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मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और स्पष्ट निर्देशों के बाद जागा राजस्व परिषद, आयोग को भेजा जाएगा संशोधित अधियाचन

सभी विभागों को मुख्यमंत्री को दो टूक चेतावनी, भर्तियों में लंबवत और क्षैतिज हर तरह के आरक्षण प्रावधानों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री लखनऊ राजस्व लेखपाल भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व परिषद को कड़ी चेतावनी दी है और साफ निर्देश दिए हैं कि आरक्षण प्रावधानों में किसी भी प्रकार की त्रुटि, लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद अब श्रेणीवार रिक्तियों के आंकड़ों की दोबारा समीक्षा कर रहा है और संशोधित अधियाचन तैयार कर उसे एक सप्ताह के भीतर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि भर्ती पूर्णतः नियमसम्मत और आरक्षण प्रावधानों के शत-प्रतिशत अनुपालन के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था का अक्षरशः पालन अनिवार्य है। लंबवत और क्षैतिज दोनों तरह के आरक्षण का सम्मान न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना भी है। उन्होंने सभी विभागों को दो टूक संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि आरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और ऐसी त्रुटियाँ शासन के स्तर पर कदापि स्वीकार नहीं होंगी। बता दें कि राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों के लिए 16 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापन के बाद यह तथ्य सामने आया कि जनपदों से भेजे गए श्रेणीवार आंकड़ों में स्पष्ट विसंगतियाँ थीं। मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद अब राजस्व परिषद श्रेणीवार कार्यरत एवं रिक्त पदों की गणना को पुनः सत्यापित कर रहा है, ताकि संशोधित अधियाचन पूरी तरह त्रुटिरहित स्वरूप में आयोग को भेजा जा सके। राजस्व परिषद की सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद परिषद ने प्राथमिकता से सभी आंकड़ों की समीक्षा प्रारंभ कर दी है। उन्होंने कहा कि संशोधित अधियाचन आयोग को भेजे जाने के उपरांत लेखपाल भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, विवाद-मुक्त और आरक्षण प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन के साथ आगे बढ़ेगी। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी, विसंगतियों पर कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है, और युवाओं के भविष्य से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून सम्मत आचरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेखपाल भर्ती में हुआ यह हस्तक्षेप न केवल वर्तमान प्रक्रिया को सुधारने वाला कदम है, बल्कि आने वाली सभी भर्तियों के लिए भी सख्त संदेश है कि आरक्षण संबंधी नियमों के पालन में जरा भी ढिलाई नहीं चलेगी।

एसआईआर अभियान को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने की पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में अपना शत प्रतिशत योगदान दें। एसआई आर में लगने वाली आपकी मेहनत लोकतंत्र के लिए है इसलिए घर-घर संपर्क करें। एक-एक नाम जुड़वाने का काम करें। मतदाता सूची में कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए। कार्यकर्ता घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने का कार्य करें। सीएम योगी शुक्रवार दोपहर बाद योगिराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में एसआईआर अभियान को लेकर  भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। बैठक में भाजपा महानगर के सात मंडलों के पदाधिकारी-कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भारत के लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं, वही लोग एसआईआर पर अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं। वह जीते तो उनका पुरुषार्थ और अगर वह हारते हैं तो इवीएम को दोषी ठहराते हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का यही एकमात्र मुद्दा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र मजबूत होगा देश मजबूत होगा। विपक्षी पार्टियां नहीं चाहतीं कि लोकतंत्र मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने एसआईआर अभियान को एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में सभी को अपना योगदान देना होगा। उन्होंने मंडल अध्यक्षों से एसआईआर के तहत अब तक किए गए कार्यों का वृत्त लिया और प्रारूप 6, 7 और 8 का बैग भी कार्यकर्ताओं को दिया।  बैठक को सांसद रविकिशन शुक्ल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ.धर्मेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। विषय प्रस्तावना, स्वागत भाषण व आभार ज्ञापन महानगर संयोजक राजेश गुप्ता ने तथा संचालन महामंत्री अच्युतानंद शाही ने किया। बैठक में विधायक विपिन सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष  विश्वजितांशु सिंह आशु, डॉ. सत्येन्द्र सिन्हा, महानगर महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा, इन्द्रमणि उपाध्याय, महानगर इकाई के अन्य पदाधिकारी, राप्ती नगर, मालवीय नगर, दीनदयाल नगर, गोरक्ष नगर, आर्य नगर, बिस्मिल नगर व गीता नगर मंडलों के अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ चीफ जस्टिसेस ऑफ वर्ल्ड (आईसीसीजेडब्ल्यू) के उद्घाटन समारोह में दिया बड़ा संदेश

अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अराजकता का वातावरण पैदा करने वालों के खिलाफ संवाद महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए संवाद को बाधित किया जाता रहा हैः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री बोले: बस्ते के बोझ से बच्चे डिप्रेस्ड न हों, इसके बारे में भी हमें करना होगा विचार लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वसुधैव कुटुम्बकम् यानी 'होल वर्ल्ड इज वन फैमिली, हैज बीन बेसिक फिलॉसफी ऑफ इंडिया फॉर थाउजैंड्स ऑफ ईयर्स' की भावना से विश्व को अवगत कराते हुए इसे भारत की हजारों वर्षों की परंपरा करार दिया। उन्होंने कहा कि संकट के समय शरण देने और आगे बढ़ाने में भारत ने हमेशा योगदान दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सिटी मॉन्टेसरी स्कूल द्वारा आयोजित 26वें इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ चीफ जस्टिसेस ऑफ वर्ल्ड (आईसीसीजेडब्ल्यू) के उद्घाटन समारोह में अपनी बातें रखीं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें यूएन की उस घोषणा को भी स्मरण करना होगा, जिसमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के बारे में दुनिया के देशों से आह्वान किया गया था। सस्टेनेबल गोल्स शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन, रोजगार-कौशल विकास, पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा के विषयों पर आधारित हैं। इन 16 गोल्स में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। कभी न भूलें क्या है वास्तविक समस्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें ये कभी विस्मृत नहीं करना चाहिए कि विश्व की वास्तविक समस्या क्या है। उन्होंने कहा कि जब हम इसकी तह में जाते हैं तो लगता है कि डायलॉग एक-दूसरे के बीच में नहीं है। स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए डायलॉग को बाधित किया गया। ये कॉन्फ्रेंस अपने आप में डायलॉग का एक माध्यम है। दुनिया के न्यायाधीशों के माध्यम से यह मानवता और उन लोगों के लिए भी एक उद्घोषणा है कि जिन्होंने अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अराजकता का वातावरण पैदा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जब हम दुनिया के अंदर शिक्षा की बात करते हैं तो 250 करोड़ से अधिक बच्चों के लिए क्वॉलिटी एजुकेशन पर फोकस करते हैं। हमें विचार करना होगा कि बस्ते के बोझ से बच्चे डिप्रेस्ड न हों। यह महत्वपूर्ण भाव है, क्योंकि शिक्षा किसी भी व्यवस्था का, फिर चाहे व्यक्ति हो, समाज हो या राष्ट्र हो, डायलॉग की स्थापना, मैन टू मैन, सोसाइटी टू सोसाइटी या फिर कंट्री टू कंट्री, यह स्थापित तभी हो सकती है जब हम उसके बेसिक भाव पर विचार करें। यह बेसिक भाव एजुकेशन के माध्यम से हम प्रत्येक छात्र-छात्राओं के मन में पैदा कर सकते हैं, लेकिन आज भी यह चुनौती बनी हुई है। समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा दुनिया में जहां अशांति व अराजकता है, वर्चस्व को लेकर एक-दूसरे की संप्रभुता को हड़पने की होड़ हो, वहां पर एजुकेशन, हेल्थ तथा सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात बेमानी सी दिखती है। उन स्थितियों में हम सभी को इस बारे में विचार करना चाहिए कि कैसे इन समस्याओं के समाधान के लिए हर एक स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर एक संस्था अपने स्तर पर पिछले 25 वर्षों से इस प्रयास को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है, तो क्यों नहीं अन्य स्तर पर यह प्रयास आगे बढ़ाया जा सकता है?  सीएम योगी ने प्रदेश की राजधानी में अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज जब हम दुनियाभर से जुड़े न्यायविदों के इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उपस्थित हुए हैं, ऐसे में सीएमएस लखनऊ के संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी की स्मृतियों को नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने विश्व की एकता, अखंडता व न्याय के लिए इंटरनेशनल कॉन्फ्रेस ऑफ चीफ जस्टिसेस के कार्यक्रम का लंबे समय से आयोजन किया तथा इसके माध्यम से एक-दूसरे को समझने व नया संदेश देने का काम किया था। बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का करना होगा निर्वहन सीएम योगी ने कहा कि एक ओर हमारे सामने दुनिया के अंदर की प्रतिस्पर्धा चुनौती के रूप में है, तो वहीं हमारे सामने जलवायु परिवर्तन और उससे उत्पन्न होने वाला संकट भी नई चुनौती के रूप में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सामने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी जीवन को सहज और सरल करने में जहां उपयोगी भूमिका का निर्वहन कर रही है, वहीं इसके द्वारा उत्पन्न अभूतपूर्व कानूनी चुनौतियां भी हम सभी के सामने खड़ी हुई हैं, जिसमें साइबर क्राइम, डेटा चोरी और अन्य समस्याएं प्रमुख हैं। ऐसे अस्थिर समय में न्याय, नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून विश्व शांति और मानव सभ्यता के लिए बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। यूएन के द्वारा 80 वर्ष पहले जिन बातों की घोषणा की गई थी, हम सभी को उस पर फिर से विचार करना चाहिए, उन्होंने उस समय कहा था कि दुनिया को अब एक अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और जवाबदेही वैश्विक प्रणाली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस घोषणा की सार्थकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। भारत की सोच निकाल सकती है वैश्विक चुनौतियों का रास्ता मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम केवल उन पुरानी बातों तक सीमित न रहें, बल्कि आज की उन ज्वलंत समस्याओं के बारे में भी हमें विचार करते हुए जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य के संकट, वैश्विक आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी मुखर होकर यूएन जैसे प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग करना चाहिए। एक ऐसे व्यावहारिक और उद्देश्यपरक गठबंधन को जो और भी प्रभावी हो सके, इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में हमें भारत की उस प्राचीन व्यवस्था पर विचार जरूर करना चाहिए, जहां पर हमने इस पूरी व्यवस्था को पांच अव्यवों पर आधारित माना, जिसमें पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश, इन सभी की उपासना को इसका आधार मानकर भारत की परंपरा ने सदैव इसे अपने जीवन का अंग माना। न केवल इनकी पवित्रता, बल्कि सुरक्षा और संरक्षण को सदैव प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि दुनिया के लिए वर्तमान में जलवायु परिवर्तन की चुनौती हो या फिर इसके माध्यम से उत्पन्न उन वैश्विक संकट के समाधान का रास्ता, भारत की सोच के माध्यम से समाधान का रास्ता निकाल सकती है। आंख बंद करने से नहीं मिलेगा हल, मिलकर निकालना होगा समाधान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया ने इस युग की … Read more

