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मुख्यमंत्री बोले – लंबित राजस्व वादों में देरी पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राजस्व मामलों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवाद आमजन के जीवन, किसान हितों और सामाजिक सौहार्द से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इन मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित रहने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शनिवार को राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली के माध्यम से राजस्व न्यायालयों की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि आम नागरिक को शीघ्र न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा से अधिक अवधि से लंबित वादों का अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसील और जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा हो तथा कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों की जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।  बैठक में बताया गया कि आरसीसीएमएस पोर्टल के माध्यम से धारा-80 के अंतर्गत लंबित वादों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। 1 जनवरी 2026 को कुल 85,158 वाद लंबित थे, जिनमें से 77,578 का निस्तारण किया गया था। वहीं 22 मई 2026 तक कुल लंबित वादों की संख्या घटकर 38,166 रह गई, जिनमें 29,543 वादों का निस्तारण किया गया। तीन माह से अधिक समय से लंबित मामलों की संख्या में भी लगातार कमी आई है। धारा-80 के मामलों में बस्ती, चित्रकूट, अयोध्या, बागपत और कन्नौज ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि मेरठ, वाराणसी, अमेठी, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि धारा-34 के अंतर्गत लंबित वादों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 1 जनवरी 2026 को कुल 22,44,466 वाद लंबित थे, जो 22 मई 2026 तक घटकर 10,59,139 रह गए। इस अवधि में 5,40,945 वादों का निस्तारण किया गया। समीक्षा में बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बदायूं का प्रदर्शन बेहतर पाया गया, जबकि गोरखपुर, संतकबीरनगर, प्रतापगढ़, बलिया और देवरिया अपेक्षित प्रगति नहीं कर सके। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। धारा-33 के अंतर्गत निर्विवादित वरासत मामलों की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2025 में कुल 16,89,732 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 16,43,104 का निस्तारण किया गया। वहीं 22 मई 2026 तक प्राप्त 7,15,872 आवेदनों में से 6,52,512 का निस्तारण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वरासत से जुड़े मामलों में नागरिकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में धारा-24 के मामलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 जनवरी 2026 को 1,82,710 वाद लंबित थे, जो 22 मई 2026 तक घटकर 92,915 रह गए। समीक्षा में वाराणसी, कुशीनगर, मैनपुरी, बलरामपुर और हमीरपुर का प्रदर्शन बेहतर पाया गया, जबकि गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, प्रतापगढ़, अमेठी और मुजफ्फरनगर अपेक्षित प्रगति नहीं कर सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। धारा-116 के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा में बताया गया कि जनवरी 2026 में 1,69,693 वाद लंबित थे, जो 22 मई 2026 तक घटकर 1,14,479 रह गए। इस श्रेणी में वाराणसी, एटा, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी और महाराजगंज का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, कानपुर नगर, गोंडा और बलिया का प्रदर्शन कमजोर पाया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित पुराने मामलों की अलग सूची तैयार कर उनके निस्तारण के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लंबित वादों का एक समय सीमा तय करके निस्तारण कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए, जिससे जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो तथा लोगों को न्याय के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।  

