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उद्योग संचालन की निरंतरता के लिए त्वरित समन्वय

भोपाल 

एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक  विशाल सिंह चौहान ने मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था के संबंध में उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में 80 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि, गैस एजेंसी संचालक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यकारी संचालक  चौहान ने औद्योगिक इकाइयों से वर्तमान आपूर्ति व्यवस्था, उत्पादन की निरंतरता और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तृत संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्योगों की संचालन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं।

पीएनजी कनेक्शन को प्रोत्साहन

बैठक में गैस प्राधिकरण भारत लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मंडीदीप क्षेत्र में उपलब्ध पाइप्ड नेचुरल गैस सुविधा की जानकारी दी। औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह अवगत कराया गया कि 31 मार्च 2026 तक बिना सुरक्षा जमा राशि के पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उद्योगों को 23 मार्च 2026 के परिपत्र की जानकारी दी गई, जिसके अनुसार कुल एलपीजी आपूर्ति का 5 प्रतिशत भाग औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है। प्रवासी श्रमिकों की सुविधा के लिए 5 किलोग्राम और 2 किलोग्राम गैस सिलेंडर कनेक्शन की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई।

उत्पादन की निरंतरता पर बल

कार्यकारी संचालक  चौहान ने कहा कि उद्योग प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार हैं और उत्पादन की निरंतरता सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवश्यकता अनुसार वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग पर भी सकारात्मक विचार रखने का सुझाव दिया गया, जिससे संचालन प्रभावित न हो।

गैस सिलेंडर वितरण की सुव्यवस्थित योजना तैयार करने, पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा आवश्यक उद्योग इकाइयों को वरीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। औद्योगिक संघों से समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया गया।

अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी सक्रिय संवाद

कार्यकारी संचालक  चौहान ने बगरौदा इंडस्ट्री एसोसिएशन भोपाल तथा अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों से भी इसी विषय पर विस्तृत चर्चा की। एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था के संबंध में बढ़ियाखेड़ी, सीहोर के उद्योगपतियों से भी संवाद किया।

 

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