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9 अप्रैल 2026 का राशिफल: मेष राशि वालों के लिए होगी भागदौड़, सिंह और मकर को मिलेगा सफलता का इनाम

मेष 9 अप्रैल के दिन विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक रहेगी। इंकम बढ़ाने और प्रमोशन पाने के लिए आपको पूरे लगन के साथ ऑफिस के टास्क कंप्लीट करने चाहिए। कठोर शब्दों का प्रयोग न करें। बातों में सावधानी बरतने की जरूरत है। वृषभ 9 अप्रैल के दिन करियर के नए अवसर आपके सामने आएंगे। आज आपको प्रशंसा मिल सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा और आप अच्छे मुनाफे की भी उम्मीद कर सकते हैं। आर्थिक रूप से यह एक अच्छा दिन है। मिथुन 9 अप्रैल के दिन आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। कर्क 9 अप्रैल के दिन आपके काम की सराहना होगी। आज आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। ऑयली फूड्स से दूरी बनाएं और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। काम का प्रेशर इतना ज्यादा मत लें। सिंह 9 अप्रैल के दिन व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। कन्या 9 अप्रैल के दिन आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेंटेन करना चाहिए। खुद और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें और तनाव से दूर रहें। तुला 9 अप्रैल का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। वृश्चिक 9 अप्रैल का दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है, हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। धनु 9 अप्रैल का दिन धन और वित्त के मामले में अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। मकर 9 अप्रैल के दिन आपके दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं। आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी लेकिन कुछ अप्रत्याशित खर्चे चीजें बिगाड़ सकते हैं और तनाव का कारण बन सकते हैं। कुंभ 9 अप्रैल के दिन अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। कारोबार फलेगा-फूलेगा। इसलिए अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। मीन 9 अप्रैल के दिन करियर और फाइनेंशियल लाइफ आज नॉर्मल रहेगी। आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। व्यवसायों में आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है और कुछ नुकसान होने की भी आशंका है।

सख्त चेतावनी, काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं और मंत्री ने दिए जीरो टॉलरेंस के निर्देश

 रांची झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बुधवार को रांची स्थित नेपाल हाउस में विभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया. मंत्री ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और कार्यालयीन अनुशासन का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से लंबित फाइलों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने पाया कि कई फाइलें बिना किसी ठोस कारण के लंबित पड़ी हैं, जिससे आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनता के कामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सख्त लहजे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनता को मिलने वाली मूलभूत सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने को कहा. समयबद्ध उपस्थिति और शिकायतों के समाधान पर जोर मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें. इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि शिकायतों को नजरअंदाज करना या अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी. गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश आगामी गर्मी को देखते हुए मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हर हाल में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए. खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए और जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दो टूक शब्दों में कहा कि काम में ढिलाई, जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति और लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय होगी. ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करने का निर्देश उन्होंने विभाग को जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने का निर्देश दिया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि जनता की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसमें किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जो भी इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहेगा, उसके लिए विभाग में कोई जगह नहीं होगी.

चुनावी रोड शो, श्रीरामपुर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतरे नायब सैनी और उमड़ा जनसैलाब

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में 'हरियाणा मॉडल' की धमक दिखाई है। मंगलवार को श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के अवसर पर आयोजित एक विशाल रोड शो के दौरान सैनी ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा की भाजपा सरकार ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं से गरीबों के जीवन में बदलाव लाया है, वही बदलाव अब बंगाल की जनता चाहती है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंगाल की गलियों में इस समय परिवर्तन की स्पष्ट लहर है और जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है। ममता सरकार पर योजनाओं को रोकने का आरोप मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते राज्य के गरीबों का हक मारा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी केंद्र की अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं को बंगाल में केवल इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि वे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई थीं। इसका खामियाजा बंगाल की जनता गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के रूप में भुगत रही है। सैनी ने कहा कि लगातार शोषण और अत्याचार से त्रस्त होकर अब लोग इस सरकार से निजात पाना चाहते हैं। हरियाणा की तर्ज पर बंगाल के लिए वादों की झड़ी रोड शो में उमड़े भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए नायब सैनी ने हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गरीब महिलाओं को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है और 'लाडली सुरक्षा योजना' के तहत 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे पात्रों तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में अब तक 27 लाख लोगों ने आयुष्मान योजना के तहत 4000 करोड़ रुपये का स्वास्थ्य लाभ लिया है। मुख्यमंत्री ने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा की तर्ज पर सभी जनहितैषी नीतियां लागू की जाएंगी, जिससे गरीबों को पक्के मकान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। भ्रष्टाचार और पलायन पर कड़ा प्रहार मुख्यमंत्री ने बंगाल की मौजूदा कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर भी कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने घुसपैठियों को संरक्षण देकर राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल से उद्योगों का तेजी से पलायन हुआ है, जिसके कारण यहाँ का युवा दूसरे राज्यों में भटकने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भय के माहौल ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है। केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और अब विकसित भारत के साथ विकसित बंगाल का संकल्प पूरा करने का समय आ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को छत मिल रही है और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। श्रीरामपुर में मुख्यमंत्री के इस रोड शो ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।

