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अर्चना चिटनीस बोलीं- प्रधानमंत्री की दृढ़ इच्छशक्ति को प्रदर्शित करता है महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून

भोपाल.  भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर आयोजित पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला कानून बनेगा। यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। आजादी के बाद से महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिए जाने की मांग समय-समय पर की जाती रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने कभी आरक्षण दिलाने का प्रयास नहीं किया। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में महिलाओं को संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब विपक्षी दलों के विरोध के कारण बिल पास नहीं हो सका। श्रद्धेय अटल जी के समय महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले सभी दल आज भी कांग्रेस के साथ खड़े हैं। कांग्रेस पार्टी की नीतियां कितनी महिला विरोधी हैं, इसका प्रमाण है शाहबानो मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार ने संसद में कानून बनाकर पलट दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून बनाकर देश की आधी आबादी के प्रति भाजपा के सम्मान और दृढ़ इच्छा शक्ति को प्रदर्शित किया है। पत्रकार-वार्ता के दौरान प्रदेश शासन की मंत्री संपतिया उइके, प्रदेश महामंत्री व सांसद लता वानखेड़े, प्रदेश मंत्री सुराजो मालवीय, अर्चना सिह, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे, महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मोना सुस्तानी एवं प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट गुंजन चौकसे मंचासीन रहीं।   देश ऐतिहासिक निर्णय का साक्षी बनने जा रहा है भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून के रूप में हम सभी एक ऐसे ऐतिहासिक निर्णय का साक्षी बनने जा रहे हैं, जिसमें देश का भाग्य बदलने की क्षमता होती है। जिस बात का देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था, वो सपना अब साकार हो रहा है। ये पूरे देश के लिए बहुत ही खास समय तो है ही, साथ ही यह मातृशक्ति के लिए भी अविस्मरणीय क्षण है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि सदियों से प्रतीक्षित उस सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने धरातल पर उतारा है। यह विधेयक महिलाओं को केवल वोट बैंक समझने वाली मानसिकता को ध्वस्त कर उन्हें नीति-निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में बैठाने का ऐतिहासिक काम करेगा। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जो हमारी माताओं-बहनों को याचक से नायक की भूमिका में स्थापित करेगा। सालों से संसद की दहलीज पर खड़ी भारत की बेटियों का इंतजार अब खत्म हुआ है, क्योंकि यह अधिनियम उन्हें वह राजनीतिक सामर्थ्य दे रहा है, जहां वे स्वयं अपने और देश के भविष्य का फैसला करेंगी। नए संसद भवन के उद्घाटन के बाद आयोजित पहले सत्र की शुरुआत ही एतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से हुई थी यानी लोकतंत्र के नए मंदिर का पहला ऐतिहासिक कदम ही भारत की मातृशक्ति को समर्पित रहा। यह इस बात का उद्घोष है कि नया भारत अब अपनी बेटियों के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की उस गारंटी का प्रमाण है, जिसने दशकों से राजनीति के हाशिये पर खड़ी भारत की बेटियों को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार देकर उन्हें राष्ट्र का भाग्यविधाता बना दिया है।  महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा नया कानून भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला कानून महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा। स्वतंत्रता के आंदोलन में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई है। देश की स्वाधीनता के बाद मातृशक्ति ने जो सपने देखे थे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी उन सपनों को साकार कर रहे हैं। आजादी के बाद देश में वर्षों तक शासन करने वाली कांग्रेस ने नारी शक्ति के सम्मान व अधिकार देने के लिए कोई कार्य नहीं किया। नारी शक्ति वंदन कानून बनाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी देश की आधी आबादी की मन की बात को पूरा कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की संसद में वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित किया गया था। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद वर्ष 2023 में यह कानून बन गया था। प्रधानमंत्री जी ने अगली जनगणना और उसके बाद पूर्ण परिसीमन के बाद नारी शक्ति वंदन कानून को लागू करने का निर्णय लिया था। लेकिन कोविड के कारण जनगणना में हुई देरी से यह नहीं हो सका। महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की दृढ़ निश्चय और प्रतिबद्धता ही है कि इस कानून को लागू कराने के लिए 16, 17 एवं 18 अप्रैल को देश की संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में महती भूमिका निभाएगा महिला आरक्षण कानून भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत तेज गति से हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। प्रधानमंत्री जी भारत को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को आरक्षण देने वाला ‘नारी शक्ति वंदन‘ कानून लागू होने के बाद देश की आधी आबादी को उसका पूरा हक मिल जाएगा। महिला आरक्षण लागू होने के बाद महिलाएं और संवेदनशीलता, जिम्मेदारी के साथ देश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर सकेंगी। महिला आरक्षण कानून देश को आत्मनिर्भर बनाने के सपने को साकार करने में महिता भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं फाइटर प्लेन तक उड़ा रही हैं। देश की प्रधानमंत्री महिला रह चुकी हैं। कई राज्यों में मुख्यमंत्री, राज्यपाल के साथ वर्तमान में देश की राष्ट्रपति भी जब महिला है तो संसद में महिलाओं के प्रतिनिधत्व को बढ़ाने में कांग्रेस को क्यों आपत्ति थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से महिलाओं को अपमानित करने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली … Read more

