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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन में सर्वदलीय बैठक को किया संबोधित

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक 9 फरवरी (सोमवार) से प्रारंभ होगा विधान मंडल  का बजट सत्र लखनऊ विधान मंडल का बजट सत्र 9 फरवरी (सोमवार) से प्रारंभ होगा। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री व नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने का अनुरोध करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में रखें और इस पर स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश में विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करें। विधानसभा सत्र संचालन के संबंध में विधान भवन में आयोजित इस सर्वदलीय बैठक में नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान होता है। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के हित से जुड़े हर मुद्दों पर सदन में सुचारु रूप से चर्चा करनी चाहिए। सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधाएं न आएं, इसका ध्यान सभी सदस्यों को रखना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सदन के सुचारु संचालन के लिए सभी सदस्यों का सहयोग मांगा। बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, लोकदल के राजपाल बालियान, अपना दल के रामनिवास वर्मा आदि मौजूद रहे।

‘सपा को सामाजिक न्याय नहीं, सिर्फ अपने परिवार की फिक्र’ — योगी आदित्यनाथ का हमला

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' नारे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षी दल को 'पीडीए' से ज्यादा 'परिवार' की चिंता है। योगी ने तंज कसते हुए कहा, "पीडीए तो बहाना है, असली लक्ष्य तो 'परिवार' है…!" मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट में पीडीए को नजरअंदाज करने के सपा प्रमुख के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा, "जो लोग यह दावा करते हैं, उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि जब सरकार ने उत्तर प्रदेश के छह करोड़ लोगों सहित पूरे देश में 25 करोड़ लोगों को गौरव और सम्मान के साथ आगे बढ़ने में मदद की, तो उनके कार्यकाल में ऐसा क्यों नहीं हो सका? पीडीए का मुद्दा तब भी जरूर रहा होगा।" उन्होंने कहा, "मैं पूछना चाहता हूं कि उस समय पीडीए पर चर्चा क्यों नहीं हुई? अपनी पार्टी (सपा) के शासनकाल में उन्हें (अखिलेश को) सिर्फ परिवार की ही चिंता क्यों थी?" योगी समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को परिवार के रूप में देखने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। हमारा मुख्य उद्देश्य गरीबों, युवाओं और किसानों की सहायता करना है। हमारा लक्ष्य उच्च श्रेणी की अवसंरचना सुनिश्चित करना है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "यह दृष्टिकोण बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, लेकिन दूरदृष्टिहीन लोग, भविष्य की कोई योजना न रखने वाले लोग ऐसी निरर्थक बातों में उलझे रहते हैं।" योगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बजट की आलोचना को भी खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए बढ़ाए गए आवंटन से उत्तर प्रदेश को मदद मिलेगी, जो देश में रक्षा विनिर्माण का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के साथ-साथ निवेशकों को भी लाभ होगा। योगी ने कहा कि केंद्रीय बजट के आधार पर प्रदेश सरकार फरवरी में बजट प्रस्तुत करेग और डबल इंजन सरकार के इस बजट का लाभ देश की सबसे बड़ी आबादी को प्राप्त होगा।

सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन के विकास को समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर घोषित ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ के लिए सभी जनपदों में उपयुक्त भूमि शीघ्र चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीति का लक्ष्य ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करना है, जहां युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसर एक ही परिसर में सुलभ हों। उन्होंने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी योजना को स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्रीय संभावनाओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जोन उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्योग-सहायता से जुड़े विभागों और सुविधाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने एमएसएमई, सेवा आधारित उद्योगों और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया, जिससे उद्यमियों को प्रारंभ से ही आवश्यक अवसंरचना उपलब्ध हो सके। बैठक में अवगत कराया गया कि इस योजना के अंतर्गत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग फैसिलिटी, डिस्प्ले एवं डिजाइन सेंटर, टूल रूम, ईटीपी/सीईटीपी, प्लग-एंड-प्ले यूनिट तथा फ्लैटेड फैक्ट्री की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही युवाओं के कौशल उन्नयन हेतु उद्यमिता प्रशिक्षण, मेंटरिंग, विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी तथा हैंडहोल्डिंग की व्यवस्था भी इसी परिसर से की जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि योजना को चरणबद्ध रूप