samacharsecretary.com

CM मान आज लुधियाना से करेंगे ‘सूरमा’ अभियान का आगाज, नशामुक्ति की मिसाल बने 6 युवाओं का होगा सम्मान

लुधियाना पंजाब को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को लुधियाना में नशा विरोधी अभियान के तहत ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत करेंगे।  नशे जैसी गंभीर समस्या को हराना किसी जंग जीतने से कम नहीं माना जा रहा है। इसी के तहत पंजाब सरकार ने उन युवाओं को ‘सूरमा’ (योद्धा) का नाम दिया है, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से नशे को मात दी है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भी ऐसे ही युवा होंगे। 6 युवाओं का होगा विशेष सम्मान इस मुहिम के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान आज ऐसे 6 युवाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित करेंगे, जो कभी नशे की गिरफ्त में थे, लेकिन अब पूरी तरह नशा छोड़ चुके हैं। ये सभी युवा अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर विभिन्न कार्यों में लगे हुए हैं। कोई मेहनत-मजदूरी कर रहा है तो कोई छोटा-मोटा रोजगार चलाकर अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर रहा है। सरकार का उद्देश्य इन युवाओं को सम्मानित कर यह संदेश देना है कि नशे को छोड़कर एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत की जा सकती है। प्रशासन की तैयारियां मुकम्मल लुधियाना के गुरु नानक भवन में होने वाले इस बड़े आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसमें कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। दूसरों के लिए बनेगी प्रेरणा इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य राज्य के अन्य युवाओं को प्रेरित करना है। जो युवा अभी भी नशे के जाल में फंसे हैं, उन्हें यह संदेश देना है कि नशा छोड़ने पर सरकार और समाज दोनों उनके साथ खड़े हैं। यह सम्मान समारोह उन माता-पिता के लिए भी उम्मीद की किरण लेकर आया है, जिनके बच्चे इस बुरी लत का शिकार हैं। ‘सूरमा’ मुहिम पंजाब के युवाओं में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।  

अमृतसर में आज जुटेंगे CM मान और केजरीवाल, हंसराज रघुवंशी करेंगे शिव महिमा का गुणगान; ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

 अमृतसर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज अमृतसर आएंगे। वे पाइटेक्स ग्राउंड, रंजीत एवेन्यू में आयोजित भगवान शिव के नाम एक शाम कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी भगवान शिव की महिमा का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सनातन सेवा समिति पंजाब तथा पंजाब सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम शनिवार शाम 6:30 बजे शुरू होगा। संत-महापुरुषों, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन में प्रवेश सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर विशाल मंच और भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सलाहकार दीपक बाली, जिलाधीश दलविंदरजीत सिंह, पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर तथा सनातन सेवा समिति पंजाब के अध्यक्ष विजय शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और तैयारियों की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल करेंगे शिरकत राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से शामिल होंगे। दोनों नेता भगवान शिव के चरणों में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करेंगे। समय पर पहुंचने की अपील पंजाब सरकार के अनुसार, इस राज्य स्तरीय धार्मिक समागम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आज शाम होने वाले इस समागम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। 4 पॉइंट्स में पढ़ें जारी ट्रैफिक एडवाइजरी:-     एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर ने बताया कि हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड और टी-पॉइंट (इन-आउट बेकरी) से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि अत्यंत आवश्यक कार्य न होने पर इन मार्गों का उपयोग करने से बचें।     रंजीत एवेन्यू जाने वाले वाहन चालक रतन सिंह चौक, एम.के. होटल रोड, बेस्ट वेस्टर्न रोड और सी-मार्केट टी-पॉइंट से होकर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। वहीं, शहर के बाहर से आने वाले लोगों को आईटीआई–आनंद पार्क मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।     कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि प्रमुख चौराहों पर पुलिस कर्मी लगातार निगरानी रखेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी भी प्रकार की शरारती गतिविधि में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।     ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। इससे धार्मिक समागम के शांतिपूर्ण संचालन के साथ लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं सरकार की ओर से आयोजन स्थल पर पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया गया है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव कार्यक्रम के दौरान रंजीत एवेन्यू और आसपास के इलाकों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड तथा इन-आउट बेकरी टी-पॉइंट से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा।

सीएम मान ने 355 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, धुरी की रैली को लेकर हरियाणा सरकार पर साधा निशाना

