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19 अप्रैल का राशिफल: शुभ दिन रहेगा कुछ राशियों के लिए, अन्य को सामना करना होगा मुश्किलों का

मेष राशिफल 19 अप्रैल आज का दिन आपके लिए थोड़ा व्यस्त रह सकता है। ऑफिस या बिजनेस में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। पैसों के मामले में जल्दबाजी ना करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का रहेगा। आज आपको ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। समय मिलते ही आराम करें। वृषभ राशिफल 19 अप्रैल आज आपको धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। हो सकता है कि आज कुछ काम उम्मीद के हिसाब से ना हो। पैसों से जुड़ा कोई फैसला सोच-समझकर ही लें। रिश्तों में बातचीत करेंगे तो बात सुलझ सकती है। छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने से बचें। ओवरथिंकिंग से बचें। शाम तक आपको अच्छा महसूस होगा। मिथुन राशिफल 19 अप्रैल आज का दिन आपके लिए थोड़ा पॉजिटिव रह सकता है। रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। दोस्तों या करीबियों से मदद मिलेगी तो काम आसान होगा। आज आपका खर्चा थोड़ा बढ़ सकता है। ऐसे में बजट का ध्यान रखें। किसी नई प्लानिंग के लिए आज का दिन सही है। कर्क राशिफल 19 अप्रैल आज आप थोड़े इमोशनल रह सकते हैं। काम पर ध्यान देंगे तो सब बैलेंस हो जाएगा। परिवार से जुड़ी कोई जिम्मेदारी निभानी होगी। पैसों के मामले में आप बैलेंस बनाकर रखेंगे तो आगे स्थिति सही रहेगी। आज किसी पुराने दोस्त से लंबे समय बाद बात होगी और ऐसे में मन खुश रहेगा। सिंह राशिफल 19 अप्रैल आज के दिन आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। काम में आपकी मेहनत नजर आएगी। ऑफिस में आपके काम की चर्चा होगी। हालांकि किसी बात पर ज्यादा गुस्सा करने से बचें। शाम का समय रिलैक्स करने के लिए अच्छा रहेगा। सोने का समय निर्धारित करें। तुला राशिफल 19 अप्रैल आज का दिन आपके लिए ठीक रहेगा। रोजमर्रा के काम आराम से पूरे हो जाएंगे। सेहत पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। ज्यादा ओवरथिंकिंग ना करें। ओवरथिंकिंग से फालतू का तनाव होगा। घर का माहौल शांत रखने की कोशिश करें। ऑयली खाने से दूर रहें। धनु राशिफल 19 अप्रैल आज आपको किसी जरूरी काम में सफलता मिलने के चांस हैं। परिवार और पार्टनर का सपोर्ट मिलेगा। पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम आगे बढ़ाएं। नए लोगों से मुलाकात होगी और इससे आपको फायदा भी मिलेगा। पॉजिटिव सोचें। योगा करें। मकर राशिफल 19 अप्रैल आज का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। काम में धैर्य रखना जरूरी है। किसी से बहस करने से बचें। स्थिति अपने आप सुधर जाएगी। पैसों के मामले में सावधानी रखें। शाम तक आपकी चीजें बेहतर हो सकती है। आसपास ही कहीं बाहर घूमने चले जाएं। कुंभ राशिफल 19 अप्रैल आज आपको नई जानकारी या फिर कोई नया मौका मिल सकता है। काम में फोकस बनाए रखें। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। ऐसे में रिश्तों में भी सुधार आएगा। इस बात का ध्यान रखें कि बेवजह का खर्चा ना हो। आज आप ट्रैवल का प्लान बना सकते हैं। कन्या राशिफल 19 अप्रैल आज आपको अपनी मेहनत का रिजल्ट धीरे-धीरे मिलता दिखेगा। काम का प्रेशर आज थोड़ा ज्यादा रह सकता है लेकिन आप चीजों को संभाल लेंगे। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। खानपान का ध्यान रखें। वृश्चिक राशिफल 19 अप्रैल आज आपको अपने मन की सुनने की जरूरत है। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ता जाएगा। उसकी टेंशन ना लें। परिवार का फुल सपोर्ट मिलेगा। ज्यादा चिंता करने से बचें। रिलैक्स रहें और ठंडे दिमाग से ही कोई फैसला लें। रूटीन में एक्सरसाइज शामिल करें। मीन राशिफल 19 अप्रैल आज का दिन क्रिएटिव काम के लिए अच्छा है। ऐसे में कोई क्रिएटिव एक्टिविटी जरूर करें। आज कोई नई सोच आपके काम आ सकती है। दोस्तों से बात करके अच्छा महसूस होगा। पैसों के मामले में बैलेंस बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी। बस बाहरी खाने से बचें।

