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फर्जी डॉक्टर बनकर बुजुर्ग से 4.39 लाख की ठगी, तीन आरोपी भोपाल से दबोचे गए

अजमेर अजमेर शहर में यूनानी थेरेपी के नाम पर बुजुर्ग से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी और ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। बुजुर्ग को जाल में फंसाया एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित 62 वर्षीय हरीराम किशनचंद मूलचंदानी ने शिकायत दर्ज कराई थी। 26 मार्च को एक व्यक्ति ने उनके घुटनों के दर्द को देखकर सहानुभूति जताई और ‘डॉ. समीर जरीवाला’ नाम के कथित डॉक्टर से इलाज कराने का झांसा दिया। इसके बाद गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया फर्जी डॉक्टर घर पहुंचा और ‘सिंघी’ जैसे उपकरण से घुटने से मवाद निकालने का नाटक किया। आरोपियों ने 73 बार मवाद निकालने का दावा कर पीड़ित से कुल 4 लाख 39 हजार रुपये वसूल लिए और फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी हिमांशु जांगिड़ और डिप्टी एसपी शिवम जोशी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने अभय कमांड सेंटर सहित 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें गिरोह की लाल रंग की स्विफ्ट कार ट्रेस हुई। तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया गया, जहां वे एक और वारदात की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीन मोहम्मद (38), निवासी अंता बारां, मोहम्मद कादिर (28), निवासी अंता बारां (फर्जी डॉक्टर), और मोहम्मद आसिफ (35) निवासी विज्ञान नगर कोटा शामिल हैं। पुलिस ने नकदी, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया पुलिस ने आरोपियों के पास से 33,800 रुपये नकद, इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण, दवाइयां, स्प्रे, 12 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों पर रेडियम टेप लगाने के बहाने घूमते थे। इस दौरान वे चलने-फिरने में असमर्थ या संपन्न बुजुर्गों को पहचानते और उनसे संपर्क कर ‘मददगार’ बनते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी डॉक्टर के पास भेजकर ठगी को अंजाम दिया जाता था। वारदात के बाद आरोपी सिम कार्ड नष्ट कर शहर छोड़ देते थे।  

एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी स्वास्थ्य सेवाएं, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

 बहराइच यूपी के बहराइच मेडिकल कॉलेज में पांच मंजिला ओपीडी काम्पलेंस बनाया जाएगा। एक ही छत के नीचे सभी विभागों की ओपीडी संचालित होगी। दवा व पर्चा काउंटर भी अलग-अलग होने से मरीजों को सहूलियत मिलेगी। संबंद्ध जिला अस्पताल परिसर में खाली पड़ी जमीन पर भवन निर्माण की औपचारिकता पूरी हो गई है। भवन निर्माण के प्रस्ताव संग शासन ने 28 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया है। शासन के इस कदम से मरीजों को सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में साल दर साल मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान समय में संचालित आठ विभागों की ओपीडी में औसतन हर रोज 2000 से 2500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी के बाहर व अंदर मरीजों की भारी भीड़ न केवल चिकित्सक बल्कि मरीजों के स्वयं के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी को लेकर कक्षों की व्यवस्था नहीं है। कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी विभागों की ओपीडी संग पर्चा व दवा काउंटर को एक ही छत के नीचे संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया था। डीएम अक्षय त्रिपाठी व कॉलेज प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ संजय खत्री की ओर से पिछले दिनों शासन में इसको रखा गया था। जिसके बाद पांच मंजिला ओपीडी काम्पलेक्स निर्माण को मंजूरी दी गई है। प्रिंसिपल ने बताया कि सरकार के इस फैसले से अब प्रमुख विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी ओपीडी संचालित करने में मदद मिलेगी। मरीज एक ही छत के नीचे सभी तरह की सुविधा आसानी से पा सकेंगे। इस पसर निर्माण के लिए 28 करोड़ का बजट भी मंजूर किया गया है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इस जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। परामर्श संग मरीजों के बैठने की होगी सुविधा:पांच मंजिला भवन में हर ओपीडी के सामने मरीजों के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था होगी। ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। मरीज परामर्श लेने के बाद संबंधित काउंटर पर जाकर आसानी से दवा भी ले सकेंगे,जबकि वर्तमान समय में जगह की कमी के चलते मरीजों को थोड़ी समस्या हो रही है। पहली मंजिल पर आर्थोपैडिक विभाग संचालित होगा विभागवार निर्धारित की गई ओपीडी :प्रिंसिपल ने बताया कि बेसमेंट फ्लोर में पार्किंग सुविधा होगी। ग्राउंड फ्लोर पर पंजीयन, दवा काउंटर, रिकार्ड रूम व इंक्वारी काउंटर होगा। पहली मंजिल पर आर्थोपैडिक विभाग संचालित होगा। इसमें माइनर ओटी, प्लास्टर रूम, ओपीडी संग फिजियोथेरेपी संग दवा काउंटर होगा। इसी में स्किन व पीडियाट्रिक्स विभाग की भी ओपीडी रहेगी। दूसरी मंजिल पर ईएनटी विभाग की ओटी, आडियो रूम व ओपीडी, डेंटल विभाग की ओपीडी रहेगी। तीसरी मंजिल पर पल्मोनरी विभाग, चौथे पर मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी विभाग, पांचवे मंजिल पर सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी संग प्लॉस्टिक सर्जरी विभाग की ओपीडी व ओटी संचालित की जाएगी। 28 करोड़ से यह कार्य कराया जाएगा प्रोफेसर डॉ संजय खत्री, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज बहराइच ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पांच मंजिला ओपीडी काम्लेक्स के निर्माण की मंजूरी मिली है। 28 करोड़ से यह कार्य कराया जाएगा। इससे कई मुख्य विभागों की ओपीडी संचालित करने में मदद मिलेगी। इसकी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।