से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। प्रस्तावित जोन के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र, फ्लैटेड फैक्ट्री, वाणिज्यिक क्षेत्र, सड़क, कॉमन फैसिलिटी, सर्विस सेक्टर, ग्रीन एरिया और कार्यालय स्पेस का संतुलित लेआउट तैयार किया गया है। इसके साथ ही ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिसमें प्रशिक्षण हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, एक्सटेंशन काउंटर और उद्योग-सहायता से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ऑपरेशनल मॉडल के अंतर्गत स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण, कौशल विकास, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप तथा संबंधित उद्योगों में वेतन आधारित रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और उद्यमिता का एक सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित स्थलों की शीघ्र पहचान कर परियोजना के क्रियान्वयन को गति दी जाए, ताकि यह पहल प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का एक प्रभावी मॉडल बन सके।

मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संग वृंदावन में सुनी ‘मन की बात’

  विकास की गति को बढ़ाने के लिए प्राणप्रण से जुटकर योगदान देगा हर कार्यकर्ताः सीएम योगी   मथुरा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन संग प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ सुनी। वृंदावन के अक्षयपात्र में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेता सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पहली बार यूपी के दौरे पर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष का ब्रज की धरा पर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने राधे-राधे, वृंदावन बिहारी लाल, राधा रानी, यमुना मैया, हर-हर महादेव, जय श्रीराम, भारत माता की जय तथा वंदे मातरम की गूंज के साथ आध्यात्मिक  व राष्ट्रवादी चेतना का संचार करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन युवा ऊर्जा के प्रतीक हैं। बिहार विधानसभा में पांचवीं बार विधायक के रूप में सेवाए दे रहे हैं। संगठन के विभिन्न पदों का निर्वहन करने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नया दायित्व दिया है। इस दायित्व के पश्चात योगेश्वर श्रीकृष्ण की पावन धरा पर उनका प्रथम आगमन आह्लादकारी क्षण है। तीर्थ भूमि है ब्रज, आज भी विरासत का अंश ढूंढते हैं श्रद्धालु सीएम योगी ने कहा कि ब्रज प्राचीन काल से तीर्थ भूमि रही है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव तीर्थ हजारों वर्षों से सनातन धर्मावलंबियों के लिए प्रेरणा हैं। यहां के रज-रज, कण-कण में श्रीकृष्ण, राधा रानी और हजारों वर्षों की विरासत का अंश श्रद्धालु आज भी ढूंढते हैं। उसके साथ तारतम्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जन्मभूमि भी मथुरा में पड़ती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ब्रज भूमि भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के साथ ही विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित करते हुए बढ़ रही है। यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का संबल बन रहा सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर संबल बन रहा है। पांच साल से अधिक समय से यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में है। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड के साथ बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को धरातल पर उतारती है। हर नागरिक को सुरक्षा का अहसास कराती है। गरीब कल्याणकारी योजनाओं के साथ बिना भेदभाव वंचित, नौजवान, किसान, महिलाओं समेत हर तबके को वरीयता के आधार पर शासन की योजना का लाभ दे रही है। डबल इंजन सरकार के माध्यम से यूपी में विकास की योजनाओं को बिना भेदभाव गांव से शहर तक, प्रत्येक जगह प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य देखने को मिल रहा है। अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है यूपी का नौजवान मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का नौजवान अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। देश में अब वह कहीं भी जाकर गर्व से कह सकता है कि मैं यूपी का नागरिक हूं। एक समय था, जब यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था, लोग यहां की विरासत को कोसते थे, हमें अपमानित करते थे, बीमारू राज्य होने के कारण हमारे बारे में लोगों का दृष्टिकोण भिन्न था, लेकिन यूपी अब बीमारू नहीं है। देश के विकास के अभियान में जुड़कर यहां के युवा, किसान व आधी आबादी भी कार्य कर रही है। यह भाजपा के प्रति आमजन के विश्वास का प्रतीक है। विकास की गति को बढ़ाने के लिए प्राणप्रण से जुटकर योगदान देगा हर कार्यकर्ता सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, प्रेरणा व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्ष में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि इस गति को और तेजी से बढ़ाने के लिए यूपी का एक-एक कार्यकर्ता प्राणप्रण से जुटकर वर्तमान व भावी भविष्य के निर्माण में योगदान देगा। इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, विधायक श्रीकांत शर्मा, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, पूरन प्रकाश, जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी किशन सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, अशोक कटारिया, ओमप्रकाश सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष निर्मल पांडेय, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी का आह्वान, किसी एक खेल को गोद लें विश्वविद्यालय-महाविद्यालय