करने की इच्छाशक्ति हो तो लाया जा सकता है व्यापक परिवर्तन : मुख्यमंत्री

लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क और नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क जनता को समर्पित किया सीएम ने गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो नियति बदलने में देर नहीं लगती है। करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो और नीयत भी उसी के अनुरूप हो तो परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं। गोरखपुर में नौ वर्षों के अंदर आया विकासपरक परिवर्तन इसका प्रमाण है। सीएम योगी गुरुवार पूर्वाह्न राप्ती नदी के एकला बंधा पर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क, नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क सहित विकास की 1055 करोड़ रुपये की लागत वाली 497 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता टूलकिट और कैलेंडर का अनावरण कर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया। एकला बंधे पर आयोजित लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अच्छा करने की इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने एकला बंधा पर ईको पार्क के रूप में हुए नए कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी या लखनऊ की तरफ से गोरखपुर प्रवेश करते ही सबसे पहला मुकाबला कचरे से होता था। बहुत भद्दा और बहुत बुरा लगता था। पर, करने की इच्छाशक्ति से धीरे-धीरे परिवर्तन होता गया। उन्होंने कहा कि आज से 30-35 वर्ष पहले, आज जहां ट्रांसपोर्टनगर बना है, पहले गोरखपुर का सारा कचरा वही डंप होता था। नगर निगम ने उसका समाधान किया तो आज वहां ट्रांसपोर्टनगर है, बेहतरीन मार्केट और गोरखपुर की मंडी है। ट्रांसपोर्टनगर बन जाने के बाद कचरा एकला बंधा पर गिराया जाने लगा। इसका परिणाम हुआ, वायु प्रदूषण, जमीन में जहर, नदी प्रदूषण और भूजल स्तर पर भी प्रभाव। इसके चलते एनजीटी भी जुर्माना लगाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत से नियति को बदला गया और बेहतरीन ईको पार्क तैयार हो गया। गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदल दिया नगर निगम ने ईको पार्क के विकास के लिए नगर निगम की पूरी टीम की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम किया है। 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर बनाया गया ईको पार्क पूरे परिवार के लिए पिकनिक स्पॉट और बेहतरीन पर्यटन स्थल बन गया है। यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। योग और ध्यान की क्रिया के लिए व्यक्ति यहां आराम से बैठ सकता है। उन्होंने कहा कि यह जो परिवर्तन आया है, वह गोरखपुर के विकास का मजबूत विश्वास और यहां की टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। गोरखपुर में हुआ हर क्षेत्र में बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इच्छा शक्ति और साफ नीयत के कारण बीते नौ वर्षों में गोरखपुर में हर क्षेत्र में बदलाव हुआ है। गोरखपुर ने रोड कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, उद्योग, रोजगार सहित हरेक क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। पहले जहां खेलने की सुविधा नहीं थी, आज गोरखपुर में कई मिनी स्टेडियम बने हैं। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एक इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र बने हैं। यहां चार विश्वविद्यालय है। गोरखपुर में खाद कारखाना भी चल गया है और पिपराइच में चीनी में मिल भी लग गई है। इतना ही नहीं, दक्षिणांचल सहित जिले में बाढ़ की समस्या का भी तेजी से समाधान हो रहा है। नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क से और सुगम होगा आवागमन सीएम योगी ने ईको पार्क के सामने से नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क को नौसढ़ की जाम की समस्या का समाधान करने का माध्यम बताते हुए कहा कि करीब तीन किमी लंबे इस फोरलेन से लखनऊ और वाराणसी मार्ग पर आने जाने के लिए आवागमन और भी सुगम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर नगर में जहां पहले पानी भरता था, आज वहां बेहतर नालियां है। जहां पहले अंधेरा था, आज वहां एलइडी स्ट्रीट लाइट की रोशनी है। जहां लोगों के सामने पेयजल की समस्या थी, वहां आज शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हुई है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बिजली नहीं मिलती थी। अब इस एकला तटबंध पर जो भी बिजली जलेगी, वह सोलर एनर्जी होगी। इसके लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। यह भी नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किया गया एक बेहतरीन प्रयास है। यहां पर जो सिटी फॉरेस्ट लगाया गया है, यह अपने आप में पूरे क्षेत्र को अत्यंत हरियाली से युक्त करके प्रदूषण से मुक्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। जहां पहले समस्या थी, आज वहां पर गोरखपुर महानगर ने समाधान दिया है। सेफ और स्मार्ट सिटी को लेकर सभी नगर निगमों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सीएम योगी ने कहा कि आज जो भी यूपी में आता है, उसको प्रदेश के अंदर कुछ बदलाव देखने को मिलता है। सेफ और स्मार्ट सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है और इसी के अनुरूप प्रदेश के सभी नगर निगम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश में सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट सड़कें बन रही हैं। सभी वार्डों में ग्रीन बेल्ट एंड मिनी फॉरेस्टेशन के कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है। मलिन बस्तियों का विकास किया जा रहा है। खुली नालियों को बेहतरीन तरीके से ढकने का काम किया जा रहा है। समुचित जल निकासी के प्रबंध किए जा रहे हैं। स्कूली बच्चों के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के मंच से स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर को 7 स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने और स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप 3 में लाने के लिए स्कूली बच्चों के विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसमें शामिल एक लाख से अधिक बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचेगा। बच्चों को आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) के बारे में बताया जाएगा। वेस्ट टू आर्ट, निबंध और रील्स प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्वच्छता के संदेश का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से 2000 से अधिक शिक्षकों और 1000 से ज्यादा अनुभवी अभिभावकों को … Read more

