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12 अप्रैल 2026 राशिफल: मेष राशि में होगी भागदौड़, सिंह और मकर राशि वालों को मिलेगा मेहनत का फल

मेष आज का दिन आपके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है, इसलिए सावधानी बरतें। मन में बेचैनी या उलझन बनी रह सकती है, ऐसे में धैर्य से काम लेना जरूरी होगा। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। परिवार का सहयोग मिलेगा और आप मानसिक या बौद्धिक कार्यों में अधिक व्यस्त रह सकते हैं। वृषभ आज काम के लिहाज से दिन अच्छा है। नई शुरुआत के मौके मिल सकते हैं, लेकिन पुरानी आदतें आपको रोक सकती हैं। खुद को कम्फर्ट जोन से बाहर निकालें और कुछ नया करने की कोशिश करें। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। छोटी शुरुआत भी बड़े फायदे दे सकती है। सेहत के लिए पर्याप्त पानी पिएं। मिथुन आज काम और जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। जरूरत से ज्यादा काम लेने से बचें और हर किसी को ‘हां’ कहने की आदत पर नियंत्रण रखें। एक समय में एक काम करें, इससे बेहतर परिणाम मिलेंगे। बीच-बीच में आराम करें और खानपान का ध्यान रखें। कर्क दिन सामान्य रहेगा, लेकिन काम बढ़ सकता है। अचानक धन लाभ होने के संकेत हैं। कोई पुराना सपना फिर से याद आ सकता है—उसे धीरे-धीरे पूरा करने की शुरुआत करें। निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है। सिंह आज आपके मन में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं, इसलिए खुद को शांत और संतुलित रखें। धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। पढ़ाई या सीखने से जुड़े कामों में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए सतर्क रहें। व्यापार के लिए माता-पिता से आर्थिक सहयोग मिल सकता है। कुल मिलाकर, आर्थिक स्थिति अच्छी रहने से आप संतुष्ट महसूस करेंगे। कन्या हर काम को परफेक्ट बनाने की चिंता छोड़ें। पहले काम पूरा करें, बाद में सुधार करें। सरल तरीके से काम करेंगे तो ज्यादा सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। नया काम शुरू करने से पहले पूरी जानकारी लें और सेहत का ध्यान रखें। तुला आज आपको साफ और मजबूत निर्णय लेने की जरूरत है। हर बार समझौता करना सही नहीं होता। आत्मविश्वास के साथ बात रखें, लोग आपकी कद्र करेंगे। परिवार से सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। पार्टनर के साथ समय बिताएं और पैसों में जल्दबाजी न करें। धनु आज आपको गुस्से और बेवजह के विवादों से दूर रहना चाहिए। नौकरी में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं और तरक्की के अवसर भी सामने आ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी। माता-पिता के सहयोग से कुछ लोगों के प्रेम संबंध विवाह की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। वृश्चिक हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें। पहले स्थिति को समझें, फिर निर्णय लें। रिश्तों में खुलकर बात करें और सामने वाले की भी सुनें। इससे संबंध मजबूत होंगे। काम के बीच में ब्रेक लें और रात में ज्यादा देर तक मोबाइल न चलाएं। मकर मकर राशि वालों को आज वाणी में मधुरता तो रहेगी, लेकिन धैर्यशीलता बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। कारोबार में भागदौड़ ज्यादा रहेगी। अपनों का साथ मिलेगा। धन लाभ हो सकता है। कुंभ आज सिर्फ सोचने से काम नहीं चलेगा, आपको अपने विचारों को अमल में लाना होगा। योजनाओं को पूरा करने पर ध्यान दें। मेहनत से ही सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी और सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। मीन मीन राशि वालों का आज मन अशांत रहेगा। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। संतान की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। कारोबार में सुधार होगा। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता-पिता की सेहत का ध्यान रखें। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। बौद्धिक कार्यों से आय वृद्धि होगी।

योगी आदित्यनाथ का पाकिस्तान पर तीखा बयान, लखीमपुर में भूमि वितरण और विकास परियोजनाओं का लोकार्पण

लखीमपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करते हुए कहा कि पापी पाकिस्तान और टुकड़ों में बंटने वाला है। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति का सबसे बड़ा दंश हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों ने झेला है। मुख्यमंत्री ने मियांपुर का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने की घोषणा की और कहा कि अब किसी क्षेत्र की पहचान गुलामी के प्रतीकों से नहीं होगी। इस अवसर पर उन्होंने तीन विधानसभा क्षेत्रों की 417 करोड़ रुपये की 213 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने बड़ी संख्या में लाभार्थियों को चेक भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लखीमपुर खीरी जनपद में लगभग 7,000 परिवारों यानी लगभग 35,000 लोगों को भौमिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। पलिया के बाद अब मोहम्मदी में भी 1,000 परिवारों को यह अधिकार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना बांग्लादेश से 1947 और 1971 में आए परिवारों को उनका अधिकार देने की है। पापी पाकिस्तान ने अपने कर्मों से भारत का विभाजन कराया, फिर पाकिस्तान के भी टुकड़े हुए। इंतजार करिए, अभी यह और टुकड़ों में बंटने वाला है। लेकिन पाकिस्तान के पापों की सजा वहां रह रहे हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को मिली, क्योंकि उनके यहां किसी अन्य धर्म के लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस ने अधिकार नहीं दिया उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने इन लोगों को ठुकराया और उनकी जमीन व पैतृक संपत्ति पर कब्जा किया। लेकिन, त्रासदी के बाद यहां आने वालों को कांग्रेस ने भी अधिकार नहीं दिया। उनके वोट तो लिए, लेकिन मालिकाना हक कभी नहीं दिया। बल्कि, उनकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया गया, जबकि वहां एक भी मियां नहीं है। अब मियांपुर नहीं, रविंद्र नगर होगा नाम मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आपकी पहचान मियांपुर नहीं, बल्कि राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्रनाथ ठाकुर के नाम पर ‘रविंद्र नगर’ के रूप में होगी। बंगाल की भूमि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। भारत को राष्ट्रगान गुरुदेव ने दिया और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय हैं। यह वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का वर्ष है। इस अवसर पर आपको उस भूमि का स्वामित्व प्राप्त हुआ है, जहां आप दशकों पहले आकर बसे थे, लेकिन अब तक अधिकार नहीं मिला था। पीएम मोदी के संकल्प के तहत आपको मिला अधिकार सीएम योगी ने कहा कि दशकों पहले आपसे किए गए अधूरे वायदों को पूरा करने के लिए वह प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आए हैं। आपके पूर्वज बांग्लादेश में रह रहे थे, लेकिन आपको मालिकाना अधिकार पीएम मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” संकल्प के कारण भारत में मिल रहा है। बांग्लादेश में प्रताड़ित हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन भारत की ओर आशा व विश्वास से देखते हैं। भारत उनके साथ खड़ा होगा। आप लोग केवल सीमा पार कर के नहीं आए थे, अपने साथ टूटे हुए सपनों की पीड़ा लेकर आए थे। भारत ने आपको गले लगाया। आपकी जाति, संप्रदाय या मत नहीं पूछा,  आपको अपनाया और आपके साथ खड़ा रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संघर्ष से आज आपको यह अधिकार मिल पाया है। जाति पर समाज बांटने वाले सबसे बड़े देशद्रोही सीएम योगी ने कहा कि 1947 का विभाजन समाज के बंटवारे का परिणाम था। जो लोग जाति, मत व संप्रदाय के आधार पर समाज को बांटते हैं, वे देश और आने वाली पीढ़ियों के साथ विश्वासघात करते हैं। विभाजन और 1971 के युद्ध के दौरान हिंदू, सिख, बौद्ध व जैन समुदायों ने ऐसी त्रासदियों का सामना किया। प्रारंभ में 1,031 परिवार यहां बसे थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 5,000 से अधिक परिवारों तक पहुंच गई है, लेकिन उन्हें अब तक उनका अधिकार नहीं मिल पाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कानून पारित कराया, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट का विरोध किया। ये दल हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों को अधिकार दिए जाने के पक्ष में नहीं थे, वे सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। जिन्ना का महिमामंडन करती है सपा मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाता है, तब समाजवादी पार्टी जिन्ना का महिमामंडन करती है। ये लोग एकता के बजाय जातीय विभाजन कर समाज के ताने-बाने को कमजोर करते हैं। और यह इनके सुनियोजित दृष्टिकोण का हिस्सा है। इसी के तहत सपा, कांग्रेस व टीएमसी ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया था। दिल्ली के शाहीन बाग में महीनों तक इस एक्ट के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। लेकिन, मोदी जी हटे नहीं, डिगे नहीं। आज उसी की बदौलत हम आप सबको ये अधिकार पत्र प्रदान कर रहे हैं। अब आपको कोई वंचित या विस्थापित नहीं कर सकेगा। अब आपको बांग्लादेशी नहीं, बल्कि भारत के बांग्लाभाषी नागरिकों के रूप में पहचाना जाएगा। मजहबी कट्टरता ने कुचले हिंदुओं-सिखों के सपने सीएम योगी ने कहा कि 1947 हो या 1971, मजहबी कट्टरता ने हिंदुओं और सिखों के सपनों को चकनाचूर करने का काम किया। बांग्लादेश बना, फिर हिंदुओं का नरसंहार हुआ। न कांग्रेस बोलती है, न समाजवादी पार्टी बोलती है, न टीएमसी बोलती है। इन सबके मुंह सिले हुए हैं, क्योंकि मरने वाला हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन है। उनके लिए इन पार्टियों के मुंह नहीं खुलेंगे, क्योंकि जिस तुष्टीकरण की ये लोग राजनीति करते आए हैं, वह इनके अस्तित्व के सामने संकट न खड़ा कर दे, इसलिए इनका मुंह बंद हो जाता है। विस्थापित हिंदू-सिख परिवारों के लिए प्रतिबद्ध है सरकार सीएम योगी ने कहा कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और मोहम्मदी में बसे लगभग 1,031 परिवारों को 542 हेक्टेयर भूमि का मालिक बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर सहित चार जनपदों में बांग्लादेश से आए लगभग 65 हजार विस्थापित हिंदू व सिख रह रहे हैं, जिन्हें सरकार मालिकाना अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत के इतिहास में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर भौमिक अधिकार प्रदान किए जा रहे हैं। यहां गरीबों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं का लाभ दिया गया है तथा शेष पात्र लोगों को भी लाभ मिलेगा। हर घर में शौचालय, … Read more