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अलग-अलग विभागों में उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। चंडीगढ़ के म्युनिसिपल भवन में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गयया। अब तक पंजाब सरकार 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है।इस दाैरान मान ने कहा कि आज अलग-अलग विभागों के 355 युवा लड़के-लड़कियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। आने वाले दिनों में पंजाब सरकार इन युवा लड़के-लड़कियों को और भी कई नौकरियां देगी। ये नौकरियां मेरिट के आधार पर दी जाएंगी।  युवाओं ने खुद अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इसके लिए उन्हें कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा और न ही किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी। इसलिए मैं सभी को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं।  भाजपा पर साधा निशाना इस दाैरान सीएम ने भाजपा पर निशाना साधा। मान ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री धुरी आए थे और आप जानते ही हैं कि उनके सामने कितने लोग बैठे थे। वह एक फ्लॉप शो था। पंजाब के लोग भाजपा को बिल्कुल भी पसंद नहीं करेंगे क्योंकि पंजाब की जनता और किसानों ने भाजपा का नफरत भरा चेहरा देख लिया है।   युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब न सिर्फ नौकरियां पैदा कर रहा है बल्कि ऐसे मौके भी पैदा कर रहा है जो युवाओं को अपने प्रदेश में रहने, आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकायों, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास तथा अन्य विभागों में नए चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब सरकार के राज्य के युवाओं को रोजगार और सुशासन के माध्यम से सशक्त बनाने के चल रहे मिशन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है। ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं। ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है। मैं नव-नियुक्त उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे सरकारी दफ्तरों में वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के काम को प्राथमिकता दें। ‘आप’ सरकार युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और उन्हें पंजाब में ही तरक्की के मौके प्रदान करके उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है। वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं। आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं। इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है। उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से ये नव-नियुक्त कर्मचारी सरकारी परिवार का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और ये कर्मचारी खुशहाल व रंगला पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर रंगला पंजाब की शान को बहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। आपके हर एक की अब समाज और राज्य के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सरकार ने आपको मौके देकर अपना फर्ज निभाया है। अब आपकी बारी है कि आप ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करें। पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के रिकॉर्ड की तुलना देश के अन्य हिस्सों की वर्तमान स्थिति से की। उन्होंने कहा, “2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है। नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है। हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है। इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है। होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है। शिक्षा क्रांति के तहत सरकार द्वारा किए गए शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में शानदार बदलाव लाया है। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो स्कूल शिक्षा में पंजाब देश भर में 27वें स्थान पर था। आज नीति आयोग के अनुसार पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर कब्जा कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि हमने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और विश्व स्तरीय शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के स्कूल अब … Read more

विकास के एजेंडे के साथ नीति आयोग की बैठक में पहुंचेंगे CM मान, पंजाब की उपलब्धियों का करेंगे प्रस्तुतीकरण

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान 11 जून को होने वाली नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पंजाब सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और औद्योगिक विकास से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस अहम बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री मान बैठक के दौरान शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों को प्रमुखता से उठाएंगे। सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों का रुख किया है। बैठक में स्कूल आफ एक्सीलेंस की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूलों के विकास तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की बढ़ती सफलता का भी उल्लेख किया जाएगा। नहरी पानी प्रयोजना का भी होगा जिक्र राज्य सरकार इन पहलुओं को शिक्षा क्षेत्र में बदलाव के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत करने की तैयारी में है। कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करेंगे। सरकार का कहना है कि वर्षों से बंद या उपेक्षित पड़ी कई नहरों और जल वितरण प्रणालियों को दोबारा चालू किया गया है। इसके चलते खेती के लिए नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ी है और किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम करने की दिशा में प्रगति हुई है। पंजाब सरकार इस पहल को जल संरक्षण और कृषि सुधारों से जोड़कर राष्ट्रीय मंच पर रखने की तैयारी कर रही है। सेहत योजना सरकार की उपलब्धि स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री मान हाल ही में शुरू की गई मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश करेंगे। इसके अलावा लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए अन्य सुधारों की जानकारी भी बैठक में दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख कर सकते हैं। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को भी पंजाब सरकार की उपलब्धियों के रूप में रखा जाएगा। प्राथमिकताएं राष्ट्रीय स्तर पर होगी प्रस्तुत  गौरतलब है कि नीति आयोग की यह बैठक केंद्र और राज्यों के बीच विकास संबंधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। बैठक में राज्यों के साथ पहले हुए विचार-विमर्श की समीक्षा किए जाने के साथ-साथ विनिर्माण क्षेत्र को गति देने के लिए नियमों को सरल बनाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में मुख्यमंत्री मान के लिए यह मंच पंजाब में किए गए कार्यों और सरकार की प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर होगा।

