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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, गुरदासपुर के कादियां को मिला सब-डिवीजन का दर्जा

गुरदासपुर. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि कादियां हल्के को सब-डिवीजन के रूप में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे लोगों की लंबे समय से लटकती मांग पूरी होगी और आधुनिक प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के माध्यम से सभी प्रमुख सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी कादियां में विशेष जनता कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अकाली नेतृत्व पर तीखे निशाने साधते हुए कहा कि उन्होंने वोट हासिल करने के लिए लोगों को डराया-धमकाया और वर्षों तक पंजाब को लूटा। पंजाबियों को "चोरों, लुटेरों और ठगों" के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से अपील की कि वे साल 2027 के चुनावों में 'झाड़ू' को इतने निर्णायक ढंग से चलाएं कि विपक्षी दल को सूबे को गंदला करने का फिर कोई मौका न मिले। मुख्यमंत्री ने किसानों को यह भरोसा भी दिया कि कीड़ी शुगर मिल के गन्ने के बकाए जल्द ही अदा कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की लोक-पक्षीय पहलकदमियों, जिनमें 90 फीसद घरों के लिए शून्य बिजली बिल और 47 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा शामिल है, का जिक्र करते हुए लोगों से 'रंगला पंजाब' बनाने में एकजुट होने की अपील की। इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'एक्स' पर लिखा: "माझे की बहादुर धरती और कादियां हल्के के लोगों के अपार प्यार और स्नेह के लिए तहे दिल से धन्यवाद। लोगों की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को पूरा करते हुए मैंने घोषणा की है कि कादियां को अब सब-डिवीजन बनाया जाएगा। एस.डी.एम., डी.एस.पी., और ए.डी.सी. के कार्यालय एक ही आधुनिक इमारत से काम करेंगे, जिससे लोगों को सरकारी सेवाएं लेने में होने वाली ख्वारी खत्म होगी। हल्के के विकास को और तेज करने के लिए गुरइकबाल सिंह माहल को हल्के का नया सेवादार नियुक्त किया गया है।" "पारंपरिक राजनीतिक नेताओं द्वारा शोषण का दौर अब खत्म हो गया है। आज पंजाब के 90 फीसद घरों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं, और 47 लाख परिवार पहले ही 10 लाख रुपये के कैशलेस स्वास्थ्य उपचार के कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। आओ, हम सब मिलकर खुशहाल पंजाब का निर्माण करें।" विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह बड़ी भीड़ दिखाती है कि कादियां के लोग बदलाव लाने और इस हल्के को उस परिवार से मुक्त करवाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जिसने दशकों तक यहां राज किया है। पिछली सरकारों ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया, पर हमारी सरकार ने इसकी तरक्की को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की है। सीमा पर रहने वाले लोग सच्चे देशभक्त हैं जो हमेशा देश के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं, और हमारी सरकार उनकी भलाई के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "इस विधानसभा हल्के की लंबे समय तक नुमाइंदगी करने वाले स्मगलरों ने पंजाब की पीढ़ियों को बरबाद कर दिया है। लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में उन्हें उचित सबक सिखाना चाहिए।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हम पड़ोस की बेकरियों में बने बिस्कुट खाकर बड़े हुए हैं, जबकि पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता अपने पिता-दादाओं द्वारा स्मगल किए गए सोने के बिस्कुट खाते रहे हैं। उनके पास न तो कोई विचारधारा है और न ही जनता की सेवा के लिए कोई वचनबद्धता। उनका एकमात्र उद्देश्य हमेशा सत्ता पर काबिज होना रहा है। अब समय आ गया है कि लोग बेकरी के बिस्कुटों और सोने के बिस्कुटों के बीच फर्क को समझें।" उन्होंने कहा, "इन शाही नेताओं का आम पंजाबियों से कोई लेना-देना नहीं है। इनकी गाड़ियां, कपड़े और जीवनशैली हमसे बिल्कुल अलग है। जिन्होंने विधानसभा, राज्यसभा और लोकसभा में इस क्षेत्र का नुमाइंदगी की, उन्होंने कभी इसके विकास के लिए काम नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने सड़कों पर टोल लगाए और लोगों पर बोझ डाला। यहां तक कि उनका अपना घर भी बंटा हुआ है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के झंडे लहरा रहे हैं।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मेरा नाम पारंपरिक पार्टियों के नेताओं के लिए डरावना सपना बन गया है क्योंकि मैंने उनके बुरे कामों को लोगों के सामने बेनकाब किया है। वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि एक आम आदमी का बेटा पंजाब को सफलतापूर्वक चला रहा है। लोगों ने इन नेताओं को पहले ही नकार दिया है क्योंकि हमेशा पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने परिवारों की परवाह की है।" कादियां को जल्द ही सब-डिवीजन बनाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी औपचारिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर ली जाएंगी ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल डूबता हुआ जहाज है और उसके समझदार नेता भी जनता के हित में पार्टी छोड़ रहे हैं। वर्षों तक लोगों ने अकालियों को इस सोच के साथ वोट दिए कि वे महान गुरुओं की पवित्र ‘तकड़ी’ का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उन्होंने जनता को लूटा और अवैध कारोबारों में हिस्सेदारी की।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए वे फर्जी वीडियो के माध्यम से धार्मिक मुद्दों पर मुझे बदनाम करने के लिए एकजुट हो गए हैं। अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम लोगों पर अनेकों अक्षम्य अत्याचार किए। उन्होंने राज्य को तबाह करने वाले माफिया को संरक्षण दिया और नशे के कारोबार को बढ़ावा दिया, जिसके कारण लंबे शासनकाल में पंजाब की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पूरे पंजाब में 43,000 किलोमीटर से अधिक लिंक सड़कों का नवीनीकरण कर रही है तथा ठेकेदारों को उनके रखरखाव के लिए जवाबदेह बनाया गया है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सरकारी खजाने का प्रत्येक पैसा जनता के कल्याण और पंजाब के सर्वांगीण विकास पर विवेकपूर्ण ढंग से खर्च हो।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। पहली बार किसानों को दिन के समय भी बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति मिल रही … Read more

