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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के आदेश पर नूनहेन्स कंपनी के खिलाफ अमानक बीज मामले में FIR दर्ज

धार / खरगोन मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए भारी नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। किसानों ने बताया कि अमानक बीज और रोपे के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों के अनुसार, उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से बीज और रोपे खरीदे थे। लेकिन बुआई के बाद फसल में सही उत्पादन नहीं हुआ। करेला के फल छोटे रह गए, पीले होकर गिरने लगे और उत्पादन में भारी गिरावट आई। इससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा।  नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।  अमानक बीज की फरवरी 2026 में की थी शिकायत  जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया है कि किसानों को अमानक बीज और उन्हीं से तैयार रोपे प्रमाणित बताकर बेचे गए थे। इससे उनकी फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा। किसानों ने पहले भी फरवरी 2026 में इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद विभागीय जांच कराई गई थी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ फसल खराब होने का मामला नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, पूंजी और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह की लापरवाही या धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए।   “रूबासटा” किस्म के अमानक बीज पर प्रतिबंध इसके साथ ही, करेला की “रूबासटा” किस्म के अमानक बीज पर प्रतिबंध लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े। सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें न्याय मिलेगा और नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई से किसानों में विश्वास बढ़ा है कि उनकी शिकायतों पर सरकार गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। 

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह बोले – किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध

भोपाल.  केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के किसानों के कल्याण की दिशा में हमारा मजबूत प्रयास है। किसान सम्मान निधि के रूप में हर पात्र किसान के बैंक खाते में 6000 रुपए सीधे ट्रांसफर किये जा रहे हैं, जिससे वे खाद, बीज और खेती-किसानी के अन्य जरूरी समान खरीद सकें। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। अब तक हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए की सहायता किसान भाइयों को दे चुकी है। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह शनिवार को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित "उन्नत कृषि महोत्सव-2026" को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा त्रि-दिवसीय कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं राज्य शासन के कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण में मदद के लिए स्वॉइल मोबाइल ऐप ई-फॉर्म लान्च किया गया। इस ऐप की मदद से किसान बंधु खुद अपने खेत की मिट्टी की सेहत जांच सकेंगे। कार्यक्रम में नरवाई प्रबंधन, कस्टम हायरिंग एवं अन्य शासकीय योजनाओं के 10 क्षेत्रीय हितग्राही किसानों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान देश में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर केंद्रित आकर्षक लघु फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ह्दय प्रदेश को दी एक अलग पहचान केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं कर्मठ नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायसेन की उर्वर भूमि पर हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव प्रदेश के किसानों की तकदीर और उनकी माली हालत की तस्वीर बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित वेयर हॉउसिंग और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए उपहार केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बेमिसाल कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक उपहार की तरह है। इसमें प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई अब फसल बीमा के माध्यम से की जा रही है। भारत सरकार ने देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए हैं। इसकी मदद से किसान पता लगा पा रहे हैं कि उनके खेत में कौन सी फसल ली जा सकती है और उन्हें खाद की कितनी मात्रा डालनी है। इससे कृषि की लागत घटी है। भारत सरकार ने गांव-गांव तक सड़कें, नल से जल, बिजली कनेक्शन दिए और गांवों को शहरों से जोड़ा है। देशभर की मंडियां ऑनलाइन होने से किसान अब घर बैठे अपनी उपज बेच सकता है। हमारी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि किसानों और गांवों के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वे देश के रक्षा मंत्री है, लेकिन दिल से एक किसान भी हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती के पैदा फसल-सब्जियों से जवानों की सेहत हुई अच्छी केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने किसानों के हित में रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए नवाचार की जानकारी देते हुए बताया कि हमने देशभर में मौजूद सेना की छावनियों के आसपास के किसानों से ही प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए फल एवं सब्जियां खरीदने का निर्णय लिया है। प्राकृतिक और जैविक खेती से पैदा फल और सब्जियां के उपभोग से जवानों की सेहत भी अच्छी हुई है। हमने इन खाद्य उत्पादों को बाहर से बुलवाना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने श्रीअन्न को भी प्रोत्साहन दिया है। इससे छावनी इलाकों के आसपास के किसानों को श्रीअन्न का समुचित मूल्य मिल रहा है। हमारे प्रयासों से जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित अनाज परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी गति देता है। किसान केवल अन्न ही नहीं, वह अर्थव्यवस्था, रोजगार और सेवाओं को भी आगे बढ़ाता है। किसानों के बिना अर्थव्यवस्था बेजान है। हमारी सरकार खेती के पेशे को बड़े सम्मान से देखती है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हमारे युवा साथी खेती-किसानी के व्यवसाय से जुड़ें। भारतीय युवा शक्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। खेती को ड्रोन, मोबाइल सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक और नवाचारों के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मिट्टी की जांच, मौसम का पूर्वानुमान, फसलों की निगरानी तकनीक से की जा सकती है। खाद्य प्रसंस्करण से भी कच्चे कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर लाभ कमाया जा सकता … Read more

शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर तय किए 5 संकल्प, समर्थकों से कहा—गिफ्ट मत लाना, करेंगे छात्रों को सम्मानित

भोपाल केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पांच मार्च को यानी आज अपने जन्मदिन पर पांच बड़े संकल्प लेने जा रहे हैं। वे पर्यावरण, सेवा, सहायता, शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन को लेकर पंच पर प्रण लेंगे। उनका जन्मदिन उनके संसदीय क्षेत्र विदिशा में प्रेम-सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा। शिवराज आज अपने जन्मदिन पर विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज 67वां जन्मदिन है। शिवराज सिंह चौहान ने अपना जन्मदिन ‘प्रेम-सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही वह मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कोचिंग कक्षाओं और मोबाइल अस्पतालों की शुरुआत करेंगे। यह जानकारी उनके कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई। शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश में ‘मामा’ के नाम से जाना जाता है। उनके जन्मदिन पर शुरू की जाने वाली कोचिंग कक्षाओं तथा अस्पतालों के नाम में भी ‘मामा’ शब्द जोड़ा जाएगा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौहान पर्यावरण, सेवा, सहयोग, शिक्षा और प्रतिभा संवर्धन से जुड़े पांच संकल्प भी लेंगे। उपहार नहीं लेंगे शिवराज सिंह चौहान पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे उनके जन्मदिन पर माला, गुलदस्ता, शॉल या कोई भी उपहार लेकर नहीं आएं। उन्होंने शुभचिंतकों से एक पौधा लगाने और उसकी तस्वीर क्यूआर कोड के माध्यम से एक पोर्टल पर अपलोड करने की अपील की है, जिससे वे शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। ईनाम देने की घोषणा शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता की स्मृति में ‘प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान’ पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र के आठों विधानसभा क्षेत्रों में 10वीं कक्षा और 12वीं कक्षा में अव्वल स्थान पाने वाले छात्रों को क्रमश 51,000 रुपये, 31,000 रुपये और 21,000 रुपये की नकद राशि दी जाएगी। लोकसभा क्षेत्र स्तर पर शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान भी दिया जाएगा। मामा चलित अस्पताल का शुभारंभ करेंगे शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आठों विधानसभा क्षेत्रों में ‘मामा चलित अस्पताल’ की भी शुरुआत करेंगे। इन वाहनों में आधुनिक जांच सुविधाएं और चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे, जो गांवों और बस्तियों में लोगों को फ्री इलाज और परामर्श देंगे। यह पहल सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि और जनसहयोग से संचालित की जाएगी। फ्री कोचिंग क्लासेस की शुरुआत विदिशा शहर, रायसेन और भैरुंदा में ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ भी शुरू की जाएंगी। इन केंद्रों पर बैंकिंग, एसएससी, एमपीपीएससी, डीआरडीओ और वन सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी फ्री कराई जाएगी। स्वागत में माला, गुलदस्ते और गिफ्ट नहीं शिवराज सिंह चौहान ने अपने दोनों मंत्रालयों कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय में यह परंपरा शुरू करा दी है कि विभागीय कार्यक्रमों में गुलदस्ते, शाल, और मोमेंटो के बजाय पौधे भेंट करके स्वागत करें। पर्यावरण संरक्षण की इस पहल पर उनका कहना है उपहार न दें, उपकार करें। पौधे लगाने वाले लोग एक क्यूआर कोड के जरिए अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड करके शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा है कि, इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग, शाल या बुके न लाए। धरती माता को बचाने के इस पुण्य अभियान में मेरा साथ दें, आने वाली पीढ़ी के लिए जीवन सुरक्षित करना ही मेरा सबसे बड़ा उपहार होगा। माता पिता की स्मृति में प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता-पिता की स्मृति में ''प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान'' शुरू करने का निर्णय लिया है। विदिशा लोकसभा की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को 51,000, 31,000 और 21,000 की सम्मान राशि दी जाएगी। लोकसभा स्तर पर प्रथम तीन स्थान पाने वालों को विशेष बड़े पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। मामा चलित अस्पताल विदिशा संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सभी आठों विधानसभाओं में मामा चलित अस्पताल शुरू किए जाएंगे। इन वाहनों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम होगी, जो गांव-गांव और मजरे-टोलों में जाकर निश्शुल्क इलाज और परामर्श देगी। मामा चलित अस्पताल का संचालन पूर्ण रूप से सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा। दिव्यांगों को गिफ्ट करेंगे मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक विशेष पहल तेज कर दी है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट की जा रही है, ताकि उनकी दैनिक आवाजाही सुगम हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने कार्य कर सकें।  

