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सीएम मान ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की, पंजाब के गेहूं खरीद और मुआवजा मुद्दों पर की चर्चा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गेहूं की खरीद व्यवस्था, किसानों को मुआवजा, लंबित राशि और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा और पेट्रोलियम से जुड़े विषयों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने गेहूं के भंडार को तेजी से उठाने के लिए अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जिससे भंडारण की समस्या कम होगी। आज पंजाब का दौरा कर सकती है केंद्रीय टीम बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की और केंद्र से अपील की कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम पंजाब भेजी जाए। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र की टीम आज ही राज्य का दौरा कर सकती है। ऋण सीमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी से राज्य पर बोझ वित्तीय मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकद ऋण सीमा पर ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी राज्य पर भारी बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि केवल 0.005 प्रतिशत की वृद्धि से ही लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष की लगभग 9000 करोड़ रुपये की लंबित राशि का मुद्दा उठाया और इसे किस्तों में जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। इन दोनों मुद्दों पर केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया है। आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों और मंडियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य निधि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने जायज बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

पनबस और पीआरटीसी के बेड़े में वृद्धि, मुख्यमंत्री मान ने 100 बसों को किया फ्लैग ऑफ

पटियाला. पंजाब में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की 100 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम पटियाला में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने रैली स्थल पर पहुंचने से पहले पीआरटीसी मुख्यालय जाकर इन बसों को रवाना किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के लोगों को बेहतर, सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा प्रदान करना है। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और दूरदराज के क्षेत्रों में भी आवाजाही आसान होगी। बिजली आपूर्ति को लेकर भी आश्वासन दिया मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिजली आपूर्ति को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के थर्मल प्लांटों में कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आने वाली गर्मियों में बिजली की आपूर्ति निर्बाध जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक बयान देते हुए विरोधी दलों के नेताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोग बड़े स्कूलों में पढ़े हों, लेकिन असली पंजाबी संस्कृति गांवों से ही सीखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं गांव से जुड़े हैं और वहीं से उन्होंने अपनी संस्कृति और मूल्यों को सीखा है। जल्द और बसें भी होंगी शामिल सरकार की योजना के अनुसार पनबस के बेड़े में कुल 606 बसें शामिल की जाएंगी। इनमें 387 नई बसें सीधे तौर पर जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा किलोमीटर योजना के तहत 19 वोल्वो बसें, 100 वातानुकूलित बसें और 100 साधारण बसें भी शामिल की जाएंगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि पीआरटीसी और पनबस के बेड़े में एक हजार से अधिक नई और किलोमीटर योजना वाली बसों को शामिल कर राज्य की परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी।

फरीदकोट और जुलाना में आढ़तियों की हड़ताल जारी, कमीशन की मांग; CM भगवंत मान से 6 अप्रैल को बैठक

फरीदकोट / जुलाना  रीदकोट में आढ़ती एसोसिएशन पंजाब के आह्वान पर नई अनाज मंडी के समूह आढ़तियों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी है। आढ़तियों की तरफ गेहूं व धान की फसल पर ढाई प्रतिशत कमीशन की मांग को लेकर संघर्ष किया जा रहा है।  इस मौके आढ़ती एसोसिएशन ने कहा कि जब तक उन्हें उनका बनता कमीशन नहीं दिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वह गेहूं की फसल की खरीद के कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। हालांकि अभी तक मंडियों में गेहूं नहीं पहुंची है। बैठक में आढ़ती नेताओं ने कहा कि उनके द्वारा पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से कोई अतिरिक्त मांग नहीं की जा रही है। अभी तक पूरा नहीं किया वादा उनकी सिर्फ यही मांग है कि लॉकडाउन के समय फ्रीज की गई कमीशन को बहाल कर ढाई प्रतिशत का भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले सीजन के समय पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भरोसा दिलाया था कि अगर केंद्र सरकार कमीशन नहीं बढ़ाती तो राज्य सरकार अपने स्तर पर हरियाणा की तर्ज पर कमीशन के अंतर का भुगतान करेगी, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। गेहूं पर 50 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में आढ़तियों को गेहूं पर करीब 50 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय किया गया है जबकि एमएसपी पर ढाई प्रतिशत के हिसाब से उन्हें 65 रुपये प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। हरियाणा में इस अंतर का भुगतान राज्य सरकार करती है। ऐसे में पंजाब सरकार को फैसला लेना चाहिए। जुलाना में आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी कस्बे की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों द्वारा सरकार के नए नियमों के विरोध में शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंडी में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और आढ़तियों के साथ-साथ किसानों ने भी धरने में भाग लेकर अपना रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने की। धरने को संबोधित करते हुए पवन लाठर ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे मंडी व्यवस्था चरमरा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि मंडी का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करना भी गलत फैसला है। अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटवाते हैं और उसी अनुसार मंडी में फसल लेकर आते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतें आएंगी। आढ़तियों ने इन फैसलों को तुगलकी फरमान बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की। धरने के दौरान किसान नेता और ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर बायोमेट्रिक नियम वापस नहीं लिया गया तो वह अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेजेंगे। मांग को केंद्र तक पहुंचाने को सीएम सैनी से मिले: एसोसिएशन आढ़ती नेता बंटी गुप्ता व गिरीश छाबड़ा ने बताया कि उनके पंजाब प्रधान ने आढ़तियों की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात की है। मंडियों में आढ़तियों के खर्चे बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनका बनता कमीशन नहीं दे रही। उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल को आढ़तियों की मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक तय है, जिसके बाद ही आगे की रणनीति और निर्णय लिया जाएगा।

