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सरकार देगी मुफ्त ट्रेनिंग, भोजन और आवास के साथ स्टाइपेंड भी: राज्यमंत्री गौर

फ्री ट्रेनिंग में रहना-खाना मुफ्त, स्टाइपेंड भी देगी सरकार : राज्यमंत्री गौर सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए 11 मई तक करें ऑफलाइन आवेदन, भोपाल मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए निशुल्क ट्रेनिंग देने जा रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' में उन्हें 45 दिन का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश के 4000 ओबीसी युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का लाभ लेने के लिए 11 मई की शाम 6 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के ओबीसी वर्ग के युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी संकल्प को साकार करते हुए सैन्य बलों में भर्ती की निःशुल्क कोचिंग के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक सौगात है। उन्होंने प्रदेश के ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवक-युवतियों से इस योजना में बढ़-चढ़कर आवेदन करने की अपील की है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन और निःशुल्क रखी गई है। उम्मीदवार, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट  ( www.bcwelfare.mp.gov.in)  से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, 20 चयनित जिलों में स्थित पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 'सहायक संचालक कार्यालयों' से भी निःशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त किए जा सकते हैं। इन फॉर्म को सही तरीके से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ 11 मई या उससे पहले इन्हीं कार्यालयों में जमा करना होगा। योजना के लिए कौन पात्र होगा? आवेदन करने के लिए युवा का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना और अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमीलेयर) श्रेणी में आना अनिवार्य है। आवेदक का न्यूनतम 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है। शारीरिक मापदंड के तहत पुरुषों की न्यूनतम ऊंचाई 168 सेंटीमीटर और महिलाओं की 155 सेंटी मीटर होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक के पैरों के तलवे चपटे (फ्लैट फुट) नहीं होने चाहिए और 'सावधान' की मुद्रा में खड़े होने पर दोनों घुटने आपस में टकराने (नॉक नीज़) नहीं चाहिए। आवेदन यदि 4000 से अधिक प्राप्त होते हैं, तो चयन 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों (मेरिट) के आधार पर किया जाएगा। अंक समान होने की स्थिति में अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान मिलेंगी कई सुविधाएं चयनित युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान कई शानदार सुविधाएं निशुल्क दी जाएंगी। प्रशिक्षणार्थियों को 45 दिन के आवासीय प्रशिक्षण में नाश्ता, दोनों समय का भोजन और अध्ययन सामग्री विभाग की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण अवधि में जेब खर्च के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 1,000 रुपए प्रतिमाह और महिला अभ्यर्थियों को 1,100 रुपए प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। योजना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कुल 4000 सीटों में से 35 प्रतिशत सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। ट्रेनिंग प्रोग्राम को रिजल्ट ओरिएंटेड बनाया गया है। इसमें युवाओं को हर दिन लगभग 4 घंटे सैद्धांतिक विषयों की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा, सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन 3 घंटे दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी शारीरिक ट्रेनिंग दी जाएगी। शुरुआत में यह ट्रेनिंग प्रदेश के 20 जिलों (भोपाल, रायसेन, इंदौर, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, गुना, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना और भिंड) के 40 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इन केंद्रों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी।

महिला आरक्षण पर कृष्णा गौर का पलटवार, कांग्रेस के 3 भ्रामक दावे किए नकारे, विपक्ष को कौरव कहा

