samacharsecretary.com

जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं हैः मुख्यमंत्री

आगरा/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज, सरकार व संस्थाएं एक साथ एक दिशा में सोचना शुरू करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास में बदलता है। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रयास करना होता है। यूपी आज विश्वास का प्रतीक बना है। मुख्यमंत्री शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का लोकार्पण करने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं। स्वास्थ्य सुविधा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए। सीएम ने आशा जताई कि यथार्थ ग्रुप अवश्य परिणाम देगा और लोगों को स्वस्थ जीवन देकर पुण्य अर्जित करेगा। सरकार भी इस क्षेत्र में हर सहयोग देने को तैयार है। हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को देना चाहिए अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा देनी चाहिए। 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया में नई पहचान मिली है। हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहां विरासत व विकास के अद्भुत समन्वय का स्वरूप है तो समग्र विकास की सभी अवधारणाओं को भी साकार रूप से उद्घाटित होते हुए देख रहे हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और टेक्नोलॉजी के साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत में यात्रा करने का आनंद प्राप्त हो रहा है। सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो कई गुना आता है परिणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिणाम कई गुना आता है। इस क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है कि सरकार भी प्रयास करे और निजी क्षेत्र भी आगे आए। निजी क्षेत्र की तरफ से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी कोई निवेश करता है तो सरकार सहयोग कर रही है। सीएम ने यथार्थ ग्रुप का आह्वान किया कि किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आगे आएं। सीएम ने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल किया है। यह सबसे अच्छा समय है, जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित करके नौजवानों के लिए यूपी को मेडिकल की उच्चतम शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। सरकार हर सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यथार्थ ग्रुप का आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा के अंदर हॉस्पिटल की स्थापना की है। अष्टसिद्धि होती है तो नवनिधि भी प्राप्त होती है, यह हॉस्पिटल उसका प्रतीक बनेगा।  पहले सरकारें ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पालती थीं, हम ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ देते हैं सीएम योगी ने कहा कि पहले देश में एक एम्स था, अटल जी ने इसकी संख्या छह और मोदी जी ने 23 तक पहुंचा दी। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी की लंबी श्रृंखला खड़ी हुई। जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 के पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ हावी थे। पहले सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी तो उन्होंने माफिया पैदा किए, जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज दिया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली व गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास व वेलफेयर स्कीम लागू की हैं। छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस व सीटी स्कैन सीएम ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कोई व्यक्ति बीमार होता था तो पूरे परिवार में कोहराम मच जाता था, सामान गिरवी रखने पर मजबूर हो जाता था। आज मोदी जी ने स्वास्थ्य बीमा के रूप में आयुष्मान भारत का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या बहुत जल्द 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर और रसोइयों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत अनेक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही दुनिया की नई तकनीकें लाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है।  सीएम ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों को भी गिनाया मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाएं बाहर से न आएं, बल्कि इनका प्रोडक्शन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित कर रहे हैं। मेडिकल उपकरणों की भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। प्रदेश में आज टेली मेडिसिन की व्यवस्था की गई है।  सामूहिक प्रयास के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश से इंसेफेलाइटिस समाप्त  सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नया करने का प्रयास हुआ है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास हुआ तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई। 40 वर्ष में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया गया।  इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, केंद्रीय मंत्री व आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड) के संयुक्त प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य व योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटेलाल वर्मा, बाबूलाल चौधरी, धर्मपाल … Read more

Rang Panchami 2026 Special: रंगों के इस पर्व पर करें ये 7 ज्योतिषीय उपाय, किस्मत देगी साथ और वैवाहिक रिश्ते होंगे मजबूत

नई दिल्ली होली की तरह भी रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व होली के पांच दिनों बाद मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस पर्व की शुरुआत द्वापर युग में हुई थी और तब से हर साल इसे चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी। ऐसे में इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा करनी चाहिए। उन्हें अबीर-गुलाल चढ़ाया चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा भी करनी चाहिए। एक मान्यता यह भी है कि रंग पंचमी के दिन सभी देवी-देवता पृथ्वी पर होली खेलने आते हैं। इसलिए इस दिन आसमान की तरफ रंग उड़ाया जाता है। इसलिए इस पर्व का खास महत्व है। रंग पंचमी 2026 पर करें ये 7 उपाय इस साल रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन कुछ खास उपाय करने से कई तरह के कष्ट मिट जाते हैं। विवाह से जुड़ी कोई समस्या हो, विवाह में देरी हो या फिर आर्थिक तंगी है, तो इसके लिए कुछ ज्योतिष उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से इन समस्याओं का अंत हो जाता है और जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है। चलिए ऐसे 7 प्रभावशाली उपाय के बारे में जानते हैं। आर्थिक तंगी दूर करने के उपाय – आर्थिक तंगी दूर करने के लिए आपको रंग पंचमी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूरे-विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए। साथ ही पूजा में उन्हें लाल रंग के गुलाल भी अर्पित करें। इसके बाद कनकधारा स्त्रोत का पाठ करें। मान्यता है कि इस उपाय से आर्थिक संकट खत्म होते हैं और धन की कमी नहीं रह जाती है। अन्य उपाय – धन की समस्या से निजात पाने के लिए रंग पंचमी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान एक पीले वस्त्र में एक सिक्का और हल्दी की एक गांठ डालकर उसे अच्छे से बांधकर उसे रख दें। जब पूज खत्म हो जाए, तो उस पोटली को उठाकर घर की तिजोरी में रख दें। इस उपाय से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है। – एक और उपाय यह कर सकते हैं कि रंग पंचमी के दिन सफेद रंग की मिठाई या खीर का भोग मां लक्ष्मी को लगाएं। इससे भी मां लक्ष्मी को प्रसन्न होती हैं और धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है। – इस दिन माता लक्ष्मी को रुई की दो बाती वाले घी का दीपक लगाएं और गुलाब की अगरबत्ती जलाएं। सफेद मिठाई और सेब चढ़ाएं। सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करें ये उपाय रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथस-साथ राधा रानी की पूजा अर्चना होती है। मान्यता है कि जिसपर राधा रानी की कृपा होती है, उसे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। अगर भी रंग पंचमी पर राधा रानी की कृपा चाहते हैं, तो उनकी पूजा में लाल रंग की चुनरी और लाल रंग का गुलाल अर्पित करें। साथ ही साथ राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र का विशेष रूप से पाठ करना चाहिए। रंग पंचमी पर पूजा के इस उपाय से राधा रानी शीघ्र ही सारे रोग-शोक को दूर करके सुख-सौभाग्य की व​र्षा करती हैं। सुखद वैवाहिक जीवन से जुड़े उपाय – अगर पति-पत्नी के रिश्ते में खटास आ गई है, तो रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को लाल रंग के वस्त्र पहनाएं और उनका विधि-विधान से पूजन करें। इन्हें गुलाबी रंग का गुलाल अर्पित करें और अपने वैवाहिक जीवन में मधुरता की कामना करें। – रंग पंचमी के दिन वट वृक्ष(बड़ का पेड़) की 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए। इसके साथ ही भगवान विष्णु के नाम का जाप करते हुए लाल रंग का धागा वटवृक्ष पर बांध देना चाहिए। इस उपाय को करने से विवाह संबंधित सभी दिक्कतें दूर होती हैं। पीले रंग का वस्त्र पहनें रंग पंचमी के दिन पीले रंग का वस्त्र पहनें, क्योकि पीला रंग भगवान विष्णु का प्रतीक है और इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। भगवान विष्णु की पूजा करें और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें। इससे जीवन में शुभता और धन-धान्य की वृद्धि होगी।