वायरल वीडियो पर CM भगवंत मान का जवाब, बोले- ‘बचपन के कट का निशान नहीं, इसलिए वीडियो फेक’

चंडीगढ़. पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीरवार को दावा किया है कि सोशल मीडिया पर जो कथित वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें वे नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो बनाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो मीडिया को दिखाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी कद काठी से मिलते व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो शूट किए गए। मान ने कहा कि उनके गले के पास बचपन से ही कट का निशान है, लेकिन उनका फर्जी वीडियो बनाने वाले इस पर ध्यान देने से चूक गए। साजिश बेनकाब होगी। साजिश में जगमन समरा का है हाथ भगवंत मान ने एक और वीडियो दिखाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस साजिश में कनाडा में रहने वाले जगमन समरा का हाथ है, जिसने कार में मास्क की डिलीवरी ली और फिर हाथ में मास्क डालकर फेस ते फेस बोलता सुनाई दे रहा है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उन्हें धार्मिक तौर पर बदनाम करने की विपक्षी पार्टियों की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद मुझे नहीं लगता कि अब इस बारे में कोई सफाई देने की जरूरत है। अब नानक नाम लेवा संगत का जो भी फैसला होगा, वह उन्हें मंजूर होगा। मान 2016 के बाद नहीं गए कनाडा मोहाली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मान ने दावा किया कि 2016 के बाद वे कभी कनाडा नहीं गए। वीडियो में दिखाया गया कमरा कनाडा के एबाट्सफोर्ड स्थित एक होटल का है। कमरे का डिजाइन दर्शाता है कि वह वर्ष 2017-18 के बाद का है। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने कनाडा में एक होटल का कमरा बुक कर उनकी कद काठी से मेल खाते व्यक्ति को मेरे चेहरे का मास्क पहनाकर इस वीडियो को शूट किया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कई वीडियो उसी दिन यहां तैयार किए गए।

एंटी बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार अडिग: CM मान बोले- फैसला नहीं बदलेगा