पलिया के चंदन चौकी कार्यक्रम में बड़ा ऐलान: Yogi Adityanath ने थारू जनजाति समेत कई परिवारों को दिए भूमि अधिकार और सरकारी लाभ

लखीमपुर खीरी  चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू जनजाति के परिवारों व पूर्वी उत्तर प्रदेश से आकर बसे परिवारों को भौमिक अधिकार पत्र प्रदान किए। इस मौके पर सीएम योगी ने विभिन्न लाभार्थियों को भी अपने हाथ से नियुक्ति पत्र, आवास की चाबी व चेक सौंपे। सीएम योगी के हाथों भौमिक अधिकार पत्र प्राप्त करने वालों में बालकृष्ण, रामखेलावन, भज्जीराम, रामनरेश व रामकुमार शामिल रहे।  आंगनवाड़ी भर्ती के तहत ऊषा देवी (ध्यानपुर), संध्या कुमारी (पुरैना) तथा मीना कुमारी (सूरमा) को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र सौंपे।  मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ध्यानपुर की बल्लू देवी, शीतल व बेबी को अपने आवास की चाबी मिली। एक जिला-एक उत्पाद के तहत लाभार्थी अंशु गुप्ता, शिव गुप्ता व संस्कार अग्रवाल को चेक प्रदान किए गए।  प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत कुंवर सेन, अमित जिंदल व रामचंद्र को भी चेक प्रदान किए गए।  मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा संचालित योजना के तहत पूनम विश्वकर्मा को चेक प्रदान किया।

