि खरीदने में समस्याओं का सामना करना पड़ा। इंटीग्रेटेड फाउंडेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा योजना की जानकारी मिली। योजना के लिए आवेदन किया और महज 15 दिनों के अंदर ही 05 लाख रुपए का ऋण मिला, जो बिना किसी बैंक गारंटी और पूर्ण रूप से ब्याजमुक्त है। अब वे रसायनमुक्त सौंदर्य प्रसाधन बनाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से हर्बल शैम्पू, कंडीशनर, हेयर सीरम, हर्बल हेयर ऑयल, बॉडीवाश, लोशन और हाथ से बने साबुन आदि प्रमुख हैं। इनकी बिक्री से उन्हें अच्छी आय हो रही है। कई युवाओं को रोजगार देकर पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल तूबा ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री युवा’ योजना के तहत मिले 05 लाख के ऋण से मैने मशीनरी और कच्चा माल खरीदा। आज हम बड़े-बड़े ऑर्डर लेकर काम कर रहे हैं। हमारे इस प्रयास से 04 महिलाओं समेत कुल 07 कर्मचारियों को रोजगार का अवसर मिला है। हमारे उत्पाद 50 से ज्यादा आउटलेट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से देशभर में उपलब्ध हैं। ‘मुख्यमंत्री युवा’ योजना का लाभ लेकर केवल तुबा ही नहीं बल्कि प्रदेश की अन्य युवा महिलाएं भी इसी प्रकार अपना व्यवसाय शुरू कर रहीं हैं। इस पहल ने युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं।    योगी सरकार का हर साल 01 लाख युवा उद्यमी बनाने का लक्ष्य   ‘मुख्यमंत्री युवा’ योजना के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष के युवाओं को ब्याजमुक्त और बिना किसी बैंक गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पहले चरण में सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के लिए ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण मिलता है। दूसरे चरण के लिए पहले चरण का ऋण समय पर चुकाने वाले उद्यमी ₹10 लाख तक की परियोजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक युवा उत्तर प्रदेश के आधिकारिक एमएसएमई (MSME) पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र (DIC) से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक CM-YUVA पोर्टल पर जा सकते हैं। योगी सरकार का लक्ष्य युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए हर साल 1 लाख युवाओं को उद्यमी बनाने के साथ कुल 10 लाख सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है।

मैच देखने जाना हुआ आसान! दिल्ली-साबरमती के बीच रेलवे चलाएगा स्पेशल ट्रेन

अहमदाबाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को होने वाले हाई-वोल्टेज टी-20 फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में क्रिकेट का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। प्रशंसकों के इसी जबरदस्त उत्साह और अहमदाबाद जाने वाली उड़ानों के आसमान छूते किरायों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा राहतकारी फैसला लिया है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली और एनसीआर के प्रशंसकों के लिए 'साबरमती टी-20 स्पेशल' ट्रेन चलाने की घोषणा की है। महंगी फ्लाइट और वेटिंग टिकटों से मिलेगी निजात फाइनल मैच के कारण दिल्ली से अहमदाबाद जाने वाली नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और हवाई टिकटों की कीमतों में तीन से चार गुना बढ़ोतरी देखी जा रही थी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली से साबरमती के बीच विशेष ट्रेन (संख्या 04062) के संचालन का निर्णय लिया है।      इस बड़े खेल आयोजन के मद्देनजर नियमित ट्रेनों और फ्लाइट्स पर भारी दबाव था। यह स्पेशल ट्रेन उन प्रशंसकों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित होगी जो स्टेडियम में बैठकर फाइनल का आनंद लेना चाहते हैं।- हिमांशु शेखर उपाध्याय, CPRO, उत्तर रेलवे ट्रेन का शेड्यूल और स्टॉपेज क्रिकेट प्रशंसकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि यात्री मैच शुरू होने से पहले आराम से साबरमती पहुंच सकें।     प्रस्थान (नई दिल्ली): शनिवार रात 11:45 बजे।     आगमन (साबरमती): रविवार दोपहर 2:30 बजे।     प्रमुख स्टॉपेज: दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी और जयपुर। 19 कोचों वाली 'क्रिकेट स्पेशल' की खासियत रेलवे ने इस विशेष ट्रेन में कुल 19 कोच लगाए हैं। यात्रियों की आरामदायक यात्रा के लिए इसमें सेकेंड एसी (2AC) और थर्ड एसी (3AC) श्रेणी के डिब्बे शामिल किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीटों की संख्या पर्याप्त रखी गई है ताकि अधिक से अधिक क्रिकेट प्रेमी इस सुविधा का लाभ उठाकर रविवार शाम को होने वाले महामुकाबले का गवाह बन सकें। यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से अपनी टिकट बुक करा लें। यह ट्रेन न केवल दिल्ली बल्कि गुरुग्राम और जयपुर के प्रशंसकों के लिए भी अहमदाबाद पहुंचने का सबसे सुलभ जरिया बनेगी। इस पहल से उन हजारों युवाओं और प्रशंसकों के चेहरे खिल गए हैं जो बजट के कारण अपनी यात्रा को लेकर असमंजस में थे। अब 'साबरमती स्पेशल' के जरिए दिल्ली का जोश सीधे अहमदाबाद के मैदान पर नजर आएगा।  

Indore Fraud: फ्री हॉलिडे पैकेज का झांसा देकर लाखों की ठगी, टूर एंड ट्रेवल्स गैंग गिरफ्तार