भूल भारी पड़ गई! पूजा सामग्री के साथ नहर में बह गए 2 लाख कैश, बाद में आया ध्यान

गुजरात  सूरत के पूना रोड इलाके के एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने पूजा के प्रसाद के साथ 2 लाख रुपए की रकम गलती से नहर में बहा दी। गामीमत रही कि जैसे ही घटना का पता चला तो तुरंत डुंभाल फायर स्टेशन को सूचित किया गया। फायर स्टेशन की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद नहर में गोता लगाकर 2 लाख रुपए की रकम को बरामद किया और परिवार को सुरक्षित वापस लौटा दिया। इस तलाशी अभियान के दौरान दो फायर ब्रिगेड कर्मी घायल हो गए। पूजा समग्री के साथ नहर में बहाए 2 लाख रुपए पूनागाम रोड पर निजानंद सोसाइटी में रहने वाले लिम्बा परिवार ने कुछ पहले अपने घर पर धार्मिक अनुष्ठान किया था। पूजा के बाद अनुष्ठान का सामान और फूल तिजोरी के पास एक अलमारी में रखे थे। परिवार के सदस्यों ने पूजा के बाद का सामान एक थैली में रखा और उसे पूना रोड पर नहर में विसर्जित कर दिया। घर पर तिजोरी की जांच करने पर पता चला यह पता चलने पर परिवार परेशान हो गया और तुरंत फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। अलर्ट मिलने के बाद डुंभाल फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के दो जवान हुए घायल फायर अधिकारी, सुनील चौधरी ने बताया कि फायर ब्रिगेड के मार्शलों ने नहर में पानी में उतरकर तलाशी शुरू कर दी थी। पानी के बहाव के बीच भी टीम ने धैर्य के साथ सर्च ऑपरेशन जारी रखा। थोड़ी कोशिश के बाद उन्हें 500 रुपये के नोटों के चार बंडल मिले, जिनकी कुल कीमत 2 लाख रुपये थी। फायर ब्रिगेड की टीम ने बरामद यह कैश लिम्बा परिवार को सुरक्षित लौटा दिया। हालांकि, इस तलाशी के दौरान कांच लगने से फायर ब्रिगेड के दो जवान घायल हो गए। परिवार के सदस्यों ने इस मुश्किल समय में मदद के लिए डुंभाल फायर ब्रिगेड स्टाफ का आभार जताया और उनके काम की तारीफ की।  

नेपाल में शांतिपूर्ण चुनाव पर Narendra Modi की बधाई, लोकतंत्र की सराहना

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल को सफलतापूर्वक चुनाव कराने के लिए बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत करीबी दोस्त और पड़ोसी नेपाल के साथ काम करने को तैयार है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने नेपाल की जनता और सरकार को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "मैं नेपाल के लोगों और सरकार को चुनावों के सफल और शांतिपूर्ण तरीके से होने पर दिल से बधाई देना चाहता हूं। अपने नेपाली भाइयों और बहनों को अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों का इतने जोश के साथ इस्तेमाल करते देखना बहुत अच्छा लग रहा है।” उन्होंने 'इस ऐतिहासिक कामयाबी को नेपाल की डेमोक्रेटिक यात्रा में गर्व का पल बताया।' पीएम मोदी ने आगे लिखा, "करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते, भारत नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर शांति, तरक्की और खुशहाली की नई ऊंचाइयों को हासिल करने लिए काम करने को तैयार है।" नेपाल में आम चुनाव की काउंटिंग जारी है। 165 सीटों पर रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आरएसपी ने शाम छह बजे तक 60 सीटें जीत ली हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जो सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी। देश के बड़े नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली झापा सीट पर 43 हजार मतों से पीछे चल रहे थे। उनका हारना और यहीं से बालेन शाह का जीतना लगभग तय माना जा रहा है। ओली ने झापा-5 सीट से दो बार विजय हासिल की है। एक 2017 में और दूसरी 2022 में बड़ी जीत हासिल की थी। नेपाल में बाकी 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर तय होती हैं। इसमें वोटर किसी प्रत्याशी को नहीं बल्कि पार्टी को वोट देते हैं। पूरे देश में दल को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीट मिलती है।

तेल सप्लाई बहाल: होर्मुज से पहली खेप निकली, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका टली

