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मध्यप्रदेश में 33 अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक, जानें कौन-कौन सी कालोनियां प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में 24 नई अवैध कॉलोनियों के मामले में डेवलपर्स को नोटिस जारी किए हैं। एक साल पहले भी प्रशासन ने 70 कॉलोनी को नोटिस देने के बाद एफआइआर की कार्रवाई की थी, हालांकि इसके बाद जमीन स्तर पर कुछ भी नहीं किया गया। प्रशासन की ओर से इनकी नामजद सूची जारी की गई है। बावजूद इसके अवैध कॉलोनियों का विकास नहीं रुक रहा है। एक्सपर्टस का कहना है कि प्रशासन अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को और सख्त करें। 33 कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक 70 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जबकि 63 लोगों पर नामजद एफआइआर दर्ज की है। प्रशासन की ओर से 33 कॉलोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी गई है। हताईखेड़ा और रोलूखेड़ी जैसे क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया है। अवैध कॉलोनियों की अधिकता वाले क्षेत्रों में रातीबड़, नीलबड़, पिपलिया बरखेड़ी, अमरावदकलां, शोभापुर, रोलूखेड़ी, कानासैय्या, कालापानी, पचामा, थुआखेड़ा, छावनी पठार, विदिशा रोड, बैरसिया रोड, सेवनिया ओंकारा, कोलुआ खुर्द, हथाईखेड़ा, रायसेन रोड, बिशनखेड़ी, कलखेड़ा, करोंद, संतनगर, भौंरी आदि शामिल है। जैसा मैंने कहा है कि राजधानी में अवैध कालोनी समेत अतिक्रमण अवैध निर्माण को लेकर पूरी जानकारी एकत्रित कर रहा हूं। इसके बाद हम तेजी से कार्रवाई शुरू करेंगे।  प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर यहां विकसित अवैध कॉलोनियां पर मई में फैसला अरेडी में तीन कॉलोनियां ईंटखेड़ी में पांच कॉलोनियां हज्जामपुरा में एक कॉलोनी बसई में एक कॉलोनी अचारपुरा में छह कॉलोनी बदरखां सड़क में एक कॉलोनी बांसिया में एक कॉलोनी अमझरा में एक कॉलोनी परेवाखेड़ी में एक कॉलोनी सेवनियां ओंकारा में दो कॉलोनी मुबारकपुरा मे एक कॉलोनी 40 मकान मालिकों को ननि का नोटिस नगर निगम ने साकेत नगर 9ए में अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने करीब 40 निवासियों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने अपनी स्वीकृत भवन सीमा से चार मीटर बाहर तक निर्माण कर लिया है। वार्ड 54 (जोन 13) के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र के कई मकान मालिकों ने अपनी निर्धारित सीमा के बाहर किचन गार्डन और पार्किंग शेड बनाकर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इन विस्तारों के कारण मुख्य सड़क काफी संकरी हो गई है, जिससे वहां से चार पहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। सर्वे में अतिक्रमण की पुष्टि बीते माह ए्स इलाके में अवैध निर्माण के छज्जा गिरने से 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद इलाके के रहवासियों द्वारा बारबार शिकायतों की जा रही थीं। साथ ही सड़क बाधित होने का मुद्दा उठाया था। विस्तृत जांच के बाद, निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने सर्वे में उल्लंघन की पुष्टि की। शुरुआत में स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निवासियों ने पालन नहीं किया। निगम अधिनियम, 1956 की धारा 322 के तहत नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों ने एक सप्ताह की समय सीमा दी है। लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाए तो निगम हटाएगा। पार्षद ने कहा- स्वयं हटा लें अवैध निर्माण नोटिस मिलने के बाद प्रभावित रहवासियों ने स्थानीय पार्षद जितेंद्र शुक्ला से हस्तक्षेप की गुहार लगाई। पार्षद ने अन्याय न होने का आश्वासन तो दिया।

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, 20 अप्रैल को इन जिलों में हो सकती है बारिश

