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लैंडिंग में गड़बड़ी से हादसा: यूपी में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट रनवे से भटका, पायलट सुरक्षित

अलीगढ़ अलीगढ़ एयरपोर्ट पर शनिवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। फ्लाइंग एकेडमी का विमान रनवे पर सेंटर लाइन से हटने पर दुघर्टनाग्रस्त हो गया। हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ। विमान को महिला ट्रेनी पायलट लैंडिंग करा रही थीं। हादसे में पायलट भी बाल-बाल बचीं। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसर मामले की जांच कर रहे हैं। धनीपुर स्थित अलीगढ़ एयरपोर्ट पर दो फ्लाइंग एकेडमी चेतक व पायनियर संचालित है। इनके द्वारा पायलटों को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। देशभर के बच्चे यहां ट्रेनिंग ले रहे हैं। शनिवार को भी रोजाना की तरह ही पायनियर एकेडमी के विद्यार्थी विमान उड़ा रहे थे। करीब साढ़े नौ बजे सेशना-152 विमान को उड़ाकर वापसी करते हुए महाराष्ट्र के नागपुर की महिला ट्रेनी पायलट लैंडिंग कर रही थीं। इसी दौरान रनवे के सेंटर लाइन से विमान करीब एक मीटर तक हटते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में महिला ट्रेनी पायलट भी बाल-बाल बची। हादसे की जानकारी मिलते ही पायनिर कंपनी के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए। कुछ ही देर बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर सत्यव्रत सारस्वत ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए महिला ट्रेनी पायल से बात की। क्या होता है सोलो पायलट सोलो पायलट वह पायलट है, जो विमान को अकेले उड़ाता है, बिना किसी अन्य पायलट या यात्री के यह एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण चरण है, जो पायलट को विमान संचालन में आत्मनिर्भर बनाता है और खुद को तनावपूर्ण स्थितियों से निपटने में मदद करता है। 12 एयरक्राफ्ट से 100 प्रशिक्षु ले रहे ट्रेनिंग धनीपुर एयर पोर्ट पर पायनियर के अलावा चेतक फ्लाइंग क्लब रजिस्टर्ड हैं। फिलहाल चेतक और पायनियर फ्लाइंग क्लब में 100 प्रशिक्षु हैं। दोनों क्लब के पास 12 एयर क्राफ्ट हैं। पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे ​अलीगढ़ एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पायनियर एविएशन कंपनी के विमान यहां हादसों का शिकार हो चुके हैं। मई 2025 में भी पायनियर का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। क्या बोले जिम्मेदार एयरपोर्ट अथॉरिटी डायरेक्टर सत्यव्रत सारस्वत ने बताया, सुबह के समय सूचना आई थी कि एयरपोर्ट के रनवे पर कुछ हुआ है। मौके पर जाकर देखा गया था एक ट्रेनी विमान रनवे की सेंटर लाइन से अलग गया था। हालांकि विमान व पायलट दोनों सुरक्षित हैं। प्रभारी एयरपोर्ट अतुल गुप्ता का कहना है कि एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा घटना की जानकारी दी गई थी। विमान व ट्रेनी पायलट दोनों ही सुरक्षित बताए गए हैं। प्रशासन द्वारा मामले में जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं पायनियर फ्लाइंग क्लब अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि बताया, रनवे पर ही विमान रहा था। सेन्टर लाइन से दो-तीन मीटर तक इधर-उधर ट्रेनी विमान रह सकता है। सबकुछ सामान्य है।  

गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र से कोरबा के विकास को मिलेगी नई दिशा, निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर बढ़ेंगे : मंत्री लखन लाल