नई दिल्ली शनिवार को सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। सूत्रों ने बताया कि भारत की ऊर्जा भंडार स्थिति लगातार बेहतर हो रही है और हालात पहले की तुलना में ज्यादा स्थिर हो रहे हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा भंडार की स्थिति में सुधार होने से सरकार को ईंधन आपूर्ति को संभालने में ज्यादा भरोसा मिला है। उन्होंने बताया कि भारत ने कच्चे तेल के आयात को विविध बनाने के लिए कदम उठाए हैं ताकि संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम हो सके। सूत्रों ने कहा कि पहले भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के स्रोतों से आता था, लेकिन अब यह हिस्सा बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से पहली तेल खेप रवाना हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि तेल की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सरकार की यह सफाई उस समय आई जब विपक्षी राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया था कि ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह पूरी तरह बेबुनियाद आरोप हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले दिया गया आश्वासन सिर्फ पेट्रोल और डीजल की कीमतों से संबंधित था, यह एलपीजी के बारे में नहीं था। सूत्रों ने फिर से दोहराया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। उन्होंने कहा, "यह बात सिर्फ पेट्रोल और डीजल के लिए कही गई थी। इसका संबंध एलपीजी से नहीं था। आज हम फिर से भरोसा दिलाते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी।" रसोई गैस के मुद्दे पर सूत्रों ने कहा कि सरकार फिलहाल एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता देने की दिशा में काम कर रही है, ताकि इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 12 वर्षों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 110 रुपए बढ़ी है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर रख रही है और ईंधन की आपूर्ति और कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

इंडियन वेल्स में सिनर का जलवा: स्व्रचिना को मात देकर अगले राउंड में बनाई जगह

इंडियन वेल्स, (कैलिफोर्निया) इटली के स्कोर टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने इंडियन वेल्स ओपन में चेक गणराज्य के डालिबोर स्व्रचिना के खिलाफ शानदार जीत दर्ज करे हुए टूर्नामेंट के अगले दौर में जगह बना ली। जैनिक सिनर ने अपनी पहली इंडियन वेल्स ट्रॉफी की तलाश में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्सिना को 64 मिनट तक चले मुकाबले में 6-1, 6-1 से हराया। 24 साल के सिनर का अगला मुकाबला डेनिस शापोवालोव से होगा, जिन्हें उन्होंने पिछले साल के यूएस ओपन में चार सेट में हराया था। दोनों प्रोफेशनल मुकाबलों में 1-1 से बराबर हैं, जिसमें शापोवालोव ने 2021 में सिनर को पांच सेट के मुकाबले में हराया था। मैच के बाद सिनर ने कहा, “मुझे लगता है कि मैं मानिसक रूप अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं शांत हूं, मैं रिलैक्स हूं। लेकिन मैं मुकाबला करके भी बहुत खुश हूं। हमने बहुत मेहनत की। कोर्ट पर कई, कई घंटे। जिम में कई घंटे। मैं फिजिकली थोड़ा और मजबूत होने का प्रयास कर रहा हूं। हमने डबल सेशन किए, ज्यादा दिन की छुट्टी नहीं ली।”  

