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विकसित समाज वही, जहां देश के विकास में हो दिव्यांगजनों की बराबर भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगता का अर्थ दुर्बलता कतई नहीं है। शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं, इच्छाशक्ति से आती है। परमेश्वर ने दिव्यांगजनों को विशेष गुण देकर औरों से सशक्त बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक सच्चा विकसित समाज वही है, जहां दिव्यांगजन सिर्फ़ सहानुभूति के नहीं, वरन् देश के विकास में बराबरी, सम्मान, समान हक और अवसरों के अधिकारी हों। दिव्यांगजनों के अधिकारों और अवसरों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग, दिव्य शक्ति के दिव्य अंश हैं। देश की प्रगति के अभिन्न अंग भी हैं। हम अपनी पूरी संवेदनाओं के साथ दिव्यांगजनों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र, शासकीय नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण, हर विभाग में समान अवसर के लिए पृथक प्रकोष्ठ (सेल), सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में सहज और सुगम आवागमन के लिए रैंप, वॉशरूम्स का इंतजाम, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जरूरत के मुताबिक सहायक उपकरणों का वितरण, सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए विवाह प्रोत्साहन जैसी अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को वर्ग-1 के समान हर महीने 18 हजार रुपये मानदेय देने का निर्णय लिया है। दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हमने टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की है। प्रदेश में दिव्य मेलों का आयोजन कर दिव्यांगजनों को उनकी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नज़र का नहीं, नज़रिए का कमाल होता है। जो अपनी कमी को भी ताकत बना लेता है, वही संसार में नया इतिहास रचता है। हमारे समाज में ऐसे अनेक दिव्यांगजन हुए हैं, जिन्होंने कवि, टीकाकार, लेखक, वैज्ञानिक, व्यवसायी, उद्यमी, शिक्षक, कलाकार और विचारक बनकर समाज में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण के लिए कृत संकल्पित है। राज्य में विभिन्न संस्थानों के माध्यम से संकेत भाषा प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर काम हो रहा है। दिव्यांगजनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए समाज की भागीदारी से एक व्यापक रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है और हमारी सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगता से जुड़े विषयों के अध्ययन-अध्यापन, शोध एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों के लिए भोपाल शहर देश के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां दिव्यांगजनों के हितार्थ नई नीतियां भी बन रही हैं और उन्हें धरातल पर भी उतारा जा रहा है। विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के क्षेत्र में सीहोर शहर में NIMHR जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम देश को दिव्यांगजन कल्याण की नई दिशा भी दे रहे हैं। देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी दिव्यांगजनों के समावेशन और सशक्तिकरण के लिए इको-सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है। सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण हो, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास या खेल प्रशिक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश के कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर के संस्थान भी पूरे समर्पण से काम कर रहे हैं। दिव्यांगजनों की देखभाल करने वालों के कल्याण और उनके मानसिक स्वास्थ्य की ओर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दिव्यांगजनों के बाधारहित जीवन के लिए राज्य सरकार द्वारा बीते 2 सालों में किए गए प्रमुख कार्य प्रदेश में सभी शासकीय एवं अशासकीय राज्य अनुदान प्राप्त विशेष विद्यालयों के 3 कक्षों को स्मार्ट क्लास के रूप में तैयार कर कुल 168 स्मार्ट क्लास तैयार किये गए। प्रदेश में श्रवणबाधित दिव्यांगजनों की संवाद संबंधी कठिनाईयों को दूर करने के लिए लाईव इंटरप्रिटर की सुविधा QR Code के माध्यम से प्रारंभ की गई है। दिव्यांगजनों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन एवं दिव्यांगजनों की विभिन्न कठिनाईयों/समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाईन नं (1800-233-4397) का संचालन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 एवं नियम 2017 पर दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि में बुकलेट तैयार की गई। दिव्यांगजनों को विशेष भर्ती अभियान के तहत गत वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश के सभी विभागों द्वारा अक्टूबर 2025 तक लगभग 2589 दिव्यांगजनों को शासकीय पदों पर नियुक्ति पत्र दिए गए। दिव्यांगजन अधिनियम-2016 अनुसार, निराश्रित निधि से दिव्यांगजन खेल प्रोत्साहन लक्ष्य अन्तर्गत श्री सतेन्द्र लोहिया एवं श्री रामबरन पाल, प्रत्येक को इंग्लिश चैनल स्विमिंग प्रतियोगिता के लिए 5-5 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई। प्रदेश में 1 से 18 वर्ष के दिव्यांगजनों के पहली बार चिन्हांकन के लिए स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह सहायता योजनांतर्गत कुल एक लाख 52 हजार 353 हितग्राहियों को कुल 83844.39 लाख रुपये सहायता राशि दी गई। मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना में 1 हजार 620 कल्याणियों को 3 हजार 240 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान: 2025 के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में चिंहित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण वितरण के लिए राशि 6 करोड़ 52 लाख 45 हजार रुपये भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम संस्थान को  गई। नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के सभी जिलों से कुल 570 मास्टर ट्रेनर्स का 2 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल में किया गया। प्रदेश में नशा मुक्ति का वातावरण तैयार करने के लिए युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं आमजन में नशामुक्ति जनजागरूकता के लिए नशामुक्त्ति पर आधारित 4 वीडियो बनाये गये। नशे से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार के लिए व्यसन उपचार केन्द्र (ATF – Addiction Treatment Facility) प्रदेश के 10 जिला चिकित्सालयों/मेडिकल कॉलेजेस में संचालित किए गए। ''विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र" अंतर्गत देशव्यापी कार्यक्रम MyGov.in पोर्टल पर e-Pledge (नशामुक्ति संकल्प) में मध्यप्रदेश की सर्वाधिक 33 प्रतिशत (46236) की भागीदारी रही। दिसम्बर 2023 से अक्टूबर 2025 के दरमियान प्रदेश में एक लाख 58 हजार 297 दिव्यांगजनों के UDID कार्ड बनाये गये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 में सनातन का वैभव दुनिया को दिखेगा

