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शाजापुर में लड़की ने दूसरी जगह सगाई से दुखी होकर प्रेमी संग दी जान

शाजापुर.

शाजापुर शहर के लालघाटी थाना क्षेत्र के करेड़ी नाका के पास जहरीला पदार्थ खाने वाले प्रेमी युगल की मौत के बाद दोनों परिवार में मातम पसरा हुआ है। युवती की जिला अस्पताल शाजापुर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं युवक ने इंदौर ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के दोनों के शव स्वजन को सौंपे गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गुरुवार को जिले सुनेरा निवासी आशुतोष धाकड़ और देवास निवासी कशिश परिहार ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। जहरीला पदार्थ खाने के बाद युवक ने अपने दोस्त को फोन पर सूचना दी। इस पर दोस्त ने दोनों को जिला अस्पताल शाजापुर पहुंचाया था। यहां चिकित्सकों ने शुरुआती ऊपचार किया। हालत गंभीर होने पर दोनों को रेफर किया गया। आशुतोष को स्वजन एंबुलेंस से इंदौर ले गए।

वहीं, युवती कशिश के स्वजन नहीं आ पाने के कारण उसका जिला अस्पताल में ही उपचार जारी रहा। जब तक स्वजन अस्पताल पहुंचे कशिश की भी मौत हो गई। अचानक हुए घटनाक्रम से कशिश के परिजन सकते में आए, माता, पिता और भाई का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पिता बोले कुछ दिन पहले ही बेटी की सगाई की थी। तब उससे बात की थी उसने ऐसा कुछ नहीं बताया। खुशी-खुशी सगाई हुई थी, फिर ऐसा क्यों हुआ। मौजूद लोगों ने बमुश्किल पिता को ढांढस बंधाया।

कशिश के भाई को आशुतोष ने किया था फोन
गुरुवार दोपहर करीब ड़ेढ़ बजे आशुतोष ने कशिश के भाई आयुष को फोन किया था। बताया था कि वह एक-दूसरे से प्यार करते हैं और एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। आयुष ने आशुतोष को समझाया फिर बहन के बारे में पता किया तो जानकारी मिली की वह साथ ही थी।

कशिश को समझाया
आयुष ने कहा- मैं बहन को प्यार से बिट्टू कहता हूं। बोला कि बिट्टू क्या है, क्या करना है तुम्हें, दोनों को शादी करनी है। इस पर वह बोली की हां शादी करनी है। मैंने कहा कि यह सगाई के पहले नहीं बता सकती थी। बोली भैया मैं डर गई थी, फिर मैंने उसे समझाया कि अभी जो हुआ चलो ठीक है, मुझे थोड़ा समय लेने दो। मैं घर पर बात करूंगा, अभी घर आ जा। अपन आशुतोष से बात करेंगे। बोली मैं आधे घंटे में निकल रही हूं। उसके बाद तो मेरे पास अस्पताल से फोन आया। मैं अपना सारा काम छोड़कर मोटरसाइकिल से शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचा।

वहां पर वेंटिलेटर तक नहीं है, ऐसे अस्पताल हैं। मेरी इकलौती बहन थी। मैं क्या देख रहा हूं, जबकि एक से ड़ेढ़ घंटे पहले ही आशुतोष के फोन से मेरी बहन से बात हुई थी। कुछ दिन पहले अपने एक रिश्तेदार के साथ आशुतोष घर आया था। मैंने सामान्य बात की कहा कि खाना खाकर ही जाना। मुझे शूट पर जाना था इसलिये मैं निकल गया था।

क्षणिक आवेश ने बिगाड़े दो परिवार
युवक-युवती द्वारा आत्महत्या का यह प्रकरण चिंता का सबब भी है। क्षणिक आवेश में आकर दोनों ने जो कदम उठाया वह दोनों ही के परिवार के लिए कभी न मिटने वाला दुख है। सेवानिवृत पुलिस निरीक्षक अवधेश कुमार शेषा ने कहा कि ऐसी घटनाएं परिवार, समाज सभी के लिए चिंता का सबब है।

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