samacharsecretary.com

क्यूबा में अमेरिकी ड्रोन की गतिविधि: 6 घंटे तक समुद्री तट पर चक्कर लगाता रहा सबसे महंगा ड्रोन, क्या होगा ‘ऑपरेशन मादुरो’?

  नई दिल्ली

अमेरिकी नौसेना का एक एडवांस्ड सर्विलांस ड्रोन MQ-4C ट्राइटन छह घंटे तक क्यूबा के पूरे दक्षिणी तट पर चक्कर लगाता रहा. यह ड्रोन जैक्सनविले से उड़ा था. इसने क्यूबा के दक्षिणी तट की पूरी लंबाई को स्कैन किया, सैंटियागो डी क्यूबा के पास 2 घंटे तक घूमता रहा. फिर हवाना के आसपास 2 घंटे चक्कर लगाने के बाद वापस लौट गया। 

फ्लाइट ट्रैकर्स का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इस ड्रोन को क्यूबा के इतने करीब नहीं देखा था. आमतौर पर यह ड्रोन युद्ध वाले इलाकों जैसे ब्लैक सी, पर्सियन गल्फ और भूमध्य सागर में दिखता है. इस उड़ान का समय और रूट दोनों ही बहुत अहम हैं। 

MQ-4C ट्राइटन अमेरिकी नौसेना का सबसे एडवांस्ड अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) है. एक ड्रोन की कीमत करीब 2000 करोड़ रुपये है. यह बहुत ऊंचाई पर उड़ सकता है. लंबे समय तक हवा में रह सकता है. बड़े क्षेत्र की निगरानी कर सकता है. यह ड्रोन रडार, कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक सेंसर्स से लैस है जो जमीन और समुद्र पर हर गतिविधि को ट्रैक कर सकता है. इस बार यह ड्रोन क्यूबा के पूरे दक्षिणी तट को करीब से स्कैन करते हुए हवाना तक पहुंचा. इतनी करीबी निगरानी पहले कभी नहीं देखी गई। 

ट्रंप का बयान और पेंटागन की तैयारियां
इस ड्रोन के उड़ान का समय बहुत संदिग्ध है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्हें क्यूबा को किसी न किसी रूप में लेने का सम्मान मिलेगा. पेंटागन चुपचाप क्यूबा में संभावित ऑपरेशन की प्लानिंग तेज कर रहा है. इसी बीच अमेरिका ने क्यूबा की तेल आपूर्ति को भी रोक दिया है, जिससे क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. दस साल बाद पहली बार एक अमेरिकी डेलिगेशन हवाना पहुंचा है. ये सब घटनाएं एक साथ हो रही हैं, जिससे क्यूबा में चिंता बढ़ गई है। 

सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह वही MQ-4C ट्राइटन ड्रोन है जो पिछले बार जैक्सनविले से उड़ान भरकर वेनेजुएला के पास 10 घंटे की रेकी मिशन पर गया था. उस उड़ान के ठीक तीन महीने बाद अमेरिका ने काराकास पर छापा मारा और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया। 

अब ठीक उसी तरह का ड्रोन क्यूबा के आसपास 6 घंटे तक निगरानी कर रहा है. कई विशेषज्ञ इसे वेनेजुएला पैटर्न कह रहे हैं. क्यूबा को इस बात पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। 

क्यूबा पर अमेरिका क्यों नजर गड़ा रहा है?
क्यूबा लंबे समय से अमेरिका के लिए एक पुराना मुद्दा रहा है. ट्रंप प्रशासन क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को कमजोर करना चाहता है. तेल आपूर्ति रोकना, ड्रोन से निगरानी बढ़ाना और डेलिगेशन भेजना – ये सभी कदम क्यूबा पर दबाव बनाने के लिए लग रहे हैं। 

अमेरिका क्यूबा को लोकतंत्र की ओर लाना चाहता है, लेकिन क्यूबा इसे अपना आंतरिक मामला मानता है. अगर अमेरिका कोई सैन्य कार्रवाई करता है तो यह पूरे लैटिन अमेरिका में बड़ा तनाव पैदा कर सकता है. फिलहाल स्थिति बहुत संवेदनशील है. अमेरिकी ड्रोन की उड़ान साफ संकेत दे रही है कि पेंटागन क्यूबा पर नजर रखे हुए है। 

ट्रंप का बयान और वेनेजुएला वाली पुरानी घटना को देखते हुए क्यूबा सरकार को सतर्क रहना होगा. क्यूबा के नेता अभी चुप हैं, लेकिन अंदरूनी स्तर पर तैयारी जरूर चल रही होगी. दुनिया इस बात पर नजर रखे हुए है कि क्या ट्रंप प्रशासन क्यूबा के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाता है या फिर बातचीत के जरिए मामला सुलझता है.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here