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महाराष्ट्र में मदरसों पर कटनी पुलिस की कार्रवाई, बिहार से मांगी गई सामाजिक जांच रिपोर्ट

कटनी
महाराष्ट्र और कर्ना
टक के मदरसों में धार्मिक शिक्षा के लिए बिहार से बच्चों को ले जाने के मामले में इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) भी सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर रविवार को ट्रेन में 163 बच्चों को ले जाते गिरफ्तार किए गए आठों आरोपितों के बारे में पड़ताल की जा रही है। उनके किसी कट्टर धार्मिक संगठन से जुड़े होने की आशंका है।

ऐसे में, आईबी एवं जीआरपी के अधिकारियों ने सोमवार को देर रात तक आरोपितों और बिहार से बुलाए गए बच्चों के अभिभावकों से जानकारी जुटाई। वहीं, आठों आरोपितों बच्चों को लातूर और विदर्भ के जिन दो मदरसों में ले जा रहे थे, वहां की जानकारी जुटाने के लिए कटनी पुलिस की टीमें रवाना हो गई है।

जांच में पता चलेगा किस तरह की शिक्षा दी जाती है
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लातूर के मदरसा जामिया अशरफिया अंजूमने इस्लामिया उद्गीर और विदर्भ के दारुल उलूम इमदादिया मदरसा के नाम बताए हैं। इनमें पड़ताल के बाद पता चलेगा कि वहां पर बच्चों को किस तरह की धार्मिक शिक्षा दी जाती है या कोई अन्य कारण से बच्चे भेजे जा रहे थे। वहीं, महिला बाल विकास विभाग ने बिहार के अररिया प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद बच्चों को बिहार भेजा जाएगा।

स्वयं को शिक्षक बता रहे हैं आरोपी
बिहार के अररिया जिले से बच्चों को ले जाने वाले आठों लोग स्वयं को मदरसों में शिक्षक बता रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपने जिले के बच्चों को वर्ष 2016 से मदरसों में धार्मिक शिक्षा देने के लिए ले जा रहे हैं। इनकी भूमिका पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि बिहार में भी मदरसे संचालित हैं।

फंडिंग की भी जांच की जा रही
निश्शुल्क शिक्षा देने के लिए कौन सा संगठन फंडिंग कर रहा है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही हैं। इस संबंध में आरोपितों में शामिल सद्दाम का कहना था कि मदरसों को समाज की ओर से चंदे के रूप में धार्मिक शिक्षा देने के लिए फंड मिलता है और इससे ही बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

आरोपियों को समाज को किया सुपुर्द
जीआरपी ने आरोपित बनाए गए अररिया क्षेत्र निवासी सद्दाम, अमान उल्ला, मो. जाहिर, आमिर खान, हाफिज अबू तालिम, मो. इस्लाम, नौसाद और राशिद को कटनी में मुस्लिम समुदाय के सुपुर्दगी कर दिया है। मामले की जांच तक आठों को पूछताछ के लिए जीआरपी में उपस्थित होना होगा। वहीं, मंगलवार को लगभग 54 बच्चों के अभिभावक कटनी पहुंचे और उनकी मुलाकात आश्रय गृह में बच्चों से कराई गई। उनके बयान भी दर्ज किए गए।

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