अयोध्या एक्सटेंशन में 10-लेन रोड पर मिलेंगे किफायती फ्लैट्स

भोपाल. अगर आप राजधानी भोपाल में अपने सपनों का घर तलाश रहे हैं, तो मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (MPHIDB) आपके लिए एक शानदार अवसर लेकर आया है। अयोध्या एक्सटेंशन की सबसे चर्चित लोकेशन पर मंडल ने 'सुरम्या परिसर, फेज-2' के तहत सर्वसुविधायुक्त फ्लैट्स की बुकिंग शुरू कर दी है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 है। भोपाल के अयोध्या एक्सटेंशन में प्रस्तावित 10-लेन रोड की प्राइम लोकेशन पर यह प्रोजेक्ट स्थित है। 'सुरम्या परिसर-2' को इस तरह डिजाइन किया गया है कि निवासियों को शहर की कनेक्टिविटी के साथ-साथ शांतिपूर्ण वातावरण भी मिले। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो काम और सुकून के बीच संतुलन चाहते हैं। फ्लैट्स की उपलब्धता और कीमत इस योजना के तहत कुल 142 फ्लैट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 2BHK फ्लैट्स: 119 यूनिट्स 3BHK फ्लैट्स: 23 यूनिट्स शुरुआती कीमत: मात्र 43.91 लाख रुपये। मिलेगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं MPHIDB ने इस प्रोजेक्ट में लग्जरी और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा है। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं: सुरक्षा: पूरे परिसर में CCTV सर्विलांस की सुविधा। पार्किंग: हर फ्लैट के लिए कवर्ड कार पार्किंग। लिफ्ट: प्रत्येक ब्लॉक में 2 लिफ्ट की व्यवस्था। पर्यावरण: रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP)। अन्य: रिसेप्शन/लॉबी, पीए सिस्टम, पोडियम लेवल पर इंटरेक्टिव स्पेस, और हर अपार्टमेंट में सुंदर बालकनी व टेरेस। पंजीयन और आवेदन प्रक्रिया इच्छुक खरीदार इन फ्लैट्स के लिए ऑनलाइन माध्यम से ई-पंजीयन कर सकते हैं। आवेदन www.mponline.gov.in या मंडल की आधिकारिक वेबसाइट www.mphousing.in पर उपलब्ध हैं। ध्यान रहे कि पंजीयन की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। बुकिंग से पहले बिंदुओं को ध्यान से पढ़ें: यदि आपके आवेदन को मंडल द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है और उसके बाद आप अपना पंजीयन निरस्त (Cancel) करवाते हैं, तो जमा की गई पूरी पंजीयन राशि नियमानुसार जब्त कर ली जाएगी। इसलिए आवेदन सोच-समझकर करें। फ्लैट की बेस कीमत के अलावा, राज्य शासन और मंडल के नियमों के अनुसार GST एवं अन्य सभी सरकारी टैक्स अलग से देने होंगे। शासन के नियमों के तहत लीजरेंट और कुल भवन मूल्य का 5% कार्पस फंड (Corpus Fund) अतिरिक्त रूप से देय होगा, जो भविष्य में भवन के रखरखाव के लिए उपयोग किया जाता है। आवास योजना से जुड़े अन्य सभी नियम और शर्तें मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (MPHIDB) के अधीन होंगी। (MP Housing Board New Scheme) संपर्क जानकारी: अधिक विवरण के लिए संपदा अधिकारी, संभाग-4, सैटेलाइट प्लाजा, अयोध्या नगर, भोपाल से संपर्क करें या दिए गए नंबरों (6260753127, 9301302433, 9406912076, 9826644908) पर कॉल करें।

क्या घर में रहकर भी लगानी चाहिए सनस्क्रीन? एक्सपर्ट्स बताते हैं क्यों है ये जरूरी

