samacharsecretary.com

फरवरी की सम्मान राशि आई खातों में, लाखों महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान

रांची

हेमंत सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत रांची जिले की लाखों महिलाओं को फरवरी महीने की सम्मान राशि उनके बैंक खातों में भेज दी गई है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।

रांची जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत फरवरी माह की राशि का भुगतान कर दिया गया है। जिले की कुल 3 लाख 87 हजार 174 महिलाओं के बैंक खातों में आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए प्रति लाभुक 2500 रुपये की राशि भेजी गई है। प्रशासन के अनुसार, लाभुक महिलाओं के खातों में कुल 96 करोड़ 79 लाख 35 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इससे पहले जनवरी महीने की सम्मान राशि भी लाभुकों को दी जा चुकी है।

फरवरी महीने में जिले के कई प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इनमें प्रमुख रूप से अनगड़ा (16,607), अरगोड़ा शहरी क्षेत्र (12,956), बड़गाईं शहरी क्षेत्र (9,495), बेड़ो (20,496), बुंडू (8,438), बुंडू नगर पंचायत (3,487), बुढ़मू (17,737), चान्हो (19,673), हेहल शहरी क्षेत्र (15,191), ईटकी (10,301), कांके (31,443), कांके शहरी क्षेत्र (1,309), खलारी (9,529), लापुंग (11,301), मांडर (22,984), नगड़ी (17,747), नगड़ी शहरी क्षेत्र (8,058), नामकुम (17,777), नामकुम शहरी क्षेत्र (9,389), ओरमांझी (18,092), राहे (9,519), रातू (18,476), सिल्ली (21,045), सोनाहातू (13,018), तमाड़ (18,420) और सदर शहरी क्षेत्र (24,686) की लाभुक महिलाएं शामिल हैं।

समय पर भुगतान के निर्देश
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी तरह की त्रुटि या देरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी लाभुक को राशि मिलने में कोई समस्या आती है, तो उसका जल्द समाधान किया जाएगा। यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है और जिला प्रशासन इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here