असंगठित श्रमिकों के लिए बड़ी राहत: श्रम योगी मानधन योजना में फिरोजाबाद, हरदोई बने मॉडल जिले

लखनऊ प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है। 15 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कई जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे पूरे प्रदेश में योजना की गति तेज हुई है। विशेष अभियान के तहत फिरोजाबाद ने 349 नामांकन के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि गाजियाबाद (262) और बस्ती (238) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अग्रणी जिलों में अपनी जगह बनाई। इसके अलावा बांदा, बरेली, अंबेडकर नगर, हापुड़ और बिजनौर जैसे जिलों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 की समग्र प्रगति पर नजर डालें तो हरदोई 929 नामांकन के साथ पहले स्थान पर रहा। आजमगढ़ (597) और गाजियाबाद (547) ने भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर खुद को मॉडल जिलों के रूप में स्थापित किया है। प्रतापगढ़, बस्ती, बलिया, मेरठ और वाराणसी जैसे जिलों की सक्रियता भी उल्लेखनीय रही। योगी सरकार द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान का सकारात्मक असर यह रहा कि अधिकांश जिलों में नामांकन की गति में तेजी आई है। जिन जिलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम रहा है, वहां भी सुधार की प्रक्रिया जारी है और प्रशासनिक स्तर पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब बड़ी संख्या में असंगठित श्रमिकों को पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों और जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी के चलते यह योजना जमीनी स्तर पर मजबूत होती जा रही है। इस पीएम श्रम योगी मानधन योजना प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत आधार तैयार कर रही है और आने वाले समय में इससे और अधिक श्रमिकों के जुड़ने की उम्मीद है।

‘साढ़े चार बम’ की रणनीति: इजरायल ने 40 दिनों में ईरान और लेबनान को दी कितनी ज़बरदस्त चोट

