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केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह बोले – किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध

भोपाल.  केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के किसानों के कल्याण की दिशा में हमारा मजबूत प्रयास है। किसान सम्मान निधि के रूप में हर पात्र किसान के बैंक खाते में 6000 रुपए सीधे ट्रांसफर किये जा रहे हैं, जिससे वे खाद, बीज और खेती-किसानी के अन्य जरूरी समान खरीद सकें। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। अब तक हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए की सहायता किसान भाइयों को दे चुकी है। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह शनिवार को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित "उन्नत कृषि महोत्सव-2026" को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा त्रि-दिवसीय कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं राज्य शासन के कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण में मदद के लिए स्वॉइल मोबाइल ऐप ई-फॉर्म लान्च किया गया। इस ऐप की मदद से किसान बंधु खुद अपने खेत की मिट्टी की सेहत जांच सकेंगे। कार्यक्रम में नरवाई प्रबंधन, कस्टम हायरिंग एवं अन्य शासकीय योजनाओं के 10 क्षेत्रीय हितग्राही किसानों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान देश में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर केंद्रित आकर्षक लघु फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ह्दय प्रदेश को दी एक अलग पहचान केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं कर्मठ नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायसेन की उर्वर भूमि पर हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव प्रदेश के किसानों की तकदीर और उनकी माली हालत की तस्वीर बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित वेयर हॉउसिंग और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए उपहार केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बेमिसाल कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक उपहार की तरह है। इसमें प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई अब फसल बीमा के माध्यम से की जा रही है। भारत सरकार ने देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए हैं। इसकी मदद से किसान पता लगा पा रहे हैं कि उनके खेत में कौन सी फसल ली जा सकती है और उन्हें खाद की कितनी मात्रा डालनी है। इससे कृषि की लागत घटी है। भारत सरकार ने गांव-गांव तक सड़कें, नल से जल, बिजली कनेक्शन दिए और गांवों को शहरों से जोड़ा है। देशभर की मंडियां ऑनलाइन होने से किसान अब घर बैठे अपनी उपज बेच सकता है। हमारी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि किसानों और गांवों के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वे देश के रक्षा मंत्री है, लेकिन दिल से एक किसान भी हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती के पैदा फसल-सब्जियों से जवानों की सेहत हुई अच्छी केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने किसानों के हित में रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए नवाचार की जानकारी देते हुए बताया कि हमने देशभर में मौजूद सेना की छावनियों के आसपास के किसानों से ही प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए फल एवं सब्जियां खरीदने का निर्णय लिया है। प्राकृतिक और जैविक खेती से पैदा फल और सब्जियां के उपभोग से जवानों की सेहत भी अच्छी हुई है। हमने इन खाद्य उत्पादों को बाहर से बुलवाना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने श्रीअन्न को भी प्रोत्साहन दिया है। इससे छावनी इलाकों के आसपास के किसानों को श्रीअन्न का समुचित मूल्य मिल रहा है। हमारे प्रयासों से जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित अनाज परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी गति देता है। किसान केवल अन्न ही नहीं, वह अर्थव्यवस्था, रोजगार और सेवाओं को भी आगे बढ़ाता है। किसानों के बिना अर्थव्यवस्था बेजान है। हमारी सरकार खेती के पेशे को बड़े सम्मान से देखती है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हमारे युवा साथी खेती-किसानी के व्यवसाय से जुड़ें। भारतीय युवा शक्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। खेती को ड्रोन, मोबाइल सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक और नवाचारों के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मिट्टी की जांच, मौसम का पूर्वानुमान, फसलों की निगरानी तकनीक से की जा सकती है। खाद्य प्रसंस्करण से भी कच्चे कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर लाभ कमाया जा सकता … Read more

महिला अफसरों का जलवा: कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पदों पर बनीं नई शर्तें

