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10 अप्रैल 2026 राशिफल: मेष में बढ़ेगी हलचल, सिंह और मकर के लिए मेहनत का फल

मेष 10 अप्रैल के दिन योजना बनाने के लिए बेहतरीन समय है। बदलती एनर्जी को अपनाना चाहिए। अपनी स्किल्स और समझ को बढ़ाने की ओर ध्यान देना चाहिए। विलासिता की वस्तुओं की अप्रत्याशित खरीदारी से बचना महत्वपूर्ण है। वृषभ 10 अप्रैल के दिन कुछ लोगों को अपने परिवार या भविष्य की योजनाओं से संबंधित खर्च उठाने पड़ सकते हैं। स्मार्ट बजट आपको संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। काम पर, निरंतर प्रयास तारीफ दिला सकते हैं, भले ही प्रगति धीमी लगे। मिथुन 10 अप्रैल के दिन आपको अपनी खर्च करने की आदतों पर ध्यान देने और वित्तीय योजनाओं को फिर से प्लान करना पड़ सकता है। आपकी ईमानदारी स्ट्रांग बॉन्ड या रोमांचक नई शुरुआत का कारण बन सकती है। सेहत का ध्यान रखें। कर्क 10 अप्रैल के दिन आपकी क्षमता और स्किल्स को प्रेजेंट करने का समय है। अपने मन पर भरोसा रखें और अच्छे रिश्ते बनाने पर फोकस करें। बैलेंस बनाने पर फोकस करें। आपको अपनी स्किल्स दिखाने का मौका मिल सकता है। सिंह 10 अप्रैल के दिन अपने गोल्स की तरफ आगे बढ़ने और बदलाव लाने का एक दुर्लभ अवसर मिल सकता है। आपको अप्रत्याशित चुनौतियों और आकर्षक अवसरों दोनों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। कन्या 10 अप्रैल के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। आपको ट्रैवल या ड्राइव करते समय सावधान रहना चाहिए। ऑफिस में लोग आपकी मेहनत और प्रयासों की तारीफ करेंगे। तुला 10 अप्रैल के दिन आप अपना आत्मविश्वास दोबारा कायम कर सकते हैं। पर्सनल विकास और करियर विकास के तौर पर किए गए सिक्योर इन्वेस्टमेंट से महत्वपूर्ण लाभ हो सकता है। वृश्चिक 10 अप्रैल के दिन जल्दबाजी में खर्च करने के बजाय सोच समझकर प्लान करना चाहिए। गुस्से और वाणी पर काबू रखें। आपको मनचाहा लाभ मिल सकता है। काम के सिलसिले में ट्रैवल करना पड़ सकता है। धनु 10 अप्रैल के दिन नेटवर्किंग या पुराने दोस्तों की मदद से नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। स्टूडेंट्स, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें खास ध्यान देना होगा। मकर 10 अप्रैल के दिन विद्यालय में स्टूडेंट्स की सफलता का राज रहेगा कि वे रट्टा मारने के बजाय दीप लर्निंग पर फोकस करें। स्वयं की तुलना दूसरों से न करें। लव लाइफ में रोमांस रहेगा। कुंभ 10 अप्रैल के दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियों आएंगी, जिनका सामना करना पड़ सकता है। सेहत का ध्यान रखना आवश्यक है। आप अपने अपने सभी पेंडिंग काम पूरा करने के लिए मोटिवेटेड महसूस करेंगे। मीन 10 अप्रैल के दिन आज का दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। आपको पैसों के मामले में लाभ हो सकता है। कुछ की जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन साथ ही आपका कॉन्फिडेंस भी बढ़ेगा।  

समर्थन मूल्य पर पहले दिन हुई 1616 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। पहले दिन 45 उपार्जन केन्द्रों पर 1616 क्विंटल गेहूँ का उपार्जन किया गया है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अभी तक 97 हजार 474 किसानों द्वारा 4 लाख 46 हजार 582 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। 