मैच देखकर बढ़ाया मुख्यमंत्री ने महिला खिलाड़ियों का उत्साह खेल गतिविधियों को बढ़ाने से नशे से दूर रहेंगे युवा : सीएम योगी पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश में दिख रही नई खेल संस्कृति : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। सीएम योगी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे, तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। युवा खेलेगा तो खिलेगा, और यही युवा देश को आगे बढ़ाने में, 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में योगदान देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के माध्यम से भी विकसित भारत बनाने के अभियान में भरपूर प्रयास किए हैं। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी है। मेरठ में हर प्रकार के स्पोर्ट्स आइटम बन रहे हैं और इसे सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है। पीएम मोदी की खेलों में अपार रुचि सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है। 2014 के पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से खिलाड़ी खेल से पलायन करने को विवश होते थे। कुंठित, हताश और निराश रहते थे। जबकि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन देखते ही बनता है। पीएम मोदी ने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की प्रेरणा दी है। गांव-गांव तक खेल प्रतिभाओं को मंच दिया है। प्रधानमंत्री स्वयं विभिन्न खेलों में देश की विजेता टीमों के खिलाड़ियों के साथ बैठते हैं, प्रतियोगिता से पहले भी उनका हौसला बढ़ाते हैं। स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त होंगे जीवन के सभी साधन मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को सदैव महत्व दिया है। भारत की ऋषि परंपरा के उद्घोष ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जीवन के जितने भी साधन हैं, उन्हें स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ना होगा। नियम, संयम और अनुशासन से शरीर पर ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि खेलकूद को तमाम परिवारों ने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं है। आज बच्चा (बेटा या बेटी) खेल में रुचि दिखाता है, तो अभिभावक प्रोत्साहित करते हैं, उसके अनुरूप संसाधन की व्यवस्था करते हैं। यूपी ने बढ़ाया खेल इंफ्रास्ट्रक्चर सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम बनाने के कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़े हैं। खेल गतिविधियां अनौपचारिक न रहें, बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बनें, इसके लिए सरकार ने 96000 से अधिक युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की हैं। 500 से अधिक खिलाड़ियों को दी सरकारी नौकरी खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की तत्परता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में प्रदेश के प्रतिभागी खिलाड़ी को सरकार 10 लाख रुपये देती है। ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये का पुरस्कार और क्लास वन जॉब देने की व्यवस्था बनाई गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ी को 3 करोड़ और एकल स्पर्धा में रजत पदक विजेता को भी 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ऐसे ही ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता सहित एशियाड, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को भी नकद पुरस्कार दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दे चुकी है। खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी, तहसीलदार और क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी के पद पर भी नियुक्त किया गया है। कॉमनवेल्थ और ओलंपिक के अनुरूप करें तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे। हर राज्य और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में अधिक पदक जीतने की तैयारी अभी से करनी होगी। गुरु गोरक्षनाथ की धरा पर किया खिलाड़ियों का अभिनंदन अपने संबोधन में सीएम योगी ने प्रदेश सहित देश के 14 राज्यों से आईं बास्केटबाल की महिला खिलाड़ियों का गुरु गोरखनाथ की पावन साधनास्थली पर स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने गोरखपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध धरा बताने के साथ आजादी के आंदोलन में चौरीचौरा की घटना, वैदिक साहित्य के विश्व में सबसे बड़े प्रकाशन केंद्र 'गीता प्रेस' की महत्ता बताई। साथ ही अमर सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल तथा बंधु सिंह से इस जिले के किसी न किसी रूप में जुड़ाव का उल्लेख करते हुए गोरखपुर को महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अनेक विभूतियों की पावन धरा है। मंचीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया। गुब्बारे उड़ाकर व बास्केटबॉल कोर्ट में बॉल उछाल कर किया उद्घाटन, खिलाड़ियों से परिचय भी किया मंचीय कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुब्बारे उड़ाकर तथा बास्केटबॉल कोर्ट में फीता काटकर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने स्वयं भी बास्केटबॉल कोर्ट में बॉल उछाली। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय और शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ की खिलाड़ियों से परिचय भी प्राप्त किया। मंचीय कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद सीएम योगी ने फर्स्ट हाफ का मैच देखा और ताली बजाकर … Read more

