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सीएम योगी ने दी डिजिटल, सशक्त और आधुनिक आंगनवाड़ी व्यवस्था की सौगात

लखनऊ.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ी व्यवस्था को डिजिटल, सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। इस अवसर पर उन्होंने 69,804 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन, 18,440 कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने 450 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न बाल विकास एवं महिला कल्याण परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। 

69 हजार से अधिक स्मार्टफोन वितरित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को 69,804 स्मार्टफोन वितरित किए। यह पहल आंगनवाड़ी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्मार्टफोन के माध्यम से अब पोषण ट्रैकिंग, बच्चों का डेटा अपडेट, गर्भवती महिलाओं की निगरानी और सरकारी योजनाओं का रियल-टाइम क्रियान्वयन संभव होगा।

नियुक्ति पत्र से जमीनी ढांचे को मिली नई मजबूती
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 18,440 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह भर्ती रिक्त पदों को भरने के साथ ही सेवा तंत्र को और मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने रायबरेली, अमेठी, सिधौली, गोसाईगंज समेत विभिन्न जिलों की चयनित अभ्यर्थियों को मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का संदेश भी गया।

कुपोषण से लड़ाई को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्टेडियोमीटर, इन्फेंटोमीटर और वेइंग स्केल जैसे आधुनिक उपकरण वितरित किए। प्रदेशभर में 10,553 इन्फेंटोमीटर, 1,33,282 स्टेडियोमीटर और 58,237 मदर-चाइल्ड वेइंग स्केल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन उपकरणों से बच्चों की लंबाई, ऊंचाई और वजन की सटीक निगरानी होगी, जिससे कुपोषण की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

‘सक्षम आंगनवाड़ी’, अब सेवा केंद्र से आगे बढ़कर विकास केंद्र बनेंगी
प्रदेश में 23,697 आंगनवाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ के रूप में विकसित किया गया है, जिन पर 236 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इन केंद्रों को एलईडी स्क्रीन, आरओ मशीन, ईसीसीई (अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन) किट और आधुनिक फर्नीचर से सुसज्जित किया गया है। अब ये केंद्र केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास के केंद्र बन रहे हैं।

75 जिलों में फैला विशाल नेटवर्क
आज उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 897 बाल विकास परियोजनाएं लगभग 1.89 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों से संचालित हो रही हैं। सरकार का लक्ष्य इन सभी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट, डिजिटल और आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है, ताकि हर बच्चे और हर मां तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंच सकें। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि स्वस्थ बचपन ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। प्रदेश में उत्तम पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और समुचित देखभाल के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा रहा है। आज आंगनवाड़ी केंद्र सुरक्षित, प्रेरणादायक और खेल-आधारित वातावरण प्रदान कर रहे हैं, जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सीएम ने हाथों मिले नियुक्ति पत्र, स्मार्टफोन व डिवाइस

  • नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों में मीरा देवी (रायबरेली), महिमा (अमेठी), शहरुनिशां (सिधौली), शैलू सिंह (गोसाईगंज), किरण तथा सुभाषिनी और बक्शी का तालाब की मेनका पाल को नियुक्ति पत्र वितरित किए। वहीं सहायिकाओं में सुभाषिनी, मेनका पाल, मंजू सिंह, मुस्कान सोनकर और रूमा देवी को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
  • मुख्यमंत्री ने 69,804 स्मार्टफोन के वितरण के क्रम में मंच पर लखनऊ की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों – आशा यादव, प्रीति सैनी, अमिता मिश्रा, अर्चना रावत, माया देवी, सुनीता रस्तोगी, निधि जायसवाल, मीना शुक्ला, प्रिया पाल और नेहा भारती को स्मार्टफोन प्रदान किए। वहीं मुख्य सेविकाओं में पूनम राय, अरुणा वाजपेई, मीनू देवी, रूमी रानी और उषा देवी को भी स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया गया।
  • मुख्यमंत्री ने मंच से आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस (जिसमें स्टेडियोमीटर, इन्फेंटोमीटर व वेइंग स्केल शामिल हैं) का वितरण किया। इनमें नाहिद परवीन, सावित्री, यूतिका सिंह, राधा पांडे, आस्था पाल, अनीता, नीलू रावत, राजरानी, बीना मिश्रा और रेखा मिश्रा सम्मिलित रहीं।

 

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