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राज्यमंत्री गौर बोली – क्षेत्र का समग्र विकास प्राथमिकता, वार्ड 74 को मिलेंगे नए विकास कार्य

क्षेत्र का समग्र विकास और उन्नत नागरिक सुविधाएं हमारी प्राथमिकता : राज्यमंत्री  गौर वार्ड 74 में 60 लाख रुपये के विकास कार्यों किया भूमि-पूजन भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल एवं अन्य ढांचागत संरचनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में विकास कार्य निरंतर गतिशील हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौर ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा उन्हें निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए, जिससे जन-सामान्य को इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ अविलंब मिल सके। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर मंगलवार को भोपाल के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 74 में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न बुनियादी विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं ।उन्होंने कहा कि इन जनोपयोगी निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से संपूर्ण क्षेत्रवासियों को सुदृढ़ सड़क मार्ग एवं समुचित जल-निकासी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के क्षेत्र में स्थायी राहत एवं सुगमता प्राप्त होगी। राज्यमंत्री  गौर ने साईंधाम करारिया में 17 लाख 60 हजार रुपये की लागत से बनने वाली सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा कैलाश नगर सेमरा में 12 लाख 25 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी नाली का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने महाराज रंजीत सिंह मार्ग से गणपति रॉयल तक 13 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित सीसी रोड, कैलाश नगर में 11 लाख 50 हजार रुपये की लागत से आकार लेने वाली सीसी रोड व आरसीसी नाली तथा शारदा नगर में 4 लाख रुपये की लागत के सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। समारोह के समापन अवसर पर राज्यमंत्री  गौर ने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के कड़े निर्देश दिए। वहीं, क्षेत्र में बुनियादी विकास की इस नई सौगात के लिए स्थानीय नागरिकों एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर का हृदय से आभार व्यक्त किया।  

विकसित भारत के संकल्प की अविराम यात्रा कृष्णा गौर

भोपाल भारत के सार्वजनिक जीवन में कुछ यात्राएँ केवल राजनीतिक यात्रा नहीं होतीं, वे राष्ट्र-निर्माण की यात्रा बन जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष ऐसी ही एक प्रेरणादायी यात्रा का प्रतीक हैं। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी ने जिस जिम्मेदारी को स्वीकार किया था, वह आज 25 वर्षों की निरंतर जनसेवा, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की एक ऐतिहासिक यात्रा बन चुकी है। गुजरात से शुरू हुई यह यात्रा आज भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनाने के संकल्प तक पहुँच चुकी है। इन 25 वर्षों को केवल सत्ता में निरंतरता के रूप में देखना इस यात्रा को सीमित कर देना होगा। वास्तव में यह नीति से नीयत, नीयत से परिणाम और परिणाम से जनविश्वास तक की यात्रा है। गरीब के सम्मान से राष्ट्र के उत्थान तक प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही है कि विकास को उन्होंने केवल बड़े शहरों और बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रखा। गरीब, किसान, महिला, युवा, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजातीय समाज और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना उनकी नीतियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। जनधन योजना के माध्यम से वित्तीय समावेशन, उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओ के जीवन में सुविधा, स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाना, प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को पक्का घर, आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा और पीएम-किसान के माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष सहायता—इन पहलों ने शासन और सामान्य नागरिक के बीच संबंध को नए रूप में स्थापित किया है। यह परिवर्तन केवल योजनाओ की सूची नहीं है। यह उस सोच का परिणाम है जिसमें सरकार का अर्थ केवल प्रशासन नहीं, बल्कि जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन है। महिला शक्ति को नेतृत्व की शक्ति बनाना प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने नारी शक्ति को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सक्रिय भागीदार के रूप में देखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर महिला स्वयं सहायता समूहों, उज्ज्वला, मुद्रा, जनधन और अन्य योजनाओ तक महिलाओ को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करने का प्रयास हुआ है। आज देश की महिलाएँ राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, सेना, खेल, उद्यमिता और शिक्षा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कदम राजनीतिक प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में भी एक नई दिशा का संकेत देते हैं। एक महिला जनप्रतिनिधि के रूप में मैं मानती हूँ कि जब देश की आधी आबादी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है, तब पूरा देश आगे बढ़ता है। पिछड़े वर्गों के सशक्तीकरण की दिशा में मेरे लिए प्रधानमंत्री मोदी जी की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक न्याय और अवसरों के विस्तार सेभी जुड़ा है। पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना के वल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय नहीं है; यह शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, कौशल, वित्तीय अवसर और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा व्यापक प्रश्न है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार ने वंचित वर्गों के लिए योजनाओ की पहुँच बढ़ाने, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण को मजबूत करने और अवसरों को अधिक व्यापक बनाने पर जोर दिया है। यही सोच ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के भाव को मजबूत करती है। मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण के दायित्व से जुड़े होने के कारण मैं विशेष रूप से महसूस करती हूँ कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओ का लाभ पहुँचाना ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है। डिजिटल भारत और बदलता हुआ शासन पिछले 25 वर्षों की एक बड़ी उपलब्धि भारत के शासन तंत्र में तकनीक का व्यापक समावेश भी है। आज डिजिटल भुगतान, आधार, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और ऑनलाइन सेवाओ ने नागरिक और सरकार के बीच की दूरी को कम किया है। भारत ने यह दिखाया है कि तकनीक के वल आधुनिकता का प्रतीक नहीं, बल्कि पारदर्शिता, गति और समावेशन का माध्यम भी बन सकती है। भारत की डिजिटल क्षमता ने विश्व के सामने एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है और अनेक क्षेत्रों में भारत आज समाधान देनेवालेदेशों मेंशामिल हो रहा है। आत्मनिर्भर भारत सेविकसित भारत तक प्रधानमंत्री मोदी जी की सोच में भारत के वल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एक मजबूत उत्पादन, नवाचार और आत्मनिर्भरता वाला राष्ट्र है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेश जैसी पहलों ने भारत की आर्थिक क्षमता को नई गति देने का प्रयास किया है। आज भारत की आकांक्षा के वल वर्तमान को बेहतर बनाने की नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की है। यह लक्ष्य के वल सरकार का लक्ष्य नहीं हो सकता; यह 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भागीदारी सेही पूरा होगा। विश्व पटल पर नए आत्मविश्वास का भारत प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति में भी आत्मविश्वास और सक्रियता दिखाई देती है। भारत ने वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से रखने का प्रयास किया है। G20 की अध्यक्षता, वैश्विक दक्षिण की चिंताओ को सामने रखना, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, आपदा के समय सहायता और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका इस परिवर्तन को दर्शाती है। भारत आज विश्व व्यवस्था में केवल एक सहभागी नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्णऔर प्रभावशाली भागीदार के रूप मेंअपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है। 25 वर्ष हमें क्या सिखाते हैं? श्री नरेन्द्र मोदी जी की 25 वर्षों की यात्रा हमें यह सिखाती है कि नेतृत्व केवल पद प्राप्त करने का नाम नहीं है। नेतृत्व का वास्तविक अर्थ है—दृष्टि रखना, कठिन निर्णय लेने का साहस रखना और उन निर्णयों को परिणाम में बदलने के लिए निरंतर परिश्रम करना। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक की यह यात्रा निरंतर जनसेवा की यात्रा रही है। आज जब हम इन 25 वर्षों को देखते हैं, तो यह केवल अतीत का मूल्यांकन करने का अवसर नहीं, बल्कि आने वाले भारत की दिशा तय करने का अवसर भी है। विकसित भारत के संकल्प के साथ आज इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को 25 वर्षों की निरंतर जनसेवा के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ … Read more

मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर संकोच दूर करना और व्यापक जागरूकता लाना बेहद आवश्यक: राज्यमंत्री गौर

