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IPL 2026 में पहला शतक: संजू ने रचा इतिहास, चेन्नई ने दिल्ली को दिया 213 रनों का लक्ष्य

चेन्‍नई. चेन्नई सुपर किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ संजू सैमसन के शतक की बदौलत 20 ओवर में दो विकेट खोकर 212 रन बनाए हैं। संजू ने चेन्नई के लिए सर्वाधिक 113 रन बनाए। दिल्ली की ओर से अक्षर पटेल ने एक विकेट लिया। चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत अच्छी रही है। संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ के बीच पहले विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी हुई। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने 18 गेंद में 15 रन बनाए। आयुष म्हात्रे 36 गेंद में 59 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुए। संजू सैमसन और शिवम दुबे क्रीज पर मौजूद हैं। चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच आईपीएल 2026 का 18वां मुकाबला शनिवार को एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी है। कैपिटल्स ने शुरुआती एकादश में आकिब नबी को मौका दिया है, जबकि सुपरकिंग्स की टीम में डेवाल्ड ब्रेविस की वापसी हुई है। टीम ने मैट हेनरी की जगह गुरजपनीत सिंह को मौका दिया है। आयुष म्‍हात्रे ने ठोका अर्धशतक आयुष म्‍हात्रे ने 27 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया है। अपनी इस पारी में वह 3 चौके और 4 छक्‍के लगाए। उनके और संजू सैमसन के बीच 80 से ज्‍यादा रनों की साझेदारी पूरी हो गई है। इस बीच संजू सैमसन अपने शतक की ओर बढ़ गए हैं।  10 ओवर का खेल समाप्‍त संजू सैमसन फिफ्टी लगाने के बाद और खतरनाक हो रहे हैं। 10 ओवर के बाद चेन्‍नई को स्‍कोर 1 विकेट के नुकसान पर 88 रन है। संजू 61 और आयुष 11 रन बनाकर खेल रहे हैं। दोनों की नजर एक साझेदारी पर है।  संजू सैमसन की फिफ्टी संजू सैमसन ने 26 गेंदों पर फिफ्टी जड़ दी है। अपनी पारी में वह 9 चौके लगा चुके हैं। 19वें सीजन में संजू का यह पहला अर्धशतक है। टी20 विश्‍व कप में कमाल की बल्‍लेबाजी करने वाले संजू आईपीएल 2026 के पहले 3 मुकाबलों में कुछ खास नहीं कर पाए थे।  कप्‍तान ने कप्‍तान को किया आउट पावरप्‍ले समाप्‍त होने के बाद कप्‍तान ने कप्‍तान को आउट किया। 7वें ओवर की दूसरी गेंद पर अक्षर पटेल ने रुतुराज गायकवाड़ को पथुम निसांका के हाथों कैच आउट कराया। रुतुराज ने 18 गेंदों पर 15 रन की धीमी पारी खेली। अब आयुष म्‍हात्रे बल्‍लेबाजी करने के लिए आए हैं। 

‘Innovate in UP, Scale for the World’ विजन पर आगे बढ़ा उत्तर प्रदेश, IIT Kanpur के साथ मिलकर बनेगा Deep Tech Capital