पेपर लीक पर सियासी वार: मुख्यमंत्री मान ने गुजरात मॉडल पर उठाए सवाल

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक गुजरात व मध्य प्रदेश में होते है। गुजरात में रैली करके आए मुख्यमंत्री सोमवार को पंजाब में आप सरकार के 4 वर्ष पूरे होने के बाद शिक्षा विभाग की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा गुजरात में युवाओं का नारा है 'पेपर फूटा, सपना टूटा। ' उन्होंने कहा कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा आप सरकार ने युवाओं को नौकरी देने वाला बनाने के लिए बिजनेस क्लास शिक्षा शुरू की थी। आज युवाओं ने 70 करोड़ रूपये का कारोबार कर लिया है। उन्होंने कहा कि पठानकोट में एक विद्यार्थी ने साधारण साइकिल को ई बाइक बना दिया। दूसरों की नौकरी देने वाले युवा बनें हीरो कंपनी वालों ने उससे संपर्क किया और उसे टेक्नोलॉजी देने का ऑफर दिया लेकिन युवक ने मना कर दिया। उसने कहा कि इस टेक्नोलॉजी से वह खुद को दूसरों को नौकरी देने वाला बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, आप सरकार प्राइवेट और सरकारी शिक्षा के स्तर को एक सामान्य करने की दिशा में चल रही है। लोगों के पास विकल्प होगा की वो अपने बच्चों को कहा पढ़ना चाहते है। शिक्षा बजट में 7 फीसदी की बढ़ौतरी उन्होंने कहा कि इस बार शिक्षा विभाग का बजट 19,279 करोड़ रुपए रखा गया है। जोकि पिछले साल से 7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि 4 सालों में 14,525 अध्यापकों की भर्ती की गई, 12,316 अध्यापकों को रेगुलर किया गया। 480 प्रिंसिपल, हैड मास्टर और अध्यापकों को सिंगापुर व फिनलैंड में ट्रेनिंग दिलवाई गई। 1932 कैंपस मैनेजर रखे गए, सरकारी स्कूलों में पहली बार 1323 सुरक्षा कर्मी रखे गए और 7876 सफाई सेवकों को रखा गया। उन्होंने कहा, कोशिश की जा रही है कि शिक्षकों से केवल शिक्षा का ही काम लिया जाए।

पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: CM मान ने ₹1500 देने का किया ऐलान