शिवराज सिंह ने सड़क पर घायल युवक को मदद दी, अपनी गाड़ी से भेजवाया अस्पताल

 भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक फिर मिशाल पेश की है. जिसकी लोग तारीफ कर रहे हैं. हुआ ये कि वह भोपाल से ग्वालियर जा रहे थे, इस दौरान एक युवक सड़क पर घायल पड़ा था, जबकि उसे भीड़ ने घेरकर रखा था. इस दौरान जब शिवराज सिंह की नजर पड़ी तो उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया और खुद अपनी गाड़ी से युवक को अस्पताल पहुंचवाया. इसको लेकर उन्होंने खुद एक्स पर एक पोस्ट किया है. एक्स पर किए पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मैं भोपाल से ग्वालियर की ओर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था. रास्ते में सड़क किनारे एक घायल युवक अचेत अवस्था में दिखाई दिया. चारों ओर भीड़ थी, लोग खड़े थे, देख रहे थे. पर कोई आगे नहीं बढ़ रहा था. मैंने तुरंत गाड़ी रुकवाई. घायल युवक के पास पहुंचा और अपनी गाड़ी में तत्काल अस्पताल पहुंचाया. साथ ही डॉक्टर से बातचीत कर समुचित उपचार की व्यवस्था की.  श्यामला हिल्स के पास रुका काफिला जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का काफिला श्यामला हिल्स क्षेत्र से गुजर रहा था. किलोल पार्क के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति घायल अवस्था में दिखाई दिया. यह देखते ही शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल काफिला रुकवाया और स्वयं वाहन से उतरकर घायल के पास पहुंचे. उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से तुरंत अस्पताल ले जाने को कहा. इतना ही नहीं, मंत्री ने घायल युवक को खुद सहारा देकर उठाया और अपने ही काफिले की गाड़ी से अस्पताल भिजवाया. जाते समय उन्होंने घायल से कहा कि तुम अस्पताल जाओ, हम फोन करवा रहे हैं. एक्स पर लिखा, नर सेवा ही नारायण सेवा इस घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ''नर सेवा ही नारायण सेवा.'' उन्होंने कहा कि, ''मानवीय संवेदना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है. ग्वालियर के लिए रवाना होते समय रास्ते में घायल युवक को देखकर उन्होंने तत्काल मदद सुनिश्चित की.''   वीडियो वायरल , सोशल मीडिया पर सराहना घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. समर्थकों और आम नागरिकों ने केंद्रीय मंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की. कई लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि के कर्तव्य और मानवीय मूल्यों का उदाहरण बताया. बताया जा रहा है कि मंत्री अपने आवास से एयरपोर्ट जा रहे थे, तभी उनके सामने यह घटना दिखी. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर घायल को मदद पहुंचाई. पहले भी दिखा चुके हैं संवेदनशीलता यह पहला मौका नहीं है जब शिवराज सिंह चौहान ने इस तरह मानवीय पहल की हो. जुलाई 2025 में भी भोपाल के अवधपुरी इलाके में एक कार्यक्रम में जाते समय चेतक ब्रिज पर हादसे में घायल युवक की उन्होंने मदद की थी. उस समय भी उन्होंने काफिला रुकवाकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और उपचार की व्यवस्था कराई थी.  शिवराज ने लोगों से की ये अपील हमने अक्सर देखा है कि इस तरह की घटनाओं में हम मदद के लिए हाथ बढ़ाने की बजाय तमाशबीन बनकर देखते रहते हैं, जिससे कीमती समय व्यर्थ हो जाता है और घायल व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ जाता है. एक अध्ययन के अनुसार हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल जाए, तो लगभग 50% जीवन बचाए जा सकते हैं. सोचिए, हमारी छोटी सी मदद और समय पर बढ़ाया गया एक हाथ कितनी माताओं की गोद सूनी होने से बचा सकता है. कितने बच्चों के सिर से पिता का साया हटने से रोक सकता है और कितनी बहनों के विश्वास को टूटने से बचा सकता है. मित्रों, किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य है. सेवा ही सच्चा धर्म है और परोपकार ही हमारा कर्तव्य है. जब भी ऐसी स्थिति सामने आए तो आगे बढ़िए और मदद कीजिए. आपकी एक मदद किसी का जीवन बचा सकती है.  