भोपाल  मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषम गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम पलटी मारता नजर आ रहा है। राज्य में मौसम का मिला जुला असर देखने को मिलेगा, क्योंकि प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम के अलग-अलग हालात बन रहे हैं। एक तरफ जहां कुछ जिले लू की चपेट में हैं तो वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर बादल और बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एक तरफ जहां रविवार को प्रदेश के टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस बदलते मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया है, क्योंकि यहां अबतक तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। इन जिलों में बारिश की संभावना अप्रैल में दूसरी बार बारिश जैसे हालात बनने की संभावना है। इससे पहले महीने की शुरुआत में पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल चुका है। अब करीब 10 दिन बाद एक बार फिर मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की उम्मीद है। इनमें बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, पाढ़ूर्णा और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। ऐसे में संबंधित जिलों के वासियों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। रतलाम रहा सबसे गर्म वहीं, बीते 24 घंटों के मौसम पर गौर करें तो सबसे ज्यादा गर्मी रतलाम में पड़ी। यहां सीजन का सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। ये प्रदेश में इस साल पहली बार है, जब पारा 44 डिग्री पर पहुंचा है। इसके बाद उमरिया में 43.8 डिग्री, मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इन जिलों को भीषण गर्मी वाले जिले कहा जा सकता है। इन जिलों में भी पारा 40 पार वहीं, अन्य जिलों की बात करें तो छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 42.9 डिग्री सेलिसियस रिकॉर्ड हुआ, इसके अलावा गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह-नौगांव में 42.5 डिग्री और टीकमगढ़-सतना में 42.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अप्रैल और मई साल के सबसे गर्म महीने होते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बार बार-बार मौसम सिस्टम सक्रिय होने से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी में बरतें सावधानी -दिनभर ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं -दोपहर की तेज धूप से बचें -हल्के और सूती कपड़े पहनें -बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

हरियाणा की बेटी का जलवा: Ritu को एशियन गेम्स में मिली टीम इंडिया कबड्डी की कमान

चरखी दादरी. अगले सप्ताह चीन में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में बीच कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा देखने को मिलेगा। चीन में आयोजित एशियन गेम्स के लिए चयनित भारतीय महिला कबड्डी टीम में छह में से कप्तान सहित तीन खिलाड़ी हरियाणा से हैं। जिनमें एक चरखी दादरी जिले से व दो हिसार की खिलाड़ी शामिल है। भारतीय टीम में आधे खिलाड़ी छोटे से प्रदेश हरियाणा से हैं जो गर्व की बात है। उल्लेखनीय है कि चीन में 22 से 27 अप्रैल तक छठे एशियन बीच गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए चयनित छह सदस्यीय टीम में तीन हरियाणा से है। इस टीम में चरखी दादरी से रितु श्योराण, हिसार जिले से मनीषा कुमारी और निकिता चयन हुआ है। इसके अलावा बची हुई तीन खिलाड़ी अलग-अलग प्रदेश राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से हैं। टीम में रितु राइटर कार्नर, मनीषा लेफ्ट कार्नर और निकिता रेडर की भूमिका निभाएंगी। टीम के खिलाड़ियों को देखकर एशियन बीच गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा साफ नजर आ रहा है। हरियाणा से चयनित कई खिलाड़ी छह सदस्यीय महिला कबड्डी टीम में से तीन खिलाड़ी हरियाणा से चयनित की गई हैं। वहीं पुरुष टीम में भी हरियाणा के सोनीपत जिले के नीरज नरवाल को शामिल किया गया है। जो प्रदेश की मजबूत खेल संस्कृति और प्रतिभा को दर्शाता है। खास बात यह है कि महिला टीम की कमान चरखी दादरी की उभरती खिलाड़ी रितू श्योराण को सौंपी गई है, जिससे जिले और प्रदेश में खुशी का माहौल है। वाइब्रेंट एकेडमी निदेशक मास्टर नवीन श्योराण के अनुसार बीच कबड्डी में चार खिलाड़ी खेलते हैं और दो अतिरिक्त होते हैं। उसी के चलते छह सदस्यीय टीम का चयन हुआ है। रितु श्योराण विश्वकप टीम का थी हिस्सा दादरी जिले के बिलावल निवासी रितु श्योराण वाइब्रेंट एकेडमी हंसावास खुर्द में अभ्यास करती हैं। वे बीते दिनों हुए महिला कबड्डी विश्वकप टीम का हिस्सा थी जिसमें भारत को जीत मिली थी। अब वे भारतीय टीम की कप्तान चुनी गई है। जो राइट कार्नर खेलते हुए टीम को मजबूती प्रदान करेंगी। रितू का चयन कप्तान के रूप में होना उनके निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी उनके चयन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। महिला टीम में हिसार जिले के भिवानी रोहिल्ला निवासी मनीषा और हसनगढ़ निवासी निकिता को भी शामिल किया गया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। हरियाणा की इन तीनों खिलाड़ियों के एक साथ टीम में शामिल होने से प्रदेश के खेल प्रेमियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि इन खिलाड़ियों का तालमेल और अनुभव टीम के लिए फायदेमंद साबित होगा और देश को एशिन बीच गेम्स कबड्डी प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल करेगा। खिलाड़ी     खेल पोजीशन     निवासी रितु श्योराण     राइट कार्नर     चरखी दादरी, हरियाणा मनीषा कुमारी     लेफ्ट कार्नर     हिसार, हरियाणा निकिता     रेडर     हिसार, हरियाणा मनप्रीत कौर     आलराउंडर     राजस्थान सिमरन कंबोज     रेडर     पंजाब निकिता चौहान     आलराउंडर     हिमाचल प्रदेश