ड्रोन, क्वांटम, ग्रीन हाइड्रोजन व मेड-टेक में तेज़ी से आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश आयुर्वेद के क्षेत्र में क्लिनिकल वैलिडेशन हेतु देश के पहले संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर विचार नोएडा में ‘यूपी डीप-टेक हब’ बनेगा नवाचार और उद्योग का केंद्र उत्तर प्रदेश को स्वदेशी ड्रोन निर्माण एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने के हों प्रयास: मुख्यमंत्री आयुर्वेद से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक, अत्याधुनिक तकनीकों में यूपी की बड़ी पहल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में कहा, 'इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड' के विजन के साथ प्रदेश को देश का 'डीप टेक कैपिटल' बनाने की दिशा में ठोस, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, साइबर सिक्योरिटी और मेड-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाने पर बल देते हुए शोध और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि नवाचारों का बड़े स्तर पर व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित हो और रोजगार सृजन को गति मिले। बैठक में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल द्वारा विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। बताया गया कि मेड-टेक के क्षेत्र में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अभिनव तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं तथा इस संबंध में प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रेषित किया जा चुका है। यह संस्थान नवंबर में प्रारम्भ होना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को प्रदेश के ऊर्जा भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उत्पादन, भंडारण, परीक्षण, सुरक्षा मानकों एवं औद्योगिक उपयोग के सभी आयामों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुर्वेद के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्लिनिकल वैलिडेशन हेतु देश के पहला संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर भी विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, शोध आधार निर्माण, प्रयोगशाला विकास तथा हर्बल संसाधनों के संरक्षण एवं उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को विशेष प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को स्वदेशी ड्रोन निर्माण एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। उन्होंने रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु ड्रोन तकनीक में व्यापक स्वदेशीकरण सुनिश्चित करने के प्रयासों को गति देने पर बल दिया। क्वांटम टेक्नोलॉजी को भविष्य की परिवर्तनकारी तकनीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसके लिए राज्य स्तर पर आवश्यक संसाधन जुटाने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि जटिल समस्याओं के समाधान हेतु उन्नत शोध एवं नवाचार को बढ़ावा मिल सके। स्टार्टअप इकोसिस्टम पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नवाचार की संस्कृति को और सशक्त बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि आईआईटी कानपुर में विकसित स्टार्टअप इकोसिस्टम के अंतर्गत बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स इनक्यूबेट किए गए हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। साथ ही स्टार्टअप्स को पेटेंट सहायता प्रदान कर नवाचारों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नोएडा में प्रस्तावित 'यूपी डीप-टेक हब' को प्रदेश के तकनीकी विकास का केंद्रीय प्लेटफॉर्म बताते हुए निर्देश दिए कि यहां डीप-टेक स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने आईआईटी कानपुर में अनुसंधान, नोएडा से विस्तार और तैनाती” के मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क के माध्यम से प्रदेश में उन्नत साइबर सुरक्षा समाधान विकसित किए जा रहे हैं, जिससे राज्य की डिजिटल अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सके। मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं पर विभागीय समन्वय के साथ त्वरित निर्णय लेते हुए उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए, ताकि उत्तर प्रदेश तकनीकी नवाचार और डीप-टेक विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।

गढ़वा-रामानुजगंज फोरलेन प्रोजेक्ट पर चर्चा, मेदिनीनगर जाम से राहत की योजना

पलामू पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली स्थित परिवहन भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर से मुलाकात की. इस उच्चस्तरीय बैठक में सांसद ने गढ़वा और पलामू जिलों के समग्र विकास, सड़कों की कनेक्टिविटी के विस्तार और निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों को जल्द पूर्ण करने पर विस्तृत चर्चा की गई. सांसद ने विशेष रूप से गढ़वा जिले की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों को फोरलेन में तब्दील करने और नई बाईपास परियोजनाओं के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने का अनुरोध किया.​ सांसद विष्णु दयाल राम ने सचिव के समक्ष गढ़वा की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए निम्नलिखित प्रस्ताव रखें: ​गढ़वा-रामानुजगंज फोरलेन:- एनएच-343 पर गढ़वा फोरलेन बाईपास से लेकर रामानुजगंज (छत्तीसगढ़ सीमा) तक लगभग 48 किमी सड़क को फोरलेन बनाने की मांग. श्रीनगर-पडुका ब्रिज तक फोरलेन:- गढ़वा मझिआंव मोड़ से कांडी प्रखंड के श्रीनगर-पडुका पुल (बिहार सीमा) तक 40 किमी लंबी सड़क का फोरलेन निर्माण. शहर को जाम से मुक्ति:- प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर और गढ़वा के बीच यात्रा समय कम करने और शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए उत्तरी परिहार मार्ग निर्माण का प्रस्ताव. यह बाईपास सुआ, कौड़िया और रांकी होते हुए महुगांवा से जुड़ेगा, जिससे गढ़वा आने-जाने वाले वाहनों को शहर के जाम से राहत मिलेगी. प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना में शामिल सड़क परियोजना सांसद ने बताया कि एनएच-139 (छतरपुर बाईपास) से जपला और देवरी कला (हुसैनाबाद) होते हुए बिहार के देवीपुर को जोड़ने वाली परियोजना को पीएम गति शक्ति योजना में शामिल किया जा चुका है. इसमें सोन नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो झारखंड और बिहार के बीच व्यापारिक और सामाजिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा.

पंजाब ने पराली प्रबंधन में की बड़ी उपलब्धि, 94% कमी आई जलाने की घटनाओं में, मिला स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड

चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के क्षेत्र में अपनाई गई दूरदर्शी रणनीति को बड़ी राष्ट्रीय मान्यता मिली है। राज्य को पर्यावरण श्रेणी में प्रतिष्ठित 'स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड 2025' से नवाजा गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इस उपलब्धि की जानकारी दी। कृषि मंत्री ने आंकड़ों के जरिए पंजाब की सफलता को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में 94 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया, "वर्ष 2020-21 में पराली जलाने के 83,002 मामले सामने आए थे, जो 2025-26 के सीजन में घटकर मात्र 5,114 रह गए हैं। यह पंजाब के किसानों की जागरूकता और प्रशासन की रियल-टाइम निगरानी का सुखद परिणाम है।" उन्होंने यह सम्मान उन किसानों को समर्पित किया जिन्होंने धुएं के बजाय मशीनों को चुना। मशीनीकरण पर 600 करोड़ का प्रावधान सरकार फसल अवशेषों को मिट्टी में ही खपाने के लिए मशीनों पर 50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। मंत्री खुड्डियां ने बताया कि इस वर्ष 25,000 नई सी.आर.एम. मशीनों की खरीद के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अब तक लगभग 13,000 मशीनें खरीदी जा चुकी हैं और 427 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में जारी की जा चुकी है। कृषि विभाग ने मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की खिड़की खोल दी है, जहाँ किसान 24 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। सरकार के इस मॉडल ने न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि मिट्टी की उर्वरक शक्ति को भी बढ़ाने में मदद की है।

छतरपुर में क्षेत्र का पहला 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर हुआ ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल.  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने बुंदेलखंड क्षेत्र में बढ़ती विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए छतरपुर स्थित 220 केवी सबस्टेशन में 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया है। इस पावर ट्रांसफार्मर के संचालन में आने से न केवल छतरपुर बल्कि टीकमगढ़, निवाड़ी एवं पन्ना जिलों में भी विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे क्षेत्र के ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास के अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं, जिससे बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में यह पावर ट्रांसफार्मर क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 19 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्थापित मंत्री तोमर ने बताया कि इस पावरफुल ट्रांसफार्मर की स्थापना लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से की गई है। यह क्षेत्रीय विकास को गति देने के साथ-साथ विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ट्रांसफार्मेशन क्षमता 1000 एमवीए के पार एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता एम वाय मंसूरी के अनुसार, इस पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से छतरपुर 220 केवी सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 643 एमवीए हो गई है। वहीं, पूरे छतरपुर जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता 1000 एमवीए के आंकड़े को पार करते हुए 1096 एमवीए तक पहुंच गई है। छतरपुर जिले में एमपी ट्रांसको वर्तमान में 6 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कर रहा है, जिनमें 220 केवी सबस्टेशन छतरपुर के अलावा 132 केवी के पांच सब स्टेशन—नौगांव, बिजावर, खजुराहो, लवकुशनगर एवं बड़ा मलहरा शामिल हैं।  

छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक

रायपुर भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना  (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा। इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी। जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।  जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है। जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

गर्मी में यात्रियों को राहत, रेलवे ने चलाई नई स्पेशल ट्रेन सेवा

पटना   रेल यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से खास फैसला लिया गया है. गर्मी के मौसम में स्टेशनों पर उमड़ने वाली भीड़ की संभावना को देखते हुए बनारस और कोलकाता के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी. यह ट्रेन अप्रैल में तीन चक्कर लगाएगी, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी. स्पेशल ट्रेन की क्या होगी टाइमिंग? ट्रेन नंबर- 05048, 14, 21 और 28 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे बनारस से रवाना होगी. यह वाराणसी जंक्शन सहित प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी और दोपहर 3:10 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. हावड़ा जैसे विभिन्न स्टेशनों से होते हुए, यह अगले दिन सुबह 6:15 बजे कोलकाता पहुंचेगी. इसके बाद वापसी में ट्रेन नंबर- 05047, 15, 22 और 29 अप्रैल को सुबह 8:25 बजे कोलकाता से रवाना होगी और रात 11:20 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. यह अगले दिन सुबह 4:15 बजे बनारस पहुंचेगी. इन स्टेशनों पर होगा ट्रेन का स्टॉपेज जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेन वाराणसी जंक्शन, औंड़िहार, गाजीपुर सिटी, बलिया, रेवती और सुरेमनपुर होते हुए दोपहर 3:10 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी. इसके बाद दिघवारा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्द्धमान, बैंडेल और नैहाटी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 6:15 बजे कोलकाता पहुंच जाएगी. ट्रेन में यात्रियों के लिए सुविधाएं यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में 20 एसी थर्ड इकोनॉमी कोच और दो जनरेटर-सह-सामान वैन होंगे. रेलवे प्रशासन यात्रियों को इस विशेष सेवा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है. इस तरह से रेल यात्रियों के लिए खास तोहफा माना जा रहा है. गर्मी के मौसम में लोग बिहार से बाहर छुट्टियां मनाने जाते हैं. इसकी वजह से ट्रेन में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है. इसी को देखते हुए स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया.

2866 स्थानों पर हुई जाँच, 4283 गैस सिलेण्डर जब्त

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है। प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2866 स्थानों पर जांच की गई, 4283 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 738 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 1 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत् रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भण्डार है, देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत् रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माईग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kg के सिलेण्डेर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शतन,सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वससहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस का प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत् रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाईपलाईन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्तज नहीं कर रहे है, ऐसे 1.5 लाख घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस हेतु सभी सीजीडी संस्था एं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगायें, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिका‍री उपस्थित रहें। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाईन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाईन डालकर कनेक्श‍न का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य् के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शनन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशनुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाईन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शरन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की ROU स्वी्कृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्यं प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाईपलाईन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शेन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाईपलाईन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाईयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये। सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्तओ करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कन्ट्रोल रूम नं. निम्नानुसार प्रदाय किये गये है – अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैयन, ग्वालियर (9424098887) गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788) नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311) थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107) IOCL – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा(9424836488), अशोकनगर(9425119522), मुरैना(7223982333) BPCL – महैर, सतना, शहडोल(9424738607), सीधी, सिंगरौली (9424341954) गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) प्रदेश के उक्त शहरों में जिन स्थानों से पाईपलाईन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते है। प्रदेश के अन्य जिलों में पाईपलाईन का विस्तारन होने के उपरांत पीएनजी कनेक्शेन प्रदाय किये जा सकेंगे।

कर्मचारियों को एरियर न देना पड़ा भारी, जींद में शिक्षा विभाग के दो अधिकारी निलंबित