तेल अवीव इजरायल ने ईरान के साथ चल रही जंग में अब तक 18,000 से ज्यादा बम गिराए हैं. इजरायली सेना (IDF) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने ईरान में 4,000 से ज्यादा अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया. यह आंकड़ा लगभग 40 दिनों (28 फरवरी 2026 से शुरू होकर अप्रैल 2026 तक) की लड़ाई का है।इजरायल की एयर फोर्स ने 1000 से ज्यादा हमले की सीरीज चलाई. कुल 10,800 से अधिक अलग-अलग हमले किए. हर टारगेट पर औसतन साढ़े चार बम या उससे ज्यादा गोला-बारूद गिराने की रणनीति अपनाई गई ताकि कोई भी लक्ष्य बच न सके. यह इजरायल की अब तक की सबसे भारी हवाई कार्रवाई में से एक मानी जा रही है।  28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष में इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. इजरायली सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर, हथियार बनाने वाली फैक्टरियां, न्यूक्लियर से जुड़े ठिकाने, आईआरजीसी के मुख्यालय और कई सैन्य कमांडरों को निशाना बनाया। ईरान की मिसाइल और हथियार उत्पादन क्षमता को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है. कई पेट्रोकेमिकल प्लांट, स्टील फैक्टरियां और मिसाइल बनाने के प्लांट तबाह हो गए. इजरायल का दावा है कि ईरान की डिफेंस इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया है. ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलें दागीं, लेकिन इजरायली डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर को रोक लिया। ईरान में इन हमलों से हजारों लोग मारे गए और घायल हुए. सैन्य ठिकानों के अलावा कुछ नागरिक इलाकों में भी नुकसान हुआ. ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ताकत दोनों को भारी झटका लगा है. इजरायल का कहना है कि इन हमलों से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता, एयर डिफेंस और परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा है। इजरायल ने ईरान के साथ-साथ लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भी लगातार हमले जारी रखे. 8 अप्रैल 2026 को एक ही दिन में इजरायल ने लेबनान पर 10 मिनट के अंदर 100 से ज्यादा हमले किए. इसमें बेरूत के घनी आबादी वाले इलाकों, दक्षिणी लेबनान और बेकां घाटी को निशाना बनाया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सिविल डिफेंस के अनुसार उस एक दिन में 250 से 350 से ज्यादा लोग मारे गए और 1100 से अधिक घायल हुए. यह लेबनान में हाल के सालों का सबसे खूनी दिन था. पूरे अभियान में लेबनान में 1000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं।इजरायल ने हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर, हथियार डिपो, ब्रिज और रसद मार्गों को नष्ट किया. कई पुल टूट गए जिससे दक्षिणी लेबनान में मदद पहुंचना मुश्किल हो गया है. इजरायल का दावा है कि इन हमलों में सैकड़ों हिजबुल्लाह लड़ाके मारे गए. लेबनान में लाखों लोग बेघर हो गए और देश में बड़ी तबाही मची है। इजरायल हर एक महत्वपूर्ण टारगेट को पूरी तरह खत्म करने के लिए बहुत ज्यादा बम गिरा रहा है. औसतन हर टारगेट पर 4.5 बम या उससे ज्यादा गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसका मकसद है कि कोई भी सैन्य सुविधा, मिसाइल या कमांड सेंटर बच न सके।        इजरायल ने 800 से ज्यादा हमले की लहरों में यह रणनीति अपनाई. इससे ईरान और हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को जड़ से कमजोर करने का प्रयास किया गया. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी भारी बमबारी दुर्लभ है और इससे इलाके में लंबे समय तक असर रहेगा। यह 40 दिनों का संघर्ष फरवरी के अंत में शुरू हुआ जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए. इसका मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता, न्यूक्लियर कार्यक्रम और हिज्बुल्लाह जैसे प्रॉक्सी ग्रुप्स को कमजोर करना था. ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत की भी खबरें आईं जिससे स्थिति और गर्म हो गई।  अप्रैल 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ, लेकिन इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखे. इजरायल कहता है कि ये हमले आत्मरक्षा के लिए जरूरी हैं क्योंकि हिजबुल्लाह अभी भी खतरा बना हुआ है। दूसरी तरफ ईरान और लेबनान इन हमलों को आक्रामकता बता रहे हैं. दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं. लेबनान सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी है। यह युद्ध दिखाता है कि मध्य पूर्व में तनाव कितना गहरा है. इजरायल ने अपनी एयर पावर का पूरा जोर लगाया, लेकिन इससे आम लोगों की मौत और बड़ी तबाही भी हुई है. आने वाले दिनों में सीजफायर की कोशिशें जारी रहेंगी, लेकिन शांति अभी दूर नजर आ रही है। 

लखीमपुर में 213 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, हजारों को मिला भूमि अधिकार

 लखीमपुर खीरी सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के एक और गांव का नाम बदलने का ऐलान किया। लखीमपुर खीरी में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने खीरी जिले के गांव मियांपुर का नाम बदलने की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा, गुरुदेव के नाम पर मियांपुर को अब रविंद्रनगर के नाम से जाना जाएगा। सीएम योगी ने तत्कालीन सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, पहले की सरकारों ने पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया था, लेकिन गांव में एक भी मियां नहीं था। सीएम योगी ने 331 हिंदू बांग्लादेशी परिवारों को सौगात देते हुए कहा, डबल इंजन सरकार में सभी वर्ग का विकास हुआ है। 1971 में पाकिस्तान के बंटवारे पर सीएम योगी ने कहा, पाकिस्तान के अभी और टुकड़े होंगे। पाकिस्तान की वजह से हिंदुआ पर बहुत अत्याचार हुआ है। शनिवार को लखीमपुर खीरी पहुंचे सीएम योगी ने 213 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित किया। सीएम योगी ने बांग्लादेश से विस्थापित विभिन्न हिंदू परिवारों को संक्रमणीय एवं असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि न्याय का वह क्षण है, जिसने इतिहास की अधूरी तमन्ना को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में धर्म की व्याख्या परहित सरिस धरम नहीं भाई के रूप में की गई है और इसी भावना के साथ डबल इंजन सरकार पिछले नौ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में पहली बार थारू समुदाय, जो महाराणा प्रताप को अपना पूर्वज मानता है, उसे भूमि अधिकार उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वर्तमान वंशजों को भी अधिकार पत्र दिए गए हैं, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारों ने बसाया तो था, लेकिन स्वामित्व अधिकार नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित परिवार वर्षों पूर्व भारत आए थे और अपने साथ पीड़ा, असुरक्षा तथा अनिश्चित भविष्य लेकर आए थे। अब उन्हें भारत की धरती पर सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं। सपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा, हिंदू-सिख के मरने पर विपक्षी दल नहीं बोलते हैं। सपा के लोग जिन्ना का महिमामंडल करते हैं। सपा की पहचान सिर्फ सैफई से है। कांग्रेस-सपा सरकार में सिर्फ वादे होते थे। सीएम योगी ने पाकिस्तान को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के पाप की वजह से वहां के हिंदू विस्थापित हुए। कांग्रेस ने विस्थापितों को कोई अधिकार नहीं दिया सीएम योगी ने कहा, कांग्रेस ने विस्थापितों को कोई अधिकार नहीं दिया, उल्टा गांव का नाम रख दिया मियांपुर। पाकिस्तान जाति में बांटने वाला सबसे बड़ा विश्वासघाती रहा है। हम हिंदू परिवारों को न्याय दे रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा, बांग्लादेश में हिंदुओं, सिखों की हत्या पर कांग्रेस, सपा, टीएमसी का मुंह सिल जाते हैं। हिंदुओं, सिखों, जैनों की संपत्ति पर कब्जों पर बोलने में विपक्ष के होठ सिल जाते हैं। योगी ने कहा कि इन परिवारों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के अंतर्गत अधिकार दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस कानून का विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चंदन चौकी में मुख्यमंत्री ने दिया भौमिक अधिकार पत्र सीएम योगी ने खीरी को कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। चंदन चौकी में सीएम योगी ने थारू समाज के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर जमीन का अधिकार पत्र भी सौंपा। सीएम योगी ने 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर जमीन का अधिकार पत्र भी दिया। सीएम ने कहा कि अब थारू और पूर्वी समाज के लोगों को न वन विभाग परेशान करेगा और न राजस्व और पुलिस विभाग। अब लेखपाल कागजों में हेरफेर कर उनकी जमीन पर कोई दबंग का कब्जा करा पाएगा।

महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना: हाई कोर्ट का अहम फैसला, यह ताक-झांक नहीं