सूरज की यूवी किरणों से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है। इसलिए  ज्यादातर लोग मानते हैं कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल केवल तभी करना चाहिए जब हम तेज धूप में बाहर जा रहे हों, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। क्या आपने कभी सोचा है कि घर की चारदीवारी में रहते हुए भी आपकी स्किन पर टैनिंग, हाइपरपिग्मेंटेशन या फाइन लाइन्स क्यों नजर आने लगते हैं? इसका जवाब हो सकता है घर के अंदर सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना। आइए समझते हैं क्यों घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। खिड़कियों से आने वाली यूवी किरणें सूरज की किरणें मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं- यूवीए और यूवीबी     यूवीबी किरणें स्किन बर्न का कारण बनती हैं, लेकिन ये कांच को पार नहीं कर पातीं। इसलिए घर के अंदर आपको सनबर्न नहीं होता।     यूवीए किरणें ज्यादा खतरनाक होती हैं, क्योंकि ये बादलों और खिड़की के कांच को आसानी से पार कर सकती हैं। ये किरणें त्वचा की गहराई तक जाती हैं और कोलेजन को डैमेज कर देती हैं। इसलिए अगर आप घर में ऐसी जगह बैठते हैं, जहां खिड़की से रोशनी आती है, तो आपकी त्वचा लगातार यूवीए किरणों के संपर्क में रहती है। इससे चेहरे पर काले धब्बे और झुर्रियां पड़ने का खतरा बना रहता है। डिजिटल स्क्रीन और ब्लू लाइट आज के दौर में हम अपना ज्यादातर समय स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन के सामने बिताते हैं। इन डिजिटल उपकरणों से हाई एनर्जी विजिबल लाइट निकलती है, जिसे हम ब्लू लाइट कहते हैं। लंबे समय तक ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से त्वचा में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। यह स्ट्रेस त्वचा की रंगत को असमान बना सकता है और पिगमेंटेशन की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए भी घर के अंदर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है।   सही सनस्क्रीन कैसे चुनें? घर के अंदर आपको बहुत भारी या चिपचिपी सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं है। आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं-     SPF 30- घर के अंदर के लिए भी कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल करें।     ब्रॉड स्पेक्ट्रम- चेक करें कि आपकी सनस्क्रीन UVA और UVB दोनों से सुरक्षा दे।     लाइटवेट फॉर्मूला- जेल या लोशन बेस्ड सनस्क्रीन घर में लगाने के लिए बेहतर हैं, क्योंकि ये लाइट वेट होते हैं।  

बाल नहीं बढ़ रहे? दही के इन 5 हेयर मास्क से पाएँ तेजी से लंबी और घनी हेयर ग्रोथ

बालों की खूबसूरती और मजबूती के लिए हम अक्सर महंगे प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन असली खजाना हमारी रसोई में ही छिपा है। दही न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि यह बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड, प्रोटीन और विटामिन बालों की जड़ों को पोषण देते हैं। साथ ही, यह स्कैल्प को एक्सफोलिएट करके डेड सेल्स और गंदगी साफ करता है। इसलिए अगर आप गिरते बालों या रुकी हुई हेयर ग्रोथ से परेशान हैं, तो दही से बने ये 5 हेयर मास्क आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। दही और करी पत्ता मास्क करी पत्ता बीटा-कैरोटीन और प्रोटीन से भरपूर होता है, जो बालों को झड़ने से रोकता है। इस हेयर मास्क को बनाने के लिए आधा कप दही में एक मुट्ठी करी पत्तों का पेस्ट मिलाएं। इसे स्कैल्प पर लगाकर 30 मिनट छोड़ दें और फिर माइल्ड शैम्पू से धो लें। दही, शहद और नींबू अगर डैंड्रफ की वजह से आपके बाल नहीं बढ़ रहे हैं, तो यह मास्क सबसे बेस्ट है। नींबू के एंटी-बैक्टीरियल गुण और शहद की नमी बालों को रेशमी बनाती है। इसके लिए एक कटोरी दही में एक चम्मच शहद और आधा नींबू का रस मिलाएं। इसे बालों की जड़ों में लगाएं और 20 मिनट बाद धो लें। यह स्कैल्प के pH लेवल को बैलेंस करता है। दही और अंडा मास्क बाल मुख्य रूप से केराटिन से बने होते हैं। अंडा और दही मिलकर बालों को जबरदस्त प्रोटीन डोज देते हैं। इसे बनाने के लिए एक अंडा फेंटें और उसमें 2-3 चम्मच दही मिलाएं। इसे पूरे बालों में लगाएं। 30 मिनट बाद ठंडे पानी से धोएं। गर्म पानी का इस्तेमाल न करें, वरना अंडा बालों में चिपक सकता है। यह मास्क बालों को घना बनाता है। दही और मेथी दाना मेथी में निकोटिनिक एसिड होता है जो बालों की री-ग्रोथ में मदद करता है। इसे बनाने के लिए रात भर भीगी हुई मेथी को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे दही में मिलाएं। इसे स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें और 45 मिनट बाद धो लें। यह बालों को जड़ों से मजबूती देता है। दही और एलोवेरा रूखे और बेजान बालों की ग्रोथ अक्सर रुक जाती है। एलोवेरा दही के साथ मिलकर स्कैल्प को हाइड्रेट करता है। इसे बनाने के लिए ताजे एलोवेरा जेल को दही के साथ बराबर मात्रा में मिलाएं। इसे बालों की लंबाई और जड़ों पर लगाएं। 1 घंटे बाद धो लें। इससे बाल उलझना कम होंगे और टूटना बंद हो जाएंगे। इन बातों का रखें ध्यान     ताजा दही- हमेशा ताजे और सादे दही का ही इस्तेमाल करें।     नियमितता- अच्छे परिणाम के लिए इनमें से कोई भी मास्क हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर लगाएं।     पैच टेस्ट- अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो इस्तेमाल से पहले एक छोटा पैच टेस्ट जरूर कर लें।  