रायपुर.  वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कोरबा जिले के दर्री तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन समारोह का आयोजन हुआ। मंत्री देवांगन द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। यह औद्योगिक क्षेत्र लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करते हुए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, विधायक कटघोरा प्रेमचंद्र पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, कलेक्टर कुणाल दुदावत, प्रबंध निदेशक सीएसआईडीसी रायपुर विश्वेश कुमार, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि कोरबा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कोरबा के लिए गर्व की बात है, वर्ष 1980 के बाद आज जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर 10.59 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र कोरबा जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।   इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में उद्योगों के विस्तार और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।  मंत्री देवांगन ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति निवेशकों और आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई हैं, जिससे निवेशकों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। भूमि आबंटन की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मात्र 1 रुपये में भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें और औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इसी संकल्प के साथ “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” और “विकसित कोरबा 2047” का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति युवाओं और नवोदित उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे नए उद्योग स्थापित हों और व्यापक रोजगार के अवसर सृजित हों। गोपालपुर के इस नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 44 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे यहां औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय युवाओं को यहीं पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत उद्योगों को आकर्षित करने के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही, पात्र इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से कुल निवेश का लगभग 65 प्रतिशत तक सहायता/अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरबा अब केवल कोयला और विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे विविध उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अंत में उन्होंने सभी उद्यमियों को शुभकामनाएँ दीं। एमडी कुमार ने लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की घोषणा करते हुए सभी को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बताया नवीन औद्योगिक एरिया विकास की प्रस्तावना से लेकर टेंडर कार्य प्रक्रिया में है। कार्यों को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। नई औद्योगिक नीति के तहत एमएसएमई, नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार के उद्योगों को स्थापित करने में सहायता मिलेगी और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। साथ ही, “वन क्लिक सिंगल विंडो” प्रणाली के माध्यम से सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल, तेज और सुगम बनाया गया है,  ताकि निवेशकों और उद्यमियों को एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

RTE प्रवेश पर बड़ा अपडेट—25 अप्रैल तक बढ़ी डेडलाइन, प्रदेश के कई निजी स्कूल खाली

भोपाल शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्रदेश में प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 25 अप्रैल कर दी गई है। पहले यह प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी होनी थी, लेकिन अपेक्षित संख्या में प्रवेश नहीं होने के कारण राज्य शिक्षा केंद्र ने यह निर्णय लिया है। पहले चरण में इतने पात्र इस वर्ष आरटीई के पहले चरण में 1 लाख 78 हजार 714 बच्चे पात्र पाए गए थे, जिनमें से 83 हजार 483 बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश आवंटित किया गया है। इनमें 72 हजार 812 बच्चों को उनकी पहली पसंद के स्कूल मिले हैं। इसके बावजूद कई स्कूलों में सीटें खाली पड़ी हैं।   कई जिलों में हालात गंभीर स्थिति यह है कि प्रदेशभर में 320 निजी स्कूल ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां 20 प्रतिशत से भी कम प्रवेश हुए हैं। कई जिलों में तो हालात और गंभीर हैं, जहां कुछ स्कूलों में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। भोपाल में 19, इंदौर में 27, ग्वालियर में 13, जबलपुर में 14, देवास में 12 और दमोह में 11 निजी स्कूलों में अब तक शून्य प्रवेश दर्ज किए गए हैं। प्रवेश लेने नहीं पहुंचे बच्चे निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि जिन बच्चों को आवंटन मिला है, वे अभी तक प्रवेश लेने नहीं पहुंचे हैं। राजधानी के कई प्रतिष्ठित सीबीएसई स्कूलों में भी आरटीई के तहत अपेक्षित प्रवेश नहीं हो पाए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के अनुसार, जिन बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए हैं, उन्हें पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जा चुकी है। अभिभावक अब 25 अप्रैल तक संबंधित स्कूल में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा सीधे स्कूलों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। अधिकारियों का क्या कहना राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने कहा कि यदि किसी अभिभावक को प्रवेश में परेशानी होती है या स्कूल द्वारा इनकार किया जाता है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी और संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

नोएडा बवाल के बाद सख्ती: 203 ठेकेदारों पर गिरी गाज, लाइसेंस निरस्तीकरण और 1.16 करोड़ की पेनल्टी नोटिस

