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गुजरात टाइटंस के खिलाफ अहम मुकाबला, राशिद खान बन सकते हैं बड़ी चुनौती

नई दिल्ली  लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को मुकुल चौधरी के रूप में एक नया स्टार मिल गया है, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में गुजरात टाइटंस के खिलाफ रविवार को होने वाले मुकाबले से पहले उसके लिए घरेलू मैदान पर खराब रिकॉर्ड बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है. एलएसजी और गुजरात टाइटंस ने अपने पिछले दोनों मैच जीते हैं, जिससे उनका मनोबल बढ़ा होगा. गुजरात ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एक रन की रोमांचक जीत दर्ज की थी जिससे उसने अपना खाता भी खोला. एलएसजी ने सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ उनके मैदानों पर प्रभावशाली जीत दर्ज की. हालांकि एलएसजी एकाना क्रिकेट स्टेडियम में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया है. उसे अगर इसे अपना मजबूत गढ़ बनाना है तो खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा घरेलू मैदान पर लखनऊ रिकॉर्ड है खराब एलएसजी ने पिछले सत्र में यहां खेले गए आठ मैचों में से छह में हार झेली थी. इसमें लगातार पांच मैचों में हार शामिल हैं. यही कारण रहा कि वह पिछले साल सातवें स्थान पर रहा था. उसने इस मैदान पर खेले गए 22 मैचों में से केवल नौ में ही जीत हासिल की है. मौजूदा सत्र में भी उसके घरेलू मैदान पर पहले मैच में बल्लेबाजों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और दिल्ली कैपिटल्स ने उसे 141 रन पर आउट करके छह विकेट से जीत हासिल की थी. एलएसजी का यह घरेलू मैदान पर इस सत्र का दूसरा मैच होगा और वह यहां अपना जीत का रिकॉर्ड सुधारने के लिए बेताब होगा. एलएसजी का केकेआर के खिलाफ पिछला मैच विशेष रूप से यादगार रहा, जिसमें मुकुल के रूप में एक नए ‘फिनिशर’ का उदय हुआ. राजस्थान के 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और अपने आदर्श महेंद्र सिंह धोनी का पसंदीदा हेलीकॉप्टर शॉट सहित कई तरह के शॉट लगाकर क्रिकेट जगत का अपनी तरफ खींचा. LSG के लिए मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज कर रहे हैं कमाल एलएसजी के लिए एक और सकारात्मक पहलू आयुष बडोनी की फॉर्म में वापसी है, जिन्होंने केकेआर के खिलाफ अर्धशतक लगाया था. इस तरहसे एलएसजी का बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत नजर आ रहा है जिसमें मिचेल मार्श, एडन मार्क्रम, कप्तान ऋषभ पंत और निकोलस पूरन भी शामिल हैं. यह मैच दोपहर में खेला जाएगा और यहां की धीमी पिच पर गुजरात के राशिद खान और वाशिंगटन सुंदर का मुकाबला करना आसान नहीं होगा. राशिद ने दिल्ली के खिलाफ 17 रन देकर तीन विकेट लिए और अपनी टीम की एक रन से जीत में अहम भूमिका निभाई. टीम इस प्रकार हैं: लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), मिचेल मार्श, एडन मार्क्रम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, शाहबाज़ अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नोर्किया, नमन तिवारी, मयंक यादव, मोहसिन खान. दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), अभिषेक पोरेल, करुण नायर, केएल राहुल, नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा, माधव तिवारी, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, विप्राज निगम, मिचेल स्टार्क, त्रिपुराना विजय, डेविड मिलर, बेन डकेट, औकिब नबी डार, पथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, पृथ्वी साव, काइल जैमीसन, टी नटराजन, अजय जादव मंडल, साहिल पारख. मैच शुरू होने का समय: दोपहर 3.30 बजे.  