2840 स्थानों पर हुई जाँच, 3691 गैस सिलेण्डर जब्त : मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2840 स्थानों पर जांच की गई, 3961 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 734 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 01 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भण्डार है देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल] डीजल] पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस के संबंध में प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। खाद्य मंत्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माईग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kg के सिलेण्डर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शन,सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वसहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाईपलाईन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्त नहीं कर रहे है, ऐसे 1.5 लाख घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस हेतु सभी सीजीडी संस्थाएं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगायें, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिकारी उपस्थित रहें। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाईन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाईन डालकर कनेक्शन का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशनुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाईन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की ROU स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्य प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाईपलाईन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाईपलाईन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाईयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये। कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कन्ट्रोल रूम नं. निम्नानुसार प्रदाय किये गये है – अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887) गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788) नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311) थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107) IOCL – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा(9424836488), अशोकनगर(9425119522), मुरैना(7223982333) BPCL – महैर, सतना, शहडोल(9424738607), सीधी, सिंगरौली(9424341954) गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) प्रदेश के उक्त शहरों में जिन स्थानों से पाईपलाईन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते है। प्रदेश के अन्य जिलों में पाईपलाईन का विस्तार होने के उपरांत पीएनजी कनेक्शन प्रदाय किये जा सकेंगे।    

विद्यालयों में पढ़ाई बने परिणामोन्मुखी: दीप मंत्र के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम, बोले मंत्री गजेंद्र यादव

रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना सुनिश्चित करें। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन आज स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान समता, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा राज्य के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएं-स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी के उल्लेख से करते हुए उनके संघर्षों एवं नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना रहा। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी एवं सफलता बढ़ाने की रणनीति, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार, पीटीए बैठकों की समीक्षा तथा पालक-अधिकारियों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपलब्धियां, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा नवाचार आधारित गतिविधियों पर भी विचार- विमर्श किया गया। बैठक में सेजस के विजन मिशन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4.22 लाख से अधिक अध्ययनरत विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय उपयोग, शिक्षकों की भर्ती, मॉनिटरिंग एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों के मिलनसार व्यवहार, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से मधुर संबंध तथा शिक्षण में ईमानदारी पर विशेष बल दिया। प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों द्वारा कम से कम एक कक्षा लेने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप मंत्र तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ का आयोजन किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, विद्यार्थियों को योग अभ्यास कराने एवं गार्डनिंग व हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने हेतु दो समूह अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही। शिक्षा मंत्री ने कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने तथा विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक के. कुमार, उपसंचालक ए.एन. बंजारा, डीईओ हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर से आए प्राचार्यगण उपस्थित रहे।

माइकल जैक्सन की बायोपिक का ट्रेलर रिलीज, विवादों और भारी खर्च के बीच 24 अप्रैल को पर्दे पर उतरेगी फिल्म