नोएडा नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने, राशि की वसूली करने और एजेंसियों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि श्रमिकों के उपद्रव में कई ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वहीं, श्रम कानूनों का पालन नहीं करने पर ठेकेदारों के खिलाफ 1.16 करोड़ रुपये की पेनल्टी के नोटिस जारी किए गए हैं। अन्य ठेकेदारों की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बताया गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 फीसदी की वृद्धि की गई है। कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अतिरिक्त कोई अन्य कटौती का मामला सामने आता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वेतन भुगतान में देरी या कम भुगतान पर ठेकेदारों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। नोएडा बवाल की साजिश में शहर के चार युवकों पर शक की सुई नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटना के दौरान बनाए गए वीडियो खंगाले जा रहे हैं। शहर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। शुक्रवार को नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से कुछ लोगों को इसी सिलसिले में उठाया गया है।   नोएडा और ग्रेटर नोएडा की फैक्टि्रयों में तोड़फोड़, आगजनी, पुलिस व अन्य सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटना हुई थी। पुलिस ने बवाल करने वालों को मशक्कत कर शांत कराया। अलग-अलग इकाइयों में एकदम से भीड़ उग्र हुई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के साथ प्रतिष्ठानों पर पथराव हुआ। पुलिस और प्रशासन ने खुफिया, इंटेलीजेंस, एलआईयू आदि से जांच कराई जिनकी प्रारंभिक जांच में बवाल के पीछे साजिश की आशंका जताई गई।   सूत्रों के मुताबिक कुछ प्रतिष्ठानों में फेस रिकग्नाइजेशन (चेहरे पहचानने वाले) कैमरे लगे हुए हैं। उनमें संदिग्धों के वीडियो मिले हैं। कुछ युवक पत्थर, तेल के गैलन, सब्बल लिए नजर आ रहे हैं। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। कानपुर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। इनमें से दो वहां रहने के साथ सब्जी व फल का कारोबार करते हैं। उनके बारे में नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से जानकारी जुटाई गई है। कुछ लोगों को उठाया गया है। अब तक किसी जांच एजेंसी ने कोई संपर्क नहीं किया है। एसटीएफ अपने स्तर पर जांच कर रही है। अगर जांच में कोई सहयोग मांगा जाता है तो कमिश्नरी पुलिस उनकी मदद करेगी।   श्रमिक आंदोलन को लेकर शुक्रवार को भी क्षेत्र में पुलिस अलर्ट पर रही। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी कंपनियों में पुलिस फोर्स के जवान भी तैनात रहे। यमुना सिटी के सेक्टर-24ए स्थित वीवो कंपनी में बृहस्पतिवार सुबह वेतन को लेकर कंपनी कर्मियों ने हंगामा किया था। इस दौरान कर्मचरियों ने वेतन बढ़ाने की मांग करते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की थी। पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर कर्मियों को समझाया था।  

अमेरिका का बड़ा यूटर्न: भारत को मिलेगा रूस से सस्ता तेल, ट्रंप प्रशासन का नया निर्णय

नई दिल्ली  रूसी तेल पर भारत को सुबह-सुबह खुशखबरी मिली है. पश्चिम एशिया संघर्ष और ईंधन संकट के बीच अमेरिका ने बड़ा यूटर्न लिया है. अमेरिका ने रूसी तेल पर वह ऐलान किया है, जिसका भारत को बंपर फायदा मिलेगा. अमेरिका ने अब उस तेल वाले छूट को रिन्यू करने का फैसला किया है, जिससे भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति मिलती है. जी हां, अमेरिका ने घोषणा की है कि वह उन देशों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने वाली प्रतिबंधों में छूट को आगे बढ़ाएगा, जिसका मकसद ईरान युद्ध के कारण आपूर्ति में आई कमी को दूर करना था. बता दें कि बीते दिनों ही अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा था कि अमेरिका अब रूसी तेल वाली छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा।  रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अनुमति देने वाली प्रतिबंधों से छूट को बढ़ा दिया है. यह छूट एक महीने के लिए बढ़ाई गई है. यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण बने दबाव को कम किया जा सके. पहले अमेरिका ने रूसी तेल पर मिली छूट को बढ़ाने से इनकार कर दिया था. अमेरिका का यह फैसला केवल उन रूसी तेल को लेकर है, जो समंदर में जहाज पर मौजूद हैं।  अमेरिकी वित्त विभाग का नया फैसला अमेरिकी वित्त विभाग ने शुक्रवार देर रात एक नया लाइसेंस वाला आदेश जारी किया. इसमें देशों को 17 अप्रैल से 16 मई के बीच जहाजों पर लदे रूसी तेल को खरीदने की अनुमति दी गई है. यह कदम पहले जारी 30 दिन की छूट की जगह लेता है, जो 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी. अमेरिका के इस फैसले से भारत को अब फायदा ही फायदा है।  अमेरिका के लिए यह यूटर्न क्यों अमेरिका का फैसला उस फैसले से उलट है, जो इसी हफ्ते की शुरुआत में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने लिया था. अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने बीते दिनों कहा था कि अमेरिका रूसी तेल वाली इस राहत को आगे बढ़ाएगा. ट्रंप प्रशासन का रूसी तेल वाला यह छूट अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण प्रभावित ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के प्रयासों का हिस्सा है. हालांकि, अमेरिका का यह फैसला केवल रूसी तेल को लेकर है. ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया के तेल इस लाइसेंस वाले आदेश से बाहर हैं।  रूसी तेल पर अभी और छूट मिलेगी? ब्रेट एरिक्सन ने कहा, ‘ईरान-अमेरिका संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थायी नुकसान पहुंचाया है और उन्हें स्थिर करने के लिए उपलब्ध उपाय लगभग खत्म हो चुके हैं.’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगे और छूट दी जा सकती है. वहीं, बेसेंट ने बताया कि इससे पहले मार्च में जारी एक अलग छूट के तहत लगभग 14 करोड़ बैरल ईरानी तेल वैश्विक बाजारों तक पहुंचा था, जिससे संघर्ष के दौरान आपूर्ति पर बने दबाव को कम करने में मदद मिली थी।  भारत को कितना फायदा? यहां ध्यान देने वाली बात है कि भारत भी प्रतिबंधों में छूट का एक बड़ा लाभार्थी है. यूं कहिए तो बड़ा लाभार्थी. अमेरिकी छूट मिलने के बाद भारत ने बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीदे थे. ट्रंप प्रशासन के इस छूट वाले फैसले की अमेरिकी नेताओं ने आलोचना की थी कि इससे मास्को और तेहरान पर वित्तीय दबाव कम हो रहा है. सरकारी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने रूसी तेल पर अमेरिकी छूट लागू होने के बाद रूस से करीब 3 करोड़ बैरल तेल का ऑर्डर दिया था. अब नए फैसले का मतलब है कि भारत अभी आगे भी रूस से सस्ता तेल खरीदता रहेगा। 

