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भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हर चुनौती का सामना करते हुए देश को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद का विचार था कि 21वीं सदी भारत की होगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्रभावी नेतृत्व और मार्गदर्शन में आज विवेकानंद जी का यह स्वप्न साकार होता दिख रहा है। वर्तमान में विश्व का हर देश भारत से मित्रता करना चाहता है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत अब हर चुनौती और परिस्थिति का सामना करने में सक्षम है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भूमिका के आधार पर ही भारत आज दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा है। हमारे प्रशासनिक अधिकारी हर चुनौती का सामना करते हुए देश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। भारत की अनेक विविधताओं के बीच आज देश में यह सेवा क्षेत्र मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. आई.ए.एस. एसोसिएशन सर्विस मीट-2025 के शुभारंभ अवसर पर प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। शुभारंभ अवसर पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन, सेवानिवृत्त अधिकारियों सहित मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों के फलस्वरूप प्रशासनिक व्यवस्था निर्मित हो पाई। देश में राजाओं की सत्ता को प्रजातंत्र में बदलने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हमारे देश की संवैधानिक व्यवस्था में संघीय प्रणाली है और इस बीच प्रदेश के अधिकारियों ने केंद्र-राज्यों के साथ समन्वय करते हुए राज्य की बेहतर छवि बनाई है। मध्यप्रदेश एक प्रयोगशाला की तरह है, जहां कई क्षेत्रों में लगातार नवाचार हुए और इनमें से कई नवाचारों का देश-दुनिया में अनुसरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी योग्यता और अनुभव के महत्व को पहचानते हैं। इसी का परिणाम है कि सेवाकाल के बाद भी कई अधिकारियों के अनुभव का लाभ शासन व्यवस्था को मिल रहा है। प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारी सम्मान के हकदार हैं। प्रसन्नता का विषय है कि सभी अधिकारी एक परिवार की तरह हर कठिनाई से निकलने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अनुभव से भरे हमारे वरिष्ठ अधिकारी और ऊर्जा से भरे हमारे युवा साथी विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के आधार हैं। उन्होंने कहा कि यह समय नीतियां बनाने और योजनाओं का क्रियान्वयन करने के साथ नवाचार को समझने, तकनीक को अपनाने और नागरिक की दृष्टि से सोचने का भी है। हमें सेवा कर पाने का अवसर सौभाग्य से मिलता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने यह सौभाग्य अपने कठिन परिश्रम से अर्जित किया है। हमारी संस्कृति में नर सेवा को नारायण सेवा माना गया है। आम आदमी के कष्टों का समाधान करने, उनकी समस्याओं की सुनवाई करने और सार्थक समाधान देने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें प्रदेश के विकास के लिए अपना शत-प्रतिशत देने का संकल्प लेना होगा। मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष एसीएस  मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस मीट में नए वेंचर्स की सफलता पर विमर्श किया जाएगा। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जो सभी को अपना लेता है। प्रदेश के आईएएस अफसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन एक परिवार की तरह है। आयोजन समिति के अध्यक्ष  पी. नरहरि ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में सेवा का कार्य पूर्ण गरिमा के साथ किया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बैतूल में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए विधायकगण ने माना आभार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बैतूल विधायक तथा प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बैतूल जिले के विधायकों ने भेंट कर बैतूल को मेडिकल कॉलेज तथा अन्य सौगातें देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार माना। मुख्यमंत्री निवास पर हुई भेंट में विधायक सर्व महेंद्र सिंह चौहान, डॉ. योगेश पंडाग्रे, चंद्रशेखर देशमुख तथा श्रीमती गंगाबाई उईके मौजूद रहीं। विधायकों ने कहा कि जनजातीय और ग्रामीण बहुल बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा जिले में ही मिल सकेगी। इससे स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार हो सकेगा। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई में भी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जे. पी. नड्डा बैतूल जिले के कोसमी क्षेत्र में पीपीपी मोड पर आरंभ हो रहे मेडिकल कॉलेज का 23 दिसम्बर को भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विधायकों ने सारणी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में लगभग 12 हजार करोड़ रुपए की लागत की 660 मेगावाट यूनिट इकाई की स्थापना की वर्षों पुरानी मांग स्वीकृत करने, भीमपुर में 100 बिस्तरीय अस्पताल और चिचोली में 50 बिस्तरीय अस्पताल की स्वीकृति देने के लिए भी आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगा बाई उईके ने चोपना क्षेत्र के परिवारों के पट्टों के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में भी अनुरोध किया।

अर्थ नीति ही तय करती है राष्ट्र की प्रगति की दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र की सशक्त अर्थ नीति और वैचारिक दूरदर्शिता ही उसके विकास की संतुलित गति, स्थायित्व और भविष्य की दिशा तय करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीता दशक देश की अर्थव्यवस्था के लिए स्वर्णिम काल रहा है। इस दौरान देश ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुंबई में आयोजित वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम कॉन्फ्रेंस–2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश और सरलता से व्यापार-व्यवसाय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निवेशकों की हर संभव मदद करने को तत्पर है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश करने के इच्छुक हर निवेशक के लिए हमारी सरकार हर घड़ी उनके साथ खड़ी है। निवेशकों की जरूरतों से हम वाक़िफ हैं, इसीलिए जैसी जरूरत, हमारी सरकार निवेशकों की वैसी मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सब मिल जुलकर 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करेंगे। देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में 25 दिसंबर को भारतरत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह प्रदेश में 2.5 लाख करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ में शामिल होने के लिए ग्वालियर आमंत्रित करते हुए कहा कि यह आयोजन ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के सफल समापन का साक्षी बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बेहतर पॉलिसी, अवसर, इन्सेंटिव, इको सिस्टम, मार्केट लिंकेज और ग्रोथ रेट के साथ-साथ सरकार का फुल सपोर्ट मिलेगा। हमारे यहां उद्योगों के लिए पर्याप्त लैंड और वॉटर बैंक है, यूथ फोर्स है और स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स भी है। उन्होंने निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए बेहिचक आगे बढ़ने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति, सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक नेतृत्व की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज भारत जिस रफ्तार से आर्थिक प्रगति कर रहा है, वह अभूतपूर्व है। सुदृढ़ नीतियों, संरचनात्मक सुधारों, आत्मनिर्भर भारत अभियान और वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास के कारण हमारा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। देश-विदेश से बड़ी संख्या में आए बिजनेस टायकून्स, उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों, शिक्षाविदों, ग्लोबल इकोनॉमी के विचारकों और वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम के सभी सदस्यों ने कॉफ्रेंस में शिरकत की। वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम कॉन्फ्रेंस–2025 भारत की आर्थिक सोच, सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक दृष्टि को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है, इससे देश की भावी विकास यात्रा को नई दिशा और ऊर्जा मिल रही है। मध्यप्रदेश : निवेश और विकास का नया केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश की बेजोड़ उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य निवेश, उद्योग, कृषि, ऊर्जा और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। मध्यप्रदेश में कभी भी औद्योगिक बाधाओं (इंडस्ट्रियल अनरेस्ट) की शिकायत नहीं रही। सरकार की निवेशकों के अनुकूल 18 नई औद्योगिक नीतियों, पारदर्शी