करनाल
जिला प्रशासन ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े कलेक्टर रेट में न्यूनतम 10 से लेकर 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। पहली अप्रैल से इसे लागू किया जा रहा है लेकिन अव्यवस्था के कारण 31 मार्च को देर रात तक भी पूरी सूची रजिस्ट्री पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सकी। ऐसे में बुधवार को रजिस्ट्री होने पर संशय है। यदि नए रेट पोर्टल पर चढ़ाने का काम पूरा नहीं हुआ तो रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी। यदि किसी क्षेत्र का रेट चढ़ चुका है और उससे संबंधित रजिस्ट्री आई तो वह की जाएगी।
प्रशासन की ओर से 66 पेजों की प्रस्तावित सूची तैयार की गई थी, जिस पर लोगों से आपत्तियां भी गुप्त तरीके से मांगी गई थी। इस पर कई लोगों ने आपत्ति भी दर्ज कराई है। जिसमें संशोधन के बाद नए रेटों को तय करके लागू करने का प्रशासन ने निर्णय लिया है।
नई सूची में शहर से लेकर गांवों तक जमीन के रेट में बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि पुराने शहर के कॉमर्शियल क्षेत्रों में 60 प्रतिशत तक वृद्धि है जबकि आसपास के गांवों की कृषि योग्य भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक इजाफा किया गया है।
भले ही 75 प्रतिशत बढ़ा, फिर भी महंगे क्षेत्रों में नहीं
शहर में कई क्षेत्रों में जमीन के दाम 50 से 75 प्रतिशत तक बढ़ाए गए हैं रोचक बात यह है कि फिर भी ऐसे क्षेत्र सबसे महंगे क्षेत्रों में नहीं होंगे। यहां सामान्य रेट काफी कम था। सूची के अनुसार जिले के कई गांवों में कृषि योग्य भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इसमें कैलाश, गांगर, चुरनी, बलड़ी, मरगैन, शेखपुरा और संगोहा जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों में खेती योग्य जमीन के नए रेट लागू होने पर जमीन की खरीद-फरोख्त काफी महंगी हो जाएगी। इसके अलावा कैलाश गांव में दो एकड़ से पीछे की भूमि के रेट में भी 75 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित की गई है। श्रद्धानंद कॉलोनी कुंजपुरा में आवासीय कॉलोनी के रेट में भी 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।
वर्जन
नए कलेक्टर रेट को फाइनल करने के लिए सूची गई हुई है। साथ ही इसे पोर्टल पर भी अपडेट किया जा रहा है। यह काम पूरा होने के बाद नए रेट पर रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी। – मनीश यादव, जिला राजस्व अधिकारी