फरीदकोट किसी भी जिले की व्यवस्था उसके प्रशासन और पुलिस महकमे पर टिकी होती है। फरीदकोट में अब इन दोनों अहम मोर्चों की कमान पूरी तरह से ‘नारी शक्ति’ के हाथ में आ गई है।  वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर ने जैसे ही डिविजनल कमिश्नर की कुर्सी संभाली, फरीदकोट के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ गया। इसी के साथ जिले के चार सबसे बड़े पदों कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पर महिला अधिकारियों की शानदार ‘जोड़ी’ बन गई है। यह बदलाव सिर्फ महिला सशक्तिकरण की एक तस्वीर भर नहीं है, बल्कि आम जनता के लिए पारदर्शी और जवाबदेह शासन की एक नई उम्मीद भी है। जिले की नागरिक और सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह से महिला अधिकारियों के कौशल पर टिकी है।  जहां मंडल स्तर पर आईएएस कंवलप्रीत कौर कमान संभाल रही हैं, वहीं जिले की डीसी के रूप में आईएएस पूनमदीप कौर नागरिक प्रशासन का नेतृत्व कर रही हैं। पुलिस विभाग में भी यही नजारा है; एसएसपी के पद पर डॉक्टर प्रज्ञा जैन तैनात हैं, जबकि रेंज स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक का अहम पद नीलांबरी विजय जगदले संभाल रही हैं। शासन के शीर्ष पर बैठी इन चार महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने फरीदकोट को पंजाब के प्रशासनिक मानचित्र पर एक प्रगतिशील और समावेशी जिले के रूप में स्थापित कर दिया है। शिकायतों का होगा समाधान : कमिश्नर कार्यभार संभालते ही मंडल आयुक्त कंवलप्रीत कौर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में फाइलों का अंबार लगाने के बजाय जनसमस्याओं का मौके पर निपटारा करना उनकी प्राथमिकता होगी। अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में उन्होंने ‘नागरिक केंद्रित शासन’ पर जोर देते हुए कहा कि आम आदमी को अपनी जायज मांगों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीएम को धमकी और आपत्तिजनक पोस्ट मामले में आरोपी गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद

 बक्सर बिहार के बक्सर जिले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट करने और भारत के प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई जिले में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। साइबर थाना अध्यक्ष की टीम ने सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पादरी गांव से अमन कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इसकी पुष्टि पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने शनिवार को की। सीआईए वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को सिमरी थाना अध्यक्ष को सूचना मिली थी कि अमन कुमार तिवारी ने सीआईए की वेबसाइट पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर साइबर थाना टीम का गठन किया गया। छापेमारी में मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री टीम ने आरोपी के घर आशा पादरी गांव में छापेमारी की, जहां तलाशी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए। बरामद सामान में लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेनड्राइव और अन्य संदिग्ध सामग्री शामिल है। जांच में सामने आया कि आरोपी के मोबाइल में कई वीपीएन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऐप मिले हैं। लैपटॉप में टोर ब्राउज़र इंस्टॉल पाया गया, जिसका उपयोग डार्क वेब एक्सेस करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से निम्न सामान बरामद किए गए हैं, लैपटॉप 01, मोबाइल 02, पेनड्राइव 02, विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड 09, फर्जी पहचान पत्र 01। इस पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के निर्देश पर की गई। पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम में अंचल निरीक्षक ब्रह्मपुर ओम प्रकाश कुमार, साइबर थाना के कई पुलिस अधिकारी, सिमरी थाना पुलिस और डीआईयू बक्सर के अधिकारी शामिल रहे।  

स्टीवन स्पीलबर्ग बोले- ‘इंटरस्टेलर’ नोलन के हाथों में बनी बेहतर फिल्म

'इंटरस्टेलर' काफी पॉपुलर फिल्म है और दर्शकों द्वारा इस इसे काफी सराहा गया था। अब हॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर स्टीवन स्पीलबर्ग ने हाल ही में फिल्म 'इंटरस्टेलर' को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने क्रिस्टोफर नोलन की तारीफ की और कहा कि फिल्म उनके हाथों में आने के बाद ‘काफी बेहतर’ बन गई। जानिए उन्होंने ऐसा क्यों कहा। स्टीवन ने शेयर किया दिलचस्प किस्सा एक इंटरव्यू में स्टीवन स्पीलबर्ग ने बताया कि फिल्म के शुरुआती दौर में वह करीब एक साल तक इस प्रोजेक्ट से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा, ‘मैं 'इंटरस्टेलर' के साथ एक साल तक जुड़ा रहा। मुझे यह बहुत दिलचस्प लगा। मैं जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी भी गया, जहां मैंने वैज्ञानिकों और एयरोस्पेस इंजीनियर्स से लंबी बातचीत की।’ उन्होंने आगे बताया कि जोनाथन नोलन ने फिल्म की शुरुआती स्क्रिप्ट पर काम किया था, लेकिन उनके निर्देशन में यह प्रोजेक्ट पूरी तरह बन नहीं पाया। स्टीवन स्पीलबर्ग ने एक दिलचस्प किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि जोनाथन नोलन ने उनसे कहा था, ‘अगर आप यह फिल्म नहीं बनाएंगे, तो मैं जानता हूं कौन इसे बनाएगा- मेरा भाई क्रिस्टोफर नोलन।’ 'इंटरस्टेलर' क्रिस नोलन के हाथों में बेहतर फिल्म बनी स्टीवन ने आगे कहा, ‘जैसे ही मैंने यह फिल्म न बनाने का फैसला किया, क्रिस्टोफर नोलन ने तुरंत इसे संभाल लिया।’ नोलन की तारीफ करते हुए स्टीवन स्पीलबर्ग ने कहा, ‘'इंटरस्टेलर', क्रिस नोलन के हाथों में मुझसे कहीं बेहतर फिल्म बनी।’ साल 2014 में रिलीज हुई 'इंटरस्टेलर' बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई। क्रिस्टोफर नोलन ने भी हाल ही में फिल्म को लेकर कहा था कि समय के साथ 'इंटरस्टेलर' लोगों के दिलों को और ज्यादा छू रही है और इसकी पॉपुलैरिटी लगातार बढ़ रही है।    

खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर: चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में, जल्द होगा फैसला- अरुण साव

रायपुर. छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले सैकड़ों खिलाड़ी पिछले 7-8 वर्षों से रोजगार के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। इस मामले में डिप्टी सीएम और खेल मंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया है कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके पूरा होते ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पात्र खिलाड़ियों को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा। दरअसल, प्रदेशभर के पदक विजेता और अवॉर्ड प्राप्त खिलाड़ियों ने हाल ही में उपमुख्यमंत्री व खेल मंत्री अरुण साव से उनके नया रायपुर स्थित निवास पर मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों ने लंबे समय से लंबित उत्कृष्ट खिलाड़ी सूची जारी करने और राज्य खेल अलंकरण समारोह आयोजित करने की मांग रखी। खिलाड़ियों की बात सुनने के बाद खेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर उत्कृष्ट खिलाड़ियों की घोषणा और सम्मान किया जाएगा। इसके बाद खिलाड़ियों का प्रतिनिधिमंडल खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर भी पहुंचा, जहां खेल सचिव यशवंत कुमार, उपसंचालक रश्मि ठाकुर, रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के जिला खेल अधिकारी (DSO) और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खिलाड़ी समिति की बैठक और पूरी प्रक्रिया की समयसीमा को लेकर सवाल उठाए। इस पर खेल सचिव ने स्पष्ट कहा कि चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और बहुत जल्द सूची जारी कर दी जाएगी। बैठक में खिलाड़ियों से जुड़े ओवर एज मामलों को भी गंभीरता से लिया गया है और इस पर उचित निर्णय लेने की बात कही गई है। लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर अब सरकार की सक्रियता के बाद खिलाड़ियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

वंदे मातरम के अपमान पर CM यादव का कड़ा बयान, पूरी प्रदेश कांग्रेस से इस्तीफा देने की मांग