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 में दुनिया हमारे सनातन के वैभव को देखेगी। हमारा प्रयास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ के विश्व स्तरीय आयोजन में श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएँ मिले और पूर्ण सनातन वैभव के साथ सिंहस्थ महापर्व-2028 का सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन सम्पन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के अंतर्गत एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्मित हेलीपैड विश्राम गृह के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस विश्राम गृह में ऑफिस कक्ष, आमजन से भेंट के लिए हॉल और पायलट के लिए भी कक्ष बनाए गए है। यह हेलीपैड उज्जैन सिंहस्थ 2028 में अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के साथ आम जन और विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर भेंट करने के लिए बनाया गया है। हेलीपेड एवं विश्राम गृह का निर्माण हो जाने से मुख्यमंत्री के उज्जैन आगमन पर अतिथि सत्कार के लिए आने वाले विशिष्ट  अतिथियों को एक वातानुकूलित परिसर मय बैठक व्यवस्था उपलब्ध होगी। सिंहस्‍थ 2028 का आयोजन ग्रीन एंड क्लिन की थीम पर होगा मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने उज्‍जैन प्रवास के दौरान सिंहस्थ- 2028 महापर्व को हरित एवं स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर निगम को 2.25 करोड़ रुपए की लागत की इलेक्ट्रिक व्‍हील लोडर मशीन की चाबी प्रदान की। सिंहस्थ के विशाल धार्मिक आयोजन में विशाल संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होगा।  स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में एक निजी कम्पनी द्वारा  अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत उज्जैन नगर निगम को ₹2.25 करोड़ मूल्य की 820TE इलेक्ट्रिक व्हील लोडर मशीन (3 इकाइयाँ) स्वीपिंग अटैचमेंट सहित प्रदान की गई है। ये मशीनें पूरी तरह बैटरी संचालित हैं और शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) के साथ कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैन संत जिनेन्द्र जी महाराज से लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान चिमनगंज कृषि उपज मंडी पहुंचकर जैन संत जिनेन्द्र जी महाराज से भेंटकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जैन समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत-अभिननंदन किया। संत जिनेन्द्र जी महाराज धर्मदास गण के वर्तमान प्रवर्तक है। डूंगर, मालवा, राजस्थान इनका विचरण क्षेत्र रहता है। स्थानकवासी परंपरा के संत हैं। वर्तमान में अक्षय तृतीया महोत्सव के उपलक्ष में संत महाराज का प्रवास के दौरान कृषि उपज मंडी चिमनगंज में वर्षीतप पारणा महोत्सव पर आयोजित किया गया है। भगवान परशुराम की प्रतिमा पर किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सर्किट हाउस पर भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के साथ भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन-अर्चन कर आरती की और प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों द्वारा भगवान परशुराम का चित्र और फरसा भेंट किया गया।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह बोले – किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध

भोपाल.  केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के किसानों के कल्याण की दिशा में हमारा मजबूत प्रयास है। किसान सम्मान निधि के रूप में हर पात्र किसान के बैंक खाते में 6000 रुपए सीधे ट्रांसफर किये जा रहे हैं, जिससे वे खाद, बीज और खेती-किसानी के अन्य जरूरी समान खरीद सकें। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। अब तक हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए की सहायता किसान भाइयों को दे चुकी है। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह शनिवार को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित "उन्नत कृषि महोत्सव-2026" को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा त्रि-दिवसीय कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं राज्य शासन के कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण में मदद के लिए स्वॉइल मोबाइल ऐप ई-फॉर्म लान्च किया गया। इस ऐप की मदद से किसान बंधु खुद अपने खेत की मिट्टी की सेहत जांच सकेंगे। कार्यक्रम में नरवाई प्रबंधन, कस्टम हायरिंग एवं अन्य शासकीय योजनाओं के 10 क्षेत्रीय हितग्राही किसानों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान देश में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर केंद्रित आकर्षक लघु फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ह्दय प्रदेश को दी एक अलग पहचान केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं कर्मठ नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायसेन की उर्वर भूमि पर हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव प्रदेश के किसानों की तकदीर और उनकी माली हालत की तस्वीर बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित वेयर हॉउसिंग और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए उपहार केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बेमिसाल कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक उपहार की तरह है। इसमें प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई अब फसल बीमा के माध्यम से की जा रही है। भारत सरकार ने देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए हैं। इसकी मदद से किसान पता लगा पा रहे हैं कि उनके खेत में कौन सी फसल ली जा सकती है और उन्हें खाद की कितनी मात्रा डालनी है। इससे कृषि की लागत घटी है। भारत सरकार ने गांव-गांव तक सड़कें, नल से जल, बिजली कनेक्शन दिए और गांवों को शहरों से जोड़ा है। देशभर की मंडियां ऑनलाइन होने से किसान अब घर बैठे अपनी उपज बेच सकता है। हमारी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि किसानों और गांवों के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वे देश के रक्षा मंत्री है, लेकिन दिल से एक किसान भी हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती के पैदा फसल-सब्जियों से जवानों की सेहत हुई अच्छी केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने किसानों के हित में रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए नवाचार की जानकारी देते हुए बताया कि हमने देशभर में मौजूद सेना की छावनियों के आसपास के किसानों से ही प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए फल एवं सब्जियां खरीदने का निर्णय लिया है। प्राकृतिक और जैविक खेती से पैदा फल और सब्जियां के उपभोग से जवानों की सेहत भी अच्छी हुई है। हमने इन खाद्य उत्पादों को बाहर से बुलवाना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने श्रीअन्न को भी प्रोत्साहन दिया है। इससे छावनी इलाकों के आसपास के किसानों को श्रीअन्न का समुचित मूल्य मिल रहा है। हमारे प्रयासों से जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित अनाज परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी गति देता है। किसान केवल अन्न ही नहीं, वह अर्थव्यवस्था, रोजगार और सेवाओं को भी आगे बढ़ाता है। किसानों के बिना अर्थव्यवस्था बेजान है। हमारी सरकार खेती के पेशे को बड़े सम्मान से देखती है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हमारे युवा साथी खेती-किसानी के व्यवसाय से जुड़ें। भारतीय युवा शक्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। खेती को ड्रोन, मोबाइल सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक और नवाचारों के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मिट्टी की जांच, मौसम का पूर्वानुमान, फसलों की निगरानी तकनीक से की जा सकती है। खाद्य प्रसंस्करण से भी कच्चे कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर लाभ कमाया जा सकता … Read more