हर जरुरतमंद तक पहुंचे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल.  सरकार की मंशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक राज्य सरकार कीजनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। यह बात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को अपने ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित 38 नम्बर सरकारी कार्यालय पर जनसुनवाई करते हुए कही। उन्होंने आमजन की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। सख्त हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी समस्या का निदान निर्धारित समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस अवसर पर मुलाकात करने आए लोगों को भरोसा दिलाया कि आपका यह सेवक किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देगा। आपकी सेवा के लिए आपका यह सेवक सदैव तत्पर रहा है और आगे भी आपके हर सुख-दु:ख में हमेशा आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए जिला स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंत्री तोमर ने जनसुनवाई में आए आवेदकों के पास जाकर उनकी समस्याएँ सुनीं और सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। गर्मी के मौसम में पक्षियों की चिंता मंत्री तोमर ने गर्मी के मौसम में पक्षियों को भीषण प्यास और हीटस्ट्रोक से बचाने के उद्देश्य से रिंकू बुंदेला के सहयोग से मिट्टी से निर्मित पानी के पात्र (सकोरे) आमजन को वितरित करते हुए आहवान किया कि इन सकोरों को अपने-अपने घर की छत, बालकनी या पेड़ों पर रखकर हर रोज ताजा पानी भरें। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में आसमान से आग बरसती है। गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। आम लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है, लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में हम लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था कर अपने जिम्मेदारी का निर्वाहन करें। जिससे खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पछियों को राहत मिल सके।  

त्रासदी पर संवेदना: पंजाब CM मान ने योगी से की बात, रेस्क्यू ऑपरेशन पर लिया अपडेट

लुधियाना. उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री मान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे बातचीत कर हालात की जानकारी ली है। राहत व बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लगातार उत्तर प्रदेश प्रशासन के संपर्क में है और घटनास्थल पर चल रहे अभियान पर नजर बनाए हुए है। 11 की जा चुकी जान इस हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोग घायल हैं और पांच अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में लुधियाना और जगराओं क्षेत्र के लोग अधिक हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जगराओं से करीब 120 श्रद्धालु दो बसों में सवार होकर 9 अप्रैल को चार दिन की धार्मिक यात्रा पर वृंदावन गए थे। शुक्रवार दोपहर के समय केसी घाट के पास श्रद्धालुओं से भरी नाव गहरे पानी में पहुंच गई और नदी में मौजूद लोहे के ढांचे से टकराने के बाद पलट गई। यह बेहद दुखद घटना मुख्यमंत्री मान ने अपने संदेश में कहा कि “यह बेहद दुखद घटना है। कुछ श्रद्धालुओं की जान चली गई है, जिससे पूरा प्रदेश शोक में है। हम हर पीड़ित परिवार के साथ हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। इसके साथ ही लुधियाना प्रशासन द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। यूपी में बचाव कार्य लगातार जारी घटना के बाद पुलिस, आपदा राहत बल, सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीमों द्वारा बचाव अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। मुख्यमंत्री की सक्रियता से पीड़ितों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर गहरा दुख और संवेदना का माहौल बना हुआ है। 