गहराता संकट: US-ईरान टकराव पर विश्व बैंक बोला—अभी तो और बुरा बाकी

नई दिल्‍ली. अमेरिका और ईरान के बीच जंग ने दुनिया भर की हेडक बढ़ा दी है, क्‍योंकि तेल के दाम रिकॉर्ड उछले हैं और 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बने हुए हैं। साथ ही दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट भी देखने को मिली है। भारत समेत कई देशों का आयात-निर्यात भी प्रभावित हो गया है। ऐसे में विश्‍व बैंक की ओर से एक बड़ी चेतावनी आई है।  विश्व बैंक के प्रमुख अजय बंगा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तो कुछ नहीं, युद्ध खत्‍म होने के बाद और बुरे हालात होने वाले हैं। जंग खत्‍म होने के बाद भी  नुकसान लंबे समय तक बना रह सकता है। उनका कहना है कि तत्‍काल और स्थायी युद्धविराम भी अर्थव्यवस्थाओं में व्यापक मंदी को नहीं रोक पाएगा।  अगर युद्धविराम कायम रहता है, तो भी वैश्विक विकास में 0.3 से 0.4 प्रतिशत अंकों की गिरावट आ सकती है। अगर सीजफार फिर से टूट जाता है, तो गिरावट 1 प्रतिशत अंक तक बढ़ सकती है, जिसका व्यापक प्रभाव व्यापार, ऊर्जा बाजारों और फाइनेंस सिस्‍टम पर पड़ेगा।  उन्‍होंने कहा कि महंगाई का दबाव भी साथ-साथ बढ़ने की आशंका है। बंगा ने संकेत दिया कि युद्धविराम की स्थिति में ग्‍लोबल महंगाई 200 से 300 आधार अंकों तक बढ़ सकती है और अगर संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसमें 0.9 फीसदी अंकों तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए स्थिति और भी गंभीर दिखती है, जहां सबसे खराब स्थिति में महंगाई 6.7% तक पहुंच सकती है।  खतरे की चपेट में विकासशील देश विश्व बैंक ने ऊर्जा आयात पर निर्भर द्वीप अर्थव्यवस्थाओं समेत संवेदनशील देशों के साथ संकटकालीन सहायता के माध्यम से इमरजेंसी फंड उपलब्ध कराने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। हालांकि, बंगा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारों को ऐसी अस्थिर ऊर्जा सब्सिडी में नहीं फंसना चाहिए जो बाद में राजकोषीय अस्थिरता को पैदा कर दे।  इसके विपरीत, उनका कहना है कि ऊर्जा में विविधता लाने में विफल रहने वाले देशों को लॉन्‍गटर्म आर्थिक अस्थिरता का खतरा रहता है। बंगा ने नाइजीरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 20 अरब डॉलर की रिफाइनरी परियोजना ने घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है और यहां तक ​​कि पड़ोसी देशों को जेट ईंधन जैसे निर्यात को भी संभव बनाया है।  बंगा ने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय समाधान वैकल्पिक ऊर्जा- परमाणु, जल, भूतापीय, पवन और सौर ऊर्जा – को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने में निहित है। इस बदलाव के बिना, देश पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर वापस लौट सकते हैं, जिससे आर्थिक और पर्यावरणीय जोखिम दोनों बढ़ जाएंगे।   

आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज जारी

मुंबई.  दिग्गज सिंगर आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट की वजह से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया है। फिलहाल उनका इमरजेंसी मेडिकल सर्विस यूनिट में ट्रीटमेंट चल रहा है। ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी के मुताबिक 92 साल की आशा भोसले को शनिवार को यानी 11 अप्रैल को कार्डियक अरेस्ट आया है जिस वजह से उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती किया गया। फिलहाल परिवार की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया है। हालांकि फैंस को जबसे ये खबर मिली है सभी उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। बता दें कि आशा भोसले का जन्म म्यूजिक फैमिली में हुआ। वह दीनानाथ मंगेशकर और शेवंती मंगेशकर है। पिता की मौत के बाद आशा भोसले ने सिंगिंग शुरू की। आशा भोसले का पहला गाना चला चला नाव बाला है फिल्म माझा बल से। उन्होंने हिंदी फिल्मों में सावन आया गाने से डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने अपने करियर में राधा कैसे ना जले, शरारा, कभी तो नजर मिलाओ और सपने में मिती है जैसे कई हिट गाने दिए।