चंडीगढ़. पंजाब सरकार द्वारा बेअदली के खिलाफ कानून लाया गया है। वहीं इस कानून के लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने 15 दिन अल्टीमेटम दिया था कि पंजाब सरकार इस कानून से उन प्रावधानों को हटाए जो गुरु ग्रंथ साहिब, खालसा पंथ और सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ है।   इसे लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर इस कानून को वापस नहीं लेगी और न ही इसमें कोई बदलाव किया जाएगा। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि पूरे पंथ को ये सख्त कानून मंजूर है पर सिर्फ एक खास परिवार को ये पसंद नहीं आया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लंबे समय से शरारती तत्व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं, लेकिन उचित और सख्त कानून नहीं होने के कारण वे बच निकलते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसा मजबूत कानून तैयार किया है जिसके तहत गुरु साहिब की बेअदबी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा। हाईकोर्ट में रद्द हुई याचिका संबोधन के दौरान सीएम ने एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत का भी जिक्र किया और बताया कि कांग्रेस और अकाली दल के बहकावे में आकर एक व्यक्ति ने इस सख्त कानून के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।हाईकोर्ट ने न केवल उस याचिका को रद्द किया, बल्कि याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को अब कोई भी चुनौती देकर रद्द नहीं करवा सकता, क्योंकि इसे सरकार द्वारा लागू करने के बाद राज्यपाल ने भी अपनी मंजूरी दे दी है।

पंजाब की राजनीति गरमाई: भगवंत मान बोले- ED के जरिए डराकर सत्ता हथियाना चाहती है बीजेपी

संगरूर. ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स, चुनाव आयोग को भाजपा द्वारा हथियारों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इन हथियारों को भाजपा राजनीति के लिए अन्य राज्यों के बाद अब पंजाब भाजपा के निशाने पर है। पूरे देश में भाजपा का काम करने का यही तरीका है, जिसका सामना अब पंजाब को करना पड़ रहा है। पहले अशोक मित्तल के कारोबार घरानों पर ईडी की रेड हुई थी, जिसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे व रेड खत्म हो गए। आज कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा पर यह तीसरी बार ईडी की रेड करवाई गई है, पहले भी दो बार रेड हुई कुछ नहीं निकला व अब तीसरा बार रेड हुई है। इससे साफ है कि भाजपा ईडी को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। सीएम ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी साधा निशाना मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए सीधे तौर पर भाजपा को सख्त चेतावनी देते कहा कि यह अन्य राज्यों में यह हथियार चला सकते हैं, लेकिन पंजाब में भाजपा अपने इन मसूबों में कामयाब नहीं होगी। चार दिन से वह शुक्राना यात्रा पर निकले हैं व इन चार दिनों में ही कभी धमाके व कभी ईडी की छापामारी करवाई जा रही है। शुक्राना यात्रा को असफल करने का प्रयास भी है। मान ने कहा कि पंजाब को निशाना बनाने में भाजपा कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही। पिछले दिनों में एक कारोबारी के ठिकाने पर ईडी की रेड हुई व इसे आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा के साथ जोड़ा जा रहा है। यह डराने का प्रयास है, लेकिन इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर टिप्पणी करते मान ने कहा कि क्या अब भाजपा उन्हें देशभक्ति से सर्टिफिकेट बांटेगी। भाजपा ने बंगाल, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उड़ीसा में अराजक्ता फैलाई व उसके बाद वहां वोट मांगी। यह पहले आग लगाते हैं व फिर वोट हासिल करके सरकार बनाते हैं। बंगाल में भाजपा ने नारा लगाया कि बंगाल में सरकार हमारी है व अब पंजाब में बारी है। इसी नारे तले अब भाजपा पंजाब में आग लगाने की कोशिश कर रही है। भाजपा (भारत जलाओ पार्टी) बन चुकी है। बेअदबी कानून पर क्या बोले सीएम? जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन कानून 2026 पर मान ने स्पष्ट किया कि कानून बन चुका है व किसी कीमत पर यह कानून वापस नहीं होगा। गवर्नर द्वारा हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। पूरी सिख संगत, दुनिया भर की सिख संगत को यह कानून पसंद आया है, लेकिन एक परिवार को यह कानून पसंद नहीं आ रहा है, क्योंकि वह बेअदबी करवाने वाला परिवार है, इसलिए यह परिवार इस कानून को वापस करवाने पर तुला है। यह पंथ हितैषी बनने का ढोग करते हैं, जबकि पंजाब की सड़कों पर शुक्राना करने के लिए निकली संगत कानून के हक में असल गवाही भरती है। गत दिवस श्री अकाल तख्त साहिब जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा दिए गए 15 दिन के नोटिस पर मान ने कहा कि वह कितनी मर्जी बैठकें कर लें, लेकिन कानून वापस नहीं होगा यह पत्थर की लकीर है।