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्ण गौर ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं एवं बेटियों के जीवन की एक अत्यंत स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, किंतु लंबे समय तक सामाजिक झिझक के कारण इस विषय पर खुलकर चर्चा न होने से अनेक किशोरियों और महिलाओं को सही समय पर स्वच्छता संबंधी आवश्यक जानकारी नहीं मिल पाती थी। स्वस्थ बेटी, जागरूक महिला और आत्मविश्वासी नारी ही समाज की वास्तविक प्रगति का आधार हैं।  स्वच्छता से स्वास्थ्य, स्वास्थ्य से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से महिला सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होता है। इस संदेश को प्रत्येक जरूरतमंद बहन-बेटी तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। एक सक्षम बेटी, आत्मनिर्भर नारी और सशक्त मातृत्व ही हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं।" पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर भोपाल स्थित गोविंदपुरा क्षेत्र के रत्नागिरी चौराहा, आनंद नगर दशहरा मैदान में आयोजित विशाल सैनिटरी पैड वितरण समारोह को संबोधित कर रही थीं। कृष्णा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में आयोजित जनहितकारी कार्यक्रम में राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने लगभग 2,000 महिलाओं को 3 महीने की अवधि के लिए उपयोगी नि:शुल्क सेनेटरी पैड का वितरण किया। उन्होंने कहा कि केवल सैनिटरी पैड उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके सुरक्षित उपयोग, उचित निस्तारण तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेने के संबंध में व्यापक जनजागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों के साथ स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर सहज और खुलकर संवाद स्थापित करने का आह्वान किया। राज्यमंत्री गौर ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं और बेटियों के सम्मान, उन्नति के अवसरों एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। समाज सेवा की वास्तविक परिभाषा को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद तक स्वच्छता सामग्री पहुँचाना, बेटी के मन से झिझक दूर करना और उसे स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना ही सच्ची जनसेवा है। उन्होंने संस्था के सदस्यों एवं सहयोगियों की इस अनुकरणीय पहल की प्रशंसा करते हुए प्रदेश की बेटियों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।  

अवधपुरी में सड़कों का निरीक्षण, गड्ढे तुरंत भरने के निर्देश

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को गोविंदपुरा क्षेत्र के अवधपुरी में विभिन्न कॉलोनियों की सड़कों का निरीक्षण किया। उन्होंने आदर्श विहार, रीगल टाउन, सरला स्टेट, न्यू फोर्ट कॉलोनी और कंचन नगर में सड़क एवं अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सड़कों पर जगह-जगह बने गड्ढों और खुली सीवेज लाइनों को देखकर राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण रहवासियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए, ताकि आगामी त्योहारों के दौरान नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रीमती गौर ने अतिक्रमण के कारण सड़कों के संकरे होने पर भी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाए और आवश्यकतानुसार सड़क का चौड़ीकरण किया जाए। उन्होंने निर्माण एवं मरम्मत कार्य रात के समय कराने के निर्देश दिए, ताकि दिन में यातायात और आमजन की आवाजाही प्रभावित न हो। राज्यमंत्री ने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को 10 दिन के भीतर चालू कराने तथा रहवासी क्षेत्र में संचालित गोदाम को नोटिस जारी कर नियमानुसार सील करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए। रहवासियों को संबोधित करते हुए श्रीमती गौर ने कहा कि बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें खराब हुई हैं। इनका शीघ्र सुधार कराया जाएगा। फिलहाल गड्ढों को मजबूती से भरने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम और  बिजली विभाग के अधिकारियों सहित सैकड़ों की संख्या में रहवासी मौजूद रहे।

विश्वकर्मा जयंती पर कृष्णा गौर बोलीं- युवा पीढ़ी धर्म और गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ा रही

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनका अद्वितीय ज्ञान, कौशल और निर्माण क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है और उनकी जयंती हमें सृजन, परिश्रम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यमंत्री गौर विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोविंदपुरा क्षेत्र के बागसेवनिया स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा 'विकसित भारत' का संकल्प राज्यमंत्री गौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मोत्सव पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश में निर्माण और विकास की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री मोदी समाज के सभी वर्गों के कल्याण और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रताप बारे, प्रदीप पाठक, रामबाबू पाटीदार, सुरेंद्र पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सरकार देगी मुफ्त ट्रेनिंग, भोजन और आवास के साथ स्टाइपेंड भी: राज्यमंत्री गौर

फ्री ट्रेनिंग में रहना-खाना मुफ्त, स्टाइपेंड भी देगी सरकार : राज्यमंत्री गौर सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए 11 मई तक करें ऑफलाइन आवेदन, भोपाल मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए निशुल्क ट्रेनिंग देने जा रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' में उन्हें 45 दिन का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश के 4000 ओबीसी युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का लाभ लेने के लिए 11 मई की शाम 6 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के ओबीसी वर्ग के युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी संकल्प को साकार करते हुए सैन्य बलों में भर्ती की निःशुल्क कोचिंग के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक सौगात है। उन्होंने प्रदेश के ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवक-युवतियों से इस योजना में बढ़-चढ़कर आवेदन करने की अपील की है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन और निःशुल्क रखी गई है। उम्मीदवार, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट  ( www.bcwelfare.mp.gov.in)  से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, 20 चयनित जिलों में स्थित पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 'सहायक संचालक कार्यालयों' से भी निःशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त किए जा सकते हैं। इन फॉर्म को सही तरीके से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ 11 मई या उससे पहले इन्हीं कार्यालयों में जमा करना होगा। योजना के लिए कौन पात्र होगा? आवेदन करने के लिए युवा का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना और अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमीलेयर) श्रेणी में आना अनिवार्य है। आवेदक का न्यूनतम 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है। शारीरिक मापदंड के तहत पुरुषों की न्यूनतम ऊंचाई 168 सेंटीमीटर और महिलाओं की 155 सेंटी मीटर होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक के पैरों के तलवे चपटे (फ्लैट फुट) नहीं होने चाहिए और 'सावधान' की मुद्रा में खड़े होने पर दोनों घुटने आपस में टकराने (नॉक नीज़) नहीं चाहिए। आवेदन यदि 4000 से अधिक प्राप्त होते हैं, तो चयन 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों (मेरिट) के आधार पर किया जाएगा। अंक समान होने की स्थिति में अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान मिलेंगी कई सुविधाएं चयनित युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान कई शानदार सुविधाएं निशुल्क दी जाएंगी। प्रशिक्षणार्थियों को 45 दिन के आवासीय प्रशिक्षण में नाश्ता, दोनों समय का भोजन और अध्ययन सामग्री विभाग की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण अवधि में जेब खर्च के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 1,000 रुपए प्रतिमाह और महिला अभ्यर्थियों को 1,100 रुपए प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। योजना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कुल 4000 सीटों में से 35 प्रतिशत सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। ट्रेनिंग प्रोग्राम को रिजल्ट ओरिएंटेड बनाया गया है। इसमें युवाओं को हर दिन लगभग 4 घंटे सैद्धांतिक विषयों की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा, सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन 3 घंटे दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी शारीरिक ट्रेनिंग दी जाएगी। शुरुआत में यह ट्रेनिंग प्रदेश के 20 जिलों (भोपाल, रायसेन, इंदौर, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, गुना, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना और भिंड) के 40 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इन केंद्रों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी।

महिला आरक्षण पर कृष्णा गौर का पलटवार, कांग्रेस के 3 भ्रामक दावे किए नकारे, विपक्ष को कौरव कहा

