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यूपीटीईटी-2026 के लिए व्यापक तैयारियां, 60 जनपदों के 955 परीक्षा केन्द्रों पर लगभग 20 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 प्रदेश के लाखों युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा है। इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। परीक्षा का संचालन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही का विषय है। प्रत्येक अभ्यर्थी को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा में शामिल होने वाले किसी भी अभ्यर्थी को आवागमन, प्रवास, सुरक्षा अथवा अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री मंगलवार को आगामी 02, 03 एवं 04 जुलाई, 2026 को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे।  इस दौरान, मुख्यमंत्री ने सेवारत शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को देखते हुए कार्यरत शिक्षकों को अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को सेवारत शिक्षकों के लिए पृथक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें अधिक अवसर मिल सकें और केवल अवसर के अभाव में किसी शिक्षक को कठिनाई का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ अन्य राज्यों से भी आएंगे। ऐसे में रेलवे स्टेशन, बस अड्डों तथा प्रमुख यातायात केन्द्रों पर पर्याप्त सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। परिवहन निगम, रेलवे तथा आवश्यकतानुसार निजी स्थानीय परिवहन संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। परीक्षा के पूर्व एवं पश्चात संभावित भीड़ को देखते हुए प्रभावी यातायात प्रबंधन किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेष व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बड़ी संख्या में युवाओं के आवागमन के दौरान खाद्य एवं पेय पदार्थों के मूल्य अनावश्यक रूप से न बढ़ाए जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केन्द्रों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, छायादार प्रतीक्षास्थल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था तथा आकस्मिक चिकित्सा सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। वर्तमान मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। प्रत्येक जनपद में स्थापित कंट्रोल रूम प्रभावी ढंग से कार्य करें तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परीक्षा के सफल एवं त्रुटिरहित संचालन के लिए एक दिन पूर्व सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि है। परीक्षा ड्यूटी में केवल स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ही तैनाती की जाए। गोपनीय परीक्षा सामग्री के भंडारण, परिवहन तथा परीक्षा उपरांत आयोग तक उसके सुरक्षित प्रेषण की पूरी प्रक्रिया उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों पर अफवाह, भ्रामक अथवा गलत सूचनाएं प्रसारित करने के प्रयासों पर कड़ी निगरानी रखने और ऐसे मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 का आयोजन प्रदेश के 60 जनपदों में स्थापित 955 परीक्षा केन्द्रों पर किया जाएगा। परीक्षा 02 से 04 जुलाई तक कुल पांच पालियों में आयोजित होगी। 02 जुलाई को दोनों पालियों में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी। 03 जुलाई को प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक तथा द्वितीय पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 04 जुलाई को प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा संपन्न होगी। बैठक में बताया गया कि परीक्षा में कुल 19,94,661 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। इनमें 17,67,180 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि 2,27,481 अभ्यर्थी अन्य राज्यों से परीक्षा देने आएंगे। परीक्षा में 1,85,791 सेवारत शिक्षक तथा 18,08,870 नए अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। प्राथमिक स्तर के लिए 3,88,179, उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 8,16,436 तथा दोनों स्तरों के लिए 3,95,023 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। बैठक में यह भी बताया गया कि सर्वाधिक परीक्षा केन्द्र एवं अभ्यर्थियों वाले जनपदों में वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, मऊ, मुरादाबाद, आगरा तथा जौनपुर प्रमुख हैं। वाराणसी में 68 परीक्षा केन्द्रों पर 1,27,239 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रयागराज में 53 परीक्षा केन्द्रों पर 76,634 तथा लखनऊ में 43 परीक्षा केन्द्रों पर 76,720 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इन जनपदों में बाहरी जिलों एवं अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आगमन को देखते हुए यातायात, सुरक्षा, चिकित्सीय सहायता तथा प्रवास संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सपा अध्यक्ष सच में धार्मिक हैं तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलें: सीएम योगी