जींद. शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के 50 जूनियर कर्मियों को स्पेशल केस के तहत एरियर देने पर डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी एजुकेशन, हरियाणा ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक जयवीर, उप अधीक्षक रमेश कुमार और लिपिक राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है। इन तीनों को विभाग के आदेशानुसार चार सदस्यीय कमेटी गठित कर और मुख्यालय की अनुमति लेकर ही एरियर का लाभ जारी करना था। आदेशानुसार निलंबन के दौरान तीनों कर्मियों की सेवा शिक्षा सदन मुख्यालय पंचकूला पर रहेगी। तीनों कर्मचारी मुख्यालय की अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ सकते। यह कार्रवाई बगैर नियम पूरा किए 50 कर्मचारियों लाभ देने पर की गई है।  एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 2004 से एरियर सहित अन्य लाभ ले रहा था जबकि अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिल पा रहा था। लाभ न मिलने पर कर्मचारियों ने कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर कोर्ट ने शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को जांच के आदेश दिए थे। डायरेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को निर्देश दिए थे कि सीनियर कर्मचारियों की प्रेजेंटेशन की जांच की जाए और सीनियर कर्मचारी एरियर सहित अन्य लाभलेने के हकदार हैं तो उन्हें लाभ दिए जाएं। जांच के दौरान कर्मचारियों को चार सदस्यीय कमेटी बनानी थी। लेकिन विभाग के तीन कर्मियों ने बिना कमेटी बनाए ही प्रेजेंटेशन के आधार पर 50 सीनियर कर्मियों को एरियर के लाभ दे दिए। बाद में शिक्षा विभाग को पता चला कि जूनियर कर्मी को स्पेशल केस के तहत एरियर दिए थे। इस पर शिक्षा विभाग ने 50 सीनियर कर्मियों के एरियर रोक दिए। इस पर 50 सीनियर कर्मियों ने कोर्ट में याचिका दायर की कि उनके एरियर को रोका जा रहा है। इस मामले को अब संज्ञान में लेते हुए अब डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी एजुकेशन ने जींद के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक, उप अधीक्षक और लिपिक को निलंबित कर दिया है।

स्टार्टअप हब बना हरियाणा, महिलाओं की भागीदारी 60% लक्ष्य

 चंडीगढ़ हरियाणा में खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश के अवसर तेजी से बढ़े हैं। स्टार्टअप में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे अब 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषकर आइटी, एग्री-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और विनिर्माण क्षेत्र में उद्यमी काफी रुचि दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्यमियों के सम्मेलन में 12 देशों और 27 राज्यों के उद्योगपतियों को हरियाणा में निवेश का न्योता दिया। प्रदेश में ईज आफ डूइंग बिजनेस और ईज आफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग की 28 हजार इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। लाजिस्टिक्स में हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है। जो प्रदेश कृषि और पारंपरिक उद्योगों के लिए जाना जाता था, वह अब नवाचार, स्टार्टअप और तकनीकी प्रगति का केंद्र बनकर उभरा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहर स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। प्रदेश में 9500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं। स्टांप ड्यूटी में भी छूट मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा भारत के निर्यात में एक प्रमुख योगदानकर्ता है, जिसने वर्ष 2023–24 में 2.75 लाख करोड़ रुपये के निर्यात हासिल किए हैं। इंटीग्रेटेड मिनी फूड पार्क योजना के तहत सी और डी श्रेणी के ब्लॉक में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये) तक पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भूमि की खरीद या लीज पर स्टांप ड्यूटी में भी छूट दी जा रही है। डी श्रेणी के ब्लाक में 100 प्रतिशत, सी श्रेणी में 75 प्रतिशत और ए और बी में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से एकीकृत आनलाइन पोर्टल पर 230 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 48 विभागों में 1100 से अधिक अनुपालनों को सरल बनाया गया है ताकि नियामक बोझ को कम किया जा सके। उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा आइटी और आइटीईएस के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बरवाला, पंचकूला में विकसित किए जा रहे आगामी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया। कई बड़े प्रोजेक्ट जल्द चढ़ेंगे सिरे कई प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें आइएमटी सोहना में 500 एकड़ में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नारनौल में एकीकृत मल्टी-माडल लाजिस्टिक्स हब और हिसार में एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर शामिल हैं। आइएमटी मानेसर की तर्ज पर राज्यभर में 10 नए इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं।