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काटजू अस्पताल में ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ पर गर्भ संस्कार एवं गोद भराई कार्यक्रम आयोजित

भोपाल.  विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर काटजू चिकित्सालय, भोपाल में नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे की पहल पर ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ (PMSMA) अंतर्गत गर्भ संस्कार सत्र एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आरोग्य भारती का सहयोग रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं को योग, संतुलित आहार, सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में मार्गदर्शन दिया। डॉ. रचना दुबे ने बताया कि गर्भ संस्कार माँ और शिशु के सर्वांगीण विकास में सहायक है तथा तनाव, रक्तचाप नियंत्रण, बेहतर नींद व पाचन में लाभकारी है। डॉ. दुबे ने कहा कि आज से प्रारम्भ हुआ यह कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा, जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 एवं 25 तारीख को प्रधान मंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को जांच के लिये आने वाली गर्भवती महिलाओं को आरोग्य भारती संस्था के विशेषज्ञों द्वारा गर्भ संस्कार से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताई जाएंगी एवं 7 माह पूर्ण कर चुकी महिलाओं को गोदभराई में चिकित्सालय द्वारा पौष्टिक आहार बास्केट प्रदान किया जाएगा जिससे मां एवं बच्चा दोनों स्वस्थ्य जीवन जी सकें।  

सस्ता और सुलभ होगा सफर, गुरुग्राम में 55 रुपये प्रति किमी की दर पर चलेंगी ई-बसें, जीएमडीए ने जारी किया ठेका

गुरुग्राम गुरुग्राम में यात्रियों की सुविधा के लिए जुलाई से 100 नई ई-बसें शुरू की जाएंगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए पीएमआई इलेक्ट्रो मोबीलिटी को ठेका दे दिया है। वर्तमान में चल रही 150 सीएनजी बसें पुरानी होने के कारण अक्सर खराब हो जाती हैं जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। नई ई-बसों का संचालन 55.47 रुपये प्रति किलोमीटर की दर पर होगा जो मौजूदा बसों के खर्च से काफी कम है। इन बसों के लिए सेक्टर-10 में डिपो तैयार है। सड़कों पर दौड़ेंगी 100 ई-बसें अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में जुलाई से 100 ई-बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। इसको लेकर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने पीएमआई इलेक्ट्रो मोबीलिटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को ठेका स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है। प्रति किलोमीटर 55 रुपये 47 पैसे आएगा खर्च 55 रुपये 47 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से बस संचालन की एवज में इस कंपनी को गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) की तरफ से भुगतान किया जाएगा। मौजूदा समय में गुरुग्राम में 150 सीएनजी बस हैं। करीब आठ साल पुरानी बस होने की वजह से आए दिन इसमें खराबी आती रहती है। रोजाना 15 से 20 बस बीच रास्ते में दम तोड़ रही है। पुरानी बसों पर खर्च ज्यादा यही नहीं इन बसों को करीब 95 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। जीएमडीए ने पीएम ई-सेवा के तहत सब्सिडी पर 100 ई-बस मुहैया कराने का आग्रह दो साल पहले किया था। गत 16 फरवरी को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ई-बस के संचालन को लेकर उच्चस्तरीय खरीद समिति की बैठक में ठेकेदार कंपनी से नेगोसिएशन हुई थी। इसके बाद सिटी बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया था। यात्री फिलहाल परेशान बस कम होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। द्वारका एक्सप्रेसवे डिवेलपमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी सुनील सरीन ने बताया कि पिछले दो साल से जीएमसीबीएल और जीएमडीए से सिटी बस के संचालन की मांग कर रहे हैं। उनसे आग्रह किया है कि यशो भूमि और द्वारका मेट्रो स्टेशन को सिटी बस सेवा से जोड़ा जाए। ई-बस डिपो तैयार गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने कहा कि कई-बस के आते ही इनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। सेक्टर-10 में ई-बस डिपो तैयार किया जा चुका है। सेक्टर-48 में भी ई-बस डिपो जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। बसों के आने के बाद परिवहन सेवा बेहतर होगी। लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी। बस रूट भी तैयार ई-बस संचालन को लेकर सेक्टर-10 में ई-बस डिपो बनकर तैयार हो चुका है। बिजलीघर भी बन चुका है। डीएचबीवीएन से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा चुका है। सेक्टर-48 में ई-बस डिपो निर्माणाधीन है। ई-बस के संचालन को लेकर जीएमसीबीएल की तरफ से बस रूट तैयार किए जा चुके हैं।