इंदौर अपराध शाखा ने टूर एंड ट्रेवल्स की आड़ में धोखाधड़ी करने वाला गुजरात का गिरोह पकड़ा है। आरोपित एक दंपती के साथ ठगी कर चुके थे। दोबारा ठगी के लिए होटल में कैंप लगाया था। पुलिस ने कंपनी के मालिक और मैनेजर को भी आरोपित बनाया है। एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक शीतल नगर (एमआर-10) निवासी राधा सोनी और आशीष सोनी द्वारा शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने जुनैद आलम निवासी उन पाटिया नवसारी रोड सूरत, आकाश सोमपुरा निवासी नोवा रेसीडेंसी जहांगीरपुरा सूरत, रिजवान अलाउद्दीन निवासी संग्रामपुरा तलावड़ी सूरत और शाहिद खान निवासी अंबावाड़ी कालीपुल सूरत को पकड़ा है। आरोपित भाविक जाबेरी (मैनेजर) और कपिल देव (मालिक) फरार हैं। फ्री हॉलिडे पैकेज के नाम पर बुना जाल पिछले साल 26 जुलाई को राधा के मोबाइल पर वाट्सएप पर मैसेज आया था। कंपनी की तरफ से होटल में डिनर के साथ आकर्षक और फ्री हाली-डे टूर पैकेज के संबंध में चर्चा का प्रस्ताव दिया गया था। राधा और आशीष होटल पहुंचे और एक लाख रुपये में पैकेज तय किया। आरोपितों ने कहा कि पांच साल में 35 दिन तक होटल, भोजन, कार, चालक की सुविधा रहेगी। सेवा पसंद न आने पर 45 दिनों के अंदर पैकेज निरस्त किया जा सकता है। धोखे से मोबाइल लेकर किया अवैध ट्रांजेक्शन आशीष सोनी से आधार कार्ड ले लिया और धोखे से मोबाइल फोन उठा कर आइसीआइसीआइ बैंक का एप लॉगइन कर क्रेडिट लिमिट बदल ली। आरोपितों ने पिन बदल कर 92 हजार 800 रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया। मैसेज देखकर राधा ने आपत्ति ली तो आरोपितों ने कहा 928 रुपये कट कर शेष राशि खाते में आ जाएगी। जबकि आरोपितों द्वारा राधा और आशीष की बगैर सहमति के 2300 रुपये की किस्तें बना दी।  

शोर पर लगाम: अब रात 10 बजे के बाद नहीं बजेगा DJ-धुमाल

रायपुर विवाह सीजन के दौरान डीजे और धुमाल को लेकर होने वाली शिकायतों और विवादों को देखते हुए प्रदेश में पहली बार पुलिस अधिकारियों और डीजे-धुमाल संचालकों की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डीजे और धुमाल संचालकों ने स्वयं पहल करते हुए पुलिस अधिकारियों से चर्चा की और नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया। बैठक में डीजे-धुमाल संचालकों ने स्पष्ट कहा कि वे प्रशासन द्वारा तय सभी नियमों का पालन करेंगे, ताकि विवाह और अन्य कार्यक्रमों के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या विवाद की स्थिति न बने। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रात 10 बजे के बाद किसी भी कार्यक्रम में डीजे या धुमाल नहीं बजाया जाएगा। संचालकों ने कहा कि वे समय सीमा और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करेंगे। अपने साथ जुड़े अन्य संचालकों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि विवाह सीजन में लोगों की सुविधा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। यदि कोई संचालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि कार्यक्रमों के दौरान पुलिस और डीजे संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाएगा, ताकि अनावश्यक विवाद और शिकायतों से बचा जा सके। इस पहल को विवाह सीजन में व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कोर्ट की सख्त गाइडलान का पालन करने के निर्देश होली पर्व समाप्त होने के बाद नवरात्रि, रामनवमी के बाद 27 मार्च से शादी सीजन शुरू हो जाएगा। शादी का सीजन शुरू होने के साथ ही रामनवमी में डीजे, धुमाल की डिमांड बढ़ जाती है। डीजे, धुमाल को लेकर हाईकोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट की सख्त गाइड लाइन है। ऐसी स्थिति में नियमों की अनदेखी करने पर डीजे, धुमाल वालों के साथ पुलिस कार्रवाई करती है। इस स्थिति से बचाव के लिए शुक्रवार को डीजे संचालकों का रायपुर में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। डीजे संचालकों की सम्मेलन में विशेष रूप से रायपुर सेंट्रल के एडीसीपी तारकेश्वर पटेल, एसीपी सेंट्रल रमाकांत साहू के साथ एसीपी ट्रैफिक सतीश ठाकुर उपस्थित रहे। पुलिस अफसरों ने नियम कानून की दी जानकारी डीजे संचालकों के सम्मेलन में पुलिस अफसरों ने रायपुर के साथ दूसरे जिलों से आए डीजे संचालकों को परेशानी से बचने नियमों का कैसे पालन करना है, इस संबंध में विस्तार से नियम कानूनों के बारे में जानकारी दी। डीजे संचालकों ने अपने सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि उन लोगों द्वारा आगामी वैवाहिक सीजन व अन्य समारोह में तय मानक के आधार पर निर्धारीत डेसिबल में डीजे, धुमाल बजाएंगे। रात 10 बजे के बाद डीजे, धुमाल बंद कर दिया जाएगा। रायपुर के डीजे संचालकों ने कहा कि जो डीजे संचालक नियमों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ वे स्वयं जुर्माने की कार्रवाई करेंगे।