किंग ऑफ पॉप' माइकल जैक्सन की बायोपिक 'माइकल' का फाइनल ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह फिल्‍म पिछले कुछ साल से लगातार चर्चा में है। इस हॉलीवुड फिल्‍म की दुनियाभर में जैक्‍सन के फैंस को बेसब्री से इंतजार है। खासकर टीजर और ट्रेलर को मिले रेस्‍पॉन्‍स को देखकर यही लग रहा है कि यह फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर करिश्‍मा करेगी। फिल्‍म में जैक्‍सन के भतीजे जाफर जैक्‍सन लीड रोल में हैं और पर्दे पर वह हूबहू अपने चाचा की तरह लग रहे हैं। नए ट्रेलर में वह माइकल जैक्‍सन के कुछ पुराने हिट-नंबर्स पर परफॉर्म करते हुए दिख रहे हैं। खास बात यह है कि इस फिल्‍म पर ना सिर्फ दिवंगत पॉप सिंगर के फैंस की, बल्‍क‍ि उनके आलोचकों की भी नजर है। वो भी तब, जब बीते दिनों खबर आई कि मेकर्स ने इसके आख‍िरी हिस्‍से को फिर से री-शूट किया है। यह फिल्‍म अभी से विवादों में भी घ‍िरती नजर आ रही है। बताया जाता है कि इसमें उन बच्चों के यौन शोषण के आरोपों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है, जिनका सामना माइकल जैक्‍सन को अपने करियर के आखिरी दशक में करना पड़ा था। प्रोडक्शन टीम का दावा है कि यह जैक्सन एस्टेट के वकीलों की एक चूक थी। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, फ‍िल्म के आखिरी हिस्से को फिर से शूट करने में भारी भरकम खर्च आया है। करीब 22 दिनों की इस एक्‍स्‍ट्रा शूटिंग के कारण $15 मिलियन (138.96 करोड़ रुपये) तक का खर्च आया। इस वजह से रिलीज की तारीख एक बार नहीं, बल्कि दो बार बदली गई। अब जब एंटोनी फुक्वा के डायरेक्‍शन में बनी 'माइकल' इस महीने 24 अप्रैल 2026 को अमेरिका में रिलीज हो रही है, तो सुगबुगाहट ये भी शुरू हो गई है कि यह कितनी कमाई करेगी। 'माइकल' मूवी की कहानी से हटाए गए सीन 'वैरायटी' के मुताबिक, शुरुआत में इस फिल्‍म में माइकल जैक्‍सन की जिंदगी की कहानी में एक सीन था, जहां वह अपनी परछाई को घूर रहे होते हैं, जबकि उनके पीछे पुलिस की गाड़ियों की लाइटें चमक रही होती हैं। यह सीन 1993 का था, जब उन पर पहली बार बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगा था। फिल्‍म के यह हिस्सा मुख्य रूप से उन आरोपों के नतीजों पर केंद्रित था, जिसमें एक ऐसा सीन शामिल था, जिसमें जांचकर्ता सबूतों की तलाश में 'नेवरलैंड रैंच' पहुंचते हैं। लेकिन अब इनमें से कोई भी चीज फ‍िल्म के नहीं दिखाई जाएगी। समझौते की एक शर्त के कारण हटाए गए सीन दरअसल, इसके पीछे की वजह एक शर्त है। जैक्सन एस्टेट के वकील, जो अब इस फ‍िल्म के निर्माता भी हैं, उन्‍होंने पॉप सिंगर पर आरोप लगाने वाले जॉर्डन चैंडलर के साथ एक ऐसा समझौता किया था। इसमें शर्त थी कि यदि उन पर कभी फ‍िल्म बनती है तो उसमें चैंडलर को दिखाने या उनका जिक्र नहीं करना है। इस शर्त का पता बहुत देर से चला। लिहाजा, अब इन सारे जिक्र को हटाना पड़ा है। क्‍या था माइकल जैक्‍सन और इवान चैंडलर का मामला जानकारी के लिए बता दें कि 1993 के मामले में, इवान चैंडलर भी शामिल थे। उन आरोप लगा था कि माइकल जैक्सन ने उनके 13 साल बेटे जॉर्डन का यौन शोषण किया था। शुरुआती जांच में जैक्सन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला और परिवार ने 1994 की शुरुआत में कुछ पैसे लेकर समझौता कर लिया। जैक्सन की कानूनी टीम ने लगातार यह बात रखी कि यह समझौता अपराध की स्वीकारोक्ति नहीं थी। जैक्सन एस्टेट ने उठाया री-शूट का खर्च नतीजा यह हुआ कि बीते साल जून 2025 में फिल्‍म की 22 दिनों की शूटिंग के लिए कलाकार फिर से इकट्ठा हुए। रीशूट पर अरबों रुपये का खर्च आया। बताया जाता है कि यह पूरा खर्च जैक्सन एस्टेट ने उठाया। नतीजतन, अब फिल्म में एस्टेट की भी हिस्सेदारी है। शायद यही वजह है कि कई लोग अब इस फिल्‍म को दिवंगत सिंगर की छवि सुधारने की एक कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। माइकल' मूवी का बजट वैसे, लायंसगेट के बैनर तले बनी 'माइकल' का ऑरिजनल बजट $155 मिलियन था, जो अब रीशूट के बाद $170 मिलियन (1577.09 करोड़ रुपये ) तक पहुंच गया है। यह फिल्म पहले 18 अप्रैल, 2025 को ही रिलीज होने वाली थी। फिर इसे 3 अक्टूबर, 2025 तक के लिए पोस्‍टपोन किया गया और अब यह 24 अप्रैल 2026 में रिलीज हो रही है। पहले वीकेंड में 510 करोड़ रुपये की कमाई की उम्‍मीद हालांकि, फिल्‍म की कमाई को लेकर उम्‍मीदों का दौर चल रहा है, क्‍योंकि नवंबर 2025 में जब इसका टीजर ट्रेलर रिलीज किया गया था, तब महज 24 घंटों में ही इसने 116.2 मिलियन व्यूज मिले। इसने 'टेलर स्विफ्ट: द एराज टूर' के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जिसे 96.1 मिलियन व्यूज मिले थे। अब 'वैरायटी' की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग से पता चलता है कि फिल्म अपने पहले वीकेंड में अमेरिका में $55 मिलियन (510.62 करोड़) से ज्यादा की कमाई कर सकती है। यह 2018 में रिलीज हुई फिल्म 'बोहेमियन रैप्सोडी' की शुरुआती कमाई ($51 मिलियन) से भी ज्यादा होगी। इस फिल्‍म ने लाइफटाइम दुनियाभर में कुल $910 मिलियन की कमाई की थी।  