मुंबई  बॉम्बे हाई कोर्ट ने महिला को कथित तौर पर घूरने को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन इसे ताक-झांक (Voyeurism) का अपराध नहीं माना जाएगा। जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन वे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। बता दें कि यह धारा ताक-झांक के अपराध को परिभाषित करती है और उसके लिए सजा तय करती है। इस धारा के तहत किसी महिला को कोई निजी काम करते हुए देखना, उसकी तस्वीरें लेना या उन तस्वीरों को फैलाना शामिल है। यह उस हालात में लागू होता है जहां शरीर के निजी अंग खुले हों, कोई महिला शौचालय का इस्तेमाल कर रही हो, या कोई ऐसा यौन कृत्य कर रही हो जो आमतौर पर सार्वजनिक रूप से नहीं किया जाता। हालांकि, इसके तहत ऑफिस के माहौल में किसी को घूरना इस श्रेणी में नहीं आता। एक मामले में एक इंश्योरेंस कंपनी के एग्जीक्यूटिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उनकी एक महिला सहकर्मी ने उन पर आरोप लगाया था कि मीटिंग के दौरान वे उनसे नजरें मिलाने के बजाय उनके शरीर को घूरते थे, और साथ ही गलत टिप्पणियां भी करते थे। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि कानून को उसकी लिखी हुई बातों से ज्यादा नहीं खींचा जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे हालात में आपराधिक मामला जारी रखना कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा। कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कंपनी की इंटरनल कंप्लेंट्स कमिटी (ICC) ने पहले ही आरोपी को बरी कर दिया था। इन दावों को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले में व्यक्ति के ऊपर दर्ज एफआईआर को रद्द करने का फैसला किया। जस्टिस अमित बोरकर की सिंगल जज बेंच ने कहा, "आरोप सिर्फ इतना है कि उन्होंने ऑफिस मीटिंग के दौरान महिला के सीने को घूरा था। किसी को घूरना, भले ही यह सच भी मान लिया जाए, आईपीसी की धारा 354-C के तहत आने वाले 'ताक-झांक' के अपराध जैसा नहीं है।''

6000+ आपत्तिजनक लिंक हटाए, सोशल मीडिया पर बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ इंटरनेट मीडिया पर बंदूक संस्कृति (गन कल्चर) और अशोभनीय एवं भ्रामक कंटेंट परोसने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने चेतावनी दी है कि आपत्तिजनक कंटेंट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंटरनेट मीडिया पर इस साल 10 अप्रैल तक आपत्तिजनक, भ्रामक और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कुल 6083 यूआरएल/कंटेंट/एप/वेबसाइट को हटवाया गया है। मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप) से जुड़े 4278, यू ट्यूब से 1172, एक्स (पूर्व में ट्विटर) से 372, अन्य प्लेटफार्म से 167, टेलीग्राम से 53, रेडिट से 36 तथा स्नैपचैट से पांच आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया गया है। डीजीपी ने कहा कि हथियारों का महिमामंडन, हिंसा को बढ़ावा, महिलाओं का अश्लील प्रदर्शन, बच्चों और लड़कियों के अभद्र व अशोभनीय चित्रण तथा हरियाणा और हरियाणवी समाज की गलत छवि प्रस्तुत करने वाले फर्जी कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सामाजिक मूल्यों को आहत करती हैं, बल्कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भी प्रभावित करती हैं। इस तरह की असामाजिक और भ्रामक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार या भ्रामक प्रस्तुति, जो प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाए, उसे सख्ती से रोका जाएगा। डीजीपी ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ इंटरनेट मीडिया का उपयोग करें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में योगदान दें। साथ ही चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समाज में अशांति फैलाने, गलत संदेश देने या सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

3.03 करोड़ की ठगी केस में आरोपी को राहत, जांच पूरी होने पर कोर्ट का फैसला

 चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर ठगी मामले में अहम टिप्पणी करते हुए आरोपित को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता के बावजूद आरोपित की भूमिका सीमित होने और जांच पूरी हो जाने के मद्देनजर उसे निरंतर हिरासत में रखना उचित नहीं है। जस्टिस मनीषा बत्रा की एकल पीठ आरोपित विक्रम सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला उस साइबर ठगी से जुड़ा है, जिसमें एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल को वीडियो काल और फोन के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर करीब 3.03 करोड़ रुपये ठग लिए गए थे। मामले के अनुसार, 3 जनवरी 2025 को पीड़िता को कुछ लोगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर फोन किया। उसे गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी गई और लगातार वीडियो काल के जरिए निगरानी में रखा गया। उसे घर से बाहर न निकलने, किसी से संपर्क न करने और निर्देशों का पालन करने को मजबूर किया गया। इस तरह उसे मानसिक रूप से ‘वर्चुअल कैद’ में रखकर भारी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को कई खातों के जरिए घुमाया गया। आरोपित विक्रम सिंह पर आरोप है कि उसने ठगी की रकम में से 4.26 लाख रुपये प्राप्त कर उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलने में मदद की और इसके बदले कमीशन भी लिया अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित 18 फरवरी 2025 से हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और मुकदमे के लंबा चलने की संभावना है। ऐसे में उसकी निरंतर कैद उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी का पीड़िता से सीधे संपर्क या धमकी देने में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं पाई गई। हालांकि, राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए इसे एक संगठित साइबर अपराध करार दिया और कहा कि पैसे के लेन-देन में शामिल हर कड़ी इस अपराध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  