हाथरस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करने वालों को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। जिस समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई और कांवड़ यात्रा तक प्रतिबंधित कर दी, वह आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस, सिकंदराराऊ व सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में 548 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। वहीं लाभार्थियों को आवास की चाभी, स्मार्ट फोन, युवा उद्यमी योजना के तहत चेक वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉल के पास एक नन्ही बच्ची को चम्मच से दूध पिलाया, गोद में लेकर दुलार किया।    सीएम योगी ने कहा अखिलेश यादव का बयान पढ़कर आश्चर्य हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे। पहले अपना इतिहास देखिए। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को साकार करती दिखाई दे रही है। रामभक्तों के परिश्रम और पुरुषार्थ से अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है। ऐसे में अब समाजवादी पार्टी को भी अयोध्या की याद आने लगी है। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने थानों और जेलों में होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम तक बंद करा दिए थे। कांवड़ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है, लेकिन यह कार्य समाजवादी सरकार में कभी संभव नहीं था। तब यही पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में खर्च होता था। हमने वही पैसा मंदिरों की ओर डायवर्ट किया है। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है क्योंकि मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं। रामलला के दर्शन कर लो, शायद सद्बुद्धि आ जाए मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे अयोध्या की चिंता छोड़ दें क्योंकि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी की मोहताज नहीं है। अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने सजाया और संवारा है। आप उसकी चिंता मत करिए। पश्चाताप कर एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, शायद सद्बुद्धि आ जाए। सपा वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहती है तो उसे खुलकर मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला था, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलाने की बात समाजवादी पार्टी को खुलकर करनी चाहिए। खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे योगी ने कहा कि उनकी सरकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। लेकिन समाजवादी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि उसका पूरा एजेंडा केवल तुष्टिकरण की राजनीति तक सीमित है। अखिलेश जी, आपमें हिम्मत नहीं है। आप तो मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई ऐसा एजेंडा नहीं रखते जो प्रदेश के विकास, अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को मजबूत करने का हो। जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करिए। 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' वाली कहावत को चरितार्थ मत करिए। अयोध्या की पहचान पूरी दुनिया में है और उसे किसी राजनीतिक दल के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस ने संविधान का गला घोंटा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दल संविधान बचाने की बात कर रहे थे, जबकि देश में संविधान की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर की थी। कांग्रेस ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का गला घोंटा था। उस समय लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। जयप्रकाश नारायण, राज नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और कल्याण सिंह जैसे तमाम नेताओं को कांग्रेस सरकार ने जेल में बंद कर दिया था ताकि वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस का विरोध न कर सकें। एक लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। मुलायम सिंह यादव का भी कांग्रेस ने अपमान किया था और उन्हें जेल भेजा था। कांग्रेस व सपा ने वही काम किए जो समाज और राष्ट्रहित के प्रतिकूल रहे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज वही समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर मुलायम सिंह यादव की विरासत का भी अपमान कर रही है। कांग्रेस ने बाबा साहब आंबेडकर के सपनों को तोड़ने का काम किया और समाजवादी पार्टी उसी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर उसके पापों में भागीदार बन रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा वही काम किए जो समाज और राष्ट्रहित के प्रतिकूल रहे। उन्होंने जनता से ऐसे दलों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश का विकास, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और आस्था के केंद्रों का सम्मान केवल डबल इंजन सरकार में ही संभव हुआ है। 2017 से पहले दंगे, कर्फ्यू और माफिया थे पहचान, आज यूपी विकास और सुरक्षा का मॉडल बना : सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास केवल वहीं संभव है, जहां सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मजबूत वातावरण हो। तीनों विधानसभा क्षेत्रों को लगभग 548 करोड़ रुपये की परियोजनाएं उपहार स्वरूप मिली हैं, जिसके लिए सभी क्षेत्रवासियों को बधाई देता हूं। सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास की आशा और आकांक्षाएं पूरी होती हैं। जहां दंगे, उपद्रव और बार-बार कर्फ्यू लगता हो, वहां विकास और उज्ज्वल भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की यही स्थिति थी। कौन-सा ऐसा जिला था, जहां दंगे नहीं हुए। मथुरा के जवाहरबाग की घटना, कोसीकलां के दंगे, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के दंगे प्रदेश की पहचान बन गए थे। … Read more

मुख्यमंत्री बोले – लंबित राजस्व वादों में देरी पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राजस्व मामलों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवाद आमजन के जीवन, किसान हितों और सामाजिक सौहार्द से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इन मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित रहने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शनिवार को राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली के माध्यम से राजस्व न्यायालयों की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि आम नागरिक को शीघ्र न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा से अधिक अवधि से लंबित वादों का अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसील और जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा हो तथा कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों की जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।  बैठक में बताया गया कि आरसीसीएमएस पोर्टल के माध्यम से धारा-80 के अंतर्गत लंबित वादों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। 1 जनवरी 2026 को कुल 85,158 वाद लंबित थे, जिनमें से 77,578 का निस्तारण किया गया था। वहीं 22 मई 2026 तक कुल लंबित वादों की संख्या घटकर 38,166 रह गई, जिनमें 29,543 वादों का निस्तारण किया गया। तीन माह से अधिक समय से लंबित मामलों की संख्या में भी लगातार कमी आई है। धारा-80 के मामलों में बस्ती, चित्रकूट, अयोध्या, बागपत और कन्नौज ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि मेरठ, वाराणसी, अमेठी, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि धारा-34 के अंतर्गत लंबित वादों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 1 जनवरी 2026 को कुल 22,44,466 वाद लंबित थे, जो 22 मई 2026 तक घटकर 10,59,139 रह गए। इस अवधि में 5,40,945 वादों का निस्तारण किया गया। समीक्षा में बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बदायूं का प्रदर्शन बेहतर पाया गया, जबकि गोरखपुर, संतकबीरनगर, प्रतापगढ़, बलिया और देवरिया अपेक्षित प्रगति नहीं कर सके। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। धारा-33 के अंतर्गत निर्विवादित वरासत मामलों की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2025 में कुल 16,89,732 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 16,43,104 का निस्तारण किया गया। वहीं 22 मई 2026 तक प्राप्त 7,15,872 आवेदनों में से 6,52,512 का निस्तारण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वरासत से जुड़े मामलों में नागरिकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में धारा-24 के मामलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 जनवरी 2026 को 1,82,710 वाद लंबित थे, जो 22 मई 2026 तक घटकर 92,915 रह गए। समीक्षा में वाराणसी, कुशीनगर, मैनपुरी, बलरामपुर और हमीरपुर का प्रदर्शन बेहतर पाया गया, जबकि गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, प्रतापगढ़, अमेठी और मुजफ्फरनगर अपेक्षित प्रगति नहीं कर सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। धारा-116 के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा में बताया गया कि जनवरी 2026 में 1,69,693 वाद लंबित थे, जो 22 मई 2026 तक घटकर 1,14,479 रह गए। इस श्रेणी में वाराणसी, एटा, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी और महाराजगंज का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, कानपुर नगर, गोंडा और बलिया का प्रदर्शन कमजोर पाया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित पुराने मामलों की अलग सूची तैयार कर उनके निस्तारण के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लंबित वादों का एक समय सीमा तय करके निस्तारण कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए, जिससे जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो तथा लोगों को न्याय के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।  

करने की इच्छाशक्ति हो तो लाया जा सकता है व्यापक परिवर्तन : मुख्यमंत्री

लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क और नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क जनता को समर्पित किया सीएम ने गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो नियति बदलने में देर नहीं लगती है। करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो और नीयत भी उसी के अनुरूप हो तो परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं। गोरखपुर में नौ वर्षों के अंदर आया विकासपरक परिवर्तन इसका प्रमाण है। सीएम योगी गुरुवार पूर्वाह्न राप्ती नदी के एकला बंधा पर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क, नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क सहित विकास की 1055 करोड़ रुपये की लागत वाली 497 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता टूलकिट और कैलेंडर का अनावरण कर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया। एकला बंधे पर आयोजित लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अच्छा करने की इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने एकला बंधा पर ईको पार्क के रूप में हुए नए कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी या लखनऊ की तरफ से गोरखपुर प्रवेश करते ही सबसे पहला मुकाबला कचरे से होता था। बहुत भद्दा और बहुत बुरा लगता था। पर, करने की इच्छाशक्ति से धीरे-धीरे परिवर्तन होता गया। उन्होंने कहा कि आज से 30-35 वर्ष पहले, आज जहां ट्रांसपोर्टनगर बना है, पहले गोरखपुर का सारा कचरा वही डंप होता था। नगर निगम ने उसका समाधान किया तो आज वहां ट्रांसपोर्टनगर है, बेहतरीन मार्केट और गोरखपुर की मंडी है। ट्रांसपोर्टनगर बन जाने के बाद कचरा एकला बंधा पर गिराया जाने लगा। इसका परिणाम हुआ, वायु प्रदूषण, जमीन में जहर, नदी प्रदूषण और भूजल स्तर पर भी प्रभाव। इसके चलते एनजीटी भी जुर्माना लगाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत से नियति को बदला गया और बेहतरीन ईको पार्क तैयार हो गया। गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदल दिया नगर निगम ने ईको पार्क के विकास के लिए नगर निगम की पूरी टीम की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम किया है। 