samacharsecretary.com

खाली हो चुके स्कूलों में लौटी रौनक, एसडीएम के आदेश के बाद जनगणना ड्यूटी छोड़ क्लासरूम पहुंचे शिक्षक

 

अंबाला

स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई ठप नहीं होगी। जनगणना कार्य में जुटे शिक्षकों को वापस बुलाने का निर्णय लेते हुए विभाग ने अब केवल 50 प्रतिशत स्टाफ की ही ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। कई दिनों से जनगणना कार्य के चलते अधिकांश शिक्षक स्कूलों से नदारद थे।

इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। बोर्ड परीक्षाओं और वार्षिक सत्र की महत्ता को देखते हुए विभाग पर लगातार दबाव बना हुआ था। अब नए आदेशों के बाद शिक्षकों ने स्कूलों में कार्यभार संभाल लिया है। इससे रुकी हुई कक्षाएं दोबारा शुरू हो गई हैं

शिक्षकों की वापसी से पिछड़ चुके पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। आगामी परीक्षाओं को देखते हुए स्कूलों में अब विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा। स्कूल खाली होने से जो अभिभावक परेशान थे, वे अब बच्चों को वापस भेजने के लिए उत्साहित हैं।

खाली हो गए थे स्कूल
जनगणना ड्यूटी के कारण जिले के लगभग 60 से अधिक स्कूल प्रभावित हो गए थे। इनमें से कुछ स्कूल पूरी तरह से शिक्षक के बिना रह गए थे। जिन प्राथमिक स्कूलों में एक ही शिक्षक था, उसकी भी ड्यूटी लगा दी गई थी। इसके अलावा जहां 20 से 25 शिक्षक थे, उस स्कूल का पूरा स्टाफ भी जनगणना के कार्य में लगा दिया गया था। इस मामले पर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ व अन्य यूनियनों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 50-50 प्रतिशत फॉमूर्ला लागू करने का आग्रह किया था।

वर्जन
बच्चों की शिक्षा हमारी प्राथमिकता है। जनगणना कार्य भी अनिवार्य है इसलिए 50-50 प्रतिशत का फॉर्मूला निकाला गया है।
– कनिका गोयल, एसडीएम, अंबाला

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here