यूपी में 49 विभागों की समीक्षा, सीएम डैशबोर्ड से तय हो रही जिलों की रैंकिंग

लखनऊ बीते नौ वर्षों में प्रदेश में जहां बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, वहीं समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में सीएम डैशबोर्ड एक अहम टूल के रूप में उभरा है, जिसके जरिए जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से हर महीने प्रदेश के सभी जिलों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की जाती है। इसमें 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों को विभिन्न मानकों पर परखा जाता है, जिसके आधार पर जिलों की रैंकिंग तय होती है। मार्च माह की जारी रिपोर्ट में हमीरपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहे। सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में हमीरपुर टॉप पर रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों की प्रगति और राजस्व प्रबंधन के आधार पर तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिससे रामपुर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमीरपुर को 10 में से 9.55 अंक, बरेली को 9.54 और रामपुर को 9.51 अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं टॉप-5 जिलों में मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा टॉप-10 जिलों में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी अपनी जगह बनाई है। 49 विभागों के 110 सरकारी कार्यक्रमों की महीनेवार समीक्षा सीएम डैशबोर्ड की यह रैंकिंग न सिर्फ जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सीएम डैशबोर्ड पर 49 विभागों के 110 सरकारी कार्यक्रमों की महीनेवार समीक्षा की जाती है। इसमें जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, राजस्व प्रबंधन, विकास कार्यों की प्रगति, और कानून-व्यवस्था जैसे बिंदु शामिल हैं। प्रत्येक जिले को विभिन्न मापदंडों पर अंक दिए जाते हैं। अधिकतम अंक पाने वाले जिले उच्च रैंक प्राप्त करते हैं । यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास योजनाओं के स्थायी परिणाम, योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और जनसुनवाई में बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करती है। वहीं आज मुख्यमंत्री योगी ने आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से आए 331 हिंदू परिवारों और थारु जनजाति के परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 1300 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

प्रदेश के सभी महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में मनाया जाएगा नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा

भोपाल.  प्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपर मुख्‍य सचिव उच्‍च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में ‘नारी सशक्तिकरण’ एवं ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक किया जाएगा। विशेष व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ में निहित प्रावधानों पर व्याख्यान एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही छात्राओं को उनके कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर लैंगिक समानता तथा वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। गतिविधियों का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित एवं प्रतिभाशाली महिलाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली उद्यमी महिलाओं को आमंत्रित कर उनके अनुभव और विचार साझा किए जाएंगे। कार्यक्रम के बेहतर समन्वय के लिए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. दिवा मिश्रा को ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह होंगी गतिविधियां कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर लैंगिक समानता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान। वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) पर व्याख्यान एवं संवाद। नारी शक्ति वंदन, कल की महिला नेतृत्व, शिक्षा से सशक्तिकरण विषयों पर पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता कौशल विकास और उद्यमिता प्रदर्शनी आत्मरक्षा एवं शारीरिक सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रतिभागियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मार्शल आर्ट्स, जूडो-कराटे तथा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा हीमोग्लोबिन जांच, पोषण संबंधी परामर्श तथा मानसिक स्वास्थ्य विषय पर व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों के समग्र स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके।

सुल्तानपुर-उरेठिया रेलखंड पर आरओबी निर्माण शुरू, 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुल्तानपुर-उरेठिया रेल खंड पर अनूपगंज के पास रेलवे क्रासिंग नंबर 193 पर ओवरब्रिज का निर्माण अगले महीने से शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्य के लिए शासन ने पहली किश्त के तौर पर 41.03 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह ब्रिज दो लेन का और 998.40 मीटर लंबा होगा। इसमें निर्माण से तीन लाख से अधिक की आबादी को क्रासिंग बंद रहने से लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। रेलवे क्रासिंग नंबर 193 जलसा रिसार्ट-पहाड़पुर मार्ग पर स्थित है, जो कि अति व्यस्त मार्ग है। उतरेठिया-सुल्तानपुर रेल खंड होने के कारण इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही भी काफी है। दिन भर में कई बार क्रासिंग बंद रहने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। पीक ऑवर के समय जाम खत्म होने में कई बार तो आधा से एक घंटा तक लग जाता है। क्रासिंग पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए मोहनलालंगज के सांसद आरके चौधरी और विधायक अमरेश कुमार ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने इसे अपनी कार्य योजना 2025-26 में शामिल करते हुए अनुमानित लागत 200.46 करोड़ के साथ स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। सेतु निगम के अनुसार शासन ने वित्तीय स्वीकृति देते हुए पहली किश्त के तौर पर 41.03 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। तीन लाख से अधिक लोगों को होगा लाभ- सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार अनूपगंज क्रासिंग पर आरओबी बनने से तीन लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा। लखनऊ, सुल्तानपुर,पहाड़नगर टिकरिया, बक्कास, ढकवा, सोनी कजहरा, बरौना, जगनखेरा, सिकंदरपुर, अमौलिया, मऊ खुर्द, निजामपुर, कबीरपुर, इंद्रजीत खेड़ा, चांद सराय, अर्जुनगंज और आसपास के क्षेत्र आपस में जुड़ जाएंगे। इन क्षेत्रों की तीन लाख से अधिक की आबादी को क्रासिंग पर अक्सर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। इस रूट से काफी संख्या में छात्र और छात्राओं की भी आवाजाही होती है, उन्हें स्कूल और कॉलेज जाने में देर नहीं होगी। नई जेल से कैदियों को अदालत लाने और ले जाने के लिए नया रास्ता भी मिल जाएगा। जाम न लगने से सुरक्षा की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण होगा। 18 महीने में पूरा करना होगा निर्माण कार्य- आरओबी निर्माण के लिए 41.03 करोड़ की पहली किश्त स्वीकृत करते हुए शासन ने निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। यह अवधि जबसे निर्माण कार्य शुरू होगा, तबसे लागू होगा।