जलालाबाद/फाजिल्का. भगवंत सिंह मान ने रविवार को जलालाबाद पहुंचकर विकास परियोजनाओं की शुरुआत के साथ-साथ विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जलालाबाद लंबे समय तक ऐसे नेताओं के हाथ में रहा, जिनके पास सत्ता और ताकत थी, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए सुखबीर सिंह बादल और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जलालाबाद को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक लोगों की बुनियादी जरूरतों और विकास कार्यों को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण क्षेत्र पिछड़ता चला गया। विपक्ष के पास कोई ठोस योजना नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई ठोस योजना या दिशा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब विपक्षी दल केवल एक मौका देने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके पास न कोई स्पष्ट योजना है और न ही विकास का खाका। उन्होंने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट नजर आती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि एक हजार से पंद्रह सौ रुपये के बीच होगी, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। असंभव कामों को पूरा किया गया मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन कामों को पहले असंभव बताया जाता था, उन्हें अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मुफ्त बिजली देना संभव नहीं है, लेकिन सरकार ने यह सुविधा लागू कर दी। इसी तरह गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का काम भी किया गया है। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सरकार ने अब तक 65,264 युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के किया गया है, जिससे युवाओं का भरोसा सरकार पर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को विकास की नई दिशा देना है और आने वाले समय में भी इसी तरह जनहित के फैसले लिए जाते रहेंगे।

पंजाब को मिलेगी विकास की रफ्तार: मुख्यमंत्री मान करेंगे 508 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च

फाजिल्का/जलालाबाद. पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

पंजाब में CM मान ने मंत्री लालजीत सिंह को कैबिनेट से हटाया

चंडीगढ़ पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने शनिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर अपना इस्तीफा दे दिया. तरन तारन के पट्टी से विधायक भुल्लर को अमृतसर में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के एक ज़िला प्रबंधक की कथित आत्महत्या के मामले में इस्तीफा देने को कहा गया था. फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।  भुल्लर के इस्तीफे पर CMO का भी बयान आया है. पंजाब CMO का कहना है कि एक विवादित वीडियो के सामने आने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था. जिसमें प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा को यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने कोई ज़हरीला पदार्थ खा लिया है. साथ ही रंधावा ने परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का भी नाम लिया था. इससे पहले शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया था कि रंधावा ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।  मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया कि रंधावा ने अपनी मौत से पहले भुल्लर का नाम लिया था. ऐसे में पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी तथ्य हैं, वो सामने आने चाहिए. इस वीडियो के सामने आने बाद से ही पंजाब में मान सरकार की किरकिरी हो रही थी. साथ ही राज्य की विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया था। 

किसानों पर प्रयोग से बचें: CM मान बोले—पहले खुद जांचें, फिर खेतों में लागू करें

लुधियाना. लुधियाना में आयोजित किसान मेले के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि वैज्ञानिकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि किसान को प्रयोगशाला न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नई किस्म या तकनीक को किसानों तक पहुंचाने से पहले उसका पूरी तरह परीक्षण किया जाना चाहिए। यह बात उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान बार-बार यह शिकायत करते हैं कि उनकी खेती पर सीधे प्रयोग किए जाते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि पहले खुद परीक्षण करें और परिणाम सामने आने के बाद ही किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करें। अब जिम्मेदारी होगी तय मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ किसानों ने विश्वविद्यालय से बीज लेकर बोए, लेकिन उनकी फसल में कीट लग गया और पूरी फसल खराब हो गई। जब किसान शिकायत लेकर पहुंचे तो जवाब मिला कि विश्वविद्यालय की फसल भी प्रभावित हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बहाने अब नहीं चलेंगे और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेती के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और अब आधुनिक तकनीक के साथ खेती को जोड़ने की जरूरत है। सरकार खेती को उन्नत बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे खेती के काम आसान होंगे और उत्पादन में सुधार आएगा। कृषि विश्वविद्यालय का ढांचा मजबूत किया जाएगा – मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का ढांचा और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक धन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विश्वविद्यालय को किसानों के लिए ज्ञान का केंद्र बताते हुए कहा कि यहां से नई किस्म के बीज, खेती के तरीके और दवाइयों की जानकारी मिलती है, जिसका लाभ अब किसान घर बैठे भी ले सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब का किसान नई तकनीक को अपनाकर एक बार फिर देश में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

उद्योग से बनेगा ‘रंगला पंजाब’: नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च, CM मान ने कहा—उद्यमी भी हैं अन्नदाता