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर बनाया गया ईको पार्क पूरे परिवार के लिए पिकनिक स्पॉट और बेहतरीन पर्यटन स्थल बन गया है। यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। योग और ध्यान की क्रिया के लिए व्यक्ति यहां आराम से बैठ सकता है। उन्होंने कहा कि यह जो परिवर्तन आया है, वह गोरखपुर के विकास का मजबूत विश्वास और यहां की टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। गोरखपुर में हुआ हर क्षेत्र में बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इच्छा शक्ति और साफ नीयत के कारण बीते नौ वर्षों में गोरखपुर में हर क्षेत्र में बदलाव हुआ है। गोरखपुर ने रोड कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, उद्योग, रोजगार सहित हरेक क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। पहले जहां खेलने की सुविधा नहीं थी, आज गोरखपुर में कई मिनी स्टेडियम बने हैं। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एक इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र बने हैं। यहां चार विश्वविद्यालय है। गोरखपुर में खाद कारखाना भी चल गया है और पिपराइच में चीनी में मिल भी लग गई है। इतना ही नहीं, दक्षिणांचल सहित जिले में बाढ़ की समस्या का भी तेजी से समाधान हो रहा है। नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क से और सुगम होगा आवागमन सीएम योगी ने ईको पार्क के सामने से नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क को नौसढ़ की जाम की समस्या का समाधान करने का माध्यम बताते हुए कहा कि करीब तीन किमी लंबे इस फोरलेन से लखनऊ और वाराणसी मार्ग पर आने जाने के लिए आवागमन और भी सुगम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर नगर में जहां पहले पानी भरता था, आज वहां बेहतर नालियां है। जहां पहले अंधेरा था, आज वहां एलइडी स्ट्रीट लाइट की रोशनी है। जहां लोगों के सामने पेयजल की समस्या थी, वहां आज शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हुई है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बिजली नहीं मिलती थी। अब इस एकला तटबंध पर जो भी बिजली जलेगी, वह सोलर एनर्जी होगी। इसके लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। यह भी नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किया गया एक बेहतरीन प्रयास है। यहां पर जो सिटी फॉरेस्ट लगाया गया है, यह अपने आप में पूरे क्षेत्र को अत्यंत हरियाली से युक्त करके प्रदूषण से मुक्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। जहां पहले समस्या थी, आज वहां पर गोरखपुर महानगर ने समाधान दिया है। सेफ और स्मार्ट सिटी को लेकर सभी नगर निगमों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सीएम योगी ने कहा कि आज जो भी यूपी में आता है, उसको प्रदेश के अंदर कुछ बदलाव देखने को मिलता है। सेफ और स्मार्ट सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है और इसी के अनुरूप प्रदेश के सभी नगर निगम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश में सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट सड़कें बन रही हैं। सभी वार्डों में ग्रीन बेल्ट एंड मिनी फॉरेस्टेशन के कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है। मलिन बस्तियों का विकास किया जा रहा है। खुली नालियों को बेहतरीन तरीके से ढकने का काम किया जा रहा है। समुचित जल निकासी के प्रबंध किए जा रहे हैं। स्कूली बच्चों के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के मंच से स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर को 7 स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने और स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप 3 में लाने के लिए स्कूली बच्चों के विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसमें शामिल एक लाख से अधिक बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचेगा। बच्चों को आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) के बारे में बताया जाएगा। वेस्ट टू आर्ट, निबंध और रील्स प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्वच्छता के संदेश का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से 2000 से अधिक शिक्षकों और 1000 से ज्यादा अनुभवी अभिभावकों को … Read more

ब्रह्मलीन श्री महंत पीर गणेश नाथ जी का आठमान भंडारा, देशमेल व शंखाढाल कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

