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वन विभाग का “विजन@2047 री-इमेजिनिग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर” महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके परिणामस्वरुप ही समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लिए प्रदेश में सभी क्षेत्रों में समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं अपितु राष्ट्र की अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर हैं। वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के दृष्टिगत प्रदेश के वन संसाधनों के संरक्षण, उनके समुदाय आधारित प्रबंधन और 21वीं सदी में भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में वनों के योगदान संबंधी दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जैव विविधता, समृद्ध सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा "विजन @2047 री-इमैजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर" महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट है। मध्यप्रदेश, विविध और समृद्ध वनों से परिपूर्ण है। यहां घने वनों से लेकर अर्ध-शुष्क वन और नदी तटीय पारिस्थितिक तंत्र तक विद्यमान हैं। ये वन असंख्य वनस्पतियों और वन्य जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं तथा प्रमुख नदियों के उद्गम क्षेत्र बनकर लाखों लोगों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रदेश के वन, जनजातियों एवं वन-आश्रित समुदायों की आजीविका का आधार हैं, जिनकी संस्कृति और पहचान, वन पारिस्थितिकी से परस्पर जुड़ी है। इन वनों की सुरक्षा केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अनिवार्यता भी है। विजन@2047 इस विश्वास पर आधारित है कि केवल नियमन और संरक्षण पर आधारित पारंपरिक वन प्रबंधन पद्धतियाँ अब पर्याप्त नहीं हैं। बदलते वर्षा पैटर्न, बढ़ता तापमान, वनों में लगने वाली आग और भूमि उपयोग का दबाव व्यापक एवं दूरदर्शी समाधान की मांग करते हैं। इस संदर्भ में यह विज़न पारिस्थितिकी-आधारित, जलवायु- अनुकूल, विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को अपनाता है। विजन@2047 का प्रमुख आधार समुदायों की भागीदारी है। विजन में वन-आश्रित समुदायों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि वन संसाधनों के सह-प्रबंधक एवं संरक्षक के रूप में देखा गया है। जब समुदायों को वनों से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है, तो वे उनके सबसे सशक्त संरक्षक बन जाते हैं। इस विश्वास के साथ यह विज़न समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। यह विज़न वन प्रबंधन के आधुनिकीकरण पर भी विशेष बल देता है। शासकीय प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने पर विजन डॉक्यूमेंट में विशेष महत्व दिया गया है। संस्थागत सुधार और क्षमता निर्माण विज़न@2047 की आधारशिला हैं। नीतियों को प्रभावी परिणामों में परिवर्तित करने के लिए एक दक्ष, प्रशिक्षित और प्रेरित कार्यबल अत्यंत आवश्यक है। विभाग प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार में सतत निवेश करेगा। विजन@2047 को 5 अध्यायों में विभाजित किया गया है। इसमें वन विभाग के इतिहास और संरचना, विभाग की दृष्टि- मिशन और नीति निर्देशक सिद्धांतों, वर्ष 2024 तक के लक्ष्यों पर विशेष अध्याय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही विजन@2024 को क्रियान्वित करने के प्रमुख 11 स्तंभों क्रमश: वन प्रबंधन, वन्य जीव संरक्षण, वन संरक्षण, वन संसाधनों का श्रेष्ठतम उपयोग, वन भूमि के बाहर हरित आच्छादन, सामुदायिक वानिकी और आजिविका, पर्यावरण पर्यटन और प्रकिृत शिक्षा, जलवायु सहनशीलता, कार्बन एवं परिस्थितिकीय तंत्र सेवाएं, नीतिगत एवं विधिक सुधार, मानव संसाधन- क्षमता एवं कल्याण और डिजिटल एवं डेटा रूपांतरण की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। विजन@2047 ऐसा दस्तावेज है, जो समय के साथ उभरती चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप आकार लेता रहेगा। यह दृष्टि पत्र 33% हरित आच्छादन के लक्ष्य तथा वर्ष 2017 तक नेट जीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के वन आने वाले वाली पीढियों के लिए स्वस्थ, उत्पादक और सम सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहे।  

अब हर महीने ₹3000! लाड़ली बहना योजना को लेकर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा

भोपाल विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav Ladli Behna Yojana) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने का वादा भाजपा के संकल्प (घोषणा) पत्र में किया गया है। यह पांच साल यानी 2028 तक के लिए है। उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, हम तीन हजार रुपये देकर रहेंगे। नए पंजीयन को लेकर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। कांग्रेस के सदस्य सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और विरोध स्वरूप बहिर्गमन कर गए। प्रश्नकाल में उठा मुद्दा प्रश्नकाल में कांग्रेस के महेश परमार ने नए पंजीयन न होने, तीन हजार रुपये का वादा करने के बाद भी न देने और 60 वर्ष के होते ही योजना से हितग्राही का नाम काटने का मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि सेना की अधिकारी सोफिया कुरैशी का अपमान करने वाले मंत्री विजय शाह यहां बैठे हैं। उन्होंने रतलाम में कहा कि सीएम के सम्मान कार्यक्रम में लाड़ली बहना नहीं आएंगी तो नाम काट देंगे। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा पर भी धमकाने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पंजीयन प्रारंभ करने की तिथि पूछी। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि योजना के प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक 1,31,06,525 महिलाओं का पंजीयन किया गया। वर्तमान में 1,25,29,051 पंजीयन सक्रिय हैं। नए पंजीयन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। लाड़ली बहना योजना में मृत्यु होने या 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर हितग्राही को योजना से बाहर किया जाता है। 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर अन्य योजना में पात्रता अनुसार आवेदन किया जा सकता है। राशि और व्यय का ब्यौरा वर्ष 2025-26 में 1,500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से लाड़ली बहनों को 18,528 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। एक हजार रुपये प्रतिमाह से प्रारंभ हुई योजना की राशि में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसका उपयोग बहनें शिक्षा, पोषण सहित अन्य कार्यों में कर रही हैं। विपक्ष ने किया बहिर्गमन मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जब योजना लागू हुई थी तब कहा जाता था कि यह चुनावी योजना है और बंद हो जाएगी, लेकिन आज हम 1,500 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं। तीन हजार रुपये देने की घोषणा हमारे संकल्प पत्र में है, जो पांच वर्ष के लिए है और हम देकर रहेंगे। पंजीयन पर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। विपक्ष जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन कर गया।

टेकऑफ के तुरंत बाद डगमगाया CM मोहन यादव का हेलीकॉप्टर, बाल-बाल टला हादसा

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा में मुख्यमंत्री मोहन यादव के हेलीकॉप्टर की उड़ान के दौरान कुल पल के लिए तब लोगों की सांसें थम गईं जब टेक ऑफ के तुरंत बाद यह आगे बढ़ने की बजाए पीछे हटने लगा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोग सीएम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए थे। यह घटना हाल ही में तब हुई जब CM मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना में लाड़ली बहना योजना के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। खंडवा के पंधाना में उड़ान भरने के दौरान अचानक मुख्यमंत्री मोहन यादव का हेलीकॉप्टर आगे जाने के बजाय पीछे और नीचे की ओर झुकने लगा। यह सीन देखकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी घबरा गए लेकिन पायलट ने सूझबूझ से हेलीकॉप्टर को संभाल लिया। आखिरकार हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से हवा में संतुलित कर जब आगे अपने सफर के लिए रवाना हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सनातन व्यवस्था के संस्कार जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की है वैज्ञानिक पद्धति