शिवराज का बीकानेर से संदेश: पत्नी की तारीफ के लिए चाहिए साहस, किताब लिखने का मन भी है

भोपाल/बीकानेर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज के लिए जाने जाते हैं। राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान उन्होंने एक ऐसी घोषणा की, जिसने महफिल लूट ली। शिवराज ने कहा कि वे जल्द ही अपनी 'पत्नी पर एक किताब' लिखेंगे। दरअसल राजस्थान में शिवराज सिंह चौहान मंच से मेघवाल की किताब से मिली प्रेरणा पर यह बात कर रहे थे। यह दिलचस्प वाकया तब हुआ जब शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मेघवाल ने अपनी पत्नी को समर्पित एक किताब ‘एक सफर हमसफर के साथ’ लिखी है। इसी का जिक्र करते हुए शिवराज ने उनकी जमकर तारीफ की। किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती, पत्नी की खुलकर तारीफ कर दे शिवराज ने मजाकिया लहजे में कहा, 'भाभी जी पर आपने जो किताब लिखी है, उसे मैं एक अद्भुत घटना मानता हूं। किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती कि वह पत्नी की खुलकर तारीफ कर दे, वरना लोग कहने लगते हैं कि ये तो जोरू का गुलाम है।' अब तो मैं भी एक किताब लिख ही दूंगा उन्होंने आगे कहा कि मेघवाल के साहस को देख अब वे भी प्रेरित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मंच से मुस्कुराते हुए कहा, 'अब तो मैं भी एक किताब लिख ही दूंगा। सच में, जीवन में धर्मपत्नी का बहुत बड़ा योगदान होता है।' कैलाश खेर ने मंच से लोगों को सुनाई खरी-खोटी गायक कैलाश खेर जब भी मध्य प्रदेश आते हैं, तो अपने गानों के साथ-साथ लोगों को खरी-खोटी सुनाने से भी नहीं चूकते। हाल ही में उन्होंने सतना में एक कॉन्सर्ट किया था, जिसका एक वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में कैलाश खेर यह कहते नजर आ रहे हैं कि, ‘बहुत कम ऐसे कॉन्सर्ट होते हैं, जहां खाना भी चल रहा हो और गाना भी चल रहा हो। म्यूजिक को इज्जत तब मिलती है, जब खाना-वाना पहले डकार लिया जाए या फिर बाद में ठूंस लिया जाए।’ उन्होंने आगे मजाकिया लहजे में कहा- वैसे भी अपनों से ये कहने का बड़ा मन करता है कि बहुत खाते हो भाई। यह पहला मौका नहीं है जब कैलाश खेर के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले मंदसौर में वे एक भाजपा विधायक के नाम को लेकर मजाक कर चुके हैं और वहां की जनता को गरीब भी कह दिया था।

किसानों से धोखा महंगा पड़ेगा, घटिया बीज पर 30 लाख तक जुर्माना तय करने का प्रस्ताव