महिला आरक्षण पर सियासत तेज: विपक्ष लिखेगा नरेंद्र मोदी को पत्र, पुराना बिल लागू करने की अपील

नई दिल्ली विपक्षी दल ने पुराने महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की तैयारी में हैं। हाल ही में लोकसभा में सरकार का नया बिल दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया। विपक्ष का कहना है कि वे आरक्षण के साथ हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत है।   विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखने की तैयारी में हैं। इस पत्र में पुराने महिला आरक्षण बिल को लागू करने की मांग की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इसको लेकर इंडिया गठबंधन के दल देशभर में मीडिया वार्ता भी करेंगे। इन सभाओं में वे यह स्पष्ट करेंगे कि वे महिला आरक्षण का पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार इसकी आड़ में देश का राजनीतिक नक्शा बदलने की कोशिश कर रही है।   हाल ही में हुई एक बैठक में सोनिया गांधी ने अपने सभी सहयोगी दलों का आभार जताया। विशेष सत्र के आखिरी दिन से पहले ANI से बात करते हुए, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार से कहा की, वे सोमवार को ही पुराना महिला आरक्षण बिल संसद में पेश करें। उन्होंने कहा कि जिस बिल पर पहले से सभी दलों की सहमति थी, उसे तुरंत लाना चाहिए। प्रियंका गांधी के अनुसार, अगर सरकार ऐसा करती है तो विपक्ष इसका पूरा साथ देगा।   यह विवाद तब बढ़ा जब शुक्रवार को लोकसभा में 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026' नही पास हो पाया। इस बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जिससे यह जरूरी आंकड़ा नहीं छू सका। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिल के गिरने की पुष्टि की। सरकार ने इस बिल को परिसीमन से जोड़ा था। गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले सुधार को रोक रहे हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना चुनावी ढांचे को बदलने की एक साजिश है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया है कि सरकार अब इससे जुड़े अन्य बिलों पर आगे नहीं बढ़ेगी। संसद का यह विशेष सत्र तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावी हलचल के बीच आयोजित किया गया था।

बंगाल की धरती पर गरजे सीएम योगी- ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, बीजेपी आ रही है