 इंदौर/भोपाल इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में उठा 'वंदे मातरम' का विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर राष्ट्रगीत गाने से मना किया तो मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया।  मुख्यमंत्री ने इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को घेरे में लिया है. उन्होंने कहा इस पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए. कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर नगर निगम की महिला पार्षदों ने बेशर्मी की हद पार कर दी।  बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने नगर निगम में वंदे मातरम गाने से इनकार किया और बड़ी बेशर्मी के साथ कहा, ''मैं नहीं गाऊंगी.'' यह कांग्रेस का चरित्र बता रहा है. कांग्रेस पार्षद 'भारत माता की जय' बोलने से भी मना करते हैं।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस पर स्पष्टीकरण दें. वे बताएं कि पार्टी इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित क्यों करती है।  चुप क्यों हैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ''ये लोग देश को कहां ले जाएंगे? देशभक्तों का अपमान करेंगे. हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते प्राण त्याग दिए. मुझे इस बात का बड़ा दुख है और इस मामले पर ग्लानि हो रही है. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जो हर मामले पर बोलते हैं, वो अब इस पर क्यों नहीं बोल रहे? कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है? अगर पटवारी और कांग्रेस नेता इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाते, तो सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए।  कांग्रेस का दोहरा चरित्र CM यादव ने कहा, ''जब देखो तब कांग्रेसी भगवान राम की निंदा करते हैं, हिंदुओं का अपमान करते हैं. अब तो इन्होंने सीमा ही पार कर दी है. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम के छह छंदों को लेकर पूरे देश का दिल जीत लिया है. लेकिन कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही. कांग्रेस ने आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा किया था. उनकी सरकार ने पांच छंदों को ही गायब कर दिया था।  मुंह काला करने पर 51 हजार इनाम का ऐलान इंदौर में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उग्र रूप लेता जा रहा है. हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट कर बड़ा ऐलान किया है. पोस्ट में कहा गया है कि जो भी मातृशक्ति कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम का मुंह काला करेगी, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।  गौरतलब है कि नगर निगम की बैठक के दौरान वंदे मातरम गाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था।  इंदौर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी ने कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के सभी 85 वार्डों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।  बीजेपी कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग वार्डों में पुतला दहन कर विरोध जता रहे हैं. वहीं, प्रमुख चौराहों पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र होकर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर रहे हैं।  नवलखा चौराहे पर एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाकर प्रदर्शन किया. इसी कड़ी में बड़ा गणपति चौराहा पर आयोजित वंदे मातरम कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए।  BJP के वरिष्ठ नेता मनोज मिश्रा ने दोनों कांग्रेस पार्षदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम गाने से इनकार करने वाली दोनों पार्षद अपनी चार-पांच पीढ़ी खंगाल कर देखें, तो उन्हें भी उनके पूर्वज हिंदू ही मालूम होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वे दोनों पार्षद घर वापसी कर सनातन धर्म अपनाना चाहती हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं। 

पांडुलिपियाँ: हमारी पहचान, हमारा गर्व – संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान पांडुलिपियाँ: हमारी पहचान, हमारा गर्व – संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय   ज्ञान की विरासत को डिजिटल युग में सुरक्षित करने का संकल्प – जनभागीदारी से होगा संरक्षण डिजिटल युग में सुरक्षित होगी हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा – जनसहभागिता से बढ़ेगा अभियान सर्वेक्षण से संरक्षण तक- छत्तीसगढ़ में पांडुलिपि अभियान को नई गति रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा "ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान" एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है।  छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

रणवीर सिंह ने ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद नागपुर में RSS प्रमुख से की मुलाकात