नगरी क्षेत्र की जलवायु बनी उपयुक्त, मखाना उत्पादन से बढ़ेगी किसानों की आय

रायपुर वनांचल क्षेत्र में आय के नए स्रोत- मखाना खेती से सशक्त होंगे महिला समूह  मखाना एक ऐसा पौधा है जो तालाबों, दलदलों और आर्द्रभूमि जैसे स्थिर जल निकायों में उगाया जाता है। इसका प्रसार बीजों द्वारा होता है और अंकुरण के लिए पूर्णतः परिपक्व बीजों की आवश्यकता होती है। मखाना की खेती में न्यूनतम खर्च आता है क्योंकि पिछले फसल से बचे हुए बीजों से नए पौधे आसानी से अंकुरित हो जाते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर होने और नकदी फसल के रूप में किसानों की आय को दोगुना करने की अपार क्षमता को देखते मिलता है। मखाना खेती से धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी ।  छोटी छोटी डबरी से समृद्धि तक धमतरी की महिलाओं को मखाना खेती में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह दिखायी दे रही है । शासकीय प्रयासों का प्रतिफल है कि मखाना खेती से धमतरी में आर्थिक सशक्तिकरण होगा ।                   उल्लेखनीय है कि केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने धमतरी प्रवास के दौरान जिले को मखाना बोर्ड में शामिल करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद जिला प्रशासन द्वारा मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है।                   धमतरी जिले के नगरी वनांचल क्षेत्र में आजीविका संवर्धन की दिशा में एक नई पहल के तहत मखाना खेती की तैयारी स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रारंभ की गई है। जिले में कुल 100 एकड़ भूमि मखाना उत्पादन के लिए चिन्हांकित की गई है। प्रारंभिक चरण में संकरा क्षेत्र में 25 एकड़ रकबे में मखाना की खेती की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।                   विशेषज्ञों के अनुसार नगरी क्षेत्र की जलवायु, पर्याप्त जल उपलब्धता एवं प्राकृतिक वातावरण मखाना उत्पादन के लिए अनुकूल है। इससे स्थानीय किसानों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। इस पहल से वनांचल क्षेत्र में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।                  कलेक्टर धमतरी बीते दिनों संकरा पहुंचकर मखाना खेती की तैयारियों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “मखाना खेती नगरी वनांचल क्षेत्र के लिए आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन सकती है। स्व-सहायता समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं विपणन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। हमारा प्रयास है कि धमतरी जिला प्रदेश में मखाना उत्पादन का मॉडल विकसित करे।”                   कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि कृषि एवं उद्यानिकी विभाग समन्वय बनाकर किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करें तथा जल प्रबंधन एवं फसल संरक्षण पर विशेष ध्यान दें। आने वाले समय में चरणबद्ध रूप से रकबे का विस्तार कर अधिक से अधिक समूहों को इस पहल से जोड़ा जाएगा। जिला प्रशासन की इस पहल से नगरी वनांचल क्षेत्र में आर्थिक सशक्तिकरण की नई संभावनाएं साकार होती दिखाई दे रही हैं।