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अभी तक 4.61 लाख किसानों द्वारा 1 करोड़ 96 लाख 92 हजार क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक : मंत्री राजपूत

136237 किसानों से 59 लाख 48 हजार 980 क्विंटल गेहूँ उपार्जित भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक एक लाख 36 हज़ार 237 किसानों से 59 लाख 48 हजार 980 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 575 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। अभी तक 4 लाख 61 हजार 271 किसानों द्वारा 1 करोड़ 96 लाख 92 हजार 550 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसान गेहूँ बिक्रय के लिये 30 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं मंत्री राजपूत ने बताया है कि जिन जिलों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहाँ गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से 45 लाख 92 हजार 610 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है। प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

2840 स्थानों पर हुई जाँच, 3691 गैस सिलेण्डर जब्त : मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2840 स्थानों पर जांच की गई, 3961 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 734 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 01 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भण्डार है देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल] डीजल] पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस के संबंध में प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। खाद्य मंत्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माईग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kg के सिलेण्डर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शन,सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वसहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाईपलाईन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्त नहीं कर रहे है, ऐसे 1.5 लाख घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस हेतु सभी सीजीडी संस्थाएं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगायें, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिकारी उपस्थित रहें। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाईन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाईन डालकर कनेक्शन का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशनुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाईन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की ROU स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्य प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाईपलाईन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाईपलाईन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाईयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये। कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कन्ट्रोल रूम नं. निम्नानुसार प्रदाय किये गये है – अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887) गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788) नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311) थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107) IOCL – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा(9424836488), अशोकनगर(9425119522), मुरैना(7223982333) BPCL – महैर, सतना, शहडोल(9424738607), सीधी, सिंगरौली(9424341954) गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) प्रदेश के उक्त शहरों में जिन स्थानों से पाईपलाईन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते है। प्रदेश के अन्य जिलों में पाईपलाईन का विस्तार होने के उपरांत पीएनजी कनेक्शन प्रदाय किये जा सकेंगे।    

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तैयारी तेज, 1.81 लाख किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक एक लाख 81 हजार 793 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। पंजीयन की कार्यवाही 7 मार्च तक जारी रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन जरूर करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 27 हजार 175, उज्जैन में 73 हजार 398, ग्वालियर में 3358, चम्बल में 1449, जबलपुर में 12 हजार 342, नर्मदापुरम में 11 हजार 698, भोपाल में 41 हजार 268, रीवा में 3242, शहडोल में 726 और सागर संभाग में 7137 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।  

20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत

भोपाल रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 4084, उज्जैन में 9524, ग्वालियर में 476, चम्बल में 123, जबलपुर में 788, नर्मदापुरम में 900, भोपाल में 3602, रीवा में 68, शहडोल में 83 और सागर में 450 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।  

वीबी-जी रामजी योजना से बदलेगी हर गांव के विकास की तस्वीर: मंत्री राजपूत

सीहोरा में किए एक करोड़ से अधिक के विकास कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल है वीबी-जी रामजी योजना जिससे वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार कर गांव को समृद्ध बनायेंगे। इस योजना में 125 दिन के रोजगार की गांरटी है। साथ ही ग्राम पंचायतें अपने गांव के विकास के लिए खुद निर्णय लेकर विकास कार्य करेंगी। सीसी रोड और अधोसंरचना जैसे कार्य कर ग्राम पंचायतें शसक्त होंगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। यह बात खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर जिले के सीहोरा में विभिन्न विकास कार्य के लोकार्पण एवं भूमि पूजन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में करोड़ों के विकास कार्य चल रहे हैं छोटे-छोटे गांव भी अब पक्की सड़कों से जुड़ चुके हैं। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मैं और मेरा पूरा परिवार दिन-रात मेहनत करते हैं। हमारा संकल्प है कि सुरखी का विकास प्रदेश में अलग पहचान बनाए, जिसका नतीजा है कि आज हम सबसे कम समय में सबसे अधिक विकास कार्य करने वाले क्षेत्र में शामिल हैं । प्रधानमंत्री श्री मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जो विकास की तस्वीर बनाई, वह सुरखी विधानसभा क्षेत्र में नजर आती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दृढ़ संकल्प ने विश्व में भारत को अलग पहचान दी, तो वही जन-जन के नेता डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच ने मध्यप्रदेश में विकास की नई इमारत लिखी। हम सब आपके सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। आपका आशीर्वाद और सहयोग इस विकास रथ को और गति देगा। मंत्री श्री राजपूत ने सीहोरा में नल जल योजना, पेयजल टैंकर, सी.सी. रोड निर्माण कार्य मुख्य बाजार से जैन मंदिर की ओर चबूतरा निर्माण, हाईमास्ट फाउन्डेशन कंट्रोल पैनल मय फिटिंग 02 स्थानों पर, मंगल भवन निर्माण कार्य संत रविदास मंदिर के पास, ,सीहोरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सीहोरा में राजस्व का आवासीय भवन, सीहोरा में उप तहसील कार्यालय भवन, सीहोरा में हाई स्कूल का अनुरक्षण कार्य, सीहोरा प्राथमिक शाला में फर्नीचर, प्री-फेब्रिकेटेड स्वागत द्वार निर्माण कार्य सिहोरा लोटना मार्ग पर, सामुदायिक, भवन, घाट निर्माण कार्य, श्रवण प्रताप चबूतरा निर्माण, शांतिधाम सौंदर्याकरण कार्य, पेवर ब्लॉक कार्य पंचायत भवन, टीन शेड निर्माण भूतेश्वर मंदिर, आदि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए सीहोरा को मंत्री राजपूत ने एक करोड़ से अधिक की राशि के विकास कार्यों की सौगात दी। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि चैकी जंलधर मार्ग को वन विभाग से अनुमति दिला दी है, अब इसका कार्य शीघ्र पूर्ण होगा इससे करीब 50 ग्रामों को आवागमन की सुविधा होगी।  

मुख्यमंत्री पोषण मार्ट से आम जनता को सुविधा, किराना और जनरल स्टोर की तरह मिलेगा हर सामान: मंत्री राजपूत

भोपाल  मध्य प्रदेश में राशन की दुकानों पर किराना और जनरल स्टोर की तरह जरूरत की हर सामग्री मिलेगी। मप्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में पहली बार राशन दुकानों को ‘मुख्यमंत्री पोषण मार्ट’ के रूप में विकसित करने की तैयारी।  अभी तक प्रदेश की राशन दुकानों में केवल गेहूं, चावल, शक्कर जैसी सीमित सामग्री ही उपलब्ध रहती है, लेकिन सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था को और व्यापक व उपयोगी बनाना है। राशन दुकान पर जरूरत का हर सामान मिले मंत्री ने बताया कि सरकार का विचार है कि राशन दुकानों पर किराने और जनरल स्टोर से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराई जाएं, ठीक उसी तरह जैसे विकसित देशों में कम्युनिटी स्टोर या सोशल स्टोर की व्यवस्था होती है। इससे हितग्राहियों को रोजमर्रा की जरूरत का सामान एक ही स्थान पर मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पोषण मार्ट के रूप में विकसित होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक लाभ होगा। गांव-गांव में रहने वाले नागरिकों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए अलग-अलग दुकानों या दूर के बाजारों तक नहीं जाना पड़ेगा। राशन के साथ-साथ अन्य जरूरी वस्तुएं भी एक ही जगह मिलने से समय, पैसा और श्रम तीनों की बचत होगी। मंत्री के अनुसार, इस योजना से न केवल हितग्राहियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राशन दुकानदारों की आय भी बढ़ेगी, जिससे पूरी सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक मजबूत और टिकाऊ बन सकेगी। सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रही है। भोपाल के होटल पलाश में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की उपलब्धियां बताईं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की उपलब्धि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बीते दो सालों में प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बड़े पैमाने पर नि:शुल्क राशन का वितरण किया गया। इस अवधि में सरकार ने 22 हजार 800 करोड़ रुपए मूल्य का अनाज गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया। मंत्री के अनुसार, योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न से वंचित न रहे। योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है, जिससे वितरण व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुचारु हुई है। मुख्यमंत्री अन्न जागरूकता सेवा अभियान राशन दुकानों में गड़बड़ियों को खत्म करने के उद्देश्य से सरकार ने मुख्यमंत्री अन्न जागरूकता सेवा अभियान शुरू किया है। मंत्री ने बताया कि इसके तहत एक विशेष मोबाइल एप तैयार किया गया है। इस एप के जरिए जैसे ही राशन की गाड़ी दुकान पर पहुंचेगी, उसकी सूचना एसएमएस के माध्यम से सीधे हितग्राहियों को मिल जाएगी। इससे हितग्राही समय पर दुकान पहुंचकर राशन ले सकेंगे। इस व्यवस्था में राशन वाहन की स्थिति हितग्राही, दुकानदार और वाहन सेवा प्रदाता तीनों को दिखाई देगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी। साल में दो साल ग्राम सभाओं में पढ़ी जाएगी राशन लेने वालों की लिस्ट मंत्री ने बताया कि विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ग्राम सभा स्तर पर राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन शुरू किया है। इसमें यह जानकारी दी जाएगी कि गांव में कितने लोगों को राशन मिल रहा है, कितने लोग वंचित हैं और कितने पात्र लोगों के पास अभी पात्रता पर्ची नहीं है। इससे मौके पर ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और शिकायतों का तुरंत समाधान संभव होगा। मंत्री ने इसे सामाजिक ऑडिट जैसा मॉडल बताया, जिससे ग्रामीण स्तर पर जवाबदेही तय होगी। ई-केवाईसी और फेस ऑथेंटिकेशन प्रदेश में राशन वितरण को व्यवस्थित करने के लिए बड़े स्तर पर ई-केवाईसी अभियान चलाया गया है। मंत्री के अनुसार अब तक 1 करोड़ 70 लाख से अधिक हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। इसके साथ ही ‘मेरा ई-केवाईसी ऐप’ के माध्यम से चेहरे के सत्यापन (फेस ऑथेंटिकेशन) की सुविधा दी गई है। 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है, ताकि वे तकनीकी कारणों से राशन से वंचित न हों। बुजुर्गों और दिव्यांगों को राशन लेने नॉमिनी की व्यवस्था कई बार अंगूठे का निशान काम न करने के कारण बुजुर्ग और दिव्यांग हितग्राही राशन नहीं ले पाते थे। इसे देखते हुए सरकार ने नॉमिनी व्यवस्था लागू की है। मंत्री ने बताया कि अब कोई भी वृद्ध या दिव्यांग व्यक्ति किसी एक व्यक्ति को नॉमिनी बना सकता है और उसी के माध्यम से उसे राशन मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद यह है कि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी कारणों से राशन से वंचित न रहे। 14 लाख नई राशन पात्रता पर्चियां मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि सरकार ने अब तक 14 लाख नई राशन पात्रता पर्चियां जारी की हैं और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। जो पात्र व्यक्ति अब तक योजना से छूट गए थे, वे अपनी केवाईसी पूरी कराकर राशन दुकान से पात्रता पर्ची प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। वन नेशन-वन राशन कार्ड से प्रवासियों को राहत मंत्री ने कहा कि वन नेशन–वन राशन कार्ड योजना प्रदेश और देश दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हुई है। पहले मध्यप्रदेश के मजदूर जब बाहर काम करने जाते थे, तो उन्हें वहां राशन नहीं मिलता था और दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिक यहां राशन से वंचित रहते थे। अब स्थिति बदल गई है। मंत्री के अनुसार, हर महीने करीब 39 हजार परिवार दूसरे राज्यों से आकर मध्यप्रदेश में राशन ले रहे हैं, जबकि लगभग 5 हजार परिवार मध्यप्रदेश के होकर अन्य राज्यों में रहकर नि:शुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। लाड़ली बहना योजना में गैस अनुदान मंत्री ने बताया कि लाड़ली बहना और उज्ज्वला योजना के तहत बीते दो सालों में 6 करोड़ 70 लाख गैस सिलेंडर रिफिल कराए गए हैं। इसके लिए 911 करोड़ रुपए का अनुदान राज्य सरकार ने दिया है। सरकार का वादा है कि लाड़ली बहनों को 450 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा और शेष राशि सरकार अनुदान के रूप में वहन कर रही है। शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन गैस योजना प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में घर-घर पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाने का काम किया जा रहा है। मंत्री ने स्वीकार किया … Read more

खजुराहो केबिनेट में बुंदेलखंड को हजारों करोड़ की मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगातें: मंत्री राजपूत

भोपाल खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बुंदेलखंड के लिए केबिनेट बैठक का दिन स्वर्णिम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर को महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगातें देकर सागर के विकास की नई इबारत लिखी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि केबिनेट में बुंदेलखंड एवं सागर के लिए हजारों करोड़ की सौगातें दी हैं, जिससे सागर विकास के नये आयामों को छुएगा। यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़कर विकास की नई कहानी लिखी जायेगी, वहीं पर्यटन के क्षेत्र में नया इतिहास रचने की घोषणा भी हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सागर में 608.93 हेक्टेयर भूमि पर 25 हजार करोड़ की लागत से नया उद्योग क्षेत्र स्थापित किया जायेगा। इससे 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं दूसरी ओर नौरादेही अभयारण्य में जुलाई माह में 4 चीतों को बसाया जायेगा। इससे क्षेत्र में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि सागर से दमोह फोरलेन सड़क, छतरपुर तथा दमोह में नये मे‍डिकल कॉलेज के लिये नये पदों का सृजन किया जायेगा। साथ ही बीना में 100 बिस्तरीय अस्पताल बनेगा। इससे सागर विकास की ऊँचाइयों तक पहुँचेगा। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सागर तथा बुंदेलखण्ड के लिये दी गई सौगातें विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी। 25 हजार करोड़ से विकसित होगा नया औद्यौगिक क्षेत्र मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उद्योगों के लिए भी सागर को विशेष पैकेज प्रदान किया गया है। इसके तहत रिछोड़ा के पास 25 हजार करोड़ की लागत से नया औद्यौगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा, जिसमें लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिये स्वीकृत विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज में भूमि टोकन शुल्क मात्र एक रुपये प्रति वर्गमीटर, किराया और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूर्ण छूट एवं बिजली दरों में रियायत शामिल है। जुलाई माह में आयेंगे नौरादेही में 4 चीते मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री कूनो में चीता लेकर आये थे तो पूरे देश को बड़ी खुशी हुई थी और अब बुंदेलखंड में पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. यादव जुलाई माह में नौरादेही अभयारण्य में 4 चीते छोड़ेंगे, यह हमारे लिए गर्व की बात है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी सागर जिले को बड़ी उपलब्धि है। नौरादेही अभयारण्य को प्रदेश का तीसरा चीता आवास के रूप में विकसित करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। यह क्षेत्र में पर्यावरणीय संरक्षण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की सकारात्मक पहल है। सागर-दमोह फोरलेन निर्माण को 2059 करोड़ मंजूर मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि केबिनेट बैठक में सागर-दमोह मार्ग को 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ विकसित करने के लिए 2059.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। 76.680 किमी लंबे इस मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत किया जाएगा। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 फ्लाईओवर, 9 मिडियन, 1 आरओबी तथा 13 पुल-पुलिया निर्माण का प्रावधान है। भूमि अर्जन और अन्य कार्यों पर 323.41 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इससे सागर दमोह भोपाल जबलपुर जाने वालों के लिए आवागमन सुलभ होगा। 100 बेड का होगा बीना अस्पताल, पद सृजन को मंजूरी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बीना सिविल अस्पताल की क्षमता 50 से 100 बिस्तर तक बढ़ाने और नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।

मंत्री राजपूत बोले – सेवा के लिए हर समय तैयार हूं, जनता का साथ नहीं छोड़ूंगा

मुश्किल की घड़ी में हर वक्त मैं जनता के साथ, हर जरूरत में सेवा के लिए तत्पर हूं : मंत्री राजपूत संकट की हर घड़ी में जनता के साथ खड़ा रहूंगा: मंत्री राजपूत का संकल्प मंत्री राजपूत बोले – सेवा के लिए हर समय तैयार हूं, जनता का साथ नहीं छोड़ूंगा लोहगढ़िया समाज के 100 से अधिक परिवारों को बांटे तिरपाल भोपाल बारिश का मौसम जहां कई लोगों के लिए सुकून लेकर आता है, वहीं गरीब तबके और झोपड़ी व कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए यह तकलीफ का कारण भी बन जाता है। ऐसे ही समय में  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने  सागर जिले के बेरखेड़ी गांव के लोहगढ़िया मोहल्ले में तिरपाल वितरित किए, जिससे बारिश से उनके घरों की सुरक्षा हो सके और वे सुरक्षित रह सकें।  मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा मेरा परिवार है और परिवार के हर नागरिक की सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी है। चाहे कितनी भी व्यस्तता हो, मैं हर वक्त आपके साथ खड़ा हूं। उन्होंने कहा कि लोहगढ़िया समाज ने भारतीय इतिहास में उल्लेखनीय योगदान दिया है और उनके त्याग और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि क्षेत्र के विकास और जरूरतमंदों की मदद के लिए वे सदैव तत्पर हैं। मंत्री ने विकास का संकल्प दोहराया खाद्य मंत्री राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास का खाका भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में पक्की सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, नल-जल योजना के माध्यम से हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाया जा रहा है और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। मंत्री राजपूत ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि सुरखी विधानसभा को शहरी सुविधाओं से लैस एक मॉडल क्षेत्र बनाया जाए।  लोहगढ़िया समाज ने किया मंत्री राजपूत का सम्मान मंत्री राजपूत के इस सेवा कार्य से भाव विभोर होकर लोहगढ़िया समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया और आभार व्यक्त किया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि संकट की इस घड़ी में मंत्री राजपूत द्वारा दी गई मदद उनके लिए संबल का कार्य करेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।