बेटियों-बहनों के लिए पंजाब सरकार की सौगात, हर महीने मिलेंगे 1000 रुपए

चंडीगढ़   पंजाब में मुख्यमंत्री मावन ध्यान सत्कार योजना के तहत 1 जुलाई से 52 लाख महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी, और दलित महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता मिलेगी। 35 लाख लाभार्थियों को कार्ड जारी किए जा चुके हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सब्जी और फल उत्पादकों तथा मत्स्यपालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के विस्तार की घोषणा के लिए आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। मान ने कहा कि सरकार ने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक धनराशि का बजट पहले ही बना लिया है। राज्य की महिलाओं को यह कहकर गुमराह न किया जाए कि यह योजना केवल कुछ महीनों तक चलेगी। यह महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए एक दीर्घकालिक योजना है। क्या है 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना'? सीएम भगवंत मान ने मंगलवार को किसान क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिलाओं से जुड़ी यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के लिए सरकार ने फंड अलग से रख दिया है।     योजना के तहत लगभग 52 लाख लाभार्थी महिलाओं की पहचान कर ली गई है।     इनमें से करीब 35 से 36 लाख महिलाओं को योजना के कार्ड जारी किए जा चुके हैं।     सरकार को उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक सभी पात्र लाभार्थियों तक उनके कार्ड पहुंच जाएंगे। बता दें कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2026-27 के अपने बजट प्रस्तावों में इस योजना को लागू करने के लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। किसे नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ? सरकार के मुताबिक, राज्य की अधिकतर महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा, लेकिन कुछ विशेष श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है। योजना का लाभ इन्हें नहीं मिलेगा:     मौजूदा और रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) सरकारी कर्मचारी     इनकम टैक्स (आयकर) देने वाली महिलाएं     मौजूदा और पूर्व विधायक व सांसद योजना से जुड़ी अन्य अहम बातें पेंशन के साथ भी मिलेगा लाभ: जिन महिलाओं को पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही है, उन्हें वह पेंशन मिलती रहेगी। उन्हें इस नई योजना का लाभ भी अतिरिक्त रूप से मिलता रहेगा। देर से कार्ड बनने पर भी नुकसान नहीं: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी योग्य महिला का कार्ड देरी से यानी अक्टूबर में भी बनता है, तो भी उसे 1 जुलाई से ही योजना का पैसा मिलना शुरू माना जाएगा और पिछला भुगतान भी किया जाएगा। लंबी अवधि की योजना: सीएम मान ने कहा है कि कोई भी इस योजना को चुनावी हथकंडा न समझे। यह एक लंबी अवधि की योजना है जो चुनावों के बाद भी लगातार जारी रहेगी। AAP का प्रमुख चुनावी वादा महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए प्रमुख वादों में से एक थी। योजना को शुरू करने में हो रही देरी की वजह से विपक्ष लगातार सरकार की आलोचना कर रहा था। आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की कुल महिलाओं की संख्या 1.01 करोड़ है, जिनमें से 51.48 प्रतिशत महिलाओं को हर महीने यह ग्रांट मिलेगी। अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस उनकी तलाश कर रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वह सिर्फ कागजी शेर है। उसने अपने आदमियों को पुलिस केस में फंसाया और उन्हें छोड़कर भाग गया। इसी बीच, सहकारिता विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मान ने 26 साल पुरानी किसान क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल के लिए ऋण सीमा 24,380 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। पहली बार, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड में 2,000 रुपये प्रति एकड़ का अलग प्रावधान शामिल किया गया है। गन्ने के किसानों को बड़ी राहत देते हुए, ऋण सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। सब्जियों और बागवानी फसलों के लिए सीमा 32,000 रुपये से बढ़ाकर 1.57 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि ड्रैगन फ्रूट, बांस, चिनार और लेमनग्रास जैसी फसलों को पहली बार केसीसी योजना में शामिल किया गया है। संशोधित योजना के तहत, किसानों को छह साल के लिए वैध केसीसी अनुमोदन प्राप्त होगा, जिसकी ऋण सीमा वार्षिक रूप से बढ़ती जाएगी। किसान एटीएम, यूपीआई और डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से आसानी से धनराशि निकाल सकते हैं। 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान उन्होंने कहा कि यह एक दूरगामी योजना है और सरकार ने तभी शुरू किया जब इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है. योजना के तहत इस वित्त वर्ष में 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ? हालांकि इस योजन में सरकारी कर्मचारी या सरकार से रिटायर हो चुकी महिलाओं, पूर्व और मौजूदा विधायक और सांसद महिलाओं और टैक्स अदा करने वाली महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा।  विधवा पेंशन पाने वालीं महिलाओं को भी लाभ अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन ले रही महिलयन को इस योजना के तहत सहायता राशि दी जाएगी।  महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति महीना सहायता राशि देने का वायदा आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले किया था. हालांकि विपक्ष ये सवाल उठा रहा है कि सरकार ने ये योजना कार्यकाल के चार साल पूरे होने के बाद शुरू की है. विपक्ष यह भी मांग करता रहा है कि महिलाओं को ये राशि पिछले चार साल के लिए दी जाए। 