नागपुर बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' की सक्सेस को एंजॉय कर रहे हैं. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के हर बड़े रिकॉर्ड को तोड़कर रख दिया. अब इस बड़ी जीत के बीच रणवीर सिंह शुक्रवार को महाराष्ट्र के नागपुर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की।  रणवीर सिंह इस दौरान सफेद कुर्ता-पायजामा पहने नजर आए. उनकी इस यात्रा और आरएसएस ऑफिस की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं, जिसे लेकर गलियारों में काफी चर्चा है।  RSS दफ्तर में रणवीर ETimes की रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर सिंह शुक्रवार शाम करीब 4 बजे नागपुर के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे. वहां से वह सीधे महल इलाके में स्थित संघ के मुख्यालय पहुंचे. रणवीर ने वहां लगभग डेढ़ घंटा बिताया. इस दौरान उन्होंने मोहन भागवत से मुलाकात की और अपनी फिल्म 'धुरंधर 2' के बारे में भी विस्तार से चर्चा की. मुलाकात के साथ-साथ रणवीर ने संघ के कामकाज, उनकी सेवा योजनाओं और जमीनी स्तर पर किए जा रहे काम को भी जाना।  मुख्यालय के बाद रणवीर सिंह रेशिमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर भी गए. वहां उन्होंने आरएसएस के संस्थापक डॉ. के.बी. हेडगेवार और सरसंघचालक एम.एस. गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।  प्रोपेगेंडा के भी लगे आरोप वहीं इस बीच जहां एक तरफ फिल्म सफलता के झंडे गाड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे 'प्रोपेगेंडा' बताकर इसकी आलोचना भी कर रहे हैं. बीते दिनों फिल्ममेकर संदीप रेड्डी वांगा ने कड़ा जवाब दिया था. वांगा ने सोशल मीडिया पर फिल्म का बचाव करते हुए लिखा कि कुछ लोग जानबूझकर सच को प्रोपेगैंडा का नाम दे रहे हैं. उन्होंने आदित्य धर और रणवीर सिंह की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह फिल्म जबरदस्त है और आलोचना करने वाले लोग असल में डरे हुए हैं।  धुरंधर 2 का कोहराम रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर और 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर जो कर दिखाया है, उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी.  आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म के पहले पार्ट ने करीब 1300 करोड़ और धुरंधर 2 जो  19 मार्च को सिनेमाघरों में आई थी ने देखते ही देखते इसने दुनिया भर में 1600 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है. फिल्म की इस जबरदस्त सफलता ने रणवीर के करियर को एक नई दिशा दे दी है। 

मुंबई इंडियंस और RCB के बीच कांटे की टक्कर, हेड-टू-हेड MI का पलड़ा भारी

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 20वें मैच में मुंबई इंडियंस (MI) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से 12 अप्रैल को होगा। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली टीम ने 2 मैच जीते हैं और 1 में हार झेली है। वहीं, हार्दिक पांड्या के नेतृत्व वाली MI ने 1 मुकाबला जीता है और 2 में शिकस्त का सामना किया है। अब वानखेड़े स्टेडियम में RCB और MI आमने-सामने होंगे। आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर एक नजर डालते हैं। MI का पलड़ा रहा है भारी दोनों देशों की भिड़ंत में MI का पलड़ा भारी रहा है। अब तक दोनों टीमें IPL में कुल 34 मैचों में आपस में भिड़ी हैं, जिसमें से 19 मैच MI ने जीते हैं, जबकि 15 मुकाबले RCB ने अपने नाम किए हैं। पिछले सीजन की इकलौती भिड़ंत में RCB ने 12 रन से जीत दर्ज की थी। दोनों टीमों के बीच मैच में सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड RCB (235) के नाम पर दर्ज है। ऐसी हो सकती है MI की प्लेइंग इलेवन MI को अपने पिछले मैच में RR के खिलाफ हार मिली थी। इस सीजन में जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी में कोई विकेट नहीं ले सके हैं। ऐसे में MI को अपने प्रमुख गेंदबाज से फॉर्म में वापसी की उम्मीद होगी। बुमराह अपने प्रदर्शन से मैच में अंतर पैदा करना चाहेंगे। संभावित एकादश: रोहित शर्मा, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या (कप्तान), नमन धीर, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, एएम गजनफर, ट्रेंट बोल्ट, और जसप्रीत बुमराह। इस संयोजन के साथ उतर सकती है RCB RCB को भी अपने पिछले मैच में RR से हार मिली थी। उस मैच में RCB ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 201/8 का स्कोर बनाया था। जवाब में RR ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल किया था। ऐसे में RCB अपने गेंदबाजों से उम्दा प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। संभावित एकादश: विराट कोहली, फिलिप साल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्‍वर कुमार, अभिनंदन सिंह, और जोश हेजलवुड। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट प्लेयर MI: शेरफेन रदरफोर्ड, कॉर्बिन बॉश, रॉबिन मिंज, मिचेल सैंटनर, और मयंक मारकंडे। RCB: सुयश शर्मा, जैकब बेथेल, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, और सात्विक देसवाल। कैसा है वानखेड़े स्टेडियम की पिच का मिजाज? वानखेड़े स्टेडियम को बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहां की पिच उन्हें काफी रास आती है। यहां की सीमा रेखा अन्य स्टेडियम के मुकाबले थोड़ी छोटी है। दूसरी ओर एक गेंदबाज के दृष्टिकोण से पिच स्पिनरों को कुछ हद तक सहायता प्रदान करती है, लेकिन ज्यादा उम्मीद रखना बेमानी होगी। तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवर में मदद मिलती है, ऐसे में वह जल्दी विकेट लेना चाहेंगे। हाउस्टेट के मुताबिक, यहां पहली पारी का औसत स्कोर 170 रन है। कैसा रहेगा मुंबई का मौसम? एक्यूवेदर के अनुसार, 12 अप्रैल को मुंबई का मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 26 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी नजरें IPL 2026 में पाटीदार ने अब तक 3 पारियों में 71.00 की औसत और 200.00 की स्ट्राइक रेट के साथ 142 रन बनाए थे। अपने पिछले मैच में उन्होंने 63 रन बनाए थे। दिग्गज बल्लेबाज कोहली ने MI के खिलाफ 34 मैचों में 31.79 के औसत और 128.77 की स्ट्राइक रेट से 922 रन बनाए हैं। रोहित ने RCB के खिलाफ 34 मैचों में 27.35 के औसत और 136.99 की स्ट्राइक रेट से 848 रन बनाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? MI और RCB के बीच यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

झुमरीतिलैया में खाद्य सुरक्षा जांच, लड्डू और खोवा के सैंपल फेल

कोडेरमा झारखंड के कोडेरमा जिले के जिले में मिलावटी खाने की चीजों की बिक्री रोकने और खाने की चीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कुछ सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, रांची भेजा भी जा रहा है. जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे राज्य स्तर पर भेजे गए कुछ सैंपल की जांच रिपोर्ट सामने आई है. इसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. खासकर जिले के मुख्य शहर झुमरीतिलैया में कुछ होटल संचालकों द्वारा खाने की चीजें खासकर मिठाई और खोवा की गुणवत्ता को लेकर तय मानक का पालन नहीं करने की पुष्टि हुई है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले भर से कुल 23 सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला रांची भेजा था, जिसमें से 12 की रिपोर्ट आई है. इसमें चार सैंपल तय मानक पर फेल पाया गया है. विभागीय जानकारी के अनुसार जिन चार सैंपल में गुणवत्ता की कमी मिली है उसमें लड्डू का एक सैंपल, खोवा का दो सैंपल और घी के लड्डू का एक सैंपल शामिल है. लगाया गया जुर्मना सैंपल फेल होने के बाद कोडरमा स्टेशन के पास संचालित नंदिनी स्वीट्स पर दो हजार और लड्डू गोपाल पर दो-दो हजार का जुर्माना लगाया गया है. नंदिनी स्वीट्स का लड्डू का सैंपल तय मानक पर फेल मिला है, जबकि लड्डू गोपाल का लड्डू और खोवा का सैंपल फेल पाया गया है. साथ ही भविष्य में गलत पाए जाने पर ठोस कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. होटल रामेश्वरम के घी के लड्डू का सैंपल फेल नंदिनी, लड्डू गोपाल स्वीट्स के अलावा होटल रामेश्वरम की एक मिठाई का सैंपल भी तय मानक पर खरा नहीं उतरा है. विभागीय पदाधिकारी के अनुसार जिन चार सैंपल को फेल पाया गया है उसमें होटल रामेश्वरम से कलेक्ट किया गया घी का लड्डू का सैंपल भी शामिल है. लड्डू में घी की जगह रिफाइन के इस्तेमाल की बात सामने आई है. साथ ही अन्य कमी पाई गई है. ऐसे में तय प्रावधान के तहत इस मामले को अपर समाहर्ता कोर्ट में फाइल किया गया है. वहां से जुर्माना सहित अन्य कार्रवाई को लेकर आदेश होगा. कई जगहों पर मिल रहा अखाद्य रंग का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट न हो और लोगों को गुणवत्तापूर्ण सामान मिले इसके लिए विभाग लगातार जांच अभियान के साथ जागरूकता अभियान भी चला रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष में जांच के दौरान होटलों, मिठाई दुकानों सहित अन्य जगहों पर गंदगी मिलने और अखाद्य रंग का इस्तेमाल पाए जाने पर करीब 50 हजार का जुर्माना वसूला गया है. कई ठेला वालों के द्वारा अखाद्य रंग का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने पर उसे खत्म भी कराया गया है.