सीधी में सीएम का सख्त तेवर: कामचोर अफसरों को दी सीधी चेतावनी

सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अल्प प्रवास पर सीधी पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें अधिकारी-कर्मचारियों की शिकायत मिली है, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कार्रवाई की ओर इशारा किया है। सीएम ने कहा कि रात तक औचक निरीक्षण का परिणाम देखने को मिलेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों को मैदान में रहकर काम नहीं करना, वे वल्लभ भवन में रहें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में भारी असंतोष बता दें कि पिछले कई महीनों से जिले के दो बड़े अधिकारियों के कामकाज को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आमजन में असंतोष है। भाजपा के पदाधिकारियों ने इसका खुलकर विरोध भी किया है। इतना ही नहीं, प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में भी इसका असर देखने को मिला है। बदलाव की सुगबुगाहट अधिकारी-कर्मचारी के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। हालांकि, सीएम के बयान का असर देर रात तक स्पष्ट हो जाएगा। मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के बाद जिले के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।  

एमजीएम इंदौर में बनेगा अत्याधुनिक अस्पताल भवन, क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

 अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज इन्दौर में प्रस्तावित नवीन आधुनिक चिकित्सालय भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में चिकित्सा अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इन्दौर में प्रस्तावित नवीन आधुनिक चिकित्सालय भवन के निर्माण से बिस्तरों की संख्या में वृद्धि होगी, साथ ही विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों, अत्याधुनिक आईसीयू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक रेडियोलॉजी एवं प्रयोगशाला सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रस्तावित अत्याधुनिक आकस्मिक चिकित्सा विभाग इन्दौर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा सिद्ध होगा। साथ ही चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, अध्ययन क्षेत्र तथा प्रशिक्षण विधाओं का भी विकास किया जा रहा है। परिसर में आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण, समुचित पार्किंग व्यवस्था, आधुनिक लॉन्ड्री, सीएसएसडी, सेंट्रल लैब, ब्लड बैंक तथा सीवरेज और ईफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण एवं अधोसंरचना विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस, एमडी बीडीसी सिबी चक्रवर्ती सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि नवीन चिकित्सालय भवन को भवन विकास नियमन एवं मानदण्डों के अनुसार उच्च-भवन के रूप में सभी आवश्यक बिल्डिंग सर्विसेस के साथ विकसित किया जाएगा। इसमें कुल लगभग 1450 बिस्तरों की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिसमें मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, मातृत्व एवं शिशु, नेत्र, त्वचा, ईएनटी तथा इमरजेंसी मेडिसिन जैसे विभिन्न विभाग शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त 200 बिस्तरीय आईसीयू यूनिट, 16 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, 2 इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक रेडियोलॉजी विभाग, सेंट्रल लैब एवं ब्लड बैंक जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित भवन, वर्तमान सुपर स्पेशियलिटी भवन एवं निर्माणाधीन कैंसर चिकित्सालय के मध्य निर्मित किया जाएगा, जिससे सभी चिकित्सा सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। साथ ही 210 बिस्तरीय अत्याधुनिक आकस्मिक चिकित्सा विभाग भी स्थापित किया जाएगा, जो इन्दौर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के रोगियों के लिए और अधिक सुविधाजनक होगा। परियोजना अंतर्गत नर्सिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 550 बिस्तरीय नवीन छात्रावास, 250 सीट क्षमता का मिनी ऑडिटोरियम, विभिन्न संकायों के अध्ययन क्षेत्र, प्रयोगशालाएँ तथा प्राध्यापकों के कक्ष भी विकसित किए जाएंगे। परिसर में आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, आधुनिक लॉन्ड्री, सीएसएसडी, स्टोर तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं ईफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है।  

सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर तंज: संकट के समय तिरंगा लेकर चले जहाज, विपक्ष फैलाता रहा भ्रम

कटनी  बरही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब एक हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए किसानों के लिए कृषि महोत्सव आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने प्रदेश के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। साथ ही उन्होंने बताया कि आवास योजनाओं के लिए फिर से सर्वे कराया जा रहा है और जल्द ही जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना भी की जाएगी। भव्य आभार रैली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शनिवार को कटनी जिले के बरही में भव्य आभार रैली के माध्यम से स्वागत किया गया। बड़ा तालाब से विजयनाथ धाम मंदिर के मेला प्रांगण तक करीब एक किलोमीटर लंबी रैली निकाली गई। बरही के मुख्य बाजार मार्ग से रथ में निकली इस रैली के दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। रैली के दौरान मुख्यमंत्री के साथ रथ में खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक और जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी भी मौजूद रहे। किसानों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्धजनों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।  

अशोकनगर को रंग पंचमी पर मिला विकास का तोहफा, 115.35 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान

भोपाल/अशोकनगर  रंग पंचमी के मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने 8 मार्च को यहां 115 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत के 50 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। उन्होंने करीला माता धाम में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता भी की। सीएम डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ दिए। इससे पहले उन्होंने वनोपज, कृषि आधारित उत्पादों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनजर उन्होंने विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्‍मानित भी किया। महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए अनेको योजनाएं संचालित कर रही है। साथ ही, आगामी लोकसभा-विधानसभा निर्वाचन में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रदेश सरकार हर महीने 1500 रुपये दे रही है। महिलाओं को विभिन्न विभागों में आरक्षण देकर उच्च पदों पर नियुक्ति दी गईं हैं। किसान कल्याण वर्ष का आयोजन प्रदेश में किया जा रहा है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार 6-6 हजार रुपये की राशि किसान सम्मन निधि के रूप में दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की बड़ी घोषणा इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ग्राम दीपनाखेड़ा से करीला धाम तक 10 किलोमीटर की सड़क की स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि करीला धाम तीर्थ के लिए कार्य योजना बनाई जाए। बता दें, इससे पहले उन्होंने करीला धाम पहुंचकर माता जानकी के दर्शन किए। यहां उन्होंने प्रदेश वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-पाठ के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ खेली फूलों की होली भी खेली। इस दौरान उन्होंने कहा कि करीला धाम में आस्था के साथ पूर्ण श्रद्धा भाव से श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन करने आते हैं। माता जानकी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करती हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर माता जानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया है। माता सीता शक्ति पराक्रम की देवी है, माता सीता का प्रताप गौरवशाली संस्कृति है। इस पवित्र स्थान से महर्षि वाल्मीकि, सीता माता एवं लव कुश की कहानी जुड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काल में अलग-अलग देवताओं का महत्व रहा है। हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान दिया गया है। इतनी लागत के होंगे निर्माण कार्य अशोकनगर में सांदीपनी शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय महिदपुर (लागत 29.45 करोड़), मोहन पुर लिधोरा मार्ग से किर्राया सड़क (लागत 1.26 करोड़), मुंगावली चंदेरी मार्ग से डुंगासरा तक सड़क निमार्ण (लागत 25 लाख रुपये), नदी पर उच्‍च स्‍तरीय पुल निमार्ण (लागत 7.06 करोड़ रुपये), 30 बिस्‍तरीय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवन राजपुर (लागत 10.94 करोड़ रुपये), आंगनवाड़ी भवन निर्माण ग्राम खैरोना (लागत 95 लाख रुपये), पंचायत भवन निमार्ण कजराई (लागत 2 लाख 25 हजार रुपये), शासकीय गणेश शंकर विद्यार्थी महाविद्यालय (लागत 5.42 करोड़ रुपये), 100 बिस्‍तरीय बालिका छात्रावास मल्‍हारगढ़ (लागत 1.78 करोड़ रुपये), प्राथमिक शाला भवन अथाई घाट (लागत 43 लाख रुपये) का लोकार्पण हुआ। इसके अलावा मां जानकी करीला धाम परिसर में वीआईपी दर्शन एप्रोच मार्ग (लागत 6.50 लाख रुपये), सीता रसोई के पास हट निर्माण (लागत 5 लाख रुपये), टीनशेड निर्माण (लागत 2.5 लाख रुपये), हेलीपेड-रोड निर्माण (लागत 15 लाख रुपये), वीआईपी पार्किंग के लिए रैंप निर्माण (लागत 5 लाख रुपये), पानी टंकी निर्माण (लागत 40 लाख रुपये), पेयजल के लिए नए 5 हैंडपंप (लागत 89 लाख रुपये) का लोकार्पण भी हुआ।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश, समाज और परिवार की प्रगति में हर चुनौती में सहभागी रहने वाली मातृशक्ति को शत्-शत् नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों, नए प्रतिमान गढ़ें, यही मेरी मंगलकामनाएं हैं।  

क्वींस ऑन द व्हील्स 3.0 को CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से 'नारी सशक्तिकरण' और 'साहस' की एक नई मिसाल पेश की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से 'क्वींस ऑन द व्हील्स 3.0' (Queens on The Wheel 3.0) के तहत देश के कोने-कोने से आई 25 महिला सुपर बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महिला बाइकर्स 7 दिन में 1400 किमी का सफर तय कर एमपी के पर्यटन का प्रचार करेंगी। सांची, चंदेरी, कूनो, ग्वालियर और ओरछा होते हुए खजुराहो जाएंगी। 1400 किलोमीटर की यह रोमांचक बाइक ट्रायल 13 मार्च को भोपाल में समाप्त होगी। 7 दिन और 1400 किलोमीटर का सफर 'क्वींस ऑन द व्हील्स' बाइक रैली का यह तीसरा संस्करण एक बड़े उद्देश्य के साथ शुरू हुआ है। 25 सुपर बाइकर्स का यह ग्रुप अगले 7 दिनों तक मध्यप्रदेश की सड़कों पर 1400 किलोमीटर का सफर तय करेगा। यह यात्रा भोपाल से शुरू होकर सांची, चंदेरी, कूनो नेशनल पार्क, ग्वालियर और ओरछा जैसे प्रमुख ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थलों से गुजरते हुए खजुराहो पहुँचेगी। नारी शक्ति और सुरक्षा का संदेश कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुपर बाइकर्स को शुभकामनाएं दी, उन्होंने कहा कि "देश का दिल मध्यप्रदेश अजब भी है, गजब भी है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सजग भी है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन केवल एक बाइक रैली नहीं है, बल्कि यह बदलते समाज की सकारात्मक तस्वीर है। यह रैली 'रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल' (जिम्मेदार पर्यटन) को प्रोत्साहित करेगी और यह दिखाएगी कि प्रदेश की सड़कें महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वींस ऑन द व्हील 3.0 केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण, साहस और पर्यटन के माध्यम से मध्यप्रदेश की पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का अनूठा अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा- 'देश का दिल' मध्य प्रदेश अजब भी है, गजब भी है और महिलाओं के लिए सुरक्षित व सजग भी है। ऐतिहासिक स्थलों का होगा प्रचार-प्रसार इस यात्रा का रूट मैप प्रदेश के समृद्ध इतिहास और वन्यजीवों की झलक दिखाने के लिए तैयार किया गया है। बाइकर्स जहाँ चंदेरी की बुनाई और सांची के स्तूपों को करीब से देखेंगी, वहीं कूनो में चीतों की धरती का अनुभव भी लेंगी। इस साहसिक यात्रा का समापन 13 मार्च को वापस भोपाल में ही होगा।

बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

50 एकड़ में स्थापित होगा आदर्श बीज उत्पादन केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी कृषि एवं विकास योजनाओं की सौगात राजकीय गरिमा के साथ मनाया गया भगोरिया पर्व : जुलवानिया भगोरिया हाट में उड़ा उल्लास और परंपरा का रंग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगोरिया केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आनंद में झूमने का पर्व है। पर्व में महिला और पुरुष समान रूप से कदम से कदम मिलाकर नृत्य करते हैं और पारंपरिक वेशभूषा में लोक संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरते हैं। ताड़ी जैसे पारंपरिक पेय का आनंद भी इस उत्सव का हिस्सा है। जनजातीय संस्कृति की अपनी विशिष्ट पहचान और महत्व है। इसी परंपरा को संरक्षित करने के लिये राज्य सरकार ने इस पर्व को राजकीय पर्व का दर्जा देकर इसकी गरिमा को और बढ़ाया गया है। यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले के जुलवानिया में भगोरिया उत्सव में कही। बड़वानी के जुलवानिया में भगोरिया हाट में उस समय उल्लास और उमंग का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय बंधुओं के भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन से पूरा हाट परिसर उत्साह, रंग और पारंपरिक उल्लास से सराबोर हो गया। जनजातीय संस्कृति की जीवंत छटा से सजे इस पारंपरिक पर्व में मांदल की गूंजती थाप, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित नर्तक-नर्तकियों की मनमोहक प्रस्तुतियां तथा गुलाल से रंगीन वातावरण ने भगोरिया को और भी आकर्षक बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कलाकारों के साथ मांदल की थाप पर कदम मिलाकर उनकी कला और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, उत्सवधर्मिता और जीवन के प्रति आनंदमयी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक मौसम के अनुरूप त्यौहारों की परंपरा रही है, जिससे जीवन में उल्लास और सामूहिकता बनी रहे। पूर्वजों द्वारा स्थापित यह आनंदमयी परंपरा आज भी जीवंत है। सदियों से भगोरिया पर्व इस क्षेत्र में हर्ष, उमंग और लोक जीवन की ऊर्जा का प्रतीक बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ का क्षेत्र, मां नर्मदा के आशीर्वाद से समृद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल प्रबंधन एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से सूखे खेतों तक पानी पहुंचा है और फसलें लहलहा रही हैं। यहां विविध प्रकार की फसलें, फल और सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। प्राकृतिक खेती को भी किसान उत्साहपूर्वक अपना रहे हैं, जिसके कारण बड़वानी जिले के फल एवं सब्जियों की मांग देश-विदेश में बनी हुई है। अब लक्ष्य है कि फसल को खेत से कारखाने तक पहुंचाया जाए और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया के आनंद और बड़वानी की उन्नत कृषि को सम्मान देने के उद्देश्य से कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया, जिसमें किसान कल्याण वर्ष की पहली कैबिनेट में 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के निर्णय लिए गए। किसानों के हित में भावांतर भुगतान योजना में सोयाबीन पर 1,500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर समान अवसर सुनिश्चित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैबिनेट के साथ पहली बार भीलट देव के दर्शन कर मन आनंदित हुआ। निमाड़ महान संत सिंगाजी, दादा धूनिवाले जैसी विभूतियों की पावन भूमि है, जिन्होंने समरसता और सद्भाव का संदेश दिया। आपसी द्वेष और मतभेद भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ होली का त्यौहार मनाने का संदेश देते हुए अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा अधिक है। इसके विस्तार के लिये कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के साथ आधुनिक सब्जी मंडी की स्थापना की जाएगी। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए पानसेमल एवं वरला माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हैक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और जनजातीय किसानों को सीधा लाभ होगा। खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिये 25 किसानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 50 एकड़ क्षेत्र में आदर्श बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पलसूद बायपास एवं ओझर बायपास का निर्माण कराया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय आवागमन को नई सुविधा मिलेगी। साथ ही एबी रोड से भंवरगढ़ स्थित खाज्या नायक स्मारक तक पहुँच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही दीवानी से जोगवाड़ा पहुँच मार्ग तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इन सभी कार्यों से क्षेत्र के विकास, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।