ऊर्जा संकट में बड़ी राहत: भारतीय LPG टैंकर ने होर्मुज किया पार, सप्लाई होगी मजबूत

नई दिल्ली. मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रसोई गैस की सप्लाई को लेकर जो चिंता पिछले कुछ हफ्तों से बढ़ रही थी, वह अब कुछ हद तक कम होती दिख रही है। केंद्र सरकार में मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि एलपीजी लेकर एक और टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए एक्स पोस्ट में बताया, "भारतीय शिपिंग ऑपरेशंस पर अपडेट। भारतीय ध्वज वाला जहाज JAG VIKRAM, जिसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर हैं, 11 अप्रैल को पर्शियन गल्फ क्षेत्र से सफलतापूर्वक बाहर निकल गया है।" अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू है और होर्मुज स्ट्रेट को आंशिक रूप से जहाजों के लिए खोला गया है। इसी बीच 'जग विक्रम' नाम का यह टैंकर शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच इस अहम समुद्री रास्ते को पार कर गया। ओमान की खाड़ी में पहुंचा LPG टैंकर जहाज फिलहाल ओमान की खाड़ी में पहुंच चुका है और आगे पूर्व दिशा में बढ़ रहा है। यह एक मिड-साइज गैस कैरियर है, जिसकी क्षमता करीब 26,000 टन है। अनुमान है कि इसमें लगभग 20,000 टन LPG लदा हुआ है, जो भारत के लिए बेहद अहम सप्लाई है। दरअसल, जब पश्चिम एशिया में जंग शुरू हुई थी, तब होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह प्रभावित हो गया था। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और बड़ी मात्रा में गैस की सप्लाई गुजरती है। इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई थी। सप्लाई के लिए होर्मुज पर निर्भर भारत भारत पर इसका असर और भी ज्यादा पड़ा, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। भारत करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल, लगभग आधा प्राकृतिक गैस और करीब 60 प्रतिशत LPG बाहर से मंगाता है। इसमें भी सबसे ज्यादा सप्लाई खाड़ी देशों से आती है, जो होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। यही वजह थी कि जब यह रास्ता बंद हुआ, तो भारत में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई। सरकार ने एहतियात के तौर पर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल यूजर्स के लिए LPG सप्लाई घटा दी थी, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। भारत में गैस सप्लाई प्रभावित साथ ही, गैस की सप्लाई भी उद्योगों के लिए कम कर दी गई थी, ताकि CNG और घरों में पाइप्ड गैस की सप्लाई बनी रहे। उर्वरक उद्योगों को भी सीमित मात्रा में गैस दी जा रही थी। हालांकि अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है। 'जग विक्रम' का सुरक्षित निकलना इस दिशा में एक बड़ा संकेत है। यह मार्च की शुरुआत के बाद से पर्शियन गल्फ से बाहर निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है। अभी भी करीब 15 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जो सही मौके का इंतजार कर रहे हैं। विदेशी जहाज भी होर्मुज स्ट्रेट में फंसे सैकड़ों विदेशी जहाज भी इस इलाके में फंसे हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में अभी भी 400 से ज्यादा टैंकर, दर्जनों LPG और LNG जहाज मौजूद हैं, जो जंग के कारण प्रभावित हुए थे। हालांकि अब सीजफायर के बाद हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। भारत ने भी वैकल्पिक स्रोतों से गैस की व्यवस्था कर ली है, जिससे सप्लाई का दबाव कम हुआ है। उर्वरक संयंत्रों को अब पहले से ज्यादा गैस मिलने लगी है और अन्य उद्योगों को भी धीरे-धीरे सप्लाई बढ़ाई जा रही है। सरकार ने शहरों में गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे कमर्शियल संस्थानों को पाइप्ड गैस कनेक्शन देने पर जोर दें, ताकि LPG पर निर्भरता कम की जा सके। आने वाले दिनों में अगर और जहाज सुरक्षित बाहर निकलते हैं, तो देश में गैस सप्लाई पूरी तरह स्थिर हो सकती है। फिलहाल, इस खबर ने करोड़ों लोगों को यह भरोसा जरूर दिलाया है कि रसोई गैस की किल्लत का खतरा टलता नजर आ रहा है।  

खारंग नदी हादसे के बाद प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर तेज हुई कार्रवाई

रायपुर बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में  गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।