ब्रह्मलीन श्री महंत पीर गणेश नाथ जी का आठमान भंडारा, देशमेल व शंखाढाल कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

कैथल/लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता जिन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है, जिन्होंने जनता का विश्वास खो दिया, वे मुकाबला नहीं कर पाने की स्थिति में अफवाह-अराजकता के जरिए अव्यवस्था फैला रहे हैं। ऐसे में हमें मिलकर कार्य करना है और अव्यवस्था व अराजकता को नहीं फैलने देना है। हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में मजबूती से कार्य करना है, क्योंकि देश सुरक्षित तो सनातन सुरक्षित और सुनातन सुरक्षित तो देश सुरक्षित होगा। दोनों को अलग करके नहीं रखा जा सकता। मुख्यमंत्री ने दुनिया के वर्तमान हालात का जिक्र करते हुए कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। इससे दुनिया में आर्थिक अराजकता होगी, लेकिन भारत किसानों के पुरुषार्थ और देश के यशस्वी नेतृत्व के मार्गदर्शन में सीना तानकर विकास की यात्रा को बढ़ा रहा है। 145 करोड़ देशवासी एकजुट होकर नेतृत्व पर विश्वास जता रहे हैं और कह रहे हैं कि देश के नेतृत्व का जो भी आदेश होगा, हम सब उसका पालन करेंगे। दुनिया जब अराजकता-अव्यवस्था से त्रस्त है, तब भारत मजबूती के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को बाबा मुकुट नाथ मठ, सौंगल गांव में ब्रह्मलीन श्री महंत पीर गणेश नाथ जी का आठमान भंडारा, देशमेल व शंखाढाल कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पूजन-अर्चन किया और ब्रह्मलीन संतों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने सफल आयोजन के लिए सौंगल के पीर शेरनाथ जी महाराज को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में शेरनाथ जी को पीर की पदवी दी गई।  पहले की सरकारों को वोटबैंक व तुष्टिकरण से नहीं थी फुर्सत सीएम योगी ने कहा कि हमारा दायित्व है कि जो लोग देशहित में कार्य कर रहे हैं, उन्हें समर्थन-सहयोग करें और जो लोग देशविरोधी-धर्मविरोधी आचरण कर रहे हैं, उन्हें नकारना, दुत्कारना और बाहर का रास्ता दिखाना है। भारत का हर सनातन धर्मावलंबी चाहता था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, क्योंकि राम सनातन के प्रतीक और भारत के आधार स्तंभ हैं। 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांता ने रामजन्मभूमि पर मंदिर को अपवित्र करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया था। दिन-वर्ष बीतते गए, हिंदू संघर्ष करता गया, लेकिन कोई बात सुनने वाला नहीं था। जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने तब अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनाने की पहल को नई ऊंचाइयां प्राप्त हुई। आज अयोध्या में दुनिया का सबसे भव्यतम मंदिर बनकर तैयार हो गया। आजादी के बाद अनेक सरकारें बनीं, लेकिन किसी ने आस्था के बारे में नहीं सोचा, क्योंकि उन्हें वोटबैंक और तुष्टिकरण से फुर्सत नहीं थीं। केंद्र व प्रदेश में एक जैसी सरकार बनी तो राम मंदिर का निर्माण हो गया। यूपी और देशवासियों को सुरक्षा की गारंटी मिली।  सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी सीएम ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकाल में महालोक, उत्तराखंड में केदारपुरी और बद्रीनाथ पुरी में भव्य धाम का निर्माण, यह तब हुआ जब उसके बारे में सोचने वाली सरकारें हैं। सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी। आजादी के बाद कश्मीर व नक्सलवाद की समस्या उन्हीं लोगों ने दी, जिन्होंने तुष्टिकरण के नाम पर देश को बांटा। जब देश में जनचेतना जागरूक हुई तो जिन लोगों ने सनातन व देश के प्रति अन्याय किया था, देशवासियों ने उन्हें अविश्वास का प्रतीक बना दिया और भारतीय जनता पार्टी व मोदी जी के नेतृत्व में विश्वास जताया। जनता जिस रूप में देश को लेकर चलना चाहती थी, मोदी जी के नेतृत्व में वैसा ही काम हो रहा है।  जिन लोगों ने विश्वास खो दिया, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे  विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने विश्वास खो दिया है, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे हैं। कभी लोकसभा स्पीकर तो कभी न्यायपालिका या भारत निर्वाचन आयोग पर अविश्वास जताते हैं। वे जीतते हैं तो उनकी उपलब्धि और हार गए तो संवैधानिक संस्थाओं पर अंगुली उठाते हैं। कड़वा-कड़वा थू और मीठा-मीठा गप नहीं चलेगा। जो लोग सनातन विरोधी आचरण करते हुए भारत को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं, जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। भारत की आन, बान, शान से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं मिलेगी। भारत में नशे को बढ़ाने की साजिश कर रहा पाकिस्तान  सीएम ने कहा कि हमें अपनी कमियों पर भी ध्यान देना चाहिए। दुश्मन हमेशा हमारी कमजोरी देखने की फिराक में रहता है। पाकिस्तान भारत में शरारत के तहत नशे को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। सीएम ने धर्मसभा में आह्वान किया कि युवा पीढ़ी और समाज को जागरूक करें, नशे के खिलाफ अभियान चलाएं, नशा नाश का कारण है, इसलिए नशे के खिलाफ किया गया कार्य देश की सेवा है। नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं, वे देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं, इन्हें पनपने नहीं देना चाहिए। भारत की युवा पीढ़ी ऊर्जा से परिपूर्ण है। जब भी उसे अवसर मिला, उसने देश-दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नशे के सौदागरों को युवा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। धर्मसभाओं के माध्यम से आमजन को जागरूक करना चाहिए।  संतों के सानिध्य में हमेशा ऊंची रहेगी सनातन की ध्वज पताका सीएम योगी ने कहा कि शेरनाथ जी महाराज ने सभी के सहयोग से गुरु महंत गणेश नाथ जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इस आयोजन का साहसिक निर्णय लिया। कई दशकों के बाद सौंगल में संतों-योगेश्वरों व भक्तों का इतना बड़ा जमावड़ा हुआ। इस भूमि ने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है। यहां की उपस्थिति बताती है कि सनातन की ध्वज पताका संतों के सानिध्य में हमेशा ऊंची रहेगी, उसे कोई ताकत झुका नहीं सकती। सनातनी जीते जी सम्मान देते हैं और जो भौतिक रूप से नहीं हैं तो भी उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए ऐसे आयोजन करते हैं। उनकी अच्छाइयों से प्रेरणा प्राप्त करते हैं। सीएम योगी ने सिकंदर के अहंकार के पतन और सिद्ध योगी के व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सिद्ध संतों व संन्यासियों की परंपरा ने सदैव सदाचार, कर्तव्य व राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को सर्वोच्च मान्यता दी। समाज व राष्ट्र … Read more

राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति, रायबरेली के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम योगी से की शिष्टाचार भेंट

रायबरेली राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति,  रायबरेली के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को उनकी जापान एवं सिंगापुर की सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। समिति की वार्षिक पत्रिका “अवध केसरी” के दसवें अंक का भी मुख्यमंत्री योगी ने विधिवत विमोचन किया। भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जनपद रायबरेली के विकास से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और महत्वपूर्ण प्रस्तावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसमें जनपद में भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण तथा हैदरगढ़ स्थित शुगर मिल के बंद होने से किसानों को हो रही गन्ना उठान की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में जनपद रायबरेली के विकास एवं जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होगी। मुख्यमंत्री ने जनहित में और भी बेहतर कार्य के लिए समिति के सदस्यों को प्रेरित किया।  राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति द्वारा प्रकाशित वार्षिक पत्रिका “अवध केसरी” के दसवें अंक के प्रकाशन की सीएम योगी ने शुभकामनाएं दीं और प्रसन्नता जताई कि समिति बेहतर ढंग से कार्य कर रही है। इस अंक में अमर सेनानी राना बेनी माधव बख्श सिंह के अंग्रेजों के खिलाफ किए गए संघर्ष के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। 1857 में साहित्यकारों ने भी देश की आजादी में अपनी कलम के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसका भी विवरण इस अंक में विस्तार से दिया गया है। समिति का उद्देश्य है कि अवध केसरी पत्रिका के माध्यम से जन-जन तक 1857 क्रांति में शहीद हुए योद्धाओं के बारे में जानकारी पहुंचाना, उस समय किन परिस्थितियों में देश की रक्षा के लिए संघर्ष किया गया था, उसके बारे में लोगों को बताना और युवाओं को राष्ट्रहित के लिए प्रेरित करना है। समिति का प्रयास अमर शहीदों के परिजनों का सहयोग करना और उनके द्वारा किए गए कार्यों से हर किसी को अवगत कराना है।  मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों को जनहित में और भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर समिति के संरक्षक इंद्रेश विक्रम सिंह, कौशलेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष राकेश भदौरिया, रविन्द्र सिंह, अभिषेक विक्रम सिंह, जितेंद्र सिंह, एसपी सिंह, आरबी सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, कालाबाजारी व जमाखोरी पर तत्काल एफआईआर के निर्देश

तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक, रसोई गैस आपूर्ति-वितरण की समीक्षा की घबराहट न फैलने दें और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों तथा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करें: मुख्यमंत्री प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित,  विकल्प के रूप में जरूरत पर होगा वितरण एलपीजी वितरक सेंटरों पर होगी पुलिसकर्मियों की तैनाती, व्यवस्था बनाये रखने में करेंगे सहयोग लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट की स्थिति न बनने दी जाए तथा आमजन को समय-समय पर सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की वर्तमान मांग और आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी उत्पन्न न होने पाए तथा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध ढंग से सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि के संबंध में भी समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना कि अफवाहों के माध्यम से प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है। तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एलपीजी की आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आमजन को नियमित रूप से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई वितरक एजेंसी अथवा निजी व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर एलपीजी वितरक केंद्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति न बने और वितरण कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विकल्प के रूप में प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसे विकल्प के रूप में रखा जाए और आवश्यकता के अनुसार इसका यथोचित वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, होटलों तथा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले की स्थिति की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधि आपसी समन्वय से एलपीजी की समुचित आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करायें।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक संपन्न, ₹300 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति

मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किमी फोरलेन मार्ग विकसित करने, पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता के अध्ययन और 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास को लेकर निर्देश मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं का पीपीपी मॉडल पर होगा विकास यमुना रिवर फ्रंट के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना पर सहमति ब्रज के 36 वनों के इको रेस्टोरेशन, वन महोत्सव में व्यापक वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश   वृंदावन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रज क्षेत्र भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की परम्परा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों के संरक्षण के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आधारभूत ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ब्रज क्षेत्र की पहचान और अधिक सुदृढ़ हो तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपये के कार्यों को अनुमोदित किया गया। बैठक में ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, तीर्थ स्थलों के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वृंदावन में गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में इस मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन मार्ग में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, ब्रज तीर्थ विकास परिषद तथा जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर भूमि अथवा भूमि मूल्य से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में गोवर्धन, मथुरा और वृंदावन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं को विकसित करने के लिए चिन्हित भूमि पर पीपीपी मॉडल के तहत कार्य कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र में 36 वनों के इको रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान में जल संरक्षण, खारे पानी के उपचार तथा जनसहभागिता को भी शामिल करने पर बल दिया। बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत विकसित होने वाली हेरिटेज सिटी पर भी चर्चा हुई। बैठक में यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की योजना पर भी सहमति बनी। साथ ही गोवर्धन स्थित पारसौली में सूरदास ब्रज अकादमी के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परिषद की वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिषद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के बजट में किसी प्रकार की कटौती न की जाए और उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। नगर निकायों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जल निगम और नगर निगम द्वारा एसटीपी, एसपीएस तथा पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से विभिन्न विभागों को निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए तथा मथुरा, वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का शुभारंभ किया। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों के अनुसार मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। ब्रज की 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग और धर्मार्थ कार्य विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग तथा अन्य जनसुविधाओं का विकास पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। यमुना नदी में मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए 36 वनों के इको रेस्टोरेशन और व्यापक वृक्षारोपण अभियान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाएगी। इस अवसर पर विधायक ओम प्रकाश सिंह, योगेश नौहवार, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोली, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, विधि सलाहकार राजेश सिंह, निदेशक आवास बंधु एवं सचिव आवास शहरी नियोजन डॉ. बलकार सिंह, आयुक्त परिवहन किंजल सिंह, सचिव नगर विकास अनुज झा, सचिव वित्त भवानी सिंह खगरौत, सीईओ यीडा राकेश कुमार सिंह, डीआईजी आगरा शैलेश पाण्डेय, जिलाधिकारी सी.पी. सिंह तथा एसएसपी श्लोक कुमार उपस्थित रहे।

जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं हैः मुख्यमंत्री

आगरा/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज, सरकार व संस्थाएं एक साथ एक दिशा में सोचना शुरू करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास में बदलता है। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रयास करना होता है। यूपी आज विश्वास का प्रतीक बना है। मुख्यमंत्री शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का लोकार्पण करने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं। स्वास्थ्य सुविधा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए। सीएम ने आशा जताई कि यथार्थ ग्रुप अवश्य परिणाम देगा और लोगों को स्वस्थ जीवन देकर पुण्य अर्जित करेगा। सरकार भी इस क्षेत्र में हर सहयोग देने को तैयार है। हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को देना चाहिए अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा देनी चाहिए। 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया में नई पहचान मिली है। हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहां विरासत व विकास के अद्भुत समन्वय का स्वरूप है तो समग्र विकास की सभी अवधारणाओं को भी साकार रूप से उद्घाटित होते हुए देख रहे हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और टेक्नोलॉजी के साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत में यात्रा करने का आनंद प्राप्त हो रहा है। सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो कई गुना आता है परिणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिणाम कई गुना आता है। इस क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है कि सरकार भी प्रयास करे और निजी क्षेत्र भी आगे आए। निजी क्षेत्र की तरफ से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी कोई निवेश करता है तो सरकार सहयोग कर रही है। सीएम ने यथार्थ ग्रुप का आह्वान किया कि किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आगे आएं। सीएम ने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल किया है। यह सबसे अच्छा समय है, जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित करके नौजवानों के लिए यूपी को मेडिकल की उच्चतम शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। सरकार हर सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यथार्थ ग्रुप का आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा के अंदर हॉस्पिटल की स्थापना की है। अष्टसिद्धि होती है तो नवनिधि भी प्राप्त होती है, यह हॉस्पिटल उसका प्रतीक बनेगा।  पहले सरकारें ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पालती थीं, हम ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ देते हैं सीएम योगी ने कहा कि पहले देश में एक एम्स था, अटल जी ने इसकी संख्या छह और मोदी जी ने 23 तक पहुंचा दी। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी की लंबी श्रृंखला खड़ी हुई। जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 के पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ हावी थे। पहले सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी तो उन्होंने माफिया पैदा किए, जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज दिया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली व गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास व वेलफेयर स्कीम लागू की हैं। छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस व सीटी स्कैन सीएम ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कोई व्यक्ति बीमार होता था तो पूरे परिवार में कोहराम मच जाता था, सामान गिरवी रखने पर मजबूर हो जाता था। आज मोदी जी ने स्वास्थ्य बीमा के रूप में आयुष्मान भारत का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या बहुत जल्द 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर और रसोइयों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत अनेक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही दुनिया की नई तकनीकें लाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है।  सीएम ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों को भी गिनाया मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाएं बाहर से न आएं, बल्कि इनका प्रोडक्शन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित कर रहे हैं। मेडिकल उपकरणों की भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। प्रदेश में आज टेली मेडिसिन की व्यवस्था की गई है।  सामूहिक प्रयास के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश से इंसेफेलाइटिस समाप्त  सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नया करने का प्रयास हुआ है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास हुआ तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई। 40 वर्ष में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया गया।  इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, केंद्रीय मंत्री व आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड) के संयुक्त प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य व योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटेलाल वर्मा, बाबूलाल चौधरी, धर्मपाल … Read more

सीएम योगी ने पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पं. गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

  पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य प्रेरणास्रोत, आज भी कर रहे हमारा मार्गदर्शनः मुख्यमंत्री लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भारत मां का महान सपूत, प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कुशल अधिवक्ता व सुयोग्य प्रशासक बताया। सीएम ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए। राष्ट्रपिता के आह्वान पर वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे पं. पंत मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, उस समय उत्तराखंड संयुक्त प्रांत का हिस्सा था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर वह वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे। जब देश गुलाम था, तब 1937 में उत्तर प्रदेश के प्रीमियर के रूप में उनका चयन हुआ था। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पं. गोविंद बल्लभ पंत जी का स्मरण सभी करते हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने रखी थी विकास की आधारशिला सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पंत जी ने विकास की जो आधारशिला रखी और जो विजन प्रस्तुत किया, उसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बना हुआ है। यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोच है। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए। उन्होंने गृह मंत्री के रूप में देश को अमूल्य सेवाएं दीं। राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन, प्रचार-प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। देश की स्वाधीनता में अमूल्य योगदान तथा उत्तर प्रदेश व देश की बहुमूल्य सेवा के लिए 1957 में उन्हें ‘भारत रत्न’ प्रदान किया गया। पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