भोपाल  मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण (Women Reservation) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। इसी उद्दे को लेकर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें सीएम मोहन यादव 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के तहत परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश किया। संकल्प पर चर्चा की शुरूआत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने की। संकल्प का समर्थन करते हुए इसे देश की आधी आबादी के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया। गौर ने इस दौरान कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को कौरव बताया और कहा कि- महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। कृष्णा गौर ने इसके बाद आरोप लगाया कि कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर 3 भ्रामक दावे किए है। विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- उन्होंने तोड़ा महिलाओं का दिल मंत्री कृष्णा गौर ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ब महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संसद में संशोधन विधेयक लाया गया था, तब पूरे देश की महिलाओं को उम्मीद जगी थी लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मनगढ़ंत और तर्कहीन कारणों के आधार पर इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। यह केवल विधेयक को गिराना नहीं था, बल्कि देश और प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के मान-सम्मान पर प्रहार था। ओबीसी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा कृष्णा गौर ने स्वयं को ओबीसी वर्ग की महिला बताते हुए कहा कि सदन में विपक्ष के द्वारा यह दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी ओबीसी वर्ग का वास्तविक समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रम फैलाने का काम किया है, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं और पिछड़े वर्गों को वास्तविक अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। कौरवों का उदाहरण देकर दी चेतावनी अपने भाषण के अंत में कृष्णा गौर ने महाभारत का उदाहरण देते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि- भगवान श्रीकृष्ण कौरवों को समझाने गए थे, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और परिणाम महाभारत के रूप में सामने आया। आज फिर एक यदुवंशी मोहन आपको समझाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि आप नहीं समझे तो परिणाम भी वैसा ही होगा। महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। गौर ने विपक्ष से अपील की कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस संकल्प का समर्थन करे।  उन्होंने मंत्री ने कहा- कांग्रेस ने किए 3 भ्रामक दावे नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्यमंत्री कृष्णा गौर कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक को रोकने के लिए भ्रामक और तर्कहीन दलीलों का सहारा लिया, लेकिन उनके सभी दावों की सच्चाई सामने आ गई।     मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का पहला भ्रम यह था कि इस प्रस्ताव से दक्षिण भारत के राज्यों को सीटों का नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रस्ताव में सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50% के समान अनुपात से बढ़ाने का प्रावधान है, जिससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।     दूसरे मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस पर उन्होंने खुद का उदहारण दिया और कहा कि अगर किसी दल ने ओबीसी समाज को सम्मान दिया है, तो वह केवल भाजपा है। कांग्रेस ने तो कभी उन्हें संगठन और सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया।     तीसरे भ्रामक दावे को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण”का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को जानबूझकर उठा रही है। उ

अवधपुरी में 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन, 3.36 करोड़ की लागत से होगा निर्माण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन

अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से बनेगी 4 लेन सीसी सड़क, राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने किया भूमिपूजन भोपाल अवधपुरी क्षेत्र के रहवासियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू होगा।  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने SBI ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक बनने वाली 4 लेन सीसी सड़क का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के आवागमन को सुगम बनाएगी। विशेष बात यह है कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सड़क बनने से अवधपुरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। स्थानीय रहवासियों ने लंबे समय से इस सड़क की मांग की थी, जो अब पूरी होने जा रही है। भूमिपूजन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र धोटे,  श्री संजय शिवनानी , श्री वी शक्तिराव सहित  क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

राज्यमंत्री गौर ने 90 लाख की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमि पूजन

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरूवार को गोविंदपुरा में विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि ये विकास कार्य क्षेत्र के समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाते हुए नागरिकों का जीवनस्तर बेहतर बना रही है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 65 में 20 लाख रुपये की लागत से छत्रसाल नगर फेस-3 में बनने वाली बाउंड्रीवॉल, पेविंग ब्लॉक, सीसी रोड और कम्युनिटी हॉल के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। उन्होंने अर्चना कैम्पस में 8 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसीरोड, अपूर्व इंक्लेव में 12 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक स्टेज, पेविंग ब्लॉक और भवानी धाम पेस-1 में 8 लाख 50 हजार की लागत से सोसाइटी ऑफिस के पास सामुदायिक लाइब्रेरी के कार्य का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने छत्रपति नगर में 7 लाख की लागत से तैयार हो चुके सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया। राज्यमंत्री ने बताया कि छत्रपति नगर कम्युनिटी हॉल के पास आरसीसी नाली एवं सीसी रोड का निर्माण कार्य 10 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नरेला जोड़ चौराहे का सौंदयीँकरण के निर्माण कार्य का भूमि पूजन भी किया गया, जिसकी लागत 3 लाख रुपए है। वार्ड स्थित रीगल ट्रेजर कॉलोनी के पार्क में 3 लाख रुपये की लागत से शेड एवं ओपन जिम इक्युपमेंट लगाने का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने न्यू-मिनाल छत्री पार्क में स्टेज बनाने के कार्य एवं पेविंग ब्लॉक लगाने के कार्य की रहवासियों को सौगात दी। चाणक्यपुरी में क्षेत्रवासियों की सुविधा एवं सामाजिक गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए कम्यूनिटी हॉल के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी निर्देशित किया। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शिरोमणी शर्मा, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्री लवकुश यादव, श्री बीकम सिंह बघेल समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।  

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से की मुलाकात

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

भविष्य की पीढ़ियों के लिए ईंधन संरक्षण जरूरी: कृष्णा गौर ने दिखाई सक्षम महोत्सव को हरी झंडी