कूनो में खुशखबरी: मादा चीता गामिनी ने दिए 4 शावकों को जन्म, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता 'गामिनी' द्वारा 4 शावकों को जन्म देने पर उद्यान के प्रबंधकों और वन्य जीव चिकित्सकों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को चीतों का घर बनाया, इससे प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा मिला है। अब मध्यप्रदेश चीतों के 'पुनरुद्धार' के मुख्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मादा चीता 'गामिनी' द्वारा कूनो उद्यान में 4 शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश का पर्यावरण चीतों के संवर्धन के लिये  पूरी तरह अनुकूल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों की बढ़ती संख्या प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि चीतों की बढ़ती संख्या के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन और वन्य जीव चिकित्सक बधाई के पात्र हैं। 

PBKS vs SRH: पंजाब किंग्स ने रचा जीत का सिलसिला, बल्लेबाजों के दम पर हैट्रिक पूरी

चंडीगढ़  पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) ने आईपीएल 2026 में जीत की हैट्रिक लगा दी है। पंजाब ने शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के खिलाफ 220 रनों का टारगेट चेज करते हुए छह विकेट से विजयी परचम फहराया। यह पंजाब द्वारा चेज किया गया दूसरा सबसे बड़ा टारगेट है। मुल्लापुर के मैदान पर कप्तान श्रेयस अय्यर समेत तीन खिलाड़ियों ने पंजाब के लिए अर्धशतक जमाया। अय्यर 33 गेंदों में 69 रन बनाकर नाबाद लौटे। उन्होंने पांच चौके और पांच छक्के जमाए। प्रियांश आर्य (20 गेंदों में 57) और प्रभसिमरन सिंह (25 गेंदों में 51) ने पंजाब को जबर्दस्त शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी की। प्रियांश सातवें ओवर में आउट हुए। उन्होंने पांच चौके और इतने ही सिक्स लगाए। प्रभसिमरन ने नौवें ओवर में विकेट गंवाया। उनके बल्ले से चार चौके और चार सिक्स निकले। कूपर कोनोली (11) सस्ते में आउट हुए। पंजाब को तीनों झटके शिवांग कुमार ने दिए। ऐसे में अय्यर ने नेहल वढेरा (14) के साथ मोर्चा संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 69 रनों की पार्टनरशिप की। उन्होंने शशांक सिंह (नाबाद 14) के साथ 26 रन जोड़कर पंजाब को जीत की दहलीज पार कराई। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच नंबर-17 में शनिवार (11 अप्रैल) को पंजाब किंग्स (PBKS) का सामना सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से हुआ। मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित इस मैच में पंजाब किंग्स ने 6 विकेट से जीत हासिल की। मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब किंग्स को जीत के लिए 220 रनों का टारगेट दिया था, जिसे उसने 18।5 ओवर में हासिल कर लिया। पंजाब किंग्स के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर ने 5 चौके और 5 छक्के की मदद से 33 बॉल पर नाबाद 69 रन बनाए। पंजाब किंग्स की मौजूदा सीजन में तीसरी जीत रही। पंजाब किंग्स की मौजूदा आईपीएल सीजन में शुरुआत शानदार रही। पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटन्स (GT) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को पराजित किया था, जबकि कोलकाता नाइट राइर्स (KKR) संग उसका मुकाबला बारिश के चलते धुल गया। दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के हाथों हार मिली, वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स