मुख्यमंत्री योगी ने ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन किया

दुनिया में जिसे भी लोकतंत्र को जानना है उसे भारत से सीखना होगा : योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी ने ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन किया सिक्कों के प्रमाण से भारत की एकता और लोकतांत्रिक परंपरा को मुख्यमंत्री योगी ने किया रेखांकित पश्चिमी दुष्प्रचार को तथ्य और साक्ष्य से चुनौती देने वाला ग्रंथ है प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि भारत ने हमेशा सनातन संस्कृति और इतिहास से जुड़े प्रमाणों को प्रमुखता से रखा है। उन्होंने कहा कि ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक भारत की लोकतांत्रिक चेतना, ऐतिहासिक एकता और हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को प्रमाणों के साथ प्रस्तुत करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो वर्षों से किए जा रहे पश्चिमी दुष्प्रचार का तथ्यात्मक उत्तर देता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के बारे में यदि किसी को जानना है तो उसे भारत से सीखना होगा। इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-20 समिट के दौरान कहा था कि भारत केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं है बल्कि भारत लोकतंत्र की जननी भी है। इसका प्रमाण वैशाली है जो दुनिया के प्रारंभिक गणराज्यों में से एक था।             मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास के सभागार में हिंदुजा फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने फाउंडेशन द्वारा संग्रहित दुर्लभ और प्राचीन ऐतिहासिक सिक्कों का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में हिंदुजा फाउंडेशन के जनकल्याणकारी कार्यों को दर्शाती लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। भारत ने सभी को दिया समान अवसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया की कौन सी ऐसी जाति, मत व संप्रदाय हैं जिसकी भारत ने मदद नहीं की और शरण देकर फलने-फूलने का अवसर नहीं दिया। दुनिया के अंदर क्या कोई और देश या मत, मजहब है जो इस बात की घोषणा करता हो "अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्", ये केवल भारत ही कर सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने “दुर्लभं भारते जन्म, मानुष्यं तत्र दुर्लभम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में जन्म लेना सौभाग्य है और मनुष्य के रूप में जन्म लेना उससे भी अधिक दुर्लभ। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विद्वानों द्वारा लंबे समय तक यह प्रचार किया गया कि भारत कभी एक इकाई नहीं था, जबकि वर्ष 1947 का विभाजन स्वयं ब्रिटिश साजिश का परिणाम था। उन्होंने “उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्। वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः॥” श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि यही भारतवर्ष है, जिसमें ऐतिहासिक रूप से आज का पाकिस्तान और बांग्लादेश भी सम्मिलित रहे हैं। हजारों वर्षों की इस विरासत को भुलाने वाले ही भारत की अखंडता पर प्रश्न उठाते हैं। सिक्कों में सुरक्षित भारत का प्रामाणिक इतिहास मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुस्तक में अयोध्या, मथुरा, कौशाम्बी, काशी और पांचाल सहित अनेक क्षेत्रों के तांबे, चांदी और मिश्रित धातुओं से बने सिक्के उस समय की ऐतिहासिक, भौगोलिक और व्यापारिक स्थिति को प्रमाणित करते हैं। भारत ने सदैव तथ्य और साक्ष्य के साथ अपनी बात रखी है, जबकि पश्चिमी देशों ने लोकतंत्र को अपना योगदान बताकर इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया।  मापन, मुद्रा और विज्ञान की सनातन परंपरा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत ने सबसे पहले मापन और तोल की वैज्ञानिक व्यवस्था दी। माशा, तोला जैसी इकाइयां आज भी प्रचलन में हैं, विशेषकर धातुओं और सोने की तोल में। प्राचीन सिक्कों के मापक भी उसी वैज्ञानिक प्रणाली पर आधारित थे, जो भारत की उन्नत बौद्धिक परंपरा को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी ने मौर्य शासनकाल को भारत का स्वर्ण युग बताते हुए कहा कि उस समय विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 46 प्रतिशत थी। 