कैथल/लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता जिन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है, जिन्होंने जनता का विश्वास खो दिया, वे मुकाबला नहीं कर पाने की स्थिति में अफवाह-अराजकता के जरिए अव्यवस्था फैला रहे हैं। ऐसे में हमें मिलकर कार्य करना है और अव्यवस्था व अराजकता को नहीं फैलने देना है। हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में मजबूती से कार्य करना है, क्योंकि देश सुरक्षित तो सनातन सुरक्षित और सुनातन सुरक्षित तो देश सुरक्षित होगा। दोनों को अलग करके नहीं रखा जा सकता। मुख्यमंत्री ने दुनिया के वर्तमान हालात का जिक्र करते हुए कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। इससे दुनिया में आर्थिक अराजकता होगी, लेकिन भारत किसानों के पुरुषार्थ और देश के यशस्वी नेतृत्व के मार्गदर्शन में सीना तानकर विकास की यात्रा को बढ़ा रहा है। 145 करोड़ देशवासी एकजुट होकर नेतृत्व पर विश्वास जता रहे हैं और कह रहे हैं कि देश के नेतृत्व का जो भी आदेश होगा, हम सब उसका पालन करेंगे। दुनिया जब अराजकता-अव्यवस्था से त्रस्त है, तब भारत मजबूती के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को बाबा मुकुट नाथ मठ, सौंगल गांव में ब्रह्मलीन श्री महंत पीर गणेश नाथ जी का आठमान भंडारा, देशमेल व शंखाढाल कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पूजन-अर्चन किया और ब्रह्मलीन संतों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने सफल आयोजन के लिए सौंगल के पीर शेरनाथ जी महाराज को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में शेरनाथ जी को पीर की पदवी दी गई।  पहले की सरकारों को वोटबैंक व तुष्टिकरण से नहीं थी फुर्सत सीएम योगी ने कहा कि हमारा दायित्व है कि जो लोग देशहित में कार्य कर रहे हैं, उन्हें समर्थन-सहयोग करें और जो लोग देशविरोधी-धर्मविरोधी आचरण कर रहे हैं, उन्हें नकारना, दुत्कारना और बाहर का रास्ता दिखाना है। भारत का हर सनातन धर्मावलंबी चाहता था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, क्योंकि राम सनातन के प्रतीक और भारत के आधार स्तंभ हैं। 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांता ने रामजन्मभूमि पर मंदिर को अपवित्र करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया था। दिन-वर्ष बीतते गए, हिंदू संघर्ष करता गया, लेकिन कोई बात सुनने वाला नहीं था। जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने तब अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनाने की पहल को नई ऊंचाइयां प्राप्त हुई। आज अयोध्या में दुनिया का सबसे भव्यतम मंदिर बनकर तैयार हो गया। आजादी के बाद अनेक सरकारें बनीं, लेकिन किसी ने आस्था के बारे में नहीं सोचा, क्योंकि उन्हें वोटबैंक और तुष्टिकरण से फुर्सत नहीं थीं। केंद्र व प्रदेश में एक जैसी सरकार बनी तो राम मंदिर का निर्माण हो गया। यूपी और देशवासियों को सुरक्षा की गारंटी मिली।  सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी सीएम ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकाल में महालोक, उत्तराखंड में केदारपुरी और बद्रीनाथ पुरी में भव्य धाम का निर्माण, यह तब हुआ जब उसके बारे में सोचने वाली सरकारें हैं। सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी। आजादी के बाद कश्मीर व नक्सलवाद की समस्या उन्हीं लोगों ने दी, जिन्होंने तुष्टिकरण के नाम पर देश को बांटा। जब देश में जनचेतना जागरूक हुई तो जिन लोगों ने सनातन व देश के प्रति अन्याय किया था, देशवासियों ने उन्हें अविश्वास का प्रतीक बना दिया और भारतीय जनता पार्टी व मोदी जी के नेतृत्व में विश्वास जताया। जनता जिस रूप में देश को लेकर चलना चाहती थी, मोदी जी के नेतृत्व में वैसा ही काम हो रहा है।  जिन लोगों ने विश्वास खो दिया, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे  विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने विश्वास खो दिया है, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे हैं। कभी लोकसभा स्पीकर तो कभी न्यायपालिका या भारत निर्वाचन आयोग पर अविश्वास जताते हैं। वे जीतते हैं तो उनकी उपलब्धि और हार गए तो संवैधानिक संस्थाओं पर अंगुली उठाते हैं। कड़वा-कड़वा थू और मीठा-मीठा गप नहीं चलेगा। जो लोग सनातन विरोधी आचरण करते हुए भारत को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं, जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। भारत की आन, बान, शान से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं मिलेगी। भारत में नशे को बढ़ाने की साजिश कर रहा पाकिस्तान  सीएम ने कहा कि हमें अपनी कमियों पर भी ध्यान देना चाहिए। दुश्मन हमेशा हमारी कमजोरी देखने की फिराक में रहता है। पाकिस्तान भारत में शरारत के तहत नशे को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। सीएम ने धर्मसभा में आह्वान किया कि युवा पीढ़ी और समाज को जागरूक करें, नशे के खिलाफ अभियान चलाएं, नशा नाश का कारण है, इसलिए नशे के खिलाफ किया गया कार्य देश की सेवा है। नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं, वे देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं, इन्हें पनपने नहीं देना चाहिए। भारत की युवा पीढ़ी ऊर्जा से परिपूर्ण है। जब भी उसे अवसर मिला, उसने देश-दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नशे के सौदागरों को युवा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। धर्मसभाओं के माध्यम से आमजन को जागरूक करना चाहिए।  संतों के सानिध्य में हमेशा ऊंची रहेगी सनातन की ध्वज पताका सीएम योगी ने कहा कि शेरनाथ जी महाराज ने सभी के सहयोग से गुरु महंत गणेश नाथ जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इस आयोजन का साहसिक निर्णय लिया। कई दशकों के बाद सौंगल में संतों-योगेश्वरों व भक्तों का इतना बड़ा जमावड़ा हुआ। इस भूमि ने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है। यहां की उपस्थिति बताती है कि सनातन की ध्वज पताका संतों के सानिध्य में हमेशा ऊंची रहेगी, उसे कोई ताकत झुका नहीं सकती। सनातनी जीते जी सम्मान देते हैं और जो भौतिक रूप से नहीं हैं तो भी उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए ऐसे आयोजन करते हैं। उनकी अच्छाइयों से प्रेरणा प्राप्त करते हैं। सीएम योगी ने सिकंदर के अहंकार के पतन और सिद्ध योगी के व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सिद्ध संतों व संन्यासियों की परंपरा ने सदैव सदाचार, कर्तव्य व राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को सर्वोच्च मान्यता दी। समाज व राष्ट्र … Read more

राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति, रायबरेली के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम योगी से की शिष्टाचार भेंट

रायबरेली राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति,  रायबरेली के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को उनकी जापान एवं सिंगापुर की सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। समिति की वार्षिक पत्रिका “अवध केसरी” के दसवें अंक का भी मुख्यमंत्री योगी ने विधिवत विमोचन किया। भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जनपद रायबरेली के विकास से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और महत्वपूर्ण प्रस्तावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसमें जनपद में भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण तथा हैदरगढ़ स्थित शुगर मिल के बंद होने से किसानों को हो रही गन्ना उठान की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में जनपद रायबरेली के विकास एवं जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होगी। मुख्यमंत्री ने जनहित में और भी बेहतर कार्य के लिए समिति के सदस्यों को प्रेरित किया।  राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति द्वारा प्रकाशित वार्षिक पत्रिका “अवध केसरी” के दसवें अंक के प्रकाशन की सीएम योगी ने शुभकामनाएं दीं और प्रसन्नता जताई कि समिति बेहतर ढंग से कार्य कर रही है। इस अंक में अमर सेनानी राना बेनी माधव बख्श सिंह के अंग्रेजों के खिलाफ किए गए संघर्ष के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। 1857 में साहित्यकारों ने भी देश की आजादी में अपनी कलम के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसका भी विवरण इस अंक में विस्तार से दिया गया है। समिति का उद्देश्य है कि अवध केसरी पत्रिका के माध्यम से जन-जन तक 1857 क्रांति में शहीद हुए योद्धाओं के बारे में जानकारी पहुंचाना, उस समय किन परिस्थितियों में देश की रक्षा के लिए संघर्ष किया गया था, उसके बारे में लोगों को बताना और युवाओं को राष्ट्रहित के लिए प्रेरित करना है। समिति का प्रयास अमर शहीदों के परिजनों का सहयोग करना और उनके द्वारा किए गए कार्यों से हर किसी को अवगत कराना है।  मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों को जनहित में और भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर समिति के संरक्षक इंद्रेश विक्रम सिंह, कौशलेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष राकेश भदौरिया, रविन्द्र सिंह, अभिषेक विक्रम सिंह, जितेंद्र सिंह, एसपी सिंह, आरबी सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, कालाबाजारी व जमाखोरी पर तत्काल एफआईआर के निर्देश

तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक, रसोई गैस आपूर्ति-वितरण की समीक्षा की घबराहट न फैलने दें और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों तथा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करें: मुख्यमंत्री प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित,  विकल्प के रूप में जरूरत पर होगा वितरण एलपीजी वितरक सेंटरों पर होगी पुलिसकर्मियों की तैनाती, व्यवस्था बनाये रखने में करेंगे सहयोग लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट की स्थिति न बनने दी जाए तथा आमजन को समय-समय पर सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की वर्तमान मांग और आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी उत्पन्न न होने पाए तथा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध ढंग से सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि के संबंध में भी समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना कि अफवाहों के माध्यम से प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है। तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एलपीजी की आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आमजन को नियमित रूप से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई वितरक एजेंसी अथवा निजी व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर एलपीजी वितरक केंद्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति न बने और वितरण कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विकल्प के रूप में प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसे विकल्प के रूप में रखा जाए और आवश्यकता के अनुसार इसका यथोचित वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, होटलों तथा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले की स्थिति की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधि आपसी समन्वय से एलपीजी की समुचित आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करायें।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक संपन्न, ₹300 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति

मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किमी फोरलेन मार्ग विकसित करने, पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता के अध्ययन और 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास को लेकर निर्देश मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं का पीपीपी मॉडल पर होगा विकास यमुना रिवर फ्रंट के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना पर सहमति ब्रज के 36 वनों के इको रेस्टोरेशन, वन महोत्सव में व्यापक वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश   वृंदावन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रज क्षेत्र भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की परम्परा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों के संरक्षण के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आधारभूत ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ब्रज क्षेत्र की पहचान और अधिक सुदृढ़ हो तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपये के कार्यों को अनुमोदित किया गया। बैठक में ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, तीर्थ स्थलों के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वृंदावन में गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में इस मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन मार्ग में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, ब्रज तीर्थ विकास परिषद तथा जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर भूमि अथवा भूमि मूल्य से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में गोवर्धन, मथुरा और वृंदावन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं को विकसित करने के लिए चिन्हित भूमि पर पीपीपी मॉडल के तहत कार्य कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र में 36 वनों के इको रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान में जल संरक्षण, खारे पानी के उपचार तथा जनसहभागिता को भी शामिल करने पर बल दिया। बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत विकसित होने वाली हेरिटेज सिटी पर भी चर्चा हुई। बैठक में यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की योजना पर भी सहमति बनी। साथ ही गोवर्धन स्थित पारसौली में सूरदास ब्रज अकादमी के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परिषद की वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिषद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के बजट में किसी प्रकार की कटौती न की जाए और उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। नगर निकायों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जल निगम और नगर निगम द्वारा एसटीपी, एसपीएस तथा पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से विभिन्न विभागों को निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए तथा मथुरा, वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का शुभारंभ किया। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों के अनुसार मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। ब्रज की 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग और धर्मार्थ कार्य विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग तथा अन्य जनसुविधाओं का विकास पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। यमुना नदी में मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए 36 वनों के इको रेस्टोरेशन और व्यापक वृक्षारोपण अभियान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाएगी। इस अवसर पर विधायक ओम प्रकाश सिंह, योगेश नौहवार, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोली, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, विधि सलाहकार राजेश सिंह, निदेशक आवास बंधु एवं सचिव आवास शहरी नियोजन डॉ. बलकार सिंह, आयुक्त परिवहन किंजल सिंह, सचिव नगर विकास अनुज झा, सचिव वित्त भवानी सिंह खगरौत, सीईओ यीडा राकेश कुमार सिंह, डीआईजी आगरा शैलेश पाण्डेय, जिलाधिकारी सी.पी. सिंह तथा एसएसपी श्लोक कुमार उपस्थित रहे।

जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं हैः मुख्यमंत्री

आगरा/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज, सरकार व संस्थाएं एक साथ एक दिशा में सोचना शुरू करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास में बदलता है। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रयास करना होता है। यूपी आज विश्वास का प्रतीक बना है। मुख्यमंत्री शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का लोकार्पण करने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं। स्वास्थ्य सुविधा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए। सीएम ने आशा जताई कि यथार्थ ग्रुप अवश्य परिणाम देगा और लोगों को स्वस्थ जीवन देकर पुण्य अर्जित करेगा। सरकार भी इस क्षेत्र में हर सहयोग देने को तैयार है। हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को देना चाहिए अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा देनी चाहिए। 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया में नई पहचान मिली है। हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहां विरासत व विकास के अद्भुत समन्वय का स्वरूप है तो समग्र विकास की सभी अवधारणाओं को भी साकार रूप से उद्घाटित होते हुए देख रहे हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और टेक्नोलॉजी के साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत में यात्रा करने का आनंद प्राप्त हो रहा है। सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो कई गुना आता है परिणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिणाम कई गुना आता है। इस क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है कि सरकार भी प्रयास करे और निजी क्षेत्र भी आगे आए। निजी क्षेत्र की तरफ से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी कोई निवेश करता है तो सरकार सहयोग कर रही है। सीएम ने यथार्थ ग्रुप का आह्वान किया कि किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आगे आएं। सीएम ने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल किया है। यह सबसे अच्छा समय है, जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित करके नौजवानों के लिए यूपी को मेडिकल की उच्चतम शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। सरकार हर सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यथार्थ ग्रुप का आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा के अंदर हॉस्पिटल की स्थापना की है। अष्टसिद्धि होती है तो नवनिधि भी प्राप्त होती है, यह हॉस्पिटल उसका प्रतीक बनेगा।  पहले सरकारें ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पालती थीं, हम ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ देते हैं सीएम योगी ने कहा कि पहले देश में एक एम्स था, अटल जी ने इसकी संख्या छह और मोदी जी ने 23 तक पहुंचा दी। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी की लंबी श्रृंखला खड़ी हुई। जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 के पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ हावी थे। पहले सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी तो उन्होंने माफिया पैदा किए, जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज दिया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली व गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास व वेलफेयर स्कीम लागू की हैं। छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस व सीटी स्कैन सीएम ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कोई व्यक्ति बीमार होता था तो पूरे परिवार में कोहराम मच जाता था, सामान गिरवी रखने पर मजबूर हो जाता था। आज मोदी जी ने स्वास्थ्य बीमा के रूप में आयुष्मान भारत का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या बहुत जल्द 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर और रसोइयों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत अनेक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही दुनिया की नई तकनीकें लाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है।  सीएम ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों को भी गिनाया मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाएं बाहर से न आएं, बल्कि इनका प्रोडक्शन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित कर रहे हैं। मेडिकल उपकरणों की भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। प्रदेश में आज टेली मेडिसिन की व्यवस्था की गई है।  सामूहिक प्रयास के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश से इंसेफेलाइटिस समाप्त  सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नया करने का प्रयास हुआ है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास हुआ तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई। 40 वर्ष में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया गया।  इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, केंद्रीय मंत्री व आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड) के संयुक्त प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य व योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटेलाल वर्मा, बाबूलाल चौधरी, धर्मपाल … Read more

सीएम योगी ने पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पं. गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

  पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य प्रेरणास्रोत, आज भी कर रहे हमारा मार्गदर्शनः मुख्यमंत्री लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भारत मां का महान सपूत, प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कुशल अधिवक्ता व सुयोग्य प्रशासक बताया। सीएम ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए। राष्ट्रपिता के आह्वान पर वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे पं. पंत मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, उस समय उत्तराखंड संयुक्त प्रांत का हिस्सा था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर वह वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे। जब देश गुलाम था, तब 1937 में उत्तर प्रदेश के प्रीमियर के रूप में उनका चयन हुआ था। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पं. गोविंद बल्लभ पंत जी का स्मरण सभी करते हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने रखी थी विकास की आधारशिला सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पंत जी ने विकास की जो आधारशिला रखी और जो विजन प्रस्तुत किया, उसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बना हुआ है। यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोच है। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए। उन्होंने गृह मंत्री के रूप में देश को अमूल्य सेवाएं दीं। राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन, प्रचार-प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। देश की स्वाधीनता में अमूल्य योगदान तथा उत्तर प्रदेश व देश की बहुमूल्य सेवा के लिए 1957 में उन्हें ‘भारत रत्न’ प्रदान किया गया। पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।