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने सोमवार को ऑयल इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित संरक्षण क्षमता महोत्सव (सक्षम 2026) का शुभारंभ किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ईंधन संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तेल कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा सक्षम पखवाड़ा एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ईंधन का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि तेल कंपनियों का यह सामूहिक प्रयास न केवल अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचेगा, बल्कि इसके सकारात्मक परिणाम भी समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। कार्यक्रम में बच्चे भी बढ़-चढ़कर सहभागिता कर रहे हैं, इसका उल्लेख करते हुए उन्होंने खुशी जताई और कहा कि नई पीढ़ी में जागरूकता ही वास्तविक बदलाव की नींव है। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ईंधन की बचत को अपनी दैनिक जीवन शैली का हिस्सा बनाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम में ऊर्जा संरक्षण से जुड़े विभिन्न उपायों और जागरूकता गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान लोगों को जिम्मेदार उपभोक्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्यप्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक एवं राज्य प्रमुख श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड सेंट्रल जोन के जोनल हेड श्री अश्विन योगेश सिन्हा, गेल इंडिया लिमिटेड से श्री रंजन कुमार, भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के राज्य प्रमुख श्री नीरज उपस्थित रहे।  

कौशल और भाषा प्रशिक्षण से युवाओं को विदेश में रोजगार मिलेगा: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

कौशल और भाषा प्रशिक्षण से युवाओं को विदेशों में मिलेगा रोजगार : राज्यमंत्री श्रीमती गौर अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को जापान समेत अन्य देशों में भी मिलेगा रोजगार, कैबिनेट ने दी मंजूरी भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि अब युवाओं को केवल जापान ही नहीं, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इसके लिए युवाओं को नियोजक की मांग के अनुरूप डोमेन-स्पेसिफिक स्किल, सॉफ्ट स्किल एवं संबंधित देश की भाषा का गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद चयनित युवाओं का विदेश में नियोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद ने पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित “पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना–2022” के नाम एवं प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह योजना अब “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिये विदेश में रोजगार नियोजन योजना–2026” के नाम से लागू की जाएगी। योजना के तहत प्रतिवर्ष अन्य पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को प्रशिक्षण देकर विदेश भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के संचालन के लिये विभागीय बजट के साथ-साथ सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड तथा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी निधि के उपयोग का भी प्रावधान किया गया है, जिससे शासकीय कोष पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम अथवा भारत सरकार से मान्यता प्राप्त अन्य संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। युवाओं के विदेश भेजने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय द्वारा जारी परामर्शों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस योजना से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर एवं बेरोजगार अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्य धारा में प्रभावी योगदान दे सकेंगे।  

2 साल में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उपलब्धियां, मंत्री कृष्णा गौर ने दी जानकारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के 2 साल पूरे होने पर मंत्रियों के अपने-अपने विभागों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में 26 दिसंबर शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतु और अर्द्धघुमंतु कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपने विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। पत्रकार वार्ता की शुरुआत वीर बाल दिवस के अवसर पर सिख पंथ के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों वीर जोरावर सिंह और वीर फतेह सिंह की शहादत को नमन करते हुए की गई। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यों की प्रशंसा की गई है। मंत्री ने कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश पिछड़ा हुआ प्रदेश था, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य के टैग से मुक्ति मिली। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश को नई गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं और सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से हो रहा अपने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कृष्णा गौर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। ओबीसी छात्रावास परियोजना के तहत पूरे प्रदेश में आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से किया जा रहा है। प्रथम चरण में 30 कन्या छात्रावासों को शामिल किया गया है और आने वाले समय में सभी छात्रावासों का उन्नयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श छात्रावासों में प्रत्येक कक्ष का रिनोवेशन, नया फर्नीचर, अलमारी, अध्ययन टेबल, भोजन कक्ष और आधुनिक किचन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही सभी छात्रावासों में वाई-फाई, इंडोर जिम, ई-लाइब्रेरी और सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस उन्नयन कार्य पर लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा की शुरुआत मंत्री ने बताया कि ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा की शुरुआत की गई है, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। यह सुविधा 26 जनवरी 2026 से लागू की जाएगी। छात्रावासों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा नियमित रूप से योग शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है। छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए कृष्णा गौर ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 7.35 लाख विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 978.43 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई। वहीं वर्ष 2024-25 में 7.72 लाख छात्र-छात्राओं को 1119.13 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2025-26 में 5 नवंबर 2025 तक 5.23 लाख विद्यार्थियों को 681.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि विभाग की एक विशेष योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 50 विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन के लिए भेजा जाता है। वर्ष 2024-25 में चयनित 50 में से 33 विद्यार्थियों को विदेश भेजा गया, जिस पर 15.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा एमपीपीएससी और यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 1 लाख और 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1320 अभ्यर्थियों को 3 करोड़ 65 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 635 अभ्यर्थियों को 69 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना चलाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में बैंकों के माध्यम से 583 हितग्राहियों को 34 करोड़ 71 लाख रुपये का ऋण तथा 833 हितग्राहियों को 2 करोड़ 79 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (TITP) के तहत पहले चरण में 16 बच्चों को जापान भेजा गया, जहां उन्हें रोजगार मिला। इस योजना का विस्तार करते हुए अब 300 युवाओं को जापान और 300 युवाओं को जर्मनी भेजने की कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। मंत्री ने दिल्ली छात्र गृह योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है। साथ ही छात्रों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 1550 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये की जा रही है और अभिभावकों की आय सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की जा रही है। इसके अलावा सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना के तहत 10 हजार छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 107 छात्रावास संचालित हैं, जिनमें 55 कन्या और 52 बालक छात्रावास हैं। संभागीय स्तर पर 500 सीटर छात्रावासों का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसकी सुविधा फिलहाल इंदौर और जबलपुर में उपलब्ध है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2025’ तैयार की गई है, जिसके तहत प्रति वर्ष 4 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत प्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ने के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमेटरी स्पेस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। SC-ST को जैसा लाभ मिला वैसा OBC को नहीं मिला पत्रकार वार्ता के अंत में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कृष्णा गौर ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि आजादी के बाद अनुसूचित जाति और जनजाति को जो लाभ मिले, वैसा ओबीसी वर्ग को नहीं मिला। लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी समुदाय को अधिकार और लाभ दिए गए। वहीं, उन्होंने वक्फ संपत्तियों को लेकर बताया कि मध्यप्रदेश में वक्फ की संपत्तियों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है और … Read more

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने दिए निर्देश — विकास कार्यों में तेजी लाएं, ताकि जनता को मिले सीधा लाभ

विकास कार्यों में तेजी लाएं, जनता को मिले सीधा लाभ : राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनकल्याण से संबंधित सभी कार्यों को गति प्रदान की जाए। ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका सीधा लाभ जनता को मिले। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने यह बात सोमवार को मंत्रालय में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में कही। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अवधपुरी से एसओएस बाल भवन तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य में विलंब पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और बिजली पोल स्थानांतरित करने के साथ शीघ्र सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। श्रीमती गौर ने कहा कि मार्ग पर यातायात निरंतर बढ़ रहा है, ऐसे में भविष्य में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए गुणवत्ता युक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अन्य निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने पिपलानी एवं खजूरीकलां मार्ग पर अतिक्रमण हटाने और के भी निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम और बीएचईएल के अधिकारी उपस्थित रहे।  

छठ पर पूजा के लिए गोविंदपुरा में 51 स्थानों पर बनेंगे कुंड: राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

लोक आस्था का महापर्व बना छठ: राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर छठ पर पूजा के लिए गोविंदपुरा में 51 स्थानों पर बनेंगे कुंड: राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की छठ की तैयारियों की समीक्षा भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों को लेकर बैठक ली। उन्होंने बताया कि गोविंदपुरा क्षेत्र में लगभग 51 स्थानों पर कुंडों का निर्माण कर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। त्यौहार हमारे देश को एकता के सूत्र में बांधते हैं। छठ पर्व में भगवान सूर्य की चार दिवसीय आराधना अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ की जाती है। यह पूरे देश का लोक आस्था का महापर्व बन गया है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि इस पर्व को मनाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि हथाईखेड़ा डेम, सरियो सरोवर डेम और शिवनगर स्थित दुर्गा मंदिर कुंड जैसे प्रमुख स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। ऐसे में कुंडों की मरम्मत, बिजली व्यवस्था, साज-सज्जा, रंग-रोगन, जलभराव, चेंजिंग रूम, लाइटिंग, चलित शौचालय, पेयजल टैंकर, महिला पुलिस बल, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस, पेड़ों की छटाई और घास की कटाई जैसी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर लिए जाएं। बैठक में श्री तीर्थराज मिश्रा, श्री वारेलाल अहिरवार, श्री गणेश राम नागर, श्रीमती मोनिका ठाकुर, श्रीमती शिरोमणी शर्मा, श्रीमती छाया ठाकुर, श्री भीकम सिंह बघेल, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री सुरेंद्र घोटे, श्री वी. शक्ति राव, श्री संजय शिवनानी, श्री मनोज विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।