शासन-प्रशासन और मजबूत बुनियादी ढांचे के कारण मध्यप्रदेश आज निवेशकों और नव उद्यमियों के लिए एक आकर्षक और भरोसेमंद केंद्र बन गया है। हम निवेशकों को हर जरूरी प्रोत्साहन, न्यूनतम दर पर भूमि, मदद और मार्गदर्शन भी मुहैया करा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "इनोवेशन प्रास्पेरिटी एण्ड सेल्फ-रिलायंस : इंडिया पाथ टू ग्लोबल लीडरशिप" जैसे विषय पर ऐसे समय में संवाद हो रहा है, जब भारत केवल उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि विश्व को दिशा देने वाली शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। भारतीय परम्परा में अर्थ को कभी भी केवल लाभ तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे लोक कल्याण, संतुलन और दीर्घकालिक समृद्धि से जोड़ा गया है। भारत अब "मेक इन इंडिया" से लेकर " मेक फॉर वर्ल्ड" के लिए तैयार है। यह परिवर्तन परफॉर्म, रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इनोवेशन की नीति से आया है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेजी से विकसित होते राज्यों में से एक है। हमने ईज़ ऑफ डूइंग को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे धरातल पर उतारते हुए उसे स्पीड स्केल और स्किल ऑफ डूइंग में परिवर्तित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 18 नई औद्योगिक पॉलिसी लॉन्च कीं, जो प्रदेश की ग्रोथ के लिए गेम चेंजर सिद्ध हो रही हैं। धार जिले में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम टेक्सटाइल पार्क का भूमि-पूजन किया गया है। यह पार्क फार्म-टू-फाइबर-टू-फैक्ट्री-टू-फैशन-टू-फॉरेन के विजन को साकार करेगा। प्रदेश में 20 लाख 43 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। पिछले 3 वर्षों में 4 लाख 26 हजार से अधिक नई विनिर्माण इकाइयां स्थापित हुईं। इनसे 66 हजार करोड़ से अधिक निवेश एवं एक करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने " ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पॉलिसी" और "एपीजीसी-एक्सआर हब" जैसी अभिनव पॉलिसी लागू की हैं। जल्द ही प्रदेश में स्पेस टेक पॉलिसी भी लागू की जाएगी। स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचा सहयोग के लिए 'एमपी स्टार्ट- अप पॉलिसी एंड इम्लीमेंटेशन स्कीम लागू की गई है। पर्यटकों को एमपी के टूरिज्म का एक्सपीरियंस लुभा रहा है। प्रदेश में वर्ष 2024 में पर्यटन के क्षेत्र में कीर्तिमान रचा है। रिकॉर्ड 13.41 करोड़ पर्यटक मध्यप्रदेश आए। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए हमने मध्यप्रदेश में पीएम पर्यटन वायु सेवा और हेली पर्यटन सेवा जैसे नवाचारों की शुरुआत भी की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश डबल इंजन की सरकार के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य में कृषि के साथ औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया गया है। हमारी सरकार ने प्रदेश में लॉजिस्टिक, मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। देश के मध्य में होने का बड़ा लाभ मध्यप्रदेश को मिल रहा है। हमने जन विश्वास … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश, अब विकास को मिलेगी नई रफ्तार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने लगभग 35 साल नक्सलवाद का दंश झेला। यह एक बड़ी चुनौती थी, पर राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और नक्सल विरोधी अभियान में शामिल जवानों की प्रतिबद्धता से 11 दिसंबर 2025 को नक्सलवाद प्रदेश के नक्शे से पूरी तरह मिटा दिया गया। यह दिन प्रदेश में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को समूल खत्म करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। नक्सलवाद और लाल आतंक देश के हर हिस्से में विकास आधारित गतिविधियों में बाधक था। इससे आम नागरिकों में इसके कारण भय का माहौल होता था। ऐसे में नक्सलियों और नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने बालाघाट में अंतिम दो नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया और मध्यप्रदेश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया। अब इससे प्रभावित क्षेत्रों में विकास को एक नई दिशा और एक नई रफ्तार मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में विकास को गति देने के लिए मध्यप्रदेश में दशकों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से खत्म करना अति आवश्यक था। मध्यप्रदेश ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह द्वारा देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय डेडलाइन से करीब साढ़े तीन महीने पहले ही यह ऐतिहासिल उपलब्धि हासिल कर ली है। नक्सलवादियों के एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) में 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने समर्पण कर विकास की धारा से जुड़ना स्वीकार किया है। वहीं, प्रदेश में वर्ष 2025 में 10 हार्डकोर माओवादियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता का श्रेय राज्य के बहादुर पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षाबलों को दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष योजना बनाई है। साथ ही प्रदेश में अब एक ऐसा तंत्र भी विकसित किया जाएगा, जिससे दोबारा मध्यप्रदेश की धरती पर नक्सलवादी या अन्य अतिवादी मूवमेंट खड़े न हो पाएं। इसके लिए सभी पड़ोसी राज्यों के साथ भी जरूरी समन्वय किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में वर्ष 1988-90 से नक्सली गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। नक्सलियों ने आम नागरिकों को डरा-धमकाकर परेशान किया और सरकार के विकास कार्यों में भी रुकावटें डालीं। नक्सली पुलिस की बसों को भी आग के हवाले कर देते थे। नक्सलियों ने विपक्षी दल की सरकार में मंत्री रहे श्री लिखीराम कावरे की बालाघाट जिले में उनके घर से निकालकर सरेआम हत्या कर दी थी। प्रदेश में 35 सालों के लंबे समय तक नक्सलियों से संघर्ष जारी रहा, जिसमें कई आम नागरिक और पुलिस व सुरक्षाबलों के जवानों को अपने प्राण गंवाने पड़े। नक्सलवाद उन्मूलन अभियान के कुछ प्रमुख तथ्य     मध्यप्रदेश में वर्ष 1988 से 1990 के बीच नक्सल गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। प्रदेश में मंडला, डिंडौरी और बालाघाट नक्सल प्रभावित जिले रहे।     राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के लिए विशेष सहयोगी  दस्ते के 850 पद स्वीकृत किए।     नक्सलियों को हथियार डालकर जीवन से जुड़ने का अवसर देने के लिए राज्य सरकार ने 'पुनर्वास  से पुनर्जीवन' अभियान प्रारंभ किया।     सरकार की इसी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दिसंबर 2025 में करीब 2.36 करोड़ रुपए की इनामी राशि वाले 10 नक्सलियों ने पुलिस लाईन, बालाघाट में सरेंडर कर दिया।     11 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश ने 35 वर्षों से चले आ रहे लाल आतंक को समाप्त कर नक्सल मुक्त बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।     वर्ष 2025 में नक्सल विरोधी अभियानों में 16 मुठभेड़ों/एक्सचेंज ऑफ फायर में 13 हार्डकोर नक्सली मारे गए और एक की गिरफ्तारी हुई।     जून 2025 में बालाघाट में हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए, इनमें 3 महिलाएं शामिल थीं। इनके  कब्जे से ऑटोमैटिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट पहुंचकर नक्सलियों का खात्मा करने वाले पुलिस के सिपाहियों और अधिकारियों को पदोन्नति देकर सम्मानित किया।     नक्सल विरोधी अभियान में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन कर नक्सलवाद की दशकों से चली आ रही समस्या का सफाया कर दिया।  

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने अमित शाह से की मुलाकात, राज्य की विकास योजनाओं पर चर्चा

भोपाल  प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मुख्यमंत्री पद पर दो साल का कार्यकाल पूरा होने के एक दिन बाद, रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से आधिकारिक मुलाकात की। दोनों नेताओं की बैठक को अहम माना जा रहा है।  बताया जा रहा है कि सीएम यादव ने बैठक में अमित शाह को प्रदेश की विकास योजनाओं, कानून‑व्यवस्था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रगति के बारे में जानकारी दी। इस मुलाकात का समय विशेष महत्व रखता है क्योंकि मुख्यमंत्री यादव ने हाल ही में अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए नक्सलवाद को राज्य से पूरी तरह समाप्त करने जैसी बड़ी सफलता को अपनी अवधि की प्रमुख उपलब्धि बताया।  मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार मुख्यमंत्री ने हाल ही में सभी मंत्रियों की समीक्षा की है। मीडिया के सामने कुछ नहीं कहा गया लेकिन सरकारी सूत्र कहते हैं कि, श्री अमित शाह के निर्देश पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी मंत्रियों की फाइल बनाई है। इसमें सबके पॉजिटिव और नेगेटिव है। विजय शाह जैसे मंत्रियों के बारे में भी फैसला लेना है। और फिर सबको एडजस्ट भी करना है। वर्तमान में मुख्यमंत्री के पास 15 विभाग है। गृह मंत्रालय को फुल टाइमर मंत्री की जरूरत है। इसके अलावा निगम मंडल की जो लिस्ट तैयार हो गई है, इसकी घोषणा भी करनी है। दोनों के बीच बातचीत का यह सबसे प्रमुख मुद्दा रहा होगा।  शिवराज सिंह चौहान पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अपने आप में एक बड़ा मुद्दा बन गए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री होने के बावजूद वह नियमित रूप से मध्य प्रदेश में एक्टिव है और अपने नेटवर्क के संपर्क में है। पिछले दिनों उन्होंने अपने समाज के सम्मेलन में "यह सरकार मैंने बनाई, मुख्यमंत्री मुझे बनना चाहिए था" जैसा कुछ बोल गए थे। हाल ही में उन्होंने, केंद्रीय नेतृत्व से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की शिकायत की है। कहा तो यह भी जा रहा है कि उन्होंने बिल्कुल लास्ट मिनट पर भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि बनूँगा तो मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनूँगा, नहीं तो कृषि मंत्री ही ठीक हूं। यही कारण है कि, चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई और नितिन नवीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनना पड़ा।  राज्य के विकास और केंद्र से सहयोग पर चर्चा पिछली कई मुलाकातों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, सहकारिता, नक्सल मुक्ति जैसी उपलब्धियों की समीक्षा और केंद्र से फंडिंग/प्रोजेक्ट्स पर बात हुई है। हाल ही में मध्य प्रदेश को नक्सल-मुक्त घोषित किया गया है, जिसे सीएम ने अमित शाह और पीएम मोदी की नीतियों का श्रेय दिया है। अब इसका फायदा भी उठाना है। ज्योतिरादित्य सिंधिया दूसरे केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पिछले कुछ दिनों में काफी तेजी से एक्टिव हुए हैं। पिछले दिनों उन्होंने अपनी पॉलिटिकल टेरिटरी का ऐलान कर दिया था। इसमें लगभग 30% मध्य प्रदेश आता है। ग्वालियर में प्रभारी मंत्री के नाम पर बैठक बुलाई जाती है और फिर स्वयं बीच की कुर्सी पर बैठकर एक महाराज की तरह अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हैं। इस समस्या का समाधान भी चाहिए।  बढ़ता हुआ विरोध और उसका समाधान पिछले दिनों स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा था, वह मार्गदर्शन के लिए अक्सर दिल्ली जाते हैं। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में मोहन सरकार का विरोध बढ़ रहा है। इस आग को भड़काने वालों में श्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के अलावा श्री शिवराज सिंह चौहान, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ प्रचारक और भारतीय जनता पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं। मध्य प्रदेश में खुले तौर पर कहा जा रहा है कि 2028 का विधानसभा चुनाव डॉ मोहन यादव की लीडरशिप में नहीं लड़ा जाएगा।

MP को नक्सलमुक्त करने का दावा, CM मोहन यादव बोले- लाल सलाम को मिली आखिरी सलामी

 बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य को नक्सली खतरे से पूरी तरह मुक्त होने का दावा किया. यह घोषणा तब की गई जब बालाघाट जिले में दो इनामी नक्सलियों दीपक और रोहित ने सरेंडर कर दिया. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने के पक्के इरादे की वजह से मुमकिन हुआ है. CM यादव भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बालाघाट में नक्सलियों के सरेंडर से जुड़े 'रिहैबिलिटेशन टू रिजुविनेशन' कैंपेन के तहत आयोजित एक प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे. मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्‍सलवाद मुक्‍त एमपी का ऐलान करने के साथ कहा कि यह सफलता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में तैयार रणनीति का परिणाम है. सीएम ने बताया क‍ि हमारी नीति स्पष्ट थी या तो नक्सलियों को आत्मसमर्पण करवाया जाएगा या उन्हें खत्म किया जाएगा. आज वही नीति सफल हुई.  