बोर्ड परीक्षाओं की रैंकिंग में बड़ा बदलाव, बराबर नंबर पर उम्र नहीं करेगी फैसला : सीएम मान

चंडीगढ़  पंजाब में बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स की रैंकिंग तय करने के लिए आयु में अंतर (एज डिफरेंस) का नियम अब खत्म होगा। भविष्य में यदि एक से अधिक विद्यार्थियों के समान अंक आते हैं तो सभी को एक ही रैंक दी जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में व्यवस्था में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।  चंडीगढ़ में आयोजित सितारे जमीन पर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों के अनुभव सुने और अपने अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। छात्रा ने उठाया मुद्दा कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री के समक्ष रैंकिंग व्यवस्था का मुद्दा उठाया। छात्रा ने बताया कि अमृतसर जिले में उसके सहित तीन छात्राओं ने समान अंक प्राप्त किए थे लेकिन आयु प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान दिया गया। इस कारण वह प्रथम स्थान हासिल नहीं कर सकी। छात्रा की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नियमों में बदलाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समान अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी टॉपर हैं और उनमें कोई अंतर नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए भविष्य में समान अंक पाने वाले सभी विद्यार्थियों को समान स्थान और सम्मान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पहले तीन टॉपर के हैं समान अंक मनीष सिसोदिया ने भी छात्रा के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को अपनी बात रखने और व्यवस्था में सुधार की मांग करने का साहस देना है। हाल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के परिणामों में भी ऐसा मामला सामने आया था। मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिव्यांशी ने 500 में से 500 अंक हासिल किए थे। हालांकि तीनों के अंक समान थे लेकिन आयु के आधार पर उन्हें क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान दिया गया था। अब अगले सत्र से इस व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।   

पंजाब में बिजली व्यवस्था होगी सुरक्षित, खेतों से हटेंगे खुले तार; CM मान की बड़ी घोषणा

संगरूर. पंजाब के खेतों में बिजली के खंभों व ऊपर से गुजरने वाली तारों से किसानों को होने वाली परेशानियों को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने पैतृक गांव सतोज से खेतों में बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार सतोज गांव में करीब सात किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन तथा 9.5 किलोमीटर लो टेंशन बिजली लाइनों को जमीन के नीचे डाला जाएगा। इसके तहत खेतों में लगे बिजली के खंभों व खुली तारों को हटाकर आधुनिक अंडरग्राउंड केबल प्रणाली विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में बिजली की खुली तारों के कारण अक्सर शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग से फसलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई योजना से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह परियोजना केवल सतोज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे पंजाब में लागू की जाएगी। इससे किसानों को सुरक्षित और बाधारहित खेती का वातावरण मिलेगा। खेतों में खंभों और तारों के हटने से कृषि कार्यों में भी सुविधा बढ़ेगी तथा आधुनिक मशीनों के उपयोग में आने वाली दिक्कतें कम होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है और खेती को अधिक सुरक्षित, आधुनिक तथा सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की जमीन को तारों और खंभों से मुक्त करना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। गांव सतोज में इस योजना की शुरुआत को किसानों ने भी सराहा है। किसानों का कहना है कि अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था लागू होने से फसलें सुरक्षित रहेंगी और खेतों में काम करना पहले से अधिक आसान होगा।

CM भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘किसी भी कीमत पर लागू रहेगा बेअदबी विरोधी कानून’

पटियाला. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल-2026 को मंजूारी मिलने के बाद शुरू की गई शुकराना यात्रा आज फतेहगढ़ साहिब में समाप्त हो गई। पटियाला से होते हुए सीएम का काफिला फतेहगढ़ साहिब पहुंचा। सीएम मान ने पटियाला व फतेहगढ़ साहिब में आयोजित शुकराना यात्रा के दौरान बेअदबी कानून को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी विरोधी कानून से आम लोग खुश हैं, लेकिन अकाली दल और कांग्रेस इस कानून का लगातार विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर इस कानून को रद्द करवाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई कोर्ट ने संबंधित याचिका खारिज कर दी है और अब यह कानून वापस नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून को राज्यपाल की मंजूरी और अदालत की मुहर मिल चुकी है, इसलिए इसे रोकने के सभी प्रयास विफल हो चुके हैं। बादल परिवार को कानून मंजूर नहीं भगवंत मान ने कहा कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि यह कानून पंथ को मंजूर नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि केवल बादल परिवार और उनके समर्थक ही इसका विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अकाली दल के नेता सुखबीर बादल पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वह कहते हैं कि उनकी बारी आने दो, लेकिन अब उनकी बारी सत्ता में आने की नहीं, बल्कि जेल जाने की है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। भगवंत मान ने कहा कि कुछ ताकतें पंजाब के लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार ऐसी घटनाएं और बयान सामने लाए जा रहे हैं जिनसे पंजाब की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील कर कहा कि पंजाबियों को शांत रहना चाहिए और किसी भी उकसावे में नहीं आना चाहिए। पंजाब विकास की और बढ़ रहा उन्होंने कहा कि पंजाब ने लंबे समय तक अशांति का दौर देखा है और अब राज्य दोबारा विकास और अमन के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में कुछ राजनीतिक दल अपने हितों के लिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक भावनाओं के सम्मान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शुकराना यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और फैसलों का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।

CM भगवंत मान की शुकराना यात्रा जारी, अमृतसर में माथा टेककर लिया आशीर्वाद, फूलों से हुआ स्वागत

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से निकाली जा रही शुकराना यात्रा के लिए अमृतसर पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर रईया से लेकर श्री हरिमंदिर साहिब तक पूरी तैयारियां की गई। शुकराना यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का पहला स्वागत रईया में हुआ। जहां हल्का बाबा बकाला के विधायक दलबीर सिंह टोंग की अगुवाई में विशेष कार्यक्रम रखा गया। अमृतसर व आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। गांवों से भी जत्थों के रूप में समर्थक लगातार कार्यक्रम स्थल पहुंचे। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के स्वागत को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गईं।  सीएम की यात्रा के लिए सुरक्षा घेरा तैयार रईया से लेकर अमृतसर तक जीटी रोड पर सुरक्षा के मद्देनजर विशेष प्रबंध किए गए हैं। सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई है ताकि यातायात और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। आसपास की इमारतों और ऊंचे स्थानों पर पंजाब पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संभाली जा रही है। डीआईजी संदीप गोयल और अमृतसर देहाती के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभा रहा है। कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जालंधर से शुरू की आज यात्रा सीएम भगवंत मान ने दूसरे दिन की यात्रा जालंधर से शुरू की है। जालंधर सेंट्रल से शुकराना यात्रा शुरू करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा बेअदबी मामले में अगर कोई मानसिक रोगी होता है तो उसके परिजनों पर मामला दर्ज किया जाएगा, उन्होंने कहा ऐसा नहीं है कि घर से किसी रोगी को सीखा कर बेअदबी के लिए बाहर भेज दो और खुद इसे दूर हो ऐसे मामलों में परिजनों पर मामला दर्ज होगा। कल फतेहगढ़ साहिब में होगी यात्रा समाप्त तीन दिवसीय शुकराना यात्रा का आज दूसरा दिन है। आज ये यात्रा जालंधर से शुरू हुई है। जानें कहां-कहां जाएगी ये यात्रा- वीरवार- जालंधर, बाबा बकाला, अमृतसर, तरनतारन, जीरा, फरीदकोट और कोटकपूरा से होकर निकलेगी। शुक्रवार- मुख्यमंत्री का काफिला बठिंडा, तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, सरदूलगढ़, मानसा, बरनाला, सुनाम, संगरूर, समाना और पटियाला पहुंचेगा। यात्रा का समापन श्री फतेहगढ़ साहिब में होगा।