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए नए सीड एक्ट (सीड एक्ट 2026) की विशेषताओं और उसके किसानों पर होने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसानों की सुरक्षा, बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम है। शिवराज सिंह ने कहा कि बीजों की गुणवत्ता पर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी तक 500 रुपए तक का जुर्माना था, लेकिन अब प्रस्ताव है कि 30 लाख रुपए तक जुर्माना हो और अगर कोई जानबूझकर अपराध करता है तो सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सब कंपनियां खराब नहीं हैं, लेकिन जो किसान को धोखा देंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मीडिया के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब देश में बीज की ट्रेसिबिलिटी की व्यवस्था स्थापित की जाएगी। हमने कोशिश की है कि ऐसा सिस्टम बने जिसमें यह पूरा पता चल सके कि बीज कहां उत्पादित हुआ, किस डीलर ने दिया और किसने बेचा। हर बीज पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही किसान यह जान सकेगा कि वह बीज कहां से आया है। इससे घटिया या नकली बीज न केवल रोके जा सकेंगे बल्कि यदि वे बाजार में आएंगे भी तो जिम्मेदार व्यक्ति पर शीघ्र कार्रवाई संभव होगी। कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि जैसे ही ट्रेसिबिलिटी लागू होगी, नकली या खराब बीज की पहचान तुरंत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि खराब बीज आएंगे ही नहीं, और अगर आएंगे तो पकड़े जाएंगे। जिसने खराब बीज दिया, उसे दंड दिया जाएगा। इससे किसानों को भ्रमित करने वाली कंपनियों और डीलरों की मनमानी पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि अब हर सीड कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिससे यह साफ रहेगा कि कौन सी कंपनी अधिकृत है। पंजीकृत कंपनियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी और कोई भी अनधिकृत विक्रेता बीज नहीं बेच पाएगा। इससे बाजार में फर्जी कंपनियां खत्म होंगी और किसानों को सही स्रोत का बीज मिलेगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस भ्रम को दूर किया कि नया कानून किसानों के परंपरागत बीजों पर रोक लगाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा, ''किसान अपने बीज बो सकते हैं, दूसरे किसान को बीज दे सकते हैं। स्थानीय स्तर पर जो परंपरागत बीज विनिमय की परंपरा है, वो जारी रहेगी। इसमें कोई दिक्कत नहीं है।'' उन्होंने उदाहरण दिया कि ग्रामीण इलाकों में बोनी के समय किसान आपस में बीज लेते-देते हैं और बाद में उसे सवा गुना वापिस कर देते हैं, यह पारंपरिक प्रणाली आगे भी जारी रहेगी।

किसानों के लिए खुशखबरी: शिवराज सिंह ने वीडियो संदेश में बताई नई राहत

भोपाल   केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शुक्रवार को किसानों को लेकर एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) अब जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान और ज्यादा बारिश के चलते बाढ़ या जलभराव को भी कवर करेगी. किसानों को एक वीडियो मैसेज में चौहान ने कहा कि मैं आज आपको अच्छी खबर दे रहा हूं. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दो नुकसान कवर नहीं किए गए थे और इनकी मांग लंबे समय से की जा रही थी. एक, जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान और दूसरा, ज्यादा बारिश से बाढ़ या पानी भरने से फसलों को नुकसान. मैं आपको बताना चाहूंगा कि ये दोनों नुकसान अब फसल बीमा योजना के तहत कवर किए जा रहे हैं. अगर जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो उसका मुआवजा दिया जाएगा. अगर पानी भरने से फसलों को नुकसान होता है, तो उसका भी मुआवजा अब से किसानों को मिलेगा. इस घोषणा से उन हजारों किसानों को फायदा होगा जिन्हें पहले इन प्राकृतिक वजहों से नुकसान हुआ था, लेकिन वे इंश्योरेंस क्लेम के लिए पात्र नहीं थे. इससे पहले गुरुवार को शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया 'X' पर एक पोस्ट शेयर किया और बताया कि 2024-25 में फसल उत्पादन का फाइनल अनुमान बढ़कर 357.73 मिलियन टन हो गया है, जो पिछले साल से लगभग 8 प्रतिशत ज्यादा है. चौहान ने आगे लिखा कि यह बहुत खुशी की बात है कि हमारे किसान भाई-बहनों ने अपनी मेहनत से अनाज उत्पादन में एक नया रिकॉर्ड बनाया है. 2024-25 में फसल उत्पादन के अंतिम अनुमान बताते हैं कि देश का कुल अनाज उत्पादन बढ़कर 357.73 मिलियन टन हो गया है, जो पिछले साल से लगभग 8 फीसदी ज्यादा है. यह उपलब्धि किसानों की कड़ी मेहनत, आधुनिक टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल और केंद्र सरकार की खेती के अनुकूल नीतियों का मिलाजुला नतीजा है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस सालों में अनाज उत्पादन में 106 मिलियन टन से ज़्यादा की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने आगे लिखा कि पिछले दस सालों में अनाज के प्रोडक्शन में 106 मिलियन टन से ज्यादा की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चावल, गेहूं, मक्का और बाजरा समेत सभी मुख्य फसलों में जबरदस्त बढ़ोतरी देश की खेती की मजबूती और केंद्र सरकार की नीतियों के असर का सबूत है. चौहान ने आगे लिखा कि फसलों में बढ़ोतरी 'तिलहन मिशन' और 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' की सफलता को दिखाती है. उन्होंने आगे लिखा कि केंद्र सरकार की कोशिशों की वजह से दालों और तिलहनों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. तिलहन का प्रोडक्शन बढ़कर 42.989 मिलियन टन हो गया है, और कुल दालों का प्रोडक्शन 25.683 मिलियन टन तक पहुंच गया है. मूंगफली, सोयाबीन, चना और मूंग जैसी फसलों में अच्छी बढ़ोतरी 'तिलहन मिशन' और 'दाल आत्मनिर्भरता मिशन' की सफलता को दिखाती है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की तूर, उड़द, चना और मूंग के लिए MSP पर खरीद की गारंटी ने किसानों को एक सुरक्षित बाजार दिया है और MSP पर पक्की खरीद से बड़ी संख्या में किसानों को फायदा हो रहा है, और दालों के उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. 

शिवराज सिंह ने बताया सच, कहा- असली सफलता मन की शांति और पार्टी के प्रति निष्ठा में है

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के बदलाव को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा बताया. वे किरार समाज के दीपावली मिलन समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा को बंपर बहुमत मिला था. सभी को लगा था कि अब सब कुछ अपने आप हो जाएगा और मैं ही फिर मुख्यमंत्री बनूंगा. लेकिन पार्टी ने मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया. शिवराज ने बताया कि उस वक्त उनके दिल में कई तरह के विचार आ सकते थे. गुस्सा भी आ सकता था. वे सोच सकते थे कि मैंने इतनी मेहनत की, रात-दिन जनता के बीच रहा, लोगों ने मुझे वोट दिया, फिर भी मुझे क्यों हटाया जा रहा है? लेकिन उन्होंने खुद को संभाला. दिल ने कहा – शिवराज, ये तेरी परीक्षा की घड़ी है. माथे पर शिकन मत आने देना. आज तू कसौटी पर है. उन्होंने कहा कि जब मोहन यादव का नाम तय हुआ, तो उनके चेहरे पर कोई बल नहीं पड़ा. नाराजगी नहीं दिखी. उल्टा, उन्होंने खुद विधायक दल की बैठक में मोहन यादव का नाम प्रस्तावित किया. बोले – यही असली परीक्षा होती है. जब मन में कोई कड़वाहट न हो, तब समझो इंसान पास हुआ. शिवराज ने बताया कि यह सब 2023 के चुनाव के बाद की परिस्थितियां थीं. पार्टी ने नया फैसला लिया और उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकार किया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें दिल्ली बुलाया और केंद्र में कृषि मंत्री बनाया. अब वे देश की सेवा कर रहे हैं. उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते हैं. पद आते-जाते रहते हैं. असली बात है मन की शांति और पार्टी के प्रति निष्ठा. अगर मन में गुस्सा या शिकायत आए, तो उसे आने मत दो. जो फैसला ऊपर से हो, उसे माथे पर लगाओ. शिवराज ने किरार समाज के लोगों से कहा कि मैंने यही सीख जीवन में अपनाई. मेहनत करो, लेकिन नतीजे की चिंता मत करो. जो मिले, उसे खुशी से स्वीकार करो. मोहन यादव अब मुख्यमंत्री हैं, मैं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा हूं. कोई मनमुटाव नहीं, कोई शिकायत नहीं. यह वक्तव्य सुनकर सभा में मौजूद लोग तालियां बजाने लगे. शिवराज की सादगी और त्याग की भावना की सभी ने सराहना की. उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसे उदाहरण कम होते हैं, जब कोई नेता इतनी बड़ी जिम्मेदारी छोड़कर भी खुश रहे और नए नेता का स्वागत करे. शिवराज ने अंत में कहा – मैं हमेशा जनता की सेवा में लगा रहूंगा. चाहे भोपाल में रहूं या दिल्ली में. मेरा मकसद सिर्फ सेवा है, पद नहीं. यह बात उन्होंने किरार समाज के दीपावली मिलन में कही, जो लोगों के दिलों को छू गई.