कूच बिहार/जलपाईगुड़ी.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में फिर गरजे। माथाभांगा व धुपगुड़ी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर लोकसभा में विपक्षी दलों के रुख की भर्त्सना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के पैरोकारों ने यह संशोधन विधेयक पास नहीं होने दिया। यह देश की आधी आबादी का अपमान है, माता-बहनें इसे किसी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगी। सीएम योगी ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा अराजक स्थिति के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को दोषी ठहराते हुए ऐलान किया कि ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, बीजेपी आ रही है। अब बंगालवासियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। आधी आबादी को हक नहीं देना चाहते विपक्षी दल  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहन-बेटियों के लिए लोकसभा व विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण 2029 में लागू करने का संशोधन विधेयक संसद में प्रस्तुत किया, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा व वामपंथियों ने इसे पास नहीं होने दिया। ये लोग आधी आबादी को उसका हक नहीं देना चाहते, लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों की पैरोकारी करते हैं। बंगाल में मुसलमानों का नाम मतदाता सूची में चढ़े और वे गरीबों के हक पर डकैती डाल सकें,  तृणमूल सरकार का यही काम है। आखिर यह कब तक चलेगा। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को गिराने से आधी आबादी का अपमान हुआ है। देश की बहन-बेटियां इसे कतई स्वीकार नहीं कर सकती हैं।  देश ने संसद में देखा मां के साथ तृणमूल का व्यवहार  सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस मां, माटी व मानुष की बात करती थी। देश-दुनिया ने संसद में मां के साथ उनके व्यवहार को देखा। बंगाल में माटी की स्थिति यह है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा यहां के राजवंशियों व नागरिकों का हक छीना जा रहा है। मानुष टीएमसी की गुंडागर्दी से भयभीत है। उपज का दाम नहीं मिलने से किसान पलायन करने को विवश है। यूपी में आलू का दाम 15 से 20 रुपए है और यहां एक से डेढ़ रुपए। टीएमसी के 15 वर्ष के कार्यकाल में 7000 से अधिक बड़े कारखाने बंद हुए। यूपी में हमने तीन करोड़ नौजवानों को रोजगार दिया, लेकिन बंगाल में 30 लाख नौजवान बेरोजगार हुए। धान व मछली उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। केंद्र सरकार विकास के लिए जो पैसा देती है, वह जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता। यह पैसा तृणमूल के गुंडे व बांग्लादेशी घुसपैठिए खा जाते हैं। सैंड माफिया, बागान माफिया सभी आपके हक पर डकैती डाल रहे हैं। ममता दीदी को हिंदुओं व जय श्रीराम से चिढ़ टीएमसी प्रमुख पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता दीदी को हिंदुओं व जय श्रीराम के उद्घोष से चिढ़ है। जिस तरह उन्होंने संसद में आधी आबादी को मिलने वाले हक का विरोध किया। ऐसे ही उन्होंने सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के दौरान भी किया था। इस एक्ट में मोदी जी ने बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में प्रताड़ित होकर भारत आने वाले हिंदू, जैन, सिख आदि को भारत की नागरिकता देने व जमीन का अधिकार देने का प्रावधान किया है। अभी पिछले सप्ताह ही उत्तर प्रदेश के अंदर 1056 ऐसे परिवारों को भूमि अधिकार दिया गया है, नागरिकता दी गई है, जिन्हें पूर्वी बंगाल से निकाला गया था। कांग्रेस, कम्युनिस्ट दलों व टीएमसी ने सीएए का विरोध किया, लेकिन हमारी सरकार दुनिया के किसी भी कोने में हिंदुओं के साथ मजबूती के साथ खड़ी रहेगी। उनकी सुरक्षा करेगी। मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती टीएमसी मुख्यमंत्री ने टीएमसी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उसे मुस्लिम तुष्टिकरण से फुर्सत ही नहीं है। वह मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती। बंगाल में आज ‘जय श्रीराम’ का नारा नहीं लगा सकते, क्योंकि सरकार आप पर अत्याचार करेगी, टीएमसी के गुंडे हमला बोल देते हैं। दुर्गापूजा से पहले उपद्रव हो जाता है। सरकार दुर्गापूजा व विसर्जन की अनुमति नहीं देती, गोहत्या कराती है और आमजन को प्रताड़ित करती है। 2017 से पहले यही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां भी त्योहारों से पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। जय श्रीराम बोलने पर टीएमसी की पार्टनर सपा व कांग्रेस हमला कराती थीं और पुलिस से पिटवाती थीं। जुमे के दिन सड़कें जाम हो जाती थीं। सुबह 5 बजे से लोग मस्जिदों की आवाज से परेशान रहते थे। अब यूपी में अजान की आवाज केवल मस्जिद तक  सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में डबल इंजन सरकार के कारण ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा, सब चंगा’ है। कोई माफिया या दंगाई दिखता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर एक्सप्रेसवे बना देता है। यूपी में माफियाओं की संपत्ति को कब्जे में लेकर गरीबों के आवास बना दिए गए हैं। शुक्रवार या किसी अन्य मौके पर भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। अजान की आवाज सिर्फ मस्जिद में सुनाई देती है। लव-लैंड जेहाद नहीं हो सकता। बंगाल के पास भी यह अंतिम अवसर है। हम उद्घोष करते हैं- गो माता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। बंगाल को मौलाना, मौलवियों के फतवों की धरती नहीं बनने देना है। इसे घुसपैठियों या काबा की नहीं, बल्कि मां काली, मां दुर्गा और मां सिद्धेश्वरी की धरती के रूप में स्थापित करना होगा। हमने यूपी में यह कर के दिखाया है, डबल इंजन सरकार आने पर बंगाल में भी कर के दिखाएंगे। कांवड़ यात्रा भी निकलेगी और दुर्गापूजा भी होगी सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले रामभक्तों पर गोली और डंडे चलते थे, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने से नहीं रोक पाए। डबल इंजन की स्पीड बुलेट की तरह है और इसके आगे ये सब पंक्चर हो गए। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। यूपी में गाजियाबाद से हरिद्वार, प्रयागराज से काशी, अयोध्या से गोरखपुर, बरेली समेत अनेक स्थानों पर ‘हर-हर महादेव’ उद्घोष के साथ निकलने वाली कांवड़ यात्राओं में चार-चार करोड़ शिवभक्त आते हैं। 2017 के पहले यह यात्रा नहीं निकलते दी जाती थी। सपा, कांग्रेस व टीएमसी वाले कहते थे कि इससे धर्म निरपेक्षता खतरे में पड़ जाएगी, दंगे हो जाएंगे। 2017 में भी इन्होंने यही कहा था, तब मैंने कहा कि यहां दुर्गापूजा होगी और कांवड़ … Read more