को उसने शिकस्त दी थी। प्रभसिमरन-प्रियांश भी चमके रनचेज में पंजाब किंग्स की शुरुआत धमाकेदार रही। प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह के बीच पहले विकेट के लिए 38 गेंदों पर 99 रनों की पार्टनरशिप हुई। इस साझेदारी के दौरान प्रियांश ने सिर्फ 16 गेंदों पर फिफ्टी पूरी कर ली। स्पिनर शिवांग कुमार ने प्रियांश को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। प्रियांश ने 20 गेंदों पर 57 रन बनाए, जिसमें पांच छक्के और पांच चौके शामिल रहे। शिवांग कुमार ने इसके बाद प्रभसिमरन सिंह को अपनी फिरकी में फंसाया, जो अर्धशतक पूरा कर चुके थे। प्रभसिमरन ने 4 छक्के और 4 चौके की मदद से 25 गेंदों पर 51 रन बनाए। शिवांग कुमार ने फिर कूपर कोनोली (11 रन) को पवेलियन रवाना किया, जो बड़ा शॉट मारना चाहते थे। यहां से कप्तान श्रेयस अय्यर और 'इम्पैक्ट सब' नेहाल वढेरा (14 रन) ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 69 रनों की साझेदारी की, जिसने मैच को पंजाब किंग्स की तरफ पूरी तरह झुका दिया। ऐसी रही सनराइजर्स हैदराबाद की पारी मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 6 विकेट पर 219 रन बनाए। सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद तूफानी रही। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड के बीच 49 गेंदों पर 120 रनों की पार्टनरशिप हुई। अभिषेक ने 5 चौके और 5 छक्के की मदद से सिर्फ 18 बॉल पर फिफ्टी जमा दी। इस पार्टनरशिप को शशांक सिंह ने तोड़ा, जिन्होंने हेड का विकेट लिया। हेड ने 5 चौके और तीन छक्के की मदद से 23 बॉल पर 38 रन बनाए। शशांक सिंह ने फिर 9वें ओवर में अभिषेक शर्मा को भी आउट किया। अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों पर 74 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और पांच चौके शामिल रहे। इसके बाद हेनरिक क्लासेन और कप्तान ईशान किशन के बीच तीसरे विकेट के लिए 47 रनों की पार्टनरशिप हुई। ईशान 27 रनों के निजी स्कोर अर्शदीप सिंह का शिकार बने। अनिकेत वर्मा कुछ खास नहीं कर पाए और 18 रन बनाकर रन आउट हुए। सलिल अरोड़ा ने भी निराश किया और वो 9 रन बनाकर अर्शदीप सिंह का शिकार बने। हेनरिक क्लास आउट होने वाले छठे बल्लेबाज रहे। क्लासेन को जेवियर बार्टलेट ने आखिरी ओवर में आउट किया। क्लासेन ने 1 चौके और 1 छक्के की मदद से 33 बॉल पर 39 रन बनाए। पंजाब किंग्स की ओर से अर्शदीप सिंह और शशांक सिंह ने दो विकेट झटके। सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स के बीच अब तक इंडियन प्रीमियर लीग में 25 मुकाबले खेले गए हैं। इस दौरान सनराइजर्स हैदराबाद ने 17 मुकाबले जीते। जबकि पंजाब किंग्स को 8 मैचों में सफलता नसीब हुई। पिछले सीजन में दोनों टीमों के बीच एक मुकाबला खेला गया था, जिसमें सनराइजर्स हैदराबाद ने 8 विकेट से जीत दर्ज की थी। हैदराबाद vs पंजाब h2h कुल IPL मैच: 25 हैदराबाद ने जीते: 17 पंजाब ने जीते: 8 सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग-11: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर/कप्तान), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, शिवांग कुमार, हर्षल पटेल और ईशान मलिंगा। इम्पैक्ट सब: जयदेव उनादकट पंजाब किंग्स की प्लेइंग-11: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), कूपर कोनोली, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जानसेन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। इम्पैक्ट सब: नेहाल वढेरा

यात्रियों के लिए खुशखबरी: दुर्ग से हावड़ा तक स्पेशल ट्रेन, सफर होगा आसान

रायपुर. ग्रीष्मकालीन अवकाश (School Holidays) के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने लोकमान्य तिलक टर्मिनल (LTT) और हावड़ा के बीच विशेष ट्रेन (Special Train) चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन केवल एक-एक फेरे के लिए संचालित की जाएगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (Indian Railways) की ओर से संचालित इस स्पेशल ट्रेन का रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और गोंदिया स्टेशनों पर कमर्शियल स्टॉपेज रहेगा। इससे छत्तीसगढ़ के यात्रियों को सीधी सुविधा और यात्रा में राहत मिलेगी। जाने का शेड्यूल एलटीटी-हावड़ा स्पेशल ट्रेन 14 अप्रैल को रात 08:15 बजे एलटीटी से रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 02:55 बजे रायपुर और शाम 04:45 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। इसके बाद तीसरे दिन सुबह 06:00 बजे हावड़ा स्टेशन पहुंचेगी। वापसी का समय वापसी में हावड़ा-एलटीटी स्पेशल ट्रेन 16 अप्रैल को दोपहर 02:45 बजे हावड़ा से रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 03:15 बजे बिलासपुर और 05:10 बजे रायपुर पहुंचेगी, तथा रात 11:45 बजे एलटीटी पहुंचेगी। गोंदिया से रक्सौल के बीच नई समर Special Train का एलान ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Holidays 2026) के दौरान बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे (Indian Railways) ने गोंदिया से रक्सौल के बीच साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन (Special Train) चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 25 अप्रैल से 27 जून तक 08867/08868 नंबर के साथ कुल 10-10 फेरों के लिए संचालित की जाएगी। प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव यह समर स्पेशल ट्रेन गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, झारसुगुड़ा, राउरकेला, रांची, बोकारो स्टील सिटी, बरौनी, दरभंगा, समस्तीपुर और सीतामढ़ी स्टेशनों पर ठहरते हुए रक्सौल तक पहुंचेगी। इससे यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में राहत मिलेगी। तय किया गया पूरा समय-सारिणी गोंदिया-रक्सौल ट्रेन 25 अप्रैल से प्रत्येक शनिवार सुबह 6:30 बजे गोंदिया से रवाना होगी। यह डोंगरगढ़ 7:30 बजे, राजनांदगांव 7:58 बजे, दुर्ग 8:35 बजे, रायपुर 9:30 बजे, भाटापारा 10:25 बजे और 11:40 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। आगे चांपा, रायगढ़, झारसुगुड़ा, राउरकेला और बोकारो स्टील सिटी होते हुए शाम 17:00 बजे रक्सौल पहुंचेगी। वापसी का समय भी तय रक्सौल-गोंदिया समर स्पेशल ट्रेन 26 अप्रैल से प्रत्येक रविवार को 19:10 बजे रक्सौल से रवाना होगी। यह बिलासपुर 1:20 बजे पहुंचेगी और सुबह 7:00 बजे गोंदिया पहुंचेगी। यह ट्रेन 20 कोच के साथ संचालित होगी।

समाज सुधार के मार्ग पर चलने का आह्वान, ज्योतिबा फुले के आदर्शों से प्रेरणा लें: अंजय