चार धाम यात्रा की शुरुआत, गंगोत्री मंदिर-यमुनोत्री मंदिर-बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तारीख जानें

उत्तराखंड उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा- 2026 के लिए बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण किया और यात्रा को सुगम, सुरक्षित और दिव्य बनाने का संकल्प दोहराया। सरकार इस साल ग्रीन चारधाम, और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर और रोपवे जैसी सुविधाओं से यात्रा अब और भी तेज होगी। यात्रा मार्ग पर बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बसें रवाना सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकेश में चारधाम यात्रा-2026 के लिए बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने तीर्थयात्रियों के लिए लगाए गए मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए यात्रियों का स्वागत किया। सीएम ने कहा कि चारधाम यात्रा आस्था और साधना का रास्ता है। इस यात्रा से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा मिलती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्वच्छता और पर्यावरण पर जोर सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के कण-कण में भगवान रहते हैं। इस पवित्रता को बचाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। सरकार ने इस साल पर्यावरण के अनुकूल यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ का लक्ष्य रखा है। रास्तों पर सफाई के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सभी गाड़ियों में कूड़ेदान रखना जरूरी कर दिया गया है। सभी से अपील है कि जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र रखना है। कब-कब किन धाम के खुलेंगे कपाट? बता दें कि चारधाम यात्रा के पहले दिन रविवार 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। वहीं 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के खोले जाएंगे। इसके बाद अगले महीने 23 मई को श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे। इस बार चारधाम यात्रा में कई बदलाव किए गए हैं। इस बार दर्शन के दौरान भीड़ से बचने के लिए टोकन सिस्टम लागू होगा। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी ना हो। स्वास्थ्य पर भी फोकस मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण के काम तेजी से हो रहे हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का काम भी आगे बढ़ रहा है। केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

गिरिराज सिंह का हमला: राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप, संसद में बयान से मचा सियासी घमासान

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वे संसद में एलओपी की तरह व्यवहार नहीं कर रहे थे, बल्कि पाकिस्तान की भाषा बोल रहे थे। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिरने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मेरा मानना है कि कांग्रेस और विपक्षी दल हमेशा से ही महिला-विरोधी रहे हैं। राजनीतिक दलों के लोग भले ही इस बात का जश्न मना लें कि पीएम मोदी का विधेयक गिरा दिया गया, लेकिन देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा, और देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि उनकी बातों से मुझे बहुत दुख हुआ, इसलिए नहीं कि वह गाली-गलौज कर रहे थे, बल्कि इसलिए कि यह देश का दुर्भाग्य है कि मेरे विपक्ष के नेता इस तरह की बातें कर रहे हैं। कल राहुल गांधी ने न सिर्फ पीएम को अशब्द बोला, बल्कि बालाकोट और 'ऑपरेशन सिंदूर' के मुद्दे पर पाकिस्तान की भाषा बोल रहे थे। वह वही कह रहे थे, जो पाकिस्तान कह रहा था। भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने कहा कि यह इस देश के लिए बहुत दुख की बात है, और यह राहुल गांधी, कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों का दुर्भाग्य है। देश में एक बड़ा बदलाव होने वाला था। पीएम मोदी ने राजनीति में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया था। लोकसभा में 33 फीसदी महिलाओं को चुना जाना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ने इस बात को नहीं समझा। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने राजनीतिक हितों के लिए महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक समझती है। अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए विपक्षी ने इस देश की महिलाओं को गुमराह किया है। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि जिस तरह से विपक्षी पार्टियों ने इस विधेयक के खिलाफ वोट किया, उन्हें शर्म आनी चाहिए, फिर भी वे जश्न मना रहे हैं। जब 2023 में यह विधेयक पास हुआ था तो इन विपक्षी पार्टियों ने कहा था कि इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए, लेकिन जिस तरह से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने इस विधेयक के खिलाफ वोट किया, उससे यह साफ हो जाता है कि वे देश की आम महिलाओं को अधिकार नहीं देना चाहते।