मुख्यमंत्री योगी के निर्देशन में AI के जरिये विकास का मॉडल बन रहा उत्तरप्रदेश

एआई में वैश्विक मानक तय कर रहा ‘योगी का यूपी’ यूपी फतेहपुर में भारत का पहला एआई आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र कृषि में हाईटेक बदलाव: यूपी के 10 लाख से अधिक किसान एआई से जुड़े शिक्षा, सुरक्षा में प्रदेशवासियों के लिए नया मुकाम स्थापित कर रहा एआई उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ बनाई जा रही देश की पहली पूर्ण विकसित एआई सिटी लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एआई के जरिए हर क्षेत्र में वैश्विक मानक तय कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि तकनीक के जरिए उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचे। दुनिया भर में सरकारें एक तरफ जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं। इसे लेकर अधिकतर देश और राज्य अभी प्रयोग कर रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश एआई को ऐसे पैमाने पर लागू कर चुका है, जो कई वैश्विक उदाहरणों की बराबरी करता है। यूपी का नेतृत्व करने वाले योगी आदित्यनाथ ने तकनीक को नारे की जगह शासन का सिद्धांत बना दिया है, जिसके जरिए भी यूपी अपने समृद्ध भविष्य को नए सिरे से गढ़ रहा है। रणनीतिक छलांग: भारत के पहले एआई सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की पहला पूर्ण विकसित एआई सिटी बनाई जा रही है। अन्य “स्मार्ट सिटी” मॉडलों की तुलना में यहां तकनीक ढांचों को मजबूत किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ को केवल राजधानी नहीं, बल्कि एआई आधारित शासन का राष्ट्रीय कमांड सेंटर बना रहे हैं।     •    राज्य समर्थित एआई इनोवेशन हब     •    10,000+ GPUs वाला सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर     •    अपनी ही भाषा में बने बहुभाषी एआई मॉडल     •    वैश्विक एआई कंपनियों को आकर्षित करने वाला R&D ढाँचा     •    इंडियाएआई मिशन के अनुरूप नीति ढाँचे स्वास्थ्य में एआईः इस क्षेत्र में बड़ी क्रांति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य क्षेत्र बड़ी क्रांति से गुजर रहा है। यह बदलाव सीएम योगी के उस सोच को प्रदर्शित करता है, जहां स्वास्थ्य केवल इलाज नहीं, बल्कि पूर्वानुमान पर केंद्रित होना चाहिए। एआई इसे संभव बना रहा है।     • यूपी के फतेहपुर में भारत का पहला AI-आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र बनया गया है, जो अधिक सटीकता और शुरुआती पहचान में सक्षम है।     • सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा मैनुअल रिपोर्टिंग से हटकर प्रेडिक्टिव मॉडलिंग की ओर बढ़ रहा है।     •सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नि:शुल्क एआई और क्लाउड कोर्स, ताकि अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य-तकनीक विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें। शिक्षा में एआईः अधिक स्मार्ट और स्केलेबल लर्निंग सिस्टम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी का शिक्षा ढाँचा डिजिटल रूप से नए सिरे से तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तकनीक को ग्रामीण कक्षाओं और वैश्विक शिक्षा मानकों के बीच का संपर्क सेतु मानते हैं। इस सेतु का निर्माण तेज़ गति से हो रहा है।     •माध्यमिक शिक्षा परीक्षाओं में AI bots सहायक भूमिका निभा रहे हैं, जिससे त्रुटियाँ और अनियमितताएँ कम हो रही हैं।     •शिक्षक व छात्र एआई टूल्स में प्रशिक्षित हो रहे हैं, जिससे सीखने के नए मार्ग खुल रहे हैं     • उत्तर प्रदेश एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षा प्रणाली की नींव डाल रहा है। कृषि में हाई-टेक बदलाव: दस लाख से अधिक किसान एआई से जुड़े यूपी कृषि के जरिए यूपी आर्थिक शक्ति बन रहा है। विश्व बैंक समर्थित यूपी एग्रीज के माध्यम से 10 लाख से अधिक किसान अब एआई आधारित सलाह से जुड़ चुके हैं। उपग्रह चित्रों, मिट्टी विश्लेषण, मौसम मॉडल और RFID आधारित संसाधन ट्रैकिंग का उपयोग कर रहे हैं, इसके जरिए…     • फसल उत्पादन में सुधार     • जोखिम का तेज़ पूर्वानुमान     • पानी व खाद का कम से कम उपयोग     • संसाधनों की सटीक निगरानी पारदर्शी व समयबद्ध ढंग से मिल रहा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कल्याणकारी व्यवस्थाएँ इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली बन रही हैं। इसके जरिए कल्याण योजनाएं धीमी सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि रियल-टाइम सार्वजनिक सेवा बन चुका है। एआई समर्थित तंत्र से फायदा :     • वास्तविक लाभार्थी डेटाबेस तैयार कर रहे हैं     • धोखाधड़ी को तुरंत पहचान रहे हैं     • डीबीटी को तेज़ और अधिक सटीक बना रहे हैं     • सही योजना को सही नागरिक से जोड़ रहे हैं सार्वजनिक सुरक्षा में एआईः सुरक्षा का नया मानक राज्य के कई नगर निगमों में एआई आधारित प्रणालियाँ कानून-व्यवस्था को नए स्तर पर ले जा रही हैं। इसके लिए अनेक कार्य हो रहे हैं, जिसके परिणाम भी मिल रहा है।     • फेसियल रिकॉग्निशन नेटवर्क     • वाहन ट्रैकिंग     • पुलिस नियंत्रण कक्षों से जुड़े SOS सिस्टम     • प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स आधारित निगरानी     • जेलों में “Jarvis” जैसे एआई सुरक्षा तंत्र राजस्व और संसाधन प्रबंधन: निष्पक्ष निर्णायक के रूप में एआई भूमि विवादों से लेकर अवैध खनन तक यूपी शासन-प्रशासन एआई और सैटेलाइट विश्लेषण का उपयोग डेटा आधारित, निष्पक्ष निर्णय के लिए कर रहा है। इसके जरिए भ्रष्टाचार कम, समाधान तेज और जवाबदेही मजबूत हो रही है।     • भूमि रिकॉर्ड का डिजिटल मानचित्रण     • अतिक्रमण की स्वत: पहचान     • अवैध खनन की वास्तविक समय में निगरानी     • जिलों के प्रदर्शन की डिजिटल ट्रैकिंग API आधारित शासन: ‘ध्वनि’ बन रहा है यूपी का एआई ऑपरेटिंग सिस्टम एनआईसी द्वारा निर्मित ध्वनि प्लेटफ़ॉर्म उत्तर प्रदेश का आधुनिक शासन इंजन बन रहा है। एआई आधारित APIs सीधे शिकायत निस्तारण से लेकर स्वचालित सेवाओं के क्रियान्वयन तक विभागीय कार्यों के प्रवाह से जुड़ते हैं। साथ ही आधुनिक रूप से मजबूत होते हुए विभाग अलग-अलग नहीं, बल्कि जुड़ी हुई डेटा प्रणाली के रूप में काम करते हैं।

सीएम योगी आज आ सकते हैं अयोध्या : प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ करेंगे समीक्षा बैठक