लुधियाना (पंजाब)  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को लुधियाना में पंजाब की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने उद्योगपतियों के साथ बैठक कर सरकार की योजनाओं और उद्योगों को दिए जाने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी। सीएम मान ने कहा कि पंजाब को रंगला बनाने के लिए इंडस्ट्री का विकास जरूरी है और पंजाब को नंबर वन बनाए बिना देश विश्व गुरु नहीं बन सकता। सीएम बोले कि इस नीति के जरिए इंडस्ट्री को सरकार ने रनवे मुहैया करा दिया है अब उड़ान भरने की बारी उद्योग जगत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उद्योगपतियों से हिस्सा मांगने या “लाल थैली” लेने वाली नहीं है। सरकार की एक ही इच्छा है कि उद्योगों का कारोबार बढ़े और पंजाब के युवाओं को रोजगार मिले।  मान ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग और कारोबार की वजह से हजारों परिवारों के चूल्हे जलते हैं और इस लिहाज से उद्यमी भी अन्नदाता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज सरकार उद्योगों को यह पॉलिसी दे रही है और जल्द ही महिलाओं के लिए भी बड़ा तोहफा दिया जाएगा। सीएम मान ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को अपना साझेदार मानती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई उद्योगपति तीन यूनिट लगाने की अनुमति मांगता है तो सरकार पांच यूनिट लगाने की अनुमति देने को भी तैयार है, बशर्ते कि वह पंजाब के युवाओं को रोजगार दे। उन्होंने बताया कि यह पॉलिसी उद्यमियों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है और इसमें करीब 78 प्रतिशत सुझावों को शामिल किया गया है। इससे पहले उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर इंडस्ट्रियल पॉलिसी में से एक है। उन्होंने बताया कि इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में तैयार किया गया है।   अरोड़ा ने कहा कि पॉलिसी को तैयार करने के लिए 24 कमेटियां बनाई गई थीं, जिनमें विभागीय अधिकारियों, पंजाब डेवलपमेंट कमिशन और उद्योग प्रतिनिधियों की राय ली गई। पॉलिसी तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि कुल सुझावों में से 77 प्रतिशत को स्वीकार किया गया, जबकि एक प्रतिशत सुझाव केंद्र सरकार से संबंधित थे और शेष पर भी चर्चा की गई।   निवेश और रोजगार पर मिलेंगे विशेष प्रोत्साहन     नई पॉलिसी के तहत रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं।     25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों वाली इकाइयों को थ्रेसहोल्ड कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।     पंजाब में पहली बार कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।     जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।     उद्योगों के मॉर्डनाइजेशन और विस्तार पर भी सब्सिडी दी जाएगी।     इंसेंटिव पैकेज के लिए 15 साल का समय दिया जाएगा।     रोजगार देने पर प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा     आईटी सेक्टर के लिए यह इंसेंटिव 5000 रुपये प्रति कर्मचारी प्रति माह होगा।     नई पॉलिसी के तहत महिलाओं को रात में भी काम करने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि इसके लिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना उद्योगों की जिम्मेदारी होगी।     सरकार ने सीमावर्ती जिलों में उद्योग लगाने को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव देने की घोषणा की है। सभी विभागों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया सीएम मान ने कहा कि उद्योगों से जुड़े विभागों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर व्यवस्था को सरल बनाया गया है। बिजली, उद्योग और स्थानीय निकाय विभागों को आपस में जोड़ा गया है, जिससे उद्योगों के काम तेजी से होंगे। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास का कोई विजन नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल मोटरसाइकिल टैक्स फ्री करने जैसे वादे करना कोई विजन नहीं है।

मिडिल ईस्ट में फंसे पंजाबियों के लिए मान की केंद्र से सुरक्षित वापसी की अपील

चंडीगढ. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के मद्देनजऱ वहां फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए 24 घंटे कार्यरत हेल्पलाइन जारी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फंसे हुए लोगों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवारों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अरब देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात के कारण अनेक पंजाबी गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य वहां फंसा हुआ है, तो वे तुरंत जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राज्य सरकार उनकी सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर है।' 27×7 हेल्पलाइन जारी उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24×7 कार्यरत रहेगा। प्राप्त सूचनाओं को तुरंत संबंधित विभागों और भारत सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि राहत और निकासी की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, 'हम फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द हर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हैं। किसी भी परिवार को घबराने की आवश्यकता नहीं है- पंजाब सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।' खाड़ी देशों में फंसे युवाओं, कामगारों और विद्यार्थियों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। 'भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाए' मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से अपील की कि वह मध्य पूर्व में उत्पन्न हालात को देखते हुए फंसे पंजाबियों तथा अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे सभी लोगों की शीघ्र सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी।