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सुल्तानपुर-उरेठिया रेलखंड पर आरओबी निर्माण शुरू, 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुल्तानपुर-उरेठिया रेल खंड पर अनूपगंज के पास रेलवे क्रासिंग नंबर 193 पर ओवरब्रिज का निर्माण अगले महीने से शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्य के लिए शासन ने पहली किश्त के तौर पर 41.03 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह ब्रिज दो लेन का और 998.40 मीटर लंबा होगा। इसमें निर्माण से तीन लाख से अधिक की आबादी को क्रासिंग बंद रहने से लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। रेलवे क्रासिंग नंबर 193 जलसा रिसार्ट-पहाड़पुर मार्ग पर स्थित है, जो कि अति व्यस्त मार्ग है। उतरेठिया-सुल्तानपुर रेल खंड होने के कारण इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही भी काफी है। दिन भर में कई बार क्रासिंग बंद रहने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। पीक ऑवर के समय जाम खत्म होने में कई बार तो आधा से एक घंटा तक लग जाता है। क्रासिंग पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए मोहनलालंगज के सांसद आरके चौधरी और विधायक अमरेश कुमार ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने इसे अपनी कार्य योजना 2025-26 में शामिल करते हुए अनुमानित लागत 200.46 करोड़ के साथ स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। सेतु निगम के अनुसार शासन ने वित्तीय स्वीकृति देते हुए पहली किश्त के तौर पर 41.03 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। तीन लाख से अधिक लोगों को होगा लाभ- सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार अनूपगंज क्रासिंग पर आरओबी बनने से तीन लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा। लखनऊ, सुल्तानपुर,पहाड़नगर टिकरिया, बक्कास, ढकवा, सोनी कजहरा, बरौना, जगनखेरा, सिकंदरपुर, अमौलिया, मऊ खुर्द, निजामपुर, कबीरपुर, इंद्रजीत खेड़ा, चांद सराय, अर्जुनगंज और आसपास के क्षेत्र आपस में जुड़ जाएंगे। इन क्षेत्रों की तीन लाख से अधिक की आबादी को क्रासिंग पर अक्सर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। इस रूट से काफी संख्या में छात्र और छात्राओं की भी आवाजाही होती है, उन्हें स्कूल और कॉलेज जाने में देर नहीं होगी। नई जेल से कैदियों को अदालत लाने और ले जाने के लिए नया रास्ता भी मिल जाएगा। जाम न लगने से सुरक्षा की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण होगा। 18 महीने में पूरा करना होगा निर्माण कार्य- आरओबी निर्माण के लिए 41.03 करोड़ की पहली किश्त स्वीकृत करते हुए शासन ने निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। यह अवधि जबसे निर्माण कार्य शुरू होगा, तबसे लागू होगा।

इंदौर में आधुनिकता की ओर कदम, पोलो ग्राउंड पर Z आकार में बन रहा रेलवे ओवरब्रिज

इंदौर  मध्यप्रदेश की राजधानी के चर्चित 90 डिग्री ब्रिज की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि इंदौर ने बाजी मार ली। इंदौर में एक और अजीबोगरीब पुल सामने आया है। शहर के पोलो ग्राउंड पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज, जो अंग्रेजी के अक्षर 'Z' की शक्ल में है, अब सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक चर्चा का विषय बन गया है। इस ब्रिज में दो-दो 90 डिग्री एंगल है। यानी ये इंदौर इस मामले में भोपाल से भी दो कदम आगे निकल गया है। इंजीनियरिंग का नया नमूना या ट्रैफिक का पजल? इंदौर के पोलो ग्राउंड पर बन रहा यह रेलवे ओवरब्रिज अपनी अनोखी डिजाइन के लिए सुर्खियों में है। इस ब्रिज में 90 डिग्री के दो तीखे मोड़ हैं, जो इसे 'Z' आकार का बनाते हैं। यह डिजाइन देखकर कोई इसे इंजीनियरिंग का चमत्कार कह रहा है तो कोई इसे ट्रैफिक का रोलर कोस्टर। दो-दो तेज मोड़ की वजह से यहां हादसों का डर लोगों को सता रहा है। भोपाल को पीछे छोड़ा, इंदौर ने मारी बाजी भोपाल का ऐशबाग 90 डिग्री ब्रिज पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था, लेकिन इंदौर ने दो कदम आगे बढ़कर 'Z' आकार का ब्रिज बनाकर सबको चौंका दिया। यह ब्रिज पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) की देखरेख में बन रहा है, और इसके डिजाइन ने इंदौर को 'अजब मध्य प्रदेश' के नक्शे पर और चमका दिया। जैसे ही यह अनोखा ब्रिज चर्चा में आया, PWD ने सफाई दी कि डिजाइन में संशोधन पर विचार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि यह ब्रिज रेलवे लाइन को पार करने के लिए बनाया जा रहा है, और जगह की कमी के कारण ऐसी डिजाइन बनाई गई। सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ 'Z' आकार के इस ब्रिज ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। कोई इसे 'मध्य प्रदेश का जिग-जैग अजूबा' कह रहा है तो कोई इसे 'ड्राइविंग स्कूल का टेस्ट ट्रैक' बता रहा है। एक यूजर ने तो मजाक में लिखा, "इंदौर में ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए अब Z टेस्ट देना होगा।" इन मजेदार मीम्स ने इस ब्रिज को और भी चर्चित बना दिया है।