अयोध्या प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के ध्वजारोहण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आज अयोध्या आ सकते हैं। सीएम योगी के दोपहर एक बजे के बाद यहां पहुंचने की संभावना है। सीएम योगी अयोध्या पहुंच कर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। यह बैठक रामजन्मभूमि परिसर में होगी। बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री की ओर से राम मंदिर परिसर में ध्वजारोहण समारोह से जुड़े कार्यक्रम स्थलों का भी निरीक्षण किया जाएगा। उनकी ओर से पीएम और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर निर्देश दिए जाएंगे। अब राम मंदिर में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे मेहमान  राम मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करते हुए ट्रस्ट व प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। ध्वजारोहण समारोह में आने वाले किसी भी मेहमान को मोबाइल फोन लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। शुरुआत में मेहमानों को मोबाइल साथ ले जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ाने की सिफारिश की। इसके बाद ट्रस्ट और प्रशासन ने संयुक्त समीक्षा के बाद मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। 25 नवंबर को राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह आयोजित है। समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समेत आठ हजार मेहमान शामिल होंगे। मेहमानों को भेजे गए आमंत्रण पत्र में बताया गया था कि 25 नवंबर को सभी को सुबह आठ से 10 बजे के भीतर मंदिर में प्रवेश करना होगा। वे अपने साथ मोबाइल रख सकते हैं, लेकिन अब इस निर्णय को बदल दिया गया है। मेहमानों को खाली हाथ समारोह के लिए आना होगा। परिसर में उनके भोजन, जलपान की व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से की जाएगी। समारोह को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। राम जन्मभूमि परिसर में अतिरिक्त मेटल डिटेक्टर, डॉग स्क्वॉड और सर्विलांस बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार बड़े आयोजन, बढ़ती भीड़ और राष्ट्रव्यापी सतर्कता को देखते हुए यह कदम आवश्यक था। मंदिर के आसपास 24×7 निगरानी के लिए नए कैमरे, हाईटेक कंट्रोल रूम और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जा रहे हैं। प्रशासन ने सभी आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे मोबाइल साथ न लाकर सहयोग करें, ताकि मंदिर परिसर में सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