15वीं सदी तक यह 24 प्रतिशत रही, लेकिन विदेशी शासकों के दोहन के कारण स्वतंत्रता के समय यह घटकर डेढ़ से दो प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। विजन-2047 और विरासत पर गौरव मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन-2047 पंच प्रण और 11 संकल्पों के साथ हर भारतीय को जोड़ता है। इसका पहला प्रण ही विरासत पर गौरव की अनुभूति करना है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का पुनरोद्धार और सनातन धरोहरों का संरक्षण इसी विजन का साकार रूप है। सावित्री-सत्यवान ऐतिहासिक प्रमाणों से पुष्ट कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक प्रो. देवेन्द्र हांडा ने बताया कि ब्रिटिश म्यूजियम में संरक्षित एक सिक्के पर ‘सावित्री पुत्र जनपदस’ अंकित है। इससे सिद्ध होता है कि सावित्री-सत्यवान की कथा केवल कल्पना नहीं, बल्कि सनातन इतिहास की वास्तविक घटनाओं से जुड़ी है। उन्होंने मद्र राज तथा पोरस के वंशजों के सिक्कों का भी उल्लेख किया, जो प्रचलित ऐतिहासिक धारणाओं को चुनौती देते हैं। हिंदुजा फाउंडेशन का शोधपरक प्रयास हिंदुजा समूह के अशोक हिंदुजा ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत अपनी सनातन संस्कृति को वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रखे। यह पुस्तक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश में आगे भी निवेश का भरोसा जताया। कार्यक्रम में हिंदुजा समूह के ट्रस्टी पीपी हिंदुजा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, पुस्तक के लेखक प्रो. देवेन्द्र हांडा तथा हिंदुजा परिवार के वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ‘पुलिस मंथन’, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन– 2025 के समापन सत्र में हुए शामिल

धार्मिक उन्माद और जातिय विद्वेष फैलाने वालों के विरूद्ध पुलिस करे सख़्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री आतंकी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये सख्त एक्शन लिया जाए  मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा एवं आतंकवाद निरोधक तंत्र तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के दिये निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन– 2025 के दूसरे दिन रविवार को समापन अवसर पर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से सोशल मीडिया और साइबर क्राइम पर सख़्त निगरानी रखने के निर्देश दिये। उन्हाेंने सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था, जातीय एवं धार्मिक सौहार्द प्रभावित करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा। उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की ओर से प्रदेश में बढ़ने वाली आतंकी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सीमा सुरक्षा एवं आतंकवाद निरोधक तंत्र को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। साथ ही गो-तस्करी और धर्मांतरण के लिए चलाए जा रहे संगठित गिरोह पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।        सोशल मीडिया और साइबर अपराध पर सख़्त निगरानी के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, साइबर अपराध एवं आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस एवं इंटेलिजेंस तंत्र को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था, जातीय एवं धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट पर तत्काल संज्ञान लेकर त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जाति या धर्म के नाम पर समाज को विभाजित करने, पुलिस पर दबाव बनाने अथवा अराजकता फैलाने वाले तत्वों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। ऐसे पोस्ट, फेक अकाउंट एवं संगठित दुष्प्रचार अभियानों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व महापुरुषों के नाम का दुरुपयोग कर नए-नए संगठन बनाकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस को ऐसे संगठनों की पृष्ठभूमि की गहन जांच कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा कानून के दायरे में सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   धार्मिक कन्वर्जन की घटनाओं पर विशेष सतर्कता मुख्यमंत्री ने धार्मिक कन्वर्जन को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि बलरामपुर जैसी घटनाएं संकेत हैं कि ऐसे प्रयास संगठित रूप से किए जा रहे हैं। पुलिस एवं इंटेलिजेंस को निर्देश दिए कि धार्मिक कन्वर्जन से जुड़ी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए, सोशल मीडिया के माध्यम से इंटेलिजेंस को और मजबूत किया जाए तथा ऐसी किसी भी घटना को प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी ढंग से रोका जाए। उन्होंने पुलिस के अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इंटेलिजेंस, लोकल इनपुट और तकनीकी निगरानी को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सीमा सुरक्षा एवं आतंकवाद निरोधक तंत्र को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं नेपाल से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से उत्पन्न हो रही आतंकवादी गतिविधियों के नए आयामों का गहन विश्लेषण करते हुए सीमा निगरानी (सर्विलांस) को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल, तकनीकी विश्लेषण एवं आधुनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग को और मजबूत करने के निर्देश दिए।  नशीले पदार्थों की तस्करी एवं संगठित अपराध पर निरंतर करें सख़्त कार्रवाई मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी एवं संगठित अपराध के विरुद्ध पुलिस द्वारा की गई अब तक की कड़ी कार्रवाई की सराहना की। उन्हाेंने कहा कि इसे और अधिक प्रभावी व निर्णायक बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए विभागीय समन्वय एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा अपराधी नेटवर्क का मनोबल तोड़ने के निर्देश दिए।  