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक नेतृत्व के निर्देशानुसार आज गांव अभियान के अंतर्गत धरसीवां मंडल के ग्राम कन्हेरा एवं ग्राम बाना जाना हुआ जिसमें केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को विस्तार से बताते हुए श्री अंजय शुक्ला जी में प्रसिद्ध महापुरुष ज्योतिबा फुले जी का भी स्मरण किया एवं उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला उनकी जयंती में उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित किया साथ ही ग्राम पंचायत सरपंच भाजपा कार्यकर्ता व ग्रामवासियों के साथ स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर साफ सफाई किया तथा लाभार्थियों से भेंट करते हुए नगर भ्रमण किया। आज के कार्यक्रम में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक गण एवं पदाधिकारी गण श्री अंजय शुक्ला जी उपाध्यक्ष ( छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड ), श्री राकेश यादव (मंडल अध्यक्ष ), चंद्रशेखर शुक्ला सदस्य प्रदेश कार्य समिति, यशवंत भारती , युवा मोर्चा अध्यक्ष कन्हेरा ,रवि कोशले मंडल अध्यक्ष , अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ, ओम प्रकाश निषाद  ग्राम अध्यक्ष बीजेपी , चंदू यादव बूथ अध्यक्ष कन्हेरा ,आसमीन सुखनंदन जांगड़े सरपंच ग्राम कन्हेरा एवं   बाना में  कामता साहू सरपंच बाना, विजय साहू  बूथ अध्यक्ष बाना, भोला राम बाना , लिखराम साहू बाना , राधे साहू बाना, अरविंद साहू, गजानंद साहू, लोकनाथ साहू, देवेंद्र साहू, जीवन निषाद, बलराम साहू एवं समस्त ग्राम पंचायत बाना मौजूदा रहे।

403 करोड़ की लागत से नई रेल फैक्ट्री का निर्माण, बिहार में बढ़ेगा औद्योगिक विकास

 रोहतास बिहार के रोहतास जिले के डालमियानगर में रेल वैगन मरम्मत कारखाने का निर्माण किया जाएगा. फैक्ट्री के निर्माण को लेकर भारतीय रेलवे के डीडीयू रेल मंडल और राइट्स की तरफ से आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. रेल फैक्ट्री के बनने से बिहार के युवाओं को बड़ा फायदा हो सकेगा. नई फैक्ट्री की क्या है अनुमानित लागत? जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना की लागत लगभग 403.20 करोड़ रुपए है. इसे 219 एकड़ की जमीन पर विकसित किया जाएगा. रेल बजट 2026-27 में इस परियोजना के लिए राशि आवंटित की गई थी. समय के अंदर ही इस परियोजना के पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. डीडीयू रेल मंडल के डीआरएम की माने तो, रोजगार के लिए यह बड़ा केंद्र बन सकेगा. युवाओं के साथ व्यापारियों को फायदा रेल फैक्ट्री के लगने से युवाओं के लिए रोजगार तो उपलब्ध होगा ही लेकिन इसके साथ-साथ आस-पास के इलाकों में वेल्डिंग, स्पेयर पार्ट्स निर्माण, पेंटिंग जैसे छोटे-बड़े उद्योगों को स्थापित भी किया जाएगा. इससे जिले की इकोनॉमी भी मजबूत हो सकेगी. नई रेल फैक्ट्री को लेकर आस-पास के लोगों और व्यापारियों के बीच उत्साह का माहौल है. 1984 में ही बंद हुआ था कारखाना डालमियानगर देश के फेमस औद्योगिक केंद्र में से एक है. 1984 में ही यह बंद हो गया था. लेकिन 2007 में फिर इसे चालू करने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया. 2009 में शिलान्यास भी किया गया. लेकिन किसी ना किसी कारण से काम शुरू नहीं हो पाया. लेकिन अब कारखाने को स्थापित किए जाने के काम को तेज कर दिया गया है. पहलेजा रेलवे स्टेशन से कारखाना तक नया रेलवे फ्लाईओवर और ट्रैक बनाया जाएगा. इससे वैगनों को मरम्मत के लिए वर्कशॉप तक आसानी से लाया जा सकेगा.