पंजाब में धमाकों पर सियासत तेज, CM मान ने भाजपा को ठहराया माहौल बिगाड़ने का जिम्मेदार

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में हाल ही में हुए बम धमाकों को लेकर विपक्ष पर हमला बोल दिया है। श्री आनंदपुर साहिब से शुकराना यात्रा शुरू करने के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये धमाके भाजपा की चुनावी तैयारी का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले लोगों में डर और तनाव का माहौल बनाकर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भाजपा नेताओं ने खुद कहा था कि अब पंजाब की बारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का तरीका यही रहा है कि जहां चुनाव आते हैं, वहां पहले लोगों को आपस में लड़ाया जाता है और फिर डर का माहौल बनाकर वोट हासिल करने की कोशिश की जाती है। छोटे-मोटे धमाकों से पंजाब डरने वाला नहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोग समझदार हैं और छोटे-मोटे धमाकों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले भी कठिन और काले दौर देख चुका है, लेकिन यहां के लोगों ने हमेशा शांति और भाईचारे को बनाए रखा है। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब एक शांतिप्रिय प्रदेश है और यहां नफरत की राजनीति सफल नहीं होगी। बेदअदबी पर सख्त हुई सरकार मुख्यमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून से भाजपा परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बेअदबी की घटनाओं के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जाती थी, ताकि दो समुदायों के बीच तनाव पैदा हो सके। लेकिन अब नए कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान होने के कारण ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्होंने मोहाली में हुई बेअदबी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ नए कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल पश्चिम बंगाल के चुनावों पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वहां चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ममता बेनर्जी की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि भाजपा ने 100 से अधिक सीटों में गड़बड़ी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग को किसी राजनीतिक दल की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए, बल्कि स्थिति को स्पष्ट करते हुए लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा की ओर से भी इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। बीजेपी पर लगाए आरोप वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, 'भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है. बंगाल चुनाव अब खत्म हो चुके हैं और अब वे कह रहे हैं कि पंजाब की बारी है. ये धमाके भाजपा की साजिश हैं. मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि इस तरह की हरकतें बंद करे. जहां-जहां भाजपा चुनाव लड़ना चाहती है, वहां इस तरह की घटनाएं होने लगती हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'क्या भाजपा ऐसे धमाकों के जरिए वोट लेना चाहती है? पंजाब में जो हो रहा है, वह भाजपा की तैयारी का हिस्सा है। शिरोमणि अकाली दल ने सीएम के बयान को बताया राष्ट्र विरोधी शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में धमाकों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. शिरोमणि अकाली दल ने सीएम के बयान को “राष्ट्रविरोधी” करार दिया है. अकाली दल की ओर से कहा गया कि बिना किसी जांच के मुख्यमंत्री इस तरह का आरोप कैसे लगा सकते हैं. पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या सीएम मान अपने इस बयान के जरिए राष्ट्रविरोधी तत्वों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं? अकाली दल ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के पास किसी तरह की खुफिया या पुख्ता जानकारी है तो उसे सार्वजनिक करें और एजेंसियों के सामने रखें. पार्टी नेताओं ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में राजनीतिक आरोप लगाने से पंजाब का माहौल खराब हो सकता है. साथ ही अकाली दल ने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बता दें कि जालंधर के बीएसएफ चौक पर बीएसएफ मुख्यालय पर भीड़भाड़ वाले इलाके में खड़ी एक स्कूटर में ब्लास्ट हुआ था. चश्मदीदों ने बताया कि ब्लास्ट के कुछ ही देर बाद स्कूटर में आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के कुछ घंटों बाद, मंगलवार देर रात अमृतसर के खासा इलाके में बीएसएफ ठिकानों के पास स्थित एक आर्मी कैंप के बाहर दूसरा धमाका हुआ. शुरुआती शक के आधार पर माना जा रहा है कि मोटरसाइकिल पर सवार किसी हमलावर ने कथित तौर पर उस जगह पर ग्रेनेड फेंका था. यह इलाका अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।