बड़ा प्रशासनिक बदलाव: 14 जिलों के कलेक्टर बदले, भोपाल की जिम्मेदारी प्रियंक को

भोपाल मध्यप्रदेश में गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए मोहन सरकार ने 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। इस बदलाव में प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि वर्तमान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद के साथ आयुक्त सह-संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटा कर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग आयोग में सचिव बनाया गया है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित  थे।

मंत्री टेटवाल ने ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण कर प्रगतिरत कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की

भोपाल.  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण कर संस्थान के प्रगतिरत कार्यों, निर्माण गतिविधियों एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उनके साथ राजगढ़ के विधायक अमर सिंह यादव भी उपस्थित रहे। मंत्री टेटवाल ने स्किल पार्क की अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं और निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर चर्चा की और निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे युवाओं को बेहतर और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही उन्होंने संस्थान में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं की भी समीक्षा की। पुस्तकालय स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री टेटवाल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी सहभागिता, रचनात्मकता और अनुशासन की सराहना की तथा उन्हें आगे भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। मंत्री टेटवाल ने इंडिया स्किल्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र विनीत शर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दीं । उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विद्यार्थी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाते हैं। मंत्री टेटवाल ने स्किल पार्क के वर्ष 2025 बैच के उन विद्यार्थियों से भी संवाद किया, जिनका चयन ट्राइडेंट एवं एसआरएफ जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रशिक्षण अनुभव, प्लेसमेंट प्रक्रिया और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्हें अपने कौशल को निरंतर निखारने और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया। मंत्री टेटवाल ने कहा कि कौशल विकास को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और स्किल पार्क जैसे संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल को मजबूत कर प्रदेश और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।  

कुदरत की मार और अन्नदाता का दर्द,उत्तर प्रदेश में बारिश-बिजली से 20 मौतें, मुख्यमंत्री ने दिए तुरंत मुआवजे के निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों से मौसम बदल चुका है. जहां अप्रैल में चिलचिलाती धूप होनी चाहिए वहीं अब बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हो रही है. इसने जहां लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी, वहीं खेतों में खड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया. खासकर गेहूं की फसल, जो इस समय कटाई के दौर में थी, इस बदले मौसम की सबसे बड़ी मार झेल रही है. कई जिलों से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे किसानों के दर्द को साफ बयां कर रही हैं कहीं खेतों में पानी भरा है, तो कहीं ओलों ने सुनहरी बालियों को जमीन पर गिरा दिया है. किसान, जो कुछ दिन पहले तक अच्छी पैदावार की उम्मीद में जुटे थे, अब नुकसान का हिसाब लगाने में लगे हैं. लखनऊ के निगोहा इलाके समेत कई जगहों से खबरें हैं कि बारिश और ओलावृष्टि ने खड़ी और कटी दोनों तरह की फसल को नुकसान पहुंचाया है. जिन खेतों में कटाई हो चुकी थी, वहां भीगने से गेहूं के दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है. वहीं, जिन खेतों में फसल अभी खड़ी थी, वहां ओलों ने बालियों को झुका दिया या पूरी तरह गिरा दिया. किसानों का कहना है कि इस बार करीब 40 फीसदी तक नुकसान की आशंका है. यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे साल की मेहनत और उम्मीदों पर पड़ा गहरा असर है. कई किसानों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कटाई का काम ठप पड़ गया है. मजदूर खाली बैठे हैं और मशीनें खेतों में नहीं उतर पा रहीं. इससे फसल का नुकसान और बढ़ने की आशंका है. सीएम योगी ने लिया संज्ञान मौसम के इस बदले मिजाज ने सिर्फ फसलों को ही नहीं, बल्कि किसानों की मानसिक स्थिति को भी प्रभावित किया है. एक ओर कर्ज और लागत का दबाव है, दूसरी ओर पैदावार घटने का डर. ऐसे में उनके सामने आने वाले समय को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है. इसी बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है. उन्होंने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड में सक्रिय रहें और किसानों के संपर्क में बने रहें. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम होना चाहिए और हर प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. सभी जिलाधिकारियों से मांगी  रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे खुद गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लें. सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर जाकर नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाए. राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त रूप से सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मुआवजा प्रक्रिया में देरी न हो. सरकार की ओर से यह भी सुनिश्चित करने की बात कही गई है कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें समयबद्ध तरीके से मुआवजा मिले. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है. 20 लोगों की मौत, 33 पशुओं की भी गई जान केवल फसल नुकसान ही नहीं, बल्कि इस दौरान हुई जनहानि और पशुहानि को भी गंभीरता से लिया गया है. पिछले एक हफ्ते में प्रदेश में अति वर्षा और आकाशीय बिजली की वजह से करीब 20 लोगों की मौत, 12 लोग घायल और 33 पशुओं की मौत की खबर सामने आई है. इन सभी मामलों में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा वितरित करना शुरू कर दिया है. सरकार ने यह भी कहा है कि जिन परिवारों के घर इस आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं, कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं.