‘पांडुलिपियाँ’ हमारी पहचान, हमारा गर्व – संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा "ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान" एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है।  छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

गीता का संदेश: सुख-दुख और समय सब परिवर्तनशील है, आत्मा शाश्वत है

याद रहे, पुण्य और पाप कर्म दोनों ही बांधते है। एक लोहे की जंजीर है तो एक सोने की। लोहे की जंजीर से छुटकारा पाने का मन भी करता है। लेकिन अगर जंजीर सोने की हो, तो छूटने का मन नहीं करेगा। पाप कर्म बंधन है तो पुण्यकर्म भी बंधन है। जब तुम सुख में होते हो तो इसमें एक इच्छा होती है। फिर मन करता है कि अब यह परिस्थिति बनी रहे। हमेशा सुख बना रहे। यह कामना जब मन में उत्पन्न होती है तो हम भूल जाते हैं कि परिस्थिति परिवर्तनशील होती है। कोई भी परिस्थिति कायम नहीं रहती। कभी राजा, कभी रंक, कभी बहुत कुछ, कभी कुछ भी नहीं। क्या समुद्र में रहकर कोई जहाज एकदम शांत रह सकता है? जब समुद्र के पानी में ही लहरें उठ रही हों, तो भला जहाज कैसे शांत रह सकता है। समय बदलता रहता है। बदलाव समय का स्वरूप है। इक्कीस साल पहले हमारा जो शरीर था, वह आज नहीं है। गंगा के घाट पर बैठकर गंगाजी को देखते हो तो तुम्हें लगता है कि गंगा वही है, ऐसा नहीं है। गंगा वही नहीं है, बल्कि घाट वही है। देखते-देखते गंगा में बहुत जल बह गया। समय का चक्र चलता ही रहता है। हमारी दृष्टि में वर्तमान, भूत, भविष्य काल ऐसे भेद हो सकते हैं। समय अपने आप में न भूत है, न वर्तमान है, न भविष्य है। सब कुछ समय के भीतर हो रहा है, और समय में सब बदल रहा है। लेकिन समय नहीं बदलता। वह अव्यय, अखंड है। यह समय, यह काल परमात्मा का ही स्वरूप है। गीता में कहा गया है कि परमात्मा सबके भीतर है, सबके बाहर भी है। जो भीतर है उसको हम अंतर्यामी कहते हैं, और जो बाहर है उसको हम काल स्वरूप कहते हैं। अंतर्यामी हैं प्रभु। तुम्हारे भावों, तुम्हारे विचारों सबके वह साक्षी हैं। तुम उनसे कुछ छिपा नहीं सकते। बाहर वह काल स्वरूप हैं। भीतर हैं तो तुम्हारी सांसें चल रही हैं। मजे की बात है, भीतर रहकर वह जीवन दे रहे और बाहर रहकर वो जीवन हर रहे हैं। हर सांस के साथ तुम्हारा जीवन नष्ट होता जा रहा है। जिस तरह से प्रकाश और सागर की तरंगें होती हैं। वैसे ही हम भी एक तरंग हैं चैतन्य के महासागर की। उठी हुई तरंग को जीवन कह दो, लेकिन वास्तव में वह तरंग पैदा नहीं हुई। वह उसी चैतन्य के महासागर में तुम्हें दिखी। वह दिखना जब बंद हो गई तो उसको चाहे तुम मृत्यु कह लो। वास्तव में मृत्यु जैसी कोई चीज है ही नहीं। गीता में भगवान श्रीकृष्ण समझाते हैं, आत्मा किसी काल में भी न तो जन्म लेती है, न मरती है और न उत्पन्न होकर फिर होने वाली ही है। यह अजन्मी, नित्य, सनातन और पुरातन है। शरीर के मारे जाने पर भी यह नहीं मरती। मनुष्य के जीवन में तीन बातें है। शोक, मोह और भय। शोक इसलिए कि आनंद नहीं है। मोह इसलिए कि सुख नहीं है, और भय इसलिए कि शांति नहीं है। तुम चाहते हो आनंद, सुख-शांति और ये तीनों स्थायी हों तो शोक, मोह, भय को छोड़ो। ईश्वर हम सभी के हृदय में है पर हमारा अहंकार उन्हें प्रकट नहीं होने देता। अहंकार को त्यागना है क्योंकि मन की ऐसी स्थिति में मनुष्य सोचने लगता है कि सब मेरा है। यह विनाश का मूल है।