शासकीय चिकित्सालयों में बनाए जाएंगे गर्भ संस्कार कक्ष चिकित्सा विश्वविद्यालयों में की जाएगी गर्भ संस्कार के अध्ययन- अध्यापन की व्यवस्था पुस्तक "गर्भ संस्कार" का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परंपरा और विज्ञान कभी अलग-अलग नहीं रहे। सनातन व्यवस्था के संस्कार केवल धार्मिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है। गर्भ में पल रहे शिशु को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संस्कारित करना ही गर्भ संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में बनने वाले शासकीय चिकित्सालयों के भवनों में गर्भ संस्कार कक्ष बनाए जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े महाविद्यालयों में गर्भ संस्कार के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था की जाएगी, शीघ्र ही इससे संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के डेली कॉलेज में गर्भ संस्कार पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंग वस्त्रम तथा श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक "गर्भ संस्कार" का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक डॉ. अनिल गर्ग और डॉ. सीमा गर्ग हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन समुदाय को गर्भ संस्कार का प्रचार- प्रसार करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मातृत्व केवल जैविक प्रक्रिया नहीं है, गर्भ शरीर निर्माण के साथ संस्कार की पहली पाठशाला भी है। आधुनिक विज्ञान ने सिद्ध किया है कि 5-6 महीने से ही बच्चे पर माँ की भावनाओं और बाह्य वातावरण का प्रभाव पढ़ने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत में अभिमन्यु तथा अन्य पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि हमारे पूर्वज मानसिक और भावनात्मक विकास की गहरी समझ रखते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद की सामर्थ्य सर्वविदित है। कोविड काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कोविड से बचाव के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों ने आयुर्वेद की प्रक्रियाओं अपनाया। आयुर्वेद में गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकारा गया है। वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकार कर रहा है। अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य श्री भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत का चिंतन विश्व को संचालित करने का नहीं, बल्कि मार्गदर्शन करने का है। भारत “सुपर राष्ट्र” बनेगा, जो जीवन के विविध क्षेत्रों में दुनिया को सही दिशा दिखाएगा। उन्होंने कहा कि सृष्टि के चक्र में भारत ने उत्थान और पतन दोनों देखे हैं, लेकिन उसकी आत्मिक शक्ति और बीज रूप में सामर्थ्य इतनी मजबूत है कि वह फिर उठ खड़ा होने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ मनुष्य का निर्माण केवल शिक्षा या भौतिक संपदा से नहीं, बल्कि सुशिक्षा और सुसंस्कार से ही संभव है। मानव संपदा के बिना राष्ट्र का उत्थान संभव नहीं। श्री जोशी ने कहा कि पश्चिमी दृष्टि मनुष्य को मशीन मानती है, जबकि भारतीय चिंतन मनुष्य को पूर्ण विकसित मनुष्य बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब शस्त्र अयोग्य हाथों में चले जाते हैं तो दुष्परिणाम होते हैं, इसलिए शक्ति के साथ संस्कार अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर पुण्य सलिला देवी अहिल्याबाई की श्रेष्ठ परंपरा वाली नगरी है। इंदौर से इस आयोजन का होना प्रतीकात्मक है, क्योंकि विचारों का प्रस्फुटन प्रायः मध्य से होता है। श्री जोशी ने युवाओं और दंपत्तियों से आग्रह किया कि शास्त्रों में निहित मूल्यों को केवल प्रस्तुति तक सीमित न रखें, बल्कि आचरण में उतारें। इसके लिए जनजागरण और व्यापक आंदोलन आवश्यक है, ताकि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति सही मार्ग पर चल सके और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। उन्होंने कार्यक्रम के शोधकर्ताओं, प्रयोगकर्ताओं और आयोजकों से कहा कि इस पहल की सार्थकता तभी है जब समाज इसे गंभीरता से अपनाए और अनुभवों को साझा कर आगे बढ़े। कार्यक्रम को डॉ. अनिल कुमार गर्ग और डॉ. हितेश भाई जानी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया और श्री गोलू शुक्ला, जनप्रतिनिधि, आरोग्य भारती के श्री अशोक वार्ष्णेय, श्री योगेंद्र महंत, श्री गुणवंत कोठारी, श्री विनोद अग्रवाल, श्री विक्रम सिंह पवार, डॉ. हितेश भाई जानी, श्री राधेश्याम शर्मा गुरु जी और डॉ. अनिल कुमार गर्ग सहित आध्यात्मिक-धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को किया संबोधित

पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर किया जाएगा विचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर देश का विकास करना है तो गांवों को विकसित करें, देश अपने आप आगे बढ़ता चला जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव ही स्वावलंबी भारत की नींव हैं। राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसमें 16 अलग-अलग विभागों को शामिल किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु-कुटीर उद्योग सहित सभी विभागों की योजनाओं का लाभ पंचायत हितग्राहियों को मिलेगा। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भेल दशहरा मैदान पर आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मेलन में पहुंचने पर करतल ध्वनि और नारों से उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत सचिव महासंघ के प्रतिनिधियों द्वारा बड़ी माला और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं। वे सरकारी नीति-निर्णयों और योजनाओं को क्रियान्वित कर धरातल पर उतारते हैं। राज्य सरकार, पंचायत, पंचायत सचिव और पंच परमेश्वर के सहयोग से जनकल्याण के साथ विकास के पैमाने पर आगे बढ़ रही है। हम रामराज की कल्पना करें तो पंचायत सचिव एक प्रकार से पंचायती राज में हनुमान जी की भूमिका में काम करते हैं। प्रधानमंत्री आवास हो या आर्थिक सहायता का लाभ, सभी जनकल्याणकारी कार्य पंचायत सचिव ही पूर्ण कराते हैं। वे ग्रामीण परिवारों के लिए एक सदस्य के नाते संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं। ऐसे में पंचायत सचिवों की चिंता करना सरकार का कर्तव्य है। पंचायत सचिवों के लिए जिला स्तर पर कैडर का गठन करने के साथ उन्हें डिजिटल भारत के निर्माण के लिए सभी तरह के तकनीकी संसाधनों से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत को सम्मान, संसाधन और आधुनिकता देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। पंचायत के लिए सुसज्जित कार्यालय अटल भवन सामुदायिक भवनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से केवल कौशल नहीं अपितु प्रशासकीय व्यवस्था की संस्कृति को बदलने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और वाहन भक्तों में वृद्धि की है। इसके साथ ही सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया गया है। पंचायत सचिवों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत सचिवों के सेवाकाल की आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है। उनके लिए 7वें वेतनमान के आदेश जारी किए जा चुके हैं। पंचायत सचिवों को विशेष भत्ते का भी लाभ दिया जाएगा। सेवाकाल में पंचायत सचिव की मृत्यु होने पर परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपए की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर विचार किया जाएगा। पंचायत सचिव का दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का है पवित्र अवसर : मंत्री श्री प्रहलाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि ग्राम सभा से लेकर विकास कार्यों के क्रियान्वयन तक हर प्रक्रिया की धूरी पंचायत सचिव हैं। उनका दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का पवित्र अवसर है। पंचायत सचिवों को आयुष्मान कार्ड योजना के दायरे में लाने की शुरुआत कर दी गई है। पंचायत सचिवों को मिलने वाला 1300 रुपए भत्ता भी प्रारंभ किया जाएगा। म.प्र. पंचायत सचिव संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेश पटेल ने कहा कि यह महासम्मेलन ग्रामीण भारत की रीढ़ को सशक्त करने का आयोजन है। पंचायत सचिव शासकीय योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रदेश ने औद्योगिक विकास के साथ ग्रामीण विकास के लिए जल संचयन की योजना में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया है। सभी पंचायत सचिव इसमें हर संभव योगदान देने के लिए तत्पर हैं। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्री कुलदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिकों एवं मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव महासम्मेलन में भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील किदवई, सचिव संगठन के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री बालमुकंद पाटीदार, श्री सत्यनारायण यादव, श्री अरविंद सोलंकी, श्री शिवराज सिंह रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पंचायत सचिव एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

सीएम मोहन यादव का देवोस दौरा, स्विट्जरलैंड जाने से पहले किया जाएगा अंतिम मंथन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्विट्जरलैंड के दावोस जाने की तैयारी कर रहे हैं। स्विट्जरलैंड का उनका ये दौरा महज एक विदेश यात्रा नहीं, बल्कि इसके माध्यम से मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का अहम कदम होगा। वर्ल्ड इकोननॉमिक फोरम के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने से पहले सीएम मोहन यादव ने मंत्रालय में वरिष्ठ अफसरों के साथ एक रणनीतिक बैठक आयोजित की। बैठक में तय हुआ एमपी खुद को कैसे करेगा पेश बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत उद्योग, निवेश, ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में तय किया गया कि दावोस के मंच पर मध्यप्रदेश को खुद को किन प्रमुख बिंदुओं और संभावनाओं पर पेश करना चाहिए। खासतौर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों, निवेश के अनुकूल माहौल और हाल के सालों में हुए सुधारों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने पर जोर दिया। प्राथमिक एजेंडे में क्या जानकारी के मुताबिक सीएम ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि दावोस में सिर्फ योजनाओं का ब्योरा नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की 'ग्राउंड रियलिटी' और निवेश की वास्तविक संभावनाएं सामने रखी जाएं। राज्य में लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन सेक्टर में मौजूद अवसरों को प्राथमिक एजेंडे में शामिल किया जा रहा है। जाने से पहले एक और उच्चस्तरीय बैठक होगी बैठक में यह भी तय किया गया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले एक और उच्चस्तरीय बैठक की जाएगी, जिसमें दावोस में होने वाली संभावित द्विपक्षीय बैठकों और निवेश प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अगले सप्ताह स्विट्जरलैंड के दावोस रवाना होंगे। ऐसे में यह दौरा मध्यप्रदेश के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय मंच नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है।