उमरिया की पूजा सिंह बनी मिसाल, आत्मनिर्भरता की अनोखी कहानी

भोपाल उमरिया जिले के घंघरी ग्राम की पूजा सिंह ने अपनी वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित कर आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी रची है। आज उनकी इकाई द्वारा निर्मित वस्त्र प्रदेश के विभिन्न जिलों तक जा रहे हैं। उनकी यह सफलता अन्य महिलाओं के लिये भी प्रेरणा बन रही है। पूजा सिंह ने इस सफलता को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में मिले ऋण की मदद से साकार किया है। सीमित संसाधनों के कारण लंबे समय तक स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में असमर्थ रहीं पूजा सिंह को जब मुद्रा योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने बैंक में आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मुद्रा योजना के तहत 8 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस वित्तीय सहयोग से उन्होंने “हीरा फैब्रिक” नाम से अपनी वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित की। आज उनकी यूनिट में स्कूल ड्रेस, शर्ट, पैंट, ट्रैक सूट, टी-शर्ट और लोअर जैसे परिधानों का निर्माण किया जा रहा है। उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति के कारण उन्हें होशंगाबाद, सीधी, मैहर, सतना, कटनी, इटारसी और बुधनी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से निरंतर ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ रहा है और पहचान भी बन रही है। पूजा सिंह आज न केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक रूप से मजबूत सहारा बनी हैं, बल्कि अपने उद्यम के माध्यम से 8 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। पूजा सिंह के पति धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि सही जानकारी और मार्गदर्शन मिल जाए, तो कोई भी व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुद्रा योजना ने उनके जीवन को नई दिशा और पहचान दी है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आज ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार को नई दिशा दे रही है। वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई इस योजना का उद्देश्य छोटे उद्यमियों, युवाओं, महिलाओं और स्टार्टअप्स को बिना गारंटी के सरल ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के अंतर्गत शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख) और तरुण (₹5 लाख से ₹10 लाख) श्रेणियों में ऋण प्रदान किया जाता है।  

दिल्ली में सियासत गरमाई: महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा का प्रदर्शन, राहुल गांधी पर निशाना