अमरनाथ यात्रा में भारी उत्साह: 2 लाख रजिस्ट्रेशन, पहले जत्थे की सीटें 3 दिन में ही भर गईं

चंडीगढ़. अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुकी है और भारी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के पंजीकरण करवा रहे हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि यात्रा के पहले जत्थे का कोटा पूरा हो गया है और मात्र 3 दिनों में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवा लिया है। जानकारी मिली है कि इस बार पंजीकरण की रफ्तार काफी तेज है जिस कारण इस बार भारी संख्या में श्रद्धालुओं के अमरनाथ जाने की संभावना है। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। बता दें कि 15 अप्रैल से यात्रियों का पंजीकरण शुरू किया गया है। वहीं यात्रा के लिए 13 साल से कम और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा व्यवस्था, आवास और परिवहन सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। पिछले वर्षों के मुकाबले पंजीकरण की रफ्तार तेज बताया जा रहा है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार शुरुआती दिनों में ही पंजीकरण की रफ्तार काफी तेज है, जिससे यात्रा के दौरान रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हर शहरों से पंजीकरण के लिए शिवभक्तों की कतारों की तस्वीरें सामने आ रही हैं। ई-केवाईसी पूरा करें, आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करें श्राइन बोर्ड के अनुसार, समूह पंजीकरण के बाद यात्रियों को निर्धारित केंद्रों पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर रेडियो फ्रीक्वेंस आईडेंटीफिकेशन (आरएफआईडी) कार्ड प्राप्त करना होगा। बिना वैध आरएफआईडी कार्ड के डोमेल-बालटाल या चंदनवाड़ी के प्रवेश द्वार से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजो और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए समय रहते आवेदन करें ताकि यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

छत्तीसगढ़ में बड़ा एग्री स्कैम: Bastar के खाद-बीज घोटाले में अफसरों पर शक, करोड़ों की जांच तेज

बकावंड. बस्तर जिले के बकावंड क्षेत्र में कृषि योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। किसानों को मिलने वाले खाद, बीज और कृषि किट में भारी अनियमितता सामने आई है। शिकायत के बाद एक करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोप है कि वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कागजों में खरीदी दिखाई गई। विभिन्न जनपद पंचायतों के अफसरों और एजेंसियों की भूमिका जांच में है। दस्तावेजों में वितरण दिखाकर सरकारी राशि निकालने का आरोप लगाया गया है। जमीनी स्तर पर कई किसानों तक सामग्री पहुंची ही नहीं बताई जा रही है। अब बिल, वाउचर और स्टॉक रिकॉर्ड विभागों से तलब किए गए हैं। भौतिक सत्यापन के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। स्थानीय किसानों ने कहा योजना का लाभ उन्हें कभी नहीं मिला। प्रशासन ने गड़बड़ी साबित होने पर वसूली की चेतावनी दी है।कृषि सहायता योजना अब भ्रष्टाचार के कटघरे में खड़ी नजर आ रही है।