सीकर रोड पर जाम से फंसे VIP, लापरवाही पड़ गई भारी, पहली बार बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

जयपुर राजधानी जयपुर में 9 मार्च को आयोजित एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह अब पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लाडनू से कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर के विवाह समारोह के दौरान सीकर रोड पर लगे कई किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में एक आईपीएस अधिकारी समेत कुल 6 पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया जा रहा है कि जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से इस घटना को गंभीरता से लिया गया था और स्पेशल सीपी स्तर पर इसकी विस्तृत जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजे जाने के बाद विजिलेंस टीम ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। सूत्रों के मुताबिक, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। शादी समारोह बना जाम की वजह जानकारी के अनुसार 9 मार्च को हरमाड़ा क्षेत्र में सीकर रोड स्थित एक रिसॉर्ट में विधायक मुकेश भाकर और आरजेएस अधिकारी कोमल मीणा का विवाह समारोह आयोजित हुआ था। इस समारोह में सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेता, वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के आसपास वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया, जिससे सीकर रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हालात ऐसे हो गए कि कई किलोमीटर तक वाहन रेंगते नजर आए और आम लोगों के साथ-साथ कई वीआईपी मेहमान भी जाम में फंस गए। वायरलेस मैसेज के बावजूद नहीं खुला जाम सूत्रों के अनुसार, जाम की स्थिति को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम और वायरलेस सेट पर लगातार संदेश प्रसारित किए जा रहे थे। बावजूद इसके, मौके पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने में काफी देरी हुई। कई वीआईपी को जाम से निकलने में लंबा समय लग गया, जिससे पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे और मामले की जांच के आदेश दिए गए। स्पेशल कमिश्नर ने सौंपी जांच रिपोर्ट मामले की जांच स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश को सौंपी गई थी। उन्होंने मौके की परिस्थितियों, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की भूमिका और ट्रैफिक मैनेजमेंट की स्थिति का आकलन करते हुए विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी। रिपोर्ट में लापरवाही के बिंदुओं को चिन्हित किया गया, जिसके आधार पर विजिलेंस टीम ने कार्रवाई शुरू की है। इन अधिकारियों को माना गया जिम्मेदार पुलिस जांच में जिन अधिकारियों को प्राथमिक रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है, उनमें एसीपी चोमू आईपीएस उषा यादव, एसीपी ट्रैफिक किशोर सिंह भदोरिया, ट्रैफिक इंस्पेक्टर मंजू चौधरी, संपत राज, नवरत्न धौलिया और हरमाड़ा थाना अधिकारी उदय सिंह शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है और उनसे पूछा गया है कि ट्रैफिक प्रबंधन में चूक क्यों हुई। जांच के दौरान हुए तबादले गौरतलब है कि जांच प्रक्रिया के दौरान ही एसीपी चोमू उषा यादव का तबादला कर उन्हें हाड़ी रानी बटालियन में कमांडेंट नियुक्त किया गया है। इसके अलावा जयपुर के डीसीपी ट्रैफिक का भी ट्रांसफर किया जा चुका है। हालांकि इन तबादलों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन इसे इस मामले से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पहली बार उच्च अधिकारियों पर भी गिरी गाज सूत्रों के मुताबिक, यह पहला मामला है जब ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति के लिए केवल निचले स्तर के कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि उच्च अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। पुलिस मुख्यालय का यह कदम यह संकेत देता है कि अब ट्रैफिक प्रबंधन में किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। आगे क्या? अब सभी की नजर संबंधित अधिकारियों के जवाब पर टिकी हुई है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो विभागीय कार्रवाई के तहत चार्जशीट, सस्पेंशन या अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