नई दिल्ली लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पास नहीं होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार को भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी के घर के बाहर विरोध जताया। प्रदर्शन में वरिष्ठ भाजपा सांसद हेमा मालिनी भी मौजूद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी का पुतला भी जलाया गया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस पर नारी शक्ति का अपमान करने का आरोप लगाया और हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर मोतीलाल नेहरू मार्ग से सुनहरी बाग रोड स्थित राहुल गांधी के घर तक मार्च करते हुए पहुंचे। कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए अपने माथे पर काली पट्टियां बांधी हुई थीं। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उग्र प्रदर्शन को देखते हुए कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं को डिटेन किया, जिन्हें मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष की मानसिकता महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति उनके असली इरादों को उजागर करती है। देश की महिलाएं सब कुछ देख रही हैं और समझ रही हैं। 'नारी शक्ति' के साथ हुए इस अन्याय का जवाब जरूर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीस साल से इस देश की आधी आबादी लगातार अपमान सहती आ रही है। इस बिल को सदन में बार-बार लाया गया है। कभी इसे फाड़ दिया जाता है, कभी फेंक दिया जाता है और कभी इसका विरोध किया जाता है। इसके पीछे क्या वजह है। कभी वे कहते हैं कि उन्हें परिसीमन नहीं चाहिए, तो कभी कहते हैं कि उन्हें पुनर्गठन नहीं चाहिए। कभी वे कहते हैं कि इसे 543 सीटों के अंदर ही लागू करो, तो कभी कहते हैं कि सीटों की संख्या बढ़ाओ। कभी वे कुछ खास राज्यों की बात करते हैं, तो कभी आरक्षण के अंदर आरक्षण की और कभी मुस्लिम महिलाओं की। आज मैं विपक्ष के नेताओं से यह पूछना चाहती हूं, अगर वे मुस्लिम महिलाओं के इतने ही बड़े शुभचिंतक थे तो जब पीएम मोदी ने तीन तलाक कानून पेश किया था, तब उन्होंने उसका विरोध क्यों किया था। मथुरा लोकसभा सीट से सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि कि विपक्ष ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पारित कराने के सभी प्रयासों को विफल कर दिया। ऐसा लगता है कि विपक्ष को 'नारी शक्ति' पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को उनका हक दिलाने की पूरी कोशिश की। पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री महिलाओं को नई सुविधाएं और अधिकार देने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल हों, लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं होने देना चाहता। हेमा मालिनी ने कहा कि संसद सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक संसद में अटक गया। यह उन महिलाओं के लिए एक दुखद दिन था, जो राष्ट्रीय मामलों में अपनी अधिक भागीदारी की उम्मीद कर रही थीं। व्यक्तिगत रूप से मैं काफी निराश थी, क्योंकि मतदान से ठीक पहले मैंने संसद में इस विधेयक के महत्व पर अपनी बात रखी थी। प्रधानमंत्री मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे और सभी महिलाओं के लिए इस विधेयक के महत्व के बारे में बात करेंगे। मैं आप सभी से अनुरोध करती हूं कि आप उनका संबोधन अवश्य सुनें। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह बड़े शर्म की बात है कि जिस दिन कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के सभी गठबंधन सहयोगियों ने इस देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया, वे उस दिन को ऐसे मना रहे हैं मानो यह कोई जीत हो। उन्होंने कहा कि कल राहुल गांधी और सभी विपक्षी दलों ने इस देश की मातृ शक्ति की पीठ में छुरा घोंपा है और उनके साथ विश्वासघात किया है। कल विपक्ष ने यह तय कर लिया है कि उनकी मंशा यह है कि वे महिलाओं की भूमिका को केवल मतदान केंद्र तक ही सीमित रखना चाहते हैं और जब सत्ता में भागीदारी की बात आती है तो वे अपने हाथ पीछे खींच लेते हैं। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि महिलाओं में भारी गुस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को अधिकार देना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने उनको छीनने का काम किया है और यह गुस्सा कांग्रेस को भस्म कर देगा और उसे तबाह कर देगा। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि मेरा दिल रो रहा है, लेकिन देश और दिल्ली की महिलाएं जाग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि असली बात समझिए। जब ​​इसे पास होना था, तो सब एक साथ आ गए थे, लेकिन जिस दिन इसे लागू होना था, उन्होंने इसे गिरा दिया। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की पार्टियों ने बहनों के साथ कभी न्याय नहीं किया। उन्होंने आरक्षण की बात तो की, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस विधेयक को पास कराने की कभी कोशिश नहीं की। 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। इसे 2029 तक लागू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोगों ने एक बार फिर इस विधेयक के खिलाफ क्रॉस-वोटिंग की है। भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने कहा कि इतिहास के पन्नों में इसे एक गौरवशाली अध्याय के तौर पर नहीं, बल्कि एक काले अध्याय के तौर पर याद किया जाएगा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए। यह मांग कोई नई नहीं है और पिछले चार दशकों से कांग्रेस किसी न किसी तरह से इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करती आ रही है।

बड़ी कार्रवाई: नोएडा हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता तमिलनाडु से पकड़ा गया, STF ने की ताबड़तोड़ रेड

नोएडा नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक हिंसा मामले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद को गिरफ्तार कर लिया है। नोएडा पुलिस के अनुसार, आरोपी को तमिलनाडु के त्रिचपल्ली से गिरफ्तार किया गया, जहां वह छिपकर रह रहा था। हिंसा की घटना के बाद से ही आदित्य आनंद फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए नोएडा पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। जानकारी के अनुसार, आदित्य आनंद इस पूरे श्रमिक हिंसा कांड का मास्टर माइंड है और उसकी गिरफ्तारी से मामले में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिंसा की साजिश कैसे रची गई और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही। दूसरी तरफ, हिंसा मामले में एसटीएफ नोएडा यूनिट और पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान भी शुरू किया है। यह कार्रवाई श्रमिक आंदोलन के नाम पर हिंसा, आगजनी और उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ की जा रही है। एसटीएफ के मुताबिक, अर्बन नक्सल से जुड़े संदिग्ध लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। दिल्ली और नोएडा के अलग-अलग इलाकों में यह अभियान लगातार जारी है। नोएडा के अरुण विहार, दिल्ली के आदर्श नगर और शाहबाद डेरी समेत कई स्थानों पर दबिश दी गई है। इस कार्रवाई के दौरान एसटीएफ अब तक करीब आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। श्रमिक आंदोलन की आड़ में साजिश रचने आगजनी उपद्रव मचाने वालो की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटनाएं केवल अचानक भड़की हिंसा नहीं थीं, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश की आशंका भी जताई जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए षडयंत्र के एंगल पर भी गहन पड़ताल शुरू कर दी है। जांच टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों से सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त की गई है, जिनके आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

पर्यटन को बढ़ावा: डॉ. मोहन यादव लॉन्च करेंगे हेली सेवा, ओरछा-चंदेरी सफर होगा आसान

भोपाल अब हवाई मार्ग से जुड़ेगा ओरछा और चंदेरी से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रविवार, 19 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे, राजधानी के स्टेट हैंगर से "पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत नए सेक्टर (भोपाल-चंदेरी-ओरछा) का विधिवत शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर हेलीकॉप्टर को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे और यात्रियों को बोर्डिंग पास भी प्रदान करेंगे। धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा यह नया सेक्टर भोपाल को भगवान श्रीराम की राजनगरी ओरछा और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध चंदेरी से जोड़ेगी। इससे श्रद्धालु श्रीरामराजा मंदिर में सुगमता से दर्शन के लिये पहुँच सकेंगे और चंदेरी की सांस्कृतिक विरासत व प्रसिद्ध हस्तशिल्प (चंदेरी साड़ी) का अनुभव ले सकेंगे। एंड टू एंड सेवा का सप्ताह में 5 दिन होगा संचालन सेक्टर-2 अंतर्गत यह सेवा सप्ताह में 5 दिन (बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार) संचालित होगी। यात्रियों के लिए भोपाल से चंदेरी का किराया ₹5,500 और भोपाल से ओरछा का किराया ₹6,500 निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, ₹14,500 के विशेष पैकेज में टैक्सी, वीआईपी दर्शन और प्रसाद जैसी 'एंड-टू-एंड' सुविधाएं भी शामिल हैं। चंदेरी और ओरछा में पर्यटकों के लिए ₹3,500 में 'जॉय राइड' की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि पीपीपी मॉडल पर संचालित इस सेवा में पर्यटकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। गंतव्य पर होटल, भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था भी पूर्व निर्धारित रहेगी। बुकिंग के लिए पर्यटक www.flyola.in और IRCTC पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर 2025 के अवसर पर पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया था। यह सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्डलाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित है। इस सेवा का अब तक 2 हजार 648 पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने लाभ लिया है।  

विपक्ष पर NDA का तंज तेज, कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप—नारी शक्ति के मुद्दे पर सियासी घमासान

नई दिल्ली महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इसे 'देश के लिए काला दिवस' बताते हुए कहा कि इतना महत्वपूर्ण विधेयक बहाने बनाकर गिरा दिया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "इतना ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बिल, महिलाओं को संसद में जगह देना, इसमें क्या आपत्ति हो सकती है? बहाना बनाकर इस महत्वपूर्ण बिल को गिराया गया। मैं मानता हूं कि यह देश के लिए एक काला दिवस रहा है।" केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने कहा, "कांग्रेस जो कह रही कि ये जो बिल गिरा वो ऐतिहासिक कदम है, उनकी नजर में ऐतिहासिक इसलिए है, क्योंकि इस देश की नारी शक्ति और पीएम के नारी सशक्तिकरण के प्रयास को उन्होंने गिरा दिया, इसलिए उनके लिए ये ऐतिहासिक हो सकता है। आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उनके साथ न्याय करने वाला ये कदम था, लेकिन विपक्ष को इसे गिराकर खुशी हो रही है तो यही कांग्रेस का चरित्र है।" भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा, "131वां संविधान संशोधन विधेयक 2029 में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से पेश किया गया था। इसमें 2023 के 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण अधिनियम) में जरूरी और सुधारों के प्रावधान भी शामिल थे।" भाजपा सांसद संजय जयसवाल ने कहा, "हम सड़कों पर उतरेंगे और महिलाओं को समझाएंगे कि किस तरह से विरोधी दलों ने उनके अधिकार को लोकसभा में रोका है। हमें पूरा विश्वास है कि देश की महिलाएं विपक्ष के सांसदों को इतना मजबूर कर देंगी कि अगले 3 महीने में यह बिल निश्चित तौर पर पास कराना उनकी मजबूरी हो जाएगी।" भाजपा नेता शशांक मणि ने कहा, "कांग्रेस को मालूम होना चाहिए कि पूरे देश की 50 प्रतिशत आबादी इनसे आक्रोश में है। कांग्रेस जिसे विजय घोषित कर रही है, उन्हीं की हार होगी। कल देश की हार हुई, कांग्रेस की जीत नहीं हुई है, बल्कि उनकी भी हार हुई है। मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि इसके पीछे इनका क्या ज्ञान है? हम लोग माताओं-बहनों के लिए लगे रहेंगे और अगली बार हम इस बिल को लाएंगे और पारित करेंगे।" भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "लोकतंत्र में महिलाओं को अधिकार देने के विचार की हत्या करने वाला यह विपक्ष अगर इसको महिलाओं का अपमान करके अपनी जीत मान रहा है तो निश्चित रूप से वो एक बड़ी पराजय के लिए अपने आप को तैयार कर रहे हैं।" भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा, "कल जो विपक्ष के नेताओं ने किया, यह देश का दुर्भाग्य है और देश के लिए काफी दुखद है। कल उन्होंने अपनी मंशा को जाहिर कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को उचित भागीदारी देने के लिए बहुत बढ़िया कदम लिया गया था, उसको विपक्ष ने विफल किया है। वो नहीं चाहते हैं कि देश की महिलाएं सशक्त हों। आने वाले समय में महिलाएं उन्हें अच्छे से सबक सिखाएंगी।" भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा, "विपक्ष ने महिलाओं के भविष्य को हराया है। ये महिला विरोधी हैं। ये महिलाओं को कमजोर बना रहे हैं। इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता।"

प्रदेशभर में सख्त निगरानी के बीच परीक्षा सकुशल सम्पन्न

6 जनपदों में दो पालियों में शांतिपूर्ण व नकलविहीन परीक्षा लखनऊ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) के अंतर्गत 17 विषयों की लिखित पुनर्परीक्षा प्रदेश के 53 परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न कराई गई। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, नकलविहीन और निर्धारित समय पर आयोजित की गई। इस पुनर्परीक्षा में कुल 19,718 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें 41.35% महिला और 58.65% पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो परीक्षा के प्रति अभ्यर्थियों की गंभीरता और उत्साह को दर्शाता है। 6 प्रमुख जनपदों में दो पालियों में आयोजन यह परीक्षा प्रदेश के 6 प्रमुख जनपदों, आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी में आयोजित की गई। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें अभ्यर्थियों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। 17 विषयों की हुई परीक्षा पुनर्परीक्षा में एशियन कल्चर, म्यूजिक तबला, फिजिकल एजुकेशन, उर्दू, इंग्लिश, सोशियोलॉजी, केमिस्ट्री, एजुकेशन, जूलॉजी, बॉटनी, एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, हिंदी, लॉ, एनिमल हसबेंड्री एंड डेयरींग, म्यूजिक वोकल, फिलॉसफी और एंथ्रोपोलॉजी सहित कुल 17 विषय शामिल रहे। एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सघन निगरानी परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी केंद्रों की लाइव निगरानी की गई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव की मौजूदगी में एआई कैमरों के जरिए परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। एआई आधारित निगरानी और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था के चलते यह परीक्षा पारदर्शिता और निष्पक्षता का उदाहरण बनी है। आयोग द्वारा अपनाई गई तकनीकी व्यवस्था भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है। लखनऊ केंद्र पर आग की घटना, त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रित लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रथम पाली से पहले प्राचार्य कक्ष में एसी वायरिंग में आग लगने की सूचना मिली। हालांकि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पा लिया और नोडल अधिकारी व आयोग के प्रेक्षक की मौजूदगी में परीक्षा केंद्र को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित कर परीक्षा सकुशल सम्पन्न कराई गई। नकलविहीन और व्यवस्थित परीक्षा संचालन प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा नकलविहीन, शुचितापूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। इसमें संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों का सक्रिय सहयोग भी देखने को मिला।

धरती कांपी जापान में: भूकंप के झटकों से हड़कंप, सनाए ताकाइची ने जारी किया अलर्ट संदेश

टोक्यो जापान के नागानो प्रांत में शनिवार को 5.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर गहराई में था। ओमाची शहर में सबसे तेज झटके महसूस हुए। जापान के उत्तरी नागानो प्रांत में शनिवार को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1:20 बजे यह भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.0 मापी गई। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने इस प्राकृतिक आपदा पर तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भूकंप का केंद्र उत्तरी नागानो में था। ओमाची शहर में सबसे ज्यादा असर देखा गया। प्रधानमंत्री ने स्थिति को संभालने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के संकट प्रबंधन केंद्र में एक विशेष संपर्क कक्ष स्थापित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नुकसान का जल्द से जल्द पता लगाएं और जनता तक सटीक जानकारी पहुंचाएं। प्रधानमंत्री ने प्रभावित इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में भी इसी तरह की तीव्रता वाले झटके महसूस हो सकते हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस भूकंप से सुनामी आने का कोई खतरा नहीं है। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।   कई शहरों में भूकंप का असर अलग-अलग रहा। ओमाची शहर में तीव्रता पांच (ऊपरी स्तर) और नागानो शहर में तीव्रता पांच (निचली स्तर) दर्ज हुई। ओगावा गांव में तीव्रता चार और मात्सुमोतो शहर में तीव्रता तीन रही। पहले झटके के लगभग दो घंटे बाद, दोपहर 3:30 बजे ओमाची में एक और भूकंप आया, जिसकी तीव्रता ती थी। सुरक्षा के लिहाज से परमाणु संयंत्रों की भी जांच की गई। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने बताया कि पड़ोसी निगाटा प्रांत में स्थित काशीवाजाकी-कारीवा न्यूक्लियर पावर प्लांट पूरी तरह सुरक्षित है। वहां किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में ऐसे ही भूकंप आने की चेतावनी दी है और लोगों से सावधान रहने को कहा है।