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बिजली का झटका: मध्यप्रदेश में बढ़े दाम, जानिए अब कितना आएगा आपका मासिक बिल

भोपाल 
मध्य प्रदेश में बिजली 4.80 फीसदी महंगी हो गई। मप्र विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया बिजली टैरिफ जारी कर दिया। यह 3 अप्रेल से प्रभावी होगा। इसका असर 10 अप्रैल के बाद आने वाले बिलों में दिखाई देगा। नए टैरिफ से अब हर माह 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 80 रुपए और 600 यूनिट बिजली जलाने वाले उपभोक्ताओं को 236 रुपए अधिक चुकाने होंगे। इससे प्रदेश के 1.90 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित होंगे। इनमें 1.50 करोड़ घरेलू उपभोक्ता भी हैं। हालांकि प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए छूट व प्रोत्साहन जारी रहेंगे।

सरकार का दावा आयोग ने नहीं मानी कंपनियों की बात
सौर ऊर्जा उपयोग करने वालों को ऊर्जा प्रभार में 20 फीसदी छूट मिलती रहेगी। हरित ऊर्जा टैरिफ में पहले जैसी कमी रहेगी। सरकार का दावा है, आयोग ने बिजली कंपनियों के उस दावे को नहीं माना, जिसमें घाटे का हवाला दे टैरिफ में 10.19 फीसदी वृद्धि की मांग की थी। रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ने बताया, महाराष्ट्र, यूपी, आंध्रप्रदेश समेत 8 राज्यों ने भी नए टैरिफ लागू किए हैं। इनमें कई ने तो दाम कम कर दिए हैं।

मेट्रो व उच्च दाब वाले उपभोक्ताओं को राहत
नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब वाले मौसम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। इनमें कोई वृद्धि नहीं की गई है। उच्च दाब वाले उपभोक्ताओं में गुड़ व शकर बनाने वाले उपभोक्ताओं को लाभ होगा। कंपनियों को हजारों करोड़ का फायदा टैरिफ में 4.80 फीसद की बढ़ोतरी से मध्य, पूर्व व पश्चिम क्षेत्र बिजली कंपनियों को फायदा होगा। आयोग के सामने इन्होंने घाटा दर्शाया था, टैरिफ बढ़ने से इन्हें हर महीने हजारों करोड़ रुपए मिलेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश समेत करीब 8 राज्यों ने हाल में टैरिफ रिव्यू के दौरान उपभोक्ताओं को राहत दी है।

कहीं दरें स्थित तो कहीं कम
कुछ राज्यों में बिजली की दरों को यथावत रखा है, तो कुछ राज्यों में बिजली की दरें कम की गई हैं। कुछ राज्यों ने स्लैब के अनुसार कटौती भी की है। वहीं इंडस्ट्रियल और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने पर फोकस रहा है। 

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