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नोएडा बवाल के बाद सख्ती: 203 ठेकेदारों पर गिरी गाज, लाइसेंस निरस्तीकरण और 1.16 करोड़ की पेनल्टी नोटिस

नोएडा
नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने, राशि की वसूली करने और एजेंसियों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि श्रमिकों के उपद्रव में कई ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वहीं, श्रम कानूनों का पालन नहीं करने पर ठेकेदारों के खिलाफ 1.16 करोड़ रुपये की पेनल्टी के नोटिस जारी किए गए हैं।

अन्य ठेकेदारों की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बताया गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 फीसदी की वृद्धि की गई है। कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अतिरिक्त कोई अन्य कटौती का मामला सामने आता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वेतन भुगतान में देरी या कम भुगतान पर ठेकेदारों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

नोएडा बवाल की साजिश में शहर के चार युवकों पर शक की सुई
नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटना के दौरान बनाए गए वीडियो खंगाले जा रहे हैं। शहर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। शुक्रवार को नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से कुछ लोगों को इसी सिलसिले में उठाया गया है।
 
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की फैक्टि्रयों में तोड़फोड़, आगजनी, पुलिस व अन्य सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटना हुई थी। पुलिस ने बवाल करने वालों को मशक्कत कर शांत कराया। अलग-अलग इकाइयों में एकदम से भीड़ उग्र हुई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के साथ प्रतिष्ठानों पर पथराव हुआ। पुलिस और प्रशासन ने खुफिया, इंटेलीजेंस, एलआईयू आदि से जांच कराई जिनकी प्रारंभिक जांच में बवाल के पीछे साजिश की आशंका जताई गई।
 
सूत्रों के मुताबिक कुछ प्रतिष्ठानों में फेस रिकग्नाइजेशन (चेहरे पहचानने वाले) कैमरे लगे हुए हैं। उनमें संदिग्धों के वीडियो मिले हैं। कुछ युवक पत्थर, तेल के गैलन, सब्बल लिए नजर आ रहे हैं। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। कानपुर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। इनमें से दो वहां रहने के साथ सब्जी व फल का कारोबार करते हैं। उनके बारे में नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से जानकारी जुटाई गई है। कुछ लोगों को उठाया गया है। अब तक किसी जांच एजेंसी ने कोई संपर्क नहीं किया है। एसटीएफ अपने स्तर पर जांच कर रही है। अगर जांच में कोई सहयोग मांगा जाता है तो कमिश्नरी पुलिस उनकी मदद करेगी।
 
श्रमिक आंदोलन को लेकर शुक्रवार को भी क्षेत्र में पुलिस अलर्ट पर रही। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी कंपनियों में पुलिस फोर्स के जवान भी तैनात रहे। यमुना सिटी के सेक्टर-24ए स्थित वीवो कंपनी में बृहस्पतिवार सुबह वेतन को लेकर कंपनी कर्मियों ने हंगामा किया था। इस दौरान कर्मचरियों ने वेतन बढ़ाने की मांग करते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की थी। पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर कर्मियों को समझाया था।
 

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