महिला आरक्षण बिल पर TMC और कांग्रेस का गठजोड़, पीएम मोदी ने उठाए सवाल

बिष्णुपुर  पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल पास कराने के समय टीएमसी ने कांग्रेस के साथ मिलकर इसका विरोध किया, जिससे बंगाल की बहनों और बेटियों की उम्मीदों को झटका लगा. अपने संबोधन में उन्होंने महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा को भाजपा की पहचान बताया और कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है।  उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बेटियों की भूमिका बढ़ाना जरूरी है और राजनीति में उनकी भागीदारी भी मजबूत होनी चाहिए. इसी के साथ पीएम मोदी ने टीएमसी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के अनुकूल नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ भाजपा महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी ने इस दिशा में सहयोग नहीं किया।  रैली के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश और दुनिया में उनका सम्मान होता है, लेकिन टीएमसी पर उनके सम्मान को लेकर सवाल उठते हैं. उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रपति बंगाल आई थीं, तब जो घटनाक्रम हुआ, उसे पूरे देश ने देखा. इसके साथ ही पीएम ने टीएमसी पर घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने और कानून-नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया, साथ ही धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश को संविधान की भावना के खिलाफ बताया।  सभा में कई जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि 'मातृ शक्ति भरोसा कार्ड' के जरिए बंगाल की हर बहन को साल में 36,000 रुपये दिए जाएंगे. महिला सशक्तिकरण के रोडमैप को सामने रखते हुए बताया गया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये की सीधी आर्थिक मदद मिलेगी, वहीं संतान होने पर केंद्र सरकार की ओर से भी 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।  बेटियों के भविष्य और उनकी शिक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50,000 रुपये की मदद देने का बड़ा वादा किया. गरीबों के हक की बात करते हुए मंच से साफ किया गया कि बंगाल की जनता को अब अपने राशन की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बीजेपी की सरकार आते ही सबको मुफ्त राशन मिलेगा और कोई उसे छीन नहीं पाएगा. इसके साथ ही, सिर पर पक्की छत का सपना पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को 1.5 लाख रुपये तक की सहायता देने की बात कही गई. स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया गया कि आयुष्मान भारत योजना लागू होते ही हर महिला को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलना शुरू हो जाएगा, जिसे वर्तमान सरकार ने रोक रखा है।  अपने संबोधन के अंत में उन्होंने स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने आयुष्मान योजना को रोका हुआ है, लेकिन भाजपा सरकार बनने पर 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था पर सख्ती की बात कही और लोगों से अपील की कि वे सही और गलत के बीच फर्क समझकर निर्णय लें. उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।             

अमरावती सेक्स स्कैंडल: नागपुर की नाबालिग पीड़िता ने दिए बयान, हो सकते हैं बड़े खुलासे