भोपाल  मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण (Women Reservation) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। इसी उद्दे को लेकर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें सीएम मोहन यादव 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के तहत परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश किया। संकल्प पर चर्चा की शुरूआत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने की। संकल्प का समर्थन करते हुए इसे देश की आधी आबादी के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया। गौर ने इस दौरान कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को कौरव बताया और कहा कि- महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। कृष्णा गौर ने इसके बाद आरोप लगाया कि कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर 3 भ्रामक दावे किए है। विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- उन्होंने तोड़ा महिलाओं का दिल मंत्री कृष्णा गौर ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ब महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संसद में संशोधन विधेयक लाया गया था, तब पूरे देश की महिलाओं को उम्मीद जगी थी लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मनगढ़ंत और तर्कहीन कारणों के आधार पर इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। यह केवल विधेयक को गिराना नहीं था, बल्कि देश और प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के मान-सम्मान पर प्रहार था। ओबीसी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा कृष्णा गौर ने स्वयं को ओबीसी वर्ग की महिला बताते हुए कहा कि सदन में विपक्ष के द्वारा यह दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी ओबीसी वर्ग का वास्तविक समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रम फैलाने का काम किया है, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं और पिछड़े वर्गों को वास्तविक अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। कौरवों का उदाहरण देकर दी चेतावनी अपने भाषण के अंत में कृष्णा गौर ने महाभारत का उदाहरण देते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि- भगवान श्रीकृष्ण कौरवों को समझाने गए थे, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और परिणाम महाभारत के रूप में सामने आया। आज फिर एक यदुवंशी मोहन आपको समझाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि आप नहीं समझे तो परिणाम भी वैसा ही होगा। महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। गौर ने विपक्ष से अपील की कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस संकल्प का समर्थन करे।  उन्होंने मंत्री ने कहा- कांग्रेस ने किए 3 भ्रामक दावे नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्यमंत्री कृष्णा गौर कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक को रोकने के लिए भ्रामक और तर्कहीन दलीलों का सहारा लिया, लेकिन उनके सभी दावों की सच्चाई सामने आ गई।     मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का पहला भ्रम यह था कि इस प्रस्ताव से दक्षिण भारत के राज्यों को सीटों का नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रस्ताव में सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50% के समान अनुपात से बढ़ाने का प्रावधान है, जिससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।     दूसरे मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस पर उन्होंने खुद का उदहारण दिया और कहा कि अगर किसी दल ने ओबीसी समाज को सम्मान दिया है, तो वह केवल भाजपा है। कांग्रेस ने तो कभी उन्हें संगठन और सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया।     तीसरे भ्रामक दावे को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण”का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को जानबूझकर उठा रही है। उ

अवधपुरी में 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन, 3.36 करोड़ की लागत से होगा निर्माण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन

अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से बनेगी 4 लेन सीसी सड़क, राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने किया भूमिपूजन भोपाल अवधपुरी क्षेत्र के रहवासियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू होगा।  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने SBI ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक बनने वाली 4 लेन सीसी सड़क का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के आवागमन को सुगम बनाएगी। विशेष बात यह है कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सड़क बनने से अवधपुरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। स्थानीय रहवासियों ने लंबे समय से इस सड़क की मांग की थी, जो अब पूरी होने जा रही है। भूमिपूजन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र धोटे,  श्री संजय शिवनानी , श्री वी शक्तिराव सहित  क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

राज्यमंत्री गौर ने 90 लाख की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमि पूजन

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरूवार को गोविंदपुरा में विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि ये विकास कार्य क्षेत्र के समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाते हुए नागरिकों का जीवनस्तर बेहतर बना रही है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 65 में 20 लाख रुपये की लागत से छत्रसाल नगर फेस-3 में बनने वाली बाउंड्रीवॉल, पेविंग ब्लॉक, सीसी रोड और कम्युनिटी हॉल के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। उन्होंने अर्चना कैम्पस में 8 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसीरोड, अपूर्व इंक्लेव में 12 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक स्टेज, पेविंग ब्लॉक और भवानी धाम पेस-1 में 8 लाख 50 हजार की लागत से सोसाइटी ऑफिस के पास सामुदायिक लाइब्रेरी के कार्य का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने छत्रपति नगर में 7 लाख की लागत से तैयार हो चुके सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया। राज्यमंत्री ने बताया कि छत्रपति नगर कम्युनिटी हॉल के पास आरसीसी नाली एवं सीसी रोड का निर्माण कार्य 10 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नरेला जोड़ चौराहे का सौंदयीँकरण के निर्माण कार्य का भूमि पूजन भी किया गया, जिसकी लागत 3 लाख रुपए है। वार्ड स्थित रीगल ट्रेजर कॉलोनी के पार्क में 3 लाख रुपये की लागत से शेड एवं ओपन जिम इक्युपमेंट लगाने का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने न्यू-मिनाल छत्री पार्क में स्टेज बनाने के कार्य एवं पेविंग ब्लॉक लगाने के कार्य की रहवासियों को सौगात दी। चाणक्यपुरी में क्षेत्रवासियों की सुविधा एवं सामाजिक गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए कम्यूनिटी हॉल के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी निर्देशित किया। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शिरोमणी शर्मा, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्री लवकुश यादव, श्री बीकम सिंह बघेल समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।  

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से की मुलाकात

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।