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ड्रग सिंडिकेट, पाकिस्तान सीमा से जुड़ी तस्करी की कड़ियां और ट्राइसिटी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

पंचकूला

नशे के काले कारोबार का कोई एक चेहरा नहीं होता, यह बात पंचकूला पुलिस के एक बड़े खुलासे ने साबित कर दी है। एक 23 साल का उच्च शिक्षित बीसीए ग्रेजुएट, जो चंडीगढ़ में किराए के कमरे में रहकर भविष्य के सपने बुनने का दिखावा कर रहा था, असल में ट्राइसिटी का एक बड़ा 'ड्रग डीलर' निकला। पंचकूला पुलिस ने इस युवक को 3 किलो 89 ग्राम हेरोइन और 15 लाख रुपये की 'ड्रग मनी' के साथ गिरफ्तार कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद हेरोइन की कीमत 6 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

शार्टकट से अमीर बनने की चाहत ने बनाया तस्कर
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे 'ऑपरेशन' की परतें खोली। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में एक अहम गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने सेक्टर-20, कुंडी गांव के पास से मुख्य आरोपी लवजोत सिंह को दबोचा। लवजोत मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद का रहने वाला है। वह बीसीए पास है, लेकिन उसने शार्टकट से अमीर बनने के लिए नशे का खतरनाक रास्ता चुना। उसने चंडीगढ़ को अपना सेफ हाउस बनाया हुआ था, जहां से वह पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था और ट्राइसिटी में नशे का जाल फैला रहा था।

पाकिस्तान सीमा से जुड़े हैं तार, ट्राइसिटी था टारगेट
इस मामले की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि करोड़ों रुपये की यह मादक खेप सीधे पाकिस्तान की सीमा से तस्करी कर लाई गई थी। मुख्य आरोपी लवजोत यह माल सीमा पार से जुड़े तस्करों से लेकर आया था। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि उसका इरादा इस पूरी खेप को महज एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली (ट्राइसिटी) के बाजार में खपाने का था। पुलिस की मुस्तैदी और समय पर की गई इस कार्रवाई ने ट्राइसिटी के युवाओं को इस नशे की गिरफ्त में आने से बचा लिया।
साहिल से सतनाम और फिर मास्टरमाइंड लवजोत तक पहुंची पुलिस

डीसीपी अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस सीधे मास्टरमाइंड लवजोत तक नहीं पहुंची, बल्कि यह कामयाबी एक के बाद एक जोड़े गए सुरागों का नतीजा है। इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां 3 अप्रैल को हुई एक अन्य गिरफ्तारी से जुड़ती हैं। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 ने पहले गुप्त सूचना पर रायपुररानी के टाबर गांव से डेराबस्सी निवासी साहिल को 310 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जब साहिल से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपने फुफेरे भाई (बुआ के लड़के) सतनाम सिंह का नाम बताया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाकर 5 अप्रैल को सतनाम सिंह को भी दबोच लिया। सतनाम ने पुलिस के सामने राज उगला कि उसका मुख्य सप्लायर लवजोत सिंह है। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस लवजोत तक पहुंची और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस रिमांड पर आरोपी, खुल सकते हैं कई राज
डीसीपी ने दावा किया कि हरियाणा प्रदेश में इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की यह दूसरी बड़ी बरामदगी है। वहीं, पंचकूला जिला पुलिस के इतिहास में इसे अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी माना जा रहा है। पकड़े गए मुख्य आरोपी लवजोत सिंह के खिलाफ सेक्टर-20 थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे 6 अप्रैल को अदालत में पेश कर पुलिस ने उसका चार दिन का रिमांड हासिल किया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस को उम्मीद है कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य 'लोकल पेडलर्स' और पाकिस्तान से होने वाली सप्लाई चेन के कई और अहम राज बेनकाब होंगे।

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