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ओवर रेट शराब बेचने पर गिरी गाज, महासमुंद में आबकारी विभाग के 3 अधिकारी सस्पेंड

रायपुर. प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। 190 रुपए की शराब 200 रुपए में बेची राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्मक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 दिनेश्वर ध्रुव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई। इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। प्रभार क्षेत्र में अनियमितता पर नितेश सिंह बैस निलंबित विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद नितेश सिंह बैस आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छग) निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कांकेर में अवैध शराब निर्माण की बड़ी तैयारी का खुलासा इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की संख्या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं। रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित पर भी गिरी गाज यह प्रकरण रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। अन्य अधिकारियों से मांगा गया जवाब महासमुंद के इसी अधिक दर पर बिक्री वाले मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी कर 07 दिवस के भीतर समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मदिरा दुकानों की निगरानी और सख्त होगी विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में मदिरा की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले की कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर गिरी गाज, राजस्व विभाग में सख्त कार्रवाई

पटना  बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने भ्रष्टाचार को लेकर कड़ा रुख अपना रखा रहा है। भ्रष्टाचार को लेकर नीतीश कुमार की तरह सम्राट सरकार भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसी के तहत आज बुधवार को 14 अंचल अधिकारियों (सीओ) पर कार्रवाई की गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने एक साथ 14 सीओ पर एक्शन लेते हुए सस्पेंड कर दिया गया है। 14 अंचल अधिकारियों पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने लिया एक्शन मिली जानकारी के मुताबिक, मिली जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग मामलों में ये कार्रवाई की गई है। ये कार्रवाई भ्रष्टाचार के मामले में, काम में लापरवाही के मामले में, काम में अनियमितता को लेकर भी कार्रवाई की गई है। मंत्री दिलीप जायसवाल ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े 14 अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई की है। दानापुर, पाटलिपुत्र, राघोपुर सहित 14 सीओ के खिलाफ हुई कार्रवाई मंत्री दिलीप जायसवाल ने पत्थरघट के सीओ राकेश कुमार, पाटलिपुत्र के सीओ अनुज कुमार, दानापुर के सीओ चंदन कुमार, सिसवन के सीओ पंकज कुमार, राघोपुर के अंचल अधिकारी संजीव कुमार त्रिवेदी सहित 14 सीओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। लापरवाही और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: मंत्री दिलीप जायसवाल इस मामले पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लापरवाही और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि दो ढाई महीने तक विभाग में हड़ताल चली। इस वजह से पूरे विभाग में करीब 37 लाख आवेदन लंबित थे। जब मैंने इस विभाग का कार्य संभाला तो इसे एक चुनौती के रूप में लिया। अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जाएगा: दिलीप जायसवाल दिलीप जायसवाल ने कहा कि हम सीओ के कामों की समीक्षा कर रहे हैं। जो अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। और जो काम में लापरवाही कर रहे हैं, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

एक्शन मोड में CEO, दो पंचायत सचिवों को किया सस्पेंड

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जिला पंचायत CEO ने बड़ी कार्रवाई की है। एक साथ दो पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया। सरकारी कार्यों में लापरवाही एवं बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर यह कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कल्याणी के सचिव रामलखन गुर्जर ने स्व. सुरेश जाटव का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के एवज में अवैध राशि मांगने का आरोप लगा है। वहीं, ग्राम पंचायत आरोली के सचिव गौतम सिंह कौरव को लंबे समय से अनुपस्थित रहने की शिकायत पर निलंबित किया गया है। सरपंच ने उनके खिलाफ शिकायत की थी। जिला पंचायत CEO सोजान सिंह रावत ने दोनों मामलों में निलंबन आदेश जारी कर दिए हैं। इस कार्रवाई से दोनों ग्राम पंचायत में हड़कंप की स्थिती बनी है।

महम रैली में माइक फेल मामला: डीआईपीआरओ संजीव सैनी सस्पेंड

महम महम में पांच अप्रैल को हुई विकास रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी के भाषण के दौरान माइक बंद होना डीआईपीआरओ संजीव सैनी पर भारी पड़ गया। विभागीय जांच के बाद मुख्यालय की तरफ उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। अभी किसी अन्य को रोहतक का कार्यभार नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री हर हलके में जनसभा कर रहे हैं। इसी कड़ी में महम में पांच अप्रैल को विकास रैली थी। रैली में संबोधन के लिए दो बाइक सैट रखे हुए थे। एक माइक डिवाइस से मंच संचालन के अलावा स्थानीय नेताओं व मंत्रियों का संबोधन हुआ। जबकि मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए अलग से माइक डिवाइस लगाया गया था। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान अचानक माइक ने काम करना बंद कर दिया। रैली में पीछे मौजूद श्रोताओं को आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। पीछे से लोग चिल्लाने लगे तो मुख्यमंत्री ने दूसरे माइक से संबोधन करना पड़ा। चूक की तभी से विभागीय जांच की जा रही थी। बुधवार शाम को मुख्यालय की तरफ से डीआईपीआरओ संजीव सैनी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए। वहीं, डीआईपीआरओ संजीव सैनी का कहना है कि माइक की जांच हुई थी। अचानक तकनीकी फाल्ट आ गया।  

कर्मचारियों को एरियर न देना पड़ा भारी, जींद में शिक्षा विभाग के दो अधिकारी निलंबित

जींद. शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के 50 जूनियर कर्मियों को स्पेशल केस के तहत एरियर देने पर डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी एजुकेशन, हरियाणा ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक जयवीर, उप अधीक्षक रमेश कुमार और लिपिक राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है। इन तीनों को विभाग के आदेशानुसार चार सदस्यीय कमेटी गठित कर और मुख्यालय की अनुमति लेकर ही एरियर का लाभ जारी करना था। आदेशानुसार निलंबन के दौरान तीनों कर्मियों की सेवा शिक्षा सदन मुख्यालय पंचकूला पर रहेगी। तीनों कर्मचारी मुख्यालय की अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ सकते। यह कार्रवाई बगैर नियम पूरा किए 50 कर्मचारियों लाभ देने पर की गई है।  एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 2004 से एरियर सहित अन्य लाभ ले रहा था जबकि अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिल पा रहा था। लाभ न मिलने पर कर्मचारियों ने कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर कोर्ट ने शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को जांच के आदेश दिए थे। डायरेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को निर्देश दिए थे कि सीनियर कर्मचारियों की प्रेजेंटेशन की जांच की जाए और सीनियर कर्मचारी एरियर सहित अन्य लाभलेने के हकदार हैं तो उन्हें लाभ दिए जाएं। जांच के दौरान कर्मचारियों को चार सदस्यीय कमेटी बनानी थी। लेकिन विभाग के तीन कर्मियों ने बिना कमेटी बनाए ही प्रेजेंटेशन के आधार पर 50 सीनियर कर्मियों को एरियर के लाभ दे दिए। बाद में शिक्षा विभाग को पता चला कि जूनियर कर्मी को स्पेशल केस के तहत एरियर दिए थे। इस पर शिक्षा विभाग ने 50 सीनियर कर्मियों के एरियर रोक दिए। इस पर 50 सीनियर कर्मियों ने कोर्ट में याचिका दायर की कि उनके एरियर को रोका जा रहा है। इस मामले को अब संज्ञान में लेते हुए अब डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी एजुकेशन ने जींद के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक, उप अधीक्षक और लिपिक को निलंबित कर दिया है।

AAP के तीन नेता सस्पेंड, 50 लाख के चेयरमैनी विवाद में जिला प्रधान की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

अमृतसर आम आदमी पार्टी में चेयरमैनी दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये मांगने के आरोप के बाद पार्टी हाईकमान ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन नेताओं को सस्पेंड कर दिया। यह कदम जिला प्रधान की रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया।  मामला अमृतसर सेंट्रल के ब्लॉक प्रधान रविंदर डाबर से जुड़ा है जिन्होंने हाल ही में चंडीगढ़ स्थित पार्टी दफ्तर के बाहर लाइव होकर आरोप लगाया था कि उनसे चेयरमैनी दिलाने के बदले 50 लाख रुपये की मांग की गई। इस खुलासे के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठाए। पार्टी ने अमृतसर गेम्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी नवजोत सिंह ग्रोवर, जिला महासचिव मुखविंदर सिंह विरदी और यूथ विंग के स्टेट उपप्रधान कुनाल धवन को सस्पेंड किया है। वहीं सस्पेंड नेताओं ने कार्रवाई को साजिश बताया। नवजोत ग्रोवर ने कहा कि मामला गंभीर है और मुख्यमंत्री भगवंत मान से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके। 

वायरल तस्वीरों के बाद बड़ा एक्शन, IPS रतन लाल डांगी सस्पेंड

रायपुर राज्य सरकार ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आईजी IPS रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है। इसका आदेश गृह (पुलिस) विभाग, छग शासन ने जारी किया है। प्रारंभिक तौर पर यह पाया गया है कि IPS रतन लाल डांगी ने अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण नहीं किया और ऐसा व्यवहार किया जो नैतिकता और सेवा नियमों के खिलाफ है। उन पर पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने और स्थापित सामाजिक मानकों का उल्लंघन करने के आरोप भी लगे हैं। आदेश में कहा गया है कि उनकी गतिविधियां सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुईं, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा। इस आधार पर उनके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। फिलहाल IPS रतन लाल डांगी को निलंबित कर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। शासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।

श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम निलंबित

निर्माण श्रमिक पंजीयन में अनियमितता के आरोप में निलंबित रायपुर,  मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े प्रकरण में प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर जिला जांजगीर-चांपा के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जिला जांजगीर-चांपा द्वारा 02 मार्च 2026 को कलेक्टर को शिकायत भेजी गई थी। इस संबंध में विधानसभा सदस्य बालेश्वर साहू द्वारा विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जरिए मुद्दा उठाया गया। इसके बाद कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा कराई गई प्राथमिक जांच में निर्माण श्रमिक के पंजीयन में प्रथम दृष्टया अनियमितता परिलक्षित हुई। जांच में पंजीयन आवेदन स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम, कार्यालय श्रम पदाधिकारी जिला जांजगीर- चांपा की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच संस्थित की गई है।        निलंबित श्रम निरीक्षक   मरकाम के निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह आदेश श्रमायुक्त के अनुमोदन से अपर श्रमायुक्त (स्थापना), कार्यालय श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर, अटल नगर द्वारा आज सोमवार को जारी किया गया है।  

नींबू-पानी बेचने वाला बन गया करोड़पति, 782 करोड़ के गबन मामले में जांच जारी, दो निगम अधिकारी सस्पेंड

चंडीगढ़  चंडीगढ़ और हरियाणा में 782 करोड़ रुपए के गबन का मास्टरमाइंड विक्रम वधावा सेक्टर-19 स्थित शराब ठेके के सामने नींबू-पानी की रेहड़ी लगाता था। धीरे-धीरे उसने शहर के कई कारोबारियों, बिल्डरों और ब्यूरोक्रेट्स से संबंध बना लिए, जिसके बाद वह करोड़पति बन गया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के पास चंडीगढ़ के सेक्टर-33 और सेक्टर-36 में करोड़ों रुपए की कोठियां हैं। इसके अलावा मोहाली के खरड़ क्षेत्र में उसने प्रिज्मा रेजीडेंसी एलएलपी के नाम से एक हाउसिंग सोसाइटी भी विकसित की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा निवेश रिभव ऋषि की ओर से किया गया था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कई ब्यूरोक्रेट्स और कारोबारियों के नाम लिए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों के साथ विक्रम वधावा के क्या संबंध थे और किस तरह से इनसे काम करवाया जाता था। आरोपी वधावा से चंडीगढ़ पुलिस पूछताछ कर रही है। लुकआउट सर्कुलर के बाद पकड़ा गया हरियाणा में 590 करोड़ रुपए के गबन में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने जब पूछताछ में विक्रम वधावा का नाम लिया तो वह रातों-रात चंडीगढ़ से शिमला भागकर वहां छिप गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 27 फरवरी की रात वह प्राइवेट गाड़ी से शिमला पहुंचा और वहां दो दिन तक छिपा रहा। इसी दौरान उसने अपने खास लोगों के जरिए यह अफवाह भी फैलवा दी कि वह विदेश भाग सकता है, ताकि जांच एजेंसियों का ध्यान भटकाया जा सके। इसके बाद हरियाणा विजिलेंस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया। LOC जारी होने के बाद विक्रम शिमला से आधी रात को निकलकर मोहाली पहुंच गया और वहां रिश्तेदारों व दोस्तों के यहां छिपता रहा। बाद में वह खरड़ के एक फ्लैट में पहुंचा, जहां चंडीगढ़ पुलिस को सूचना मिल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पत्नी और बच्चों के नाम भी अकाउंट प्राथमिक जांच में पता चला है कि विक्रम वधावा के चंडीगढ़ के चार प्राइवेट बैंकों में खाते हैं। इसके अलावा उसकी पत्नी और दो बच्चों के नाम से भी अलग-अलग बैंक अकाउंट हैं। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि इन खातों में करोड़ों रुपए जमा हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने संबंधित बैंकों को खातों की पूरी जानकारी और स्टेटमेंट उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।

शिकायतों पर सख्त रुख: खेल मंत्री गौतम ने कोच को किया सस्पेंड, विभाग में हड़कंप

चंडीगढ़ खेल मंत्री गौरव गौतम ने झन्जर जिले के गांव खरहर के ग्रामीणों द्वारा प्रशिक्षक अजय राठी के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही तथा बच्चों को नियमित प्रशिक्षण न देने संबंधी शिकायत पर कोच को निलंबित करने के आदेश जारी किए थे। खेल विभाग ने सोमवार को कोच को निलंबित कर दिया और जांच अवधि तक हैड ऑफिस पंचकूला में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। पिछले ही महीने गांव खरहर जिला झज्जर में कार्यरत एथलैटिक्स कोच के ट्रांसफर हो जाने पर नए कोच अजय राठी को विभाग द्वारा स्थानांतरित किया गया था। इसके पश्चात नए कोच अजय राठी के खिलाफ लगातार मैदान पर अनुपस्थिति की शिकायत गांव के सरपंच और अन्य सदस्यों द्वारा डी. एस. ओ. झज्जर को भी दी गई परंतु कोई उचित कार्रवाई न होने के कारण गांववासियों ने खेल मंत्री को कोच के अनुचित व्यवहार से खिलाड़ियों के होने वाले नुकसान से अवगत करवाया था। खेल मंत्री ने जिला खेल अधिकारी और निजी खेल सलाहकार को औचक निरीक्षण के लिए भेजा जिसमें कोच सुबह की ट्रेनिंग से नदारद पाया गया। इस दौरान मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों ने भी अधिकारियों को अवगत करवाया कि संबंधित कोच मैदान पर सिर्फ शाम की ट्रेनिंग पर हफ्ते में 1-2 दिन मौजूद रहते हैं और अधिकांश खिलाड़ी स्वयं ही मैदान पर प्रैक्टिस करते हैं। इस संबंध में जब फोन के माध्यम से कोच से अनुपस्थिति का कारण पूछा गया तो कोच अजय द्वारा फोन पर भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।