रेलवे अपडेट, 23 से 25 मई तक जोधपुर रूट की 17 ट्रेनों के मार्ग बदले और कई गाड़ियां रेगुलेट

जोधपुर अगर आप आगामी 23 से 25 मई के बीच ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के मेड़ता रोड स्टेशन यार्ड में रेलवे अंडर ब्रिज निर्माण के चलते इस रूट पर रेल यातायात बड़े पैमाने पर प्रभावित रहने वाला है। जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस सहित कुल 4 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रेलवे की ओर से मेड़ता रोड यार्ड की क्रॉसिंग संख्या 100 पर आरयूबी निर्माण के लिए विशेष ब्लॉक लिया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि इस तकनीकी कार्य के कारण जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस सहित कुल 4 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, जबकि 17 अन्य ट्रेनों के रूट और समय में बदलाव किया गया है। इन 4 ट्रेनों पर गिरेगी गाज सफर पर निकलने से पहले इन ट्रेनों की तारीख नोट कर लें, क्योंकि ये पटरी पर नहीं उतरेंगी।     जोधपुर-हिसार एक्सप्रेस (14891): 24 मई को रद्द।     हिसार-जोधपुर एक्सप्रेस (14892): 25 मई को रद्द।     जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस (22977): 24 मई को रद्द।     जोधपुर-जयपुर एक्सप्रेस (22978): 24 मई को रद्द। इन ट्रेनों के बीच रास्ते थमेंगे पहिए कई ट्रेनें अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाएंगी और बीच के स्टेशनों से ही वापस लौट जाएंगी।     जोधपुर-दिल्ली सराय (22422) व जोधपुर-बठिंडा (14721): 24 मई को ये जोधपुर के बजाय डेगाना और बीकानेर से शुरू होंगी।     अबोहर-जोधपुर (14722) व दिल्ली सराय-जोधपुर (22421): 23 और 24 मई को ये ट्रेनें केवल बीकानेर और डेगाना तक ही आएंगी। बदले हुए रास्तों से दौड़ेंगी ये ट्रेनें ब्लॉक के कारण 8 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। इनमें जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस, बाड़मेर-ऋषिकेश और दिल्ली-जैसलमेर जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। ये ट्रेनें अब फुलेरा-अजमेर-मारवाड़ जंक्शन और लूनी के रास्ते चलाई जाएंगी। मार्ग परिवर्तन के कारण ये ट्रेनें अब पाली, अजमेर और फलौदी जैसे स्टेशनों पर भी रुकेंगी, जिससे उन क्षेत्रों के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी, लेकिन सफर का समय बढ़ सकता है। यात्री ध्यान दें, रेगुलेट होंगी ये गाड़ियां निर्माण कार्य के दौरान ट्रैक क्लियरेंस न मिलने के कारण इंदौर-जोधपुर, जयपुर-जैसलमेर और कामाख्या-भगत की कोठी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को मार्ग में 20 मिनट से लेकर 2 घंटे तक रोककर (रेगुलेट) चलाया जाएगा।  

LPG संकट, राजस्थान में छोटे सिलेंडर के लिए चुकाने होंगे 123 रुपये प्रति किलो और उपभोक्ताओं पर भारी बोझ

जयपुर राजस्थान में लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) की किल्लत के बीच तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर को आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध तो कर दिया है, लेकिन इसकी कीमत ने उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। यह छोटा सिलेंडर अब प्रदेश में सबसे महंगा गैस विकल्प बनकर सामने आया है, जिसकी प्रति किलो दर घरेलू और कॉमर्शियल दोनों सिलेंडरों से अधिक है। छोटा सिलेंडर, भारी कीमत तेल कंपनियों के अनुसार 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए उपभोक्ताओं को 616 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। इस हिसाब से प्रति किलो LPG की कीमत करीब 123 रुपए बैठती है। यह दर न केवल घरेलू गैस सिलेंडर से लगभग दोगुनी है, बल्कि कॉमर्शियल सिलेंडर से भी अधिक है। घरेलू सिलेंडर से दोगुना महंगा वर्तमान में 14.2 किलोग्राम का घरेलू LPG सिलेंडर 916.50 रुपए में उपलब्ध है। इसके अनुसार प्रति किलो गैस की कीमत करीब 64.50 रुपए पड़ती है। तुलना करें तो 5KG सिलेंडर की गैस लगभग दोगुनी दर पर मिल रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर से भी आगे निकली कीमत औद्योगिक इकाइयों, होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाला 19 किलोग्राम का कॉमर्शियल सिलेंडर 2106 रुपए में मिल रहा है। इस हिसाब से इसकी प्रति किलो कीमत करीब 111 रुपए होती है। इसके मुकाबले 5KG सिलेंडर की गैस और भी महंगी साबित हो रही है। नया कनेक्शन आसान, लेकिन महंगा सौदा तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम सिलेंडर का नया कनेक्शन लेना बेहद आसान कर दिया है। केवल एक आईडी कार्ड के आधार पर 1490 रुपए में नया कनेक्शन दिया जा रहा है, जिसमें 5 किलो LPG से भरा सिलेंडर शामिल है। कंपनियों का दावा है कि यह सुविधा खासतौर पर मजदूरों और प्रवासी कामगारों को ध्यान में रखकर दी गई है, ताकि उन्हें गैस की कमी का सामना न करना पड़े। गैस की किल्लत और बदले नियम प्रदेश में LPG की कमी के चलते घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग पर 25 दिन का अंतराल तय कर दिया गया है। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता भी प्रभावित है और कुल मांग का करीब 70 प्रतिशत ही सप्लाई हो पा रही है। अनलिमिटेड रिफिलिंग की सुविधा इसके उलट 5 किलोग्राम सिलेंडर की उपलब्धता पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर अनलिमिटेड कर दी गई है। उपभोक्ता जब चाहें, बिना किसी निर्धारित समय सीमा के, इस छोटे सिलेंडर को रिफिल करवा सकते हैं। राहत या मजबूरी? हालांकि कंपनियां इसे राहत के तौर पर पेश कर रही हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह सुविधा मजबूरी में महंगा विकल्प बनती जा रही है। खासकर वे लोग, जिन्हें तत्काल गैस की जरूरत होती है, उन्हें मजबूरन इस महंगे सिलेंडर का सहारा लेना पड़ रहा है। राजस्थान में LPG की कमी के बीच 5KG सिलेंडर ने आम लोगों को सुविधा तो दी है, लेकिन इसकी ऊंची कीमत ने इसे सबसे महंगा विकल्प बना दिया है। ऐसे में राहत और महंगाई के बीच उपभोक्ता असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं।

बलिया में बनेगा मेडिकल कॉलेज, योगी सरकार ने निर्माण कार्य को दी हरी झंडी

लखनऊ  हर जिले में मेडिकल कालेज खोलने की योजना पर अमल करते हुए प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिया। बलिया में स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 437 करोड़ रुपये का बजट को स्वीकृति प्रदान कर दी। नया स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए बलिया जिला कारागार की कुल 14.05 एकड़ जमीन दस मार्च 2025 को चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में हस्तांतरित की थी। संस्थान के लिए गठित सोसायटी का मेमोरेंडम व बाइलाज यथावत रखा गया। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज बलिया का व्यय 200 करोड़ रुपये से अधिक होने कारण व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत 437 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंगलवार को कैबिनेट के सामने रखा गया, जिसे स्वीकृति मिल गई। कहा कि मेडिकल कालेज के निर्माण से जनसामान्य को बेहतर इलाज मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेशभर में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हो रहा है, जिसका लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक उच्चीकृत चिकित्सा पहुंचाई जा सके। वहीं, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि बलिया मेडिकल कालेज का निर्माण बहुप्रतीक्षित है। कैबिनेट का निर्णय बलिया के लोगों को राहत पहुंचाने वाला है। प्रदेश में अब 82 मेडिकल कालेज हो गए हैं। प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इस बाबत कहा कि जिले के लिए यह बहुत बड़ी परियोजना है जिसे मुख्यमंत्री ने हरी झंडी देकर साधुवाद का काम किया है। मेडिकल कालेज कुल 14 एकड़ में बनेगा जिसमें जेल परिसर के ढाई एकड़ एरिया में अमर सेनानी चित्तू पांडेय स्मारक के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है। ऐसे में मेडिकल कालेज के साथ इसका भी निर्माण जिले के सेनानियों के गरिमानुरुप कराया जाएगा। कहा कि मेडिकल कालेज के शिलान्यास की तिथि जल्द तय की जाएगी। इसमें प्रयास है कि इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री से ही कराया जाए। परिवहन विभाग के मंगलकारी हुआ मंगलवार परिवहन मंत्री ने कहा मंगलवार का दिन परिवहन विभाग के लिए भी काफी महत्वपूर्ण और मंगलकारी रहा। कैबिनेट में मंगलवार को परिवहन विभाग के कुल तीन प्रस्ताव स्वीकृत हुए जिसमें पीपीपी मॉडल पर बनने वाले 49 बस अड्डे भी शामिल हैं। इन 49 बस अड्डों में बलिया के रसड़ा व बिल्थरारोड का भी बस अड्डा शामिल है जो पीपीपी मोड पर विकसित किया जाएगा। यह परियोजना भी बलिया के लिए काफी बड़ी है। कहा बलिया विकास के मामले में किसी भी दृष्टिकोण से पीछे नहीं रहेगा। चुनाव से पूर्व जो भी वादे किए गए हैं वो सभी पूरे किए जाएंगे।  

मंत्री चौहान का ऐलान: अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में मिलेंगे 10 हजार रुपये प्रतिमाह

अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में प्रतिमाह मिलेंगे 10 हजार रुपये: मंत्री चौहान उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को मिलेंगे बेहतर अवसर भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में मंत्री-परिषद द्वारा दिल्ली स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रगृह योजना में संशोधन करते हुए प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह 10 हजार रुपये की राशि प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई है। मंत्री चौहान ने कहा कि छात्रगृह योजना में प्रतिवर्ष 100 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा, जिसमें 50 स्नातक और 50 स्नातकोत्तर स्तर के नवीन विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। साथ ही पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ मिलेगा। इस निर्णय से अनुसूचित जाति वर्ग के अधिक विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन का अवसर मिलेगा जिससे वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और अपने करियर को नई दिशा दे सकेंगे। मंत्री चौहान ने कहा कि ऐसी योजनाएं सामाजिक न्याय को मजबूत करने और जरूरतमंद विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।  

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत, बाड़मेर रिफाइनरी के लोकार्पण की तारीख हुई तय

बाड़मेर  एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की सप्लाई और रिफाइनरियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं राजस्थान अपने औद्योगिक इतिहास का सबसे सुनहरा पन्ना लिखने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को बाड़मेर के पचपदरा में स्थित राजस्थान रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। दुबई की तर्ज पर यहां क्रूड ऑयल स्टोरेज और रिफाइनिंग की क्षमता इसे उत्तर भारत का 'एनर्जी गेटवे' बना देगी। जब यहां उत्पादित पेट्रोल-डीजल और गैस राजस्थान के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक सप्लाई होगी, तो राजस्व का बड़ा हिस्सा बाड़मेर और आसपास के विकास पर खर्च होगा। 72 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ऐतिहासिक घड़ी की पुष्टि करते हुए बताया कि पीएम मोदी 21 अप्रैल को इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 72 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना यह प्रोजेक्ट न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे उत्तर भारत के औद्योगिक परिदृश्य को बदलकर रख देगा। बाड़मेर-जैसलमेर में बनेगा 'इंडस्ट्रियल क्लस्टर' पचपदरा रिफाइनरी महज एक तेल शोधन इकाई नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी राजस्थान के लिए आर्थिक इंजन साबित होगी। सीएम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के चालू होने से बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में एक विशाल इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होगा।     सहायक उद्योग: पेट्रोकेमिकल्स पर आधारित सैकड़ों सहायक उद्योगों के लिए रास्ते खुलेंगे।     इंफ्रास्ट्रक्चर: क्षेत्र में सड़कों, लॉजिस्टिक्स हब और बिजली के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश होगा।     रोजगार: स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। वैश्विक युद्ध के बीच भारत की 'ऊर्जा सुरक्षा' दिलचस्प बात यह है कि यह लोकार्पण ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया युद्ध की आग में झुलस रहा है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार अस्थिर है। ऐसे में पचपदरा रिफाइनरी का शुरू होना भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह रिफाइनरी उच्च गुणवत्ता वाले BS-VI मानक के ईंधन का उत्पादन करेगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। प्रोजेक्ट की खासियतें लागत: ₹72,000 करोड़ से अधिक। क्षमता: 9 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA)। साझेदारी: यह HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है। उत्पाद: पेट्रोल-डीजल के अलावा पेट्रोकेमिकल उत्पादों जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीथीन का भी उत्पादन होगा। पीएम मोदी का पिछला राजस्थान दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा बेहद खास है। इससे पहले पीएम मोदी इसी साल 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर आए थे। अजमेर के कायड़ विश्रामस्थली में उन्होंने एक बड़ी सभा को संबोधित किया था, जहां उन्होंने प्रदेश के विकास और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को गिनाया था। अब करीब दो महीने के भीतर ही वे पचपदरा रिफाइनरी के रूप में राजस्थान को एक बड़ी सौगात देने दोबारा मरूधरा की धरती पर कदम रखेंगे।  