 अमरावती महाराष्ट्र में अमरावती के परतवाड़ा सेक्स स्कैंडल को लेकर नया मोड़ सामने आया है. इस केस में पहली नाबालिग पीड़िता सामने आई है. उसने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया है. अब पूरे मामले की जांच और तेज कर दी गई है. स्पेशल जांच टीम (SIT) लगातार नए सुराग खंगाल रही है. इस मामले को लेकर अन्य पीड़ितों से भी अपने बयान दर्ज कराने की अपील की जा रही है. शनिवार को राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले अमरावती पहुंचे, उन्होंने अफसरों के साथ इस पूरे मामले को लेकर मीटिंग भी की।  नाबालिग पीड़िता नागपुर की रहने वाली है. उसने पुलिस से संपर्क कर आपबीती साझा की है. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता का बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इससे मामले की कई अनसुलझी कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।  इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब 11 अप्रैल को सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक वीडियो क्लिप्स और तस्वीरें सामने आईं, जिनमें नाबालिग लड़कियों के साथ शोषण की बातें सामने आईं. इसके बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया और पुलिस ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।  जांच आगे बढ़ी तो अमरावती के परतवाड़ा क्षेत्र से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है. इस मामले में पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं, जिनमें 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क और एक टैबलेट शामिल हैं. इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।  राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय निगरानी शुरू कर दी है. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की, इस बैठक में सीनियर पुलिस अधिकारी, SIT प्रमुख और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और सभी संभावित पीड़ितों को सामने लाने के प्रयास किए जाएं. उन्होंने कहा कि पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें हर संभव सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।  फ्लैट, कैफे में लड़कियों को बुलाते थे आरोपी पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों को अलग-अलग जगहों पर बुलाकर उनका शोषण किया. इनमें किराए के फ्लैट, कुछ कैफे और एक गार्डन शामिल है. पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जो कई जगहों पर सक्रिय था।  इस बीच, जांच टीम ने सोशल मीडिया पर फैलाए गए आपत्तिजनक कंटेंट को भी हटाने की कार्रवाई शुरू की है. अब तक करीब 41 सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिलीट किया जा चुका है, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से वीडियो और फोटो फैलाने के लिए किया जा रहा था।  SIT अब इस पूरे नेटवर्क की डिजिटल और फिजिकल ट्रेल की जांच कर रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक या दो आरोपियों तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।  इस मामले में पीड़िता का सामने आना एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अब जांच एजेंसियों के पास प्रत्यक्ष बयान और ठोस आधार मौजूद हैं. फिलहाल पूरा ध्यान SIT की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिका है, जिससे यह तय होगा कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है। 

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगरीय निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगरीय निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा राजधानी में दो दिनों तक लेंगे मैराथन बैठक रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव राजधानी रायपुर में दो दिनों तक मैराथन बैठक कर राज्य के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे इस दौरान सभी निकायों में विकास कार्यों की प्रगति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निगम आयुक्तों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने वरिष्ठ अभियंताओं के साथ बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री साव रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस कन्वेंशन-हॉल में 20 अप्रैल को सवेरे 10 बजे से प्रदेश के सभी नगर निगमों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे दोपहर ढाई बजे से नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा करेंगे। साव अगले दिन 21 अप्रैल को दिनभर संभागवार सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।  इन कार्यों और योजनाओं की होगी समीक्षा उप मुख्यमंत्री अरुण साव दो दिवसीय मैराथन बैठक के दौरान नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

गड्ढे में पलटने से 4 दोस्तों की मौत, अनूपपुर में ट्रैक्टर पलटने से शव जेसीबी से निकाले गए

डिंडौरी अनूपपुर जिले में रविवार सुबह एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गड्ढे में पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के इंजन और ट्रॉली के नीचे दबने के कारण चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। करन पठार थाना प्रभारी वीरेंद्र बडकरे के मुताबिक, डिंडौरी जिले के भीमकुंडी गांव से ठाड़ पाथर गांव की दूरी 20 से 25 किलोमीटर की है। ट्रैक्टर ट्रॉली खाली थी। तेज रफ्तार की ट्रैक्टर ठाड़ पाथर गांव के पास अचानक मोड पर सड़क से नीचे उतर गई और नीचे गड्‌ढे में पलट गई। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव करते हुए ट्रैक्टर को हटाने का प्रयास किया। साथी पुलिस को सूचना दी। सुबह 6:30 बजे सूचना मिलने पर तत्काल जेसीबी वाहन लेकर मौके पर पहुंचते हुए चारों शवों को बाहर निकल गया। साथ ही ट्रैक्टर को भी वहां से हटाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन भी पहुंच गए। जेसीबी की मदद से निकाले शव हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। ट्रैक्टर का इंजन और हिस्सा युवकों के ऊपर ही पलट गया था, जिसके कारण उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने जेसीबी मशीन मंगवाई और भारी मशक्कत के बाद दबे हुए शवों और ट्रैक्टर को गड्ढे से बाहर निकाला गया। अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के मुताबिक, मृतकों की पहचान हो गई है। सभी डिंडौरी के थे। एक नाबालिग था। ये हैं मृतक     अंकुश उइके (24 वर्ष): ट्रैक्टर चालक और मालिक।     ब्रजेश पेंदो (18 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।     रवींद्र कुमार गोयल (18 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।     प्रकाश मार्को (17 वर्ष): निवासी भीमकुंडी। सुबह-सुबह हुए इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही भीमकुंडी गांव पहुंची, वहां मातम छा गया। एक साथ चार युवकों की मौत से पूरा गांव सदमे में है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।