सीएम योगी ने गोरखपुर में किया यूपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम गोरखपुर में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपी एसएसएफ) की द्वितीय वाहिनी के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जून माह के बाद बारिश से निर्माण कार्य प्रभावित होता है इसलिए लक्षित अवधि अक्टूबर 2026 से चार माह पूर्व ही इसे पूरा करने पर जोर दें। एसएसएफ द्वितीय वाहिनी के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले इसके मॉडल का अवलोकन किया और इसके बाद निर्माण स्थल पर जाकर भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अफसरों से वाहिनी के विभिन्न आयामों, व्यवस्थाओं, क्षमता, कार्य में लगे मैनपॉवर, भौतिक प्रगति की जानकारी ली। अफसरों ने बताया कि इसकी कुल क्षमता एक हजार की है और निर्माण की भौतिक प्रगति अब तक दस प्रतिशत है। अभी पांच सौ लोग काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सबसे बड़े बहुमंजिला भवन के अलावा अन्य कार्य 31 अक्टूबर  2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि काम को और तेज करिए। जून के बाद बरसात शुरू हो जाती है और ऐसे में अक्टूबर 2026 तक का लक्ष्य हासिल करने में बाधा आएगी। सीएम योगी ने निर्देशित किया कि मशीनरी का उपयोग बढ़ाकर काम तेज करें। कोशिश होनी चाहिए कि अक्टूबर 2026 की बजाय जून 2026 तक ही प्रशासनिक भवन, बैरक और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार हो जाए। मिट्टी की समस्या दूर करने के लिए डीएम को निर्देशित किया सीएम ने यूपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से कार्य में आ रही परेशानी के बारे में भी पूछा। अधिकारियों ने कहा कि लो लैंड होने के चलते भराई के लिए मिट्टी मिलने में दिक्कत हो रही है। इस पर सीएम योगी ने डीएम दीपक मीणा को बुलाया और निर्देश दिए कि आसपास नाला और नदी की ड्रेजिंग कराकर शीघ्रता से मिट्टी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को भी निर्देशित किया कि मिट्टी की अंतिम भराई से पहले मैक्सिमम फ्लड लेवल की जांच जरूर करे लें। सीएम ने पंपिंग स्टेशन बनाने के दिए निर्देश ताल जहदा क्षेत्र की जमीन नीची होने को लेकर जलभराव की समस्या का अभी से समाधान कराने के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने डीएम से कहा कि मानीराम तटबंध पर रेगुलेटर के पास पंपिंग स्टेशन बनाया जाए। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह, सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल, प्रशासन, पुलिस और कार्यदायी संस्था के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। 343 करोड़ रुपये से 50 हेक्टेयर में हो रहा है एसएसएफ की दूसरी बटालियन का निर्माण गोरखपुर में गठित एसएसएफ की दूसरी बटालियन के लिए ताल जहदा में 50.157 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब 343 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय और अनावासीय भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। आवासीय भवनों के लिए योगी सरकार ने 186 करोड़ 33 लाख 43 हजार रुपये तथा अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 156 करोड़ 39 लाख 89 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं। कार्यदायी संस्था के रूप निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड (भवन) द्वारा कराया जा रहा है। अत्याधुनिक और हाईटेक होगा एसएसएफ का भवन ताल जहदा में यूपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी का भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त और हाईटेक होगा। इसके परिसर में लिफ्ट युक्त टाइप ए तथा बी (ग्राउंड प्लस 13 फ्लोर) और टाइप फोर व फाइव के बहुमंजिला भवन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा लिफ्ट युक्त प्रशासनिक भवन (ग्राउंड प्लस 4 फ्लोर), क्वार्टर गार्ड, पार्किंग, संतरी पोस्ट, अस्पताल, इंडोर जिम, डॉग कैनेल, टॉयलेट ब्लॉक और 400 की क्षमता का बैरक बनाया जाएगा। यहां सलामी मंच के साथ भव्य परेड ग्राउंड का विकास भी होगा। सभी आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ इसके परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का भी इंतजाम होगा। निर्माण कार्य 21 जून 2024 को शुरू हुआ था और टॉवर ए और बी के अलावा इसे 31 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। टॉवर ए और बी के निर्माण पूर्ण करने की समय सीमा 30 मार्च 2027 है। जून 2021 में हुआ था यूपी एसएसएफ का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर, 2020 में न्यायालयों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल का गठन किया था। जिसके बाद जून, 2021 में यूपी एसएसएफ की पांच वाहिनी गठित की गई थीं, जिनमें लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, मथुरा व सहारनपुर शामिल हैं। इसके बाद छठवीं वाहिनी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा के लिए गठित की गई। गोरखपुर के लिए गठित एसएसएफ की द्वितीय वाहिनी गोरखपुर और कुशीनगर एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा रही है। एसएसएफ की द्वितीय वाहिनी अभी अपना कामकाज गोरखपुर के पीएसी कैम्पस से कर रही है। एसएसएफ भवन तक बन रहा एप्रोच मार्ग योगी सरकार यूपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी के भवन तक दो किमी लंबी एप्रोच सड़क भी बनवा रही है। इसके निर्माण पर 23.73 करोड़ रुपये की लागत आएगी। लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड तीन द्वारा 18 मार्च 2025 से शुरू इसके निर्माण की भौतिक प्रगति 30 प्रतिशत है। इस एप्रोच मार्ग के मार्च 2026 में बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है।

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

लोगों से बोले सीएम, हर समस्या का कराएंगे पारदर्शिता के साथ निस्तारण गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को आवास दिलाने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के उपचार में आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं और पारदर्शिता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। जनता दर्शन में एक वृद्ध महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। एक महिला ने बिटिया की शादी के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई तो सीएम ने तुरंत मौके पर मौजूद अधिकारियों को विवाह अनुदान योजना का लाभ दिलाने के लिए निर्देशित किया। एक अन्य महिला ने बिजली कनेक्शन में आ रही अड़चन की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को बिजली कनेक्शन दिलाने के लिए निर्देशित किया। जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर समस्या का समाधान करने के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें चॉकलेट भी दिया।

गुरु नानक देव जी उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष, 500 वर्ष पहले ही समाज के संगठन, समानता और सेवा का दिया संदेश: योगी

गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री योगी 556वें प्रकाश पर्व पर बोले योगी आदित्यनाथ- जब देश विदेशी आक्रांताओं से कांप रहा था, तब गुरु नानक देव जी ने समाज को आध्यात्मिक शक्ति और एकता का संदेश दिया गुरु नानक देव जी उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष, 500 वर्ष पहले ही समाज के संगठन, समानता और सेवा का दिया संदेश: योगी मुश्किल समय में भी उन्होंने मिल-बांटकर खाने, गरीबों की मदद करने और एकजुट समाज बनाने का संदेश दिया: मुख्यमंत्री भारत संतों और महापुरुषों की उस परंपरा का देश है, जिसने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा: सीएम जब विदेशी आक्रांताओं के आगे कई राजा-रजवाड़े झुक गए, तब गुरु नानक देव जी ने बाबर को ‘जाबर’ यानी जल्लाद कहने का साहस दिखाया: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सिख पंथ के संस्थापक एवं प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व पर राजधानी लखनऊ के डीएवी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने सिख गुरुओं के सम्मान में अपना शीश नवाया और दर्शन किए। समारोह में कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी भारत के एक उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष थे, जिन्होंने 500 वर्ष पहले समाज के संगठन, समानता और सेवा का जो संदेश दिया, वही आज भारत की सामाजिक व्यवस्था की नींव है। सीएम योगी ने कहा कि उस काल में जब देश बाबर जैसे विदेशी आक्रांताओं की बर्बरता झेल रहा था, जब मंदिर तोड़े जा रहे थे, आस्था पर प्रहार हो रहे थे, तब भी गुरु नानक देव जी बिना भय, बिना दबाव समाज को मार्गदर्शन दे रहे थे। उन्होंने मिल-बांटकर खाने, गरीबों की मदद करने और एकजुट समाज बनाने का संदेश दिया। भारत के संतों ने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी की आध्यात्मिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि भारत संतों और महापुरुषों की उस परंपरा का देश है, जिसने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा। योगी ने कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं के आगे कई राजा-रजवाड़े झुक गए, तब गुरु नानक देव जी ने बाबर को ‘जाबर’ यानी जल्लाद कहने का साहस दिखाया। यही भारत की संत परंपरा की शक्ति थी। समाज में एकता और धर्म की मजबूती का आह्वान मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाज में एकता और धर्म की मजबूती का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज जब कुछ क्षेत्रों में धर्मांतरण जैसी गतिविधियां दिखाई देती हैं, तो हमें सिख पंथ की मूल भावना — एकता, संगठन और सेवा — को और सशक्त करना होगा। योगी ने कहा कि अगर कहीं कोई कमी है, तो हमें उसे दूर करना होगा। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने जब खालसा पंथ की स्थापना की, तब उन्होंने समाज के हर वर्ग को जोड़ा। उसी भावना को हमें फिर से जीवंत करना होगा। मजबूत रहेंगे तो हर कोई आस्था का सम्मान करेगा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हम मजबूत रहेंगे, तो हर कोई हमारी आस्था का सम्मान करेगा। सिख गुरुओं और महापुरुषों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई दी और कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमारे जीवन और समाज को दिशा देती रहें।

तेज हो निर्माण कार्य, गुणवत्ता में लापरवाही होगी अक्षम्य : सीएम योगी

विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा, तैयारी के लिए जीडीए-नगर निगम के अफसरों को निर्देश गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि धर्मशाला बाजार से पांडेयहाता तक बन रहे विरासत गलियारा से किसी भी दुकानदार का हित कतई प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जिन दुकानदारों की पूरी दुकान इस गलियारा के दायरे में आ गई है या फिर जिनकी दुकानों का आकार बहुत अधिक छोटा हो गया है, उन्हें एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाकर उसमें दुकानें दी जाएंगी। इस नई व्यवस्था के लिए सीएम योगी ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम के अधिकारियों को जरूरी तैयारी करने के लिए निर्देशित किया है।  दुकानदारों को यह भरोसा और इसके अनुरूप कार्य करने के लिए जरूरी निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम को विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के दौरान दिए। टीपी नगर चौक से पैडलेगंज मार्ग पर बन रहे सिक्सलेन फ्लाईओवर का जायजा लेने के बाद सीएम योगी विरासत गलियारा के निर्माण कार्य को देखने-परखने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने विरासत गलियारा का निर्माण कार्य तेज करने और गुणवत्ता पर खास जोर देने के निर्देश कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। चेतावनी भी दी कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही अक्षम्य होगी।  विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के लिए सीएम योगी पांडेयहाता चौराहा, घंटाघर, हजारीपुर और जटाशंकर चौराहा पर रुके। वह सबसे पांडेयहाता चौराहा पहुंचे। शिवम टॉवर के पास ड्राइंग मैप देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गलियारा के निर्माण में जितने भी मकान और दुकान आए हैं, उनका मुआवजा हर हाल में दिया जाना सुनिश्चित होना चाहिए। कोई भी छूटना नहीं चाहिए। यदि किसी नागरिक की दुकान शत प्रतिशत प्रभावित हो गई हो या अत्यंत छोटी हो गई हो तो उनके कारोबारी समायोजन के लिए जीडीए या नगर निगम की तरफ से एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाए। यहां उन्होंने टूट रही दुकानों का मलबा निस्तारित करने, सड़क का स्लोप बेहतर करने और तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए।  पांडेयहाता चौराहा के बाद सीएम योगी ने घंटाघर में विरासत गलियारा के साथ ही घंटाघर के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट की भी जानकारी ली। यहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विरासत गलियारा के तहत सड़क का निर्माण बीच-बीच मे न करके एक तरफ से किया जाए ताकि दुकानदारों को अपने दुकान को पुनर्व्यवस्थित करने में किसी तरह की परेशानी न हो।  विरासत गलियारा के निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजारीपुर में भी रुके। निर्माण का लेआउट देखने के बाद उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सड़क का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ होनी चाहिए। गुणवत्ता में किसी तरह की खामी पाई गई तो जिम्मेदार लोग कड़ी कार्रवाई का सामना करने के तैयार रहेंगे। उन्होंने गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। चेताया कि समय पर काम पूरा न होने को भी लापरवाही माना जाएगा। गुणवत्ता हो या समय सीमा, दोनों के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विरासत गलियारा का जायजा लेने के दौरान सीएम योगी का आखिरी पड़ाव जटाशंकर चौराहा था। यहां मुख्यमंत्री ने सड़क पर पर्याप्त पथ प्रकाश के लिए नाली के पार स्ट्रीट लाइट लगाने की हिदायत दी। साथ ही कहा कि सड़क का स्लोप अच्छा हो और नाले पर समतल स्लैब डालें जाएं ताकि इसका इस्तेमाल फुटपाथ के रूप में हो सके।

प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी

स्नान पर्वों और मेलों के सकुशल आयोजन के लिए 'स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता' हो तैयारियों का आधार: मुख्यमंत्री प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी संवेदनशील स्थलों पर ‘रील’ बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती पर रोक: मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री का पुलिस को निर्देश, सार्वजनिक स्थलों पर अराजक-अवांछनीय तत्वों की उपस्थिति न हो, बढ़ायें चौकसी, कड़ी कार्रवाई हो कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और विभिन्न मेलों की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की गहन समीक्षा स्नान घाटों पर प्रकाश, सीसीटीवी, फ्लोटिंग बैरियर और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश धान खरीद में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए, किसानों को समय पर भुगतान हो: मुख्यमंत्री गो-आश्रय स्थलों में सुधार और मानदेय कर्मियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ अभियान में अब तक मिले 72 लाख से अधिक सुझाव, जनभागीदारी से बनेगा विकास का रोडमैप लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि आगामी पर्व-त्योहारों और मेलों के अवसर पर प्रदेश में 'स्वच्छता सुरक्षा और सतर्कता' सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का कार्य है। प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हर अधिकारी का दायित्व है। भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्नान घाटों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर अराजक या अवांछनीय तत्वों की उपस्थिति किसी भी दशा में न होने पाए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि माहौल पूर्णतः शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धाभाव से भरा रहे। मुख्यमंत्री सोमवार देर रात प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, धान खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न विषयों पर समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शासन स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, ददरी मेला (बलिया) और गढ़मुक्तेश्वर मेला (हापुड़) जैसे आयोजनों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों पर लाखों श्रद्धालु घाटों और मेलों में पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश, फ्लोटिंग बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, स्वास्थ्य उपकेंद्र, मोबाइल टॉयलेट, खोया-पाया केंद्र और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों का जलस्तर अभी ऊँचा है और प्रवाह तेज है, इसलिए स्नान घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। उन्होंने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की सक्रिय तैनाती के निर्देश देते हुए कहा कि बिना लाइफ जैकेट के कोई भी नाविक या पर्यटक बोटिंग न करे। काशी में देव दीपावली, अयोध्या, प्रयागराज, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, बदायूं और बलिया जैसे जिलों में सर्वाधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान ‘रील’ बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती कतई न की जाए, ताकि जनसेवा के कार्य में अनुशासन और मर्यादा बनी रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीद की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहे और किसानों को असुविधा न हो। किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका स्वीकार्य नहीं होगी। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खाद एवं उन्नत बीजों की पर्याप्त उपलब्धता हर जनपद में सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने हाल की वर्षा से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वेक्षण कर बिना विलम्ब क्षतिपूर्ति का भुगतान नियमानुसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजे के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अवैध खनन को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विशेष टीम गठित कर औचक निरीक्षण कराए जाएं। यदि किसी भी क्षेत्र में अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलाधिकारी स्वयं इन स्थलों का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गोवंश को चारा-पानी और चिकित्सा की समुचित सुविधा मिले। उन्होंने आशा, आंगनबाड़ी, रसोइया तथा मानदेय पर कार्यरत कर्मियों को हर माह समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 'विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 72 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। जौनपुर, गाजीपुर, हरदोई, प्रतापगढ़, बिजनौर, गोरखपुर, बरेली, सोनभद्र और गोंडा सहित कई जिलों से लोगों ने विकास के उपयोगी विचार साझा किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए ताकि उत्तर प्रदेश के विकास का रोडमैप जनता के सुझावों से और सशक्त बने।