JDU सांसद का दावा,नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी से हो सकता है

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सांसद रामप्रीत मंडल ने नई सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) का होगा, यह लगभग फाइनल हो चुका है। उन्होंने कहा कि जदयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने हैं, जिनमें से एक नीतीश के बेटे निशांत कुमार का नाम भी करीब-करीब फाइनल है। झंझारपुर से जदयू सांसद रामप्रीत मंडल ने शनिवार को एक चैनल से बातचीत में बिहार में नई एनडीए सरकार का यह फॉर्मूला बताया। उन्होंने कहा कि नया सीएम भाजपा से बनना तय है। अभी मुख्यमंत्री जदयू का है और भाजपा से दो डिप्टी सीएम हैं। इसी तरह, नई सरकार में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होने हैं। हालांकि, नई सरकार को लेकर अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। नीतीश कुमार जल्द देंगे इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। वह राज्यसभा सांसद बन गए हैं। सत्ताधारी दलों के नेताओं का कहना है कि सीएम नीतीश के द्वारा एनडीए विधान मंडल की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी के सामने नीतीश अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान करेंगे। फिर राज्यपाल के पास जाकर अपना त्यागपत्र दे देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए सीएम का चयन नीतीश के इस्तीफे के बाद होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में होगा। बताया जा रहा है कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का नाम उसी बैठक में घोषित किया जाएगा। नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को होने की संभावना है। नीतीश के राज्यसभा जाने पर निशांत का पॉलिटिकल डेब्यू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने एक महीने पहले ही राजनीति में कदम रखा था। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति से दूर ही थे। नीतीश के राज्यसभा चुनाव में नामांकन के बाद निशांत ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से वह पार्टी के क्रियाकलापों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। निशांत कुमार ने पार्टी के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं और उनसे फीडबैक लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी लगातार की जा रही है। भाजपा से सीएम रेस में ये नेता भाजपा से मुख्यमंत्री की रेस में सबसे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। उनके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरिया, सांसद संजय जायसवाल, पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी समेत अन्य का नाम भी रेस में है। एक-दो दिन में इस पर स्थिति साफ होने की संभावना है।

पलामू में बड़ी कार्रवाई, अयोग्य पाए गए लाभुकों को राशन सूची से बाहर किया गया

 पलामू झारखंड के पलामू जिले में 41 हजार 681 लाभुकों को अयोग्य पाए जाने पर राशन कार्ड से नाम डिलिट कर दिया गया, जबकि 12 हजार 689 लाभुक ऐसे पाए गए जिनका आधार कार्ड संदेहास्पद पाया गया. पिछले कई वर्षों से राशन का लाभ उठा रहे थे. बताया जाता है कि इसके अलावा, दूसरे जगहों से भी राशन का उठाव किया जा रहा था. विभागीय सूत्रों के अनुसार राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से 1985 लोगों को चिन्हित कर नाम हटाया गया है. 23 हजार 544 वैसे लाभुकों का नाम हटाया गया है, जिनके नाम से राशन कार्ड बन चुका था, लेकिन राशन का उठाव नहीं कर रहे थे. विभागीय कर्मियों ने बताया कि तीन हजार 283 लाभुक ऐसे थे, जो डुप्लीकेट के रूप में पहचान किए गए है. अवैध पाए जाने पर उन सभी लाभुकों का नाम हटाया गया. विभाग द्वारा 41 हजार 681 लोगों को चिन्हित कर सूची से नाम हटाया. केंद्र सरकार के द्वारा चिन्हित कर नाम जिला को भेजा गया था. जिसके बाद वैसे लोगों को सूची से राशन कार्ड से नाम हटाया गया. इनकम टैक्स, जीएसटी व फोर व्हीलर वाले उठा रहे हैं राशन कार्ड का लाभ दूसरे फेज में पलामू जिले में दो लाख 45 हजार 931 लोगों को चिन्हित किया गया है, जिनकी जांच की जा रही है. इसमें दो लाख 37 हजार 528 वैसे लोग हैं. जिनके पास पांच एकड़ से ज्यादा जमीन है. 6782 लोग ऐसे हैं जो इनकम टैक्स भरते हैं. 96 लोग ऐसे हैं जो जीएसटी भरते हैं. 1525 लोग ऐसे है जिनके नाम से फोर व्हीलर गाड़ी है. इन सभी को चिन्हित कर आपूर्ति विभाग को भेजा गया है. आपूर्ति विभाग के द्वारा जिले के सभी मार्केटिंग ऑफिसर को इसकी सूची भेज दी गई है. मार्केटिंग ऑफिसर के द्वारा सभी डीलरों को इसका डिटेल भेज दिया गया है. डीलर के द्वारा इसकी जांच कर इसकी रिपोर्ट मार्केटिंग ऑफिसर को देंगे. मार्केटिंग ऑफिसर के द्वारा जिले को प्रतिवेदन भेजा जाएगा. जिला स्तर से उनके नाम को राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा. उनके स्थान पर जरूरतमंदों के नाम को जोड़ा जाएगा. जिले में करीब साढ़े चार लाख राशन कार्डधारी है. जिसमें 18 लाख 28 हजार 926 सदस्य हैं. राज्य सरकार के निर्देशानुसार 18 लाख 28 हजार 926 सदस्य से अधिक नहीं करना है. जिनका नाम हटेगा उसके स्थान पर नए सदस्यों का नाम जोड़ा जाएगा. दूसरे पेज में 245931 सदस्य जांच के घेरे में हुसैनाबाद में 19803, हैदरनगर में 6488 , मोहम्मदगंज 3647, हरिहरगंज 4885, पीपरा 3408, पाटन 15791, विश्रामपुर में 6474 , चैनपुर में 36652, छतरपुर में 18785, नौडीहा बाजार 9669, पड़वा में 4417, पांकी 38775 , तरहसी में 16166 , मनातू में 4868, नावाबाजार में 5877, पांडू में 10280 , सतबरवा में 7801, लेस्लीगंज 12098, मेदिनीनगर सदर में 10991, उंटारी रोड प्रखंड में 4223, हुसैनाबाद नगर पंचायत में 751, विश्रामपुर नगर पंचायत में 1931 और मेदिनीनगर नगर निगम में 2179 लोगों को नाम हटाने के लिए चिन्हित किया गया है.

पीपल-बरगद काटना माना गया अशुभ, जानिए वास्तु में क्या कहते हैं नियम

घर के आसपास या किसी प्लॉट पर लगे पेड़-पौधों को कई बार काटना मजबूरी हो जाता है। वैसे तो हम बिना सोचे-समझे पुराने पेड़ को काट देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, पेड़ काटना कोई साधारण काम नहीं है। गलत तरीके से पेड़ काटने से वास्तु दोष पैदा होता है, जिसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे मानसिक तनाव, आर्थिक हानि, स्वास्थ्य समस्या और पारिवारिक कलह बढ़ सकती है। सही नियमों का पालन करके हम प्रकृति का सम्मान कर सकते हैं और घर की सकारात्मक ऊर्जा को बचाए रख सकते हैं। पेड़ का अपना आभामंडल और ऊर्जा वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर पेड़ का अपना आभामंडल होता है। जब हम बिना किसी नियमों का ध्यान रखे पेड़ काटते हैं, तो वह स्थान शोक और नकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर घर के मुखिया पर पड़ता है। ऐसे में पेड़ काटने से पहले वास्तु नियमों को समझना बहुत जरूरी है। देव वृक्षों को काटने का महापाप पीपल, बरगद और गूलर को देव वृक्ष माना गया है। इनमें देवताओं और पितरों का वास होता है। इन्हें काटने से भारी वास्तु दोष, पितृ दोष और संतान संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अगर इन पेड़ों की शाखाएं दीवार या तारों को नुकसान पहुंचा रही हों, तब भी इन्हें काटने से पहले विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। बिना पूजा के इन पेड़ों को काटना बहुत अशुभ माना जाता है। पेड़ काटने से पहले माफी और पूजा पेड़ काटने से पहले उसकी पूजा जरूर करें। पूजा के दौरान पेड़ को गंध, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें। तने को सफेद कपड़े से ढककर उस पर सफेद सूत लपेटें। इसके बाद पेड़ से प्रार्थना करें कि उस पर रहने वाले सूक्ष्म जीव दूसरे स्थान पर चले जाएं। पूजा के बाद ही काटने का कार्य शुरू करें। कहा जाता है कि ऐसा करने से वास्तु दोष की संभावना काफी कम हो जाती है। शुभ समय और निषिद्ध दिन पेड़ काटने के लिए कुछ दिन और नक्षत्र विशेष रूप से शुभ माने गए हैं। चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी तिथि अच्छी मानी जाती है। शुभ नक्षत्रों में मृगशिरा, पुनर्वसु, अनुराधा, हस्त, मूल, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, स्वाति और श्रवण शामिल हैं। पेड़ काटने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा होता है। निषिद्ध दिन: भूलकर भी मंगलवार, शनिवार या अमावस्या को पेड़ ना काटें। गुरुवार और रविवार को भी बचना चाहिए। दोपहर में पेड़ काटने से बचें। दिशाओं का महत्व और क्षतिपूर्ति ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थित पेड़ काटना सबसे हानिकारक माना जाता है। यह सात्विक ऊर्जा का द्वार है, इसलिए यहां का पेड़ काटने से किस्मत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दक्षिण दिशा में पेड़ हटाना अपेक्षाकृत कम हानिकारक होता है। पेड़ को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर से काटना शुरू करें। वास्तु शास्त्र में प्रकृति के ऋण का भुगतान का नियम है। अगर एक पेड़ काटना पड़े, तो उसके बदले कम से कम 10 नए पौधे लगाएं। जब ये पौधे फलने-फूलने लगें, तब क्षतिपूर्ति पूरी मानी जाती है। सही विधि और शुभ मुहूर्त में पेड़ काटने से वास्तु दोष नहीं लगता। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार पर संकट के बादल नहीं मंडराते हैं। वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पेड़ काटने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

कुरुक्षेत्र जेल में नियमों की धज्जियां: कैदियों ने बनाई रील, मामला दर्ज

कुरुक्षेत्र. जिला जेल कुरुक्षेत्र के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कैदियों द्वारा बनाई गई वीडियो के इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा अंबाला पुलिस की जांच में हुआ, जिसमें पुष्टि हुई कि वायरल सामग्री कुरुक्षेत्र जेल के भीतर ही तैयार की गई थी। पुलिस के अनुसार, ये वीडियो 30 दिसंबर 2024 को इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए थे। इन्हें बंबीहा गैंग से जुड़े आरोपी दिलबर ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड किया। उसके साथी अंकित ढांडा ने भी इन्हें साझा किया। दिलबर पर हत्या, लूट, अपहरण और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। अंबाला पुलिस की जांच में सामने आया कि दिलबर ने जेल के अंदर के दृश्य दिखाकर युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। अंबाला पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 24 नवंबर 2025 को उसे गिरफ्तार किया। आगे की जांच में वीडियों को जेल रिकॉर्ड से मिलाया गया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि ये केंद्रीय जेल अंबाला की नहीं, बल्कि जिला जेल कुरुक्षेत्र के हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, दिलबर 2023 से 2024 तक कुरुक्षेत्र जेल में बंद रहा था। इसके बाद अंबाला पुलिस ने मामला रद कर रिपोर्ट कुरुक्षेत्र पुलिस को भेज दी। थाना शहर थानेसर ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो में जेल बैरक के अंदर करीब सात से आठ कैदी नजर आते हैं। पुलिस मामले की में जुटी है।

ED ने की पार्थ चटर्जी के घर छापेमारी, SSC घोटाले में कड़ा एक्शन

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा के बीच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी का एक्शन जारी है. ईडी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दो जगह छापेमारी की है. ईडी की टीम ने पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के घर और प्रसन्न कुमार रॉय के कार्यालय पर रेड की है. ईडी की टीम ने यह कार्रवाई एसएससी स्कैम से जुड़े मामले में की है।  जानकारी के मुताबिक ईडी प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के साथ एसएससी सहायक शिक्षकों की नियुक्ति, एसएससी ग्रुप सी और डी कर्मचारियों से जुड़े भर्ती घोटालों की जांच कर रही है. इन मामलों में तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी भी आरोपी हैं. ईडी ने पार्थ चटर्जी को जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए तीन बार समन जारी किए थे. बताया जाता है कि पार्थ चटर्जी ने इन समन की अवहेलना की।  पार्थ चटर्जी एक बार भी ईडी के सामने पेश नहीं हुए. इसके बाद अब ईडी ने उनके घर पर छापेमारी की कार्रवाई की है. ईडी की रेड प्रसन्न कुमार रॉय के कार्यालय पर भी चल रही है. प्रसन्न कुमार रॉय फिलहाल जेल में बंद हैं. ईडी ने पार्थ को भी गिरफ्तार किया था. पार्थ की गिरफ्तारी जुलाई 2022 में हुई थी और इस मामले में उन्हें पिछले साल (2025 में) फरवरी-मार्च में जमानत मिल गई थी।  ईडी की टीम ने पूर्व मंत्री के नाकतला स्थित घर पर रेड कर उनसे पूछताछ भी की. ईडी ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरण जब्त किए हैं. प्रसन्न कुमार के न्यूटाउन स्थित दफ्तर पर भी रेड हुई. प्रसन्न कुमार की गिनती पार्थ के करीबियों में होती है और इस स्कैम में प्रसन्न की भूमिका भी जांच के दायरे में है। 

धार्मिक पहचान दिलाने की पहल: फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की उठी मांग

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब के फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की मांग उठी है। इस संबंध में बलजीत सिंह भुट्टा ने गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर औपचारिक ज्ञापन सौंपा। उनके साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी मौजूद रहे। भुट्टा ने कहा कि ऐतिहासिक फतेहगढ़ साहिब केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि यही वह पावन स्थल है, जहां दशम पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस महान शहादत की गवाह इस धरती की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना समय की प्रमुख आवश्यकता है। अन्य पवित्र शहरों की तर्ज पर मिले विशेष व्यवस्थाएं भुट्टा ने मांग की कि जिस प्रकार अमृतसर और आनंदपुर साहिब जैसे धार्मिक नगरों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, उसी तर्ज पर फतेहगढ़ साहिब को भी विशेष दर्जा दिया जाए। भुट्टा ने राज्यपाल से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को उचित दिशा-निर्देश जारी करें। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब को ‘पवित्र शहर’ घोषित करने से यहां आने वाली संगत की भावनाओं का सम्मान होगा और इस ऐतिहासिक स्थल की मर्यादा और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी। राज्यपाल ने विचार करने का दिया आश्वासन राज्यपाल कटारिया ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि इस मांग पर संबंधित स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। फतेहगढ़ साहिब सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इसे पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिल रहा है।

लग्जरी से स्वदेशी की ओर: सीएम साय ने बदली गाड़ी, अब स्कॉर्पियो बनी नई सवारी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला आज जब प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे तो बहुत से पदाधिकारी और कार्यकर्ता आश्चर्य में पड़ गए. दरअसल, सीएम साय के काफिले में टोयोटा फार्च्यूनर की जगह नई नवेली स्कार्पियों नजर आ रही थी. करीबन ढाई साल के कार्यकाल के बाद मुख्यमंत्री को नई गाड़ी में देख लोग उत्सुकतावश गाड़ी के संबंध में पूछताछ भी करने लगे. दरअसल, मुख्यमंत्री साय के अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फार्च्यूनर का ही इस्तेमाल कर रहे थे. इसके स्थान पर अब स्कार्पियो का इस्तेमाल करेंगे. ऐसी एक नहीं बल्कि सीएम के काफिले में छह नई स्कार्पियो को शामिल किया गया है. सीएम साय बुलेटप्रूफ स्कार्पियों में सवारी करेंगे. इस बदलाव पर भाजपा नेताओं और मीडिया की उत्सुकता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि गाड़ियां पुरानी हो गई थी. उसे चेंज करने का प्रयास कर रहे थे. कभी-कभी भी बंद हो जाती थी, इसलिए आज बदलाव किए हैं. 

कूनो ने फिर दिखाई उम्मीद की किरण, चीता गामिनी ने 4 स्वस्थ शावकों को दिया जन्म

  श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर बड़ी और सुखद खबर सामने आई है. यहां मादा चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत में चीता प्रोजेक्ट को एक नई मजबूती मिली है।  केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर शावकों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, दक्षिण अफ्रीका से लाई गई 25 माह की मादा चीता गामिनी ने अपनी पहली संतान के रूप में इन 4 शावकों को जन्म दिया है. यह कूनो में चीतों की वंशवृद्धि की दिशा में एक बड़ी सफलता है।  चीतों का कुनबा बढ़ा इन 4 नए नन्हे मेहमानों के आने के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है. इसमें कूनो में जन्मे शावक और बाहर से लाए गए चीते शामिल हैं।  प्रोजेक्ट चीता की सफलता  केंद्रीय मंत्री ने गामिनी और उसके शावकों की तस्वीरें शेयर करते हुए पार्क के अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम को बधाई दी. उन्होंने इसे 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। गामिनी और उसके चारों शावक फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं और वन विभाग की टीम उन पर 24 घंटे निगरानी रख रही है.

रायपुर : विशेष लेख – स्वाभिमान की नई पहचान, छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम दौर

रायपुर : विशेष लेख : स्वाभिमान की नई पहचान : छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम दौर रायपुर छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाते हुए महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी जा रही है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाएं अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब आंकड़ों में दिखाई देता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी गौरव वर्ष महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़ रुपए, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपए तथा कुपोषण मुक्ति व पोषण अभियान के लिए 235 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना एक मील का पत्थर साबित हुई है। 10 मार्च 2024 को प्रारंभ इस योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की सहायता मिल रही है। अब तक 26 किस्तों के माध्यम से 16 हजार 881 करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, वहीं इस योजना के लिए 8 हजार 200 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रस्तावित रानी दुर्गावती योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य में महिलाओं के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 368 सदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है और 137 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। साथ ही 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी। मातृत्व सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत 3 लाख 73 हजार से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए हैं तथा 235 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। वर्ष 2023-24 में जहां 1 लाख 75 हजार से अधिक पंजीकरण हुए, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 19 हजार से अधिक हो गई। वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2 लाख 4 हजार से अधिक पंजीयन हो चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 93 प्रतिशत से अधिक है। पोषण अभियान में भी राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पोषण माह 2024 के दौरान प्रति केंद्र प्रदर्शन में प्रदेश को प्रथम स्थान तथा कुल गतिविधियों में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं न्योता भोज जैसे नवाचारों के तहत 9 हजार 700 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 1 लाख 83 हजार से अधिक बच्चों को लाभ मिला। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट जैसे कार्यों से जोड़ा जा रहा है तथा लखपति दीदी योजना के माध्यम से उन्हें व्यवसायिक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 38 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली है। वहीं सखी वन स्टॉप सेंटरों की संख्या 27 से बढ़ाकर 34 कर दी गई है, जहां 14 हजार 300 से अधिक प्रकरणों में से 8 हजार 900 से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। स्पष्ट है कि “महतारी गौरव वर्ष” केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देने वाला अभियान है। विष्णु देव साय और लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाएं अब विकास की धुरी बनकर उभर रही हैं और राज्य को नई दिशा दे रही हैं। •    डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक