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नोट बरसाने’ का ड्रामा, तांत्रिक बनकर गिरोह ने ऐसे लूटा शिकार

अजमेर तत्र-मंत्र से नोट बरसाने का पाखंड और भोले-भाले लोगों से पैसे ऐंठने के बाद मौत का ड्रामा, यह मामला किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता. डीग में ऐसी ही ठगी का भंडाफोड़ हुआ है, जहां आरोपी खुद को तांत्रिक बताते हुए पैसा दोगुना करने का झांसा देता था. इस एवज में उसने कई लोगों से ठगी कर ली. पुलिस ने शातिर और संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है. कामां थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इनके पास से ठगी गई पूरी राशि  4 लाख 35 हजाररुपए बरामद कर ली है. सुनसान जगह ले गया आरोपी डीग एसपी शरण कांबले ने बताया कि अजमेर निवासी राजेंद्र सिंह सोलंकी को गिरोह ने फोन कर झांसे में लिया था. उसे खेडली जल्लो क्षेत्र के एक सुनसान जगह पर बुलाया गया. वहां गिरोह ने पहले से ही एक पटकथा तैयार कर रखी था. एक छोटे कद का व्यक्ति 'तांत्रिक' बनकर बैठा था, जिसने तंत्र-मंत्र और कंबल से नोट बरसाने का पाखंड किया. इसके बाद पैसे ठगने का खेल शुरू होता था. पैसे हड़पने के बाद 'नाटक' शुरू जैसे ही पीड़ित राजेंद्र ने 4 लाख 35 हजार रुपए आरोपियों को सौंपे, तांत्रिक ने अचानक 'मौत' का नाटक शुरू कर दिया. गिरोह के अन्य सदस्यों ने वहां डर का माहौल पैदा कर दिया और पीड़ित को पुलिस केस और मौत के डर से वहां से भागने पर मजबूर कर दिया. जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना पिछले 10 वर्षों के दौरान कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है. आरोपियों से पूछताछ कर गिरोही के अन्य साथियों और पीड़ित के बारे में भी पता लगाया जा रहा है.

आबू रोड में बड़ा फर्जीवाड़ा: 2023 से 2026 तक प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश

स‍िरोही स‍िरोही के आबू रोड में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में 7 ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को सस्‍पेंड कर द‍िया गया है. जांच पूरी होने तक न‍िलंब‍ित रहेंगे. मामले में जांच टीम गठ‍ित कर दी गई है. आबू रोड की 32 ग्राम पंचायत में साल 2023 से 2026 तक जारी सभी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच के न‍िर्देश द‍िए गए हैं. डीएम ने 10 द‍िन में र‍िपोर्ट देने के न‍िर्देश द‍िए हैं. शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई   सबसे पहले जिला परिषद सीईओ को शिकायत दी गई थी, लेकिन यहां पर कार्रवाई नहीं हुई तो सीएमओ में शिकायत की. इसके बाद जिला कलेक्टर ने टीम का गठन करके र‍िपोर्ट मांगी है.  जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी बनाए   प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह फर्जी प्रमाण पत्र बीमा क्लेम पाने के ल‍िए बनाए गए थे. आबू रोड के खडात में 42, सियावा में 24, उपलागढ़ में 95 प्रमाण पत्र और निचलागढ़ में 40 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए हैं. निचलागढ़ में 154 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले सामने आए हैं. प्रमाण पत्र पर ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर पाए गए हैं. जिला परिषद को कई बार इसकी शिकायत की गई, इसके बाद भी जिला परिषद के सीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि इस पूरे प्रकरण में जिला परिषद के अधिकारियों का संरक्षण सामने आ रहा है.

फर्जी डॉक्टर बनकर बुजुर्ग से 4.39 लाख की ठगी, तीन आरोपी भोपाल से दबोचे गए

अजमेर अजमेर शहर में यूनानी थेरेपी के नाम पर बुजुर्ग से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी और ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। बुजुर्ग को जाल में फंसाया एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित 62 वर्षीय हरीराम किशनचंद मूलचंदानी ने शिकायत दर्ज कराई थी। 26 मार्च को एक व्यक्ति ने उनके घुटनों के दर्द को देखकर सहानुभूति जताई और ‘डॉ. समीर जरीवाला’ नाम के कथित डॉक्टर से इलाज कराने का झांसा दिया। इसके बाद गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया फर्जी डॉक्टर घर पहुंचा और ‘सिंघी’ जैसे उपकरण से घुटने से मवाद निकालने का नाटक किया। आरोपियों ने 73 बार मवाद निकालने का दावा कर पीड़ित से कुल 4 लाख 39 हजार रुपये वसूल लिए और फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी हिमांशु जांगिड़ और डिप्टी एसपी शिवम जोशी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने अभय कमांड सेंटर सहित 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें गिरोह की लाल रंग की स्विफ्ट कार ट्रेस हुई। तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया गया, जहां वे एक और वारदात की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीन मोहम्मद (38), निवासी अंता बारां, मोहम्मद कादिर (28), निवासी अंता बारां (फर्जी डॉक्टर), और मोहम्मद आसिफ (35) निवासी विज्ञान नगर कोटा शामिल हैं। पुलिस ने नकदी, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया पुलिस ने आरोपियों के पास से 33,800 रुपये नकद, इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण, दवाइयां, स्प्रे, 12 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों पर रेडियम टेप लगाने के बहाने घूमते थे। इस दौरान वे चलने-फिरने में असमर्थ या संपन्न बुजुर्गों को पहचानते और उनसे संपर्क कर ‘मददगार’ बनते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी डॉक्टर के पास भेजकर ठगी को अंजाम दिया जाता था। वारदात के बाद आरोपी सिम कार्ड नष्ट कर शहर छोड़ देते थे।  

अंधविश्वास के जाल में फंसा कैथल का परिवार, तांत्रिक महिला ने दो साल में ऐंठे एक करोड़ से ज्यादा रुपये और पुलिस ने दर्ज किया केस

 कैथल कहावत है कि भ्रम का कोई इलाज नहीं। हरियाणा के कैथल में एक ऐसा ही मामला समाने आया है जहां एक परिवार जादू-टोनों के चक्र में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठा बुढ़ा खेड़ा गांव में जादू-टोना का प्रकोप बताकर एक परिवार से 1.07 करोड़ रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला तांत्रिक ने अपने पति, बेटे और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर परिवार को करीब दो वर्षों तक तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर उलझाए रखा और उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें बलि के नाम पर चामुंडा देवी धाम भी ले जाया गया जहां इंजेक्शन के माध्यम से उनके शरीर से खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात भी हड़प लिए। जब परिवार की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और लगातार पैसों की मांग बढ़ती गई, तब पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दी। गांव बुढ़ा खेड़ा निवासी अमनदीप ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सुखबीर सिंह पिछले दो-तीन वर्षों से सिरदर्द और चक्कर की समस्या से जूझ रहे थे। कई प्रकार के उपचार करवाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। इसके साथ ही परिवार में आपसी कलह भी बनी रहती थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने उन्हें गांव की सुमन नामक महिला के बारे में बताया, जो झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाएं करने का दावा करती थी। अमनदीप के मुताबिक, सुमन ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनके घर पर किसी ने जादू-टोना करवा रखा है और इससे मुक्ति पाने के लिए काली माता की बलि देनी होगी तथा बाबा भैरों नाथ का मंदिर बनवाना पड़ेगा। परिवार पहले से ही मानसिक रूप से परेशान था, इसलिए वे उसके झांसे में आ गए। जमीन बेचकर और एफडी तुड़वाकर दिए रुपये पीड़ित ने बताया कि सुमन के कहने पर उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और बैंक की एफडी तुड़वाकर करीब 76 लाख रुपये नकद तथा लगभग 7 लाख रुपये ऑनलाइन उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि सुमन उन्हें चामुंडा देवी धाम भी ले गई, जहां उसने इंजेक्शन के जरिए उनका खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया। आरोपी ने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है और जब मंदिर बनकर तैयार होगा तो उन्हें सोने का छत्र चढ़ाना होगा। जब परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए और पैसे देने में असमर्थता जताई और कहा कि वे पहले ही 80-90 लाख रुपये दे चुके हैं, तब भी आरोपियों ने पैसे की मांग जारी रखी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें गुमराह कर सम्मोहन जैसी विधियों के माध्यम से उनसे 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात तथा भारी रकम हड़प ली गई। जादू-टोना के नाम पर लोगों को बनाते हैं शिकार आरोप है कि सुमन, उसका पति बलराज, बेटा वंश और उचाना निवासी संजीव मिलकर लोगों को जादू-टोना के नाम पर झांसे में लेते हैं। ये लोग काली माता, भैरों बाबा और सबल सिंह बावरी के नाम का हवाला देकर लोगों से जेवर और पैसे ऐंठते हैं तथा बलि के नाम पर शरीर से खून निकालते हैं। इसके अलावा, ये आरोपित लोगों को हरिद्वार, कुरुक्षेत्र, पटियाला और बागड़ सहित विभिन्न स्थानों पर ले जाकर तांत्रिक क्रियाएं करवाते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि यह गिरोह 100 से 150 लोगों से करीब 3-4 करोड़ रुपये तक की ठगी कर चुका है। सदर थाना के जांच अधिकारी मनु ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मैक्सीजोन घोटाले में गोविंदा, शक्ति कपूर समेत नौ पर धोखाधड़ी का केस

जमशेदपुर. गाजियाबाद की कंपनी मैक्सीजोन टच इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 3000 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर जमशेदपुर के साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। फिल्म अभिनेता गोविंदा, शक्ति कपूर, चंकी पांडेय, रजा मुराद, गायक मनोज तिवारी, कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह तथा परसुडीह निवासी सूर्य नारायण पात्रो के विरुद्ध धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। यह प्राथमिकी बर्मामाइंस ईस्ट प्लांट बस्ती निवासी जसपाल सिंह और टेल्को कालोनी निवासी कुलदीप सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने अधिक ब्याज के लालच में कंपनी में करीब आठ लाख रुपये का निवेश किया था। कंपनी जमशेदपुर कार्यालय बंद कर फरार हो गई। कार्यालय साकची थाना क्षेत्र काशीडीह में थी। इससे पूर्व वर्ष 2022 में भी उक्त कंपनी तथा इससे जुड़े कलाकारों और अधिकारियों के विरुद्ध साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। कंपनी के खिलाफ जमशेदपुर के साकची थाना में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह वर्तमान में रांची जेल में बंद हैं। दोनों को पुलिस ने धनबाद से गिरफ्तार किया था। निदेशक दंपति बिहार के वैशाली जिले के निवासी हैं। मामले की ईडी भी जांच कर रही है। दोनों आरोपित पहले जमशेदपुर की जेल में थे। शिकायत के अनुसार, कंपनी ने प्रति निवेशक न्यूनतम एक लाख रुपये निवेश पर 15 प्रतिशत मासिक ब्याज देने का प्रलोभन दिया था। निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए कंपनी अपने कार्यक्रमों में नामी फिल्म कलाकारों को आमंत्रित करती थी। बताया गया कि केवल जमशेदपुर शहर से 10 हजार से अधिक निवेशकों ने कंपनी में 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जबकि पूरे झारखंड में निवेश की राशि करीब 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि जनवरी 2022 के बाद कंपनी ने निवेशकों को ब्याज का भुगतान बंद कर दिया। धोखाधड़ी का यह मामला सितंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच का बताया जा रहा है। साकची थाना प्रभारी आसंद मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच हो रही है। न्यायालय में दर्ज परिवाद पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।