रविवार को एमपी में 1100 ट्रैक्टरों के साथ सीएम मोहन यादव का किसान मेगा शो, जंबूरी मैदान में होगा सम्मेलन

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज  11 जनवरी को सीएम मोहन यादव किसानों के बीच मेगा शो करेंगे। इस आयोजन में भोपाल और आसपास के एक दर्जन जिलों से करीब 1100 ट्रैक्टरों के साथ किसान राजधानी पहुंचेंगे। पहले चरण में भोपाल- इंदौर बायपास पर किसानों की विशाल रैली निकाली जाएगी, जिसमें सीएम मोहन यादव शामिल होंगे। इसके बाद जम्बूरी मैदान में किसान सम्मेलन आयोजित होगा, जहां मुख्यमंत्री कृषि वर्ष 2026 की औपचारिक घोषणा करेंगे। जंबूरी मैदान पर होगा किसानों का जुटान मप्र की मोहन सरकार इस साल 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के तौर पर मना रही है। भोपाल के जंबूरी मैदान पर 11 जनवरी को एक बड़ा किसान सम्मेलन होगा। इस सम्मेलन में सीएम डॉ मोहन यादव कृषि कल्याण वर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत करेंगे। सीएम मोहन यादव का मेगा शो कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से भोपाल-इंदौर बायपास स्थित एक निजी कॉलेज परिसर में उतरेंगे। यहां से वे सीधे किसानों की रैली में शामिल होंगे और ट्रैक्टर रैली के साथ जम्बूरी मैदान तक पहुंचेंगे। आयोजन स्थल तक मुख्यमंत्री का किसानों के साथ सड़कों पर उतरना सरकार की किसान केंद्रित नीति का बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश माना जा रहा है। यह इसलिए भी किया जा रहा है कि इस वर्ष किसानों और कृषि पर सरकार को पूर्व से ज्यादा फोकस होगा। रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसान अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ हिस्सा लेंगे। ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर प्रशासन विशेष इंतजाम कर रहा है ताकि शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। सीएम बताएंगे कृषि वर्ष 2026 का रोडमैप जम्बूरी मैदान में होने वाले किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कृषि वर्ष 2026 को लेकर सरकार की रूपरेखा प्रस्तुत कर सकते हैं। सम्मेलन में मुख्यमंत्री सरकार के आगामी तीन वर्षों के कृषि और कृषकों पर आधारित लक्ष्य भी सार्वजनिक कर सकते हैं। इन लक्ष्यों का मुख्य फोकस किसानों की आय में वृद्धि, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर रहेगा। सम्मेलन में प्राकृतिक खेती, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधीकरण और मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर भी सरकार की योजनाओं का खाका रखा जा सकता। इस मौके पर मुख्यमंत्री किसानों से सीधा संवाद भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा है कि लक्ष्य सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार सृजन और कृषि को ग्लोबल मार्केट से जोड़ना है। इसके लिए 3 साल का रोडमैप तय कर गतिविधियां चलाई जाएंगी। खेती से जुड़े सभी विभाग कृषि, सहकारिता, पशुपालन, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य और ऊर्जा आपसी समन्वय से काम करेंगे। ब्राजील-इजराइल तक ट्रेनिंग लेने जाएंगे किसान किसानों की क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य और संभाग स्तर पर प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट कराई जाएंगी। सरकार किसानों को देश के उन्नत कृषि राज्यों के साथ-साथ इजराइल और ब्राजील जैसे देशों में आधुनिक खेती, पशुपालन और तकनीकी नवाचार देखने भेजेगी। किसानों की आय बढ़ाने का सीधा प्लान सरकार ने 2026 को कृषि वर्ष घोषित करते हुए साफ किया है कि हर योजना का अंतिम लक्ष्य किसानों की आमदनी बढ़ाना होगा। इसके लिए कृषि गतिविधियों को तीन साल के लक्ष्य के साथ संचालित किया जाएगा। खेती को सिर्फ उत्पादन तक सीमित न रखकर बाजार, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट से जोड़ा जाएगा, ताकि किसान को उपज का बेहतर दाम मिल सके। मशीन, तकनीक और सिंचाई पर फोकस खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। माइक्रो इरिगेशन सिस्टम को प्रोत्साहित कर पानी की बचत के साथ उपज बढ़ाने की योजना है। किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए एग्री स्टेक और डिजिटल कृषि को जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा। कृषि वर्ष 2026 के प्रमुख उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि: खेती को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार मॉडल में बदलना। कृषि आधारित उद्योगों का विकास: खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देना। नवाचार और आधुनिक तकनीक: ड्रोन सेवाएं, हाइड्रोपोनिक्स, एग्री-स्टेक, किसान उत्पादक संगठन (FPO) प्रबंधन से युवाओं को जोड़कर रोजगार सृजन। प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग: मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यावरण अनुकूल खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को प्रोत्साहन। 