दीपिका पादुकोण दूसरी बार मां बनने वाली हैं, बेटी दुआ ने प्रेग्नेंसी किट से दी खुशखबरी

दीपिका पादुकोण दूसरी बार बनने वाली हैं मां, बेटी दुआ ने प्रेग्नेंसी किट देकर दी खुशखबरी दीपिका पादुकोण दूसरी बार मां बनने वाली हैं, बेटी दुआ ने प्रेग्नेंसी किट से दी खुशखबरी दीपिका पादुकोण की दूसरी गर्भवस्था, बेटी दुआ ने प्यार से प्रेग्नेंसी किट पकड़ाकर दी खुशखबरी मुंबई  रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण फिर से माता-पिता बनने वाले हैं। एक्ट्रेस ने ये खुशी रविवार को शेयर की है। उन्होंने बताया कि वो दूसरी बार प्रेग्नेंट हैं और उनकी बेटी दुआ को भाई या बहन मिलने वाला है। दीपिका और रणवीर के फैंस कमेंट सेक्शन में उन्हें बधाइयां भेज रहे हैं। दीपिका और रणवीर को लेकर काफी पहले से खबरें थीं कि दोनों इवेंट में एक साथ दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं, अब फैंस को पता चला है कि आखिर क्यों दीपिका नहीं दिख रही थीं। बता दें कि दीपिका पादुकोण पहले बच्चे को जन्म देने के डेढ़ साल बाद फिर प्रेग्नेंट हैं। 19 अप्रैल की सुबह फैंस के लिए एक बड़े सरप्राइज के साथ शुरू हुई, जब दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने घोषणा की कि वे दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। इंस्टाग्राम पर दीपिका ने अपनी बेटी दुआ की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह प्रेगनेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए है और टेस्ट का पॉजिटिव रिजल्ट दिखा रही है। फैंस ने लगाई बधाई की झड़ी फैंस और इंडस्ट्री जगत के साथियों से बधाई भरे मैसेजेस की बाढ़ आने के साथ ही, यह घोषणा बॉलीवुड में सबसे चर्चित पलों में से एक बन गई है। फैंस ने कमेंट सेक्शन में दीपिका को बधाई दी और बताया कि उन्हें बेटा ही होगा। हालांकि, फैंस खुशी में ये बात कह रहे हैं। रणवीर और दीपिका की बेटी दुआ जिन लोगों को जानकारी नहीं है, उन्हें बता दें कि दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 8 सितंबर, 2024 को अपनी बेटी दुआ का स्वागत किया था। इस कपल ने अक्टूबर 2025 में दिवाली के मौके पर अपनी बेटी की लाल पारंपरिक ड्रेस पहने हुए तस्वीरें शेयर कीं। दीपिका पादुकोण की अगली फिल्म वर्कफ्रंट पर बात करें तो, दीपिका पादुकोण शाहरुख खान के साथ अपनी फिल्म 'किंग' की रिलीज के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, वह आगामी तेलुगू फिल्म में एटली के निर्देशन में अल्लू अर्जुन के साथ काम करेंगी। रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' वहीं, रणवीर सिंह फिलहाल 'धुरंधर 2' की सफलता को एंजॉय कर रहे हैं। वो कई सारी फिल्मों का हिस्सा भी बन सकते हैं। आदित्य धर की एक और फिल्म में वो दिखाई दे सकते हैं।