रसद विभाग की बड़ी कार्रवाई, घरेलू सिलिंडरों से वाहनों में गैस भरने वाले गिरोह पर कसा शिकंजा

बांसवाड़ा राजस्थान के बांसवाड़ा शहर में रसद विभाग ने अवैध गैस रिफिलिंग के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। रतलाम रोड स्थित एक गैरेज पर छापेमारी कर 18 गैस सिलिंडर जब्त किए गए। इनमें छह व्यावसायिक और 12 घरेलू सिलिंडर शामिल हैं। कुछ सिलिंडर पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि कुछ आंशिक रूप से खाली पाए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां गैस सिलिंडरों से गैस निकालकर वाहनों में भरी जा रही थी, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। मुखबिर से मिली सूचना रसद विभाग को इस अवैध कारोबार की सूचना एक मुखबिर के जरिए मिली थी। सूचना मिलते ही प्रवर्तन अधिकारी लालशंकर डामोर के नेतृत्व में टीम ने बिना देर किए गैरेज पर दबिश दी। तलाशी के दौरान गैराज से बड़ी संख्या में गैस सिलिंडर संदिग्ध स्थिति में पाए गए। गतिविधियों की पुष्टि होते ही टीम ने तत्काल सभी सिलिंडर जब्त कर लिए। मामले की जांच जारी रसद अधिकारी ओम प्रकाश जोतड़ ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की अवैध रिफिलिंग की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की रतलाम एसएनसीयू टीम के समर्पित प्रयास की सराहना

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे हर नवजात को सुरक्षित जीवन की शुरुआत मिल सके। उन्होंने रतलाम के एसएनसीयू में नवजात की जीवन रक्षा में कार्यरत डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं पूरी टीम के समर्पित प्रयास की सराहना की है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह हमारे स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती और समर्पण का प्रमाण है। उल्लेखनीय है रतलाम के कांग्सी निवासी श्रीमती हुक्की, पति देवीसिंह, को प्रसव पीड़ा के बाद एमसीएच यूनिट में भर्ती किया गया, जहां 5 फरवरी 2026 को मात्र 26 सप्ताह में समय से पहले डिलीवरी हुई। जन्म के समय बच्चे का वजन केवल 700 ग्राम था और उसके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। नवजात को तुरंत एसएनसीयू में भर्ती कर सिविल सर्जन डॉ. एम. एस. सागर के मार्गदर्शन और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.पी. सिंह के नेतृत्व में उपचार शुरू किया गया। शुरुआत में बच्चे को सीपीएपी मशीन के माध्यम से ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और बाद में नेजल प्रॉन्स से ऑक्सीजन दी जाती रही। उपचार के दौरान बच्चे को कई बार एपनिया यानी सांस रुकने की समस्या हुई, जिसे प्रोटोकॉल के अनुसार नियंत्रित किया गया। कुछ दिनों बाद बच्चे को प्रीमैच्योरिटी के कारण एनीमिया हुआ, जिसके लिए उसे ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी देना पड़ा। धीरे-धीरे बच्चे की स्थिति में सुधार आने लगा और नली के माध्यम से मां का दूध देना शुरू किया गया, जिसकी मात्रा समय के साथ बढ़ाई गई। इस दौरान मां हुक्की ने कंगारू मदर केयर को नियमित रूप से अपनाया, जिससे बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और उसका वजन बढ़ने लगा। नर्सिंग स्टाफ की देखरेख में बच्चे को कटोरी-चम्मच से दूध पिलाना भी शुरू किया गया। लगभग 61 दिनों तक निरंतर उपचार, निगरानी और देखभाल के बाद आखिरकार 7 अप्रैल 2026 को नवजात को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया। डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन बढ़कर 1300 ग्राम हो चुका था। परिजनों ने पूरी चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त किया।  

निर्माण बाधाओं को दूर कर किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने के दिए निर्देश : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सर्किट हाउस रीवा में विभिन्न नहर परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नहर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए, जिससे किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए अविलंब पानी पहुँचाया जा सके। सिंचाई परियोजनाओं का उद्देश्य अंतिम छोर तक के किसानों को लाभान्वित करना है। निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी समन्वय के साथ काम करें और सुनिश्चित करें कि परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों। भू-अर्जन, वन विभाग की अनुमति या अन्य स्थानीय स्तर की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएं। कार्यों की गुणवत्ता और गति की नियमित निगरानी करें। आगामी सीजन को देखते हुए जल वितरण तंत्र को सुदृढ़ बनाएं। बैठक में बहुती नहर परियोजना, त्योंथर बहाव परियोजना, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना सहित अन्य नहर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं संबंधित परियोजनाओं के कार्यपालन यंत्री उपस्थित रहे।  

सकारात्मक वातावरण बना सकते हैं अच्छे आइडियाज : कुलगुरू तिवारी

भोपाल.  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में काम करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील होना आवश्यक बताया। तिवारी ने कहा कि पब्लिक रिलेशन के क्षेत्र के लोगों का पब्लिक से कनेक्शन बहुत मजबूत होना चाहिए। अगर उनके पास कोई सकारात्मक विचार हो और वे उसे मीडिया के साथ शेयर करें तो सकारात्मक समाचार तैयार हो सकते हैं और उनके विभाग की भी छवि बेहतर होती है। तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों को बहुत विनम्र होना चाहिए। प्रथम तकनीकी सत्र में एआई विशेषज्ञ कमलेश माहेश्वरी ने डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनसंपर्क को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हस्तक्षेप बढ़ रहा है। जनसंपर्क में एआई बहुत सहायक साबित हो रही है। उन्होंने एआई की मदद से किसी प्रेस रिलीज को पाइंटस मे लिखना, उसे संपादित करना भी लाइव डेमो के माध्यम से सिखाया। चैटजीपीटी या जैमिनाई जैसे एआई टूल्स काम करते-करते खुद को अपडेट भी करते रहते हैं। माहेश्वरी ने कहा कि डिजिटल दुनिया में ऑडिएंस को टाकिंग पाइंट्स देना होता है। ऐसे में एआई यह काम बहुत अच्छे से कर सकता है। वह संदर्भों के लिए एक जैसी घटनाओं की एक सीरीज हमें दे सकता है जिसका उपयोग हम किसी सूचना को और इंटरैक्टिव बनाने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई पर काम करने के लिए प्रॉम्ट का बिल्कुल सही होना जरूरी है। माहेश्वरी ने एआई और ग्राफिकल टूल्स के बारे में भी विस्तार से समझाया। दूसरे तकनीकी सत्र में शासन में डिजिटल नवाचार ई-आफिस पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस सत्र में जनसंपर्क अधिकारियों को ई-आफिस और ई-एचआरएमएस साफ्टवेयर का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस पर एनआईसी भोपाल की ओर से धर्मेंद्र जैन, शैलेंद्र सिंह तथा मैपआईटी से मुबारक खान ने प्रशिक्षण दिया। अब डिजिटल दौर में कार्यालय अधिकतर डिजिटल हो गए हैं। ऐसे में अधिकारियों को ई-फाइलिंग नॉलेज मैंनेजमेंट सिस्टम आदि विषयों की जानकारी होना आवश्यक है। धर्मेंद्र जैन ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भारी संख्या में दस्तावेज बनते हैं। इनका प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। मानवीय तरीके से फाइलों के प्रचलन में बहुत समय लगता है। डिजिटलीकरण और ई-ऑफिस जैसे नवाचार इसे सरल बनाते हैं। तीसरे सत्र में सूचना के अधिकार, प्रेस अधिनियम तथा मीडिया से जुड़े कानूनों, प्रावधानों पर पूर्व सूचना आयुक्त आत्मदीप जी ने जानकारी देते हुए कहा कि सूचना का अधिकार सुशासन में सहायक है। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ है। यह आजाद भारत का क्रांतिकारी कानून है। इससे आम आदमी को व्यवस्था से जुड़ी शीर्ष संस्थाओं से भी जानकारियां हासिल करने का अधिकार मिला है। आत्मदीप ने इस अवसर पर सूचना के अधिकार में वर्णित विविध प्रावधानों को भी विस्तार से समझाया। कई उदाहरणों के साथ उन्होंने लोकसेवकों के उत्तरदायित्वों पर भी चर्चा की। उन्होंने इस सत्र में प्रश्नोत्तर के माध्यम से भी प्रतिभागी अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। जनसंपर्क के क्षेत्र में काम करने वाले अधिकारियों को लगातार सीखते रहना चाहिए। फील्ड में रहने के कारण रोज होने वाले नए अनुभवों से हम हमेशा नई चीजें सीखते हैं। शासकीय सेवा में हमेशा नई बातें सीखने की आदत सफलता की ओर ले जाती है। ये बातें जनसंपर्क अधिकारियों एवं सोशल मीडिया हैंडलर्स की दक्षता उन्नयन के दो दिवसीय कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक जी.एस. वाधवा ने कही। वे इस प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। वाधवा ने कहा कि शासकीय सेवा में हमेशा नया सीखना होता है। नित नई परिस्थितियां अधिकारियों को अनुभव संपन्न बनाती हैं। उन्होंने कहा कि हम जब भी किसी किए गए कार्य का मूल्यांकन करते हैं तो हर बार लगता है कि यह काम और बेहतर ढंग से हो सकता था। इस मूल्यांकन से सीख कर हम निकट भविष्य के लिए और अच्छी योजना बनाते हैं। अंतिम सत्र में जनसंपर्क विभाग के उप-संचालक सुनील वर्मा ने जनसंपर्क के लिए सोशल मीडिया के बेहतर उपयोग पर जानकारी दी। सोशल मीडिया का जनसंपर्क के क्षेत्र में बेहतर उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में काम करने वाले लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपने लक्षित वर्ग तक सूचनाएं पहुंचाने का प्रमुख माध्यम बना सकते हैं। इस माध्यम की स्पीड, एक्युरेसी और ओपननेस इसे विशेष बनाती है। वर्मा ने प्रदेश के जिला जनसंपर्क कार्यालयों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से संचार और संवाद के नवाचारों पर भी चर्चा की। विषय विशेषज्ञ वरिष्ठ पत्रकार सुनील शुक्ला ने सोशल मीडिया और जनसंपर्क विषय पर कहा कि ये माध्यम युवा वर्ग की पसंद का मीडिया हैं। इसकी विशेषता इसकी स्पीड और शेयरिंग के फीचर हैं। तमाम डिजिटल माध्यम लक्षित जनमानस तक खबरों को तुरंत पहुंचा सकने में सक्षम हैं। शुक्ला ने कहा कि इन माध्यमों पर हमें किसी भी कंटेंट को डालने से पहले भलीभांति जांच लेना चाहिए। इससे समाचारों और सूचनाओं की विश्वसनीयता बनी रहेगी। उद्घाटन सत्र में उपस्थित अतिथियों तथा विशेषज्ञों का आभार अपर संचालक गणेश कुमार जायसवाल ने माना। इस सत्र में विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. पी. शशिकला भी उपस्थित थी। सत्र का संचालन डॉ. लोकेंद्र सिंह ने किया। प्रशिक्षण में जनसंपर्क संचालनालय और प्रदेश के सभी जिला जनसंपर्क अधिकारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण का आयोजन जनसंपर्क विभाग एवं एमसीयू की प्रशिक्षण शाखा के तत्वावधान में हुआ। आयोजन का समन्वय डॉ. शलभ श्रीवास्तव ने किया। दूसरे दिन इस प्रशिक्षण के अंर्तगत जनसंपर्क की नीतियों और उनके क्रियान्वयन के व्यवहारिक पहलुओं सहित वित्तीय प्रबंधन पत्र विविध सत्र आयोजित होंगे।  