चंद्रमा से लौटते वक्त 192 करोड़ का टॉयलेट हुआ जाम, 4 यात्री फंसे अजीब समस्या में

 नई दिल्ली चंद्रमा के चारों ओर सफल यात्रा के बाद ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की ओर लौट रहा है. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन $23 मिलियन (करीब 192 करोड़ रुपये) का टॉयलेट अचानक खराब हो गया. यूरिन को स्पेस में फेंकने वाली व्यवस्था बंद हो गई है. NASA का मानना है कि यूरिन सिस्टम में एक केमिकल रिएक्शन की वजह से यह समस्या हुई है. पॉटी निकालने वाली अलग व्यवस्था ठीक काम कर रही है।  एस्ट्रोनॉट क्रिस्टीना कोच ने कहा कि यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम से जलती हुई हीटर जैसी बदबू आ रही है. फ्लाइट डायरेक्टर रिक हेनफ्लिंग ने बताया कि टॉयलेट अब भी काम कर रहा है, लेकिन समस्या वेस्टवॉटर टैंक को खाली करने में है. वेंट यानी निकासी कम हो गया है. इसलिए क्रू को बैकअप का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। अभी चारों एस्ट्रोनॉट्स व्यक्तिगत दोबारा इस्तेमाल होने वाले कंटेनर यानी कॉलेप्सिबल कंटिंजेंसी यूरिन डिस्पोजल डिवाइसेस का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह समस्या लिफ्टऑफ के कुछ घंटों बाद ही शुरू हो गई थी. क्रिस्टीना कोच ने सिस्टम के कंट्रोल्स एडजस्ट किए. मिशन कंट्रोल की मदद से रीस्टार्ट किया।  पहले लगा कि समस्या सुलझ गई है. कोच ने कहा कि मैं खुद को स्पेस प्लंबर कहने पर गर्व महसूस कर रही हूं. उन्होंने टॉयलेट को स्पेसक्राफ्ट का सबसे जरूरी उपकरण बताया।  समस्या अभी भी बनी हुई है समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं हुई. एस्ट्रोनॉट्स अब भी यूरिन को स्पेस में फेंक नहीं पा रहे हैं. यह मुद्दा ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में हर प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय बन गया है. यह वही केंद्र है जहां 1970 में अपोलो 13 के दौरान एस्ट्रोनॉट जैक स्विगर्ट ने कहा था कि ह्यूस्टन, हमारी समस्या है. उस समय ऑक्सीजन टैंक फटने से मिशन रद्द हो गया था, लेकिन तीनों एस्ट्रोनॉट्स सुरक्षित वापस लौट आए थे।  NASA की नई थ्योरी: बर्फ नहीं, केमिकल रिएक्शन   पहले NASA को लगा कि फिल्टर में बर्फ जमने से समस्या हुई है. इसलिए स्पेसक्राफ्ट को सूरज की तरफ घुमाया गया और हीटर चालू किए गए. लेकिन रिक हेनफ्लिंग ने बताया कि समस्या बर्फ की नहीं है. अब नई थ्योरी यह है कि यूरिन को बैक्टीरिया और माइक्रोऑर्गेनिज्म से बचाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल के रिएक्शन से कुछ कचरा बन रहा है, जो फिल्टर में फंस गया है।  ओरियन का टॉयलेट ISS जैसा, लेकिन पहली बार डीप स्पेस में ओरियन स्पेसक्राफ्ट में लगा टॉयलेट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) वाले टॉयलेट जैसा है. लेकिन यह पहली बार किसी क्रूड डीप स्पेस मिशन में इस्तेमाल हो रहा है. अपोलो मिशन के एस्ट्रोनॉट्स के पास टॉयलेट नहीं था, वे विशेष बैग इस्तेमाल करते थे. ओरियन 5 मीटर चौड़ा और 3 मीटर ऊंचा है।  टॉयलेट फ्लोर के नीचे है – यही एकमात्र जगह है जहां एस्ट्रोनॉट्स अकेले रह सकते हैं. अंदर बहुत शोर होता है, इसलिए कान की सुरक्षा जरूरी है. माइक्रोग्रैविटी में काम करने के लिए सक्शन सिस्टम लगा है. मल को डिस्पोजेबल बैग में रखकर दबाया जाता है. पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा।  NASA की एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर लोरी ग्लेज ने कहा कि जैसे ही स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी पर उतरेगा, हम अंदर जाकर समस्या की जड़ तक पहुंचेंगे. ओरियन शुक्रवार को प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन करेगा. यह छोटी-सी समस्या स्पेस मिशन की जटिलता दिखाती है. $23 मिलियन का टॉयलेट भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है।   

माँ भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का  अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट लगाकर चलने के लिए करें प्रेरित : परिवहन मंत्री सिंह

भोपाल.  परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने गुरुवार को शाजापुर जिले में परिवहन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने परिवहन अधिकारी को बिना हेलमेट दो पहिया चलाने वाले वाहन चालकों को हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित करने और हेलमेट लगाकर वाहन चलाने वालों का स्वागत करने के निर्देश दिए। मंत्री सिंह ने कहा कि विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर शिविर लगाकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों को लेकर जागरूक करें। समीक्षा बैठक के दौरान विधायक अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, डॉ. रवि पाण्डे, योगेन्द्र सिंह जादौन (बंटी बना), विजय सिंह बैस, आशीष नागर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अनुपमा चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।