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पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में बदला मौसम और 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी

राजस्थान
राजस्थान में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जब श्रीगंगानगर में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग ने इसे सक्रिय हुए Western Disturbance का असर बताया है, जो प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित कर रहा है।

25 जिलों में अलर्ट, आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इनमें 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 21 जिलों में येलो अलर्ट शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

31 मार्च तक रहेगा असर, फिर मौसम होगा ड्राय
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम 31 मार्च तक सक्रिय रहेगा। इसके बाद 1 अप्रैल से प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे गर्मी का असर तेज हो सकता है।

रविवार को कमजोर रहा सिस्टम, कई जगह साफ रहा मौसम
रविवार को इस सिस्टम का असर काफी कमजोर रहा। बीकानेर संभाग में दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। वहीं जालोर, सिरोही और पाली में हल्के बादल जरूर नजर आए, लेकिन बारिश नहीं हुई।

जयपुर-कोटा समेत कई संभागों में तेज धूप
प्रदेश के जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभागों में रविवार को आसमान बिल्कुल साफ रहा। दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने इसका कारण वातावरण में नमी की कमी को बताया है।

कोटा रहा सबसे गर्म, पारा 39 डिग्री पार
तापमान की बात करें तो रविवार को कोटा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू में 37.6 डिग्री, पिलानी और अलवर में 37.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

अन्य शहरों में भी बढ़ा तापमान
इसी तरह बाड़मेर में 37 डिग्री, सीकर में 36 डिग्री, जैसलमेर में 35.8 डिग्री और जोधपुर में 35.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं श्रीगंगानगर में 34.5 और बीकानेर में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

आंधी और मौसम बदलाव से सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अलर्ट वाले जिलों में तेज आंधी और धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खासकर किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दो दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

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