राज्यमंत्री गौर ने 90 लाख की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमि पूजन

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरूवार को गोविंदपुरा में विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि ये विकास कार्य क्षेत्र के समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाते हुए नागरिकों का जीवनस्तर बेहतर बना रही है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 65 में 20 लाख रुपये की लागत से छत्रसाल नगर फेस-3 में बनने वाली बाउंड्रीवॉल, पेविंग ब्लॉक, सीसी रोड और कम्युनिटी हॉल के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। उन्होंने अर्चना कैम्पस में 8 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसीरोड, अपूर्व इंक्लेव में 12 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक स्टेज, पेविंग ब्लॉक और भवानी धाम पेस-1 में 8 लाख 50 हजार की लागत से सोसाइटी ऑफिस के पास सामुदायिक लाइब्रेरी के कार्य का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने छत्रपति नगर में 7 लाख की लागत से तैयार हो चुके सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया। राज्यमंत्री ने बताया कि छत्रपति नगर कम्युनिटी हॉल के पास आरसीसी नाली एवं सीसी रोड का निर्माण कार्य 10 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नरेला जोड़ चौराहे का सौंदयीँकरण के निर्माण कार्य का भूमि पूजन भी किया गया, जिसकी लागत 3 लाख रुपए है। वार्ड स्थित रीगल ट्रेजर कॉलोनी के पार्क में 3 लाख रुपये की लागत से शेड एवं ओपन जिम इक्युपमेंट लगाने का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने न्यू-मिनाल छत्री पार्क में स्टेज बनाने के कार्य एवं पेविंग ब्लॉक लगाने के कार्य की रहवासियों को सौगात दी। चाणक्यपुरी में क्षेत्रवासियों की सुविधा एवं सामाजिक गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए कम्यूनिटी हॉल के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी निर्देशित किया। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शिरोमणी शर्मा, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्री लवकुश यादव, श्री बीकम सिंह बघेल समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।