दिल्ली में भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘पंजाब में ऑपरेशन लोटस नहीं’, द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात

चंडीगढ़.  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब कोई ट्रक नहीं है, जिसकी बारी आएगी और कोई भी आकर उसे चला लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसदों के पार्टी बदलने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसे “संविधान की हत्या” बताते हुए कहा कि अचानक कुछ सांसद इकट्ठे होकर खुद ही यह ऐलान कर देते हैं कि वे अब इस पार्टी में नहीं हैं और दूसरी पार्टी में मर्ज हो गए यह पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पार्टी विलय और दल-बदल के स्पष्ट नियम हैं, लेकिन यहां उन नियमों को दरकिनार कर राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे लगातार यह कह रहे हैं कि अब पंजाब का नंबर है। आखिर किस चीज का नंबर? पंजाब का कोई नंबर नहीं है। यह उनकी गलतफहमी और राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हर संकट में देश का साथ दिया है और आगे भी देता रहेगा, लेकिन राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार पर एजेंसियों और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास पंजाब में महज दो विधायक हैं, लेकिन राज्यसभा में संख्या बढ़ना जनादेश के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा पंजाब के अधिकारों में कथित दखल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कभी बीबीएमबी (बीबीएमबी) को लेकर विवाद खड़ा किया जाता है, कभी भाखड़ा डैम पर दावा किया जाता है। पानी के बंटवारे में भी पंजाब के हक को नजरअंदाज करने की कोशिश होती है।” इसके अलावा उन्होंने चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भी आपत्ति जताई। आर्थिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा आर्थिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएम एनएचएम) और आरडीएफ (आरडीएफ) जैसे महत्वपूर्ण फंड रोके जा रहे हैं, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि गणतंत्र दिवस की झांकी पर भी सवाल उठाना पंजाब की अनदेखी को दर्शाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और पंजाब सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए। द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद बोले राघव चड्ढा  वहीं, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने कहा कि आप अब डेंजरस गेम खेल रही है और इसका अंजाम खतरनाक होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी बदले की राजनीति कर रही है और विरोधियों को निशाना बना रही है। कुल मिलाकर, पंजाब की सियासत इस समय टकराव के चरम पर है। एक ओर मुख्यमंत्री मान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमे से लगातार पलटवार हो रहा है।

दिल्ली में अहम बैठक: राष्ट्रपति मुर्मु से मिलेंगे मान और चड्ढा, पंजाब के मुद्दे उठाएंगे

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों के साथ भाजपा में शामिल होने वाले राघव चड्ढा मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे। चड्ढा ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा था और राष्ट्रपति ने उन्हें मंगलवार को सुबह 10.40 बजे का समय दिया है। चड्ढा के साथ दो अन्य राज्यसभा सदस्य भी राष्ट्रपति से मिलेंगे। खास बात यह है कि इसी दिन दोपहर 12 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं। पता चला है कि राघव चड्ढा राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान उन्हें पंजाब सरकार की ओर से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों पर की जा रही कार्रवाई से अवगत करवाएंगे। उधर, मुख्यमंत्री भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात को भी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान एक मई को विधानसभा के बुलाए गए विशेष सत्र में पहले ही कह चुके हैं कि वे राष्ट्रपति से मिलकर दल बदल कानून में संशोधन की मांग करेंगे। इसके साथ ही वे विधानसभा में पास हुए विश्वास प्रस्ताव से भी उन्हें अवगत करवाएंगे। मान ने कहा था कि पंजाब देश का पहला राज्य बन जाएगा जो दल बदल कानून में बदलाव की मांग करेगा।

CM भगवंत मान की राष्ट्रपति से अहम बैठक तय, डिपोर्टेशन और दलबदल मुद्दे एजेंडे में

चंडीगढ़. पंजाब की सियासत में राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संवैधानिक स्तर पर उठाया जाएगा ताकि जनता के जनादेश का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। पत्रकारों के साथ बातचीत में मान ने कहा कि जिन सदस्यों को पार्टी और जनता के भरोसे उच्च सदन में भेजा गया, उनका दल बदलना गंभीर विषय है। सरकार इस पर सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस बीच मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जा रहे भारतीयों के मुद्दे पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज 15 लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें 11 पंजाब के हैं और एक महिला भी शामिल है। दिल्ली जाएंगे सीएम भगवंत मान अन्य में 2 तेलंगाना, 1 हरियाणा और 2 उत्तराखंड के रहने वाले हैं। मान ने कहा कि वह खुद दिल्ली जाकर इन लोगों को रिसीव करेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही ये पंजाब पहुंचेंगे, पूरे मामले की गहन पड़ताल की जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पटियाला में रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। अब तक कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ जारी है। मान ने बताया कि जांच में अमृतपाल सिंह से जुड़े कुछ नाम सामने आने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। कानून व्यवस्था पर भी दिया बयान उन्होंने दोहराया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे किसी का भी राजनीतिक या सामाजिक समर्थन हो, अगर जांच में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में राज्यसभा विवाद, सुरक्षा मामलों और डिपोर्टी जैसे मुद्दों पर सियासी हलचल और बढ़ने के संकेत हैं।

AAP सांसदों पर CM Bhagwant Mann का वार, बोले- ‘स्वाद बढ़ा सकते हैं, पर वजूद नहीं’

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक दिलचस्प और तंज भरा ट्वीट कर राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। उनका यह ट्वीट ठीक उस समय आया जब पार्टी को बड़ा झटका लगते हुए राघव चड्ढा समेत सात सांसद भाजपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री मान ने अपने पोस्ट में लिखा कि 'अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया – ये सात चीजें मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बना देती हैं, लेकिन इनकी अपनी कोई सब्जी नहीं बन सकती।' उनके इस बयान को सीधे तौर पर उन सात नेताओं से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मान का यह ट्वीट एक प्रतीकात्मक हमला है, जिसमें उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कुछ नेता मिलकर भले ही किसी व्यवस्था को मजबूत करें, लेकिन अकेले उनकी राजनीतिक पहचान टिकाऊ नहीं होती। गौरतलब है कि शुक्रवार को आप के सात राज्यसभा सदस्य- राघव चड्ढा, पद्मश्री राजिंदर गुप्ता, पद्मश्री विक्रमजीत सिंह साहनी, एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, संदीप पाठक और स्वाति मालिवाल भाजपा में शामिल हो गए। इनमें से अधिकांश सदस्य पंजाब से राज्यसभा पहुंचे थे। इस बड़े घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में आप की ताकत 10 से घटकर महज तीन रह गई है। अब सदन में पार्टी की ओर से संजय सिंह, एनडी गुप्ता और संत सीचेवाल ही सदस्य बचे हैं। वहीं पंजाब से केवल संत सीचेवाल ही एकमात्र आप सांसद रह गए हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने कहा कि सातों सदस्यों के हस्ताक्षर के साथ दो-तिहाई सदस्यों के विलय का नोटिस राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है। इस कदम के बाद भाजपा की राज्यसभा में संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जबकि राजग का आंकड़ा 146 तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विलय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत वैध माना जाएगा, इसलिए इन सांसदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भगवंत मान का ट्वीट अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। इसे आप की ओर से पहला बड़ा और प्रतीकात्मक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे शब्दों में नहीं बल्कि व्यंग्य के जरिए दिया गया है।

चुनावी माहौल में ED का एक्शन: 3 दिन में दो बड़े आप नेताओं के घर छापेमारी, सीएम मान ने बताया ‘चुनावी खेल’

चंडीगढ़ पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने महज तीन दिनों के भीतर आम आदमी पार्टी के दो प्रमुख नेताओं के आवासों पर छापेमारी की। इस अचानक हुई कार्रवाई से राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जहाँ एक तरफ एजेंसियां इसे अपनी नियमित जांच का हिस्सा बता रही हैं, वहीं सत्ताधारी दल इसे सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मान रहा है। मुख्यमंत्री मान का केंद्र पर तीखा हमला इन छापों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा अपनी हार के डर से केंद्रीय जांच एजेंसियों को आगे कर देती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि एक 'चुनावी खेल' है जिसका मकसद आम आदमी पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोकना और नेताओं के मनोबल को तोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी धमकियों से उनकी सरकार और पार्टी झुकने वाली नहीं है। लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने इस मुद्दे को लोकतंत्र की गरिमा से जोड़ते हुए कहा है कि विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का अनुचित प्रयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तीन दिनों के भीतर दो नेताओं को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि एजेंसियां किसके इशारे पर काम कर रही हैं। पार्टी का तर्क है कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। इस घटनाक्रम ने पंजाब में केंद्र और राज्य सरकार के बीच के तनाव को और गहरा कर दिया है। चुनावी समीकरणों पर छापों का असर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन छापों का असर आने वाले चुनावों के प्रचार और समीकरणों पर पड़ना तय है। जहाँ आम आदमी पार्टी इसे 'विक्टिम कार्ड' के रूप में पेश कर जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल भ्रष्टाचार के मुद्दों को हवा देंगे। फिलहाल, राज्य में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद पंजाब की सियासत को और अधिक गरमा सकता है।

Punjab Assembly में कड़ा कदम: भगवंत मान सरकार लाई सख्त बेअदबी कानून, उम्रकैद तक सजा संभव

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए अहम विधेयक सदन में पेश किया गया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह वॉक आउट न करे और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में भाग ले। बिल पेश होने के बाद सदन में इस पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार से मांग की कि पिछले वर्ष गठित सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पहले सदन में पेश की जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी को बने नौ महीने हो चुके हैं, इसलिए उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने सत्र की अवधि एक दिन बढ़ाने का सुझाव भी दिया। इस पर स्पीकर ने जवाब देते हुए कहा कि कमेटी अपना कार्य कर रही है और उचित समय पर रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी जाएगी। वहीं, मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह एक व्यापक और पवित्र कानून है, जिसमें बेअदबी के मामलों की जांच तय समय सीमा में पूरी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच किसी भी स्थिति में उच्च स्तर से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं होगा। कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूर किए जा चुके इस संशोधन विधेयक में ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम-2008’ को और मजबूत बनाने का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद जैसी कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। उद्देश्य: धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना इस सत्र में सबसे अहम मुद्दा रहा श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़ा प्रस्तावित नया कानून। कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूरी दिए गए इस विधेयक को अब विधानसभा में पेश किया गया है। इसका नाम ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026' रखा गया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना और बेअदबी जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना है। संशोधन समय की जरूरत  सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे समाज में गहरी नाराजगी और तनाव की स्थिति पैदा हुई है। इन घटनाओं ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित किया है। सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा कानूनों में ऐसे मामलों के लिए सज़ा पर्याप्त कठोर नहीं है, इसलिए सख्त संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई। कई कठोर दंडात्मक प्रावधान भी हैं शामिल प्रस्तावित संशोधन के तहत बेअदबी के मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य कठोर दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सरकार का दावा है कि यह कानून समाज में शांति, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को मजबूत करेगा। मंत्रिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी भी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि धार्मिक पवित्रता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विधेयक के अनुसार, जानबूझकर धार्मिक ग्रंथों की अवमानना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।