बर्दाश्त नहीं की जाएगी कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की एक भी हरकत: मुख्यमंत्री

  होली पर बढ़े आवागमन को देखते हुए अतिरिक्त बसें चलें, मनमाना किराया वसूलने वालों पर होगी सख्ती पर्व-त्योहार के समय पर्याप्त पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा- जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि होली, रमजान, ईद सहित आगामी पर्वों के दौरान शरारतन माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने। उन्होंने कहा है कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की एक भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी हर कोशिश पर सख्ती से कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और सभी पर्व-त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाएं। शनिवार देर शाम आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने होली, रमजान, नवरोज, ईद सहित सभी आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए फील्ड अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन तथा जन-शिकायत निस्तारण की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में होली के साथ नवरोज, ईद और बासंतिक नवरात्र का पर्व है तथा बोर्ड परीक्षाएं भी हो रही हैं। यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए बीते पाँच वर्षों की घटनाओं की समीक्षा कर उनसे सीख लेते हुए प्रभावी प्रबंध किए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि प्रदेश में कहीं भी समाज में विद्वेष फैलाने वाली घटनाएं घटित होती हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और शोभायात्राओं के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए, साथ ही साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि होलिका दहन समितियों तथा पीस कमेटियों की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं, ताकि पर्वों के दौरान आपसी समन्वय और सौहार्द बना रहे। होलिका दहन सुरक्षित स्थान पर ही हो। उन्होंने निर्देश दिए कि होली के अवसर पर कहीं भी अभद्र गीत-संगीत नहीं बजना चाहिए और किसी के उत्साह में ऐसा कोई कृत्य न हो जिससे किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति को नीचा दिखाने या परेशान करने की स्थिति उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व उल्लास और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, न कि किसी को आहत करने का माध्यम। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानफोड़ू आवाज वाले लाउडस्पीकरों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अब भी कई धर्मस्थलों पर ऐसे लाउडस्पीकर लगे हुए हैं, जिन्हें संवाद और समन्वय के माध्यम से हटाया जाना चाहिए ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। मुख्यमंत्री ने लोकल इंटेलिजेंस को और अधिक मजबूत करने तथा सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि फेक अकाउंट्स की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली सूचना का स्थानीय प्रशासन द्वारा त्वरित एवं प्रभावी खंडन किया जाए, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। होली के अवसर पर लोगों के आवागमन में वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम को अतिरिक्त बसें संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल फिटनेस मानकों पर खरी उतरने वाली बसों को ही संचालन में लगाया जाए तथा निजी ऑपरेटरों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिवहन निगम के अधिकारियों को फील्ड में उतरकर आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बसें सड़क किनारे न खड़ी हों, अपनी तय जगह पर ही रहें। ऊर्जा विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में पर्व-त्योहारों और बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और रोस्टरिंग न की जाए। साथ ही पेयजल की उपलब्धता, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं बनाए रखने तथा निराश्रित गोवंश संरक्षण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी जहरीली अथवा अवैध मदिरा न तो बने न ही बिके। बैठक में जनसुनवाई समाधान प्रणाली की जनवरी 2026 की मासिक रैंकिंग भी प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से मंडलायुक्त, पुलिस रेंज, पुलिस जोन, जिलाधिकारी तथा पुलिस आयुक्त/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक स्तर पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और इकाइयों की सराहना की, जबकि अपेक्षित प्रदर्शन न करने वाली इकाइयों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चार दिवसीय विदेश यात्रा में उत्तर प्रदेश का भविष्य गढ़ने के लिए हर क्षण का उपयोग

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर और जापान का दौरा सिर्फ विदेशी दौरा भर नहीं था, बल्कि इस यात्रा ने दुनिया के सामने उनकी कर्मयोगी की छवि को और पुख्ता किया है। चार दिनों तक बिना थके, अनवरत और अदम्य ऊर्जा के साथ उद्यमियों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उद्योग संस्थानों में भ्रमण के साथ उन्होंने भारतीय प्रवासियों के साथ संवाद किया। यह उनकी कर्मठता, अनुशासन और अपने राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का बेमिसाल उदाहरण है। सीएम योगी की मेहनत रंग भी लाई और उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश के प्रति जिस तरह उत्साह दिखाया, वह इस बात का प्रमाण है कि विश्व में यूपी को लेकर धारणा बदली है।  सीएम योगी का यह दौरा सामान्य नहीं था। सिंगापुर और जापान का समय भारत से क्रमशः ढाई और साढ़े तीन घंटे आगे है। लंबी विमान यात्रा के बाद समय के अनुकूलन की चुनौती भी थी, लेकिन मुख्यमंत्री के हाव-भाव और सक्रियता में कहीं इसका रंचमात्र भी असर देखने को नहीं मिला। सीएम योगी सुबह छह बजे सिंगापुर पहुंचे और महज ढाई घंटे बाद ही वहां भारत के राजदूत से मिले। इसके बाद बैठकों और औद्योगिक इकाइयों के भ्रमण और उद्योगपतियों से मिलने का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात दस बजे रात्रिभोज के साथ समाप्त हुआ। दूसरे दिन भी सुबह पौने नौ बजे से ही मुख्यमंत्री सक्रिय हो गए और रात साढ़े आठ बजे तक वह ‘मिशन सिंगापुर’ पूरा कर चुके थे।  कोई और होता तो इतनी व्यस्तता के बाद शायद रात्रि विश्राम को प्राथमिकता देता, लेकिन सीएम योगी सिंगापुर से रात 10 बजे टोक्यो (जापान) के लिए रवाना हो गए। घंटों की थकाऊ यात्रा के बाद वह सुबह लगभग छह बजे टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे पहुंचे और 25 फरवरी को सवा नौ बजे मित्सुई कंपनी के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए तैयार थे। जापान में भी सीएम योगी ने बिना रुके, अनवरत ऊर्जा के साथ दो दिन तक दर्जनों उद्यमियों से मुलाकात की, रोड शो मे भाग लिया और फिर लंबी यात्रा के बाद 27 फरवरी को तड़के अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ लखनऊ एयरपोर्ट पर थे।  इस अथक मेहनत का परिणाम अब उत्तर प्रदेश के विकास में मील के पत्थर के रूप में सामने आया है। डेढ़ लाख करोड़ रुपये के एमओयू और ढाई लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आगे चलकर उत्तर प्रदेश का भविष्य बदलेंगे। यह इसलिए संभव हो सका क्योंकि मुख्यमंत्री ने हर क्षण को प्रदेश के विकास के लिए साधन के रूप में इस्तेमाल किया। राजनेताओं की विदेश यात्राओं में अक्सर शिष्टाचार भेंट और औपचारिकता भरे कार्यक्रम समय नष्ट कर देते हैं, लेकिन सीएम योगी के इस दौरे में हर बैठक का एजेंडा स्पष्ट था। उनके इस दौरे में कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, किसी दर्शनीय स्थल का भ्रमण नहीं, बस मिनट टू मिनट बैठकें, रोड शो और उन औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण रहा, जिनके सहयोग से उत्तर प्रदेश के भविष्य को गढ़ा जा सके। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनाए जा सकें अर्थात औपचारिकताओं में न्यूनतम समय और परिणामों पर अधिकतम ध्यान।  इन चार दिनों में सीएम योगी जीवंत कर्मयोग का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरे। हालांकि उनका संपूर्ण जीवन स्वअनुशासन की मिसाल है। राजधानी लखनऊ में उनकी दिनचर्या ऐसी ही नियमबद्ध होती है। तड़के उठकर समाचार पत्रों के माध्यम से प्रदेश की गतिविधियों की जानकारी, उसके बाद जनता दर्शन में आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, अधिकारियों को निर्देश देना और फिर दिनभर बैठकों व कार्यक्रमों का सिलसिला और रात में विभागीय कार्यों की समीक्षा। गोरखपुर प्रवास में भी गोसेवा के बाद वह जनता दर्शन और फिर लगातार कार्यक्रमों में शामिल रहते हैं। हर दिन का उपयोग, हर क्षण का उपयोग। उनका पूरा व्यक्तित्व आध्यात्मिक साधना और प्रशासनिक दक्षता का संगम है। सादगीपूर्ण जीवन शैली और विकास का आधुनिक दृष्टिकोण उन्हें विशिष्ट बनाता है।