इंदौर दूषित पानी मामले में CM मोहन यादव ने लिया बड़ा एक्शन, निगम कमिश्नर को नोटिस, कई अधिकारियों पर कार्रवाई

 इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से उपजी त्रासदी पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. शुक्रवार सुबह मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम ने प्रशासनिक सर्जरी करते हुए कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिराई है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए हैं.  इसके अलावा, प्रदेश के मुखिया ने इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित जोनल अधिकारी जोन क्रमांक 4, सहायक यंत्री और प्रभारी सहायक यंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड और प्रभारी उपयंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से सेवा से बाहर कर दिया था. घटना की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है. मामले के तूल पकड़ते ही प्रशासन ने प्रभावित इलाके में युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया है. क्षेत्र के 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है. अब तक कुल 272 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 71 को छुट्टी मिल गई है. वर्तमान में 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 32 ICU में हैं. MY अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. मौत के आंकड़ों पर 'सस्पेंस' मुख्यमंत्री और प्रशासन सख्त कदम उठा रहे हैं, वहीं मौतों की संख्या को लेकर असमंजस अभी भी बना हुआ है. प्रशासन ने केवल 4 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है. मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 10 मौतों की जानकारी होने की बात स्वीकार की है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक 6 महीने के बच्चे समेत 14 लोगों की जान जा चुकी है. पाइपलाइन में लीकेज, पानी दूषित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज की लैब टेस्ट रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि इलाके में पीने का पानी एक पाइपलाइन में लीकेज के कारण दूषित हो गया था. हालांकि, CMHO ने रिपोर्ट के विस्तृत नतीजे साझा नहीं किए. प्रशासनिक अधिकारी भी इस बारे में साफ जानकारी देने से बच रहे हैं. भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन में लीकेज मिला, जिस जगह पर एक शौचालय बना हुआ हैण् उन्होंने दावा किया कि लीकेज के कारण पानी की सप्लाई दूषित हो गई. पिछले नौ दिनों में भागीरथपुरा में 1400 से ज्यादा लोग उल्टी और डायरिया से प्रभावित हुए हैं.

सीएम मोहन यादव का बड़ा कदम, स्विट्ज़रलैंड से निवेश लाने के लिए वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम में एमपी का रोडमैप पेश करेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए किए गए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे नवाचार अब स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के सम्मेलन में भी बताए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल के साथ 19 से 23 जनवरी के बीच दावोस में होने वाले इस सम्मेलन में शामिल होने स्विट्जरलैंड जाएंगे। सम्मेलन में मुख्यतः इकोनोमिक ग्रोथ, एआइ के प्रभाव, जलवायु परिवर्तन, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ाने पर चर्चाएं होगी। उद्योग, ऊर्जा में निवेश के लिए प्रदेश का रोडमैप दुनिया के सामने रखा जाएगा। साझा करेंगे जानकारियां वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम की बैठक में विश्व भर के नेता और बिजनेस लीडर्स शामिल होते हैं। भारत का भी एक केन्द्रीय प्रतिनिधिमंडल मंत्री की अध्यक्षता में फोरम की बैठक में शामिल होता है। इसमें राज्यों के भी प्रतिनिधि शामिल होते हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पहले पूर्व सीएम कमलनाथ फोरम की बैठक में शामिल हुए थे। अब सीएम डॉ यादव देश में चल रहे आर्थिक परिवर्तन के हिस्से के रूप में मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, नवाचार, निवेश अवसरों और सफलता की कहानियों के बारे में फोरम के मंच पर जानकारियां साझा करेंगे। 'पीपीपी' पर रहेगा जोर कार्यक्रम पांच वैश्विक चुनौतियों पर केंद्रित होगा। जहां आर्थिक प्रगति के लिए सभी की भागीदारी के साथ सार्वजनिक-निजी संवाद और सहयोग को बढ़ाने पर चर्चाएं होंगी। प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल सम्मेलन में होने वाली पैनल चर्चाओं, राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस और सरकार-से-व्यवसाय तथा सरकार-से-सरकार बैठकों की श्रृंखला में भाग लेगा। साथ ही वैश्विक राजनीतिक और बिजनेस लीडर्स के साथ स्थिरता सहित अन्य विषयों पर होने वाले सत्रों में भी भाग लेगा।

शादी के 21 दिन बाद सीएम मोहन यादव के बेटे-बहू नर्मदा परिक्रमा पर, यात्रा ओंकारेश्वर से शुरू

 खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा के ओंकारेश्वर से सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे और बहू ने नर्मदा परिक्रमा शुरू की हैं। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर नवविवाहित डॉ. अभिमन्यु यादव और उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने मां नर्मदा की परिक्रमा का संकल्प लिया। परिक्रमा आरंभ करने से पूर्व दोनों ने संत विवेक गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया। परिजन के साथ भगवान के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।  उज्जैन में हुआ था विवाह पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में डॉ. अभिमन्यु का विवाह खरगोन जिले की डॉ. इशिता से हुआ था। नवविवाहित जोड़ा अब सीधे आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़ा है। पूरा परिवार साथ नर्मदा परिक्रमा में अभिमन्यु-इशिता के साथ उनकी बड़ी बहन डॉ. आकांक्षा यादव, जीजा जी और बड़े भाई वैभव यादव अपनी पत्नी के साथ शामिल हैं। पूरा परिवार मिलकर मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहा है। 15 दिन में पूरी होगी यात्रा – जानिए पूरा रूट ओंकारेश्वर से शुरू हुई यह नर्मदा परिक्रमा महेश्वर, बड़वानी, राजपीपला-गरुड़ेश्वर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र), भरूच होते हुए नर्मदा सागर संगम यानी खंभात की खाड़ी तक जाएगी। करीब 15 दिन में यात्रा पूरी होने की उम्मीद है। हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह के बाद धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के क्रम में अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव ने मां नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ करने का संकल्प लिया। जिसे पूरा करने के लिए नवदंपति रवाना हुए। यह यात्रा 15 दिन में पूरी होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री के बड़े बेटे-बहू और बेटी-दामाद भी साथ में मौजूद हैं। विवाह की कुछ खास बातें पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन के सांवराखेड़ी में डॉ मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु और इशिता की शादी की रस्में सामूहिक सम्मेलन में संपन्न हुईं थीं। वरमाला के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़कर वरमाला की रस्म कराई थी। सामूहिक विवाह समारोह में अभिमन्यु इशिता के साथ 22 जोड़ों ने फेरे लिए थे सामूहिक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यपाल मंगुभाई पटेलए मंत्री तुलसी सिलावट कथावाचक पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी सहित कई हस्तियां पहुंची थीं।