होर्मुज प्रतिबंध को लेकर तनाव बढ़ा, डोनाल्ड ट्रंप बोले—ईरान की ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर दोबारा प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान अमेरिका और दुनिया को ब्लैकमैल नहीं कर सकता। बता दें, शुक्रवार को लेबनान में हुए सीजफायर का स्वागत करते हुए ईरान ने होर्मुज पर लगे प्रतिंबध को हटा दिया था। हालांकि, जब ट्रंप होर्मुज के पास लगे अमेरिकी ब्लाकेड को हटाने से इनकार कर दिया, तो शनिवार को ईरान ने फिर से होर्मुज के दरवाजे बंद कर दिए। होर्मुज पर बदलते हालात पर ट्रंप ने शनिवार को ओवेल ऑफिस में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "हम उनसे बात कर रहे हैं। वे स्ट्रेट को फिर से बंद करना चाहते हैं। जैसा कि वे वर्षों से करते आ रहे हैं और वे हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकते।" इससे पहले ईरानी सेना की कमांड ने एक होर्मुज पर अमेरिकी कमांड को वादाखिलाफी बताया। ईरान की तरफ से कहा गया कि ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ लगाए गए अमेरिकी ब्लाकेड को न हटाकर अमेरिका ने अपना वादा तोड़ा है। बयान में आगे कहा गया, "जब तक अमेरिका ईरान आने वाले सभी जहाजों के लिए आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल नहीं करता, होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति सख्त नियंत्रण में रहेगी।"

नारी शक्ति पर नरेंद्र मोदी का भरोसा: ‘आरक्षण का संकल्प अटूट, हर रुकावट होगी पार’

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें ‘नारी शक्ति का अपराधी’ करार दिया है। पीएम ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस ऐतिहासिक सुधार को रोकने के लिए शुरू से ही षड्यंत्र रचे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का एक बड़ा अवसर खो दिया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, विपक्ष को डर है कि यदि महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनकी परिवारवादी राजनीति खतरे में पड़ जाएगी। इसीलिए उन्होंने इस विधेयक का समर्थन न करके देश की 50% आबादी के सपनों को रौंदने का काम किया है। परिसीमन का झूठ, अंग्रेजों वाली राजनीति संसद में चर्चा के दौरान PM Modi ने परिसीमन के मुद्दे पर फैलाई जा रही भ्रांतियों का भी जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ वाली नीति अपनाते हुए परिसीमन के नाम पर देश में दरार पैदा करने का प्रयास किया है। पीएम ने स्पष्ट किया कि आरक्षण लागू होने से सभी राज्यों की पहुंच और शक्ति समान स्तर पर बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष ने अपनी स्वार्थी राजनीति के चलते इसमें अड़ंगा डाला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास सुधरने का एक मौका था, जिसे उन्होंने अपनी नकारात्मक सोच के कारण गँवा दिया है, जिसका परिणाम अब जनता के सामने है। विकास विरोधी चेहरा कांग्रेस का पुराना इतिहास कांग्रेस को ‘एंटी-रिफॉर्म’ पार्टी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि इस दल ने हमेशा देश के विकास में रुकावटें डाली हैं। चाहे वह सीएए (CAA) कानून हो या सीमा विवादों का समाधान, कांग्रेस हमेशा विरोध की तख्ती लेकर विकास को लटकाती आई है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस की इसी नकारात्मकता के कारण भारत आज उस ऊंचाई पर नहीं है जहां उसे होना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि अब देश की बेटियां विपक्ष के इस अड़ियल रवैये का जवाब देंगी और उनकी हर साजिश को बेनकाब करेंगी। अचूक संकल्प: बिल पास करवाकर रहेगी सरकार: PM Modi भले ही वर्तमान में विधेयक को आवश्यक बहुमत न मिल पाया हो, लेकिन PM Modi ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि भाजपा और एनडीए का आत्मबल अजय है। उन्होंने कहा, “भले ही हमें संसद में 66% वोट न मिले हों, लेकिन देश की नारी शक्ति का 100% आशीर्वाद हमारे पास है।” प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे विज्ञापन छपवाकर उन्हें क्रेडिट देने को तैयार हैं, बस वे बिल का समर्थन करें। उन्होंने वादा किया कि हर रुकावट को खत्म करके यह बिल पास करवाया जाएगा और नारी शक्ति को उनका हक दिलाकर ही दम लिया जाएगा।

West Asia संकट पर मंथन: ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक की कमान संभालेंगे राजनाथ सिंह

नई दिल्ली पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार जरूरी वस्तुओं की सप्लाई सुनिश्चित करने में जुटी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज मंत्रियों के समूह के साथ बैठक कर पेट्रोल, डीजल और खाद की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे। सरकार का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश की ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को बनाए रखना है।   पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने मंत्रियों का एक विशेष समूह (जीओएम) गठित किया है। इस समूह की एक अहम बैठक आज फिर आयोजित की जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार शाम चार बजे इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के ताजा हालातों और भारत पर पड़ने वाले इसके प्रभावों पर चर्चा होगी। बैठक में एलपीजी सप्लाई, पेट्रोल डीजल, फर्टिलाइजर्स आदि की सप्लाई को लेकर समीक्षा की जाएगी।   इससे पहले 8 अप्रैल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में इस समूह की तीसरी बैठक हुई थी। उस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर, रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। उस दौरान रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया था कि सरकार देश के भीतर जरूरी सामानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने विशेष रूप से रसोई गैस, ईंधन और किसानों के लिए खाद की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने पर जोर दिया था। सरकार का प्रयास है कि देशभर में जरूरी सामानों की सप्लाई सुचारु रहे ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। रक्षा मंत्री ने यह भी बताया था कि सरकार किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को पहले से ही मजबूत कर रही है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए लगातार निगरानी रखना और समय पर सही निर्णय लेना बहुत आवश्यक हो गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के प्रभाव से देशवासियों को सुरक्षित रखने के लिए हर स्तर पर तालमेल बिठाकर काम कर रही है। इस समूह की दूसरी बैठक दो अप्रैल को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में हुई थी। उस बैठक में भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहन मंथन हुआ था और खतरों को कम करने की रणनीति बनाई गई थी। रक्षा मंत्री ने तब कहा था कि भारत को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके लिए 24 घंटे निगरानी रखना और सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना जरूरी है। सरकार का लक्ष्य है कि देश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति पर कोई बुरा असर न पड़े। इसके लिए विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।