तपती गर्मी के बीच बिहार में झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने इन 19 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

 पटना    बिहार में पिछले दिनों से पड़ रही तपती गर्मी के बाद एक बार फिर मौसम सुहावना हो गया है. आज सुबह से ही बिहार के कई जिलों में मौसम बदल गया है. कुछ जिलों में झमाझम बारिश तो कुछ जिलों में दिनभर बादल छाए हुए हैं. इस बीच मौसम विभाग ने 9 अप्रैल तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है. 9 अप्रैल को इन जिलों में येलो अलर्ट जारी मौस विभाग के मुताबिक, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिले में येलो अलर्ट है. इन जिलों में तेज बारिश, ठनका गिरने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई है. गयाजी और नालंदा में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने गयाजी और नालंदा जिले में अगले एक से तीन घंटे में बारिश की चेतावनी जारी की है. इस दौरान तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. इसके साथ ही ठनका गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है. मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है. खासकर किसानों से बिगड़े मौसम में खेतों में नहीं रहने की अपील की है. मौसम में अचानक बदलाव की वजह बिहार में बदलते मौसम को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की ओर से बताया गया कि कई कारणों से मौसम पर प्रभाव पड़ रहा है. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं आ रही हैं. इन दोनों सिस्टम की वजह से नमी बढ़ गई है. इसके अलावा एक चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से भी बादल बन रहे, बारिश की स्थिति बन रही और ठनका गिरने की भी संभावना जताई गई. 24 घंटे में कैसा रहा मौसम? बीते 24 घंटों में बिहार के मौसम ने लोगों को बुरी तरह उलझा कर रखा. मंगलवार को जहां तीखी धूप ने पसीने छुड़ा दिए और कैमूर जैसे जिलों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया, जबकि रात होते-होते ठंडी हवाओं और बादलों ने दस्तक दे दी. पटना में भी गर्मी ने बेहाल किया. लेकिन अब दक्षिण बिहार के जिलों जैसे गया, औरंगाबाद और रोहतास में भी तेज हवाओं का असर दिखने की संभावना है, जिससे गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है.

नई सरकार की तैयारी, 15 अप्रैल को बिहार को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री और दिल्ली में भाजपा की अहम बैठक

 पटना    बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होता दिख रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही पद छोड़ सकते हैं और राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इसे लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है और दिल्ली से लेकर पटना तक बैठकों का दौर जारी है. मंत्री विजय चौधरी के मुताबिक, नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दोपहर 3:20 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली रवाना होंगे. 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद 12 अप्रैल को उनके पटना लौटने की संभावना है. 14 अप्रैल को इस्तीफा, 15 को नई सरकार? सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को नीतीश कैबिनेट की आखिरी बैठक हो सकती है. इसके अगले दिन यानी 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है. इसके बाद 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है. नए CM के नाम पर सस्पेंस बरकरार बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. हालांकि मंत्री विजय चौधरी ने संकेत दिए हैं कि वही नाम आगे बढ़ेगा, जिसकी चर्चा मीडिया में चल रही है. फिलहाल सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम बताया जा रहा है. लेकिन, बीजेपी कई राज्यों में सीएम को लेकर चौंकाते आई है. दिल्ली में BJP की अहम बैठक 10 अप्रैल को दिल्ली में बिहार भाजपा की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. इस बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाई जाएगी. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की भी संभावना है. NDA विधायकों की बैठक होगी निर्णायक नीतीश कुमार के पटना लौटने के बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुलाई जा सकती है. इस बैठक में वे अपने इस्तीफे की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं. इसके बाद एनडीए के सभी घटक दल अपने-अपने विधायक दल की बैठक कर नेता का चयन करेंगे. फिर संयुक्त बैठक में एनडीए के नेता का ऐलान होगा, जो राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. इस्तीफे से पहले बड़े फैसलों की तैयारी चर्चा है कि इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं. यह बैठक मौजूदा सरकार की आखिरी बैठक मानी जा रही है. नीतीश कुमार पहले ही 30 मार्च को विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे चुके हैं. करीब 20 साल तक सदन में रहने के बाद उन्होंने बेहद कम शब्दों में अपना इस्तीफा सौंपा था.