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समब्रानी धूप से बालों की देखभाल का आयुर्वेदिक तरीका

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों का झड़ना, पतला होना और उनकी ग्रोथ धीमी पड़ना बहुत आम बात हो गई है. यही वजह है कि कई लोग इसे लेकर स्ट्रेस में भी रहने लगते हैं. लंबे, घने और मजबूत बाल सिर्फ खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि यह आपके अच्छी सेहत का भी संकेत होते हैं. लेकिन सच यह है कि बालों को बेहतर बनाने के लिए कोई जादुई तरीका नहीं होता है. अगर आप अपने बालों को हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो उनकी सही देखभाल करना ही सबसे जरूरी है. नियमित केयर और सही आदतों से ही बालों की सेहत में सुधार लाया जा सकता है. ऐसा ही बालों को हेल्दी बनाने का एक आयुर्वेदिक तरीका है, जिसमें खास तरीके के धुएं का इस्तेमाल किया जाता है. इस आयुर्वेदिक नुस्खे का नाम है समब्रानी धूप (Sambrani Dhoop).

आपने कम ही सुना होगा किसी को अपने बालों में समब्रानी धूप का इस्तेमाल करते हुए. अगर हम अभी की बात करें तो समब्रानी धूप को लेकर दिमाग में Jodhaa Akbar फिल्म का सीन याद आता है, जिसमें एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन इस चीज का इस्तेमाल करती नजर आई थीं. हालांकि, आजकल के बीजी शेड्यूल में यह तरीका ज्यादा देखने को नहीं मिलता है. लेकिन, पहले के समय में यह आयुर्वेदिक नुस्खा बालों को हेल्दी और मजबूत बनाने के लिए बहुत ही जरूरी माना जाता था. लेकिन इसका इस्तेमाल करने के लिए इसका बारे में जानना भी जरूरी है. तो आइए जानते हैं कि क्या है समब्रानी धूप, जो बालों को मजबूती देता है.

क्या है समब्रानी धूप?
आयुर्वेद और नेचुरल थेरेपी एक्सपर्ट Rretvika के मुताबिक, समब्रानी धूप एक नेचुरल जड़ीबूटी है, जो स्टाइरैक्स पेड़ से मिलती है. इसकी खुशबू थोड़ी वुडी और मस्की होती है. ये बालों और स्कैल्प के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है.

एक्सपर्ट Rretvika के अनुसार, नहाने के बाद धूप लेना सिर्फ बालों के लिए ही अच्छी नहीं होता है, बल्कि ये मन को सुकून देने वाली आदत भी मानी जाती है. इससे बॉडी बैलेंस रहती है और दिमाग भी शांत रहता है. इस धुएं की हल्की गर्माहट वट दोष को भी कंट्रोल करने में मदद करती है. ऐसा भी माना जाता है कि ये आसपास की नेगेटिव एनर्जी को भी दूर करता है.

इस हर्बल स्मोक में नीम, तुलसी, गुग्गल के एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी शामिल हैं, जो सिर की गंदगी, बैक्टीरिया और पसीने को हटाने में भी मदद करते हैं. इस हर्बल स्मोक से बाल सुखाने पर स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है और जड़ें मजबूत होती हैं. अगर आप ज्यादा अच्छा रिजल्ट चाहते हैं, तो सूखे नीम के पत्ते या उपले में हर्ब्स मिलाकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

क्या रोजाना करना चाहिए इसका प्रयोग?
भले ही बालों के लिए यह तरीका काफी अच्छा और सुकून देने वाला लगे, लेकिन एक्सपर्ट Rretvika खुद इसे रोज की हेयर केयर रूटीन का हिस्सा नहीं मानती हैं. वह इसे सिर्फ एक रिलैक्स करने वाली प्रक्रिया के तौर पर अपनाती हैं. उन्होंने बताया कि वह इसे महीने में सिर्फ एक या दो बार ही करती हैं, हर बार बाल धोने के बाद नहीं. उनका कहना है कि गुग्गल या कपूर जैसे नेचुरल चीजों का धुआं अगर ज्यादा लिया जाए तो फेफड़ों के लिए अच्छा नहीं होता है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए.

घर पर कैसे करें इस्तेमाल?
भारतीय वेलनेस ब्रांड अनाहता ऑर्गेनिक के अनुसार, नैचुरल समब्रानी या लोबान कप का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें धूनी (होल्डर) में जलाया जाता है. इसे किसी खुली और हवादार जगह, जैसे बालकनी में जलाएं ताकि अच्छे से धुआं निकल सके. नहाने के बाद हल्के गीले बालों को इस धुएं के ऊपर रखें, लेकिन ध्यान रखें कि बाल और धूनी के बीच करीब 15 से 25 सेंटीमीटर की दूरी हो. आखिरी में मोटे कंघे से बालों में कंघी कर लें, ताकि धुआं और उसमें मौजूद नैचुरल ऑयल्स बालों में अच्छे से फैल जाएं.

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