नक्सली दीपक और रोहित ने दिन में बालाघाट जिले के बिरसा थाना इलाके के कोरका में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) कैंप में सरेंडर कर दिया. नक्सली दीपक बालाघाट व रोहित छत्तीसगढ़ का निवासी  11 द‍िसंबर 2025 को मध्‍य प्रदेश के बालाघाट पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में आईजी संजयकुमार, सीआरपीएफ आईजी नीतू भट्टाचार्य, कलेक्टर मृणाल मीना और एसपी आदित्य मिश्रा मौजूद रहे. आईजी संजय कुमार ने बताया कि नक्सली दीपक बालाघाट जिले के पालागोंदी का रहने वाला है  जबकि रोहित छत्तीसगढ़ का निवासी है. सरेंडर के समय दीपक ने कार्बाइन गन और कारतूस भी समर्पित किए हैं. बालाघाट ज‍िला कलेक्टर मृणाल मीना ने बताया कि बालाघाट जिले में नक्सल गतिविधियों के कारण लगभग सौ गांवों के आदिवासी ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने में दिक्कत आ रही थी. चूंकि अब जिला नक्सल मुक्त हो चुका है ऐसे में उपरोक्त प्रभावित गांवों में विकास की धारा बहेगी.  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक और रोहित पर क्रम से 29 लाख रुपए और 14 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था, और दोनों ने मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताते हुए सरेंडर कर दिया. बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि जिले में अब कोई हार्डकोर नक्सली एक्टिव नहीं है. उन्होंने कहा कि दीपक बालाघाट जिले के पलागांवडी का रहने वाला है और दोनों लंबे समय से इलाके में नक्सल गतिविधियों में एक्टिव थे. उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी एजेंसियां ​​लंबे समय से उनकी तलाश में थीं और यह एक बड़ी सफलता है. पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह सरेंडर CRPF और लोकल पुलिस की जॉइंट कार्रवाई, लगातार दबाव और असरदार स्ट्रैटेजी की वजह से मुमकिन हुआ. इससे इलाके में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा." गुरुवार देर शाम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और जवानों की अदम्य हिम्मत और कुर्बानी की वजह से बालाघाट के लाल सलाम को आखिरी सलामी दी गई है. CM यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के गाइडेंस में आजादी के बाद पहली बार नक्सलियों के खिलाफ कोऑर्डिनेटेड तरीके से एक शानदार और ऐतिहासिक कैंपेन शुरू किया गया. उन्होंने एक ऑफिशियल बयान में कहा, "सेंट्रल लीडरशिप ने नक्सलवाद के खत्म होने के लिए 26 जनवरी 2026 की डेडलाइन घोषित की है." मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलियों के पास सिर्फ दो ऑप्शन हैं, नई जिंदगी का मौका या जिंदगी खत्म. उन्होंने आगे कहा, "सेंट्रल आर्म्ड फोर्सेज और मध्य प्रदेश पुलिस के बहादुर जवानों की मिली-जुली कोशिशों की वजह से 11 दिसंबर को आखिरी दो नक्सलियों के सरेंडर के साथ राज्य नक्सल-फ्री हो गया." CM यादव ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद के खत्म होने से मंडला, डिंडोरी और बालाघाट के विकास में आने वाली रुकावटें दूर हो गई हैं. उन्होंने कहा, "हम इस इलाके को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सबके साथ मिलकर काम करेंगे. हम माओवाद को पनपने नहीं देंगे." साथ ही उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान कुर्बान करने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी. 10 हार्डकोर नक्सलियों ने एक साथ डाले थे हथियार बता दें क‍ि मध्य प्रदेश के बालाघाट में 7 दिसंबर की अपराह्न साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने 10 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था. मध्य प्रदेश में "पुनर्वास से पुनर्जीवन" के तहत नक्सलियों का यह कोई साधारण सरेंडर नहीं था, क्योंकि इनमें से कई नक्‍सली कैडर KB और MMC ज़ोन में वर्षों तक खूनी वारदातों का हिस्सा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरेंडर करने वाले कैडर को राज्य की पॉलिसी के तहत नई जिंदगी दी जाएगी और सरकार उन्हें सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

महापुरूषों के नाम पर भोपाल में विभिन्न मार्गों पर बनेंगे 9 द्वार

भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, सम्राट अशोक और विक्रमादित्य के नाम पर होंगे द्वार मुख्यमंत्री ने निर्वाण दिवस पर संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर का किया स्मरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुत किया है विकास का नया मॉडल : विधायक श्री शर्मा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के दो साल पर हुआ नागरिक अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजधानी के गौरवशाली अतीत को निखारने के लिए सभी समन्वित आवश्यक प्रयास पूरी प्रतिबद्धता के साथ किए जाएंगे। महान प्रतापी राजा भोज के शासन के एक हजार साल पूर्ण होने पर भोज-नर्मदा द्वार का भूमि-पूजन किया गया था। राजधानी में महान चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य के शासन के दो हजार साल पूर्ण होने पर उनके नाम पर बनने वाले द्वार का भूमि-पूजन किया जायेगा। भोपाल में महापुरूषों के नाम पर विभिन्न मार्गों पर 9 भव्य द्वार बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये बात शनिवार को समत्व भवन में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के निर्वाण दिवस पर स्मरण करते हुए कहा कि आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में 'चाय वाला' प्रधानमंत्री और 'गाय वाला' मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत के साथ विकास का कार्य निरंतर तेज गति से जारी है। राजधानी में निर्मित होने वाले भव्य द्वार विभिन्न महापुरूषों और उनकी विरासत को प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं, काशी का भी आनंद उसमें जुड़ा है और महाकाल में महालोक छाया हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की है। आचार्य सांदीपनि का आश्रम मध्यप्रदेश की धरोहर है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता, अमीर और गरीब की मित्रता का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है। मध्यप्रदेश की धरती से सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का अद्भुत मॉडल सभी के लिए प्रस्तुत किया। आज सम्राट विक्रमादित्य सुशासन के लिए पूरे संसार में जाने जाते हैं। सम्राट अशोक और विश्व प्रसिद्ध धरोहर सांची को जीवंत करते द्वार बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौमाता का प्रमुख स्थान है। गाय स्वयं के बच्चों के साथ हम सभी का पोषण भी करती है, इसीलिए वह 'माता' के रूप में पूजी जाती है। वह अपने आंचल में ममता लिए सबका कल्याण करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौशाला का संचालन करने वालों को सरकार सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। गौमाता की रक्षा और सुरक्षा के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। गौपालन के लिए भी सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों का मुख्यमंत्री निवास में स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास कार्यकर्ताओं का घर है। उन्होंने विधायक श्री शर्मा और नागरिकों का श्रीराम दरबार भेंट करने पर आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के 2 साल पूर्ण होने के अवसर पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया। विकास एवं विरासत के दो साल विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। इसमें विरासत के साथ विकास का अद्भुत और अद्वितीय संगम समाहित है। मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन के रहने वाले डॉ. यादव, सम्राट विक्रमादित्य की तरह ही सुशासन की परम्परा के सच्चे वाहक हैं। उनके नेतृत्व में विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया गया है। राजा भोज की राजधानी को गौरव प्रदान किया गया है। अब राजा भोज के शहर भोपाल में प्रवेश करते ही लोगों को सांस्कृतिक वैभव के दर्शन होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोज-नर्मदा द्वार का पहले भूमिपूजन किया अब दो वर्ष पूर्ण होने पर 13 दिसम्बर को विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अब भोपाल से मुम्बई, दिल्ली, बेंगलुरू और अन्य शहरों के लिए विमान सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हुजूर विधानसभा क्षेत्र में निर्मित होने वाले भव्य द्वारों का स्वरूप अलग-अलग होगा। सभी में भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक दिखाई देगी। समारोह में श्री राहुल कोठारी, श्री तीरथदास सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि मौजूद थे। प्रमुख बिंदु     भोपाल में महापुरूषों के नाम पर विभिन्न मार्गों पर 9 भव्य द्वार बनेंगे।     आज संसार के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में 'चाय वाला' प्रधानमंत्री और 'गाय वाला' मुख्यमंत्री है।     विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास का नया मॉडल मध्यप्रदेश में प्रस्तुत किया।     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत के साथ विकास का कार्य निरंतर तेज गति से जारी है।     राजधानी में निर्मित होने वाले भव्य द्वार विभिन्न महापुरूषों और उनकी विरासत को प्रस्तुत करेंगे।     अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं, काशी का भी आनंद उसमें जुड़ा है और महाकाल में महालोक छाया हुआ है।     आचार्य सांदीपनि का आश्रम मध्यप्रदेश की धरोहर है।     भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता, अमीर और गरीब की मित्रता का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।     मध्यप्रदेश की धरती से सम्राट विक्रमादित्य ने सुशासन का अद्भुत मॉडल सभी के लिए प्रस्तुत किया। सनातन संस्कृति में गौमाता का प्रमुख स्थान है। गाय स्वयं के बच्चों के साथ हम सभी का भी पोषण करती है, इसीलिए वह 'माता' के रूप में पूजी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के 2 साल पूर्ण होने के अवसर पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के नागरिकों के साथ में फोटो क्लिक करवाए।

युवाओं के लिए खुशखबरी! एमपी में 5 हजार होमगार्ड भर्ती का सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के मौके पर होमगार्ड को अनेक सौगातें देते हुए कहा कि उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर पांच हजार जवानों की भर्ती की जाएगी। राजधानी के जहांगीराबाद स्थित होमगार्ड परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने परेड की सलामी ली, उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया तथा प्रदेश में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने में होमगार्ड संगठन की भूमिका की सराहना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि होमगार्ड जवानों ने अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वाहन किया है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत प्रदेश सरकार ने 5,000 से अधिक होमगार्ड जवानों की भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड के जवान कानून व्यवस्था, आपात स्थितियों के अलावा हर चुनौती में समर्पण और साहस का अद्भुत परिचय देते है। होम और गार्ड है यानी कि घर का प्रहरी है। सभी काम के लिए कार्यरत जवानों का कोई समूह है तो वह होमगार्ड है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ये सिर्फ अपने आउटफिट के आधार पर पहचान बनाने वाला बल नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रधर्म का भी प्रतीक है। आपदा और विपदा में अपनी भूमिका निभाने वाला समूह है। राज्य में जब भी किसी तरह की समस्या आई होमगार्ड के जवानों ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी मुस्तैदी के साथ निभाया है। बाढ़ की समय हो या कोई और आपदा, होमगार्ड के जवान अपने अभियान में जुटे रहे। अनेक लोगों का जीवन बचाने में मदद की। वहीं सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,'' प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को होमगार्ड में भर्ती हेतु बैगा, भारिया और सहरिया बटालियन पर भी हम विचार कर रहे हैं। आज होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह में परेड का निरीक्षण किया और जवानों को 'मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार' से सम्मानित किया।''

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास के प्रकरण में दिए विभागीय जांच के निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले में एक मदिरा ठेकेदार द्वारा आत्महत्या के पूर्व बनाए गए वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रकरण प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर श्रेणी का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर इस मामले में देवास की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर सहायक आयुक्त के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की गई है। 

होमगार्ड्स का स्‍थापना दिवस 6 दिसंबर को, मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में होगा आयोजन

भोपाल प्रदेश में होमगार्ड्स का स्‍थापना दिवस 6 दिसम्‍बर को समारोह पूर्वक‍मनाया जाएगा। होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्‍तव  ने बताया कि स्‍थापना दिवस मुख्‍य समारोह का आयोजन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में होमगार्ड्स परेड ग्राउण्‍ड जहांगीराबाद भोपाल में प्रात: 10 बजे से होगा। कार्यक्रम में परेड द्वारा मुख्‍य अतिथि को सलामी, परेड का निरीक्षण, मार्च पास्‍ट के बाद मुख्‍य अतिथि का उद्बोधन, एसडीईआरएफ तथा सिविल डिफेंस द्वारा आपदा बचाव का डेमोस्‍ट्रेशन, अदम्‍य साहसिक कार्य हेतु पुरस्‍कार तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्‍कार वितरण किया जाएगा।