गो-तस्करी एवं अपराधी नेटवर्क के मास्टरमाइंड पर प्रहार की रणनीति मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गो-तस्करी के मामलों में केवल त्वरित गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क एवं उसके मास्टरमाइंड की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। इससे प्रदेश में ऐसे संगठित अपराधों के विरुद्ध कड़ा संदेश जाएगा और गो-तस्करी एवं उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी रोक सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इस तरह के मामलों में पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस मंथन कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में इन विषयों का किया गया प्रस्तुतिकरण पुलिस मंथन कार्यक्रम के तहत सत्र 8 में आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स (Disaster Management, Civil Defence and Home Guards), सत्र 9 में विशाल जनसमूह (भीड़) प्रबंधन (Large Crowd Management), सत्र 10 में खुफिया तंत्र एवं उभरती चुनौतियां जैसे सोशल मीडिया/एनजीओ तथा नेपाल सीमा (Intelligence and Emerging Challenges like Social Media/NGOs and Nepal Border), सत्र 11 में आतंकवाद-रोधी, मादक पदार्थ, गो-तस्करी एवं अन्य संगठित अपराध (Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes)आदि विषयों पर प्रस्तुतिकरण किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को समर्पित किया राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सीएम योगी ने किया अतिथियों का स्वागत

भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अटल जी का उद्घोष था- अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगाः सीएम योगी   लखनऊ पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर गुरुवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटलजी की विरासत ने भारत को नई दृष्टि दी। आज उनके सपने साकार हैं जिसे देख हर भारतवासी प्रफुल्लित है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डा. मुखर्जी, पं. दीनदयाल व भारत रत्न अटलजी की 65-65 फिट ऊंची कांस्य प्रतिमा और डिजिटल म्यूजियम का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत में एक विधान, एक निशान, एक प्रधान का उद्घोष किया था और आज ऐसा हो चुका है वहीं पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में भी नया परिवर्तन दिखाई दे रहा है। पिछले 11 वर्ष में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठकर सामान्य नागरिक के रूप में जीवनयापन कर रहे हैं।  पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत बना आत्मनिर्भर, तीनों महापुरुषों की प्रेरणा ने किया मार्गदर्शन  सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि अंत्योदय के स्वप्न को साकार करने वाले, श्रद्धेय अटल जी के सुशासन को मूर्त रूप देने वाले आत्मनिर्भर व आधुनिक भारत के शिल्पकार, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्न दृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल, तीनों महापुरुषों की भव्य प्रतिमा व म्यूजियम का भव्य लोकार्पण हो रहा है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर व विकसित भारत का जो वर्तमान स्वरूप देख रहे हैं, उसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी वाजपेयी का मार्गदर्शन प्रेरणा के रूप में है।  भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अटल जी का उद्घोष था- अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा  सीएम योगी ने कहा कि यह अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी महोत्सव का वर्ष है। अटल जी कहते थे कि ‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’, यह केवल आशा नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उनके अडिग विश्वास, दूरदृष्टि व दृढ़ संकल्प का उद्घोष था। अटल जी ने कवि, पत्रकार, राष्ट्रवादी विचारक व भारत के सच्चे सपूत के रूप में देश को जो विजन-नेतृत्व दिया। पीएम मोदी के नेतृत्व में हर भारतवासी उसे विकास व विरासत के नए रूप में देख रहा है। आज के महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री जी के करकमलों से राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्राप्त हो रहा है।  सीएम ने महामना व बिजली पासी को भी किया याद  सीएम योगी ने भारत माता के सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व महान शिक्षाविद् महामना पं. मदन मोहन मालवीय को भी उनकी जयंती पर याद किया। बोले कि मालवीय जी ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। उन्हें ‘भारत रत्न’ देकर प्रधानमंत्री जी ने उनकी सेवाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराजा बिजली पास को भी नमन किया और कहा कि महान योद्धा बिजली पासी से भी हर भारतीय को नई प्रेरणा प्राप्त होती है।  इस अवसर पर रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर हुई 81, अब रेफरल सिस्टम को सीमित कर प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार की व्यवस्था की जा रही सुनिश्चितः मुख्यमंत्री

  विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लिए सरकार को अब तक 98 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जा रहीं नीतियांः योगी   लखनऊ, विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, विकास कार्यों की गति और विकसित उत्तर प्रदेश के रोडमैप को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति पहले दिन जैसी ही मजबूत है और योजनाओं को अब टोकन फंडिंग नहीं, बल्कि ठोस वित्तीय प्रावधानों के साथ ज़मीन पर उतारा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करना आवश्यक है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर अब 81 हो चुकी है। आपके क्षेत्र में भी माधव बाबू के नाम पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया है। पहले स्थिति यह थी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता था तो उसे गोरखपुर भेज दिया जाता था, फिर एम्स या लखनऊ आना पड़ता था। इससे मरीज और उसके परिजनों को भारी परेशानी होती थी। अब हमने इस व्यवस्था को समाप्त किया है। सभी मेडिकल कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रेफर करने की आदत छोड़कर वहीं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, और इस दिशा में कार्य भी हो रहा है। यह प्रदेश का 81वां मेडिकल कॉलेज है। अमेठी जैसे क्षेत्र, जहां वर्षों तक कांग्रेस का प्रभाव रहा, वहां भी मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाया, जबकि अब हमारी सरकार ने वहां यह कार्य प्रारंभ किया है। मैं मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने भूमि उपलब्ध कराई और वहां मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ। इस सत्र में वहां कक्षाएं भी प्रारंभ हो चुकी हैं। बलिया में भी मेडिकल कॉलेज की दिशा में कार्य प्रगति पर है। सरकार ने भूमि प्रस्ताव शीघ्र मंगवाया है और धन की व्यवस्था भी कर दी गई है। बलिया में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। अब तक 98 लाख से अधिक लोगों ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए अपने सुझाव साझा किए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक और महत्वपूर्ण विषय का उल्लेख करना चाहूंगा। पिछले सत्र में 13–14 अगस्त को इस सदन में ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई थी। इस चर्चा के बाद प्रदेशभर के लगभग 300 बुद्धिजीवियों के साथ विचार-विमर्श किया गया और उन्हें विभिन्न संस्थानों में भेजकर इस विषय पर संवाद कराया गया। इसके बाद एक पोर्टल विकसित किया गया, जिसके माध्यम से प्रदेश की जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि अब तक 98 लाख से अधिक लोगों ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए अपने सुझाव साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि 2047 में प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन के अनुरूप विकसित उत्तर प्रदेश कैसे बने, इस विषय पर प्राप्त सुझावों को लेकर हम आईआईटी कानपुर के सहयोग से विभिन्न सेक्टरों में कार्य कर रहे हैं। सरकार की इच्छाशक्ति आज भी पहले दिन जैसी मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि सरकार की इच्छाशक्ति पहले दिन जैसी थी, आज भी वैसी ही है और उसी दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सप्लीमेंट्री डिमांड्स में भी उन्हीं क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जहां वास्तविक आवश्यकता थी। अब सरकार टोकन मनी की नीति पर नहीं चलती। पहले 25 करोड़ की सड़क के लिए मात्र 1 लाख रुपये जारी कर दिए जाते थे, जिससे काम संभव ही नहीं था। अब सरकार ने स्पष्ट नीति तय की है कि एक साथ 40 से 50 प्रतिशत धनराशि जारी की जाएगी और 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होते ही अगली किस्त जारी की जाएगी, जिससे कार्यों की गति बनी रहे। कार्ययोजना और डीपीआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा रही है। वर्ष 2024–25 और 2025–26 में विकास की यह गति और अधिक तेज होती हुई दिखाई देगी। मुख्यमंत्री का शायराना अंदाज मुख्यमंत्री ने सदन में अपनी बात की शुरुआत और अंत दोनों शायरी के साथ किया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पूछा था कि…'इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा'…वहीं, सीएम ने अपने संबोधन के अंत में नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक नकारात्मकता से बचें। हर विषय को जाति या संकीर्ण दृष्टि से देखने की आदत प्रदेश के हित में नहीं है। उत्तर प्रदेश को जितना नुकसान पहले हो चुका है, उससे अब बचने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंत में यही कहूंगा कि… राह में मुश्किल हों हजार, तुम दो कदम बढ़ाओ तो सही, हो जाएगा हर सपना साकार, तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश के जो सपने इस सदन ने देखे हैं, उन्हें साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ

एलडीबी से अब महज छह फीसदी की दर पर मिलेगा ऋण  अब वन डिस्ट्रिक्ट, वन को-ऑपरेटिव बैंक की दिशा में बढ़ रहा प्रदेशः मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लघु व सीमांत किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक का रेट ऑफ इंटरेस्ट लगभग साढ़े 11 फीसदी है। किसानों को इसका काफी ब्याज देना होता है। सरकार इसे कम करने की दिशा में बढ़ रही है। लघु व सीमांत किसान को यह लोन अब महज 6 फीसदी पर मिले। प्रदेश में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत छह प्रतिशत पर लोन एलडीबी के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे। शेष योगदान राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा।  पीएम मोदी की प्रेरणा से सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में बढ़ाए गए अनेक कदम  सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व की केंद्र सरकार ने पहली बार सहकारिता का नया मंत्रालय गठित किया। पहले यह कृषि मंत्रालय के अधीन छोटा आयाम हुआ करता था। पहले सहकारिता मंत्री के रूप में अमित शाह जी सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। पीएम मोदी की प्रेरणा से हम लोगों ने सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। सहकारिता आपसी विश्वास, सामाजिक समता और आत्मनिर्भरता की गारंटी भी है। दुनिया की एक चौथाई सहकारी समितियां भारत में हैं। इनमें 8.44 लाख से अधिक समितियां, 30 करोड़ से अधिक सदस्य पूरे अभियान में सामूहिक शक्ति के रूप में योगदान देने के लिए तत्पर हैं।  11 वर्ष में तकनीक का उपयोग कर दी जा रही भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सीएम योगी ने कहा कि 11 वर्ष में हमने बदलते भारत में देखा है कि तकनीक का उपयोग कर जीवन को सरल बनाते हुए भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था दी जा रही है। डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र में भी सुशासन व जवाबदेही सुनिश्चित होने की कार्रवाई बढ़ी है। एम पैक्स के माध्यम से बहुद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों के सदस्यता का विस्तार, वित्तीय समावेशन को जोड़ते हुए इसे बढ़ाने, कृषि व ग्रामीण विकास को बढ़ाने व सहकारिता आंदोलन को मजबूती प्रदान किया गया है।  सीएम योगी ने यूपी में हुए कार्यों को गिनाया  सीएम योगी ने कहा कि सहकारिता वर्ष 2025 पर यूपी में पहली बार बड़े पैमाने पर कार्य हुए। 26 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का शुभारंभ किया गया। रन फॉर कॉरपोरेशन में हजारों लोगों ने सहभागिता की। 21 मार्च 2025 को यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा एजीएम का आयोजन किया गया, इसमें स्टेक होल्डर्स को 76 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लाभांश वितरित किया गया। छह जुलाई 2025 को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के चौथे स्थापना दिवस पर 266 ड्रोन दीदियों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 12 सितंबर से 30 नवंबर तक एम पैक्स सदस्यता का महाभियान प्रारंभ हुआ। इसमें 24 लाख नए सदस्यों के माध्यम से 43 करोड़ का शेयर कैपिटल भी प्राप्त हुआ। प्रदेश में पहली बार सितंबर 2023 में एमपैक्स सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। 30 लाख नए सदस्य बने और 70 करोड़ का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ था। आज जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक बैंक अकाउंट और 550 करोड़ का डिपॉजिट है।  अब बीमार नहीं, किसानों की समृद्धि मे योगदान दे रहे को-ऑपरेटिव बैंक  सीएम योगी ने 2017 से पहले डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक की दुर्दशा का जिक्र करते हुए बताया कि 16 बैंक डिफॉल्टर घोषित हो गए थे। रिजर्व बैंक ने उनके लाइसेंस जब्त कर लिए थे, लेकिन अब यूपी के को-ऑपरेटिव बैंक डिफॉल्टर और बीमार नहीं हैं, बल्कि स्वयं स्वस्थ हैं और को-ऑपरेटिव से जुड़े सदस्यों के साथ ही किसान की समृद्धि में भी योगदान दे रहे हैं। शासन की अनेक योजनाओं को बढ़ाने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने एम पैक्स को 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की सीमा दी है। इसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, लेकिन उससे पहले मैनपॉवर की कमी पूरा करेंगे। सीएम ने बताया कि 6760 एमपैक्स को उर्वरक व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। इससे निरंतर उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश में जितना भी फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड, केमिकल का वितरण होता है, उसका आधा को-ऑपरेटिव से जुड़े एम पैक्स, साधन सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित हो, लेकिन इसके लिए मैनपॉवर को पूरा करना पड़ेगा। प्रत्येक में यह व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे तो किसान जुड़ेगा और सदस्य संख्या बढ़ेगी। एम पैक्स द्वारा 6400 करोड़ का व्यवसाय किया गया और 191 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया गया। 161 एम पैक्स ने जनऔषधि केंद्र के रूप में जेनरिक दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से उन्होंने अब तक 1 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक का व्यवसाय किया है।  अब तक 70 करोड़ रुपये से 980 एम पैक्स के सुदृढ़ीकरण का कार्य हुआ है सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में भंडारण, ऊर्जा व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी को-ऑपरेटिव क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। भारत सरकार की योजनाओं के माध्यम से कोठवा पांडेय एम पैक्स ने 1500 मीट्रिक टन क्षमता का सबसे बड़ा गोदाम बनाया है।