महंगाई का असर: डीजल पर ₹36 तक बढ़े चार्ज, सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग की वजह से भारत समेत दुनियाभर में फ्यूल संकट है। इस माहौल से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने हाई-स्पीड डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹24 प्रति लीटर और इंफ्रा सेस ₹36 प्रति लीटर बढ़ाए हैं। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू होगी। बता दें कि इससे पहले 26 मार्च को सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाया था। क्या कहा सरकार ने? सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि उसने डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दी है। वहीं, हाई-स्पीड डीजल पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और सेस भी बढ़ा दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत, हाई-स्पीड डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस अब 36 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस बीच, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी ड्यूटी 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, पेट्रोल की बात करें तो इ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी अभी भी शून्य बनी हुई है। क्या है फैसले की वजह? पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ये शुल्क लगाए गए थे। इन शुल्कों का उद्देश्य निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों के अंतर का अनुचित लाभ उठाने से रोकना है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने के बाद तेहरान की ओर से व्यापक जवाबी कार्रवाई की गई थी। हालांकि, आठ अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इजरायल दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमत हुए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक ऊर्जा बाजार में पैदा हुआ व्यवधान फिलहाल थमा है। हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि सरकार भारत ने घरेलू ईंधन बिक्री में नुकसान की भरपाई के लिए रिफाइनरी मार्जिन पर सीमा तय की है। अब रिफाइनरी के मार्जिन को 15 डॉलर प्रति बैरल तक सीमित कर दिया गया है। इस सीमा से ऊपर की किसी भी कमाई को सरकारी विपणन कंपनियों को बेचे गए ईंधन पर छूट के रूप में माना जाएगा। अतिरिक्त लाभ को खुदरा नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।  

अपहृत बेटे की सकुशल बरामदगी पर पिता ने सीएम योगी का जताया आभार

बस्ती में अपहरण के कुछ ही घंटों में कार्रवाई कर पुलिस ने दोनों युवकों को सुरक्षित बरामद किया, तीन आरोपी गिरफ्तार पिता बोले- पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई कर बेटे की जान बचाई बस्ती जनपद बस्ती में अपहृत युवक की सकुशल बरामदगी के बाद पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुलिस महानिदेशक और बस्ती पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है। पीड़ित अनय उपाध्याय के पिता मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि उनके बेटे का कुछ अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। इसकी सूचना मिलते ही उन्होंने थाना लालगंज में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई की और उनके बेटे के साथ उसके साथी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बस्ती पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने समय पर कार्रवाई कर बेटे की जान बचाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को अनय उपाध्याय अपने मित्र के साथ वाराणसी गया था, जहां 9 अप्रैल को कुछ अज्ञात लोगों ने दोनों को बंधक बनाकर उनके परिजनों से फिरौती मांगनी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही थाना लालगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई शुरू की। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम वाराणसी पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों युवकों को गोइठहां चौराहा स्थित एक रेस्टोरेंट से सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद युवकों में अनय उपाध्याय (19 वर्ष) और उसका साथी दिव्यांशु उर्फ राहुल उपाध्याय (17 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन की तत्परता की सराहना की है।